<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>व्यापार - Dainandini Feed</title><link>https://dainandini.in/</link><description>Dainandini Feed Description</description><item><title>कटनी में किसना के नए एक्सक्लूसिव शोरूम का शुभारंभ</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12429</link><description>मध्य प्रदेश में ब्रांड का 10वाँ एक्सक्लूसिव शोरूम
कटनी, मध्य प्रदेश, जून, 2026: किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने मध्य प्रदेश के कटनी में अपने 10वें एक्सक्लूसिव शोरूम का भव्य शुभारंभ किया है। जबलपुर रोड स्थित एलआईसी बिल्डिंग के पास खुले इस नए शोरूम का उद्घाटन समारोह में किसना के सीईओ श्री पराग शाह, फ्रेंचाइज़ पार्टनर श्री रजनीकांत बजाज और श्री मनीष अग्रवाल के साथ अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इस अवसर ने क्षेत्र में किसना की मजबूत होती पहचान और मौजूदगी को और बढ़ाया।

शोरूम के उद्घाटन को खास बनाने के लिए किसना अपने ग्राहकों के लिए आकर्षक ऑफर्स भी लेकर आया है। ग्राहक डायमंड ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर 75 प्रतिशत तक और गोल्ड ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज पर 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, खरीदारी करने वाले पहले 100 ग्राहकों को हर खरीदारी पर एक चाँदी का सिक्का भी उपहार में दिया जाएगा। वहीं, पुराने सोने के बदले डायमंड ज्वेलरी खरीदने पर ग्राहकों को 105 प्रतिशत तक का एक्सचेंज मूल्य मिलेगा।

इस अवसर पर हरि कृष्णा ग्रुप के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक घनश्याम ढोलकिया ने कहा, मध्य प्रदेश में हमारे 10वें एक्सक्लूसिव शोरूम का उद्घाटन किसना की मजबूत विकास यात्रा और देशभर में विस्तार की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कटनी एक महत्वपूर्ण बाजार है, जहाँ अपार संभावनाएँ हैं। यह नया शोरूम हमें 'हर घर किसना' के अपने लक्ष्य के और करीब ले जाता है, ताकि देश के हर परिवार तक भरोसेमंद और बेहतरीन डायमंड ज्वेलरी की पहुँच हो सके।

किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के सीईओ पराग शाह ने कहा, कटनी में शोरूम की शुरुआत हमारी विस्तार यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। देशभर में अपनी उपस्थिति के विस्तार के साथ हमारा फोकस ग्राहकों को खूबसूरती से तैयार की गई भरोसेमंद डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी उपलब्ध कराने पर है। हमारा प्रयास है कि किसना कटनी के ग्राहकों की हर खुशी और खास मौके का पसंदीदा ज्वेलरी ब्रांड बने।

किसना के एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट पार्टनर्स श्री रजनीकांत बजाज एवं श्री मनीष अग्रवाल ने कहा, किसना के साथ जुड़ना ऐसे ब्रांड का हिस्सा बनने का अवसर है, जो भारत में ज्वेलरी रिटेल कारोबार को नई पहचान दे रहा है। हमें खुशी है कि हम कटनी के ग्राहकों के लिए इस भरोसेमंद ब्रांड की पेशकश कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य ग्राहकों को बेहतरीन खरीदारी अनुभव के साथ ऐसी डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी उपलब्ध कराना है, जो उनके जीवन के हर खास पल को और यादगार बना सके।

समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की सोच के तहत किसना ने शोरूम के शुभारंभ के अवसर पर जरूरतमंद लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया। इसके साथ ही स्वच्छ भारत अभियान के समर्थन में वृक्षारोपण किया, स्वच्छता अभियान चलाया गया और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया
किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के बारे में
वर्ष 2005 में स्थापित किसना, हरि कृष्णा ग्रुप का प्रमुख डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी ब्रांड है। 'हर घर किसना' के विजन के साथ आगे बढ़ते हुए, ब्रांड ने देश के 28 राज्यों में 1,500 से अधिक शॉप-इन-शॉप आउटलेट्स का मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। वर्तमान में, देशभर में किसना के 154 एक्सक्लूसिव शोरूम्स हैं।
खदानों से लेकर ग्राहकों तक नैतिक और पारदर्शी तरीके से प्राप्त किए गए हीरों के साथ किसना अपने ग्राहकों को आकर्षक और खास डिज़ाइन्स की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराता है। ब्रांड के प्रोडक्ट्स में अंगूठियाँ, ईयररिंग्स, पेंडेंट, मंगलसूत्र, नेकलेस, चूड़ियाँ, ब्रेसलेट, नोज पिन और पुरुषों के लिए विशेष ज्वेलरी शामिल हैं। ये सभी आभूषण 9 कैरेट, 14 कैरेट, 18 कैरेट और 24 कैरेट सोने में उपलब्ध हैं तथा 100 प्रतिशत आईजीआई प्रमाणित और बीआईएस हॉलमार्क युक्त हैं।

कंपनी डायमंड ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज सहित 90 प्रतिशत बायबैक और 95 प्रतिशत एक्सचेंज सुविधा भी प्रदान करती है, जिससे ग्राहकों को बेहतर मूल्य और अतिरिक्त भरोसा मिलता है।

किसना का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी ग्राहकों को सुविधाजनक और भरोसेमंद खरीदारी का अनुभव प्रदान करता है। यहां ग्राहक डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी के नवीनतम डिज़ाइन्स को आसानी से देख और खरीद सकते हैं। महिलाओं के लिए डायमंड ईयररिंग्स, डायमंड पेंडेंट, डायमंड रिंग्स और पुरुषों के लिए आकर्षक डायमंड रिंग्स सहित कई बेहतरीन डिज़ाइन्स उपलब्ध हैं। अधिक जानकारी के लिए www.kisna.com पर विजिट किया जा सकता है।</description><guid>12429</guid><pubDate>2026-06-13 15:43:50 3:45:28 pm</pubDate></item><item><title>होम लोन लेने वालों के लिए राहत, RBI के फैसले के बाद EMI पर नहीं बढ़ेगा दबाव</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12421</link><description>नई दिल्ली ।घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। इससे होम लोन की ब्याज दरों और ईएमआई पर तत्काल अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका फिलहाल टल गई है। ऐसे में नए और मौजूदा दोनों होम लोन ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज उपलब्ध कराता है। रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ती है और इसका असर सीधे होम लोन, ऑटो लोन और अन्य ऋणों की ब्याज दरों पर पड़ता है। इस बार आरबीआई ने न केवल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, बल्कि अपने नीतिगत रुख को भी तटस्थ (न्यूट्रल) बनाए रखा है, जिससे लोन बाजार में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।

सरकारी बैंकों में आकर्षक होम लोन दरें
देश के प्रमुख सरकारी बैंक फिलहाल प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं।

बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.10 प्रतिशत है।
इंडियन ओवरसीज बैंक नौकरीपेशा ग्राहकों को 7.10 प्रतिशत से लोन दे रहा है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शुरुआती दर 7.15 प्रतिशत है।
बैंक ऑफ बड़ौदा 7.20 प्रतिशत से 9.25 प्रतिशत तक होम लोन उपलब्ध करा रहा है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में ब्याज दरें 7.25 प्रतिशत से शुरू होकर 9.05 प्रतिशत तक हैं।
केनरा बैंक की शुरुआती दर 7.25 प्रतिशत है।

निजी बैंकों में भी प्रतिस्पर्धा तेज
निजी क्षेत्र के बैंक भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न विकल्प दे रहे हैं।
आईसीआईसीआई बैंक में होम लोन की शुरुआती दर 7.50 प्रतिशत है।
कोटक महिंद्रा बैंक 7.60 प्रतिशत से लोन ऑफर कर रहा है।
एचडीएफसी बैंक की शुरुआती दर 7.75 प्रतिशत है।
एक्सिस बैंक में ब्याज दरें 8 प्रतिशत से शुरू होकर ग्राहक की प्रोफाइल के आधार पर 11.90 प्रतिशत तक जा सकती हैं।

सिर्फ ब्याज दर नहीं, इन बातों पर भी रखें नजर
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन चुनते समय केवल कम ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज, लोन अवधि, ग्राहक का क्रेडिट स्कोर और अन्य शर्तें भी कुल लागत को प्रभावित करती हैं। कई बार थोड़ी अधिक ब्याज दर वाला लोन बेहतर सुविधाओं और कम अतिरिक्त शुल्क के कारण ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है।

बेहतर क्रेडिट स्कोर दिला सकता है सस्ता लोन
विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत सिबिल स्कोर रखने वाले ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए होम लोन आवेदन से पहले अपने क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत रखना फायदेमंद हो सकता है।

आरबीआई द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने के बाद फिलहाल होम लोन बाजार में संतुलन बना हुआ है। ऐसे में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय विभिन्न बैंकों की दरों और शर्तों की तुलना कर सही विकल्प चुनने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।</description><guid>12421</guid><pubDate>2026-06-07 17:21:13 5:23:48 pm</pubDate></item><item><title>महंगाई ने फिर दिया झटका: घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12420</link><description>नई दिल्ली ।आम लोगों को महंगाई का एक और झटका देते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं। कीमत बढ़ने के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू गैस के दाम बढ़ाए गए हैं।

इससे पहले 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी वृद्धि से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

वैश्विक संकट का असर
तेल कंपनियों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। बढ़ती लागत के कारण तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है।

बताया गया है कि मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियों को घरेलू एलपीजी की बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। ताजा संशोधन से पहले कंपनियों को प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर पर करीब 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। इसी दबाव को कम करने के लिए कीमतों में नई बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोल, डीजल और CNG भी महंगे
ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती लागत का असर केवल एलपीजी तक सीमित नहीं है। मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि सीएनजी करीब 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है।

जानकारों के मुताबिक, मौजूदा कीमतों पर भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा
घरेलू सिलेंडर से पहले 1 जून को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी। नई दरों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 42 रुपये बढ़ाई गई, जबकि कोलकाता में इसमें 53.50 रुपये की वृद्धि हुई।

इसके अलावा 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपये बढ़ा दी गई है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर 821.50 रुपये में उपलब्ध होगा।

आम उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा असर
घरेलू गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ने की संभावना है। रसोई गैस के साथ-साथ ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में स्थिरता आने तक उपभोक्ताओं को राहत मिलना मुश्किल दिख रहा है।

</description><guid>12420</guid><pubDate>2026-06-07 17:18:42 5:20:30 pm</pubDate></item><item><title>पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12394</link><description>नई दिल्ली।सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। पेट्रोल 2.61 रुपए और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़े हैं, जिससे आम लोगों और खासकर मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ गई है।
नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।
पेट्रोल पंपों पर लोगों ने लगातार बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि महंगाई का सीधा असर घरेलू बजट, रोजमर्रा के खर्च और रोजगार पर पड़ रहा है।
टैक्सी चालकों और दैनिक यात्रियों ने भी ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर चिंता जाहिर की है।
इससे पहले 23 मई को भी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा किया था।
बताया जा रहा है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ईंधन दरों में लगातार इजाफा हो रहा है।
बढ़ती कीमतों से परिवहन और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा है।</description><guid>12394</guid><pubDate>2026-05-25 17:17:50 5:19:12 pm</pubDate></item><item><title>शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 135 अंक गिरा</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12381</link><description>मुंबई ।गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती तेजी के बावजूद कारोबार के अंत तक बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली किए जाने से बाजार पर दबाव बना रहा और प्रमुख इंडेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से नीचे आ गए।


30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 प्रतिशत गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,945.79 का दिन का उच्च स्तर और 74,996.78 का निचला स्तर छुआ। इस तरह दिनभर में करीब 950 अंकों की तेज वोलैटिलिटी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी का माहौल था, लेकिन बाद में कई ब्लू-चिप शेयरों में बिकवाली बढ़ने लगी।


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 भी मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ। निफ्टी 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत फिसलकर 23,654.70 पर बंद हुआ। हालांकि निफ्टी में गिरावट सीमित रही, लेकिन दिनभर निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा।


विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत और घरेलू स्तर पर निवेशकों की सावधानी ने बाजार की दिशा प्रभावित की। खासकर वित्तीय और आईटी सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की बढ़त टिक नहीं सकी। वहीं कुछ सेक्टरों में हल्की खरीदारी भी देखने को मिली, जिससे गिरावट सीमित रही।


ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर मुनाफावसूली सामान्य प्रक्रिया है और लंबी अवधि में बाजार का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों, आर्थिक आंकड़ों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

</description><guid>12381</guid><pubDate>2026-05-22 16:59:37 5:01:06 pm</pubDate></item><item><title>शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12375</link><description>मुंबई ।सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 833.20 अंक टूटकर 74,404.79 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 234 अंक फिसलकर 23,401.70 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों में सतर्कता का माहौल बन गया और अधिकांश सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही।


सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में कई दिग्गज शेयरों पर दबाव देखने को मिला। Tata Steel, Power Grid Corporation of India, Maruti Suzuki, Titan Company और HDFC Bank जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर पूरे बाजार पर पड़ा और प्रमुख सूचकांक नीचे खिसक गए।


हालांकि, आईटी और टेलीकॉम सेक्टर के कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा देने की कोशिश की। Infosys, Tech Mahindra, Bharti Airtel और Tata Consultancy Services के शेयरों में शुरुआती बढ़त देखी गई। निवेशकों ने इन सेक्टर्स को अपेाकृत सुरक्षित मानते हुए खरीदारी दिखाई।


वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भी घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.79 प्रतिशत बढ़कर 111.2 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।


गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को बाजार में मजबूती देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए थे। लेकिन सोमवार की गिरावट ने बाजार की दिशा को लेकर फिर अनिश्चितता पैदा कर दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक हालात, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतें भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेंगी। फिलहाल निवेशक सतर्क रणनीति अपनाते हुए चुनिंदा शेयरों में ही निवेश कर रहे हैं।</description><guid>12375</guid><pubDate>2026-05-19 12:05:26 12:07:23 pm</pubDate></item><item><title>पेट्रोल 3.14 और डीजल 3.11 रुपये प्रति लीटर महंगा, नई दरें आज से लागू</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12366</link><description>नई दिल्ली ।देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 97.77 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इस बीच, मध्य पूर्व संकट के चलते तेल कंपनियों ने सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। शुक्रवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है।
दिल्ली में सीएनजी की नई दर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। इसका सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ा है। बढ़ती लागत और भारी नुकसान के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने आखिरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।
सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का कहना है कि महंगे क्रूड ऑयल की वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके थे कि तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है। उनका कहना था कि यदि खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई तो एक तिमाही में कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत 114 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि मई में भी कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।
वहीं, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे उपाय अपनाने की अपील की थी। इस बीच रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के चलते आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाला साबित होगा।</description><guid>12366</guid><pubDate>2026-05-16 17:16:28 5:19:34 pm</pubDate></item><item><title>अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद से शेयर बाजार गुलजार</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12344</link><description>मुंबई ।अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में नयी उम्मीद जगने से शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी।

बीएसई का सेंसेक्स 343.77 अंक की बढ़त में 77,257.27 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 813.04 अंक (1.06 प्रतिशत) चढ़कर 77,726.54 अंक पर था।





नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 66 अंक की मजबूती के साथ 24,063.55 अंक पर खुला और खबर लिखे जाते समय 241.20 अंक यानी 1.01 प्रतिशत ऊपर 24,238.75 अंक पर रहा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनोल्ड ट्रंप ने ईरान के नये प्रस्ताव की तारीफ करते हुए कहा है कि वह इसके प्रारूप का इंतजार कर रहे हैं। इससे निवेशकों में उत्साह देखा गया और दूसरे एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी रही।





बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच ऑटो, रसायन, रियलटी और एफएमसीजी सेक्टरों में सबसे अधिक तेजी देखी गयी। वित्त, बैंकिंग और धातु सेक्टरों में भी अच्छी मजबूती रही।





सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति सुजुकी का शेयर फिलहाल साढ़े चार प्रतिशत ऊपर चल रहा है। हिंदुस्तान यूनीलिवर पौने चार प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स तथा एलएंडटी ढाई-ढाई प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा एशियन पेंट्स दो-दो प्रतिशत मजबूत हैं। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और इंडिगो के शेयर भी एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त में हैं।</description><guid>12344</guid><pubDate>2026-05-05 13:17:54 1:20:28 pm</pubDate></item><item><title>10 साल में यूपीआई का कमाल, बना दुनिया का नंबर-1 भुगतान मंच</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12336</link><description>नई दिल्ली ।मोबाइल फोन के जरिए तुरंत भुगतान की सुविधा देने वाला UPI अपने 10 साल पूरे कर चुका है और अब दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन गया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक की देखरेख में National Payments Corporation of India ने 11 अप्रैल 2016 को इसकी शुरुआत की थी। एक दशक के भीतर ही यह भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की रीढ़ बन गया है और वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में जहां यूपीआई के जरिए केवल 2 करोड़ लेन-देन हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गई। यानी लगभग 12,000 गुना वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में लेन-देन का कुल मूल्य 7 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 4,000 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्शाता है।

संख्या और मूल्य दोनों में हुई यह तेज़ वृद्धि बताती है कि रोजमर्रा के छोटे-बड़े भुगतान में यूपीआई की भूमिका कितनी मजबूत हो चुकी है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई की विश्वसनीयता, व्यापक उपयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली है। International Monetary Fund ने इसे लेन-देन की संख्या के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है।

आज यूपीआई को एशिया और यूरोप के कई देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ा जा चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और कारोबारियों के लिए लेन-देन और भी आसान हो गया है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में यूपीआई की यह उपलब्धि न केवल तकनीकी प्रगति को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक सरल और सुलभ प्रणाली ने करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को बदल दिया है।</description><guid>12336</guid><pubDate>2026-05-02 17:47:58 5:49:29 pm</pubDate></item><item><title>भारत बना एप्पल का अगला बड़ा बाजार, तेज़ी से बढ़ रहा कारोबार</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12335</link><description>नई दिल्ली ।अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज Apple Inc. के लिए भारत अब सबसे अहम और उभरता हुआ बाजार बनकर सामने आ रहा है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Tim Cook ने भारत में दहाई अंकों की वृद्धि दर्ज होने पर उत्साह जताते हुए कहा कि यहां का तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग एप्पल के लिए दीर्घकालिक अवसरों का आधार तैयार कर रहा है।

कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में तिमाही नतीजों के बाद मीडिया से बातचीत में टिम कुक ने कहा कि भारत हमारे लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने स्वीकार किया कि दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार और तीसरे सबसे बड़े पर्सनल कंप्यूटर बाजार होने के बावजूद एप्पल की हिस्सेदारी अभी कम है, लेकिन यही स्थिति भविष्य की अपार संभावनाओं की ओर इशारा करती है।

कुक ने बताया कि भारत में आईफोन, मैक, आईपैड और एप्पल वॉच जैसी सभी उत्पाद श्रेणियों में बड़ी संख्या में नए ग्राहक जुड़ रहे हैं। इससे कंपनी का उपभोक्ता आधार तेजी से बढ़ रहा है और बाजार में पकड़ मजबूत हो रही है।

कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में समाप्त तिमाही में एप्पल ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। कुल राजस्व 111.2 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि है। आईफोन की बिक्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया, जबकि सेवाओं से मिलने वाला राजस्व भी अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

एप्पल के वित्तीय अधिकारी ने बताया कि केवल आईफोन से ही 57 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि अमेरिका, चीन, भारत, जापान और यूरोप सहित अधिकांश प्रमुख बाजारों में दर्ज की गई। वहीं मैक की बिक्री भी बढ़कर 8.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई।

कंपनी ने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 0.27 डॉलर का लाभांश घोषित किया है और 100 अरब डॉलर तक के शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती आय, डिजिटल विस्तार और प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग एप्पल को आने वाले वर्षों में और मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है। टिम कुक ने भी साफ किया कि भारत में कंपनी की लगातार बढ़त उसके वैश्विक विस्तार की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

</description><guid>12335</guid><pubDate>2026-05-02 17:44:50 5:46:33 pm</pubDate></item><item><title>मई की शुरुआत में महंगाई का झटका, गैस सिलेंडर के दाम में भारी उछाल</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12334</link><description>नई दिल्ली ।मई महीने की शुरुआत होते ही गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल और छोटे गैस सिलेंडरों के दाम में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं पर असर पड़ना तय है।

जानकारी के अनुसार, 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में देशभर में करीब 993 रुपये का बड़ा इजाफा किया गया है। इसके बाद राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 2,078.50 रुपये से बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ेगा, जिससे बाहर खाना महंगा हो सकता है।

इसी के साथ 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर (छोटू) की कीमतों में भी 261 रुपये की वृद्धि की गई है। यह सिलेंडर सब्सिडी के दायरे में नहीं आते, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ता है। इस बढ़ोतरी से छात्रों, किराएदारों और प्रवासी मजदूरों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत अब भी 913 रुपये पर स्थिर बनी हुई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों की अस्थिरता के कारण यह बढ़ोतरी हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का असर सीधे घरेलू बाजार पर दिखाई देता है।

कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में महंगाई पर और दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।</description><guid>12334</guid><pubDate>2026-05-02 17:42:04 5:44:05 pm</pubDate></item><item><title> बालको ने संयंत्र में रासायनिक रिसाव पर मॉक ड्रिल का किया सफल आयोजन</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12330</link><description>बालको ने संयंत्र में रासायनिक रिसाव पर मॉक ड्रिल का किया सफल आयोजन


बालकोनगर, 29 अप्रैल 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने पावर डिवीजन में रासायनिक रिसाव (केमिकल स्पिलेज) की स्थिति से निपटने के लिए सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल आयोजित की। यह अभ्यास 1200 मेगावाट यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में किया गया, जिसका उद्देश्य आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करना था।


कोरबा जिला प्रशासन की उपस्थिति में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आयोजित मॉक ड्रिल में प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री विजय सिंह पोटाई (डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी, कोरबा), श्री देवेंद्र पटेल (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, कोरबा), श्री सरोज महिलांगे (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट, कोरबा), श्री प्रमोद नायक (जिला खनन अधिकारी), श्री राकेश द्विवेदी (सब डिवीजनल ऑफिसर, पीडब्ल्यूडी), श्रीमती नम्रता वर्मा (असिस्टेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी), नगर निगम फायर टीम तथा जिला अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीम शामिल थीं।


कंपनी की ओर से आपातकालीन नेतृत्व में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार (चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री संगीत साहू (साइट इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री मयंक श्रीवास्तव (वर्क इंसिडेंट कंट्रोलर), तथा श्री भारतेंदु कमल पांडे (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) के तौर पर उपस्थित थे।


मॉक ड्रिल के दौरान कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रिसाव की आभासी स्थिति बनाई गई। रिसाव का पता चलते ही ऑपरेटर ने तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और रेस्क्यू टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया। सभी आपातकालीन टीमें तेजी से मौके पर पहुंचीं और तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। सफलतापूर्वक रिसाव को रोकने और स्थिति सामान्य होने के बाद साइट इंसिडेंट कंट्रोलर ने आपातकाल समाप्त घोषित किया और समीक्षा बैठक आयोजित की।


कोरबा के डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी श्री विजय सिंह ने बालको की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न टीमों के बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल औद्योगिक और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह मॉक ड्रिल बालको की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


बालको के सीईओ एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि संयंत्र में सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार की मॉक ड्रिल हमारी सुरक्षा प्रथम संस्कृति को मजबूत करती हैं और हमें किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रखती हैं। नियमित अभ्यास, आधुनिक संसाधनों और बेहतर समन्वय के माध्यम से हम अपने कर्मचारियों और आसपास के समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।</description><guid>12330</guid><pubDate>2026-04-29 18:06:17 6:07:03 pm</pubDate></item><item><title>अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर दुख जताया, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12325</link><description>वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट हादसे पर सोशल मीडिया (एक्स) पर 27 अप्रैल 2026 को अपनी दूसरी पोस्ट में इस साल की शुरुआत में अपने बेटे के निधन और हाल ही में हुए बॉयलर हादसे, जिसमें 25 लोगों की जान गई, के बाद गहरे व्यक्तिगत और पेशेवर दुख के दौर पर बात की। सोमवार को अपनी पोस्ट में, अग्रवाल ने पिछले कुछ महीनों को अपने जीवन के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समयों में से एक बताया और दोनों घटनाओं से जुड़े अपार दुख को व्यक्त किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एथेना प्लांट कड़े सुरक्षा और सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत संचालित हो रहा था। इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एनजीएसएल को सौंपी गई थी, जो भारत की विश्वसनीय महारत्न कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड और जनरल इलेक्ट्रिक के बीच साझेदारी है। यह काम अनुभवी टीमों, स्थापित प्रणालियों और उद्योग मानकों के सुरक्षा उपायों के साथ किया जा रहा था। इन सभी उपायों के बावजूद, उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना हो गई, जो इस तरह की घटनाओं की अनिश्चितता को दर्शाती है।
उन्होंने आगे वेदांता की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि कंपनी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और अपने सभी कार्यों में सुरक्षा, देखभाल और जिम्मेदारी पर लगातार ध्यान बनाए रखेगी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ।
साल की शुरुआत में ही, मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर इस महीने, 14 अप्रैल को सिंहितराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भाँति जानता हूँ।
दोनों ही हादसे, इतने अननेचुरल से, पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
मुझे दुख और हैरत होती है सोचकर कि हमारे इस एथेना प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी-जीई की पार्टनरशिप एनजीएसएल को सौंपी। कॉन्टैक्टर्स और एम्पलॉइज भी उनके थे। एक्सपरटाईज भी उनका था। और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और ऑपरेशन्स, आउटसोर्स किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।
यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे।
वेदांता के हर कांट्रैक्ट में सेफ्टी पर सबसे ज़्यादा फोकस रहता है। और एनटीपीसी और जीई की भी यही पॉलिसी रही है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।
मेरे बेटे अग्निवेश सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं, वेदांता परिवार और अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।</description><guid>12325</guid><pubDate>2026-04-28 10:27:39 10:30:07 am</pubDate></item><item><title> समुद्री खाद्य निर्यात में भारत ने बनाया रिकॉर्ड, 72 हजार करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12308</link><description>नई दिल्ली ।वैश्विक बाजार की चुनौतियों के बावजूद भारत ने समुद्री खाद्य निर्यात के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का कुल समुद्री खाद्य निर्यात 72,325.82 करोड़ रुपये (8.28 अरब डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

समुद्री खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष में निर्यात की कुल मात्रा 19.32 लाख टन रही। यह उपलब्धि खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि इस दौरान वैश्विक बाजार में कई तरह की बाधाएं सामने आईं।

इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में फ्रोजन झींगा (श्रिम्प) का सबसे बड़ा योगदान रहा। अकेले झींगा निर्यात से 47,973 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हुई, जो कुल निर्यात आय का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा है। मात्रा में 4.6% और मूल्य में 6.35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, अमेरिका अब भी भारत का सबसे बड़ा बाजार बना रहा, जहां 2.32 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, लेकिन वहां शुल्क बढ़ने के कारण निर्यात में गिरावट भी देखी गई। इसके बावजूद चीन, यूरोपीय संघ और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे नए बाजारों में मजबूत वृद्धि ने इस कमी की भरपाई कर दी।

चीन को निर्यात में 22.7% की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि यूरोपीय संघ में 37.9% की बढ़ोतरी देखने को मिली। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भी निर्यात तेजी से बढ़ा, जो भारत की बाजार विविधीकरण रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

अन्य उत्पादों में फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश और सूखे समुद्री उत्पादों के निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई। वहीं लॉजिस्टिक्स के लिहाज से विशाखापट्टनम, जेएनपीटी, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख बंदरगाहों का कुल निर्यात में लगभग 64% योगदान रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक बाजारों में चुनौतियों के बीच नए बाजारों की ओर बढ़ता कदम भारत के समुद्री निर्यात क्षेत्र को और मजबूत बनाएगा।

</description><guid>12308</guid><pubDate>2026-04-23 11:01:42 11:03:15 am</pubDate></item><item><title>सोना-चांदी में गिरावट, मजबूत डॉलर और वैश्विक अनिश्चितता का असर</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12298</link><description>मुंबई ।घरेलू बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुएं दबाव में रहीं।

एमसीएक्स पर सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट सुबह करीब 10:27 बजे 243 रुपए की गिरावट के साथ 1,53,700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सोना 1,53,675 रुपए के निचले और 1,53,922 रुपए के उच्च स्तर तक पहुंचा।

वहीं चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1,776 रुपए टूटकर 2,50,769 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गया। सत्र के दौरान चांदी ने 2,50,210 रुपए का निचला और 2,51,222 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी का रुख बना रहा। सोना करीब 0.43 प्रतिशत गिरकर 4,807 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.44 प्रतिशत फिसलकर 78.885 डॉलर प्रति औंस पर रही।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम और संभावित शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक सतर्क हैं, जिसका असर कीमतों पर दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि बाजार में इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि युद्धविराम खत्म होने से पहले नई वार्ता हो पाएगी या नहीं। दोनों पक्षों से मिल रहे अलग-अलग संकेतों ने अस्थिरता बढ़ाई है।

इसके अलावा डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने का भी असर पड़ा है, जो बढ़कर करीब 97.94 पर पहुंच गया है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोना और चांदी कमजोर पड़ते हैं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की ओर रुख करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और मुद्रा बाजार की दिशा के आधार पर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।</description><guid>12298</guid><pubDate>2026-04-21 17:06:38 5:08:11 pm</pubDate></item><item><title>भारतीय पोर्ट सिर्फ माल ही नहीं, पूरी सप्लाई चेन को कर रहे हैं मजबूत</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12295</link><description>समुद्री व्यापार को मिल रही है नई रफ्तार
भारत की आर्थिक रफ्तार का सबसे बड़ा संकेत आज समुद्र किनारे साफ दिखाई देता है। सुबह होते ही देश के पोर्ट पर कंटेनरों की आवाजाही, बल्क कार्गो की अनलोडिंग और माल को भीतर तक पहुंचाने वाले फ्रेट कॉरिडोर सक्रिय हो जाते हैं। यही वह चक्र है, जो भारत के व्यापार, उद्योग और निर्यात को लगातार गति दे रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के समुद्री व्यापार ने नया रिकॉर्ड बनाया। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार देश के 12 प्रमुख सरकारी पोर्ट ने 915.17 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडल किया। यह आंकड़ा बताता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में समुद्री व्यापार का महत्व तेजी से बढ़ रहा है।
लेकिन अब कहानी सिर्फ कार्गो के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। असल बदलाव यह है कि भारत के पोर्ट अब सिर्फ माल उतारने-चढ़ाने के केंद्र नहीं रह गए, बल्कि वे पूरी सप्लाई चेन और व्यापारिक नेटवर्क की दिशा तय करने वाले लॉजिस्टिक्स हब बनते जा रहे हैं।
देश के प्रमुख पोर्ट कांडला (दीनदयाल पोर्ट), मुंबई, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, पारादीप, विशाखापट्टनम और चेन्नई, आज भी कोयला, कच्चा तेल, खाद और लौह अयस्क जैसे जरूरी माल की सप्लाई में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये पोर्ट एनर्जी सिक्योरिटी और मैन्युफैक्चरिंग के लिए रीढ़ की तरह हैं।
वहीं दूसरी ओर, पोर्ट आपरेशन्स का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। अब बिजनेस को सिर्फ पोर्ट नहीं चाहिए, बल्कि पोर्ट से लेकर रेल-रोड नेटवर्क, वेयरहाउसिंग और इनलैंड डिलीवरी तक इंटीग्रेटेड सिस्टम व्यवस्था चाहिए । यही वजह है कि इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स मॉडल तेजी से उभर रहा है, जहां माल की आवाजाही तेज, भरोसेमंद और लागत के लिहाज से अधिक प्रतिस्पर्धी बनती है।
इस बदलाव का असर भारत के निर्यात और आयात दोनों पर साफ दिख रहा है। जब बंदरगाहों पर टर्नअराउंड टाइम घटता है, कंटेनर तेजी से निकलते हैं और माल समय पर पहुंचता है, तो इसका सीधा फायदा देश के व्यापार को मिलता है।
गुजरात का मुंद्रा पोर्ट, जहां एक ही जहाज से करीब 6000 कारों का एक्सपोर्ट किया गया। यह सिर्फ एक शिपमेंट नहीं था बल्कि भारत के ऑटो सेक्टर और मेक इन इंडिया एक्सपोर्ट अभियान के लिए एक मजबूत संकेत था कि देश अब बड़े पैमाने पर वैश्विक बाजारों तक पहुंच बना रहा है।
प्राइवेट पार्ट बिजनेस नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन देश का सबसे बड़ा निजी पोर्ट ऑपरेटर बनकर एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स को मजबूती दे रहा है। वहीं जेएसडब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर पश्चिमी तट पर क्षमता बढ़ाकर कार्गो मूवमेंट को तेज कर रहा है और डीपी वर्ल्ड कंटेनर टर्मिनल और कनेक्टिविटी के जरिए ट्रेड को और आसान बना रहा है।
कुल मिलाकर भारत का समुद्री क्षेत्र अब दोहरी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है एक तरफ सरकारी पोर्ट की स्थिरता और स्केल, दूसरी तरफ इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की गति और दक्षता। आज पोर्ट की भूमिका कार्गो हैंडलिंग से आगे बढ़कर कार्गो फ्लो को दिशा देने तक पहुंच गई है। व्यापार अब उन्हीं नेटवर्क्स की ओर झुक रहा है जो स्पीड, कनेक्टिविटी और एंड-टू-एंड कंट्रोल के साथ भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स दे रहे हैं।</description><guid>12295</guid><pubDate>2026-04-20 19:06:21 7:07:53 pm</pubDate></item><item><title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, कीमतों में हजारों रुपये की कमी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12254</link><description>नई दिल्ली ।सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी 9,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 3,500 रुपये गिरकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी अपने पिछले बंद भाव 2.46 लाख रुपये से करीब 3.66 फीसदी गिरकर 2.37 लाख रुपये पर आ गई। वहीं 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी 2.26 फीसदी टूटकर 1,51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक कारणों का असर कीमती धातुओं पर साफ दिखा। HDFC सिक्योरिटीज के एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे सोना-चांदी पर दबाव बना।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 7.32 फीसदी गिरकर 69.57 डॉलर प्रति औंस और गोल्ड 3.51 फीसदी टूटकर 4,591.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव ने भी कीमतों को प्रभावित किया है।
अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों, खासकर नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आगे कीमतों की दिशा तय होगी।</description><guid>12254</guid><pubDate>2026-04-04 17:16:29 5:18:43 pm</pubDate></item><item><title>ग्लोबल मार्केट में लौटी तेजी, तनाव के बीच निवेशकों को राहत</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12242</link><description>नई दिल्ली ।वैश्विक बाजारों में जारी गिरावट का सिलसिला अब टूटता नजर आ रहा है। मंगलवार को दुनियाभर के इक्विटी मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां एक ओर अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, वहीं कुछ एशियाई बाजारों में शुरुआती दबाव रहा।


Dow Jones Industrial Average और SP 500 फ्यूचर्स में क्रमशः 0.12% और 0.22% की बढ़त देखी गई। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी आई थीडाउ जोन्स 2.5% (1,125 अंक) चढ़ा, जबकि SP 500 में 2.9% (184 अंक) की तेजी रही। टेक शेयरों से भरा Nasdaq Composite भी 3.8% उछलकर करीब 21,590 पर बंद हुआ।


अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक संकेतों का असर एशिया में भी दिखा। जापान का Nikkei 225 4.6% बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI 9% से ज्यादा उछला। हांगकांग का Hang Seng Index भी लगभग 2% की मजबूती के साथ बंद हुआ।


घरेलू बाजार में भी तेजी लौटी। भारत के BSE Sensex और Nifty 50 ने पिछले नुकसान की भरपाई करते हुए बुधवार को 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की।


बाजार में यह तेजी उस समय आई जब Donald Trump ने संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही ईरान के साथ जारी तनाव से बाहर निकल सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और व्यापारिक गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है।


हालांकि, ऊर्जा कीमतों में उछाल, महंगाई का दबाव और युद्ध की लागत अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके बावजूद निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हालात स्थिर हो सकते हैं, जिससे बाजार में स्थिरता लौटेगी।</description><guid>12242</guid><pubDate>2026-04-01 13:46:30 1:47:56 pm</pubDate></item><item><title>Apple की बड़ी तैयारी: iPhone 18 Pro समेत 11 नए डिवाइस 2026 में लॉन्च संभव</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12238</link><description>नई दिल्ली ।अमेरिकी टेक कंपनीAppleसाल 2026 में अपने यूजर्स के लिए बड़ा सरप्राइज लेकर आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस साल कुल 11 नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनमें iPhone 18 Pro, iPad और Mac सीरीज के डिवाइस शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple अपनी फ्लैगशिप iPhone 18 Pro और Pro Max सीरीज को हर साल की तरह सितंबर में लॉन्च कर सकती है। नए iPhone में बेहतर कैमरा सेंसर, नया चिपसेट और पहले के मुकाबले छोटा डायनेमिक आइलैंड देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा कंपनी iPad की नई लाइनअप भी पेश कर सकती है, जिसमें iPad 12 को अपग्रेडेड चिपसेट और Apple Intelligence सपोर्ट के साथ लाया जा सकता है। iPad Mini में OLED डिस्प्ले मिलने की भी चर्चा है।
Mac सेगमेंट में भी बड़े अपडेट की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Mac Studio, Mac Mini और iMac में नई M5 चिपसेट दी जा सकती है, वहीं MacBook Pro में OLED डिस्प्ले शामिल किया जा सकता है।

हालांकि कंपनी की ओर से अभी इन लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन टेक जगत में इन संभावित प्रोडक्ट्स को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।

</description><guid>12238</guid><pubDate>2026-03-31 17:16:22 5:17:32 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर ने मध्य भारत की पहली उन्नत रोबोटिक कैंसर सर्जरी तकनीक शुरू की</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12230</link><description>नया रायपुर: वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), नया रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित एक अत्याधुनिक तृतीयक कैंसर अस्पताल, ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्य भारत का पहला निजी अस्पताल बनने का गौरव प्राप्त किया है जिसने दा विंची Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित किया है
छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए अब उन्नत कैंसर सर्जरी अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होगी। यह तकनीक छोटी चीरे (इंसीज़न), कम रक्तस्राव, कम अस्पताल में रहने की अवधि और तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है, जिससे उपचार के परिणाम और मरीज का अनुभव दोनों बेहतर होते हैं।
दा विंची Xi एक रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जिकल सिस्टम है, जो सर्जनों को अधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ जटिल कैंसर सर्जरी करने में सक्षम बनाता है। सर्जन एक कंसोल से छोटे-छोटे उपकरणों को नियंत्रित करते हैं, जो उनके हाथों की गतिविधियों को वास्तविक समय में दोहराते हैं। इसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़न मिलता है, और इसके उपकरण मानव कलाई की प्राकृतिक सीमा से अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। साथ ही, इसमें कंपन (ट्रेमर) को नियंत्रित करने की सुविधा होती है, जिससे सर्जरी अधिक स्थिर और सटीक होती है। यह सिस्टम शरीर के विभिन्न हिस्सों तक बिना मरीज की स्थिति बदले पहुंचने में सक्षम है, जिससे जटिल सर्जरी और भी प्रभावी हो जाती है।
लॉन्च के अवसर पर, डॉ. दिवाकर पांडेय, हेड  सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, बीएमसी ने कहा:
बीएमसी की सर्जिकल टीम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षित है और लगातार उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही है। हर साल बीएमसी में 3,000 से अधिक सर्जरी की जाती हैं, जिनमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट, स्त्री रोग और पेरिटोनियल कैंसर जैसी जटिल सर्जरी शामिल हैं। इस तकनीक के आने से हम जटिल शरीर संरचनाओं में बेहतर तरीके से सर्जरी कर पाएंगे, साथ ही अंगों को सुरक्षित रखने और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे सकेंगे।
डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन ने कहा:
यह कदम बीएमसी को कैंसर उपचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हम वैश्विक स्तर के संस्थानों से प्रेरित हैं और इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रोबोटिक सर्जरी और एक नए ऑपरेशन थिएटर के जुड़ने से अब बीएमसी के पास जटिल कैंसर मामलों के लिए आधुनिक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, हम क्षेत्र के अन्य संस्थानों और डॉक्टरों के साथ मिलकर ज्ञान साझा करने और उन्नत सर्जिकल तकनीकों में क्षमता निर्माण की दिशा में भी काम करेंगे। आने वाली पीढ़ी के ऑन्कोलॉजिस्ट्स को प्रशिक्षित करना कैंसर उपचार को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
बालको के सीईओ, श्री राजेश कुमार ने कहा:
बालको में हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि हम जिन समुदायों के साथ काम करते हैं, उनके लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करें। अब तक उन्नत कैंसर उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। इस पहल के साथ अब मरीज अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे यात्रा की आवश्यकता और कुल उपचार लागत दोनों कम होंगी। वेदांता के बालको छत्तीसगढ़ के सतत विकास और प्रगति के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है।
स्थापना के आठ वर्ष पूरे करने के साथ, बालको मेडिकल सेंटर ने अब तक 12,000 से अधिक जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। यह मरीजों के विश्वास और संस्थान की विशेषज्ञता को दर्शाता है। जटिल कैंसर मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, अधिक सटीक और कम आक्रामक सर्जरी की आवश्यकता बढ़ी है। रोबोटिक सर्जरी इसी आवश्यकता को पूरा करती है, जिससे उपचार अधिक सटीक होता है, रिकवरी समय कम होता है और मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।</description><guid>12230</guid><pubDate>2026-03-29 15:30:22 3:31:46 pm</pubDate></item><item><title>भारत के नए NDC लक्ष्य मजबूत संकेत, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास पर संतुलित जोर</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12216</link><description>नई दिल्ली ।वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्ष और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच भारत ने अपने नए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्यों के जरिए जलवायु प्रतिबद्धताओं को लेकर मजबूत संदेश दिया है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) के सीईओ डॉ. अरुणाभा घोष ने इन लक्ष्यों को भारत की दूरदर्शी रणनीति बताया है।

डॉ. घोष के अनुसार, वर्ष 2035 तक देश की कुल बिजली क्षमता में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी गैर-जीवाश्म ईंधन से हासिल करने का लक्ष्य इस बात का संकेत है कि भारत ऊर्जा क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने के साथ-साथ ऊर्जा को सुलभ और किफायती बनाए रखने पर भी ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का बिजली बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और यदि यही रफ्तार बनी रही तो देश अपने तय लक्ष्यों से आगे निकल सकता है।

उन्होंने उत्सर्जन तीव्रता (Emission Intensity) को 47 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य को भी महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर, उन्नत बैटरी और दुर्लभ खनिज जैसे क्षेत्रों में नवाचार को ऊर्जा संक्रमण की दिशा में अहम बताया गया है।

डॉ. घोष ने कहा कि भारत कार्बन सिंक बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है, जिससे कृषि-वानिकी, मृदा स्वास्थ्य और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में निवेश के नए अवसर खुलेंगे। वहीं, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियोंजैसे अनियमित वर्षा, हीटवेव और तटीय जोखिमसे निपटने के लिए लचीले बुनियादी ढांचे और अनुकूलन उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने मैंग्रोव पुनर्बहाली, चक्रवात के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और राज्यों में हीट एक्शन प्लान जैसे कदमों को भारत की जलवायु रणनीति के प्रमुख स्तंभ बताया। साथ ही मिशन लाइफ के जरिए सतत जीवनशैली और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

डॉ. घोष के मुताबिक, भारत अब हरित अर्थव्यवस्था के मॉडल को अपनाते हुए जलवायु कार्रवाई को विकास और आर्थिक रणनीति के साथ जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूती से कायम है और संतुलित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।</description><guid>12216</guid><pubDate>2026-03-26 17:43:51 5:45:20 pm</pubDate></item><item><title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, निवेशकों को झटका</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12208</link><description>मुंबई ।मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह कारोबार के दौरान 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 2,094 रुपए यानी 1.50% टूटकर 1,37,166 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दिन के कारोबार में सोना 1,36,684 के निचले और 1,38,450 के ऊपरी स्तर तक गया।


वहीं 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 9,837 रुपए यानी 4.37% गिरकर 2,15,330 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी का न्यूनतम स्तर 2,15,330 और उच्चतम स्तर 2,19,658 रुपए रहा।


कीमतों में इस गिरावट की प्रमुख वजह डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। Dollar Index 0.51% बढ़कर 99.23 पर पहुंच गया, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 1.67% गिरकर 4,356 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.78% टूटकर 66.73 डॉलर प्रति औंस पर रही।


पिछले एक सप्ताह में सोना 13% और एक महीने में 15% से ज्यादा गिर चुका है, जबकि चांदी में साप्ताहिक 16% और मासिक 24% की तेज गिरावट देखी गई है।</description><guid>12208</guid><pubDate>2026-03-25 15:08:13 3:11:29 pm</pubDate></item><item><title>उतार-चढ़ाव भरे दिन में बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12195</link><description>नई दिल्ली ।उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
एक दिन पहले भारी गिरावट के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की और दिन के अंत में सकारात्मक रुख बनाए रखा।
कारोबार समाप्त होने पर BSE सेंसेक्स 325.72 अंकों की बढ़त के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 भी 112.35 अंक चढ़कर 23,114.50 पर पहुंच गया।
सुबह बाजार ने मजबूत शुरुआत की थी। सेंसेक्स 74,800 के स्तर पर खुला और एक समय 600 अंक तक उछल गया, वहीं निफ्टी भी 23,200 के ऊपर पहुंचकर 200 अंकों तक मजबूत हुआ। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे बढ़त सिमटकर सीमित रह गई।
सेक्टोरल स्तर पर मिला-जुला रुख देखने को मिला। आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी रही, जहां टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टाटा स्टील में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक में 2.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ दबाव दिखा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में भी कमजोरी रही।
वैश्विक बाजार का असर भी देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जबकि सोना 4665 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया
वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी जारी रही और यह 86 पैसे गिरकर 93.75 के स्तर पर आ गया।

</description><guid>12195</guid><pubDate>2026-03-21 18:59:33 7:01:06 pm</pubDate></item><item><title> संतूर ने असली चंदन लेप वाली अगरबत्ती के साथ नई श्रेणी में रखा कदम </title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12186</link><description>संतूर ने असली चंदन लेप वाली अगरबत्ती के साथ नई श्रेणी में रखा कदम


रायपुर, मार्च 2025: विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के प्रमुख ब्रांड संतूर ने असली चंदन लेप से बनी संतूर अगरबत्ती के साथ अगरबत्ती श्रेणी में प्रवेश किया है। यह लॉन्च घर के वातावरण सेगमेंट में संतूर के विस्तार को दर्शाता है, जो चंदन-आधारित उत्पादों के साथ ब्रांड के पुराने जुड़ाव को आगे बढ़ाता है।


संतूर दशकों से अपने पर्सनल केयर पोर्टफोलियो में चंदन को शामिल करने के लिए जाना जाता है। इस लॉन्च के साथ, ब्रांड उस विरासत को अगरबत्ती में भी आगे बढ़ा रहा है। इसके फॉर्मूलेशन में मुख्य सामग्री के तौर पर असली चंदन लेप का इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक रूप से मंदिरों और घरों में प्रयोग होता आया है।


संतूर अगरबत्ती श्रेणी तीन प्रकारों में उपलब्ध हैचंदन लेप, चंदन और मोगरा, तथा चंदन और केसर | इन सभी प्रकार को असली चंदन लेप से तैयार किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को जानी-पहचानी, पारंपरिक और लंबे समय तक रहने वाली खुशबू का अनुभव मिलता रहे ।


संतूर अगरबत्ती के बारे में बात करते हुए उषासिस साहा, विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के जीएम बिजनेस डेवलपमेंट ने कहा, हमें असली चंदन लेप से बनी संतूर अगरबत्ती पेश करते हुए बेहद खुशी हो रही है। संतूर की हर अगरबत्ती हमारी परंपरा का प्रतीक हैइसे उसी शुद्ध चंदन लेप से बनाया गया है, जो सदियों से मंदिरों और घरों को अपनी गहरी और पवित्र सुगंध से भरता आ रहा है। 


संतूर अगरबत्ती स्थानीय किराना दुकानों पर 125/120 ग्राम के ज़िपयुक्त पैक और 20 ग्राम के पैक में उपलब्ध होगी, और पूरी श्रृंखला में कुल सात अलग-अलग उत्पाद रूप (एसकेयू) होंगे।


इस लॉन्च के साथ संतूर ने एक नई श्रेणी में प्रवेश करते हुए प्रामाणिकता और सामग्री-आधारित विशिष्टता पर अपने फोकस को और मजबूत किया है।</description><guid>12186</guid><pubDate>2026-03-19 15:58:59 4:00:07 pm</pubDate></item><item><title>अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने फैशन बिजनेस में भी रखा कदम</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12173</link><description>मुंबई ।अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने अब फैशन बिजनेस में भी बड़ा कदम रखा है। उन्होंने एक नया लाइफस्टाइल एक्सेसरी ब्रांड लॉन्च किया है, जिसका नाम 'मेजॉय' रखा गया है। यह ब्रांड उन्होंने एक्सीड एंटरटेनमेंट और मिंत्रा की बी2बी होलसेल कंपनी 'मिंत्रा जबोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' (एमजेआईपीएल) के साथ मिलकर तैयार किया है।
मेजॉय ब्रांड की शुरुआत एक बड़े कलेक्शन के साथ की गई है। इसके पहले कलेक्शन में 250 से ज्यादा अलग-अलग डिजाइन शामिल किए गए हैं। इस कलेक्शन में खास तौर पर दो तरह की एक्सेसरी पर ध्यान दिया गया है, पहला हैंडबैग और दूसरा लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी। हैंडबैग के कई स्टाइल इस कलेक्शन में देखने को मिलते हैं, जैसे क्रॉसबॉडी बैग, स्ट्रक्चर्ड शोल्डर बैग, बकेट बैग, टोट बैग, ऑफिस के लिए क्लासिक बैग, बैकपैक और क्लच।
इन बैग्स को अलग-अलग तरह के मटेरियल से बनाया गया है, जिनमें सिंथेटिक लेदर, ब्रेडेड डिजाइन, साटन, राइनस्टोन और मेटैलिक फिनिश जैसे मटीरियल शामिल है। हर बैग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह फैशनेबल भी लगे और रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी आरामदायक हो।
हैंडबैग के अलावा इस ब्रांड में लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी का भी खास कलेक्शन पेश किया गया है। इसमें रिंग, इयररिंग, पेंडेंट, ब्रेसलेट और टेनिस ब्रेसलेट जैसे कई डिजाइन शामिल हैं। इन ज्वेलरी पीस को सिल्वर, गोल्ड और रोज-गोल्ड टोन में तैयार किया गया है। इनका बेस 925 स्टर्लिंग सिल्वर से बनाया गया है, जो ज्वेलरी की क्वालिटी को बेहतर बनाता है। इसके साथ ही इन ज्वेलरी में इस्तेमाल किए गए डायमंड को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं आईजीआई और जीसीआई से प्रमाणित किया गया है।
मेजॉय सिर्फ एक फैशन ब्रांड नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक खास सोच भी है। इस ब्रांड का मुख्य संदेश है 'द जॉय ऑफ बीइंग मी', यानी अपने असली रूप में खुश रहना। ब्रांड तीन मुख्य सिद्धांतों पर काम करता है- असलीपन, आत्मविश्वास और आसानी से उपलब्ध होना। इसके लिए वह ऐसे डिजाइन पेश करना चाहता है जो स्टाइलिश और एस्पिरेशनल हों, लेकिन साथ ही इतने सुलभ हों कि लोग उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
ब्रांड के लॉन्च के मौके पर मलाइका अरोड़ा ने कहा, मेजॉय मेरा एक ऐसा सपना है जिसे मैंने लंबे समय से संजोकर रखा था। अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा यही कोशिश की है कि फैशन लोगों को आत्मविश्वास दे और उन्हें सहज महसूस कराए। 'द जॉय ऑफ बीइंग मी' खुद का जश्न है, ताकि हर महिला अपनी पहचान को गर्व के साथ स्वीकार करे और अपने स्टाइल के जरिए उसे दुनिया के सामने रखे। इस ब्रांड के जरिए मैं ग्लोबल फैशन ट्रेंड्स को आम महिलाओं तक पहुंचाना चाहती हूं, ताकि हर महिला रोजमर्रा की जिंदगी में भी थोड़ी-सी लग्जरी का अनुभव कर सके, चाहे वह एक खूबसूरत हैंडबैग हो या एक आकर्षक डायमंड ज्वेलरी पीस।
इस मौके पर एमजेआईपीएल के हाउस ऑफ ब्रांड्स के प्रमुख सुमन साहा ने भी मेजॉय को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा, 'यह ब्रांड मलाइका अरोड़ा के खास फैशन सेंस और मॉर्डन स्टाइल को लोगों तक पहुंचाने का एक शानदार प्रयास है। यह ऐसे ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो ट्रेंडी और स्टाइलिश एक्सेसरी पसंद करते हैं, लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे चीजें उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ भी मेल खाएं। इस ब्रांड के नए और आकर्षक डिजाइन ग्राहकों को जरूर पसंद आएंगे और यह ब्रांड फैशन एक्सेसरी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
</description><guid>12173</guid><pubDate>2026-03-14 17:14:23 5:17:04 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता एल्युमीनियम ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर अनुसंधान और सतत नवाचार को बढ़ावा दिया</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12160</link><description>800 से अधिक महिला पेशेवर कंपनी की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग कार्यबल को सशक्त बना रही हैं, जो नवाचार आधारित औद्योगिक विकास में भारत की प्रगति को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
रायपुर, फरवरी 2026: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर, वेदांता एल्युमीनियम  जो भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक है, ने कहा कि वह भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने बताया कि वह अपने काम में शोध-आधारित उत्पादन, डिजिटल नवाचार और इंजीनियरिंग-आधारित तकनीकों का उपयोग करती है। इस कंपनी में वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक एकीकृत टीम काम करती है, जिसमें धातु विज्ञान (मेटलर्जी), रसायन विज्ञान, प्रक्रिया इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और डिजिटल विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके साथ ही 800 से ज्यादा महिलाएँ भी मुख्य वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल और इंजीनियरिंग भूमिकाओं में काम कर रही हैं। ये महिलाएँ इस तकनीकी और वैज्ञानिक कामगारों की कुल टीम का लगभग 20% हिस्सा हैं। ये सब मिलकर भारत के बढ़ते हुए नवाचार माहौल में योगदान दे रहे हैं।
ये पेशेवर संसाधन-सक्षम शोधन, सामग्री विज्ञान, ऊर्जा अनुकूलन, टिकाऊ खनन तकनीक, औद्योगिक एआई और डिजिटल निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी प्रगति कर रहे हैं। कंपनी की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि उसने एक विशेष शोधन प्रक्रिया विकसित की है, जो बॉक्साइट के अपशिष्ट (रेड मड) को 30% तक कम करती है, एलुमिना की वसूली बढ़ाती है और टिकाऊ शोधन को मजबूत करती है।
कंपनी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीटीसीआरआई) के साथ एक अग्रणी शोध कार्यक्रम भी चला रही है, जिससे रेड मड को पौष्टिक भूमि के रूप में बदलकर भूमि बहाली और पारिस्थितिकी पुनरुद्धार में उपयोग किया जा सके। इसके अलावा कंपनी की डिजिटल परिवर्तन पहलें जिनमें एआई-सक्षम प्रक्रिया अनुकूलन, पूर्वानुमानित रख-रखाव, दूरस्थ संचालन और मशीन-लर्निंग-आधारित निगरानी शामिल हैं, इसके वैज्ञानिक कार्यों का केंद्र हैं। इन सब प्रयासों के केंद्र में वेदांता एल्युमीनियम की समर्पित अनुसंधान और विकास (अनुसंधान एवं विकास) प्रणाली है, जो कंपनी को अपने ग्राहकों, शैक्षणिक संस्थानों और शोध भागीदारों के साथ मिलकर नवीन और अनुकूलित उत्पाद व प्रक्रिया समाधान तैयार करने में सक्षम बनाती है।
इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम विज्ञान में महिलाएँ: कटैलाइजिंग विकसित भारत भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक भविष्य में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, वेदांता एल्युमीनियम ने विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को निरंतर बढ़ावा दिया है। आज महिलाएँ स्मेल्टर लाइनों का संचालन, लोकोमोटिव परिचालन, पावर प्लांट यूनिट्स का प्रबंधन, अग्निशमन दल, सुरक्षा टीमों, इंस्ट्रुमेंटेशन इकाइयों तथा प्रोसेस इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसी प्रमुख जिम्मेदारियों का नेतृत्व कर रही हैं। कंपनी का वर्ष 2030 तक 20% जेंडर विविधता हासिल करने का लक्ष्य इस दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये पहलें एक सक्षम, समावेशी और भविष्य उन्मुख वैज्ञानिक कार्यबल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जो भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।
राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम ने कहा, जैसे-जैसे भारत आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत की ओर आगे बढ़ रहा है, विज्ञान और प्रौद्योगिकी हमारी प्रगति की गति तय करेंगे। वेदांता एल्युमीनियम में हम नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक इंजीनियरिंग का उपयोग करते हुए अपने सभी संचालन में सतत विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। हमारी टीमों का उत्साह और विशेषज्ञता, जिनमें हमारे संयंत्रों में जटिल तकनीकी कार्यों का नेतृत्व कर रही महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी शामिल है, हमें मजबूत आधार प्रदान करती है और औद्योगिक परिदृश्य में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाती है।
जैसे-जैसे देश ज्ञान-आधारित औद्योगिक भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, वेदांता एल्युमीनियम अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और समावेशी प्रतिभा अवसरों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इन प्रयासों के माध्यम से कंपनी भारत की औद्योगिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।</description><guid>12160</guid><pubDate>2026-02-27 17:29:47 5:31:18 pm</pubDate></item><item><title>एशियन पेंट्स व्हेयर द हार्ट इज़ कर रहा है वापसी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12129</link><description>सीज़न 9 में पांच ख़ास सेलिब्रिटी होम टूर के साथ
रायपुर (वीएनएस)।भारत की अग्रणी पेंट और डेकॉर कंपनी एशियन पेंट्स अपने लोकप्रिय होम डेकॉर और स्टोरीटेलिंग सीरीज़, 'एशियन पेंट्स व्हेयर द हार्ट इज़' के 9वें सीज़न के साथ वापसी कर रही है। इस सीज़न में भारत की मशहूर हस्तियों के पांच घरों को दिखाया जाएगा, जिसमें सोनाक्षी सिन्हा-ज़हीर इकबाल, गौतम गंभीर, कीर्ति सुरेश-एंटनी थट्टिल, अर्चना पूरन सिंह-परमीत सेठी, और अमन व प्रिया गुप्ता शामिल हैं। हालांकि हर घर स्टाइल, बनावट और पर्सनैलिटी में अलग होता है, लेकिन हर घर में प्यार, सच्चाई और भावनात्मक लगाव ज़रूर देखने को मिलता है।


दर्शक ऐसी जगहों में प्रवेश करते हैं जो ऊर्जा और अपनेपन से भरपूर है, जहां उनमें रहने वाले लोगों के जीवन की झलक मिलती है। अर्चना और परमीत दर्शकों को मढ़ में स्थित अपने एंग्लो-स्पेनिश स्टाइल से इंस्पायर्ड घर में आमंत्रित करते हैं। यह घर समय के साथ-साथ परिवार के अपनेपन, भावनाओं और यादों के साथ धीरे-धीरे विकसित हुआ है।


कीर्ति और एंटनी का ऊर्जा से भरपूर कोच्चि अपार्टमेंट रंगों और भावनाओं के साथ उनके नैचुरल लगाव को दर्शाता है। सोनाक्षी और ज़हीर अपने पेंटहाउस 'सादा' के दरवाज़े जब खोलते हैं, तो एक ऐसा घर सामने होता है, जो कई तरह के भावों को समेटे हुए है। यहां जोशभरी बातें भी होती हैं और शांत, यादों से भरे कोने भी हैं।


</description><guid>12129</guid><pubDate>2026-02-03 12:04:47 12:10:13 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12125</link><description>वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये


नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026। वेदांता लिमिटेड ने आज 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 रुपये करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने अब तक का रिकॉर्ड एबिट्डा 15,171 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एबिट्डा मार्जिन 629 बेसिस पॉइंट्स के विस्तार के साथ 41 प्रतिशत तक पहुंच गया। वेदांता ने अब तक का सर्वाधिक त्रैमासिक राजस्व 45,899 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।


वेदांता का नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड 27 फीसदी पर रहा, इसमें सालाना 296 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई। वेदांता के डिमर्जर से जुड़े एनसीएलटी आदेश के बाद, क्रिसिल और इक्रा दोनों ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को एए स्तर पर बरकरार रखा है।


आयरन ओर के कारोबार ने 1.2 मिलियन टन का त्रैमासिक सीलेबल ओर उत्पादन दर्ज किया, जिसमें 3 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। वहीं पिग आयरन का उत्पादन 6 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के बाद 229 किलोटन पर पहुंचा। कॉपर कैथोड़ का उत्पादन सालाना बढ़कर 45 किलोटन पर पहुंच गया, यह पिछले सात सालों में अधिकतम त्रैमासिक उत्पादन रहा। फेरो क्रोम का उत्पादन 32 फीसदी सालाना की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बाद 24 किलोटन पर पहुंचा। पावर व्यवसाय ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें बिक्री में सालाना आधार पर 61 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।


वेदांता ने तिमाही के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी को इसके प्रस्तावित डीमर्जर क लिए माननीय एनसीएलटी से अनुमोदन मिल गया है, जो दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।। वेदांता ने इनकैब इंडस्ट्रीज़ के अधिग्रहण के साथ कॉपर और एलुमिनियम में अपने डाउनस्ट्रीम फुटप्रिन्ट को मजबूत बना लिया है।


कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग 30 प्रतिशत का कुल शेयरधारक प्रतिफल दर्ज किया, जो निफ्टी से 5x और निफ्टी मेटल सूचकांक से 2.7x बेहतर रहा, क्योंकि शेयरों ने बार-बार अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ। इसके अलावा, वेदांता ग्रुप ने उच्च-मूल्य क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक हासिल किए, जिसके साथ कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 पर पहुंच गई है। कुल शेयरहोल्डर रिटर्न पिछले पांच सालों में 428 फीसदी रहा, जिससे कुल डिविडेंड यील्ड 73.5 फीसदी हो गई है।</description><guid>12125</guid><pubDate>2026-01-30 10:37:30 10:39:10 am</pubDate></item><item><title>एसबीआई लाइफ ने लॉन्च किया नया जीवन बीमा बचत प्लान- एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज, दीर्घकालिक वित्तीय भरोसे के लिए एक जीवन बीमा गारंटीड बचत योजना</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12124</link><description>एसबीआई लाइफ ने लॉन्च किया नया जीवन बीमा बचत प्लान- 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज', दीर्घकालिक वित्तीय भरोसे के लिए एक जीवन बीमा गारंटीड बचत योजना


'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' को जीवन के विभिन्न चरणों में वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सुनिश्चित, दीर्घकालिक बचत और सुरक्षा के साथ तैयार किया गया है


भारत, जनवरी 2026: आज की तेजी से बदलती दुनिया में, जहाँ जिम्मेदारियों के साथ-साथ उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, ऐसे में वित्तीय सुरक्षा अब सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें निश्चितता, मानसिक शांति और जीवन के हर चरण में अपनों की सुरक्षा की क्षमता भी शामिल है। इसी जरूरत को समझते हुए, भारत की सबसे भरोसेमंद निजी जीवन बीमा कंपनियों में से एक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' लॉन्च किया है। यह एक व्यक्तिगत, नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग जीवन बीमा बचत उत्पाद है, जो पॉलिसी अवधि के दौरान जीवन बीमा सुरक्षा के साथ-साथ दीर्घकालिक गारंटीड लाभ प्रदान करता है।


यह प्रोडक्ट जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों, जैसे बच्चों की शिक्षा, रिटायरमेंट प्लानिंग, फंड निर्माण, दूसरा आय स्रोत बनाना आदि के लिए आत्मविश्वास के साथ योजना बनाने में मदद करता है। 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' हर पॉलिसी वर्ष में सुनिश्चित गारंटीड एडिशन के साथ एक अनुशासित वित्तीय कोष बनाने में सक्षम बनाता है। यह योजना सीमित अवधि तक प्रीमियम भुगतान की सुविधा देते हुए, तय और सुनिश्चित परिपक्वता (मैच्योरिटी) लाभ प्रदान करती है, जिससे इसमें पूर्वानुमान और लचीलापन दोनों मिलते हैं।


एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज की प्रमुख विशेषताएँ:
* जीवन बीमा कवर के साथ दीर्घकालिक गारंटीड लाभ
* सीमित अवधि तक प्रीमियम भुगतान, जबकि पूरी पॉलिसी अवधि के लिए जीवन बीमा कवर
* आयकर अधिनियम, 1961 के लागू प्रावधानों के अनुसार कर लाभ
* मैच्योरिटी राशि किस्तों में प्राप्त करने का विकल्प, जिससे मैच्योरिटी के बाद तरलता और वित्तीय लचीलापन मिलता है


एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें:
https://www.sbilife.co.in/en/individual-life-insurance/traditional/smart-platina-advantage
दीर्घकालिक गारंटीड बचत समाधान के रूप में तैयार यह योजना उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच स्थिरता चाहते हैं और जीवन के हर चरण में वित्तीय रूप से तैयार रहना चाहते हैं। गारंटीड बचत को जीवन बीमा सुरक्षा के साथ जोड़कर, यह उत्पाद लोगों को अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के प्रति अनुशासित और भरोसेमंद तरीके से जुड़े रहने में मदद करता है।


इस नए प्रॉडक्ट के लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रेसिडेंट एवं चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर, श्री एम. आनंद ने कहा, वर्तमान अनिश्चित समय में उपभोक्ता ऐसे समाधानों की तलाश कर रहे हैं, जो निश्चितता, अनुशासन और भरोसेमंद परिणाम प्रदान करें। 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' को इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें जीवन सुरक्षा के साथ गारंटीड लाभ दिए जाते हैं, जिन पर ग्राहक बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग भरोसा कर सकते हैं। जैसे-जैसे फाइनेंशियल प्लानिंग का दायरा बढ़ रहा है, हमारा उद्देश्य यही है कि लोग लंबे समय तक सुरक्षित गारंटी वाले फायदों के साथ अपने सपनों को पूरा कर सकें। यह इंश्योरेंस सॉल्यूशन लोगों को सीमित समय के लिए प्रीमियम का पेमेंट करते हुए गारंटी वाले फायदों के साथ अपने वादों को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने में मदद करता है। यह एसबीआई लाइफ के देश भर में लोगों और परिवारों में पारदर्शी, निश्चितता वाले इंश्योरेंस सॉल्यूशन के ज़रिए फाइनेंशियल मजबूती बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' उन लोगों के लिए आदर्श है, जो दीर्घकालिक वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए एक संरचित बचत योजना चाहते हैं, साथ ही अपने और अपने प्रियजनों के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहते हैं। सेटलमेंट विकल्पों और वैकल्पिक राइडर्स जैसी सुविधाओं के साथ, यह योजना बदलती वित्तीय जरूरतों के अनुसार लचीलापन देती है और लंबे समय में गारंटीड मूल्य प्रदान करती है।
इस लॉन्च के साथ, एसबीआई लाइफ अपने 'अपने लिए, अपनों के लिए' के वादे को और मजबूत करता है और ग्राहकों को मानसिक शांति, गारंटीड बचत और आजीवन सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को दोहराता है।</description><guid>12124</guid><pubDate>2026-01-29 18:32:15 6:35:37 pm</pubDate></item><item><title>भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी: 2026 रैंकिंग में 5 पायदान ऊपर, 55 देशों में वीजा-फ्री एंट्री</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12111</link><description>भारतीयपासपोर्ट की वैश्विक ताकत में सुधार हुआ है। हेनली एंड पार्टनर्स की पासपोर्ट इंडेक्स 2026 रैंकिंग में भारत 5 स्थान की छलांग लगाकर 85वें से 80वें नंबर पर पहुंच गया है। नई रैंकिंग के मुताबिक भारतीय नागरिक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं।

पिछले साल 2025 में भारत की रैंक 85 थी, जबकि 2024 में भी भारत 80वें स्थान पर था। यानी 2025 में गिरावट के बाद 2026 में फिर से सुधार देखने को मिला है, हालांकि वीजा-फ्री यात्रा वाले देशों की संख्या में 2 की कमी आई है।
पाकिस्तानी और बांग्लादेशी पासपोर्ट सबसे कमजोर में शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी पासपोर्ट दुनिया का 5वां सबसे कमजोर पासपोर्ट है। पाकिस्तान की नई रैंकिंग 98वीं है, जबकि 2025 में उसकी रैंक 103 थी। पाकिस्तानी नागरिक फिलहाल 31 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।
वहीं बांग्लादेशी पासपोर्ट 95वें स्थान पर है और इसे दुनिया का 8वां सबसे कमजोर पासपोर्ट माना गया है।

सिंगापुर का दबदबा बरकरार
सिंगापुर लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है। सिंगापुरी नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिक 188 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं। डेनमार्क, लक्समबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड 186 देशों में वीजा-फ्री पहुंच के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

अफगानिस्तान सबसे नीचे
अफगानिस्तान का पासपोर्ट एक बार फिर दुनिया का सबसे कमजोर साबित हुआ है। यह 101वें स्थान पर है और सूची में सबसे नीचे बना हुआ है।

कैसे तय होती है पासपोर्ट रैंकिंग
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स साल में दो बारजनवरी और जुलाईजारी किया जाता है। रैंकिंग इस आधार पर तय होती है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा यात्रा कर सकता है। इसमें वीजा-फ्री और वीजा-ऑन-अराइवल दोनों को शामिल किया जाता है। पूरे साल वीजा नीतियों में बदलाव के आधार पर डेटा अपडेट होता रहता है।

क्या होता है पासपोर्ट
पासपोर्ट किसी देश की सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता को प्रमाणित करता है। यह विदेश यात्रा के लिए एक वैध पहचान पत्र माना जाता है।

हर साल 2 लाख लोग छोड़ रहे भारतीय नागरिकता
इधर, भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विदेश मंत्रालय ने संसद को बताया कि पिछले 5 सालों में करीब 9 लाख भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी है।

राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 2011 से 2024 के बीच लगभग 21 लाख भारतीयों ने विदेशी नागरिकता अपनाई है। सरकार के मुताबिक 2021 के बाद इस संख्या में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।</description><guid>12111</guid><pubDate>2026-01-15 18:38:44 6:39:54 pm</pubDate></item><item><title>ट्रंप की टैरिफ धमकी से सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12110</link><description>मुंबई ।शेयर बाजार ने मंगलवार को शुरुआत में तेज उछाल दिखाया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकी के बाद अचानक सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखी गई। बीएसई का सेंसेक्स सुबह करीब 84,258 तक पहुंचा, लेकिन झटके में 250 अंक से ज्यादा गिरकर 83,616 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 25,897 पर खुलने के बाद 25,709 तक फिसल गया।

ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक व्यापार और निवेश माहौल में दबाव बढ़ा है। भारत ईरान से तेल का आयात 2019 से बंद कर चुका है, लेकिन चावल, चाय, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर और इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी जैसी चीजों का आयात-निर्यात अभी भी हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका 25% टैरिफ लागू करता है, तो भारत पर पहले से लागू 50% टैरिफ बढ़कर 75% तक जा सकता है, जिससे बाजार में नकारात्मक असर पड़ा।


इस गिरावट का असर प्रमुख लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला। लार्जकैप में LT (2.30%), HCL Tech (2.10%), Bharti Airtel (1.50%), मिडकैप में Glenmark (3.10%), Dixon Tech (2.20%), Godrej Properties (2.05%), AU Bank (2%) और स्मॉलकैप में Lotus Chocolate (8%), Jubilant Agri (5.50%) तथा NEC Life (5%) के शेयर फिसलकर ट्रेड कर रहे थे।</description><guid>12110</guid><pubDate>2026-01-15 18:35:36 6:37:04 pm</pubDate></item><item><title>शेयर बाजार सपाट शुरुआत के साथ खुला</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12109</link><description>मुंबई ।भारतीय शेयर बाजार बुधवार को सपाट शुरुआत के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सुबह 9:19 बजे बीएसई सेंसेक्स 68.79 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,558.90 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी 39.15 अंक या 0.15 प्रतिशत फिसलकर 25,694.20 पर पहुंच गया।
शुरुआती सत्र में बाजार को सहारा मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों से मिल रहा है।
निफ्टी मेटल 0.65 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.54 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.51 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.38 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.36 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं रियल्टी, आईटी और ऑटो सेक्टर में दबाव देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी 0.50 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.33 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.17 प्रतिशत और निफ्टी कंजम्प्शन 0.14 प्रतिशत की गिरावट में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 8 अंक की हल्की गिरावट के साथ 59,590 पर जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 84.10 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटकर 17,379 पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, एनटीपीसी, बीईएल, इन्फोसिस, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, टाइटन और आईटीसी बढ़त में थे, जबकि टीसीएस, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा और एचयूएल गिरावट में रहे।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में तेजी का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
कमोडिटी बाजार में मेटल की मजबूती देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.80 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,635.74 डॉलर प्रति औंस और चांदी 5.21 प्रतिशत उछलकर 90.81 डॉलर प्रति औंस के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। वहीं कच्चे तेल में कमजोरी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।</description><guid>12109</guid><pubDate>2026-01-15 18:32:09 6:33:43 pm</pubDate></item><item><title>सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी 4 हजार और सोना 900 रुपये सस्ता</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12090</link><description>नई दिल्ली -कई दिनों की तेजी के बाद आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट से निवेशकों और आम खरीदारों को कुछ राहत मिली है। चांदी के दाम में करीब 4 हजार रुपये प्रति किलो की कमी आई है, वहीं सोना भी लगभग 900 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।
सुबह करीब 10:30 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 2,55,045 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। इसमें 3,766 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,54,070 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर (लो) और 2,59,692 रुपये प्रति किलो का ऊपरी स्तर (हाई) छुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजार में कमजोरी और मुनाफावसूली के चलते चांदी पर दबाव बना हुआ है।
वहीं सोने की बात करें तो MCX पर 10 ग्राम सोना 1,38,238 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। इसमें करीब 845 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। सोने ने आज के कारोबार में 1,38,027 रुपये का लो और 1,39,140 रुपये का हाई स्तर बनाया।




बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।</description><guid>12090</guid><pubDate>2026-01-07 18:17:12 6:19:32 pm</pubDate></item><item><title>शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, गिफ्ट निफ्टी 72 अंक फिसला</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12089</link><description>नई दिल्ली -आज बुधवार को शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) सुबह करीब 7:30 बजे 72 अंक यानी 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 26,207.50 पर कारोबार करता दिखा। बेंचमार्क सूचकांक अपने रिकॉर्ड हाई के आसपास बने हुए हैं, ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते नजर आ सकते हैं। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत, भू-राजनीतिक चिंताएं और बड़े शेयरों में लगातार हो रही मुनाफावसूली के कारण आज बाजार में वेट एंड वॉच की रणनीति देखने को मिल सकती है।
आज कुछ चुनिंदा शेयरों में हलचल रहने की संभावना है। तिमाही नतीजों की बात करें तो गैलेक्सी एग्रीको एक्सपोर्ट्स, महेश डेवलपर्स, प्रीमियर एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और सिद्धेश्वरी गारमेंट्स आज अपने नतीजे जारी करेंगे, जिससे इन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।टाइटन कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इसके घरेलू कारोबार में 38 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 79 फीसदी की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। वहीं जूबिलेंट फूडवर्क्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 13.4 फीसदी बढ़कर 2,438.7 करोड़ रुपये पहुंच गया है। कंपनी ने तिमाही के दौरान 75 नए स्टोर भी खोले।

उधर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने संकेत दिए हैं कि देश में मांग की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। कंपनी को आने वाली तिमाहियों में महंगाई में नरमी और कम जीएसटी दरों से खपत में सुधार की उम्मीद है। कुल मिलाकर आज बाजार में चुनिंदा शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।







</description><guid>12089</guid><pubDate>2026-01-07 18:05:59 6:09:35 pm</pubDate></item><item><title>रुनाया और इकार्ट के संयुक्त उपक्रम ने गैस-एटोमाइज़्ड एल्युमीनियम पाउडर के लिए भारत की पहली इकाई की शुरुआत की</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12071</link><description>रायपुर, जनवरी 2026: सर्कुलर इकोनॉमी और वेस्ट-टू-वेल्थ (कचरे से मूल्य) से जुड़ी उन्नत तकनीकी समाधान देने वाली कंपनी रुनाया मेटसोर्स (रुनाया) और जर्मनी मुख्यालय वाली एल्युमीनियम ग्रैन्यूल्स व इफेक्ट पिगमेंट्स की वैश्विक अग्रणी कंपनी एकार्ट ने ओडिशा के झारसुगुड़ा में अपने संयुक्त उद्यम की इकाई रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर प्राइवेट लिमिटेड (आरईएल) के निर्माण की घोषणा की है।
रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर का यह संयंत्र पर्यावरण के अनुकूल, गोल आकार वाले, विशेष तकनीक से बनाए गए एल्युमीनियम पाउडर का निर्माण करेगा। यह भारत में पहली बार किया जा रहा है। इन पाउडरों का उपयोग हवाई यातायात, अंतरिक्ष अन्वेषण, अंतरिक्ष यान निर्माण, सौर ऊर्जा तकनीक, रासायनिक उत्प्रेरक उद्योग और सजावटी रंगद्रव्यों जैसे उन्नत क्षेत्रों में किया जाएगा। सजावटी रंगद्रव्य ऐसे विशेष रंग होते हैं, जो चमक, झिलमिलाहट और रंग बदलने जैसे दृश्य प्रभाव पैदा करते हैं। इनका उपयोग विभिन्न उद्योगों में उत्पादों को अधिक आकर्षक और सुंदर बनाने के लिए किया जाता है। यह संयंत्र भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब तक ऐसे बारीक और गोल एल्युमीनियम पाउडर पूरी तरह विदेशों से मंगाए जाते थे।
इस संयंत्र का मुख्य आधार एक उच्च सटीकता वाली एटोमाइजेशन प्रक्रिया है, जिसमें पिघले हुए एल्युमीनियम को निष्क्रिय वातावरण में, अधिक तापमान और दबाव पर सूक्ष्म कणों में बदला जाता है। इससे एक समान और बहुत बारीक पाउडर तैयार होता है, जिसका औसत कण आकार लगभग 15 माइक्रोन होता है। इस पाउडर को ग्राहकों की विशेष जरूरतों के अनुसार आगे भी तैयार किया जा सकता है। रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर संयंत्र में विशेष मिश्र धातु वाले पाउडर भी बनाए जाएंगे, ताकि निर्माण क्षेत्र में उभर रहे उन्नत और उच्च तकनीक वाले उपयोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इन पाउडरों की गोल संरचना उन्हें कई महत्वपूर्ण उद्योगों में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाती है। इनका उपयोग पेंट और परत चढ़ाने वाले पदार्थों, वाहन उद्योग और विमान निर्माण प्रणालियों में किया जाता है। इसके अलावा, इन पाउडरों का उपयोग सिलिकॉन से बनी सौर कोशिकाओं पर लगाए जाने वाले सौर पेस्ट में भी होता है, जिससे पिछली सतह की मजबूती बढ़ती है और विद्युत प्रवाह क्षमता में सुधार होता है। इन पाउडरों का रासायनिक अभिक्रिया को तेज करने वाले पदार्थों, अत्यधिक ताप सहने वाली सामग्रियों और टाइटेनियम डाइऑक्साइड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण उपयोग होता है।
इकार्ट, जो सजावटी रंगद्रव्यों के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी और बाजार में अग्रस्थान पर है, दुनिया के सबसे गुणवत्ता-सचेत ग्राहकों को उन्नत उपयोगों के लिए एल्युमीनियम पाउडर उपलब्ध कराता है। इसके रंगद्रव्यों का उपयोग दुनिया भर की प्रमुख पेंट और परत चढ़ाने वाली कंपनियां व्यापक रूप से करती हैं। यह संयुक्त उपक्रम इकार्ट की गहरी विशेषज्ञता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व को रुनाया की नवाचार-आधारित, पुनर्चक्रण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित निर्माण क्षमताओं के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य भारत में विश्व-स्तरीय, कम कार्बन उत्सर्जन वाला और उच्च मूल्य वाली सामग्रियों का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
रुनाया के प्रबंध निदेशक नैवेद्य अग्रवाल ने कहा, यह संयुक्त उपक्रम उन्नत एल्युमीनियम पाउडर के देश में ही निर्माण को संभव बनाकर भारत की उच्च मूल्य वाले तैयार उत्पाद बनाने की क्षमता को मजबूत करता है। ये सामग्री अंतिम उत्पादों की गुणवत्ता, कार्यकुशलता और सुंदरता को काफी बेहतर बनाएंगी, साथ ही उनके अंतिम उपयोगों के प्रदर्शन और भरोसेमंदता में भी सुधार करेंगी। केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने से आगे बढ़कर, यह संयंत्र भारत के साधारण धातु आपूर्ति से आगे बढ़कर अभियांत्रिक सामग्रियों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अधिक उन्नत और मूल्य-आधारित उद्योगों को समर्थन देता है।
इकार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. क्रिश्चियन प्रिज़िबायला ने कहा रुनाया के साथ हमारी यह साझेदारी तकनीक, सतत विकास और नवाचार का एक सशक्त संगम है। यह सहयोग हमें दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक में प्रवेश दिलाता है, साथ ही कार्बन तटस्थता के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी और मजबूत करता है। हम इस साझेदारी को और गहराई देने तथा आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
पहले जो एल्युमीनियम पाउडर विदेशों से मंगाए जाते थे, उनके अब देश में उपलब्ध होने से भारतीय निर्माताओं को विश्वसनीय, उच्च गुणवत्ता वाली और लागत के लिहाज़ से किफायती आपूर्ति मिल सकेगी। इससे आयात पर निर्भरता में बड़ी कमी आएगी, आपूर्ति में लगने वाला समय कम होगा, और कई रणनीतिक उद्योगों के लिए आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और बढ़ेगी।</description><guid>12071</guid><pubDate>2026-01-06 16:44:36 4:47:20 pm</pubDate></item><item><title> एनएसई एनुअल हाइलाइट्स 2025: मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपए के पार, पूँजी निर्माण में भी बड़ा उछाल</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12067</link><description>मुंबई, दिसंबर 2025: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने वर्ष 2025 के अपने सालाना आँकड़ें जारी किए हैं। 19 दिसंबर, 2025 तक के आँकड़ों के मुताबिक, दुनिया में चल रही आर्थिक उठा-पटक के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में उत्कृष्ट मजबूती देखने को मिली। इक्विटी बाजार, पूँजी निर्माण और निवेशकों की भागीदारी, तीनों ही मोर्चों पर बढ़त देखने को मिली।


मार्केट की स्थिति और मार्केट कैपिटलाइजेशन
	निफ्टी 50 इंडेक्स वर्ष 2025 में बढ़कर 23,645 से 25,966 पर पहुँच गया, यानि करीब 9.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
	एनएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 439 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो करीब 6.8 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
	मार्केट कैप और जीडीपी का अनुपात 136 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा।


पूँजी निर्माण और प्राइमरी मार्केट की स्थिति


	इक्विटी, डेट और बिज़नेस ट्रस्ट के ज़रिए कुल 19.17 लाख करोड़ रुपए का फंड जुटाया गया, जो कि वर्ष 2024 के 17.89 लाख करोड़ रुपए से करीब 7 फीसदी ज्यादा रहा।
	इक्विटी से कुल 4.12 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि डेट के ज़रिए 14.72 लाख करोड़ रुपए आए। डेट निर्माण में करीब 10 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
	वर्ष 2025 में 101 मेनबोर्ड आईपीओ के ज़रिए 1.71 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। वहीं, 112 एसएमई आईपीओ से 5,589 करोड़ रुपए का फंड आया।
	मेनबोर्ड आईपीओ के मामले में महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और कर्नाटक सबसे आगे रहे।


सेकेंडरी मार्केट और वैश्विक पहचान


	इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में एनएसई दुनिया में नंबर एक पर रहा। दुनिया भर में होने वाले कुल कॉन्ट्रैक्ट्स में इसकी हिस्सेदारी 53.2 फीसदी रही।
	नई लिस्टिंग के मामले में एनएसई ने दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें 16.2 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी रही।
	कॉर्पोरेट बॉन्ड ट्रेडिंग में भी तेजी देखने को मिली। ओटीसी और आरएफक्यू सेगमेंट में कारोबार बढ़ा, खासतौर पर आरएफक्यू टर्नओवर में सालाना 52.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


निवेशकों की भागीदारी और घरेलू संपत्ति में बढ़त
	वर्ष 2025 तक देश में रजिस्टर्ड निवेशकों की कुल संख्या बढ़कर 12.4 करोड़ पहुँच गई। सिर्फ इसी वर्ष में 1.5 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं।
	निवेशकों का आधार सालाना 13.9 फीसदी बढ़ा। इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सबसे ज्यादा भागीदारी देखने को मिली।
	अप्रैल 2020 से अब तक भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संपत्ति में करीब 53 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लंबे समय में संपत्ति बनाने में पूँजी बाजार की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।


एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (एनएसई आईएक्स)


	वर्ष 2025 में एनएसई आईएक्स ने पहली बार 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के नोटेशनल टर्नओवर का आँकड़ा पार किया और यह 1,106 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच गया।
	गिफ्ट निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स में वर्ष भर में कुल 2.25 करोड़ से ज्यादा ट्रेड हुए, जिनका कुल टर्नओवर करीब 1.1 ट्रिलियन यूएस डॉलर रहा।
	शुरुआत से अब तक गिफ्ट निफ्टी का कुल टर्नओवर 2.53 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच चुका है।</description><guid>12067</guid><pubDate>2026-01-05 17:15:26 5:17:50 pm</pubDate></item><item><title> एनएसई एनुअल हाइलाइट्स 2025: मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपए के पार, पूँजी निर्माण में भी बड़ा उछाल</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12028</link><description>मुंबई, दिसंबर 2025: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने वर्ष 2025 के अपने सालाना आँकड़ें जारी किए हैं। 19 दिसंबर, 2025 तक के आँकड़ों के मुताबिक, दुनिया में चल रही आर्थिक उठा-पटक के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में उत्कृष्ट मजबूती देखने को मिली। इक्विटी बाजार, पूँजी निर्माण और निवेशकों की भागीदारी, तीनों ही मोर्चों पर बढ़त देखने को मिली।


मार्केट की स्थिति और मार्केट कैपिटलाइजेशन
	निफ्टी 50 इंडेक्स वर्ष 2025 में बढ़कर 23,645 से 25,966 पर पहुँच गया, यानि करीब 9.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
	एनएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 439 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो करीब 6.8 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
	मार्केट कैप और जीडीपी का अनुपात 136 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा।


पूँजी निर्माण और प्राइमरी मार्केट की स्थिति


	इक्विटी, डेट और बिज़नेस ट्रस्ट के ज़रिए कुल 19.17 लाख करोड़ रुपए का फंड जुटाया गया, जो कि वर्ष 2024 के 17.89 लाख करोड़ रुपए से करीब 7 फीसदी ज्यादा रहा।
	इक्विटी से कुल 4.12 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि डेट के ज़रिए 14.72 लाख करोड़ रुपए आए। डेट निर्माण में करीब 10 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
	वर्ष 2025 में 101 मेनबोर्ड आईपीओ के ज़रिए 1.71 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। वहीं, 112 एसएमई आईपीओ से 5,589 करोड़ रुपए का फंड आया।
	मेनबोर्ड आईपीओ के मामले में महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और कर्नाटक सबसे आगे रहे।


सेकेंडरी मार्केट और वैश्विक पहचान


	इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में एनएसई दुनिया में नंबर एक पर रहा। दुनिया भर में होने वाले कुल कॉन्ट्रैक्ट्स में इसकी हिस्सेदारी 53.2 फीसदी रही।
	नई लिस्टिंग के मामले में एनएसई ने दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें 16.2 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी रही।
	कॉर्पोरेट बॉन्ड ट्रेडिंग में भी तेजी देखने को मिली। ओटीसी और आरएफक्यू सेगमेंट में कारोबार बढ़ा, खासतौर पर आरएफक्यू टर्नओवर में सालाना 52.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


निवेशकों की भागीदारी और घरेलू संपत्ति में बढ़त
	वर्ष 2025 तक देश में रजिस्टर्ड निवेशकों की कुल संख्या बढ़कर 12.4 करोड़ पहुँच गई। सिर्फ इसी वर्ष में 1.5 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं।
	निवेशकों का आधार सालाना 13.9 फीसदी बढ़ा। इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सबसे ज्यादा भागीदारी देखने को मिली।
	अप्रैल 2020 से अब तक भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संपत्ति में करीब 53 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लंबे समय में संपत्ति बनाने में पूँजी बाजार की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।


एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (एनएसई आईएक्स)


	वर्ष 2025 में एनएसई आईएक्स ने पहली बार 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के नोटेशनल टर्नओवर का आँकड़ा पार किया और यह 1,106 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच गया।
	गिफ्ट निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स में वर्ष भर में कुल 2.25 करोड़ से ज्यादा ट्रेड हुए, जिनका कुल टर्नओवर करीब 1.1 ट्रिलियन यूएस डॉलर रहा।
	शुरुआत से अब तक गिफ्ट निफ्टी का कुल टर्नओवर 2.53 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच चुका है।</description><guid>12028</guid><pubDate>2026-01-03 16:33:28 4:36:31 pm</pubDate></item><item><title> एक योजना, दो फायदे: एसबीआई लाइफ के साथ सुरक्षा और गारंटीड बचत- न्यू स्मार्ट समृद्धि</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12001</link><description>जैसे-जैसे पैसे की जिम्मेदारियाँ बढ़ती हैं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता रहती है, लोग ऐसी योजनाएँ चाहते हैं, जो सुरक्षा के साथ-साथ बचत भी दें। भविष्य की योजना आत्मविश्वास और मानसिक शांति के साथ करने के लिए एक सरल और भरोसेमंद बीमा योजना जरूरी होती है, जो बचत बढ़ाने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी दे।
एसबीआई लाइफ की न्यू स्मार्ट समृद्धि एक व्यक्तिगत, नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग जीवन बीमा बचत योजना है, जो सुनिश्चित लाभ देती है और लक्ष्य आधारित, अनुशासित बचत को बढ़ावा देती है। इसका उद्देश्य संतुलित वित्तीय योजना की जरूरत को पूरा करना है, यानि बचत को धीरे-धीरे बढ़ाना और साथ ही भरोसेमंद सुरक्षा देना।
मुख्य लाभ:

गारंटीड बचत: छोटी और लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए नियमित रूप से बचत करना
भरोसेमंद सुरक्षा: लाइफ कवर, जिससे अनहोनी की स्थिति में परिवार की आर्थिक सुरक्षा रहती है
दोहरा फायदा: एक ही योजना में सुरक्षा और बचत दोनों को जोड़ता है, जिससे वित्तीय योजना आसान होती है
मानसिक शांति: गारंटीड रिटर्न मिलता है, जिससे आत्मविश्वास के साथ प्लान बनाने में मदद होती है
मुख्य विशेषताएँ और फायदे:
गारंटीड एडिशन: हर साल कुल जमा प्रीमियम पर 5.5 प्रतिशत या 6 प्रतिशत की सरल दर से जुड़ते हैं, जो वार्षिक प्रीमियम1 पर निर्भर करता है
सुनिश्चित मैच्योरिटी लाभ: उम्र, वार्षिक प्रीमियम1 और प्रीमियम भुगतान अवधि के आधार पर कुल वार्षिक प्रीमियम का 133 प्रतिशत से 214 प्रतिशत तक देता है
मेडिकल जाँच की जरूरत नहीं: कम से कम दस्तावेजों के साथ बिना किसी परेशानी के नामांकन
फ्लेक्सिबल प्रीमियम पेमेंट और पॉलिसी की शर्तें: 6, 7 या 10 साल की प्रीमियम भुगतान अवधि और उसके अनुसार 12, 15 या 20 साल की पॉलिसी अवधि
पूरी पॉलिसी अवधि में जीवन कवर: पॉलिसी अवधि के दौरान किसी भी समय बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिवार को वित्तीय सुरक्षा देता है
कर लाभ: वर्तमान आयकर कानूनों के अनुसार लागू
1: वार्षिक प्रीमियम का मतलब है एक साल में देय प्रीमियम राशि, जिसमें टैक्स, राइडर प्रीमियम, अंडरराइटिंग से जुड़े अतिरिक्त प्रीमियम और किस्तों से जुड़े अतिरिक्त शुल्क शामिल नहीं होते।
बच्चों की शिक्षा की योजना बनाने वाले परिवारों के लिए, गारंटीड एडिशन और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि भविष्य के खर्चों को लेकर स्पष्टता देती है। लंबे समय की वित्तीय योजना में यह सुनिश्चित लाभ एक ऐसा सुरक्षा कवच बनाते हैं, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग रहते हुए धीरे-धीरे बढ़ता है। कमाने वाले युवाओ के लिए कम समय में प्रीमियम भुगतान के विकल्प, जल्दी अनुशासित बचत की आदत बनाने में मदद करते हैं।

एसबीआई लाइफ हमेशा से लोगों को अपने सपनों को पूरा करने और परिवार की आकांक्षाओं को सुरक्षित रखने में सक्षम बनाता आया है। एसबीआई लाइफ-न्यू स्मार्ट समृद्धि इसी सोच को आगे बढ़ाती है, जहाँ गारंटीड रिटर्न, फ्लेक्सिबल भुगतान विकल्प और आसान नामांकन के साथ सुरक्षा पहले से ही शामिल है। यह एक भविष्य-तैयार बचत समाधान है, जो जीवन के हर चरण में सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसे के साथ संपत्ति बनाने में मदद करता है।</description><guid>12001</guid><pubDate>2025-12-26 16:34:03 4:35:36 pm</pubDate></item><item><title> हाइपरसर्विस के विस्तार के साथ ओला इलेक्ट्रिक ने लॉन्च किए हाइपरसर्विस सेंटर्स; एक ही दिन में सर्विस की गारंटी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11993</link><description>हाइपरसर्विस के विस्तार के साथ ओला इलेक्ट्रिक ने लॉन्च किए हाइपरसर्विस सेंटर्स; एक ही दिन में सर्विस की गारंटी
या
ओला इलेक्ट्रिक ने किया हाइपरसर्विस का विस्तार; एक ही दिन में सर्विस की गारंटी के साथ हाइपरसर्विस सेंटर्स की शुरुआत


दिल्ली, दिसंबर 2025: ओला ने अपनी हाइपरसर्विस पहल को आगे बढ़ाते हुए, डेडिकेटेड हाइपरसर्विस सेंटर्स की शुरुआत की है। इन सेंटर्स के माध्यम से योग्य ग्राहकों को एक ही दिन में, यानि उसी दिन सर्विस की गारंटी दी जाएगी, वह भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के। इस पहल के तहत ओला अपने मौजूदा सर्विस सेंटर्स को धीरे-धीरे हाइपरसर्विस सेंटर्स में बदलेगा, जिसकी शुरुआत बेंगलुरु से हुई है। पहला हाइपरसर्विस सेंटर अब बेंगलुरु के इंदिरानगर में शुरू हो चुका है।


हाइपरसर्विस सेंटर का उद्देश्य व्हीकल की सर्विस को आसान और तेज़ बनाना है। अब ग्राहक अपने व्हीकल की सर्विस एक ही दिन में करवा सकते हैं, वह भी बिना कोई अतिरिक्त पैसा दिए। पूरी सर्विस प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे ग्राहकों को हर कदम पर स्पष्ट जानकारी और पारदर्शिता मिलेगी।


ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा , चल रहे सर्विस अपग्रेड के तहत हम सर्विस के पूरे अनुभव पर नए सिरे से विचार कर रहे हैं। ओला व्हीकल का मालिकाना अनुभव सिर्फ गाड़ी तक सीमित नहीं है, सर्विस भी उसका अहम् हिस्सा है और इसमें भी उतना ही इनोवेशन होना चाहिए, जितना प्रोडक्ट में होता है। हाइपरसर्विस सेंटर्स के माध्यम से हम एक नया मानक स्थापित कर रहे हैं। यहाँ ग्राहकों को एक ही दिन में सर्विस की गारंटी मिलेगी, वह भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के। इसका उद्देश्य तकनीक, बेहतर प्रक्रियाओं और बड़े स्तर पर काम करके ग्राहकों की परेशानी कम करना और हर ओला ग्राहक को तेज़, आसान और पूरी तरह पारदर्शी सर्विस देना है।


हाइपरसर्विस सेंटर्स में ग्राहकों के लिए अलग से कस्टमर लाउंज, मुफ्त वाई-फाई और चेक-इन से लेकर व्हीकल की डिलीवरी तक के सर्विस के हर चरण की रियल-टाइम डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी। इससे सर्विस में तेजी, स्पष्ट समझ और भरोसा बना रहेगा।


बेंगलुरु में शुरुआत के बाद, ओला आने वाले हफ्तों में देशभर के चुनिंदा सर्विस सेंटर्स को तेजी से हाइपरसर्विस सेंटर्स में बदलेगा। यह विस्तार ओला के उस फोकस को दिखाता है, जिसमें तकनीक, बड़े स्तर पर काम और ग्राहक-केन्द्रित सोच के ज़रिए ईवी ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव देना और सर्विस की रफ्तार व भरोसेमंद मानकों को नए स्तर पर ले जाना शामिल है।


कंपनी ने हाल ही में घोषणा की है कि वह हाइपरसर्विस का एक ओपन प्लेटफॉर्म के रूप में भी विस्तार करेगा। इसके तहत ओला के असली स्पेयर पार्ट्स, डायग्नोस्टिक टूल्स और सर्विस ट्रेनिंग मॉड्यूल्स अब सिर्फ ओला ग्राहकों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि देशभर के इंडिपेंडेंट गैरेज, मैकेनिक और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए भी उपलब्ध होंगे। इस पहल के तहत ओला के स्पेयर पार्ट्स सीधे ओला इलेक्ट्रिक कस्टमर ऐप और वेबसाइट के जरिए खरीदे जा सकेंगे, जिससे हर ग्राहक और गैराज को बिना किसी बिचौलिए के उच्च गुणवत्ता वाले, प्रमाणित पार्ट्स आसानी से मिल सकेंगे।


इसके अलावा, कंपनी ने अपने इन-ऐप सर्विस अपॉइंटमेंट फीचर को भी देशभर में शुरू करने की घोषणा की है। यह फीचर ग्राहकों को ज्यादा सहूलियत और आसान पहुँच देने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए यूज़र्स अपनी पसंद का सर्विस स्लॉट चुन सकते हैं, सर्विस की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं और सर्विस से जुड़ी सभी जरूरतों को सीधे ओला इलेक्ट्रिक ऐप पर ही मैनेज कर सकते हैं। पूरी सर्विस प्रक्रिया को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर, ओला ने पारंपरिक सर्विस बुकिंग में होने वाली झंझट को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।</description><guid>11993</guid><pubDate>2025-12-25 10:55:22 10:56:24 am</pubDate></item><item><title> लांजीगढ़ से एल्युमिना उत्पादन को मिली नई रफ्तार</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11980</link><description>लांजीगढ़ से एल्युमिना उत्पादन को मिली नई रफ्तार


आज जब देश में सड़कें, रेल, घर, गाड़ियाँ और सोलर प्रोजेक्ट्स तेज़ी से बन रहे हैं, तब मजबूत धातुओं की जरूरत भी उतनी ही बढ़ गई है। ऐसे में एल्युमीनियम जैसी धातु सिर्फ उद्योग के लिए नहीं, बल्कि देश की तरक्की के लिए भी बहुत अहम् हो गई है। इसी जरूरत को समझते हुए, वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा की लांजीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता बढ़ाकर 5 मिलियन टन प्रति वर्ष कर दी है, जिससे देश को एल्युमिना उत्पादन में बड़ी राहत मिली है।


इस विस्तार के बाद लांजीगढ़ आज देश की सबसे बड़ी एकल-स्थान एल्युमिना रिफाइनरी बन गई है और भारत के कुल एल्युमिना उत्पादन में अकेले 38 प्रतिशत का योगदान दे रही है। इससे न सिर्फ देश की एल्युमिना रिफाइनिंग क्षमता बढ़ी है, बल्कि भारत दुनिया के शीर्ष एल्युमिना उत्पादक देशों में और मजबूती से खड़ा हुआ है।


नवंबर महीने में रिफाइनरी ने 254 हज़ार टन का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक उत्पादन दर्ज किया, जो पिछले महीने से 8 प्रतिशत और सालाना आधार पर 68 प्रतिशत ज्यादा है। बेहतर योजना, मजबूत संचालन और संसाधनों के सही इस्तेमाल से यह संभव हो पाया। एक ही महीने में 700 से ज्यादा रेकों का संचालन और बिजली की कम खपत जैसे आँकड़ें इसकी मिसाल हैं।


राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम, ने कहा, एल्युमीनियम एक रणनीतिक धातु है, जो भारत की औद्योगिक विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक अहम् आधार है। लांजीगढ़ में हमारी क्षमता को बढ़ाकर 5 एमटीपीए करना न केवल क्षमता विस्तार की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि एक मजबूत और विश्वस्तरीय एल्युमीनियम वैल्यू चेन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। रिकॉर्ड मासिक उत्पादन से स्पष्ट होता है कि हमारा तेज़ विस्तार जिम्मेदार संसाधन विकास, नवाचार और देश के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


उद्योग के साथ-साथ वेदांता लांजीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वा</description><guid>11980</guid><pubDate>2025-12-17 16:33:13 4:34:16 pm</pubDate></item></channel></rss>