रामनवमी के एक दिन बाद हावड़ा में फिर भड़की हिंसा, पत्थरबाजी के बाद इलाके में तनाव

राम नवमी के अवसर पर शोभा यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हिंसा भड़क गई थी। जिसमें दो समुदाय आमने सामने आ गए थे और जमकर पत्थरबाजी और आगजनी हुई थी। अब आज फिर हावड़ा में हिंसा की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई और हावड़ा के शिवपुर में पथराव हुआ। इससे पहले गुरुवार को भड़की हिंसा में दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। जिसके बाद जमकर पथराव हुआ और कई वाहनों में आग लगा दी गई।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाए आरोप
हावड़ा बवाल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि हमने किसी शोभा यात्रा पर रोक नहीं लगाई। राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हावड़ा हिंसा मामले में अभी तक 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने हिंसा भड़काई वह लोग हिंदू नहीं थे, उन्हें बाहर से लाया गया था। भाजपा, बंगाल को अशांत करना चाहती है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हिंसा में शामिल नहीं हैं क्योंकि वह रमजान में व्यस्त हैं।

‘रमजान में मुसलमान गलत काम नहीं करते’
ममता बनर्जी ने कहा कि रमजान का महीना चल रहा है और इस महीने मुसलमान कोई गलत काम नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी आखें, कान खुले हैं। मैं सब कुछ सूंघ सकती हूं। मुस्लिम क्षेत्रों से जुलूस निकालते समय ही मैंने उन्हें आगाह कर दिया था कि रामनवमी  की रैली करेंगे तो हिंसा हो सकती है। उन्होंने किससे पूछकर शोभा यात्रा का रूट बदला? जिससे एक समुदाय को निशाना बनाया जा सके।

बता दें कि राम नवमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में हिंसा देखने को मिली। हावड़ा के अलावा गुजरात के वडोदरा, महाराष्ट्र के संभाजीनगर और जलगांव में भी हिंसा देखने को मिली।

अनुराग ठाकुर ने पूछा सवाल
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल में चुनाव हो या उसके बाद हजारों लोगों के ऊपर पथराव, आगजनी, बम फेंकना ये आम बात बन गई है। ममता बनर्जी के राज में जिस तरह से पत्रकारों पर हमले हुए, रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव हुआ है, इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा। जो लोग प्रेस की स्वतंत्रता की बात करते हैं वो आज चुप क्यों हैं?

 

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