जानिये कैसे खराब नींद की आदतें दिल की बीमारी का कारण बन सकती हैं

क्या आप देर रात तक मोबाइल फोन पर इंस्टाग्राम की रील देखते हैं? या ट्विटर पर हेट- कमैंट्स पड़ते हैं ? या फिर अपने ऑफिस के काम को लेकर स्ट्रेस्ड रहते हैं और नींद नहीं ले पाते? अगर ऐसा है तो जान लीजिये की रात को आपको टाइम पर सो जाना चाहिए वरना अनर्थ हो सकता है। कैसे ? नीचे आर्टिकल में पढ़िए।

बदलता वर्क कल्चर, मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स का लगातार उपयोग, OTT प्लेटफॉर्म्स पर बिंज वाचिंग, नाईट पार्टी कल्चर और लम्बे वर्क हावर्स के चलते हामरी नींद कहीं गुम हो गयी है। नींद का छिन जाना हमारे शरीर के स्वस्थ से सीधा सम्बन्ध रखता है। जैसे जैसे सोने की आदतों में बदलाव आते हैं वैसे ही उन अन्हेल्दी बदलाव के परिणाम भी सामने आते हैं। बेसमय या कम समय तक सोने से हमारी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। कई स्टडीज में बताया गया है की असामान्य नींद का असर हमारे फिजिक, मेन्टल, प्स्य्कोलॉजिकल और इमोशनल हेल्थ पर पड़ता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन में पब्लिश हुए एक स्टडी के अनुसार असामान्य नींद की अवधि और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के बढ़ते रिस्क जैसे अनहेल्दी लिविंग और डेथ, का गहरा सम्बन्ध है। नेशनल स्लीप फ़ाउंडेशन द्वारा रिव्यु के अनुसार हमें हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। वहीं अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन (AASM) और स्लीप रिसर्च सोसाइटी (SRS) ने हैल्थी लाइफ के लिए कम से कम 7 या उससे अधिक घंटों की नींद के लिए कहा है।

Lifestyle : मेडिकल स्टडी के अनुसार रोजाना रात को 7 घंटे से कम सोना अन्हेल्थी लाइफस्टाइल की निशानी है। इससे कई हेल्थ और हार्ट प्रोब्लेम्स हो सकते हैं जिसमें वजन बढ़ना, मोटापा, डाइबटीज और हार्ट डिजीज जैसे कई रोग शामिल हैं। आइए जानते हैं किस तरह नींद की कमी से हार्ट पर पड़ता है असर।

Sleepless Nights Cause Blood Pressure : नींद की कमी या डिस्टर्बड नींद होने के कारण रात को सोते समय हमारा ब्लड प्रेशर नीचे नहीं आता है। इसे नॉन-डिपिंग कहते हैं। स्टडीज के अनुसार अगर रात को ब्लोड्ड प्रेशर नीचे नहीं आता है तो यह ह्यपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर ) का संकेत है। नॉन-डिपिंग से स्ट्रोक और हार्ट अटैक दोनों होने का रिस्क बढ़ जाता है। जो लोग देर रात तक काम करते हैं और अपनी नींद पूरी नहीं करते उनमें इन बीमारियों का रिस्क अधिक है।

 

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