<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>व्यापार - Dainandini Feed</title><link>https://dainandini.in/</link><description>Dainandini Feed Description</description><item><title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, कीमतों में हजारों रुपये की कमी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12254</link><description>नई दिल्ली ।सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी 9,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 3,500 रुपये गिरकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी अपने पिछले बंद भाव 2.46 लाख रुपये से करीब 3.66 फीसदी गिरकर 2.37 लाख रुपये पर आ गई। वहीं 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी 2.26 फीसदी टूटकर 1,51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक कारणों का असर कीमती धातुओं पर साफ दिखा। HDFC सिक्योरिटीज के एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे सोना-चांदी पर दबाव बना।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 7.32 फीसदी गिरकर 69.57 डॉलर प्रति औंस और गोल्ड 3.51 फीसदी टूटकर 4,591.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव ने भी कीमतों को प्रभावित किया है।
अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों, खासकर नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आगे कीमतों की दिशा तय होगी।</description><guid>12254</guid><pubDate>2026-04-04 17:16:29 5:18:43 pm</pubDate></item><item><title>ग्लोबल मार्केट में लौटी तेजी, तनाव के बीच निवेशकों को राहत</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12242</link><description>नई दिल्ली ।वैश्विक बाजारों में जारी गिरावट का सिलसिला अब टूटता नजर आ रहा है। मंगलवार को दुनियाभर के इक्विटी मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां एक ओर अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, वहीं कुछ एशियाई बाजारों में शुरुआती दबाव रहा।


Dow Jones Industrial Average और SP 500 फ्यूचर्स में क्रमशः 0.12% और 0.22% की बढ़त देखी गई। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी आई थीडाउ जोन्स 2.5% (1,125 अंक) चढ़ा, जबकि SP 500 में 2.9% (184 अंक) की तेजी रही। टेक शेयरों से भरा Nasdaq Composite भी 3.8% उछलकर करीब 21,590 पर बंद हुआ।


अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक संकेतों का असर एशिया में भी दिखा। जापान का Nikkei 225 4.6% बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI 9% से ज्यादा उछला। हांगकांग का Hang Seng Index भी लगभग 2% की मजबूती के साथ बंद हुआ।


घरेलू बाजार में भी तेजी लौटी। भारत के BSE Sensex और Nifty 50 ने पिछले नुकसान की भरपाई करते हुए बुधवार को 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की।


बाजार में यह तेजी उस समय आई जब Donald Trump ने संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही ईरान के साथ जारी तनाव से बाहर निकल सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और व्यापारिक गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है।


हालांकि, ऊर्जा कीमतों में उछाल, महंगाई का दबाव और युद्ध की लागत अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके बावजूद निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हालात स्थिर हो सकते हैं, जिससे बाजार में स्थिरता लौटेगी।</description><guid>12242</guid><pubDate>2026-04-01 13:46:30 1:47:56 pm</pubDate></item><item><title>Apple की बड़ी तैयारी: iPhone 18 Pro समेत 11 नए डिवाइस 2026 में लॉन्च संभव</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12238</link><description>नई दिल्ली ।अमेरिकी टेक कंपनीAppleसाल 2026 में अपने यूजर्स के लिए बड़ा सरप्राइज लेकर आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस साल कुल 11 नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनमें iPhone 18 Pro, iPad और Mac सीरीज के डिवाइस शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple अपनी फ्लैगशिप iPhone 18 Pro और Pro Max सीरीज को हर साल की तरह सितंबर में लॉन्च कर सकती है। नए iPhone में बेहतर कैमरा सेंसर, नया चिपसेट और पहले के मुकाबले छोटा डायनेमिक आइलैंड देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा कंपनी iPad की नई लाइनअप भी पेश कर सकती है, जिसमें iPad 12 को अपग्रेडेड चिपसेट और Apple Intelligence सपोर्ट के साथ लाया जा सकता है। iPad Mini में OLED डिस्प्ले मिलने की भी चर्चा है।
Mac सेगमेंट में भी बड़े अपडेट की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Mac Studio, Mac Mini और iMac में नई M5 चिपसेट दी जा सकती है, वहीं MacBook Pro में OLED डिस्प्ले शामिल किया जा सकता है।

हालांकि कंपनी की ओर से अभी इन लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन टेक जगत में इन संभावित प्रोडक्ट्स को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।

</description><guid>12238</guid><pubDate>2026-03-31 17:16:22 5:17:32 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर ने मध्य भारत की पहली उन्नत रोबोटिक कैंसर सर्जरी तकनीक शुरू की</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12230</link><description>नया रायपुर: वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), नया रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित एक अत्याधुनिक तृतीयक कैंसर अस्पताल, ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्य भारत का पहला निजी अस्पताल बनने का गौरव प्राप्त किया है जिसने दा विंची Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित किया है
छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए अब उन्नत कैंसर सर्जरी अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होगी। यह तकनीक छोटी चीरे (इंसीज़न), कम रक्तस्राव, कम अस्पताल में रहने की अवधि और तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है, जिससे उपचार के परिणाम और मरीज का अनुभव दोनों बेहतर होते हैं।
दा विंची Xi एक रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जिकल सिस्टम है, जो सर्जनों को अधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ जटिल कैंसर सर्जरी करने में सक्षम बनाता है। सर्जन एक कंसोल से छोटे-छोटे उपकरणों को नियंत्रित करते हैं, जो उनके हाथों की गतिविधियों को वास्तविक समय में दोहराते हैं। इसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़न मिलता है, और इसके उपकरण मानव कलाई की प्राकृतिक सीमा से अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। साथ ही, इसमें कंपन (ट्रेमर) को नियंत्रित करने की सुविधा होती है, जिससे सर्जरी अधिक स्थिर और सटीक होती है। यह सिस्टम शरीर के विभिन्न हिस्सों तक बिना मरीज की स्थिति बदले पहुंचने में सक्षम है, जिससे जटिल सर्जरी और भी प्रभावी हो जाती है।
लॉन्च के अवसर पर, डॉ. दिवाकर पांडेय, हेड  सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, बीएमसी ने कहा:
बीएमसी की सर्जिकल टीम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षित है और लगातार उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही है। हर साल बीएमसी में 3,000 से अधिक सर्जरी की जाती हैं, जिनमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट, स्त्री रोग और पेरिटोनियल कैंसर जैसी जटिल सर्जरी शामिल हैं। इस तकनीक के आने से हम जटिल शरीर संरचनाओं में बेहतर तरीके से सर्जरी कर पाएंगे, साथ ही अंगों को सुरक्षित रखने और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे सकेंगे।
डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन ने कहा:
यह कदम बीएमसी को कैंसर उपचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हम वैश्विक स्तर के संस्थानों से प्रेरित हैं और इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रोबोटिक सर्जरी और एक नए ऑपरेशन थिएटर के जुड़ने से अब बीएमसी के पास जटिल कैंसर मामलों के लिए आधुनिक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, हम क्षेत्र के अन्य संस्थानों और डॉक्टरों के साथ मिलकर ज्ञान साझा करने और उन्नत सर्जिकल तकनीकों में क्षमता निर्माण की दिशा में भी काम करेंगे। आने वाली पीढ़ी के ऑन्कोलॉजिस्ट्स को प्रशिक्षित करना कैंसर उपचार को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
बालको के सीईओ, श्री राजेश कुमार ने कहा:
बालको में हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि हम जिन समुदायों के साथ काम करते हैं, उनके लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करें। अब तक उन्नत कैंसर उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। इस पहल के साथ अब मरीज अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे यात्रा की आवश्यकता और कुल उपचार लागत दोनों कम होंगी। वेदांता के बालको छत्तीसगढ़ के सतत विकास और प्रगति के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है।
स्थापना के आठ वर्ष पूरे करने के साथ, बालको मेडिकल सेंटर ने अब तक 12,000 से अधिक जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। यह मरीजों के विश्वास और संस्थान की विशेषज्ञता को दर्शाता है। जटिल कैंसर मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, अधिक सटीक और कम आक्रामक सर्जरी की आवश्यकता बढ़ी है। रोबोटिक सर्जरी इसी आवश्यकता को पूरा करती है, जिससे उपचार अधिक सटीक होता है, रिकवरी समय कम होता है और मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।</description><guid>12230</guid><pubDate>2026-03-29 15:30:22 3:31:46 pm</pubDate></item><item><title>भारत के नए NDC लक्ष्य मजबूत संकेत, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास पर संतुलित जोर</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12216</link><description>नई दिल्ली ।वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्ष और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच भारत ने अपने नए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्यों के जरिए जलवायु प्रतिबद्धताओं को लेकर मजबूत संदेश दिया है। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) के सीईओ डॉ. अरुणाभा घोष ने इन लक्ष्यों को भारत की दूरदर्शी रणनीति बताया है।

डॉ. घोष के अनुसार, वर्ष 2035 तक देश की कुल बिजली क्षमता में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी गैर-जीवाश्म ईंधन से हासिल करने का लक्ष्य इस बात का संकेत है कि भारत ऊर्जा क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने के साथ-साथ ऊर्जा को सुलभ और किफायती बनाए रखने पर भी ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का बिजली बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और यदि यही रफ्तार बनी रही तो देश अपने तय लक्ष्यों से आगे निकल सकता है।

उन्होंने उत्सर्जन तीव्रता (Emission Intensity) को 47 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य को भी महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर, उन्नत बैटरी और दुर्लभ खनिज जैसे क्षेत्रों में नवाचार को ऊर्जा संक्रमण की दिशा में अहम बताया गया है।

डॉ. घोष ने कहा कि भारत कार्बन सिंक बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है, जिससे कृषि-वानिकी, मृदा स्वास्थ्य और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में निवेश के नए अवसर खुलेंगे। वहीं, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियोंजैसे अनियमित वर्षा, हीटवेव और तटीय जोखिमसे निपटने के लिए लचीले बुनियादी ढांचे और अनुकूलन उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने मैंग्रोव पुनर्बहाली, चक्रवात के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और राज्यों में हीट एक्शन प्लान जैसे कदमों को भारत की जलवायु रणनीति के प्रमुख स्तंभ बताया। साथ ही मिशन लाइफ के जरिए सतत जीवनशैली और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

डॉ. घोष के मुताबिक, भारत अब हरित अर्थव्यवस्था के मॉडल को अपनाते हुए जलवायु कार्रवाई को विकास और आर्थिक रणनीति के साथ जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूती से कायम है और संतुलित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।</description><guid>12216</guid><pubDate>2026-03-26 17:43:51 5:45:20 pm</pubDate></item><item><title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, निवेशकों को झटका</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12208</link><description>मुंबई ।मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह कारोबार के दौरान 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 2,094 रुपए यानी 1.50% टूटकर 1,37,166 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दिन के कारोबार में सोना 1,36,684 के निचले और 1,38,450 के ऊपरी स्तर तक गया।


वहीं 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 9,837 रुपए यानी 4.37% गिरकर 2,15,330 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी का न्यूनतम स्तर 2,15,330 और उच्चतम स्तर 2,19,658 रुपए रहा।


कीमतों में इस गिरावट की प्रमुख वजह डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। Dollar Index 0.51% बढ़कर 99.23 पर पहुंच गया, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 1.67% गिरकर 4,356 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.78% टूटकर 66.73 डॉलर प्रति औंस पर रही।


पिछले एक सप्ताह में सोना 13% और एक महीने में 15% से ज्यादा गिर चुका है, जबकि चांदी में साप्ताहिक 16% और मासिक 24% की तेज गिरावट देखी गई है।</description><guid>12208</guid><pubDate>2026-03-25 15:08:13 3:11:29 pm</pubDate></item><item><title>उतार-चढ़ाव भरे दिन में बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12195</link><description>नई दिल्ली ।उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।
एक दिन पहले भारी गिरावट के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की और दिन के अंत में सकारात्मक रुख बनाए रखा।
कारोबार समाप्त होने पर BSE सेंसेक्स 325.72 अंकों की बढ़त के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 भी 112.35 अंक चढ़कर 23,114.50 पर पहुंच गया।
सुबह बाजार ने मजबूत शुरुआत की थी। सेंसेक्स 74,800 के स्तर पर खुला और एक समय 600 अंक तक उछल गया, वहीं निफ्टी भी 23,200 के ऊपर पहुंचकर 200 अंकों तक मजबूत हुआ। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे बढ़त सिमटकर सीमित रह गई।
सेक्टोरल स्तर पर मिला-जुला रुख देखने को मिला। आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी रही, जहां टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टाटा स्टील में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक में 2.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ दबाव दिखा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में भी कमजोरी रही।
वैश्विक बाजार का असर भी देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जबकि सोना 4665 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया
वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी जारी रही और यह 86 पैसे गिरकर 93.75 के स्तर पर आ गया।

</description><guid>12195</guid><pubDate>2026-03-21 18:59:33 7:01:06 pm</pubDate></item><item><title> संतूर ने असली चंदन लेप वाली अगरबत्ती के साथ नई श्रेणी में रखा कदम </title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12186</link><description>संतूर ने असली चंदन लेप वाली अगरबत्ती के साथ नई श्रेणी में रखा कदम


रायपुर, मार्च 2025: विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के प्रमुख ब्रांड संतूर ने असली चंदन लेप से बनी संतूर अगरबत्ती के साथ अगरबत्ती श्रेणी में प्रवेश किया है। यह लॉन्च घर के वातावरण सेगमेंट में संतूर के विस्तार को दर्शाता है, जो चंदन-आधारित उत्पादों के साथ ब्रांड के पुराने जुड़ाव को आगे बढ़ाता है।


संतूर दशकों से अपने पर्सनल केयर पोर्टफोलियो में चंदन को शामिल करने के लिए जाना जाता है। इस लॉन्च के साथ, ब्रांड उस विरासत को अगरबत्ती में भी आगे बढ़ा रहा है। इसके फॉर्मूलेशन में मुख्य सामग्री के तौर पर असली चंदन लेप का इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक रूप से मंदिरों और घरों में प्रयोग होता आया है।


संतूर अगरबत्ती श्रेणी तीन प्रकारों में उपलब्ध हैचंदन लेप, चंदन और मोगरा, तथा चंदन और केसर | इन सभी प्रकार को असली चंदन लेप से तैयार किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को जानी-पहचानी, पारंपरिक और लंबे समय तक रहने वाली खुशबू का अनुभव मिलता रहे ।


संतूर अगरबत्ती के बारे में बात करते हुए उषासिस साहा, विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के जीएम बिजनेस डेवलपमेंट ने कहा, हमें असली चंदन लेप से बनी संतूर अगरबत्ती पेश करते हुए बेहद खुशी हो रही है। संतूर की हर अगरबत्ती हमारी परंपरा का प्रतीक हैइसे उसी शुद्ध चंदन लेप से बनाया गया है, जो सदियों से मंदिरों और घरों को अपनी गहरी और पवित्र सुगंध से भरता आ रहा है। 


संतूर अगरबत्ती स्थानीय किराना दुकानों पर 125/120 ग्राम के ज़िपयुक्त पैक और 20 ग्राम के पैक में उपलब्ध होगी, और पूरी श्रृंखला में कुल सात अलग-अलग उत्पाद रूप (एसकेयू) होंगे।


इस लॉन्च के साथ संतूर ने एक नई श्रेणी में प्रवेश करते हुए प्रामाणिकता और सामग्री-आधारित विशिष्टता पर अपने फोकस को और मजबूत किया है।</description><guid>12186</guid><pubDate>2026-03-19 15:58:59 4:00:07 pm</pubDate></item><item><title>अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने फैशन बिजनेस में भी रखा कदम</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12173</link><description>मुंबई ।अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने अब फैशन बिजनेस में भी बड़ा कदम रखा है। उन्होंने एक नया लाइफस्टाइल एक्सेसरी ब्रांड लॉन्च किया है, जिसका नाम 'मेजॉय' रखा गया है। यह ब्रांड उन्होंने एक्सीड एंटरटेनमेंट और मिंत्रा की बी2बी होलसेल कंपनी 'मिंत्रा जबोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' (एमजेआईपीएल) के साथ मिलकर तैयार किया है।
मेजॉय ब्रांड की शुरुआत एक बड़े कलेक्शन के साथ की गई है। इसके पहले कलेक्शन में 250 से ज्यादा अलग-अलग डिजाइन शामिल किए गए हैं। इस कलेक्शन में खास तौर पर दो तरह की एक्सेसरी पर ध्यान दिया गया है, पहला हैंडबैग और दूसरा लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी। हैंडबैग के कई स्टाइल इस कलेक्शन में देखने को मिलते हैं, जैसे क्रॉसबॉडी बैग, स्ट्रक्चर्ड शोल्डर बैग, बकेट बैग, टोट बैग, ऑफिस के लिए क्लासिक बैग, बैकपैक और क्लच।
इन बैग्स को अलग-अलग तरह के मटेरियल से बनाया गया है, जिनमें सिंथेटिक लेदर, ब्रेडेड डिजाइन, साटन, राइनस्टोन और मेटैलिक फिनिश जैसे मटीरियल शामिल है। हर बैग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह फैशनेबल भी लगे और रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी आरामदायक हो।
हैंडबैग के अलावा इस ब्रांड में लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी का भी खास कलेक्शन पेश किया गया है। इसमें रिंग, इयररिंग, पेंडेंट, ब्रेसलेट और टेनिस ब्रेसलेट जैसे कई डिजाइन शामिल हैं। इन ज्वेलरी पीस को सिल्वर, गोल्ड और रोज-गोल्ड टोन में तैयार किया गया है। इनका बेस 925 स्टर्लिंग सिल्वर से बनाया गया है, जो ज्वेलरी की क्वालिटी को बेहतर बनाता है। इसके साथ ही इन ज्वेलरी में इस्तेमाल किए गए डायमंड को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं आईजीआई और जीसीआई से प्रमाणित किया गया है।
मेजॉय सिर्फ एक फैशन ब्रांड नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक खास सोच भी है। इस ब्रांड का मुख्य संदेश है 'द जॉय ऑफ बीइंग मी', यानी अपने असली रूप में खुश रहना। ब्रांड तीन मुख्य सिद्धांतों पर काम करता है- असलीपन, आत्मविश्वास और आसानी से उपलब्ध होना। इसके लिए वह ऐसे डिजाइन पेश करना चाहता है जो स्टाइलिश और एस्पिरेशनल हों, लेकिन साथ ही इतने सुलभ हों कि लोग उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
ब्रांड के लॉन्च के मौके पर मलाइका अरोड़ा ने कहा, मेजॉय मेरा एक ऐसा सपना है जिसे मैंने लंबे समय से संजोकर रखा था। अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा यही कोशिश की है कि फैशन लोगों को आत्मविश्वास दे और उन्हें सहज महसूस कराए। 'द जॉय ऑफ बीइंग मी' खुद का जश्न है, ताकि हर महिला अपनी पहचान को गर्व के साथ स्वीकार करे और अपने स्टाइल के जरिए उसे दुनिया के सामने रखे। इस ब्रांड के जरिए मैं ग्लोबल फैशन ट्रेंड्स को आम महिलाओं तक पहुंचाना चाहती हूं, ताकि हर महिला रोजमर्रा की जिंदगी में भी थोड़ी-सी लग्जरी का अनुभव कर सके, चाहे वह एक खूबसूरत हैंडबैग हो या एक आकर्षक डायमंड ज्वेलरी पीस।
इस मौके पर एमजेआईपीएल के हाउस ऑफ ब्रांड्स के प्रमुख सुमन साहा ने भी मेजॉय को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा, 'यह ब्रांड मलाइका अरोड़ा के खास फैशन सेंस और मॉर्डन स्टाइल को लोगों तक पहुंचाने का एक शानदार प्रयास है। यह ऐसे ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो ट्रेंडी और स्टाइलिश एक्सेसरी पसंद करते हैं, लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे चीजें उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ भी मेल खाएं। इस ब्रांड के नए और आकर्षक डिजाइन ग्राहकों को जरूर पसंद आएंगे और यह ब्रांड फैशन एक्सेसरी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
</description><guid>12173</guid><pubDate>2026-03-14 17:14:23 5:17:04 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता एल्युमीनियम ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर अनुसंधान और सतत नवाचार को बढ़ावा दिया</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12160</link><description>800 से अधिक महिला पेशेवर कंपनी की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग कार्यबल को सशक्त बना रही हैं, जो नवाचार आधारित औद्योगिक विकास में भारत की प्रगति को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
रायपुर, फरवरी 2026: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर, वेदांता एल्युमीनियम  जो भारत का सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक है, ने कहा कि वह भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने बताया कि वह अपने काम में शोध-आधारित उत्पादन, डिजिटल नवाचार और इंजीनियरिंग-आधारित तकनीकों का उपयोग करती है। इस कंपनी में वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक एकीकृत टीम काम करती है, जिसमें धातु विज्ञान (मेटलर्जी), रसायन विज्ञान, प्रक्रिया इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और डिजिटल विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके साथ ही 800 से ज्यादा महिलाएँ भी मुख्य वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल और इंजीनियरिंग भूमिकाओं में काम कर रही हैं। ये महिलाएँ इस तकनीकी और वैज्ञानिक कामगारों की कुल टीम का लगभग 20% हिस्सा हैं। ये सब मिलकर भारत के बढ़ते हुए नवाचार माहौल में योगदान दे रहे हैं।
ये पेशेवर संसाधन-सक्षम शोधन, सामग्री विज्ञान, ऊर्जा अनुकूलन, टिकाऊ खनन तकनीक, औद्योगिक एआई और डिजिटल निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी प्रगति कर रहे हैं। कंपनी की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि उसने एक विशेष शोधन प्रक्रिया विकसित की है, जो बॉक्साइट के अपशिष्ट (रेड मड) को 30% तक कम करती है, एलुमिना की वसूली बढ़ाती है और टिकाऊ शोधन को मजबूत करती है।
कंपनी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीटीसीआरआई) के साथ एक अग्रणी शोध कार्यक्रम भी चला रही है, जिससे रेड मड को पौष्टिक भूमि के रूप में बदलकर भूमि बहाली और पारिस्थितिकी पुनरुद्धार में उपयोग किया जा सके। इसके अलावा कंपनी की डिजिटल परिवर्तन पहलें जिनमें एआई-सक्षम प्रक्रिया अनुकूलन, पूर्वानुमानित रख-रखाव, दूरस्थ संचालन और मशीन-लर्निंग-आधारित निगरानी शामिल हैं, इसके वैज्ञानिक कार्यों का केंद्र हैं। इन सब प्रयासों के केंद्र में वेदांता एल्युमीनियम की समर्पित अनुसंधान और विकास (अनुसंधान एवं विकास) प्रणाली है, जो कंपनी को अपने ग्राहकों, शैक्षणिक संस्थानों और शोध भागीदारों के साथ मिलकर नवीन और अनुकूलित उत्पाद व प्रक्रिया समाधान तैयार करने में सक्षम बनाती है।
इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम विज्ञान में महिलाएँ: कटैलाइजिंग विकसित भारत भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक भविष्य में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, वेदांता एल्युमीनियम ने विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को निरंतर बढ़ावा दिया है। आज महिलाएँ स्मेल्टर लाइनों का संचालन, लोकोमोटिव परिचालन, पावर प्लांट यूनिट्स का प्रबंधन, अग्निशमन दल, सुरक्षा टीमों, इंस्ट्रुमेंटेशन इकाइयों तथा प्रोसेस इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसी प्रमुख जिम्मेदारियों का नेतृत्व कर रही हैं। कंपनी का वर्ष 2030 तक 20% जेंडर विविधता हासिल करने का लक्ष्य इस दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये पहलें एक सक्षम, समावेशी और भविष्य उन्मुख वैज्ञानिक कार्यबल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जो भारत के विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।
राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम ने कहा, जैसे-जैसे भारत आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत की ओर आगे बढ़ रहा है, विज्ञान और प्रौद्योगिकी हमारी प्रगति की गति तय करेंगे। वेदांता एल्युमीनियम में हम नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक इंजीनियरिंग का उपयोग करते हुए अपने सभी संचालन में सतत विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। हमारी टीमों का उत्साह और विशेषज्ञता, जिनमें हमारे संयंत्रों में जटिल तकनीकी कार्यों का नेतृत्व कर रही महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी शामिल है, हमें मजबूत आधार प्रदान करती है और औद्योगिक परिदृश्य में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाती है।
जैसे-जैसे देश ज्ञान-आधारित औद्योगिक भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, वेदांता एल्युमीनियम अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और समावेशी प्रतिभा अवसरों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इन प्रयासों के माध्यम से कंपनी भारत की औद्योगिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।</description><guid>12160</guid><pubDate>2026-02-27 17:29:47 5:31:18 pm</pubDate></item><item><title>एशियन पेंट्स व्हेयर द हार्ट इज़ कर रहा है वापसी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12129</link><description>सीज़न 9 में पांच ख़ास सेलिब्रिटी होम टूर के साथ
रायपुर (वीएनएस)।भारत की अग्रणी पेंट और डेकॉर कंपनी एशियन पेंट्स अपने लोकप्रिय होम डेकॉर और स्टोरीटेलिंग सीरीज़, 'एशियन पेंट्स व्हेयर द हार्ट इज़' के 9वें सीज़न के साथ वापसी कर रही है। इस सीज़न में भारत की मशहूर हस्तियों के पांच घरों को दिखाया जाएगा, जिसमें सोनाक्षी सिन्हा-ज़हीर इकबाल, गौतम गंभीर, कीर्ति सुरेश-एंटनी थट्टिल, अर्चना पूरन सिंह-परमीत सेठी, और अमन व प्रिया गुप्ता शामिल हैं। हालांकि हर घर स्टाइल, बनावट और पर्सनैलिटी में अलग होता है, लेकिन हर घर में प्यार, सच्चाई और भावनात्मक लगाव ज़रूर देखने को मिलता है।


दर्शक ऐसी जगहों में प्रवेश करते हैं जो ऊर्जा और अपनेपन से भरपूर है, जहां उनमें रहने वाले लोगों के जीवन की झलक मिलती है। अर्चना और परमीत दर्शकों को मढ़ में स्थित अपने एंग्लो-स्पेनिश स्टाइल से इंस्पायर्ड घर में आमंत्रित करते हैं। यह घर समय के साथ-साथ परिवार के अपनेपन, भावनाओं और यादों के साथ धीरे-धीरे विकसित हुआ है।


कीर्ति और एंटनी का ऊर्जा से भरपूर कोच्चि अपार्टमेंट रंगों और भावनाओं के साथ उनके नैचुरल लगाव को दर्शाता है। सोनाक्षी और ज़हीर अपने पेंटहाउस 'सादा' के दरवाज़े जब खोलते हैं, तो एक ऐसा घर सामने होता है, जो कई तरह के भावों को समेटे हुए है। यहां जोशभरी बातें भी होती हैं और शांत, यादों से भरे कोने भी हैं।


</description><guid>12129</guid><pubDate>2026-02-03 12:04:47 12:10:13 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12125</link><description>वेदांता का मुनाफा तीसरी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 करोड़ रुपये


नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026। वेदांता लिमिटेड ने आज 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़कर 7,807 रुपये करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान कंपनी ने अब तक का रिकॉर्ड एबिट्डा 15,171 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एबिट्डा मार्जिन 629 बेसिस पॉइंट्स के विस्तार के साथ 41 प्रतिशत तक पहुंच गया। वेदांता ने अब तक का सर्वाधिक त्रैमासिक राजस्व 45,899 रुपये करोड़ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।


वेदांता का नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड 27 फीसदी पर रहा, इसमें सालाना 296 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई। वेदांता के डिमर्जर से जुड़े एनसीएलटी आदेश के बाद, क्रिसिल और इक्रा दोनों ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को एए स्तर पर बरकरार रखा है।


आयरन ओर के कारोबार ने 1.2 मिलियन टन का त्रैमासिक सीलेबल ओर उत्पादन दर्ज किया, जिसमें 3 फीसदी सालाना की बढ़ोतरी हुई। वहीं पिग आयरन का उत्पादन 6 फीसदी सालाना बढ़ोतरी के बाद 229 किलोटन पर पहुंचा। कॉपर कैथोड़ का उत्पादन सालाना बढ़कर 45 किलोटन पर पहुंच गया, यह पिछले सात सालों में अधिकतम त्रैमासिक उत्पादन रहा। फेरो क्रोम का उत्पादन 32 फीसदी सालाना की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के बाद 24 किलोटन पर पहुंचा। पावर व्यवसाय ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें बिक्री में सालाना आधार पर 61 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।


वेदांता ने तिमाही के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी को इसके प्रस्तावित डीमर्जर क लिए माननीय एनसीएलटी से अनुमोदन मिल गया है, जो दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।। वेदांता ने इनकैब इंडस्ट्रीज़ के अधिग्रहण के साथ कॉपर और एलुमिनियम में अपने डाउनस्ट्रीम फुटप्रिन्ट को मजबूत बना लिया है।


कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग 30 प्रतिशत का कुल शेयरधारक प्रतिफल दर्ज किया, जो निफ्टी से 5x और निफ्टी मेटल सूचकांक से 2.7x बेहतर रहा, क्योंकि शेयरों ने बार-बार अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ। इसके अलावा, वेदांता ग्रुप ने उच्च-मूल्य क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक हासिल किए, जिसके साथ कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 पर पहुंच गई है। कुल शेयरहोल्डर रिटर्न पिछले पांच सालों में 428 फीसदी रहा, जिससे कुल डिविडेंड यील्ड 73.5 फीसदी हो गई है।</description><guid>12125</guid><pubDate>2026-01-30 10:37:30 10:39:10 am</pubDate></item><item><title>एसबीआई लाइफ ने लॉन्च किया नया जीवन बीमा बचत प्लान- एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज, दीर्घकालिक वित्तीय भरोसे के लिए एक जीवन बीमा गारंटीड बचत योजना</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12124</link><description>एसबीआई लाइफ ने लॉन्च किया नया जीवन बीमा बचत प्लान- 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज', दीर्घकालिक वित्तीय भरोसे के लिए एक जीवन बीमा गारंटीड बचत योजना


'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' को जीवन के विभिन्न चरणों में वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सुनिश्चित, दीर्घकालिक बचत और सुरक्षा के साथ तैयार किया गया है


भारत, जनवरी 2026: आज की तेजी से बदलती दुनिया में, जहाँ जिम्मेदारियों के साथ-साथ उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, ऐसे में वित्तीय सुरक्षा अब सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें निश्चितता, मानसिक शांति और जीवन के हर चरण में अपनों की सुरक्षा की क्षमता भी शामिल है। इसी जरूरत को समझते हुए, भारत की सबसे भरोसेमंद निजी जीवन बीमा कंपनियों में से एक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' लॉन्च किया है। यह एक व्यक्तिगत, नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग जीवन बीमा बचत उत्पाद है, जो पॉलिसी अवधि के दौरान जीवन बीमा सुरक्षा के साथ-साथ दीर्घकालिक गारंटीड लाभ प्रदान करता है।


यह प्रोडक्ट जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों, जैसे बच्चों की शिक्षा, रिटायरमेंट प्लानिंग, फंड निर्माण, दूसरा आय स्रोत बनाना आदि के लिए आत्मविश्वास के साथ योजना बनाने में मदद करता है। 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' हर पॉलिसी वर्ष में सुनिश्चित गारंटीड एडिशन के साथ एक अनुशासित वित्तीय कोष बनाने में सक्षम बनाता है। यह योजना सीमित अवधि तक प्रीमियम भुगतान की सुविधा देते हुए, तय और सुनिश्चित परिपक्वता (मैच्योरिटी) लाभ प्रदान करती है, जिससे इसमें पूर्वानुमान और लचीलापन दोनों मिलते हैं।


एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज की प्रमुख विशेषताएँ:
* जीवन बीमा कवर के साथ दीर्घकालिक गारंटीड लाभ
* सीमित अवधि तक प्रीमियम भुगतान, जबकि पूरी पॉलिसी अवधि के लिए जीवन बीमा कवर
* आयकर अधिनियम, 1961 के लागू प्रावधानों के अनुसार कर लाभ
* मैच्योरिटी राशि किस्तों में प्राप्त करने का विकल्प, जिससे मैच्योरिटी के बाद तरलता और वित्तीय लचीलापन मिलता है


एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें:
https://www.sbilife.co.in/en/individual-life-insurance/traditional/smart-platina-advantage
दीर्घकालिक गारंटीड बचत समाधान के रूप में तैयार यह योजना उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच स्थिरता चाहते हैं और जीवन के हर चरण में वित्तीय रूप से तैयार रहना चाहते हैं। गारंटीड बचत को जीवन बीमा सुरक्षा के साथ जोड़कर, यह उत्पाद लोगों को अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के प्रति अनुशासित और भरोसेमंद तरीके से जुड़े रहने में मदद करता है।


इस नए प्रॉडक्ट के लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रेसिडेंट एवं चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर, श्री एम. आनंद ने कहा, वर्तमान अनिश्चित समय में उपभोक्ता ऐसे समाधानों की तलाश कर रहे हैं, जो निश्चितता, अनुशासन और भरोसेमंद परिणाम प्रदान करें। 'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' को इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें जीवन सुरक्षा के साथ गारंटीड लाभ दिए जाते हैं, जिन पर ग्राहक बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग भरोसा कर सकते हैं। जैसे-जैसे फाइनेंशियल प्लानिंग का दायरा बढ़ रहा है, हमारा उद्देश्य यही है कि लोग लंबे समय तक सुरक्षित गारंटी वाले फायदों के साथ अपने सपनों को पूरा कर सकें। यह इंश्योरेंस सॉल्यूशन लोगों को सीमित समय के लिए प्रीमियम का पेमेंट करते हुए गारंटी वाले फायदों के साथ अपने वादों को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने में मदद करता है। यह एसबीआई लाइफ के देश भर में लोगों और परिवारों में पारदर्शी, निश्चितता वाले इंश्योरेंस सॉल्यूशन के ज़रिए फाइनेंशियल मजबूती बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


'एसबीआई लाइफ- स्मार्ट प्लेटिना एडवांटेज' उन लोगों के लिए आदर्श है, जो दीर्घकालिक वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए एक संरचित बचत योजना चाहते हैं, साथ ही अपने और अपने प्रियजनों के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित करना चाहते हैं। सेटलमेंट विकल्पों और वैकल्पिक राइडर्स जैसी सुविधाओं के साथ, यह योजना बदलती वित्तीय जरूरतों के अनुसार लचीलापन देती है और लंबे समय में गारंटीड मूल्य प्रदान करती है।
इस लॉन्च के साथ, एसबीआई लाइफ अपने 'अपने लिए, अपनों के लिए' के वादे को और मजबूत करता है और ग्राहकों को मानसिक शांति, गारंटीड बचत और आजीवन सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को दोहराता है।</description><guid>12124</guid><pubDate>2026-01-29 18:32:15 6:35:37 pm</pubDate></item><item><title>भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी: 2026 रैंकिंग में 5 पायदान ऊपर, 55 देशों में वीजा-फ्री एंट्री</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12111</link><description>भारतीयपासपोर्ट की वैश्विक ताकत में सुधार हुआ है। हेनली एंड पार्टनर्स की पासपोर्ट इंडेक्स 2026 रैंकिंग में भारत 5 स्थान की छलांग लगाकर 85वें से 80वें नंबर पर पहुंच गया है। नई रैंकिंग के मुताबिक भारतीय नागरिक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं।

पिछले साल 2025 में भारत की रैंक 85 थी, जबकि 2024 में भी भारत 80वें स्थान पर था। यानी 2025 में गिरावट के बाद 2026 में फिर से सुधार देखने को मिला है, हालांकि वीजा-फ्री यात्रा वाले देशों की संख्या में 2 की कमी आई है।
पाकिस्तानी और बांग्लादेशी पासपोर्ट सबसे कमजोर में शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी पासपोर्ट दुनिया का 5वां सबसे कमजोर पासपोर्ट है। पाकिस्तान की नई रैंकिंग 98वीं है, जबकि 2025 में उसकी रैंक 103 थी। पाकिस्तानी नागरिक फिलहाल 31 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।
वहीं बांग्लादेशी पासपोर्ट 95वें स्थान पर है और इसे दुनिया का 8वां सबसे कमजोर पासपोर्ट माना गया है।

सिंगापुर का दबदबा बरकरार
सिंगापुर लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है। सिंगापुरी नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिक 188 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं। डेनमार्क, लक्समबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड 186 देशों में वीजा-फ्री पहुंच के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

अफगानिस्तान सबसे नीचे
अफगानिस्तान का पासपोर्ट एक बार फिर दुनिया का सबसे कमजोर साबित हुआ है। यह 101वें स्थान पर है और सूची में सबसे नीचे बना हुआ है।

कैसे तय होती है पासपोर्ट रैंकिंग
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स साल में दो बारजनवरी और जुलाईजारी किया जाता है। रैंकिंग इस आधार पर तय होती है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा यात्रा कर सकता है। इसमें वीजा-फ्री और वीजा-ऑन-अराइवल दोनों को शामिल किया जाता है। पूरे साल वीजा नीतियों में बदलाव के आधार पर डेटा अपडेट होता रहता है।

क्या होता है पासपोर्ट
पासपोर्ट किसी देश की सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता को प्रमाणित करता है। यह विदेश यात्रा के लिए एक वैध पहचान पत्र माना जाता है।

हर साल 2 लाख लोग छोड़ रहे भारतीय नागरिकता
इधर, भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विदेश मंत्रालय ने संसद को बताया कि पिछले 5 सालों में करीब 9 लाख भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी है।

राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 2011 से 2024 के बीच लगभग 21 लाख भारतीयों ने विदेशी नागरिकता अपनाई है। सरकार के मुताबिक 2021 के बाद इस संख्या में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।</description><guid>12111</guid><pubDate>2026-01-15 18:38:44 6:39:54 pm</pubDate></item><item><title>ट्रंप की टैरिफ धमकी से सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12110</link><description>मुंबई ।शेयर बाजार ने मंगलवार को शुरुआत में तेज उछाल दिखाया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकी के बाद अचानक सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखी गई। बीएसई का सेंसेक्स सुबह करीब 84,258 तक पहुंचा, लेकिन झटके में 250 अंक से ज्यादा गिरकर 83,616 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 25,897 पर खुलने के बाद 25,709 तक फिसल गया।

ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक व्यापार और निवेश माहौल में दबाव बढ़ा है। भारत ईरान से तेल का आयात 2019 से बंद कर चुका है, लेकिन चावल, चाय, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर और इलेक्ट्रॉनिक मशीनरी जैसी चीजों का आयात-निर्यात अभी भी हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिका 25% टैरिफ लागू करता है, तो भारत पर पहले से लागू 50% टैरिफ बढ़कर 75% तक जा सकता है, जिससे बाजार में नकारात्मक असर पड़ा।


इस गिरावट का असर प्रमुख लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला। लार्जकैप में LT (2.30%), HCL Tech (2.10%), Bharti Airtel (1.50%), मिडकैप में Glenmark (3.10%), Dixon Tech (2.20%), Godrej Properties (2.05%), AU Bank (2%) और स्मॉलकैप में Lotus Chocolate (8%), Jubilant Agri (5.50%) तथा NEC Life (5%) के शेयर फिसलकर ट्रेड कर रहे थे।</description><guid>12110</guid><pubDate>2026-01-15 18:35:36 6:37:04 pm</pubDate></item><item><title>शेयर बाजार सपाट शुरुआत के साथ खुला</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12109</link><description>मुंबई ।भारतीय शेयर बाजार बुधवार को सपाट शुरुआत के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सुबह 9:19 बजे बीएसई सेंसेक्स 68.79 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,558.90 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी 39.15 अंक या 0.15 प्रतिशत फिसलकर 25,694.20 पर पहुंच गया।
शुरुआती सत्र में बाजार को सहारा मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों से मिल रहा है।
निफ्टी मेटल 0.65 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.54 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.51 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.38 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.36 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं रियल्टी, आईटी और ऑटो सेक्टर में दबाव देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी 0.50 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.33 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.17 प्रतिशत और निफ्टी कंजम्प्शन 0.14 प्रतिशत की गिरावट में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 8 अंक की हल्की गिरावट के साथ 59,590 पर जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 84.10 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटकर 17,379 पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, एनटीपीसी, बीईएल, इन्फोसिस, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, टाइटन और आईटीसी बढ़त में थे, जबकि टीसीएस, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा और एचयूएल गिरावट में रहे।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में तेजी का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
कमोडिटी बाजार में मेटल की मजबूती देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.80 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,635.74 डॉलर प्रति औंस और चांदी 5.21 प्रतिशत उछलकर 90.81 डॉलर प्रति औंस के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। वहीं कच्चे तेल में कमजोरी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।</description><guid>12109</guid><pubDate>2026-01-15 18:32:09 6:33:43 pm</pubDate></item><item><title>सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, चांदी 4 हजार और सोना 900 रुपये सस्ता</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12090</link><description>नई दिल्ली -कई दिनों की तेजी के बाद आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट से निवेशकों और आम खरीदारों को कुछ राहत मिली है। चांदी के दाम में करीब 4 हजार रुपये प्रति किलो की कमी आई है, वहीं सोना भी लगभग 900 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।
सुबह करीब 10:30 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 2,55,045 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। इसमें 3,766 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखी गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,54,070 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर (लो) और 2,59,692 रुपये प्रति किलो का ऊपरी स्तर (हाई) छुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजार में कमजोरी और मुनाफावसूली के चलते चांदी पर दबाव बना हुआ है।
वहीं सोने की बात करें तो MCX पर 10 ग्राम सोना 1,38,238 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। इसमें करीब 845 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। सोने ने आज के कारोबार में 1,38,027 रुपये का लो और 1,39,140 रुपये का हाई स्तर बनाया।




बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।</description><guid>12090</guid><pubDate>2026-01-07 18:17:12 6:19:32 pm</pubDate></item><item><title>शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, गिफ्ट निफ्टी 72 अंक फिसला</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12089</link><description>नई दिल्ली -आज बुधवार को शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) सुबह करीब 7:30 बजे 72 अंक यानी 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 26,207.50 पर कारोबार करता दिखा। बेंचमार्क सूचकांक अपने रिकॉर्ड हाई के आसपास बने हुए हैं, ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते नजर आ सकते हैं। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत, भू-राजनीतिक चिंताएं और बड़े शेयरों में लगातार हो रही मुनाफावसूली के कारण आज बाजार में वेट एंड वॉच की रणनीति देखने को मिल सकती है।
आज कुछ चुनिंदा शेयरों में हलचल रहने की संभावना है। तिमाही नतीजों की बात करें तो गैलेक्सी एग्रीको एक्सपोर्ट्स, महेश डेवलपर्स, प्रीमियर एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और सिद्धेश्वरी गारमेंट्स आज अपने नतीजे जारी करेंगे, जिससे इन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।टाइटन कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इसके घरेलू कारोबार में 38 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 79 फीसदी की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। वहीं जूबिलेंट फूडवर्क्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 13.4 फीसदी बढ़कर 2,438.7 करोड़ रुपये पहुंच गया है। कंपनी ने तिमाही के दौरान 75 नए स्टोर भी खोले।

उधर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने संकेत दिए हैं कि देश में मांग की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। कंपनी को आने वाली तिमाहियों में महंगाई में नरमी और कम जीएसटी दरों से खपत में सुधार की उम्मीद है। कुल मिलाकर आज बाजार में चुनिंदा शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।







</description><guid>12089</guid><pubDate>2026-01-07 18:05:59 6:09:35 pm</pubDate></item><item><title>रुनाया और इकार्ट के संयुक्त उपक्रम ने गैस-एटोमाइज़्ड एल्युमीनियम पाउडर के लिए भारत की पहली इकाई की शुरुआत की</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12071</link><description>रायपुर, जनवरी 2026: सर्कुलर इकोनॉमी और वेस्ट-टू-वेल्थ (कचरे से मूल्य) से जुड़ी उन्नत तकनीकी समाधान देने वाली कंपनी रुनाया मेटसोर्स (रुनाया) और जर्मनी मुख्यालय वाली एल्युमीनियम ग्रैन्यूल्स व इफेक्ट पिगमेंट्स की वैश्विक अग्रणी कंपनी एकार्ट ने ओडिशा के झारसुगुड़ा में अपने संयुक्त उद्यम की इकाई रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर प्राइवेट लिमिटेड (आरईएल) के निर्माण की घोषणा की है।
रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर का यह संयंत्र पर्यावरण के अनुकूल, गोल आकार वाले, विशेष तकनीक से बनाए गए एल्युमीनियम पाउडर का निर्माण करेगा। यह भारत में पहली बार किया जा रहा है। इन पाउडरों का उपयोग हवाई यातायात, अंतरिक्ष अन्वेषण, अंतरिक्ष यान निर्माण, सौर ऊर्जा तकनीक, रासायनिक उत्प्रेरक उद्योग और सजावटी रंगद्रव्यों जैसे उन्नत क्षेत्रों में किया जाएगा। सजावटी रंगद्रव्य ऐसे विशेष रंग होते हैं, जो चमक, झिलमिलाहट और रंग बदलने जैसे दृश्य प्रभाव पैदा करते हैं। इनका उपयोग विभिन्न उद्योगों में उत्पादों को अधिक आकर्षक और सुंदर बनाने के लिए किया जाता है। यह संयंत्र भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब तक ऐसे बारीक और गोल एल्युमीनियम पाउडर पूरी तरह विदेशों से मंगाए जाते थे।
इस संयंत्र का मुख्य आधार एक उच्च सटीकता वाली एटोमाइजेशन प्रक्रिया है, जिसमें पिघले हुए एल्युमीनियम को निष्क्रिय वातावरण में, अधिक तापमान और दबाव पर सूक्ष्म कणों में बदला जाता है। इससे एक समान और बहुत बारीक पाउडर तैयार होता है, जिसका औसत कण आकार लगभग 15 माइक्रोन होता है। इस पाउडर को ग्राहकों की विशेष जरूरतों के अनुसार आगे भी तैयार किया जा सकता है। रुनाया एकार्ट एल्युमीनियम पाउडर संयंत्र में विशेष मिश्र धातु वाले पाउडर भी बनाए जाएंगे, ताकि निर्माण क्षेत्र में उभर रहे उन्नत और उच्च तकनीक वाले उपयोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इन पाउडरों की गोल संरचना उन्हें कई महत्वपूर्ण उद्योगों में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाती है। इनका उपयोग पेंट और परत चढ़ाने वाले पदार्थों, वाहन उद्योग और विमान निर्माण प्रणालियों में किया जाता है। इसके अलावा, इन पाउडरों का उपयोग सिलिकॉन से बनी सौर कोशिकाओं पर लगाए जाने वाले सौर पेस्ट में भी होता है, जिससे पिछली सतह की मजबूती बढ़ती है और विद्युत प्रवाह क्षमता में सुधार होता है। इन पाउडरों का रासायनिक अभिक्रिया को तेज करने वाले पदार्थों, अत्यधिक ताप सहने वाली सामग्रियों और टाइटेनियम डाइऑक्साइड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण उपयोग होता है।
इकार्ट, जो सजावटी रंगद्रव्यों के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी और बाजार में अग्रस्थान पर है, दुनिया के सबसे गुणवत्ता-सचेत ग्राहकों को उन्नत उपयोगों के लिए एल्युमीनियम पाउडर उपलब्ध कराता है। इसके रंगद्रव्यों का उपयोग दुनिया भर की प्रमुख पेंट और परत चढ़ाने वाली कंपनियां व्यापक रूप से करती हैं। यह संयुक्त उपक्रम इकार्ट की गहरी विशेषज्ञता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व को रुनाया की नवाचार-आधारित, पुनर्चक्रण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित निर्माण क्षमताओं के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य भारत में विश्व-स्तरीय, कम कार्बन उत्सर्जन वाला और उच्च मूल्य वाली सामग्रियों का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
रुनाया के प्रबंध निदेशक नैवेद्य अग्रवाल ने कहा, यह संयुक्त उपक्रम उन्नत एल्युमीनियम पाउडर के देश में ही निर्माण को संभव बनाकर भारत की उच्च मूल्य वाले तैयार उत्पाद बनाने की क्षमता को मजबूत करता है। ये सामग्री अंतिम उत्पादों की गुणवत्ता, कार्यकुशलता और सुंदरता को काफी बेहतर बनाएंगी, साथ ही उनके अंतिम उपयोगों के प्रदर्शन और भरोसेमंदता में भी सुधार करेंगी। केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने से आगे बढ़कर, यह संयंत्र भारत के साधारण धातु आपूर्ति से आगे बढ़कर अभियांत्रिक सामग्रियों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अधिक उन्नत और मूल्य-आधारित उद्योगों को समर्थन देता है।
इकार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. क्रिश्चियन प्रिज़िबायला ने कहा रुनाया के साथ हमारी यह साझेदारी तकनीक, सतत विकास और नवाचार का एक सशक्त संगम है। यह सहयोग हमें दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक में प्रवेश दिलाता है, साथ ही कार्बन तटस्थता के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी और मजबूत करता है। हम इस साझेदारी को और गहराई देने तथा आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
पहले जो एल्युमीनियम पाउडर विदेशों से मंगाए जाते थे, उनके अब देश में उपलब्ध होने से भारतीय निर्माताओं को विश्वसनीय, उच्च गुणवत्ता वाली और लागत के लिहाज़ से किफायती आपूर्ति मिल सकेगी। इससे आयात पर निर्भरता में बड़ी कमी आएगी, आपूर्ति में लगने वाला समय कम होगा, और कई रणनीतिक उद्योगों के लिए आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और बढ़ेगी।</description><guid>12071</guid><pubDate>2026-01-06 16:44:36 4:47:20 pm</pubDate></item><item><title> एनएसई एनुअल हाइलाइट्स 2025: मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपए के पार, पूँजी निर्माण में भी बड़ा उछाल</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12067</link><description>मुंबई, दिसंबर 2025: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने वर्ष 2025 के अपने सालाना आँकड़ें जारी किए हैं। 19 दिसंबर, 2025 तक के आँकड़ों के मुताबिक, दुनिया में चल रही आर्थिक उठा-पटक के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में उत्कृष्ट मजबूती देखने को मिली। इक्विटी बाजार, पूँजी निर्माण और निवेशकों की भागीदारी, तीनों ही मोर्चों पर बढ़त देखने को मिली।


मार्केट की स्थिति और मार्केट कैपिटलाइजेशन
	निफ्टी 50 इंडेक्स वर्ष 2025 में बढ़कर 23,645 से 25,966 पर पहुँच गया, यानि करीब 9.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
	एनएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 439 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो करीब 6.8 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
	मार्केट कैप और जीडीपी का अनुपात 136 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा।


पूँजी निर्माण और प्राइमरी मार्केट की स्थिति


	इक्विटी, डेट और बिज़नेस ट्रस्ट के ज़रिए कुल 19.17 लाख करोड़ रुपए का फंड जुटाया गया, जो कि वर्ष 2024 के 17.89 लाख करोड़ रुपए से करीब 7 फीसदी ज्यादा रहा।
	इक्विटी से कुल 4.12 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि डेट के ज़रिए 14.72 लाख करोड़ रुपए आए। डेट निर्माण में करीब 10 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
	वर्ष 2025 में 101 मेनबोर्ड आईपीओ के ज़रिए 1.71 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। वहीं, 112 एसएमई आईपीओ से 5,589 करोड़ रुपए का फंड आया।
	मेनबोर्ड आईपीओ के मामले में महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और कर्नाटक सबसे आगे रहे।


सेकेंडरी मार्केट और वैश्विक पहचान


	इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में एनएसई दुनिया में नंबर एक पर रहा। दुनिया भर में होने वाले कुल कॉन्ट्रैक्ट्स में इसकी हिस्सेदारी 53.2 फीसदी रही।
	नई लिस्टिंग के मामले में एनएसई ने दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें 16.2 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी रही।
	कॉर्पोरेट बॉन्ड ट्रेडिंग में भी तेजी देखने को मिली। ओटीसी और आरएफक्यू सेगमेंट में कारोबार बढ़ा, खासतौर पर आरएफक्यू टर्नओवर में सालाना 52.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


निवेशकों की भागीदारी और घरेलू संपत्ति में बढ़त
	वर्ष 2025 तक देश में रजिस्टर्ड निवेशकों की कुल संख्या बढ़कर 12.4 करोड़ पहुँच गई। सिर्फ इसी वर्ष में 1.5 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं।
	निवेशकों का आधार सालाना 13.9 फीसदी बढ़ा। इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सबसे ज्यादा भागीदारी देखने को मिली।
	अप्रैल 2020 से अब तक भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संपत्ति में करीब 53 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लंबे समय में संपत्ति बनाने में पूँजी बाजार की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।


एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (एनएसई आईएक्स)


	वर्ष 2025 में एनएसई आईएक्स ने पहली बार 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के नोटेशनल टर्नओवर का आँकड़ा पार किया और यह 1,106 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच गया।
	गिफ्ट निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स में वर्ष भर में कुल 2.25 करोड़ से ज्यादा ट्रेड हुए, जिनका कुल टर्नओवर करीब 1.1 ट्रिलियन यूएस डॉलर रहा।
	शुरुआत से अब तक गिफ्ट निफ्टी का कुल टर्नओवर 2.53 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच चुका है।</description><guid>12067</guid><pubDate>2026-01-05 17:15:26 5:17:50 pm</pubDate></item><item><title> एनएसई एनुअल हाइलाइट्स 2025: मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपए के पार, पूँजी निर्माण में भी बड़ा उछाल</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12028</link><description>मुंबई, दिसंबर 2025: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने वर्ष 2025 के अपने सालाना आँकड़ें जारी किए हैं। 19 दिसंबर, 2025 तक के आँकड़ों के मुताबिक, दुनिया में चल रही आर्थिक उठा-पटक के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में उत्कृष्ट मजबूती देखने को मिली। इक्विटी बाजार, पूँजी निर्माण और निवेशकों की भागीदारी, तीनों ही मोर्चों पर बढ़त देखने को मिली।


मार्केट की स्थिति और मार्केट कैपिटलाइजेशन
	निफ्टी 50 इंडेक्स वर्ष 2025 में बढ़कर 23,645 से 25,966 पर पहुँच गया, यानि करीब 9.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
	एनएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 439 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो करीब 6.8 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
	मार्केट कैप और जीडीपी का अनुपात 136 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा।


पूँजी निर्माण और प्राइमरी मार्केट की स्थिति


	इक्विटी, डेट और बिज़नेस ट्रस्ट के ज़रिए कुल 19.17 लाख करोड़ रुपए का फंड जुटाया गया, जो कि वर्ष 2024 के 17.89 लाख करोड़ रुपए से करीब 7 फीसदी ज्यादा रहा।
	इक्विटी से कुल 4.12 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि डेट के ज़रिए 14.72 लाख करोड़ रुपए आए। डेट निर्माण में करीब 10 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
	वर्ष 2025 में 101 मेनबोर्ड आईपीओ के ज़रिए 1.71 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। वहीं, 112 एसएमई आईपीओ से 5,589 करोड़ रुपए का फंड आया।
	मेनबोर्ड आईपीओ के मामले में महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और कर्नाटक सबसे आगे रहे।


सेकेंडरी मार्केट और वैश्विक पहचान


	इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में एनएसई दुनिया में नंबर एक पर रहा। दुनिया भर में होने वाले कुल कॉन्ट्रैक्ट्स में इसकी हिस्सेदारी 53.2 फीसदी रही।
	नई लिस्टिंग के मामले में एनएसई ने दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें 16.2 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी रही।
	कॉर्पोरेट बॉन्ड ट्रेडिंग में भी तेजी देखने को मिली। ओटीसी और आरएफक्यू सेगमेंट में कारोबार बढ़ा, खासतौर पर आरएफक्यू टर्नओवर में सालाना 52.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


निवेशकों की भागीदारी और घरेलू संपत्ति में बढ़त
	वर्ष 2025 तक देश में रजिस्टर्ड निवेशकों की कुल संख्या बढ़कर 12.4 करोड़ पहुँच गई। सिर्फ इसी वर्ष में 1.5 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं।
	निवेशकों का आधार सालाना 13.9 फीसदी बढ़ा। इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सबसे ज्यादा भागीदारी देखने को मिली।
	अप्रैल 2020 से अब तक भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संपत्ति में करीब 53 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लंबे समय में संपत्ति बनाने में पूँजी बाजार की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।


एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (एनएसई आईएक्स)


	वर्ष 2025 में एनएसई आईएक्स ने पहली बार 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के नोटेशनल टर्नओवर का आँकड़ा पार किया और यह 1,106 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच गया।
	गिफ्ट निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स में वर्ष भर में कुल 2.25 करोड़ से ज्यादा ट्रेड हुए, जिनका कुल टर्नओवर करीब 1.1 ट्रिलियन यूएस डॉलर रहा।
	शुरुआत से अब तक गिफ्ट निफ्टी का कुल टर्नओवर 2.53 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच चुका है।</description><guid>12028</guid><pubDate>2026-01-03 16:33:28 4:36:31 pm</pubDate></item><item><title> एक योजना, दो फायदे: एसबीआई लाइफ के साथ सुरक्षा और गारंटीड बचत- न्यू स्मार्ट समृद्धि</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=12001</link><description>जैसे-जैसे पैसे की जिम्मेदारियाँ बढ़ती हैं और भविष्य को लेकर अनिश्चितता रहती है, लोग ऐसी योजनाएँ चाहते हैं, जो सुरक्षा के साथ-साथ बचत भी दें। भविष्य की योजना आत्मविश्वास और मानसिक शांति के साथ करने के लिए एक सरल और भरोसेमंद बीमा योजना जरूरी होती है, जो बचत बढ़ाने के साथ आर्थिक सुरक्षा भी दे।
एसबीआई लाइफ की न्यू स्मार्ट समृद्धि एक व्यक्तिगत, नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग जीवन बीमा बचत योजना है, जो सुनिश्चित लाभ देती है और लक्ष्य आधारित, अनुशासित बचत को बढ़ावा देती है। इसका उद्देश्य संतुलित वित्तीय योजना की जरूरत को पूरा करना है, यानि बचत को धीरे-धीरे बढ़ाना और साथ ही भरोसेमंद सुरक्षा देना।
मुख्य लाभ:

गारंटीड बचत: छोटी और लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए नियमित रूप से बचत करना
भरोसेमंद सुरक्षा: लाइफ कवर, जिससे अनहोनी की स्थिति में परिवार की आर्थिक सुरक्षा रहती है
दोहरा फायदा: एक ही योजना में सुरक्षा और बचत दोनों को जोड़ता है, जिससे वित्तीय योजना आसान होती है
मानसिक शांति: गारंटीड रिटर्न मिलता है, जिससे आत्मविश्वास के साथ प्लान बनाने में मदद होती है
मुख्य विशेषताएँ और फायदे:
गारंटीड एडिशन: हर साल कुल जमा प्रीमियम पर 5.5 प्रतिशत या 6 प्रतिशत की सरल दर से जुड़ते हैं, जो वार्षिक प्रीमियम1 पर निर्भर करता है
सुनिश्चित मैच्योरिटी लाभ: उम्र, वार्षिक प्रीमियम1 और प्रीमियम भुगतान अवधि के आधार पर कुल वार्षिक प्रीमियम का 133 प्रतिशत से 214 प्रतिशत तक देता है
मेडिकल जाँच की जरूरत नहीं: कम से कम दस्तावेजों के साथ बिना किसी परेशानी के नामांकन
फ्लेक्सिबल प्रीमियम पेमेंट और पॉलिसी की शर्तें: 6, 7 या 10 साल की प्रीमियम भुगतान अवधि और उसके अनुसार 12, 15 या 20 साल की पॉलिसी अवधि
पूरी पॉलिसी अवधि में जीवन कवर: पॉलिसी अवधि के दौरान किसी भी समय बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिवार को वित्तीय सुरक्षा देता है
कर लाभ: वर्तमान आयकर कानूनों के अनुसार लागू
1: वार्षिक प्रीमियम का मतलब है एक साल में देय प्रीमियम राशि, जिसमें टैक्स, राइडर प्रीमियम, अंडरराइटिंग से जुड़े अतिरिक्त प्रीमियम और किस्तों से जुड़े अतिरिक्त शुल्क शामिल नहीं होते।
बच्चों की शिक्षा की योजना बनाने वाले परिवारों के लिए, गारंटीड एडिशन और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि भविष्य के खर्चों को लेकर स्पष्टता देती है। लंबे समय की वित्तीय योजना में यह सुनिश्चित लाभ एक ऐसा सुरक्षा कवच बनाते हैं, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से अलग रहते हुए धीरे-धीरे बढ़ता है। कमाने वाले युवाओ के लिए कम समय में प्रीमियम भुगतान के विकल्प, जल्दी अनुशासित बचत की आदत बनाने में मदद करते हैं।

एसबीआई लाइफ हमेशा से लोगों को अपने सपनों को पूरा करने और परिवार की आकांक्षाओं को सुरक्षित रखने में सक्षम बनाता आया है। एसबीआई लाइफ-न्यू स्मार्ट समृद्धि इसी सोच को आगे बढ़ाती है, जहाँ गारंटीड रिटर्न, फ्लेक्सिबल भुगतान विकल्प और आसान नामांकन के साथ सुरक्षा पहले से ही शामिल है। यह एक भविष्य-तैयार बचत समाधान है, जो जीवन के हर चरण में सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसे के साथ संपत्ति बनाने में मदद करता है।</description><guid>12001</guid><pubDate>2025-12-26 16:34:03 4:35:36 pm</pubDate></item><item><title> हाइपरसर्विस के विस्तार के साथ ओला इलेक्ट्रिक ने लॉन्च किए हाइपरसर्विस सेंटर्स; एक ही दिन में सर्विस की गारंटी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11993</link><description>हाइपरसर्विस के विस्तार के साथ ओला इलेक्ट्रिक ने लॉन्च किए हाइपरसर्विस सेंटर्स; एक ही दिन में सर्विस की गारंटी
या
ओला इलेक्ट्रिक ने किया हाइपरसर्विस का विस्तार; एक ही दिन में सर्विस की गारंटी के साथ हाइपरसर्विस सेंटर्स की शुरुआत


दिल्ली, दिसंबर 2025: ओला ने अपनी हाइपरसर्विस पहल को आगे बढ़ाते हुए, डेडिकेटेड हाइपरसर्विस सेंटर्स की शुरुआत की है। इन सेंटर्स के माध्यम से योग्य ग्राहकों को एक ही दिन में, यानि उसी दिन सर्विस की गारंटी दी जाएगी, वह भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के। इस पहल के तहत ओला अपने मौजूदा सर्विस सेंटर्स को धीरे-धीरे हाइपरसर्विस सेंटर्स में बदलेगा, जिसकी शुरुआत बेंगलुरु से हुई है। पहला हाइपरसर्विस सेंटर अब बेंगलुरु के इंदिरानगर में शुरू हो चुका है।


हाइपरसर्विस सेंटर का उद्देश्य व्हीकल की सर्विस को आसान और तेज़ बनाना है। अब ग्राहक अपने व्हीकल की सर्विस एक ही दिन में करवा सकते हैं, वह भी बिना कोई अतिरिक्त पैसा दिए। पूरी सर्विस प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे ग्राहकों को हर कदम पर स्पष्ट जानकारी और पारदर्शिता मिलेगी।


ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा , चल रहे सर्विस अपग्रेड के तहत हम सर्विस के पूरे अनुभव पर नए सिरे से विचार कर रहे हैं। ओला व्हीकल का मालिकाना अनुभव सिर्फ गाड़ी तक सीमित नहीं है, सर्विस भी उसका अहम् हिस्सा है और इसमें भी उतना ही इनोवेशन होना चाहिए, जितना प्रोडक्ट में होता है। हाइपरसर्विस सेंटर्स के माध्यम से हम एक नया मानक स्थापित कर रहे हैं। यहाँ ग्राहकों को एक ही दिन में सर्विस की गारंटी मिलेगी, वह भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के। इसका उद्देश्य तकनीक, बेहतर प्रक्रियाओं और बड़े स्तर पर काम करके ग्राहकों की परेशानी कम करना और हर ओला ग्राहक को तेज़, आसान और पूरी तरह पारदर्शी सर्विस देना है।


हाइपरसर्विस सेंटर्स में ग्राहकों के लिए अलग से कस्टमर लाउंज, मुफ्त वाई-फाई और चेक-इन से लेकर व्हीकल की डिलीवरी तक के सर्विस के हर चरण की रियल-टाइम डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी। इससे सर्विस में तेजी, स्पष्ट समझ और भरोसा बना रहेगा।


बेंगलुरु में शुरुआत के बाद, ओला आने वाले हफ्तों में देशभर के चुनिंदा सर्विस सेंटर्स को तेजी से हाइपरसर्विस सेंटर्स में बदलेगा। यह विस्तार ओला के उस फोकस को दिखाता है, जिसमें तकनीक, बड़े स्तर पर काम और ग्राहक-केन्द्रित सोच के ज़रिए ईवी ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव देना और सर्विस की रफ्तार व भरोसेमंद मानकों को नए स्तर पर ले जाना शामिल है।


कंपनी ने हाल ही में घोषणा की है कि वह हाइपरसर्विस का एक ओपन प्लेटफॉर्म के रूप में भी विस्तार करेगा। इसके तहत ओला के असली स्पेयर पार्ट्स, डायग्नोस्टिक टूल्स और सर्विस ट्रेनिंग मॉड्यूल्स अब सिर्फ ओला ग्राहकों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि देशभर के इंडिपेंडेंट गैरेज, मैकेनिक और फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए भी उपलब्ध होंगे। इस पहल के तहत ओला के स्पेयर पार्ट्स सीधे ओला इलेक्ट्रिक कस्टमर ऐप और वेबसाइट के जरिए खरीदे जा सकेंगे, जिससे हर ग्राहक और गैराज को बिना किसी बिचौलिए के उच्च गुणवत्ता वाले, प्रमाणित पार्ट्स आसानी से मिल सकेंगे।


इसके अलावा, कंपनी ने अपने इन-ऐप सर्विस अपॉइंटमेंट फीचर को भी देशभर में शुरू करने की घोषणा की है। यह फीचर ग्राहकों को ज्यादा सहूलियत और आसान पहुँच देने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए यूज़र्स अपनी पसंद का सर्विस स्लॉट चुन सकते हैं, सर्विस की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं और सर्विस से जुड़ी सभी जरूरतों को सीधे ओला इलेक्ट्रिक ऐप पर ही मैनेज कर सकते हैं। पूरी सर्विस प्रक्रिया को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर, ओला ने पारंपरिक सर्विस बुकिंग में होने वाली झंझट को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।</description><guid>11993</guid><pubDate>2025-12-25 10:55:22 10:56:24 am</pubDate></item><item><title> लांजीगढ़ से एल्युमिना उत्पादन को मिली नई रफ्तार</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11980</link><description>लांजीगढ़ से एल्युमिना उत्पादन को मिली नई रफ्तार


आज जब देश में सड़कें, रेल, घर, गाड़ियाँ और सोलर प्रोजेक्ट्स तेज़ी से बन रहे हैं, तब मजबूत धातुओं की जरूरत भी उतनी ही बढ़ गई है। ऐसे में एल्युमीनियम जैसी धातु सिर्फ उद्योग के लिए नहीं, बल्कि देश की तरक्की के लिए भी बहुत अहम् हो गई है। इसी जरूरत को समझते हुए, वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा की लांजीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता बढ़ाकर 5 मिलियन टन प्रति वर्ष कर दी है, जिससे देश को एल्युमिना उत्पादन में बड़ी राहत मिली है।


इस विस्तार के बाद लांजीगढ़ आज देश की सबसे बड़ी एकल-स्थान एल्युमिना रिफाइनरी बन गई है और भारत के कुल एल्युमिना उत्पादन में अकेले 38 प्रतिशत का योगदान दे रही है। इससे न सिर्फ देश की एल्युमिना रिफाइनिंग क्षमता बढ़ी है, बल्कि भारत दुनिया के शीर्ष एल्युमिना उत्पादक देशों में और मजबूती से खड़ा हुआ है।


नवंबर महीने में रिफाइनरी ने 254 हज़ार टन का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक उत्पादन दर्ज किया, जो पिछले महीने से 8 प्रतिशत और सालाना आधार पर 68 प्रतिशत ज्यादा है। बेहतर योजना, मजबूत संचालन और संसाधनों के सही इस्तेमाल से यह संभव हो पाया। एक ही महीने में 700 से ज्यादा रेकों का संचालन और बिजली की कम खपत जैसे आँकड़ें इसकी मिसाल हैं।


राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमीनियम, ने कहा, एल्युमीनियम एक रणनीतिक धातु है, जो भारत की औद्योगिक विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक अहम् आधार है। लांजीगढ़ में हमारी क्षमता को बढ़ाकर 5 एमटीपीए करना न केवल क्षमता विस्तार की एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि एक मजबूत और विश्वस्तरीय एल्युमीनियम वैल्यू चेन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। रिकॉर्ड मासिक उत्पादन से स्पष्ट होता है कि हमारा तेज़ विस्तार जिम्मेदार संसाधन विकास, नवाचार और देश के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


उद्योग के साथ-साथ वेदांता लांजीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वा</description><guid>11980</guid><pubDate>2025-12-17 16:33:13 4:34:16 pm</pubDate></item><item><title>निवेशकों के लिए सुनहरा मौका: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी का आईपीओ 12 दिसंबर से खुलेगा</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11963</link><description>निवेशकों के लिए सुनहरा मौका: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी का आईपीओ 12 दिसंबर से खुलेगा


शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए आईपीओ हमेशा एक खास मौका लेकर आते हैं। खासकर तब, जब बात किसी भरोसेमंद और लंबे अनुभव वाली वित्तीय कंपनी की हो। ऐसा ही एक मौका आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर के माध्यम से लेकर आ रही है। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफर 12 दिसंबर, 2025 से खुलेगा और 16 दिसंबर, 2025 को बंद होगा। यह आईपीओ उन निवेशकों के लिए अहम् हो सकता है, जो लंबे समय के लिहाज़ से मजबूत कंपनियों में निवेश की तलाश में रहते हैं।


इस ऑफर के लिए प्राइस बैंड 2,061 रुपए से 2,165 रुपए प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 11 दिसंबर, 2025 को खुलेगी। न्यूनतम बोली 6 इक्विटी शेयर्स की होगी, और उसके बाद 6 के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी।


यह आईपीओ कंपनी के प्रमोटर प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स लिमिटेड द्वारा ऑफर फॉर सेल के जरिए लाया जा रहा है। इसके तहत कुल 48,972,994 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। इस ऑफर में आईसीआईसीआई बैंक के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,448,649 शेयर अलग से सुरक्षित रखे गए हैं। ऑफर पूरा होने के बाद ये शेयर कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूँजी का लगभग 9.91 प्रतिशत होंगे।


कंपनी के शेयर बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया, दोनों पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है। यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत लाया जा रहा है, जिसमें बड़े संस्थागत निवेशकों, गैर-संस्थागत निवेशकों और आम रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग हिस्से तय किए गए हैं, ताकि सभी वर्ग के निवेशक इसमें भाग ले सकें।


रिटेल निवेशकों सहित सभी इच्छुक बोलीदाताओं को इस ऑफर में एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना होगा, जिसमें आवेदन की राशि खाते में ब्लॉक रहती है। इस आईपीओ को सफल बनाने के लिए देश और विदेश की कई प्रतिष्ठित निवेश बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि इस ऑफर की रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी केफिन टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड को दी गई है।</description><guid>11963</guid><pubDate>2025-12-10 19:02:19 7:03:20 pm</pubDate></item><item><title>स्कोडा ऑटो इंडिया ने भारत में अपने 25वें साल में 500,000 गाड़ियों की बिक्री</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11943</link><description>स्कोडा ऑटो इंडिया ने भारत में अपने 25वें साल में 500,000 गाड़ियों की बिक्री का माइलस्टोन हासिल किया नवंबर 2025 में 90% साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज किया


* नवंबर 2025 में 5,491 यूनिट्स बेचीं              
* स्कोडा ऑटो ने 2025 के पहले दस महीनों में ही अपनी अब तक की सबसे ज़्यादा बिक्री दर्ज कर ली थी


बिलासपुर, दिसंबर 2025  स्कोडा ऑटो इंडिया भारत में अपनी ग्रोथ जारी रखे हुए है, भारत में अपनी एंट्री के बाद से 5 लाख यूनिट्स की बिक्री का लैंडमार्क पार कर लिया है। अपनी सिल्वर जुबली में, ब्रैंड पहले ही कई मंथली, क्वार्टरली और एनुअल माइलस्टोन हासिल कर चुकी है। और 2025 के आखिरी से पहले महीने में, ब्रैंड ने देश में 5,491 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 90% साल-दर-साल रिकॉर्ड ग्रोथ रहा।


ग्रोथ पर कमेंट करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रैंड डायरेक्टर, आशीष गुप्ता ने कहा, हमारा बढ़ता नेटवर्क, हमारी वैल्यू-ड्रिवन ओनरशिप ऑफरिंग, और बड़ा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मुख्य ड्राइविंग फोर्स रहे हैं, जिन्होंने हमारी 5 लाख लैंडमार्क सेल्स और हर महीने हमारी लगातार साल-दर-साल सेल्स ग्रोथ को बढ़ाया है। हम अपने प्रोडक्ट्स के साथ और अपने कस्टमर्स और अपने फैंस के करीब जाकर इस मोमेंटम को बनाए रखेंगे।


सेडान लेगेसी
स्कोडा ऑटो ने भारत में एक मजबूत सेडान लेगेसी के साथ खुद को स्थापित किया। 130 साल की ग्लोबल लेगेसी और भारत में 25 साल के इतिहास के साथ, ऑक्टेविया ब्रैंड के लिए एक मजबूत लेगेसी रही है। अपनी 25वीं वर्षगाँठ पर ब्रैंड ने जो कई माइलस्टोन हासिल किए हैं, उनमें ऑक्टेविया आरएस की वापसी भी शामिल है, जो भारत की सबसे पसंदीदा गाड़ियों में से एक है। भारत को अलॉट की गई हर ऑक्टेविया यूनिट बुकिंग खुलने के 20 मिनट के अंदर बिक गई। और 1.0 टीएसआई और 1.5 टीएसआई फॉर्म में स्लाविआ सेडान के साथ, स्कोडा ऑटो इंडिया भारत में अपनी सेडान लेगेसी को जारी रखे हुए है।


हर हौसले की उड़ान के लिए एक एसयूवी
रुपए 7.5 लाख से लेकर Rs 45.9 लाख तक, स्कोडा ऑटो इंडिया के पास एसयूवी का एक बड़ा पोर्टफोलियो है जो देश में हर ज़रूरत और ख्वाहिश को पूरा करता है। कोडियाक, जिसे पहली बार 2017 में भारत और दुनिया में पेश किया गया था, अपनी नई जेनरेशन में अपनी कीमत पर एक यूनिक लग्ज़री 4एक्स4 ऑफरिंग के तौर पर जारी है। कुषाक, भारत के लिए बने, दुनिया के लिए तैयार एमक्यूबी-ए0-आईएन प्लेटफॉर्म पर आधारित पहली स्कोडा गाड़ी है, जो लग्ज़री, टेक्नोलॉजी और स्कोडा के सिग्नेचर ऑन-रोड डायनामिक्स का मिश्रण देती है और ग्लोबल एनसीएपी के नए, सख्त टेस्टिंग नॉर्म्स के तहत एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट दोनों के लिए पूरे फाइव स्टार पाने वाली भारत की पहली गाड़ी भी बन गई। इसके अलावा, सेफ्टी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कयलाक एसयूवी ने भारत एनसीएपी के सेफ्टी टेस्ट में बड़ों और बच्चों की सेफ्टी के लिए पूरे पांच स्टार हासिल किए हैं।


अपने बड़े प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, कस्टमर-सेंट्रिक ऑफरिंग और पैकेज, और 180 शहरों में 320 से ज़्यादा कस्टमर टचपॉइंट तक विस्तार के साथ, स्कोडा ऑटो इंडिया अपने अब तक के सबसे बड़े साल में भी ग्रोथ की अपनी रफ़्तार बनाए रखने के लिए तैयार है।</description><guid>11943</guid><pubDate>2025-12-02 12:05:26 12:09:35 pm</pubDate></item><item><title> इंडिया की सबसे कूल साझेदारी: पैनासोनिक ने कैप्टन कूल एम.एस. धोनी को  बनाया ब्रांड एंबेसडर</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11942</link><description>
इंदौर, दिसंबर 2025: पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया ने भारत के सबसे प्रसिद्ध क्रिकेटिंग आइकन और दुनिया भर में कैप्टन कूल के नाम से मशहूर एमएस धोनी को भारत में अपने एयर कंडीशनर पोर्टफोलियो के नए ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल किया है। धोनी निरंतरता, संयम और उच्च क्षमता वाले प्रदर्शन का उदाहरण देते हैं, ऐसे गुण जो अगली पीढ़ी के कूलिंग समाधानों की कप्तानी करने की पैनासोनिक की विरासत को प्रतिबिंबित करते हैं। दोनों कूल कैप्टेन का यह साथ पैनासोनिक के इन वादों को और मजबूत करेगा जिनमें भरोसा, आधुनिक टेक्नोलॉजी, भरोसेमंद गुणवत्ता, कम ऊर्जा में शानदार परफॉर्मेंस, बेहतरीन कूलिंग और विश्वसनीय क्वालिटी शामिल है।


यह साझेदारी पैनासोनिक को भारत में शीर्ष एयर कंडीशनर ब्रांड बनने और करोड़ों भारतीय परिवारों के साथ कनेक्शन को मज़बूत करने के अपने विज़न को तेज़ कर रही है। धोनी के पैनासोनिक परिवार से जुड़ने से देशभर में उपभोक्ताओं के बीच ब्रांड की पहचान और जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा।


धोनी का स्वागत करते हुए तदाशी चिबा, एमडी और सीईओ, पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया ने कहा, यह साझेदारी साझा मूल्यों का प्रतिबिंब है। पिछले 100 से अधिक वर्षों से पैनासोनिक वैश्विक स्तर पर विश्वसनीयता, नवाचार और सार्थक योगदान का प्रतीक रहा है, और हम इन्हीं मूल्यों को भारत में और मजबूत कर रहे हैं। धोनी का शांत नेतृत्व और भरोसेमंद प्रदर्शन इस भावना को दर्शाता है। धोनी सिर्फ स्टार पावर ही नहीं, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं से गहरा जुड़ाव भी लाते हैं। हम मिलकर भारत में पैनासोनिक की यात्रा का एक यादगार अध्याय लिखने की उम्मीद करते हैं।


इस अवसर पर महेंद्र सिंह धोनी ने कहा , हममें से कई लोगों के लिए भारत में बड़े होते समय पैनासोनिक सिर्फ एक जापानी ब्रांड नहीं था, बल्कि हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा था। यह परिचित, भरोसेमंद और भारतीय भावना से जुड़ा हुआ लगता था, क्योंकि यह हमारे घरों और यादों में मौजूद था। मेरे लिए यह साझेदारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह साझा मूल्यों को दर्शाती है - विश्वास, विश्वसनीयता, समाज के प्रति योगदान और लगातार बेहतर बनने की इच्छा। मैं ऐसे ब्रांड से जुड़कर गर्व महसूस करता हूं जो नवाचार को अपनाता है और साथ ही विश्वास की अपनी बुनियादी सोच को बनाए रखता है।


पैनासोनिक हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एच.वी.ए.सी) के डायरेक्टर, हीरोकाज़ू कामोड़ा ने कहा, धोनी टीमों, दर्शकों और परिवारों में भरोसा जगाते हैं। यह भावनात्मक जुड़ाव हमारे भारत में विस्तार के लिए अहम है। यह साझेदारी पैनासोनिक की कूलिंग श्रेणी की दीर्घकालिक विकास रणनीति के अनुरूप है, क्योंकि कंपनी ए.सी. उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है और वित्त वर्ष 2027 तक बिक्री को दोगुना करने की दिशा में काम कर रही है, जो एक मज़बूत ब्रांड मौजूदगी, स्थानीय नवाचार और मार्केट में गहरी पैठ से प्रेरित है।


पैनासोनिक का ए.सी. पोर्टफोलियो भारतीय जीवनशैली और बदलती जलवायु जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है, जो प्रीमियम, ऊर्जा-कुशल और स्मार्ट कूलिंग अनुभव प्रदान करता है। पैनासोनिक के एयर कंडीशनर आज के भारतीय उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए गए हैं, जहां वे आराम, दक्षता और आसान नियंत्रण की तलाश में रहते हैं। स्मार्ट और फ्यूचर-रेडी जीवनशैली पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पैनासोनिक अपनी कूलिंग समाधानों की श्रृंखला को भारत की जीवनशैली आकांक्षाओं और जलवायु आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार विकसित कर रहा है।</description><guid>11942</guid><pubDate>2025-12-01 17:22:34 5:23:53 pm</pubDate></item><item><title> हग्गीज़ का नया कैम्पेन लॉन्च: गीलू मॉन्स्टर दिखाएगा बच्चों की छुपी हुई परेशानी</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11941</link><description>बच्चों की नमी वाली समस्या को साफ-साफ दिखाएगा हग्गीज़ इंडिया का 'गीलू मॉन्स्टर'


भोपाल, दिसम्बर 2025 : भारत के प्रमुख बेबी केयर ब्रांड्स में से एक- हग्गीज़, जो किम्बर्ली-क्लार्क का हिस्सा है, ने अपना नया कैम्पेन लॉन्च किया है। इसमें एक दिलचस्प और शरारती किरदार 'गीलू मॉन्स्टर' को पेश किया गया है। यह मज़ेदार किरदार हर पेरेंट्स की एक बहुत ही सामान्य लेकिन वास्तविक समस्या को उजागर करता है- बच्चों की नाजुक त्वचा पर लंबे समय तक बनी रहने वाली नमी।


यह नया कैम्पेन हग्गीज़ के उस वादे को बिल्कुल नए अंदाज़ में प्रस्तुत करता है कि यह भारत का सबसे तेज़ नमी सोखने वाला डायपर है। यह दावा सिर्फ ब्रांड की उन्नत तकनीक को ही नहीं दिखाता, बल्कि इस बात का सबूत भी है कि हग्गीज़ पेरेंट्स की जरूरतों और उनकी परेशानियों को कितनी गहराई से समझता है।


कंज़्यूमर्स से बातचीत के दौरान कई माँओं ने एक अहम् बात बताई, कई बार उन्हें यह पता ही नहीं चलता कि डायपर पूरी तरह नमी सोखने से पहले उनके बच्चे की त्वचा कितनी देर तक गीली रहती है। ज्यादातर को लगता था कि उनका मौजूदा ब्रांड भी ठीक ही काम कर रहा है। इसी अदृश्य सच्चाई को सामने लाने के लिए हग्गीज़ ने मज़ेदार लेकिन सटीक किरदार 'गीलू मॉन्स्टर' प्रस्तुत किया, ताकि माँओं को साफ-साफ समझ आ सके कि वह नमी, जो दिखती नहीं है, असल में बच्चों को कितना परेशान करती है। यह किरदार उसी छुपे हुए गीलापन को मज़ेदार अंदाज़ में सामने लाता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज़ कर देते हैं।


कैम्पेन यह दिखाता है कि भारत का सबसे तेज़ नमी सोखने वाला डायपर- हग्गीज़ कैसे उस 'गीलू मॉन्स्टर' को चुटकियों में हरा देता है और बच्चे की नाज़ुक त्वचा को लगभग तुरंत सूखा और आरामदायक बना देता है।


ब्रांड का संदेश हर माँ तक आसानी से पहुँचे, इसलिए इसके फायदे को बड़े ही स्पष्ट और दमदार तरीके से बताया गया- 9 सेकेंड में सोख लेता है। यह लाइन टेस्टिंग में इतनी मज़बूती से बैठी कि माएँ इसे तुरंत याद भी रख पाईं और सहजता से इसे दोहरा भी पाईं।


किम्बर्ली-क्लार्क इंडिया की मार्केटिंग डायरेक्टर श्वेता विग ने कहा, गीलू मॉन्स्टर महज़ एक मज़ेदार विचार ही नहीं है, बल्कि यह पेरेंट्स की उस वास्तविक चिंता को छूता है, जिसे बच्चे हर दिन महसूस करते हैं। हमने एक अदृश्य असहजता को एक दिखने वाली कहानी में बदला है, ताकि माएँ समझ सकें कि हग्गीज़ कितनी तेज़ी और भरोसे के साथ उनके नन्हें शिशुओं को सूखा रखता है। हमारा यह कैम्पेन मनोरंजक भी है और समझ बढ़ाने वाला भी, और यही हमारी कोशिश रही है कि हग्गीज़ के हर एक अनुभव में इनोवेशन और सहानुभूति शामिल रहे।


हग्गीज़ का नया 'गीलू मॉन्स्टर' कैम्पेन अब टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया पर शुरू हो चुका है। इसके साथ ही इन्फ्लुएंसर एक्टिवेशन और ऑन-ग्राउंड एक्टिविटीज़ भी चल रही हैं, जो इस प्यारे-से किरदार और उसकी कहानी को देशभर के पैरेंट्स के बीच और भी जीवंत बना रही हैं।</description><guid>11941</guid><pubDate>2025-12-01 16:31:52 4:33:41 pm</pubDate></item><item><title>वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट फ्लीट को दोगुना किया</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11928</link><description>वेदांता एल्युमीनियम ने अपनी इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट फ्लीट को दोगुना किया


वर्ल्ड सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट डे यानि विश्व सतत् परिवहन दिवस के मौके पर कंपनी ने इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट के अपने बेड़े का विस्तार कर उसे 142 यूनिट्स तक पहुँचाया; इस तरह कंपनी ने पर्यावरण के अनुकूल एवं ऊर्जा-कुशल लॉजिस्टिक्स के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया




रायपुर, नवंबर, 2025: भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक, वेदांता एल्युमीनियम ने घोषणा की है कि भारत में सबसे बड़े लिथियम-आयन बैटरी चालित इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट के अपने बेड़े में उन्होंने भारी इज़ाफा किया है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ स्थित कंपनी के विश्व स्तरीय प्रचालनों में अब 142 इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट्स शामिल हो गई हैं, जो पहले की कुल संख्या के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हैं। हर साल 26 नवंबर को मनाए जाने वाले वर्ल्ड सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट डे यानि विश्व सतत् परिवहन दिवस के मौके पर वेदांता एल्युमीनियम की यह एक ज़बरदस्त पहल है, जो भारत के औद्योगिक प्रचालन को नए आयाम प्रदान कर रही है और सस्टेनेबल बिज़नेस प्रैक्टिस सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान दे रही है।


संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 26 नवंबर को वर्ल्ड सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट डे मनाता है। इसका उद्देश्य सस्टेनेबल आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई हेतु सुरक्षित, किफायती, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली की अहम् भूमिका पर ज़ोर देना है। यह दिवस मज़बूत एवं कम उत्सर्जन वाला इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए वैश्विक सहयोग को भी बढ़ावा देता है।


पर्यावरण पर असर कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के अलावा, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट लैंगिक समानता और क्लाइमेट एक्शन जैसे बड़े विकास लक्ष्यों को पाने के लिए एक ज़रूरी उत्प्रेरक के तौर पर उभर रहा है। इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट्स में बढ़ोतरी का यह कदम 2050 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने की वेदांता की प्रतिबद्धता के साथ मेल खाता है, साथ ही 2030 तक अपने हल्के वाहनों के बेड़े (लाइट मोटर व्हीकल फ्लीट) को डीकार्बनाइज़ करने के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाता है।


वेदांता एल्युमीनियम ने अपने प्रचालनों में 142 इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट्स को विभिन्न चरणों में तैनात करके यह बड़ी कामयाबी हासिल की है। इससे पर्यावरण, प्रचालन एवं सामाजिक तौर पर बड़े फायदे हुए हैं। अकेले झारसुगुडा स्मेल्टर में, जहाँ ऐसी 116 फोर्कलिफ्ट्स तैनात की गई हैं, इस पहल से हर साल लगभग 4,450 टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन खत्म होने और हर साल डीज़ल की खपत में 16.3 लाख लीटर की कमी आने की उम्मीद है। सस्टेनेबिलिटी के इन फायदों के अलावा, यह बदलाव कार्यस्थल की सुरक्षा को बढ़ाता है तथा तेज़ चार्जिंग व रखरखाव की जरूरत को कम करके प्रचालन निपुणता को बढ़ाता है, जिससे वेदांता की परिचालनीय उत्कृष्टता को पर्यावरण की ज़िम्मेदारी और सामाजिक तरक्की के साथ जोड़ने के विज़न को मज़बूती मिलती है।


इस उपलब्धि पर बोलते हुए वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ श्री राजीव कुमार ने कहा, वेदांता एल्युमीनियम में, हम सस्टेनेबिलिटी को मात्र एक प्रतिबद्धता से ज्यादा मानते हैं, हमारे लिए सस्टेनेबिलिटी सकारात्मक परिवर्तन की उत्प्रेरक है। इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट के हमारे बेड़े की यह बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि जब हम ऐसी टेक्नोलॉजी में निवेश करते हैं, जो हमारे प्रचालन और हमारी धरती दोनों के लिए फायदेमंद हों, तो कितना कुछ संभव हो जाता है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ हमारे पर्यावरणीय प्रयासों को मज़बूत किया है, बल्कि उद्योग जगत की उन भूमिकाओं में समावेशन हेतु नए रास्ते भी बनाए हैं, जिन्हें कभी महिलाओं के लिए मुश्किल माना जाता था।


इस पहल ने समावेशी वृद्धि हेतु नए अवसर बनाए हैं, जिसमें कई फोर्कलिफ्ट्स महिलाओं और ट्रांसजेंडर पेशेवरों द्वारा चलाई जा रही हैं, जिससे बराबरी व मज़बूती के लिए वेदांता की प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई है तथा कंपनी ने यह दिखाया है कि कैसे सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सामाजिक बदलाव लाने में सक्षमकारी साबित हो सकती है। इस पहल ने वेदांता झारसुगुडा के स्मेल्टर ऑपरेशन्स में भारत के पहले 10-टन क्षमता वाली इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट्स लगाने जैसी और भी कई पहली उपलब्धियाँ हासिल की हैं।


जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करके और हर साल हज़ारों टन उत्सर्जन खत्म करके वेदांता एल्युमीनियम न सिर्फ अपने पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा कर रहा है, बल्कि यह मानक भी स्थापित कर रहा है कि उद्योग परफॉर्मेंस या उत्पादकता से समझौता किए बगैर किस प्रकार डीकार्बनाइज़ कर सकते हैं। भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट फ्लीट में अग्रणी बनकर कंपनी ने दर्शाया है कि पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और परिचालनीय उत्कृष्टता एक-दूसरे को एक परिवर्तनकारी भविष्य की ओर आगे बढ़ा सकते हैं।


वेदांता एल्युमीनियम बिज़नेस के बारे में:


वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता लिमिटेड की कंपनी है, जो भारत में एल्युमीनियम की सबसे बड़ी उत्पादक है। वित्त वर्ष 2025 में भारत का आधे से ज्यादा एल्युमीनियम वेदांता ने ही उत्पादित किया था, जो 24.2 लाख टन था। वेदांता एल्युमीनियम वैल्यू-एडेड एल्युमीनियम उत्पादों में लीडर है, जिनका उपयोग कोर इंडस्ट्रीज़ में किया जाता है। वेदांता एल्युमीनियम, एल्युमीनियम इंडस्ट्री के लिए एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2024 वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरे नंबर पर है, जो इसकी अग्रगामी सस्टेनेबल डेवलपमेंट प्रैक्टिस को दर्शाती है। भारत में अपने विश्व स्तरीय एल्युमीनियम स्मेल्टर्स, एल्युमीना रिफाइनरी और पॉवर प्लांट्स के साथ कंपनी एक हरेभरे कल के लिए मैटल ऑफ द फ्यूचर के तौर पर एल्युमीनियम के उभरते इस्तेमाल को बढ़ावा देने के अपने मिशन को पूरा करती है।


अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: www.vedantaaluminium.com
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व्हीकल चलते-चलते ही सक्रीय रूप से खतरों का मुकाबला करता है, यानि सीमाओं, शहरों और अहम् मार्गों पर ड्रोन्स का
पता लगाता है, उन पर नज़र रखता है और उन्हें निष्क्रिय करता है


भारत , नवंबर 2025: इंद्रजाल ड्रोन डिफेंस ने आज देश का पहला एंटी-ड्रोन पेट्रोल व्हीकल (एडीपीवी) लॉन्च किया। यह बिल्कुल नया, पूरी तरह मोबाइल और एआई-संचालित सिस्टम है, जो ड्रोन से होने वाले खतरों से निपटने का तरीका बदल देगा।
एडीपीवी (इंद्रजाल रेंजर) बनाने की जरूरत हाल की दो बड़ी सुरक्षा घटनाओं के बाद और भी बढ़ गई, जिन्होंने दिखाया कि ड्रोन्स अब भारत की सीमा सुरक्षा को तोड़ने का सबसे आसान जरिया बन गए हैं। इन घटनाओं ने बताया कि खतरे अब जमीन से नहीं, सीधे आसमान से आ रहे हैं।

पहली घटना आईएसआई से जुड़े ड्रोन तस्करी नेटवर्क की थी, जहाँ ड्रोन के ज़रिए हथियार भारत के अंदर तक पहुँचा दिए गए। इसने एक कड़ी हकीकत सामने रख दी कि आज यदि कोई ड्रोन बॉर्डर पार करता है, तो मतलब हथियार हमारे शहरों तक पहुँचने में बस मिनटों की दूरी पर हैं। दूसरी घटना में, बीएसएफ ने इस साल अब तक 255 पाकिस्तानी ड्रोन्स गिराए। इससे साफ हुआ कि ड्रोन्स अब भारत के 3 लाख करोड़ रुपए के ड्रग तस्करी नेटवर्क का सबसे बड़ा जरिया बन चुके हैं और यह खतरा दिन-ब-दिन और तेज होता जा रहा है।

इन दोनों घटनाओं ने मिलकर एक बात बिल्कुल साफ कर दी कि भारत को तुरंत एक ऐसा मोबाइल, तेज-रिस्पॉन्स वाला काउंटर-ड्रोन व्हीकल चाहिए, जो रियल-टाइम में ड्रोन्स को पकड़ सके, ट्रैक कर सके और मिनटों में उन्हें निष्क्रिय कर सके, क्योंकि हर एक रोका गया ड्रोन, एक सुरक्षित की गई जिंदगी के बराबर है।
पार्क करके चलने वाले पारंपरिक एंटी-ड्रोन सिस्टम्स से अलग, इंद्रजाल ने एडीपीवी (इंद्रजाल रेंजर) को एक खास कॉम्बैट
व्हीकल के रूप में तैयार किया है, जो निम्न सुविधाएँ प्रदान करता है:
● चलते-चलते ड्रोन डिटेक्शन
● रियल-टाइम पेट्रोलिंग और निगरानी
● एआई के जरिए खुद-ब-खुद खतरे का आकलन
● तुरंत इंटरसेप्शन और न्यूट्रलाइजेशन


बॉर्डर रोड्स, नहरों, खेती वाले इलाकों, अहम् इन्फ्रास्ट्रक्चर और भीड़भाड़ वाले शहरों में बिना रुकावट कवरेज यह टेक्नोलॉजी भारत की रक्षा तैयारी में एक बड़ा कदम है, जो राज्यों और राष्ट्रीय सीमाओं पर बढ़ रही ड्रोन स्मगलिंग, निगरानी और आतंकी कोशिशों को रोकने में मजबूती देती है। रेंजर लॉन्च के दौरान, गेस्ट ऑफ ऑनर लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे (सेवानिवृत्त), पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, आर्मी वॉर कॉलेज, महू के पूर्व कमांडेंट और श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स (एक्सवी) के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने कहा , ;भारत के युवाओं को एक ऐसा देश मिलना चाहिए, जो अंतर्राष्ट्रीय अपराध नेटवर्क की परछाई से पूरी तरह मुक्त हो। एंटी-ड्रोन पेट्रोल व्हीकल जैसी तकनीकें सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि ढाल हैं, जो हमारे बच्चों, किसानों और हमारे भविष्य को सुरक्षित रखती हैं। मैं श्री किरण राजू को इंद्रजाल के जरिए भारत की रक्षा तकनीक में ऐसे क्राँतिकारी नवाचार के लिए बधाई देता हूँ। रेंजर के इस नए लॉन्च से देश और सीमाओं पर तैनात बहादुर जवान, दोनों ही इस बड़े योगदान के लिए आभारी होंगे।
कार्यक्रम में अपने विचार साझा करते हुए, इंद्रजाल के फाउंडर और सीईओ किरण राजू ने कहा, हर निष्क्रिय किया गया

ड्रोन एक सुरक्षित हुई जिंदगी के बराबर है और भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करता है। यही इंद्रजाल का पहला मिशन है- आजादी की रक्षा। जीवन की रक्षा का मिशन: कैसे रेंजर तोड़ रहा है स्मगलिंग नेटवर्क और कर रहा है भारत की सीमाओं को सुरक्षित इंद्रजाल रेंजर देश की सुरक्षा में एक नया, बेहद असरदार स्तर जोड़ता है। यह सीमा पार से चलने वाले आपराधिक नेटवर्क को तोड़ता है और कमजोर इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित करता है। खतरनाक ड्रोन्स को रोककर यह युवाओं तक नशा पहुँचने से रोकता है, हमारे शहरों में अवैध हथियारों का प्रवेश रोकता है और संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की सुरक्षा करता है। यह सिस्टम स्मगलिंग और उग्रवादी नेटवर्क की सप्लाई लाइन और फंडिंग चैनल को तोड़कर उनकी ताकत कम करता है। इसकी ऑटोमेटेड

इंटरसेप्शन तकनीक पुलिस और बीएसएफ के बोझ को कम कर देती है, जिससे मानवशक्ति का इस्तेमाल अब ज्यादा स्मार्ट और डेटा-आधारित तरीके से हो पाता है। सबसे जरूरी बात- यह उन सीमावर्ती समुदायों को फिर से सुरक्षा, सम्मान और सामान्य जीवन का एहसास दिलाता है, जो वर्षों से लगातार खतरे के बीच जी रहे थे।</description><guid>11922</guid><pubDate>2025-11-27 17:48:26 5:51:03 pm</pubDate></item><item><title> बालको लेडीज़ क्लब ने वार्षिक उत्सव मेला का किया भव्य आयोजन</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11918</link><description>
बालकोनगर, 25 नवंबर 2025। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के लेडीज़ क्लब द्वारा वार्षिक उत्सव मेला-2025 का भव्य आयोजन किया गया। बालको के सीईओ श्री राजेश कुमार तथा बालको लेडिज क्लब की अध्यक्षा श्रीमती मनीषा कुमार ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। क्लब के गौरवशाली 52 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उपलब्धियों और समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के उद्देश्य से आयोजित यह मेला बालको परिवार के लिए एकता, उत्साह और सामुदायिक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।


मेले में बालको परिवार के 500 से अधिक सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए तथा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा पारिवारिक मनोरंजन का आनंद लिया। हर आयु वर्ग के लोग मेला में ऊर्जा और उत्साह से परिपूर्ण रहे। मेले में 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए जिनमें स्वादिष्ट व्यंजन, पारंपरिक परिधान, हैंडलूम उत्पाद, आभूषण, घरेलू शिल्प, खेल और मनोरंजन प्रमुख आकर्षण रहे। इन स्टॉलों ने न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर दिया, बल्कि महिला उद्यमियों को आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान किया।


क्लब ने अपने वार्षिक कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय में महिला नेतृत्व, रचनात्मकता और उद्यमिता को नई दिशा और गति प्रदान की। क्लब सदस्यों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे नृत्य, मंच प्रदर्शन, प्रतियोगिताएँ और इंटरएक्टिव गेम्स ने पूरे वातावरण को उल्लास से भर दिया। बच्चों, महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष रूप से तैयार की गई गतिविधियों ने मेले की आकर्षकता और सहभागिता को और बढ़ाया। इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित, प्रभावशाली और सहभागी रहा।


कार्यक्रम के समापन पर लेडीज़ क्लब की पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों, और बालको प्रबंधन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी ऐसे ही प्रेरणादायी एवं सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।</description><guid>11918</guid><pubDate>2025-11-25 16:20:38 4:21:51 pm</pubDate></item><item><title>केविनकेयर के चिक ने श्वेता तिवारी के साथ लॉन्च किया चिक क्विक क्रेम के लिए 10 ऑन 10 हेयर कलर कैंपेन; सिर्फ 10 मिनट में बदलें बालों का रंग</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11916</link><description>
भारत, नवंबर 2025: केविनकेयर के भरोसेमंद हेयर-केयर ब्रांड चिक ने क्रेम कैटेगरी में कदम रखते हुए नया टेलीविज़न कैंपेन- 10 ऑन 10 हेयर कलर लॉन्च किया है, जिसमें टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी मुख्य भूमिका में हैं। 30 सेकेंड की इस टीवीसी में चिक क्विक क्रेम के 10 मिनट में चमकदार बालों का रंग देने का वादा दिखाया गया है। यह अभियान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हिंदी में प्रसारित होगा और यूट्यूब पर भी देखा जा सकता है।


टीवीसी लिंक: https://youtu.be/kklTxMpimiM


फिल्म की शुरुआत में श्वेता तिवारी अपने दो दोस्तों के साथ हैं, जो अचानक आए प्लान में शामिल होने से हिचकिचा रहे हैं क्योंकि उनके बाल ग्रे हैं और उन्हें रंगने में समय लगेगा। श्वेता उन्हें नई चिक क्विक क्रेम से परिचित कराती हैं  यह 10 मिनट में काम करने वाला फॉर्मूला, सिंगल-यूज़ सैशे में उपलब्ध है, जिससे बालों को रंग जल्दी और आसानी से किया जा सकता है। इसमें आंवला और भृंगराज शामिल हैं और यह सिर्फ ₹10 में प्रभावी परिणाम देता है। फिल्म में दोस्त रंग बदलने के बाद पहले की तुलना में नए रूप में दिखाई देते हैं, जिससे बालों के रंग और आत्मविश्वास में बदलाव स्पष्ट देखने को मिलता है।
केविनकेयर के पर्सनल केयर बिज़नेस हेड, श्री रजत नंदा ने कहा, हम यह दिखाना चाहते थे कि बालों का रंग बदलना समय लेने वाला या महंगा नहीं होना चाहिए। चिक क्विक क्रेम हर किसी के लिए तेज़, सुविधाजनक और किफायती विकल्प है। श्वेता तिवारी इस अभियान के लिए सही चेहरा हैं, क्योंकि वह हिंदी-भाषी दर्शकों के बीच लोकप्रिय और भरोसेमंद हैं।
चिक ने हमेशा किफायती और गुणवत्तापूर्ण हेयर-केयर उत्पाद उपलब्ध कराए हैं। चिक क्विक क्रेम के साथ, ब्रांड तेज़ और प्रभावी बालों का रंग बदलने का विकल्प पेश करता है।</description><guid>11916</guid><pubDate>2025-11-22 17:09:58 5:11:08 pm</pubDate></item><item><title> बालको निरंतर कर रहा है सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11915</link><description>
बालकोनगर 22 नवंबर 2025। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा बालकोनगर में विभिन्न सड़कों का चौड़ीकरण, स्टेडियम पुर्ननिर्माण, जुबली पार्क (सिविक में स्थित) के सौंदर्यीकरण एवं विभिन्न विकास के कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे नागरिकों के दैनिक जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन आए। बालको समुदाय के समग्र कल्याण, स्वस्थ जीवनशैली और हरित वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्ध है।


सड़कों का चौड़ीकरण और फुटपाथ निर्माण
कंपनी द्वारा बालकोनगर में सड़कों के चौड़ीकरण और फुटपाथ निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसका उद्देश्य स्थानीय यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराना है। चौड़ी सड़कों से वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी। वहीं, नए फुटपाथ बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और दैनिक आवागमन करने वालों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करेंगे।
चौड़ी सड़कें, स्वच्छ फुटपाथ और किनारों पर हरियाली का विकास बालकोनगर को अधिक आकर्षक बनाएगा यह विकास कार्य स्थानीय नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


अंबेडकर स्टेडियम से युवाओं के खेल को मिलेगा बढ़ावा
अंबेडकर स्टेडियम में चल रहा मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य बालकोनगर के खिलाड़ियों और स्थानीय समुदाय के लिए बेहद जरूरी था। स्टेडियम की संरचना, ग्राउंड कंडीशन और अन्य खेल सुविधाओं में किए जा रहे सुधारों से यह परिसर पहले से अधिक सुरक्षित, आकर्षक और उपयोगी बन जाएगा।


स्टेडियम के सौंदर्यीकरण से न केवल इसका वातावरण सुधरेगा, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों के लिए एक प्रेरणादायक स्थल के रूप में विकसित होगा। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आधुनिक स्वरूप वाला स्टेडियम बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने में भी सक्षम होगा, जिससे बालकोनगर की खेल संस्कृति को नई पहचान मिलेगी।


सिविक सेंटर स्थित जुबली पार्क का सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से हो रहा है। पार्क में वॉकिंग पाथ, हरित क्षेत्र का विस्तार, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल उपकरण तथा ऊर्जा-सक्षम प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था की जा रहा है। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पार्क के नियमित रख-रखाव के लिए भी विशेष प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई है।


पार्क केवल मनोरंजन का स्थान नहीं, बल्कि लोगों के लिए स्वास्थ्य, विश्राम और सामुदायिक मेलजोल का केंद्र बन सके, इसी उद्देश्य से नया स्वरूप दिया जा रहा है। सौंदर्यीकरण पूरा होने के बाद यह पार्क बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और आनंदमय सार्वजनिक स्थल के रूप में नई पहचान हासिल करेगा।


नेहरू उद्यान के सौंदर्यीकरण के उपरांत, स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में सुबह-शाम टहलने, योग करने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए यहाँ पहुँच रहे हैं। हरियाली, स्वच्छ वातावरण और अत्याधुनिक लाइटिंग की वजह से पार्क पहले से अधिक आकर्षक और सुरक्षित बन गया है। नियमित रूप से टहलने आने वाले लोगों के अनुसार, यह उद्यान अब स्वास्थ्य, विश्राम और मानसिक शांति के लिए एक आदर्श स्थल बन गया है। बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के लिए भी यह स्थान मनोरंजन और सामुदायिक जुड़ाव का केंद्र बन गया है।


बालकोनगर में इंडियन कॉफी हाउस स्वाद की नया केंद्र, नवस्थापित इंडियन कॉफी हाउस (आईसीएच) न केवल स्वादिष्ट कॉफी और व्यंजनों का नया केंद्र बना है, बल्कि यह स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों के लिए सामुदायिक मेलजोल का स्थल भी बन गया है। आधुनिक और सौंदर्यपूर्ण वातावरण में विकसित यह कॉफी हाउस लोगों के लिए बातचीत और अनौपचारिक मुलाकातों के लिए सुकून भरा स्थल बन गया है। स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध आईसीएच का आगमन टाउनशिप में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।


बालको प्रबंधन सदैव अपने टाउनशिप को बेहतर बनाए रखने हेतु विभिन्न नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत रहा है। नेहरू पार्क परिसर, बालको स्टेडियम, आधुनिक अस्पताल, विद्यालय, हाल ही में खुला नया इंडियन कॉफी हाउस तथा अन्य नागरिक सुविधाएँ नगर के जीवन को समृद्ध बनाती हैं। कंपनी परिवारों के दैनिक जीवन में सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हुए नगर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति प्रदान कर रहा है।</description><guid>11915</guid><pubDate>2025-11-22 16:58:34 5:05:16 pm</pubDate></item><item><title>मुख्यमंत्री साय जी के नेतृत्व में ऊर्जा संरक्षण क्षेत्र में उत्तम प्रदर्शन हेतु क्रेडा राष्ट्रीय स्तर पर स्टार एस.डी.ए. अवार्ड से सम्मानित।</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11904</link><description>प्रेस विज्ञप्ति
क्रेडा सीईओ श्री राजेश सिंह राणा बेस्ट सीईओ अवार्ड से सम्मानित।


ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली राज्य नामित एजेंसी के रूप में वर्ष 2024 हेतु छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) को सोसाइटी ऑफ एनर्जी इंजीनियर एण्ड मैनेजर्स (सिम) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर स्टार एस.डी.ए. अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड दिनांक 19 नवम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित सिम के 10वीं नेशनल एनर्जी मैनेजमेंट अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार, उप महानिदेशक, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बी.ई.ई), भारत सरकार द्वारा क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी जी को प्रदान किया गया। सिम द्वारा स्टार एस.डी.ए. अवार्ड हेतु गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल एवं छत्तीसगढ़ राज्यों के राज्य नामित एजेंसियों (एस.डी.ए.) से नामांकन चाहा गया था। जिसमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु केवल छत्तीसगढ़ के राज्य नामित एजेंसी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) को ही स्टार एस.डी.ए. अवार्ड से सम्मानित किया गया।
माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी जी के मार्गदर्शन एवं क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेश सिंह राणा जी के अथक परिश्रम से क्रेडा ने ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। 

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, भारत सरकार की PAT परियोजना अंतर्गत प्रथम एवं द्वितीय चरण में कुल 44 औद्योगिकी संस्थाओं द्वारा प्रदेश में लगभग 2.2 मिलियन टन ऑफ ऑयल इक्विवेलेंट ऊर्जा की बचत कर लगभग 6.67 मिलियन टन का कार्बन उत्सर्जन कम किया गया है। राज्य के सौर सुजला योजना के तहत कृषि क्षेत्र में 160000 से भी अधिक सौर कृषि पंप लगाने के साथ-साथ किसानों को ऊर्जा संरक्षण के विषय में जागरूक करने हेतु क्रेडा द्वारा बहु आयामी जागरूकता कार्यशाला आयोजित किए गए हैं। नगरी निकाय में ऊर्जा दक्ष पंपों के उपयोग के बारे में पंप तकनीशियनों, अधिकारीगणो को भी इस मुहिम में क्रेडा द्वारा शामिल किया गया है। इसी तरह स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है। प्रदेश की शासकीय कार्यालय अस्पतालों में ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु क्रेडा द्वारा सतत प्रयास किये जा रहे हैं जिससे विद्युत की खपत में कमी के साथ-साथ पैसों की भी बचत हो सके।

राज्य में ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में क्रेडा के सीईओ के रूप में श्री राजेश सिंह राणा द्वारा कुशल कार्ययोजना तैयार कर अनूठा मिसाल पेश किया गया है। उद्योग, बिल्डिंग, कृषि तथा अन्य सभी क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण के उपायों को क्रियान्वयन करने की दिशा में श्री राणा द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया है। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जिला अंतर्गत पहुंच विहीन नक्सल प्रभावित ग्रामीण इलाकों में श्री राणा द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया गया है। साथ ही क्रेडा द्वारा स्थापित संयंत्रों में किसी प्रकार की शिकायत आने पर शिकायतों पर निराकरण की कार्यवाही तत्काल हो पाये, इसके लिए श्री राणा द्वारा सौर समाधान मोबाईल ऐप तैयार कराया गया है। इस मोबाईल ऐप के माध्यम से ऐप के उपयोगकर्ता, स्थापनाकर्ता, इकाई के प्रतिनिधि, क्रेडा के अधिकारी व सभी जन-सामान्य ऐप के उपयोगकर्ताओं द्वारा दर्ज किये गए समस्याओं के निराकरण व प्रकरणों के लंबित होने की स्थिति का जीवंत जायजा ले सकते हैं। इससे संयंत्रों की क्रियाशीलता में व्यापक सुधार आया है। ऐप के शुरुआत होने के बाद से लगभग 1 साल के भीतर अब तक इस ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए लगभग 1200 से अधिक संयंत्रों में सुधार कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं।

इस योगदान को चिन्हांकित करते हुए इस समारोह में सिम द्वारा क्रेडा, सीईओ श्री राजेश सिंह राणा को राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट सीईओ के रूप में अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार, उप महानिदेशक, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बी.ई.ई), भारत सरकार द्वारा श्री राणा जी को प्रदान किया गया।</description><guid>11904</guid><pubDate>2025-11-20 11:34:08 11:35:55 am</pubDate></item><item><title> एशियन पेंट्स ने नवाचार और क्षेत्रीयकरण के माध्यम से विकास की गति को बनाए रखा एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में लचीला और मजबूत प्रदर्शन किया</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11897</link><description>
इंदौर, नवंबर 2025: एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में केंद्रित नवाचार, अच्छे निष्पादन और पहलों के क्षेत्रीयकरण के माध्यम से एक मजबूत प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप एक मजबूत प्रदर्शन हुआ। लगभग 6% की मूल्य वृद्धि के साथ 10.9% की सजावटी व्यापार मात्रा वृद्धि ने उद्योग की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। यह वृद्धि विभिन्न क्षेत्रीय गतिविधियों और गहन विपणन और ब्रांड निर्माण उपायों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग उत्पन्न करने की कंपनी की क्षमता से प्रेरित थी।


कंपनी ने शहरी और ग्रामीण बाजारों में विकास हासिल किया, जो उत्पाद श्रेणियों में एक स्वस्थ मिश्रण द्वारा समर्थित है, जो नए उत्पाद नवाचार द्वारा अच्छी तरह से सहायता प्राप्त है। कुल मिलाकर, क्षेत्रीयकरण के दृष्टिकोण से, जो एक और बड़ी रणनीति है, कंपनी ने अपने पैक का क्षेत्रीयकरण करना शुरू कर दिया और उस राज्य और उस क्षेत्र की संस्कृति को मजबूत तरीके से लागू किया। बी2बी खंड ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, सरकारी और कारखाने की परियोजनाओं में वृद्धि के साथ मानसून के दौरान धीमी
खुदरा मांग की भरपाई की।


लाभप्रदता स्वस्थ बनी रही, स्टैंडअलोन ईबीआईटीडीए मार्जिन 18.5% तक बढ़ रहा है, जो साल-दर-साल लगभग 230 आधार अंकों से अधिक है, जो उच्च सकल मार्जिन और लागत अनुकूलन द्वारा समर्थित है। एशियन पेंट्स 18-20% के अपने मार्जिन मार्गदर्शन को बनाए रखना जारी रखता है, जो सौम्य कच्चे माल की कीमतों और मजबूत आंतरिक लागत नियंत्रण द्वारा समर्थित है। कंपनी वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही के लिए सतर्क रूप से आशावादी बनी हुई है, जो अनुकूल मांग संकेतकों जैसे कि एक अच्छा मानसून, एक मजबूत शादी का मौसम और शहरी भावना में सुधार द्वारा समर्थित है।


ऑटोमोटिव और सामान्य औद्योगिक क्षेत्रों ने औद्योगिक व्यवसाय में दो अंकों की राजस्व वृद्धि जारी रखी है। एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में प्रमुख इकाइयों में 10.6% की निरंतर-मुद्रा वृद्धि के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार 9.9% बढ़ा। एशियन पेंट्स विपणन को दीर्घकालिक विकास को सक्षम करने वाले के रूप में देखते हुए ब्रांड निर्माण और नवाचार में निवेश करना जारी रखेगा। कंपनी निरंतर प्रदर्शन देने और हमारे सभी हितधारकों के लिए मूल्य पैदा करने के लिए अपनी ब्रांड क्षमता को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अच्छी स्थिति में है।</description><guid>11897</guid><pubDate>2025-11-18 16:22:00 4:23:16 pm</pubDate></item><item><title> प्योर ईवी ने भोपाल में बढ़ाया कदम, ईवी क्रांति को दी नई गति</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11896</link><description>शोरूम में हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक वाहनों और प्योरपावर उत्पादों की पूरी रेंज, सतत मोबिलिटी के प्रति वचनबद्धता को मजबूती


भोपाल, नवंबर 2025 : भारत के अग्रणी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं में से एक प्योर ने भोपाल में अपना नया शोरूम खोलने की घोषणा की है। यह रणनीतिक विस्तार कंपनी के उत्तर भारत में नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नया शोरूम शॉप नं. 4, पीपल चौहारा, बेरसिया रोड, करोंद, भोपाल, मध्य प्रदेश में स्थित है, जहां प्योर ईवी की संपूर्ण इलेक्ट्रिक दोपहिया रेंज प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें लोकप्रिय मॉडल ईप्लूटो 7जी मैक्स और ईट्रिस्ट एक्स शामिल हैं। प्योर ईवी भोपाल के उपभोक्ताओं को एक बेहतरीन और उन्नत इलेक्ट्रिक राइडिंग अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार है।


अपने अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और मोटरसाइकिलों के साथ, यह शोरूम प्योरपावर  ऊर्जा भंडारण उत्पाद श्रृंखला भी पेश करेगा, जो घरों और व्यवसायों को स्वच्छ, विश्वसनीय और सतत ऊर्जा समाधान प्रदान करेगा। यह लॉन्च प्योर ईवी की तेज़ी से बढ़ती विस्तार रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आम जनता तक पहुंचाना है। स्वदेशी अनुसंधान और विनिर्माण पर मजबूत फोकस के साथ, प्योर ईवी नवाचार को आगे बढ़ा रहा है और उपभोक्ताओं को टिकाऊ व हरित विकल्प अपनाने के लिए सक्षम बना रहा है।


यह विस्तार प्योर की व्यापक योजना के तहत है, जिसके अंतर्गत कंपनी अगले 30 महीनों में 250 नए डीलरशिप्स खोलने का लक्ष्य रखती है, जिससे इसका राष्ट्रीय नेटवर्क 320+ आउटलेट्स तक पहुंच जाएगा। यह विकास लंबी रेंज वाले ईवीज़ की बढ़ती मांग, नीति समर्थन और संस्थागत/बी2बी अपनाने से प्रेरित होगा।


भोपाल में इस नए शोरूम की शुरुआत के साथ, प्योर भारत की स्वच्छ ऊर्जा और ईवी क्रांति में निर्णायक भूमिका निभाने की अपनी प्रतिबद्धता को एक और कदम आगे ले जा रहा है।</description><guid>11896</guid><pubDate>2025-11-18 16:18:28 4:20:59 pm</pubDate></item><item><title> ईडीआईआई ने उद्यमिता पखवाड़ा के माध्यम से उद्यमिता के लिए राष्ट्र स्तर पर अभियान की शुरुआत की</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11876</link><description>लद्दाख से शुभारंभ के साथ 19 राज्यों में क्षेत्र-विशेष पर केन्द्रित कार्यक्रमों का आयोजन।


रायपुर, नवम्बर 2025  भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद, जो कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सेन्टर ऑफ एक्सिलेंस है, अपनी पहल उद्यमिता पखवाड़ा 2025 (एंटरप्रेन्योरशिप फोर्टनाइट 2025) के शुभारंभ की घोषणा की है। यह उद्यमिता और इनोवेशन का एक देशव्यापी उत्सव है, जिसका उद्देश्य उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करना और स्थानीय नवाचार पारिस्थितिक तंत्र को सुदृढ़ करना है। यह पहल, राज्य सरकारों के शिक्षा विभागों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के सहयोग से लागू की जा रही है और विश्व के तीसरे सबसे बड़े उद्यमशील इकोसिस्टम में विविध वर्गों के बीच नवाचार, रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर केन्द्रित है।


उद्यमिता पखवाड़ा का उद्घाटन 09 नवम्बर 2025 को लेह, लद्दाख में लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता द्वारा किया गया। यह उद्घाटन कार्यक्रम राष्ट्रीय उद्यमिता दिवस के अवसर के साथ आयोजित हुआ, जिसमें एंटरप्राइजिंग लद्दाख रिपोर्ट तथा उद्यमों की कैटलॉग का विमोचन किया गया, साथ ही कार्यक्रम के तहत स्थापित 80 से अधिक स्थानीय उद्यमों को प्रदर्शित करने वाली प्रोड्क्ट वॉल एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। एंटरप्राइजिंग लद्दाख थीम के अंतर्गत अब तक 1,500 से अधिक लद्दाखी विद्यार्थियों को उद्यम विकास, एमएसएमई सेटअप, बैंकिंग एवं मार्केटिंग के विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।


लद्दाख में सफल शुभारंभ के बाद, 09 नवम्बर 2025 से 21 नवम्बर 2025 के बीच भारत के अनेक राज्यों में समान क्षेत्र-केन्द्रित कार्यक्रम समानांतर रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को व्यवसाय स्थापना एवं नवाचार का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके। कार्यक्रम गुजरात, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक, ओडिशा, मेघालय, छत्तीसगढ़ और मणिपुर सहित कई अन्य क्षेत्रों में जारी रहेगा, जहाँ प्रत्येक गतिविधि स्थानीय उद्यमशील सामर्थ्य और अवसरों को प्रतिबिंबित करने वाली एक विशिष्ट थीम पर केन्द्रित होगी। इस पहल के अंतर्गत सहभागी क्षेत्रों में कार्यशालाएँ, प्रदर्शनियाँ, संवाद सत्र, प्रतियोगिताएँ एवं मेंटरशिप सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है, जबकि सभी एक साझा दृष्टि से जुड़े हुए हैं।


उद्यमिता पखवाड़ा के शुभारंभ पर ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा, आज उद्यमिता भारत की प्रगति का केंद्र बिन्दु बन चुका है। पूरे देश में अपार अविकसित/अप्रयुक्त प्रतिभा, विचार और संकल्प मौजूद हैं, जिन्हें दिशा दिए जाने की प्रतीक्षा है। उद्यमिता पखवाड़ा के माध्यम से हमारा प्रयास इस जज़्बे को प्रज्ज्वलित करने का है, ताकि समाज के हर वर्ग के लोग अपनी आकांक्षाओं को ऐसे उद्यमों में रूपांतरित कर सकें, जो समावेशी और सतत विकास को आगे बढ़ाएँ।</description><guid>11876</guid><pubDate>2025-11-13 17:23:48 5:29:30 pm</pubDate></item><item><title> भारत की नेट ज़ीरो यात्रा को गति दे रहा वेदांता एल्युमीनियम </title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11875</link><description>कार्बन तीव्रता में 8.96% की कमी, 1,500 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा योजना और अपशिष्ट के पूर्ण पुनर्चक्रण उपयोग के साथ सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम।
एफवाई21 के आधार वर्ष से अब तक कार्बन तीव्रता में 8.96% की कमी, जो दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा पहलों से संभव हुई है।
2030 तक डिकार्बोनाइजेशन को तेज़ करने के लिए पीपीए के माध्यम से 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की योजना।
100% फ्लाई ऐश उपयोग और 14.6 एमएमटी अपशिष्ट का पुनर्चक्रण, जो सर्कुलर इकॉनमी में वेदांता की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करता है।


रायपुर, नवम्बर 2025: भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने अपने सतत विकास रिपोर्ट एफवाई25 जारी कर, एक बार फिर अपनी स्थिरता में अग्रणी भूमिका को मजबूत किया है। इस रिपोर्ट में कंपनी की डिकार्बोनाइजेशन, नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने और सर्कुलर इकॉनमी प्रथाओं में की गई उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाया गया है  जो भारत के नेट ज़ीरो 2070 विज़न के अनुरूप है और एक अधिक टिकाऊ औद्योगिक भविष्य के निर्माण में कंपनी की भूमिका को रेखांकित करती है।

अपने ईएसजी विज़न ट्रांसफॉर्मिंग फॉर गुड पर आगे बढ़ते हुए, वेदांता एल्युमीनियम अपनी पूरी संचालन प्रक्रिया में स्थिरता को गहराई से शामिल कर रहा है  चाहे वह स्मेल्टर और रिफाइनिंग प्रक्रियाओं का डिकार्बोनाइजेशन हो, समुदायों को सशक्त बनाना हो या पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्स्थापित करना। रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि कंपनी का सिद्धांत रिस्पांसिबल टुडे, सस्टेनेबल ऑलवेज किस प्रकार भारत की एल्युमीनियम वैल्यू चेन में एक बड़ा परिवर्तन ला रहा है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विश्व-स्तरीय सुविधाओं के साथ, वेदांता एल्युमीनियम ने एफवाई25 में 2.42 मिलियन टन एल्युमीनियम का उत्पादन किया, जो भारत के कुल उत्पादन का आधे से अधिक है  और पर्यावरणीय अनुपालन में शून्य सहनशीलता बनाए रखी। कंपनी ने एएसआई चेन ऑफ कस्टडी (सीओसी) प्रमाणन भी हासिल किया, जिससे जिम्मेदारीपूर्वक उत्पादित एल्युमीनियम के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में उसकी साख और मजबूत हुई।

वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार, ने कहा, वेदांता एल्युमीनियम में स्थिरता हमारे लिए केवल एक अनुपालन प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास के लिए हमारी रणनीतिक दिशा है। हमारी ईएसजी प्रगति दिखाती है कि एल्यूमिनियम जैसे कठिन-से-कम-होने वाले क्षेत्र में भी नवाचार, रिन्यूएबल एनर्जी और सर्कुलैरिटी अपनाकर वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हमें गर्व है कि हम भारत की नेट ज़ीरो यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, यह साबित करते हुए कि औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकती हैं।
हरित भविष्य के लिए भारी उद्योग की नई परिभाषा

वेदांता एल्युमीनियम की स्थिरता दृष्टि के केंद्र में डिकार्बोनाइजेशन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता निहित है। कंपनी ने कार्बन तीव्रता में 8.96% की कमी हासिल की है, जिससे यह 17.01 टीसीओ₂ई प्रति टन एल्युमीनियम पर पहुंच गई, जो वित्तीय वर्ष21 के बाद से इसका सबसे कम स्तर है। इस प्रगति को और तेज़ करने के लिए, वेदांता वर्ष 2030 तक लगभग 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स के माध्यम से प्राप्त करने की योजना बना रही है, जिससे उसके संचालन भारत की नेट ज़ीरो महत्वाकांक्षाओं और कम-कार्बन एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक मांग के अनुरूप होंगे।

इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम कंपनी की गेल गैस लिमिटेड के साथ साझेदारी है, जिसके तहत झारसुगुड़ा स्मेल्टर को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। यह परिवर्तन 2025 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे प्रति वर्ष 47,000 टन से अधिक सीओ₂ उत्सर्जन में कमी आएगी  जो स्वच्छ ऊर्जा की ओर एक बड़ा कदम है। गेल 7.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण कर रही है, जो 32,000 एससीएम/दिन प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगी। यह पांच-वर्षीय समझौता वेदांता के आगामी 430 केटीपीए कास्ट हाउस का समर्थन करेगा और कंपनी की डिकार्बोनाइजेशन रोडमैप को और मजबूत बनाएगा।</description><guid>11875</guid><pubDate>2025-11-13 17:21:25 5:23:14 pm</pubDate></item><item><title> अदाणी सीमेंट और कूलब्रुक सीमेंट डीकार्बोनाइजेशन को आगे बढ़ाने के लिए  दुनिया का पहला वाणिज्यिक रोटोडायनामिक हीटर लगाएंगे</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11867</link><description>
संपादक का सारांश


आंध्र प्रदेश में अदाणी सीमेंट का बोयारेड्डीपल्ली संयंत्र, औद्योगिक क्षेत्र में कूलब्रुक की रोटोडायनामिकहीटर (RDH) तकनीक का व्यावसायिक उपयोग करने वाला विश्व का पहला सीमेंट संयंत्र होगा।

RDH प्रणाली पूरी तरह से अदाणी सीमेंट के बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो द्वारासंचालित होगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि उत्पन्न औद्योगिक ऊष्मा पूरी तरह से कार्बन उत्सर्जन
मुक्त हो।

इस व्यावसायिक उपयोग से सालाना लगभग 60,000 टन CO₂ उत्सर्जन में सीधे तौर पर कमी आने कीउम्मीद है, और आने वाले समय में इसमें 10 गुना वृद्धि की संभावना है।

यह अदाणी सीमेंट के AFR को 30% (पहले के 28% के लक्ष्य से बढ़ाकर) तक बढ़ाने के लक्ष्य को पूराकरता है, जबकि हम वित्त वर्ष 28 तक 60% हरित ऊर्जा हिस्सेदारी हासिल कर लेंगे।

अहमदाबाद, भारत / हेलसिंकी, फ़िनलैंड, 12 नवंबर 2025 : अदाणी सीमेंट और कूलब्रुक ने भारत के आंध्र प्रदेश स्थित बोयारेड्डीपल्ली इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट में सीमेंट डीकार्बोनाइजेशन को आगे बढ़ाने के लिए क्रांतिकारी रोटोडायनामिक हीटर (RDH) तकनीक के दुनिया के पहले व्यावसायिक उपयोग के लिए अपने वितरण समझौते की घोषणा की है। यह कूलब्रुक की RDH तकनीक का पहला औद्योगिक पैमाने पर उपयोग है, जो अदाणी सीमेंट के 2050 तक नेट जीरो लक्ष्य प्राप्ति (SBTi द्वारा मान्य) और कूलब्रुक के वैश्विक स्तर पर भारी उद्योग क्षेत्रों में 2.4 बिलियन टन वार्षिक CO₂ में कटौती के लक्ष्य
को आगे बढ़ाता है।


यह तकनीक कैल्सीनेशन चरण - सीमेंट उत्पादन के सबसे जीवाश्म ईंधन-गहन चरण - को डीकार्बोनाइज करेगी। सुखाने के लिए स्वच्छ ऊष्मा प्रदान करके और वैकल्पिक ईंधनों के तापन मूल्य को बढ़ाकर, यह तकनीक जीवाश्म ईंधनों के स्थान पर स्थायी विकल्पों को काफी हद तक सक्षम बनाती है। इस स्थापना से सालाना लगभग 60,000 टन कार्बन उत्सर्जन में सीधे तौर पर कमी आने की उम्मीद है, और आने वाले समय में इसमें 10 गुना वृद्धि की संभावना है, जो सीमेंट निर्माण को कार्बन-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


महत्वपूर्ण बात यह है कि RDH प्रणाली पूरी तरह से अदाणी सीमेंट के बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो से संचालित होगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि उत्पन्न औद्योगिक ऊष्मा पूरी तरह से उत्सर्जन मुक्त हो। यह स्थापना पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित स्वच्छ, विद्युतीकृत औद्योगिक ऊष्मा की वास्तविक दुनिया में व्यवहार्यता को प्रदर्शित करती है। यह अदाणी सीमेंट को भारत को दुनिया के स्वच्छ सीमेंट निर्माण केंद्र के रूप में उभरने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार करती है।
अदाणी समूह के सीमेंट व्यवसाय के सीईओ,

श्री विनोद बहेटी ने कहा: ;हमारे परिचालन में कूलब्रुक के रोटोडायनामिक हीटर की दुनिया की पहली व्यावसायिक तैनाती हमारी डीकार्बोनाइजेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह हमारे नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है। अपने सीमेंट उत्पादन में ऐसे अत्याधुनिक विद्युतीकरण समाधानों को एकीकृत करके, हम जीवाश्म ईंधन से दूर जाने की प्रक्रिया को तेज़ कर रहे हैं, बड़े पैमाने पर उत्सर्जन को कम कर रहे हैं, स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ा रहे हैं, और कम कार्बन वाले सीमेंट निर्माण के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहे हैं। यह निरंतर साझेदारी जलवायु नेतृत्व और नवाचार एवं स्थिरता के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह उपलब्धि अग्रणी के रूप में हमारी विरासत को रेखांकित करती है और वैश्विक निर्माण सामग्री समाधान पावरहाउस बनने की दिशा में हमारे परिवर्तनकारी कार्यों को उजागर करती है। हम अपने अनुसंधान एवं विकास निवेशों के साथ कूलब्रुक जैसे भागीदारों का एक मज़बूत इकोसिस्टम बना रहे हैं।'


यह परियोजना गहन औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन के लिए एक मज़बूत और मापनीय उपयोग का मामला प्रस्तुत करती है जिसकी पुनरावृत्ति की महत्वपूर्ण संभावना है। कूलब्रुक और अदाणी सीमेंट ने अदाणी सीमेंट के औद्योगिक परिचालन में रोटोडायनामिक प्रौद्योगिकी को लागू करने के लिए कई अनुवर्ती अवसरों की पहचान की है और अगले दो वर्षों के भीतर कम से कम पांच अतिरिक्त परियोजनाएं शुरू करने की महत्वाकांक्षा साझा की है।
आगे चलकर, RDH तकनीक अदाणी सीमेंट के उत्पादन को कार्बन-मुक्त करने, प्रक्रिया दक्षता में सुधार लाने और कंपनी के स्थिरता लक्ष्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिसमें AFR (वैकल्पिक ईंधन और संसाधन सामग्री) के उपयोग को 30% तक बढ़ाना और वित्त वर्ष 28 तक हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी को 60% तक बढ़ाना शामिल है। पहली पीढ़ी का RDH लगभग 1000C पर गर्म गैसें प्रदान करेगा, जिससे वैकल्पिक ईंधनों को सुखाने में आसानी होगी, जिससे उनका उपयोग अधिक हरित और कुशल होगा, जो सीमेंट उत्पादन के लिए उच्च-तापमान विद्युतीकरण में एक बड़ी उपलब्धि है।


कूलब्रुक के सीईओ श्री जूनस राउरामो ने कहा , :अदाणी सीमेंट के साथ दुनिया की पहली औद्योगिक- स्तरीय परियोजना में प्रवेश करना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सीमेंट बाजारों में से एक में औद्योगिक विद्युतीकरण के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। हमारा मिशन रोटोडायनामिक टेक्नोलॉजी को उन क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए एक नया उद्योग मानक बनाना है जहाँ कार्बन उत्सर्जन कम करना मुश्किल है। साथ मिलकर, हम सीमेंट उत्पादन के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं -
अधिक स्वच्छ, अधिक कुशल और नेट जीरो भविष्य के लिए तैयार।

अदाणी सीमेंट का व्यापक स्थिरता नेतृत्व इस बात में परिलक्षित होता है कि यह दुनिया भर में चार बड़ी सीमेंट कंपनियों में से एक है, जिनके पास SBTi-मान्यता प्राप्त नेट-ज़ीरो लक्ष्य और वैश्विक सहयोग हैं, जिसमें IRENA के तहत अलायंस फॉर इंडस्ट्री डीकार्बोनाइजेशन (AFID) में शामिल होने वाला दुनिया का पहला सीमेंट निर्माता होना शामिल है।
</description><guid>11867</guid><pubDate>2025-11-13 11:44:28 11:51:01 am</pubDate></item><item><title> वेदांता एल्युमीनियम ने बाल्को में रेस्टोरा उत्पादन शुरू कर अपने लो-कार्बन पोर्टफोलियो का विस्तार किया</title><link>https://dainandini.in//business.php?articleid=11864</link><description>रायपुर, नवम्बर 2025: भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित अपनी इकाई भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) में रेस्टोरा लॉन्च करके अपने लो-कार्बन उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। बाल्को, वेदांता लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है और वेदांता एल्युमीनियम की व्यावसायिक इकाई के रूप में कार्य करती है। यह पहल कंपनी के 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन हासिल करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सतत विनिर्माण के प्रति वेदांता की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

रेस्टोरा का निर्माण नवीकरणीय ऊर्जा से किया जाता है और इसकी ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन तीव्रता प्रति टन एल्युमीनियम पर 4 टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य से काफी कम है, जो लो-कार्बन एल्युमीनियम के वैश्विक मानक को पूरा करती है। यह उपलब्धि वेदांता एल्युमीनियम को डी-कार्बोनाइज्ड (कम कार्बन उत्सर्जन वाली) वैश्विक सप्लाई चेन को सक्षम बनाने में एक प्रमुख भूमिका में स्थापित करती है और यह दर्शाती है कि **बाल्को समूह के व्यापक सतत विकास लक्ष्यों के साथ पूरी तरह से समन्वित है।

वेदांता एल्युमीनियम की झारसुगुड़ा स्मेल्टर इकाई वर्ष 2022 की शुरुआत से ही रेस्टोरा का उत्पादन कर रही है। यह इकाई रेस्टोरा अल्ट्रा (एक अल्ट्रा-लो कार्बन उत्पाद, जो पुनर्प्राप्त एल्युमीनियम से बनाया जाता है) का निर्माण भी करती है।

वर्तमान में, बाल्को द्वारा रेस्टोरा इंगट्स की पेशकश की जा रही है, और कंपनी आने वाले समय में उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने की योजना बना रही है। विकास का यह कदम वेदांता एल्युमीनियम के लो-कार्बन संचालन को और मजबूत करता है तथा भारत और वैश्विक स्तर पर सतत (सस्टेनेबल) सामग्रियों की बढ़ती माँग को पूरा करने में मदद करता है।

हरित (ग्रीन) संचालन की भूमिका पर जोर देते हुए, वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, रेस्टोरा पहले ही लो-कार्बन एल्युमीनियम उत्पादन में एक मानक स्थापित कर चुका है। बाल्को में इसके लॉन्च के साथ, हम अपने संचालन के सभी क्षेत्रों में सस्टेनेबल एल्युमीनियम के पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं। यह कदम भारत की स्थिति को जलवायु-संवेदनशील औद्योगिक विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है।
उत्पाद श्रृंखला के बारे में बात करते हुए, बाल्को के सीईओ और निदेशक राजेश कुमार ने कहा,

ऑटोमोबाइल, निर्माण, विद्युत, पैकेजिंग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उद्योगों के लिए डिज़ाइन किया गया रेस्टोरा, हमारे ग्राहकों को ग्रीनर वैल्यू चेन बनाने और उत्तरदायी विनिर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है। हमने जहाँ रेस्टोरा इंगट्स पेश किए हैं, वहीं हमारे पास रेस्टोरा ब्रांड के तहत वैल्यू-ऐडेड उत्पाद प्रदान करने की क्षमता भी है, ताकि हम अपने ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
रेस्टोरा के उत्पादन का विस्तार बाल्को तक करना, वेदांता एल्युमीनियम की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी अपनी वैल्यू चेन के हर चरण में कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर काम कर रही है। संचालन क्षमता


बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के निरंतर प्रयासों के माध्यम से, कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 से अब तक ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन तीव्रता में 8.96% की कमी हासिल की है। एल्युमीनियम, जिसे अक्सर भविष्य की धातु कहा जाता है, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और जलवायु-लचीले बुनियादी ढाँचे को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</description><guid>11864</guid><pubDate>2025-11-12 14:19:39 2:21:33 pm</pubDate></item></channel></rss>