<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>छत्तीसगढ़ - Dainandini Feed</title><link>https://dainandini.in/</link><description>Dainandini Feed Description</description><item><title>*मवेशियों को बिना चारा-पानी के क्रूरतापूर्वक वाहनों में भरकर परिवहन कर रहे 08 आरोपियों को थाना कुकदुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।*</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43031</link><description>

*मवेशियों को बिना चारा-पानी के क्रूरतापूर्वक वाहनों में भरकर परिवहन कर रहे 08 आरोपियों को थाना कुकदुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।*


*कुकदुर पुलिस की कार्यवाही में 11 मवेशी एवं तस्करी में प्रयुक्त 04 वाहन सहित कुल 31,40,000/- रुपये की संपत्ति जब्त।*


*पशु तस्करी के विरुद्ध कबीरधाम पुलिस की लगातार प्रभावी कार्यवाही, अवैध पशु परिवहन पर पुलिस की पैनी नजर।*
कवर्धा-
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेंद कुमार यादव के निर्देश पर थाना प्रभारी कुकदुर निरीक्षक संतोष मिश्रा के नेतृत्व में थाना कुकदुर पुलिस द्वारा अवैध पशु परिवहन एवं पशुओं के प्रति क्रूरता के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई।


दिनांक-06.10.2026 की दरम्यानी रात ग्राम पोलमी क्षेत्र से मवेशियों के अवैध परिवहन किए जाने की सूचना थाना कुकदुर पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध वाहनों की जांच एवं निगरानी की गई। इस दौरान CG-28 N- 5024, CG-28 N-7104, CG PN-8951 एवं CG-10 CC-6837 को रोककर जांच करने पर चारों वाहनों में कुल 08 नग भैंस एवं 03 नग पाड़ा, कुल 11 मवेशी, बिना चारा-पानी के क्रूरतापूर्वक परिवहन करते पाए गए। पुलिस टीम द्वारा तत्काल मवेशियों को सुरक्षित बरामद करते हुए परिवहन में प्रयुक्त चारों वाहनों को विधिवत जब्त किया गया।


*08 आरोपी गिरफ्तार*


प्रकरण में कुकदुर पुलिस द्वारा कुल 08 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 79/2026, धारा 4, 6, 10 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004, धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 एवं धारा 66/192 मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई। प्रकरण में जप्त मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा उन्हें गौशाला में दाखिल कराया गया है।


*31,40,000/- रुपये की संपत्ति जब्त*


पुलिस द्वारा प्रकरण में आरोपियों के कब्जे से 08 नग भैंस एवं 03 नग पाड़ा, कीमत 3,40,000/- रुपये तथा मवेशियों के परिवहन में प्रयुक्त चार वाहनों को जब्त किया गया है।


जप्त वाहनों में CG 28 N 5024 महिन्द्रा बोलेरो, कीमत 7,00,000 रुपये; CG 28 N 7104 टाटा योद्धा, कीमत 8,00,000 रुपये; CG PN 8951 महिन्द्रा बोलेरो, कीमत 7,00,000 रुपये तथा CG 10 CC 6837 महिन्द्रा बोलेरो, कीमत 6,00,000 रुपये शामिल हैं।


इस प्रकार प्रकरण में मवेशियों एवं वाहनों सहित कुल 31,40,000 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है।


कबीरधाम पुलिस द्वारा पशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अवैध पशु परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार निगरानी एवं कार्यवाही की जा रही है। पशु तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी प्रभावी वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-08 10:15:10 10:15:50 am</pubDate></item><item><title> *कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार*</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43030</link><description>*कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार*
*देर रात हाइवे पेट्रोलिंग वाहन बुलाकर मौके पर ही ली रेस्क्यू और नियमित निरीक्षण की जानकारी*


*सड़क पर गौवंश की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित पेट्रोलिंग के सख्त निर्देश*


कवर्धा, 07 अक्टूबर 2026। कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने गंभीर नाराजगी जताई। कवर्धा जाते समय सड़क पर पशुओं को देखकर उन्होंने बेमेतरा टोल प्लाजा के पास मंगलवार को देर रात अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर बात कर हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।


उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण के संबंध में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस पर श्री शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही प्रतिदिन किए जा रहे निरीक्षण एवं अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा तक पड़ने वाले ग्रामों के स्थानीय लोगों के माध्यम से पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए।


सड़क पर पशुओं की मौजूदगी को लेकर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए और सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सड़क पर पशुओं के रहने से न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर रात्रि के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल लगातार मार्ग का निरीक्षण करे और पशुओं के दिखाई देते ही उन्हें सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।


उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-08 10:12:39 10:13:15 am</pubDate></item><item><title>सीएम हेल्पलाइन से सोनम कोसले की छात्रवृत्ति संबंधी समस्या का 24 घंटे में मिला समाधान</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43029</link><description>बलौदाबाजार, 7 अक्टूबर 2026
शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कुमारी सोनम कोसले को छात्रवृत्ति फॉर्म ऑनलाइन नहीं भर पाने की समस्या का समाधान सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से महज 24 घंटे के भीतर मिल गया। समस्या का त्वरित समाधान होने पर सोनम ने शासन द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन व्यवस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।
सोनम कोसले ने बताया कि छात्रवृत्ति फॉर्म ऑनलाइन नहीं भर पाने के कारण वह काफी परेशान थीं। समस्या के समाधान के लिए वह चॉइस सेंटर गईं, जहां चॉइस सेंटर संचालक ने उन्हें सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 की जानकारी दी। इसके बाद सोनम ने 1076 पर फोन कर अपनी समस्या दर्ज कराई। अगले ही दिन उनकी समस्या का समाधान हो गया और वह अपना छात्रवृत्ति फॉर्म सफलतापूर्वक ऑनलाइन भर सकीं।
सोनम ने कहा कि कल मैंने सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर फोन कर अपनी समस्या बताई थी और आज मेरी समस्या का समाधान हो गया। अब मैंने अपना स्कॉलरशिप फॉर्म ऑनलाइन भर लिया है। शासन द्वारा शुरू की गई यह हेल्पलाइन बहुत अच्छी पहल है। मुझे 24 घंटे के भीतर ही अपनी समस्या का समाधान मिल गया, इसके लिए मैं शासन का आभार व्यक्त करती हूं।
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से समस्या का त्वरित निराकरण छात्र-छात्राओं सहित आम नागरिकों को शासन की सेवाओं से जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:55:14 6:55:56 pm</pubDate></item><item><title>सेवा की कहानी : सेवा संकल्प अभियान : पक्के आवास ने राकेश कुमार यादव के परिवार को दिया सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43028</link><description>नारायणपुर, 7 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्की छत और सुरक्षित जीवन का आधार बन रही है। योजना के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को अपना पक्का घर मिल रहा है, जो वर्षों से कच्चे मकान में रहकर कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। ग्राम पंचायत बेनूर के ग्राम भैरागांव निवासी श्री रमेश कुमार यादव भी ऐसे ही हितग्राहियों में शामिल हैं।
श्री रमेश कुमार यादव अपने परिवार के साथ खेती एवं मजदूरी कर जीवन-यापन करते थे। उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दिनों में मकान की छत से पानी टपकने और घर की कमजोर स्थिति के कारण पूरे परिवार को काफी परेशानी होती थी। बच्चों एवं परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी।
वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत श्री रमेश कुमार यादव को 1 लाख 30 हजार की स्वीकृत राशि प्राप्त हुई। योजना की सहायता से उन्होंने अपने पुराने कच्चे मकान की जगह पक्का घर बनवाया। आज उनका परिवार सुरक्षित और सुविधाजनक आवास में रह रहा है। पक्का मकान मिलने के साथ ही उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास आया है।
नए आवास के साथ परिवार को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन तथा हर घर नल योजना के माध्यम से पेयजल सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके अलावा आवास के साथ निर्मित छोटी दुकान से परिवार को अतिरिक्त आय का साधन भी प्राप्त हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल रही है।
श्री रमेश कुमार यादव कहते हैं कि पक्का घर मिलने से अब बारिश और मौसम की चिंता नहीं रहती। परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:51:15 6:52:51 pm</pubDate></item><item><title>हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने निर्यात संवर्धन कार्यशाला आयोजित</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43027</link><description>रायपुर । छत्तीसगढ़ के हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट एवं अपैरल क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों और संस्थाओं को निर्यात के लिए प्रोत्साहित करने तथा उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स स्थित कन्वेंशन हॉल में में एक दिवसीय निर्यात संवर्धन एवं डिजाइन विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट एवं अपैरल क्षेत्र में निर्यात की संभावनाओं, निर्यात प्रक्रिया, निर्यात लाइसेंस, वित्तीय सहायता, क्रेडिट गारंटी तथा पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक स्वरूप देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। 
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए हथकरघा संघ के अध्यक्ष श्री भोजराज देवांगन ने कहा कि प्रदेश के शिल्पियों द्वारा तैयार कलात्मक उत्पादों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और कला की विशिष्ट पहचान दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य लोकल फॉर वोकल की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के बुनकरों एवं शिल्पकारों के उत्पादों को निर्यात के लिए तैयार कर उन्हें स्थानीय से वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ से स्थानीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों का लगभग 47 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है। आगामी तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।इस कार्यशाला के माध्यम से कोसा-सिल्क, हथकरघा, हस्तशिल्प एवं माटीकला उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के साथ नए उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं, को निर्यात क्षेत्र से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उद्यमियों को निर्यात प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से हरसंभव सहयोग देने की बात कही।कार्यशाला में तकनीकी सत्र में डीजीएफटी नागपुर के संयुक्त निदेशक एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ में हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट एवं अपैरल क्षेत्र में निर्यात की संभावनाओं के साथ निर्यात प्रक्रिया और निर्यात लाइसेंस संबंधी जानकारी दी। इसके बाद एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक ने निर्यातकों के लिए उपलब्ध क्रेडिट गारंटी एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति के प्रावधानों के तहत उपलब्ध सहायता के संबंध में उद्योग विभाग द्वारा जानकारी दी। वहीं एमएसएमई मंत्रालय की ओर से हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट एवं अपैरल क्षेत्र के लिए संचालित विभिन्न सहायता योजनाओं और सुविधाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।डिजाइन विकास पर आयोजित विशेष सत्र में एनआईएफ़टी रायपुर के संयुक्त निदेशक द्वारा टिकाऊ हैंडलूम एवं हस्तशिल्प उत्पादों के लिए डिजाइन नवाचार के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बाजार की बदलती मांग के अनुरूप उत्पादों के डिजाइन, उपयोगिता और प्रस्तुतीकरण में नवाचार की आवश्यकता बताई।
कार्यशाला के अंतिम तकनीकी सत्र में खैरागढ़ स्थित कला-संगीत विश्वविद्यालय की राजकुमारी इंदिरा सिंह द्वारा पारंपरिक डिजाइनों का आधुनिक रूपांतरण विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। इसमें पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय डिजाइन की मौलिकता को बनाए रखते हुए उन्हें समकालीन बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों से फीडबैक एवं विचार लिए गए। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के बुनकरों, शिल्पकारों, उद्यमियों एवं संबंधित संस्थाओं को निर्यात की प्रक्रिया और उपलब्ध सरकारी सहायता की जानकारी देकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ाना है।इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित ग्रामोद्योग से संबंधित व्यवसायी, बुनकर आदि उपस्थित रहे ।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:50:09 6:50:43 pm</pubDate></item><item><title>बेहतर प्रबंधन से छात्रावासों में विद्यार्थियों को मिल रही सुरक्षित और सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43026</link><description>रायपुर । आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभागीय छात्रावासों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला बेमेतरा विकासखंड बेरला में संचालित छात्रावासों में उपलब्ध भवन एवं संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए छात्र-छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
विकासखंड बेरला में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का भवन विहीन होने के कारण इसका संचालन प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास के भवन में संयुक्त रूप से किया जा रहा है। उपलब्ध भवन में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक की कुल 61 छात्राओं के लिए पर्याप्त कमरे एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे उपलब्ध शासकीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए छात्राओं को एक ही परिसर में आवश्यक आवासीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इसी प्रकार छात्राओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कन्या छात्रावास का संचालन बालक छात्रावास के समीप स्थित भवन में नहीं किया जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत संबंधित भवन में बालक छात्रावास संचालित किया जा रहा है, जबकि कन्या छात्राओं के लिए पृथक एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
विभाग द्वारा छात्रावासों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए विद्यार्थियों को अध्ययन के अनुकूल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। विद्यार्थियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:48:36 6:49:13 pm</pubDate></item><item><title> नारायणपुर के 17 दिव्यांगजनों की जिंदगी में आया नया उजाला</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43025</link><description>क्रीड़ा परिसर जगदलपुर में आयोजित शिविर में मिले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण
रायपुर, 07 अक्टूबर 2026

समाज में दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग नारायणपुर द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कलेक्टर के कुशल निर्देशों के तहत जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित विशाल निःशुल्क दिव्यांगजन शिविर में जिले के 17 दिव्यांगजनों और आईईडी ब्लास्ट पीड़ितों को सहभागी बनाकर उनके जीवन को नया संबल प्रदान किया गया।
    दो दिवसीय इस विशेष पुनर्वास शिविर के पहले दिन 05 अक्टूबर को आईईडी ब्लास्ट प्रभावितों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें एक पीड़ित को नया कृत्रिम पैर प्रदान किया गया तथा दो अन्य हितग्राहियों के पूर्व में लगे कृत्रिम पैरों की बारीकी से जांच कर उनमें आवश्यक सुधार किए गए। वहीं दूसरे दिन 06 अक्टूबर को 14 विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों को आधुनिक उपकरण वितरित किए गए। इनमें से दो हितग्राहियों को कैलिपर्स सह-एल्बो, एक को नया कृत्रिम पैर, छह को जूता सपोर्ट उपकरण तथा एक दिव्यांगजन को बैसाखी सौंपी गई, जबकि शेष चार दिव्यांगजनों के पुराने उपकरणों की तकनीकी जांच कर उनका मेंटेनेंस किया गया। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की इस संवेदनशील पहल से न केवल इन दिव्यांगजनों को शारीरिक स्वावलंबन मिला है, बल्कि उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता का एक नया विश्वास भी जगा है।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:45:09 6:46:05 pm</pubDate></item><item><title>कहानीकार कार्यशाला के दूसरे दिन कहानी, कला और किताबों से जुड़ी रचनात्मक गतिविधियों में शामिल हुए शिक्षक</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43024</link><description>कहानीकार पुस्तक मेला रहा विशेष आकर्षण, शिक्षकों ने अपनी कहानियां विकसित कर साझा किए अनुभव
कहानी और स्थानीय अनुभवों के जरिए बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर
रायपुर, 07 अक्टूबर 2026


बच्चों को अपने आसपास के पर्यावरण को देखने, समझने, सवाल पूछने और अपने अनुभवों को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय कहानीकार कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षकों ने कहानी लेखन, रचनात्मक गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए पहले दिन की सीख को आगे बढ़ाया।
 आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, यूनिसेफ तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सहयोग से 6 एवं 7 अक्टूबर को जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एक्शन (एक्सआईएसए), विधानसभा रोड, रायपुर में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से शासकीय विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए।
शिक्षकों ने तैयार की कहानियां, साझा किए अनुभव
 कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागी शिक्षकों ने अपनी कहानियों को विकसित किया और उन्हें एक-दूसरे के साथ साझा किया। स्टोरीटेलिंग गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बच्चों के स्थानीय परिवेश, दैनिक अनुभवों और प्रकृति को कहानी से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
 इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कहानी केवल जानकारी देने का माध्यम न होकर बच्चों में अवलोकन, जिज्ञासा, स्वतंत्र सोच, कल्पनाशीलता और अपनी बात अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
कहानीकार पुस्तक मेला बना विशेष आकर्षण
 दूसरे दिन आयोजित कहानीकार पुस्तक मेला कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहा। पुस्तक मेले में शिक्षकों को विभिन्न पुस्तकों, कहानियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से परिचित होने का अवसर मिला। पुस्तकों को कल्पना, ज्ञान, संवाद और सीखने के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
 शिक्षकों को बताया गया कि किताबों और कहानियों को कक्षा की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मकता और स्वतंत्र सोच को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।
कहानी और कला से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे बच्चे
 कार्यशाला में कहानी, कला और स्थानीय अनुभवों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति एवं पर्यावरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बच्चों को अपने आसपास की प्रकृति का स्वयं अवलोकन करने, प्रश्न पूछने और अपने अनुभवों को कहानी के रूप में व्यक्त करने के अवसर देकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है।
 साथ ही पर्यावरणीय संवेदनशीलता को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई गई।
जुगनू देगा बच्चों और शिक्षकों की रचनात्मकता को मंच
 कार्यशाला के दौरान बच्चों के लिए भारत के पहले द्विभाषी हिंदी-अंग्रेजी क्लाइमेट टैब्लॉइड जुगनू को भी प्रस्तुत किया गया। आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट की एक्शन रिसर्च से विकसित जुगनू के माध्यम से देशभर के बच्चों और शिक्षकों की कहानियों, स्थानीय अनुभवों तथा प्रकृति, पर्यावरण एवं जलवायु से जुड़ी रचनात्मक सामग्री को मंच प्रदान किया जाएगा।
 केयर प्रोजेक्ट की प्रोजेक्ट लीड एवं जुगनू की पब्लिशर डॉ. शालिनी शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर केवल चिंता पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आसपास के परिवेश को समझने, सवाल पूछने, अपनी आवाज अभिव्यक्त करने और सकारात्मक बदलाव के लिए पहल करने को प्रेरित करना है।
अनुभव साझा करने और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समापन
 समापन सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों ने दो दिनों की अपनी सीख और अनुभव साझा किए। इसके बाद छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. शिरीष कुमार सिंह तथा एनआईटी रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राज कुमार साहू की उपस्थिति में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
 दो दिवसीय कहानीकार कार्यशाला ने शिक्षकों को ऐसे रचनात्मक और अनुभवात्मक तरीकों से परिचित कराया, जिनका उपयोग वे कक्षाओं में बच्चों को देखने, सोचने, सवाल करने, अपनी बात कहने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करने में कर सकेंगे। आर्ट ऐस स्टोरी, स्टोरी ऐस नॉलेज, नॉलेज ऐस एक्शन की अवधारणा पर आधारित यह पहल शिक्षा को स्थानीय परिवेश, प्रकृति और बच्चों के अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:42:28 6:43:39 pm</pubDate></item><item><title>दीक्षारंभ कार्यक्रम का गरिमामय समापन, नवप्रवेशित विद्यार्थियों से कुलपति ने किया संवाद</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43023</link><description>रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर मुख्यालय स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम का आज गरिमामय समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे द्वारा माननीय कुलपति एवं उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के स्वागत से किया गया।कार्यक्रम में डॉ. आर. पी. कुजूर, शैक्षणिक प्रभारी, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अकादमिक नियमों, परीक्षा प्रक्रिया, छात्र कल्याण, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, NSS, NCC छात्रवृत्ति, करियर एवं अन्य अवसरों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम की निर्धारित रूपरेखा में भी इन विषयों पर विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए गए थे।
इस अवसर पर अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विश्वविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय, रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश उनके जीवन के एक नए एवं महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस नए परिवेश को सीखने, स्वयं को विकसित करने तथा अपने सपनों को साकार करने के अवसर के रूप में देखें।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नियमित अध्ययन की आदत विकसित करें, अपने शिक्षकों एवं वरिष्ठ विद्यार्थियों से मार्गदर्शन प्राप्त करें तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन, परिश्रम, ईमानदारी एवं सकारात्मक सोच सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश न होने तथा प्रत्येक चुनौती को सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुसंधान, शिक्षण, विस्तार सेवाओं, छात्र कल्याण, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने के लिए विभिन्न संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए थे।
समापन समारोह में दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए व्याख्यान एवं मार्गदर्शन के लिए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी पुस्तक खेती की लागत; डिजिटल सर्वेक्षण, खंड अवधि 2026-29, का भी विमोचन किया गया। पुस्तक में भारत में प्रमुख फसलों की खेती के लागत अध्ययन की समग्र योजना (सी.एस. स्कीम) से संबंधित विषयवस्तु प्रस्तुत की गई है।
समारोह का विशेष आकर्षण माननीय कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल का नवप्रवेशित स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों के साथ आत्मीय एवं प्रेरणादायी संवाद रहा। कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों से उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं, रुचियों, अब तक के अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के संबंध में उनका मार्गदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व को समझने तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश केवल एक डिग्री प्राप्त करने की यात्रा नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कौशल, सोच, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, साहित्यिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लें। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, रचनात्मक सोच एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है, जो उनके भविष्य के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है।
अपने संबोधन में कुलपति महोदय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वे स्वयं कृषि महाविद्यालय, रायपुर के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस संस्थान से जुड़ाव उनके लिए सदैव गौरव का विषय रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने इस संस्थान से शिक्षा एवं संस्कार प्राप्त किए, उसी प्रकार वर्तमान विद्यार्थी भी यहां उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने ज्ञान एवं प्रतिभा को विकसित करें तथा भविष्य में विश्वविद्यालय एवं अपने महाविद्यालय का नाम रोशन करें।कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया कि सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। एक सफल विद्यार्थी वही है जो ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता, जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने, समय का सदुपयोग करने, नियमित अध्ययन करने तथा अपने लक्ष्यों के प्रति निरंतर समर्पित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने विद्यार्थी जीवन को सीखने, प्रयोग करने, नए विचार विकसित करने और स्वयं को पहचानने के अवसर के रूप में लें। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के साथ करने तथा प्रत्येक असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।अंत में कुलपति महोदय ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से न केवल अपने परिवार एवं संस्थान का नाम रोशन करेंगे, बल्कि कृषि क्षेत्र एवं राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर द्वारा माननीय कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल को कृतज्ञता एवं सम्मान के प्रतीक स्वरूप शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।समारोह का संचालन डॉक्टर पायल जायसवाल ने किया एवं अंत में डॉ. रामामोहन सावु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने माननीय कुलपति, विशिष्ट अतिथियों, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, आयोजन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।दीक्षारंभ कार्यक्रम का यह समापन समारोह नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी अनुभव रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास, नेतृत्व क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन 28 सितंबर से 06 अक्टूबर, 2026 तक कृषि महाविद्यालय, रायपुर में किया गया।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:42:52 6:43:37 pm</pubDate></item><item><title>आर्थिक संबल की नई किरण</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43022</link><description>महतारी वंदन योजना ने बदला बेनूर की रामदई कुलदीप का जीवन
रायपुर, 07 अक्टूबर 2026
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की श्महतारी वंदन योजनाश् ग्रामीण अंचलों में आशा की एक नई किरण बनकर उभर रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में उनके स्वास्थ्य और स्वाभिमान का संबल भी बन रही है। नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम बेनूर की रहने वाली श्रीमती रामदई कुलदीप की कहानी इस बदलाव की एक जीवंत मिसाल है।
इलाज और दवाइयों की चिंता से मिली मुक्ति
    एक समय था जब रामदई कुलदीप को अपनी छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं, दवाइयों और दैनिक जरूरतों के लिए आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। वित्तीय निर्भरता के कारण उन्हें अक्सर अपनी आवश्यकताओं से समझौता करना पड़ता था। लेकिन श्महतारी वंदन योजनाश् की शुरुआत के बाद उनके जीवन की दिशा ही बदल गई। योजना के तहत हर महीने मिलने वाली नियमित राशि ने उन्हें सीधा आर्थिक सहारा दिया है, जिसका उपयोग वे अब अपने इलाज और नियमित दवाइयों के खर्चों को पूरा करने में कर रही हैं।
घर की जिम्मेदारियों में बना अतिरिक्त सहारा
     रामदई बताती हैं कि इस योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता केवल स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है। पारिवारिक जरूरतों के समय यह राशि उनके लिए एक मजबूत वित्तीय बैकअप साबित होती है। इससे वे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार घरेलू खर्चों और रोजमर्रा की जरूरतों को बिना किसी तनाव के आसानी से पूरा कर पा रही हैं।
बढ़ा आत्मविश्वास, कम हुई दूसरों पर निर्भरता
     ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए हर महीने मिलने वाली यह सुनिश्चित राशि आर्थिक सुरक्षा की भावना को मजबूत कर रही है। रामदई कुलदीप के अनुसार, जब महिलाएं अपनी सेहत और दैनिक जरूरतों के लिए खुद खर्च करने में सक्षम होती हैं, तो उनका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ता है। अब उन्हें छोटी-मोटी जरूरतों के लिए परिवार में दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
शासन के प्रति जताया आभार
     अपनी आत्मनिर्भरता और जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव से बेहद खुश श्रीमती रामदई कुलदीप ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि श्महतारी वंदन योजनाश् केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की लाखों महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ जीने का नया हौसला दे रही है।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:38:02 6:40:48 pm</pubDate></item><item><title>सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू करने की तैयारी, पीडब्लूडी ने 4 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43021</link><description>रायपुर । बरसात के बाद राज्य में सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू होंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए निविदा प्रक्रिया तत्परता से पूर्ण कर कई कार्यों के लिए निविदा को मंजूरी प्रदान की है। विभाग ने रायगढ़ जिले में 4 कार्यों के लिए कुल 145 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें दो सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण, एक सड़क के उन्नयन तथा एक सड़क के निर्माण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इन कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं।
फोरलेन निर्माण के साथ सड़कों का होगा विद्युतीकरण
लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले के रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग में पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से में फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए भी 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग द्वारा 3.40 किलोमीटर उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के निर्माण लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क में 12.30 किलोमीटर लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए की निविदा लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत की है। इस राशि से सड़क के 8.30 किलोमीटर और 4 किलोमीटर के दो हिस्सों का फोरलेन में उन्नयन किया जाएगा।
मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान  श्री अरुण सावउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। श्री साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर किया गया है।  

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:37:55 6:38:39 pm</pubDate></item><item><title>बहतराई की खेल भूमि ने देश को दिए कई प्रतिभावान खिलाड़ी : श्री अरुण साव</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43020</link><description>उप मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
प्रदेशभर के 571 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
रायपुर. 7 अक्टूबर 2026


उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली और गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता का आगाज किया।


  राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर, बिलासपुर, रायपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के 571 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में 14 वर्ष, 17 वर्ष एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की तीरंदाजी, 19 वर्ष आयु वर्ग की हॉकी और 19 वर्ष बालक वर्ग की कबड्डी के मुकाबले बहतराई के एस्ट्रोटर्फ, इंडोर स्टेडियम और तीरंदाजी मैदान में खेले जाएंगे।

 उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बहतराई की खेल भूमि ने देश और प्रदेश को कई प्रतिभावान खिलाड़ी दिए हैं। इसी मैदान पर खेलकर संजू देवी ने एशियन गेम्स कबड्डी में स्वर्ण पदक जीता। मधु सिदार और गीता यादव ने अंडर-19 महिला हॉकी में देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश जो खेलेगा वही खिलेगा को दोहराते हुए खिलाड़ियों से पूरी खेल भावना और आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि खेल के मैदान में कोई हारता नहीं है, खिलाड़ी या तो जीतता है या सीखता है। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन और सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने बहतराई खेल परिसर को मध्य भारत के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में विकसित करने के लिए इसके उन्नयन पर जोर दिया।
बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी श्री संदीप पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
*बेटियों की प्रस्तुति ने मोहा मन*
पीएमश्री कन्या विद्यालय सरकंडा की छात्राओं ने शुभारंभ कार्यक्रम में भारत माता की वंदना सहित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। तपती धूप में छात्राओं की शानदार प्रस्तुति की अतिथियों ने सराहना की। विधायक श्री शुक्ला ने उनके उत्साहवर्धन के लिए 11 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:36:27 6:37:36 pm</pubDate></item><item><title>विकसित भारत के संकल्प से जगमगाया जशपुर, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में निकली सेवा ज्योति यात्रा</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43019</link><description>रायपुर । रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।
संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया।
रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा
सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण
रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है।प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी, कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति की भूमिका का संदेश प्रमुखता से दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:35:55 6:36:57 pm</pubDate></item><item><title>बस्तर ओलंपिक 2026 वन मंत्री केदार कश्यप ने कराया पंजीयन, अधिकाधिक भागीदारी पर दिया जोर</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43018</link><description>रायपुर । जगदलपुर के धरमपुरा स्थित खेल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए स्वयं अपना पंजीयन कराया और बस्तर ओलंपिक के शुभंकर के साथ अपनी तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने इस आयोजन को बस्तर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बहुत बड़ा और सुनहरा मंच बताया।
दोगुने पंजीयन का लक्ष्य
इस अवसर पर वन मंत्री ने युवाओं, महिलाओं और सभी खेल प्रेमियों से बढ़-चढ़कर पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने इसमें पंजीयन कराया था, और इस बार इसका दोगुना पंजीयन करने का लक्ष्य रखा गया है।
गांव-गांव की प्रतिभाओं को अवसर
वन मंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सुदूर अंचल की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़ा मंच प्रदान करने का एक बेहतरीन माध्यम है।
नये बस्तर की पहचान
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ने की अपील करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नये बस्तर की एक नई पहचान उसके प्रतिभाशाली युवाओं के दम पर बनेगी। इस कार्यक्रम के दौरान चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:33:06 6:33:51 pm</pubDate></item><item><title>महिलाओं ने की लिव-इन के पंजीयन, पैतृक संपत्ति में बराबरी और भरण-पोषण पर एक समान कानून की मांग</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43017</link><description>रायपुर । छत्तीसगढ़ महिला मंच और महाराष्ट्र मंडल महिला समिति की पदाधिकारियों व सदस्यों ने समान नागरिक संहिता समिति के समक्ष विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील व व्यावहारिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राऊत और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार ने महिलाओं द्वारा दिए गए सभी व्यावहारिक और कानूनी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उन पर विचार करने का पूर्ण आश्वासन दिया। 
लैंगिक समानता और संपत्ति अधिकार
शताब्दी पाण्डेय ने धर्म आधारित कानूनों में बदलाव की वकालत करते हुए पैतृक व व्यक्तिगत संपत्ति में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने, भरण-पोषण के नियम एक समान बनाने और आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। छत्तीसगढ़ एक जनजातीय बहुल प्रदेश होने के कारण संबंधित समुदायों की परंपराओं, नीतियों, रीति-रिवाजों और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श पर सहमति बनी। साथ ही, पंचायतों में कानूनी सलाह के लिए विशेष डेस्क बनाने की मांग रखी । सुश्री श्वेता पड्डा ने महिलाओं के शोषण पर प्रभावी रोकथाम के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन को अनिवार्य बनाने की मांग की। साथ ही, लिव-इन से जन्मे बच्चों को पालन-पोषण और उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलने तथा जैविक पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
अधिवक्ता श्रीमती सुचित्रा वर्धन ने स्पष्ट किया कि केवल आपसी सहमति (एग्रीमेंट) के आधार पर महिला-पुरुष का साथ रहना भारतीय कानून में मान्य नहीं है, इसलिए इस पर स्पष्टता जरूरी है। अधिवक्ता श्रीमती हेमलता सिंह ने यूसीसी का मुख्य उद्देश्य कानूनी भेदभाव को समाप्त कर व्यवस्था को सरल बनाना बताया। गीता श्याम दलाल ने एक राष्ट्र, एक कानून का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधी को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, जबकि सभी को अपनी परंपराओं को मानने की स्वतंत्रता हो। श्रीमती आस्था अभय काले ने कहा कि यह व्यवस्था समाज के अंतिम छोर पर खड़ी कमजोर महिलाओं तक पहुँचनी चाहिए, जिसके लिए महिलाओं का जागरूक होना सबसे पहले आवश्यक है। बैठक में आकांक्षा तिवारी, डॉ. (श्रीमती) भारती यादव, डॉ. (श्रीमती) रत्ना पाण्डेय, श्रीमती पुरोहित और प्रसन्ना राजेश अवस्थी, श्रीमती अर्चना वोरा, श्रीमती शेफाली पुरोहित, श्रीमती शीला शर्मा, श्रीमती नमिता शेष, श्रीमती मालती मिश्रा ने बच्चों के हितों की रक्षा से जुड़े सुझाव दिए, आदिवासी समाज की सहभागिता व विवाह परंपराओं पर अपने विचार समिति के समक्ष रखे। समिति ने महिलाओं की इस संवादात्मक पहल की सराहना करते हुए सभी व्यावहारिक सुझावों को आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखने का भरोसा दिलाया।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:31:20 6:32:05 pm</pubDate></item><item><title>₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता और वैश्विक साझेदारियां : छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धियों से भरा रहा सिंगापुर दौरा</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43016</link><description>रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज रायपुर लौटा। तीन दिवसीय इस दौरे में प्रदेश को ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं। किसी एक विदेश यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले यह अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रथम सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026 में भागीदारी के लिए देश से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने ₹41,750 करोड़ के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के निवेश प्रस्ताव के साथ कौशल विकास के क्षेत्र में ITE Education Services, Singapore के साथ महत्वपूर्ण एमओयू किया। वहीं Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
एआई डेटा सेंटर से सौर ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण तक बड़े निवेश
सिंगापुर की Energy Capital Global (ECG) ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए ₹41,750 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना प्रदेश को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल साबित हो सकती है।
इसी प्रकार Sunstream Green Energy Pvt. Ltd. को सोलर क्षेत्र के साथ साथ 300 मेगावाट की सम्बन्धित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव भी प्रस्ताव हुआ। वहीं 22 देशों में कार्यरत वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह Valency International Pte Ltd को ₹350 करोड़ के एकीकृत एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए निवेश आमंत्रण दिया गया। इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत होने के साथ किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के नए अवसर बनेंगे।
इन निवेश प्रस्तावों का लाभ प्रदेश के विभिन्न वर्गों तक पहुंचेगा। युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-टेक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उद्योगों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। स्थानीय स्टार्टअप और एमएसएमई को बड़ी वैश्विक कंपनियों के सप्लायर और बिजनेस पार्टनर के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश के किसानों और कृषि उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक बढ़ेगी।
युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
भविष्य के उद्योगों के लिए प्रदेश के युवाओं को तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू किया। इसके अंतर्गत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने और युवाओं के लिए कौशल से रोजगार तक बेहतर अवसर विकसित करने पर काम किया जाएगा।
SING Forum में दुनिया के सामने रखी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा
Singapore Business Federation (SBF) द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास के क्षेत्र में अपनी नई संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर की विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री Gan Siow Huang, SBF के चेयरमैन श्री Mark Lee, सीईओ श्री Kok Ping Soon सहित Mastercard, Nestl और IHCL (Taj Hotels) जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
फोरम के दौरान आयोजित फायरसाइड चैट में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का माध्यम बने।
सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुलाकात, राज्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. Vivian Balakrishnan से सौजन्य भेंट की। इस दौरान भारत-सिंगापुर के मजबूत संबंधों को राज्य स्तर पर और विस्तार देने तथा निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ सीईओ राउंडटेबल
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में TCS, SMBC, Tolaram Group और Agrocorp सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश और भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद हुआ।Global Finance  Technology Network (GFTN) के साथ हुई चर्चा में प्रदेश के युवाओं को एआई और डिजिटल फाइनेंस का प्रशिक्षण देने तथा छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और बाजारों तक पहुंच दिलाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। Aquatech Pacific Holdings Pte Ltd के साथ प्रदेश के उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई, जबकि Adroit Overseas Pte Ltd ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई।
हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में भी वैश्विक साझेदारी की पहल
सिंगापुर यात्रा के दौरान Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group के साथ हुई बैठकों ने छत्तीसगढ़ में हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन के लिए सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।Gardens by the Bay के अनुभव और विश्वस्तरीय कार्यप्रणाली का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने तथा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बेहतर और अधिक हरित सार्वजनिक स्थल तैयार करने में किया जा सकेगा।Mandai Wildlife Group के साथ नंदनवन जंगल सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दिशा में सहयोग से प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर यात्रा को छत्तीसगढ़ की वैश्विक निवेश यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा, इस यात्रा ने दुनिया के सामने यह स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। हम निवेश प्रस्तावों के साथ नई साझेदारियां और आगे बढ़ने का स्पष्ट रोडमैप लेकर लौटे हैं। अब हमारी सरकार प्रत्येक निवेशक के साथ निरंतर और गंभीरता से फॉलो-अप करेगी, ताकि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। हमारा लक्ष्य है कि इन निवेशों से प्रदेश के युवाओं के लिए नए करियर और रोजगार के अवसर बनें तथा हमारे उद्यमियों और स्थानीय उद्योगों के लिए विकास के नए द्वार खुलें।
तीन दिवसीय सिंगापुर प्रवास के दौरान हुए निवेश प्रतिबद्धताओं, कौशल विकास समझौते और विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के साथ बनी साझेदारी छत्तीसगढ़ को निवेश, तकनीक, कौशल, हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:27:06 6:28:25 pm</pubDate></item><item><title>कैबिनेट बैठक 11 को</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43015</link><description>रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक रविवार, 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाईन, रायपुर में होगी।


</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:25:52 6:26:28 pm</pubDate></item><item><title>जशपुर में पर्यटन मंत्री अग्रवाल के नेतृत्व में निकली सेवा ज्योति यात्रा</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43014</link><description>रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।

संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया।

रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा
सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने सहभागिता की।

विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होगा साकार: राजेश अग्रवाल
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण
रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:23:36 6:24:16 pm</pubDate></item><item><title>पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष देश के विकास और परिवर्तन की प्रेरक यात्रा : विष्णुदेव साय</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43013</link><description>रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को रायपुर में सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत विकसित भारत संकल्प सभा एवं सेवा ज्योति यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी सेवा ज्योति संकल्प चौक के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे। ये आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देंगे कि राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया। इसके पश्चात उन्होंने हाथों में मशाल लेकर सेवा ज्योति यात्रा का नेतृत्व किया और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा तेलीबांधा चौक तक निकाली गई। बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा
मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के आज 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की।

सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लोगों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक आशीर्वाद के दीये प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की थी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से लगातार जुड़ रहे हैं।

विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विराट लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस संकल्प को सिद्ध करने की क्षमता और सामर्थ्य हमारे देश और देशवासियों में है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047 के माध्यम से आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय की है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी बनें।

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलता है भरपूर सहयोग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इस कारण वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ यहां की संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।

वैश्विक अवसरों से जुड़ रहा छत्तीसगढ़
अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि भारत के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने आर्थिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करें तथा निवेश, तकनीक, कौशल और नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ और हरियाणा को सिंगापुर में आयोजित प्रथम Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026 में भागीदारी के लिए चुना गया। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध पुराने और मजबूत हैं। सिंगापुर में विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है। आज दुनिया भारत को विश्वास, संभावनाओं और विकास के बड़े केंद्र के रूप में देख रही है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहने तथा इसी ऊर्जा के साथ निरंतर देश की सेवा करते रहने की कामना की। उन्होंने नागरिकों से सेवा ज्योति यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:20:59 6:21:41 pm</pubDate></item><item><title>कैबिनेट बैठक 11 अक्टूबर को</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43012</link><description>रायपुर, 07 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक रविवार, 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाईन, रायपुर में होगी।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:20:49 6:21:17 pm</pubDate></item><item><title>CEC के इस्तीफे के मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43011</link><description>रायपुर । कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक उमेश रगड़े के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस OBC विभाग के प्रदेश सचिव उमेश यादव, ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री कन्हैया शर्मा, इंटक जिला महासचिव अभिषेक सोनी, इंटक जिला सचिव प्रकाश देवांगन, यशवर्धन पुरोहित, योगेश रगड़े, कपिल शांडेकर, गोलू सोनवानी, ब्रम्हाण्डे बघेल, अभिषेक रगड़े एवं कालू महानंद उपस्थित रहे।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:19:25 6:20:05 pm</pubDate></item><item><title>यूसीसी पर महिलाओं ने रखी बेबाक राय</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43010</link><description>लिव-इन के पंजीयन, पैतृक संपत्ति में बराबरी और भरण-पोषण पर एक समान कानून की मांग
रायपुर, 07 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ महिला मंच और महाराष्ट्र मंडल महिला समिति की पदाधिकारियों व सदस्यों ने समान नागरिक संहिता समिति के समक्ष विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील व व्यावहारिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राऊत और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार ने महिलाओं द्वारा दिए गए सभी व्यावहारिक और कानूनी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उन पर विचार करने का पूर्ण आश्वासन दिया। 
लैंगिक समानता और संपत्ति अधिकार
  शताब्दी पाण्डेय ने धर्म आधारित कानूनों में बदलाव की वकालत करते हुए पैतृक व व्यक्तिगत संपत्ति में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने, भरण-पोषण के नियम एक समान बनाने और आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। छत्तीसगढ़ एक जनजातीय बहुल प्रदेश होने के कारण संबंधित समुदायों की परंपराओं, नीतियों, रीति-रिवाजों और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श पर सहमति बनी। साथ ही, पंचायतों में कानूनी सलाह के लिए विशेष डेस्क बनाने की मांग रखी ।
   सुश्री श्वेता पड्डा ने महिलाओं के शोषण पर प्रभावी रोकथाम के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन को अनिवार्य बनाने की मांग की। साथ ही, लिव-इन से जन्मे बच्चों को पालन-पोषण और उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलने तथा जैविक पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
   अधिवक्ता श्रीमती सुचित्रा वर्धन ने स्पष्ट किया कि केवल आपसी सहमति (एग्रीमेंट) के आधार पर महिला-पुरुष का साथ रहना भारतीय कानून में मान्य नहीं है, इसलिए इस पर स्पष्टता जरूरी है। अधिवक्ता श्रीमती हेमलता सिंह ने यूसीसी का मुख्य उद्देश्य कानूनी भेदभाव को समाप्त कर व्यवस्था को सरल बनाना बताया। गीता श्याम दलाल ने एक राष्ट्र, एक कानून का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधी को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, जबकि सभी को अपनी परंपराओं को मानने की स्वतंत्रता हो। श्रीमती आस्था अभय काले ने कहा कि यह व्यवस्था समाज के अंतिम छोर पर खड़ी कमजोर महिलाओं तक पहुँचनी चाहिए, जिसके लिए महिलाओं का जागरूक होना सबसे पहले आवश्यक है। बैठक में आकांक्षा तिवारी, डॉ. (श्रीमती) भारती यादव, डॉ. (श्रीमती) रत्ना पाण्डेय, श्रीमती पुरोहित और प्रसन्ना राजेश अवस्थी, श्रीमती अर्चना वोरा, श्रीमती शेफाली पुरोहित, श्रीमती शीला शर्मा, श्रीमती नमिता शेष, श्रीमती मालती मिश्रा ने बच्चों के हितों की रक्षा से जुड़े सुझाव दिए, आदिवासी समाज की सहभागिता व विवाह परंपराओं पर अपने विचार समिति के समक्ष रखे। समिति ने महिलाओं की इस संवादात्मक पहल की सराहना करते हुए सभी व्यावहारिक सुझावों को आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखने का भरोसा दिलाया।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:18:32 6:19:28 pm</pubDate></item><item><title>टाइड ग्रांट से बिजली बिल भुगतान पर सवाल, 32.99 करोड़ के खर्च का मांगा हिसाब</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43009</link><description>रायपुर । नगरीय निकायों में 15वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट के इस्तेमाल को लेकर बड़ा सवाल सामने आया है। शहरों में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए मिले इस फंड से प्रदेश के नगरीय निकायों ने 32.99 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का भुगतान किया। महालेखाकार (AG) ऑडिट ने इस खर्च को निर्धारित प्रावधानों के विपरीत मानते हुए आपत्ति दर्ज की है।
ऑडिट आपत्ति के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के सभी नगरीय निकायों से भुगतान से संबंधित पूरा रिकॉर्ड और मूल नस्तियां तलब की हैं।

32.99 करोड़ के भुगतान का मांगा पूरा हिसाब
संचालनालय के संचालक नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने संयुक्त संचालकों को बिंदुवार जानकारी जुटाकर महालेखाकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग यह जानकारी जुटा रहा है कि किस निकाय ने कितनी राशि टाइड ग्रांट से बिजली बिलों के भुगतान में खर्च की और इसके लिए किस स्तर पर मंजूरी दी गई।

विभाग ने केवल भुगतान का विवरण ही नहीं, बल्कि मूल नस्तियां, स्वीकृति आदेश और संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं।

आखिर टाइड ग्रांट से बिजली बिल क्यों चुकाए?
केंद्र के 2 जुलाई 2024 के दिशा-निर्देश और राज्य सरकार के 10 जनवरी 2025 के आदेश के मुताबिक टाइड ग्रांट की अधिकतम 10 प्रतिशत राशि ही पाइपलाइन, कचरा प्लांट जैसी सेवाओं के संचालन एवं संधारण यानी OM पर खर्च की जा सकती है। वह भी सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति और असाधारण परिस्थितियों में।

ऑडिट का सवाल यही है कि बिजली बिलों के भुगतान को किस आधार पर टाइड ग्रांट के खर्च में शामिल किया गया और क्या इसके लिए निर्धारित अनुमति ली गई थी।

बिजली और स्थापना खर्च निकायों की अपनी आय से
निर्देशों के मुताबिक निकायों को बिजली बिल और स्थापना से जुड़े नियमित खर्च अपने टैक्स, यूजर चार्ज और अन्य स्थानीय आय से वहन करने होते हैं। ऐसे में अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि 32.99 करोड़ रुपये के भुगतान को टाइड ग्रांट से करने की मंजूरी किस आधार पर दी गई।

साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या संबंधित निकायों के पास अपनी आय के पर्याप्त स्रोत होने के बावजूद अनुदान की राशि से बिजली बिलों का भुगतान किया गया।

कार्यपालन अभियंता स्तर से मंजूरी पर भी सवाल
महालेखाकार की आपत्ति में बिजली बिलों के भुगतान के लिए कार्यपालन अभियंता स्तर से राशि मंजूर किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया गया है। अब विभाग यह जांच कर रहा है कि किस निकाय को कितनी राशि मिली, किस बिजली बिल के भुगतान में उसका इस्तेमाल हुआ और भुगतान की स्वीकृति देते समय निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं।

ऑडिट ने पूछे 12 अहम सवाल
जांच के लिए विभाग ने विभिन्न बिंदुओं पर दस्तावेज और जानकारी मांगी है। इनमें प्रमुख रूप से

केंद्रीय गाइडलाइन: 2 जुलाई 2024 के वित्त मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन की प्रति।
लिखित मंजूरी: खर्च से पहले सक्षम अधिकारी की लिखित स्वीकृति ली गई थी या नहीं।
असाधारण स्थिति: बिजली बिल भुगतान को असाधारण परिस्थिति मानने का आधार क्या था।
पांच साल का खर्च: 2021-22 से 2025-26 तक जल और स्वच्छता व्यवस्था पर OM खर्च का विवरण।
अनुमति देने वाला अधिकारी: 10 प्रतिशत तक OM खर्च की अनुमति किस अधिकारी ने दी।
टैक्स वसूली: मंजूरी से पहले निकाय की टैक्स वसूली की स्थिति की समीक्षा हुई थी या नहीं।
अनुदान से भुगतान: अपनी आय के बावजूद बिजली बिल टाइड ग्रांट से क्यों चुकाए गए।
विभाग की राय: 32.99 करोड़ रुपये के भुगतान पर AG ऑडिट की आपत्ति के संबंध में विभाग का मत।
मूल नस्तियां: बिजली बिल भुगतान से संबंधित सभी मूल दस्तावेज।
अपनी आय का ब्योरा: टैक्स, यूजर चार्ज, जलकर, किराया, भवन अनुज्ञा, लाइसेंस-पंजीयन समेत अन्य आय की वर्षवार जानकारी।
आर्थिक मजबूरी: बिजली बिल चुकाने में आर्थिक असमर्थता थी तो क्या इसका प्रमाण-पत्र दिया गया।
पांच साल का तुलनात्मक हिसाब: टाइड ग्रांट, OM प्रावधान और वास्तविक खर्च का तुलनात्मक चार्ट।

अब दस्तावेजों से साफ होगी भुगतान की पूरी तस्वीर
महालेखाकार की आपत्ति के बाद विभाग द्वारा मूल नस्तियां और स्वीकृति संबंधी दस्तावेज मंगाए जाने से अब यह स्पष्ट होगा कि 32.99 करोड़ रुपये के बिजली भुगतान के लिए किन परिस्थितियों में मंजूरी दी गई और क्या निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ। विभाग की जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही जिम्मेदारी और नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:17:19 6:17:58 pm</pubDate></item><item><title>बीमा दावा 4 साल तक लंबित रखा, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43008</link><description>रायपुर । राज्य शासन ने शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे के निराकरण में चार साल से अधिक समय तक हुई देरी के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विमानन संचालनालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कंपनी के विरुद्ध यह कार्रवाई की है।
मामला मई 2022 में रायपुर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के हेलीकॉप्टर से संबंधित है। राज्य शासन द्वारा हेलीकॉप्टर का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था और निर्धारित बीमा प्रीमियम का पूर्ण भुगतान किया गया था। दुर्घटना के बाद राज्य शासन की ओर से बीमा दावा प्रस्तुत किया गया, लेकिन कंपनी द्वारा इस दावे को चार वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखा गया और अंततः अगस्त 2026 में इसे अस्वीकार कर दिया गया।

विमानन संचालनालय ने पूरे प्रकरण के परीक्षण में पाया कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े बीमा दावे के निराकरण में अत्यधिक विलंब हुआ और राज्य शासन के प्रकरण के निपटारे में कंपनी का रवैया असंगत रहा। शासन ने इसे सार्वजनिक धन और शासकीय हित से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए कार्रवाई की है।

अधिकारियों के अनुसार शासकीय हेलीकॉप्टर सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी खरीदी और बीमा में जनता का पैसा लगा है। ऐसी स्थिति में बीमा दावे को वर्षों तक लंबित रखने का आर्थिक प्रभाव अंततः सार्वजनिक संसाधनों पर पड़ता है। शासन का स्पष्ट मत है कि सरकार के साथ कार्य करने वाली प्रत्येक सेवा प्रदाता संस्था को अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं का समयबद्ध रूप से पालन करना होगा।

कार्रवाई से पहले कंपनी को दिया गया पूरा अवसर
राज्य शासन ने इस मामले में प्राकृतिक न्याय और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कंपनी ने अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया गया। कंपनी का पक्ष सुनने और उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश पारित करते हुए कंपनी को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया।

अधिकारियों ने कहा कि शासन के साथ काम करने वाले प्रत्येक सेवा प्रदाता के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन आवश्यक है। सार्वजनिक दावों के निपटारे में अनावश्यक विलंब को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि इससे न केवल शासन के वित्तीय हित प्रभावित होते हैं, बल्कि सेवा व्यवस्था के प्रति विश्वास भी कमजोर होता है।

बीमा राशि की वसूली के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा राज्य
कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ ही बीमा दावे का मामला समाप्त नहीं हुआ है। राज्य शासन अपने दावे की राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी है और राज्य को देय राशि की वसूली के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

राज्य शासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक संपत्ति, शासकीय धन और राज्य के वित्तीय हितों से जुड़े मामलों में जवाबदेही सर्वोपरि है। शासन के साथ कार्य करने वाली संस्थाओं से समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी सेवा की अपेक्षा की जाती है तथा सार्वजनिक हित प्रभावित होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:15:39 6:16:14 pm</pubDate></item><item><title> *नोनी सशक्तिकरण योजना ने अंकिता के सपनों को दिए पंख, शिक्षा के लिए मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता*   *निर्माण श्रमिक की बेटी को मिला आर्थिक संबल, पढ़ाई का खर्च उठाने में परिवार को मिली राहत*</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43007</link><description>रायपुर, 07 अक्टूबर 2026/ आर्थिक परिस्थितियां कमजोर हों, लेकिन आगे बढ़ने का हौसला और शासन की योजनाओं का सहारा मिले तो शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के नगर पालिका परिषद गौरेला के वार्ड क्रमांक 15 की निवासी कुमारी अंकिता रोहणी की कहानी भी इसी संकल्प और उम्मीद को बयां करती है। निर्माण श्रमिक परिवार की बेटी अंकिता अपनी पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं। उनके इस सपने को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने मजबूती दी है।


अंकिता के पिता श्री रवि रोहणी निर्माण श्रमिक हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच परिवार के लिए घर की जरूरतों के साथ बेटी की शिक्षा का खर्च उठाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने अंकिता की पढ़ाई में आर्थिक परिस्थितियों को बाधा नहीं बनने दिया और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी शिक्षा जारी रखा।


इसी बीच श्रमिक परिवारों की बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संचालित नोनी सशक्तिकरण योजना की जानकारी मिलने पर अंकिता को योजना से जोड़ा गया। पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि अंकिता और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई।


*शिक्षा की जरूरतों पर खर्च कर रही हैं सहायता राशि*


अंकिता इस सहायता राशि का उपयोग अपनी शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। पढ़ाई से संबंधित खर्चों के लिए आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हुआ है। वहीं अंकिता भी अब अधिक आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा रही हैं।


अंकिता बताती हैं कि शासन से मिली सहायता उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी है। उनका सपना शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनकर परिवार तथा समाज का नाम रोशन करने का है।


*श्रमिक परिवारों की बेटियों को मिल रहा आर्थिक संबल*


नोनी सशक्तिकरण योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके बेहतर भविष्य की राह आसान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सहायता मिलने से उनकी शिक्षा सहित भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवारों को सहयोग मिल रहा है। योजना के माध्यम से बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास हो रहे हैं।


अंकिता की कहानी बताती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचने से न केवल आर्थिक कठिनाइयां कम होती हैं, बल्कि युवाओं के सपनों और आत्मविश्वास को भी नई मजबूती मिलती है।


योजना के तहत मिली सहायता से उत्साहित अंकिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस मदद से उनकी शिक्षा के सपने को मजबूती मिली है। अब वह मन लगाकर पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं और भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का सहारा बनना चाहती है।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:15:19 6:16:00 pm</pubDate></item><item><title>प्लॉट का कब्जा नहीं मिला, बुकिंग भी रद्द; वत्सल्य डेवलपर्स को 33 लाख लौटाने का आदेश</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43006</link><description>रायपुर । रायपुर के सेजबहार स्थित वत्सल्य डेवलपर्स से जुड़े प्लॉट बुकिंग मामले में छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने आबंटी के पक्ष में आदेश जारी किया है। प्राधिकरण ने डेवलपर को आबंटी से प्राप्त 15 लाख 9 हजार 300 रुपये की मूल राशि के साथ 18 लाख 60 हजार 956 रुपये ब्याज के रूप में लौटाने के निर्देश दिए हैं। इस तरह कुल 33 लाख 70 हजार 256 रुपये का भुगतान करना होगा।
2012 में बुक किया था आवासीय प्लॉट
प्रकरण के अनुसार, आबंटी ने वर्ष 2012 में वत्सल्य डेवलपर्स के साथ अनुबंध कर आवासीय प्लॉट बुक कराया था। इसके बाद 2012 से 2015 के बीच निर्धारित शर्तों के तहत आबंटी ने डेवलपर को किस्तों में कुल ₹15,09,300 का भुगतान किया।

आबंटी की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान किए जाने के बावजूद संबंधित प्लॉट का कब्जा नहीं मिलने को लेकर विवाद सामने आया।

बुकिंग रद्द करने को लेकर भी विवाद
मामले में आबंटी की ओर से यह शिकायत की गई कि लंबे समय तक प्लॉट का कब्जा नहीं मिलने के बाद डेवलपर ने उसकी बुकिंग बिना पूर्व सूचना के निरस्त कर दी। इसके बाद जमा राशि की वापसी और अपने हितों की सुरक्षा के लिए आबंटी ने CGRERA का रुख किया।

दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण ने प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण किया। इसके बाद CGRERA ने डेवलपर को आबंटी की मूल जमा राशि के साथ उस पर निर्धारित ब्याज का भुगतान करने का निर्देश दिया।

आदेश के अनुसार, ₹15,09,300 मूल राशि और ₹18,60,956 ब्याज के रूप में भुगतान किया जाना है। दोनों रकम मिलाकर कुल ₹33,70,256 आबंटी को वापस करने होंगे।

आबंटियों के अधिकारों के लिए अहम आदेश
यह आदेश रियल एस्टेट परियोजनाओं में आबंटियों के अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मामला यह भी रेखांकित करता है कि प्लॉट या प्रॉपर्टी बुक कराने के बाद भुगतान करने वाले आबंटी अपने अनुबंध और लागू कानूनी अधिकारों के तहत राहत के लिए नियामक प्राधिकरण का रुख कर सकते हैं।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:13:57 6:14:42 pm</pubDate></item><item><title>कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43005</link><description>कवर्धा । कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गंभीर नाराजगी जताई। कवर्धा जाते समय सड़क पर पशुओं को देखकर उन्होंने बेमेतरा टोल प्लाजा के पास मंगलवार को देर रात अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर बात कर हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण के संबंध में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस पर शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही प्रतिदिन किए जा रहे निरीक्षण एवं अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा तक पड़ने वाले ग्रामों के स्थानीय लोगों के माध्यम से पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए।

सड़क पर पशुओं की मौजूदगी को लेकर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए और सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

शर्मा ने कहा कि सड़क पर पशुओं के रहने से न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर रात्रि के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल लगातार मार्ग का निरीक्षण करे और पशुओं के दिखाई देते ही उन्हें सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:06:13 6:06:55 pm</pubDate></item><item><title>अंतिम व्यक्ति का उत्थान और सर्वसमावेशी विकास ही हमारी प्रतिबद्धता: टंक राम वर्मा</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43004</link><description>​रायपुर । राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने मंगलवार को जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुँचकर जमीनी स्तर पर शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।
मंत्री वर्मा ने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत माड़िंग पिड़िंग भूर्सा जनपद पंचायत मोहला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के लाभार्थी इन्द्र कुमार पिता मदन लाल के निर्माणाधीन घर का अवलोकन किया, वर्ष 2025-26 के तहत स्वीकृत इस पक्के आवास हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है, साथ ही परिवार को 90 दिनों का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

​बहुआयामी विकास का केंद्र बनीं सरकारी योजनाएं
लाभार्थी परिवार की श्रीमती हेमेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की विकासपरक नीतियों के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने बताया कि सरकार की एकीकृत कल्याणकारी सोच से उनके परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

​श्रीमती हेमेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से हमें न केवल सुरक्षित और पक्का घर मिला है, बल्कि इसके साथ उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिलने से धुएँ से मुक्ति मिली है। जल जीवन मिशन (नल-जल योजना) के माध्यम से अब हमारे घर के भीतर ही स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' से हर महीने मिलने वाली वित्तीय सहायता महिलाओं के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का बड़ा आधार बन चुकी है। इस राशि का उपयोग हम घर की आवश्यक दैनिक जरूरतों और बच्चों की देखभाल में सहूलियत के साथ कर पा रहे हैं।

​हितग्राहियों के सुखद अनुभवों को सुनकर राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है।

हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुँचाना है। जब एक ग्रामीण परिवार को अपना पक्का मकान मिलता है, बहन-बेटियों को रसोई गैस और घर पर ही शुद्ध जल की सुविधा मिलती है, तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण होता है, तब सही मायनों में रामराज्य और सुशासन की संकल्पना साकार होती है। राज्य सरकार हर पात्र नागरिक को उसका हक और सम्मान दिलाने के लिए पूर्ण पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रयासरत है।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:03:55 6:04:39 pm</pubDate></item><item><title>पंकज शर्मा पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी के प्रेरणास्रोत : विजय शर्मा</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43003</link><description>रायपुर । रायपुर ने पत्रकारिता के क्षेत्र में देश और प्रदेश को कई मूर्धन्य पत्रकार दिए हैं, इन्हीं में से एक नाम वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय पंकज शर्मा का है। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंकज गार्डन, खो-खो पारा में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।

समारोह के दौरान स्वर्गीय पंकज शर्मा के जीवन और उनकी पत्रकारिता यात्रा पर आधारित करीब एक घंटे की विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उनके पत्रकारिता जीवन, देश-विदेश में किए गए कार्यों, उनकी लेखन शैली, संवाद क्षमता और पत्रकारिता के प्रति समर्पण को स्मरण किया गया। डॉक्यूमेंट्री ने उपस्थित लोगों को पंकज शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व से भावनात्मक रूप से जोड़ा।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि स्व. पंकज शर्मा ने पत्रकारिता को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मिशन के रूप में जिया। उन्होंने सीमित जीवनकाल में अपनी प्रतिभा और लेखनी से ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणा है। शर्मा ने कहा कि पंकज शर्मा की स्मृति को स्थायी रूप देना केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि रायपुर की पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा का सम्मान है।

पंकज शर्मा ने रायपुर की पत्रकारिता को राष्ट्रीय पहचान दी : बृजमोहन अग्रवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पंकज शर्मा रायपुर की उस पत्रकारिता परंपरा के प्रतिनिधि थे, जिसने अपनी प्रतिभा और लेखनी के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि पंकज शर्मा ने पत्रकारिता में जिस ऊंचाई को हासिल किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उनकी स्मृति में प्रतिमा का अनावरण आने वाली पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

विधायक सुनील सोनी और विधायक मोतीलाल साहू ने भी स्वर्गीय पंकज शर्मा को याद करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया। वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी ने पंकज शर्मा की पत्रकारिता शैली, उनके लेखन और उस दौर की पत्रकारिता में उनके प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पंकज शर्मा के नाम पर संस्थानों और सम्मान की पहल का प्रस्ताव
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने स्वर्गीय पंकज शर्मा की स्मृति को और व्यापक स्वरूप देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उन्होंने पंकज उद्यान का नाम विस्तारित कर पत्रकार पंकज शर्मा उद्यान करने, खो-खो पारा स्थित स्कूल का नाम पत्रकार पंकज शर्मा के नाम पर करने, तथा युवा पत्रकार राज्य अलंकरण की शुरुआत स्वर्गीय पंकज शर्मा के नाम से किए जाने का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की किसी प्रमुख बिल्डिंग का नाम भी पंकज शर्मा के नाम पर किए जाने का सुझाव दिया। मंच पर मौजूद सभी अतिथियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया और पंकज शर्मा की स्मृति को संस्थागत रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पंकज शर्मा ने अपने अल्प जीवनकाल में पत्रकारिता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी और देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से भारतीय पत्रकारिता का गौरव बढ़ाया। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपरा और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर प्रेस क्लब, अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ एवं विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 18:01:17 6:01:52 pm</pubDate></item><item><title> चावल और दाल के दाम आसमान पर - कन्हैया</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43002</link><description>केंद्र और राज्य सरकार की प्रशासनिक अक्षमता से बिगड़ रहा रसोई का बजट: कन्हैया
बंपर स्टॉक के बावजूद 15 दिनों में चावल के दाम 20% तक बढ़े..
भारत ब्रांड चावल, आटा, दाल और प्याज की बिक्री बंद कर सरकार जमाखोरों और सट्टेबाजों को पहुंचा रही फायदा: कन्हैया
गोदामों में अनाज सड़ रहा है और जनता महंगाई से त्रस्त है, यह विशुद्ध रूप से कुप्रबंधन का नतीजा....

रायपुर। देश में खाद्यान्न का बंपर स्टॉक होने के बावजूद पिछले 15 दिनों में चावल और दालों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक और राजनीतिक अक्षमता के कारण आज देश और प्रदेश के हर घर का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
     *अनाज का रिकॉर्ड स्टॉक, फिर भी 20% तक बढ़े दाम
कन्हैया अग्रवाल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है और देश व राज्य के गोदामों में लाखों मीट्रिक टन चावल और धान भरा पड़ा है। इसके बावजूद पिछले दो हफ़्तों में खुदरा बाजार में चावल के दाम में 15 से 20 प्रतिशत और दालों के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है । उन्होंने सवाल उठाया कि जब गोदामों में अनाज भरा है, तो बाजार में कीमतें क्यों भाग रही हैं? यह सरकार की नीतियों की नाकामी और बाजार पर नियंत्रण खोने का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
भारत ब्रांड' की बिक्री बंद कर जमाखोरों को पहुंचाया जा रहा फायदा
प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि ऐसे संकट के समय जब आम जनता महंगाई से परेशान है, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'भारत ब्रांड' (भारत चावल, भारत दाल, भारत आटा और प्याज) का रियायती वितरण NAFED और NCCF के आउटलेट्स पर अचानक बंद या ठप कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी बफर स्टॉक को बाजार में उतारने के बजाय सप्लाई रोककर सीधे तौर पर बड़े कारोबारियों और जमाखोरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, ताकि वे कृत्रिम किल्लत पैदा कर मुनाफाखोरी कर सकें।
गोदामों में सड़ रहा अनाज, सट्टेबाजी पर नकेल कसने में नाकाम सरकार
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि एक तरफ छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक लापरवाही और कस्टम मिलिंग की सुस्त प्रक्रिया के कारण हजारों टन धान और चावल खुले आसमान के नीचे सड़ जाता है, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ता को महंगे दामों पर राशन खरीदना पड़ रहा है। SEBI और वायदा कारोबार के नियमों के बावजूद सट्टेबाज और बड़े बिचौलिए बाजार को नियंत्रित कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है । उन्होंने कहा कि देश की 80 करोड़ आबादी को सरकार फ्री में राशन उपलब्ध करा रही है तब इतनी महंगाई है ,यदि देश का हर नागरिक राशन खरीदता तो महंगाई की स्थिति अत्यंत भयावह हो जाती ।
  कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि महंगाई का सीधा असर हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार की थाली पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से बफर स्टॉक से चावल और दालों को खुले बाजार में उपलब्ध कराए, 'भारत ब्रांड' की रियायती बिक्री को तुरंत युद्धस्तर पर शुरू किया और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ।

धन्यवाद

कन्हैया अग्रवाल
महामंत्री - छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:59:59 6:00:41 pm</pubDate></item><item><title>22वीं गांधी जयंती सृजन स्पर्धा : विजेताओं के नाम घोषित, पुरस्कार वितरण 18 को</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43001</link><description>रायपुर । महाकोशल कला परिषद रायपुर, अग्रवाल युवती मंडल और लायंस क्लब रायपुर फ्रेंड्स के संयुक्त आयोजन में हुई 22वीं गांधी जयंती सृजन चित्रकला, रंगोली एवं फोटोग्राफी स्पर्धा-2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। निर्णायक समिति ने विभिन्न वर्गों में विजेताओं और पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के नाम जारी किए।
निर्णायक मंडल में डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. भावना शाह और डॉ. शिखर शर्मा शामिल रहे।
उच्चतर माध्यमिक शाला वर्ग में स्वर्णिका सेन गुप्ता प्रथम
चित्रकला-01 के उच्चतर माध्यमिक शाला वर्ग में स्वर्णिका सेन गुप्ता ने प्रथम स्थान हासिल किया। पायल पटेल, रायपुर को द्वितीय पुरस्कार दिया गया।
तृतीय पुरस्कार हर्षद पाटील, प्रभात सोनवानी और मोहम्मद सलीम, भोपाल को संयुक्त रूप से मिला। विशेष पुरस्कार कोमल वैद्य, देवास और रीमा यदु, मैसूर को दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार अंशुमान सिंह, नासिक और मनजीत चावला, पटियाला को मिला।
महिला वर्ग में श्रृष्टि सिंह प्रथम
चित्रकला-02 के महिला वर्ग में श्रृष्टि सिंह ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। श्रीमती आंचल चटर्जी द्वितीय और कु. संजना मैथि तृतीय स्थान पर रहीं।
विशेष पुरस्कार श्रीमती विभा पाटील, मुंबई को तथा सांत्वना पुरस्कार नेहा चतुर्वेदी, परभणी को प्रदान किया गया।
प्राथमिक शाला वर्ग में रोशना भोपाली अव्वल
चित्रकला-03 के प्राथमिक शाला वर्ग में रोशना भोपाली, बैंगलोर ने प्रथम स्थान हासिल किया। अनुराग प्रताप सिंह को द्वितीय पुरस्कार मिला।
तृतीय पुरस्कार रेयांश सोनी और सेमीत सिंघानिया को संयुक्त रूप से दिया गया। विशेष पुरस्कार रंजना महतो, रीवा और सांत्वना पुरस्कार विराज साहू, कराईकोडई को मिला।
रंगोली में नमिता फरिकार और श्रृष्टि सिंह प्रथम
रंगोली स्पर्धा में नमिता फरिकार और श्रृष्टि सिंह ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। डाली सेन को द्वितीय और ईशा कन्नौजे को तृतीय पुरस्कार मिला।

विशेष पुरस्कार टकेश्वरी नायक को और सांत्वना पुरस्कार संजना चौहान को दिया गया।

फोटोग्राफी में राजेन्द्र निगम प्रथम
फोटोग्राफी स्पर्धा में राजेन्द्र निगम ने प्रथम स्थान हासिल किया। विजय शंकर जोशी द्वितीय और कु. रेखा होतवानी तृतीय रहीं। विशेष पुरस्कार अभिषेक वर्मा को तथा सांत्वना पुरस्कार विजय कुमार को दिया गया।

18 अक्टूबर को पुरस्कार वितरण
स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कार 18 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित महाकोशल कला वीथिका में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों को कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए मंच उपलब्ध कराना है।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:59:17 6:00:18 pm</pubDate></item><item><title>सर्विस बदहाल ,उपभोक्ता परेशान - कन्हैया</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=43000</link><description>महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ में बिक्री पर रोक की मांग
सब्सिडी प्रकरण एक साल से ज्यादा लंबित

रायपुर। रायपुर सहित छत्तीसगढ़ भर में ओला इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बदहाल सर्विस, बिना रजिस्ट्रेशन चालान कटने और साल-भर से अटकी सब्सिडी को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सत्यमेव जयते फाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में पीड़ितों ने ओला शोरूम पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
    कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में ओला की कार्यप्रणाली को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए हैं, उसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी समस्या निराकरण होने तक ओला वाहनों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
कंपनी की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। रजिस्ट्रेशन (RC) जारी न होने से सड़क पर चालान कट रहे हैं, वहीं शोरूम अधिकारी सब्सिडी न मिलने का कारण RC जमा न होना बता रहे हैं। इसके विपरीत जिला परिवहन अधिकारी (RTO) ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडी प्रक्रिया में RC जमा करने की कोई अनिवार्यता नहीं है ।
   सत्यमेव जयते फाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की देशव्यापी जांच हुई है। केंद्रीय उपभोक्ता प्राधिकरण ने उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, भ्रामक विज्ञापनों और सेवा में देरी को लेकर ओला इलेक्ट्रिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर ओला के खिलाफ 10,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। महाराष्ट्र: मुंबई और पुणे सहित कई शहरों में परिवहन विभाग और उपभोक्ता अदालतों ने ओला के सर्विस सेंटरों पर वारंटी और रिपेयरिंग में हो रही अस्वाभाविक देरी पर सख्त रुख अपनाया है। राज्य उपभोक्ता आयोग में हजारों मामले लंबित होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।
  उन्होंने जानकारी दी कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन प्राधिकरण और उपभोक्ता मंचों ने डिलीवरी में देरी, RC जारी न करने और बिना लाइसेंस/पंजीकरण के गाड़ियां सौंपने के मामलों में ओला को भारी जुर्माना व क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।
इसी तरह तमिलनाडु (चेन्नई): चेन्नई और कोयंबटूर में सर्विस सेंटरों के बाहर ग्राहकों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग ने ओला के केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए हैं।
  सत्यमेव जयते फाउंडेशन ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ शासन और परिवहन विभाग तुरंत हस्तक्षेप करें, लंबित सब्सिडी का भुगतान सुनिश्चित कराएं और जब तक सर्विस नेटवर्क व रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सुधर नहीं जाती, तब तक राज्य में नए ओला वाहनों के पंजीकरण और बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं । प्रतिनिधिमंडल में सैफ रशीद , शरद गुप्ता, विज्जु खेमानी, मलिक खान, राजेश त्रिवेदी,अजहरुद्दीन, राज ,धनेश साहू शामिल थे । ओला के इलेक्ट्रिकल वाहनों की बिक्री पर समस्या के निदान होने तक रोक लगाने की मांग को लेकर शीघ्र परिवहन आयुक्त और परिवहन मंत्री से भेंट की जाएगी ।

धन्यवाद ।
कन्हैया अग्रवाल
प्रदेश संयोजक
सत्यमेव जयते फाउंडेशन

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:57:48 5:59:08 pm</pubDate></item><item><title>निगम की जमीन पर कब्जे की कोशिश, जेसीबी जब्त</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42999</link><description>भिलाई । नगर निगम की जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। जुनवानी इलाके में निगम की जमीन पर सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर रास्ता तैयार किए जाने की जानकारी मिलने के बाद निगम अमला मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान रास्ता बनाने में लगी जेसीबी को जब्त कर लिया गया। साथ ही निगम की जमीन पर बनाए जा रहे रास्ते को रोकने के लिए मौके पर गड्ढे भी खोद दिए गए।
मामले की जानकारी मिलने पर नगर निगम भिलाई के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने निगम की जमीन पर कब्जे की कोशिश को लेकर गंभीर सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर कब्जे का आरोप है, उसकी अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है।

नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने महापौर और जिम्मेदार अधिकारियों पर मिलीभगत एवं भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि निगम की बेशकीमती जमीन को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है और इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल निगम ने मौके पर रास्ता बनाने का काम रुकवा दिया है और जेसीबी जब्त कर ली है। अब सवाल यह है कि निगम की जमीन पर रास्ता बनाने के लिए जेसीबी किसकी अनुमति से पहुंची और बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कैसे हुई? मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:57:35 5:58:11 pm</pubDate></item><item><title>तुलसीराम टंडन हत्याकांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल....</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42998</link><description>सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जुनवानी के स्व. तुलसीराम टंडन हत्याकांड में अब पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मृतक के पुत्र फुले टंडन ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर भटगांव थाना प्रभारी शिव कुमार धारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी को मामले की विवेचना से तत्काल अलग करने के साथ निलंबन और विभागीय जांच की मांग की है।

विवाद के दौरान पुलिस के पहुंचने का दावा
शिकायत के मुताबिक, 28 जुलाई 2026 की रात करीब 9:30 बजे ग्राम जुनवानी में मृतक परिवार और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। सूचना मिलने पर भटगांव थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।

मृतक के पुत्र का आरोप है कि उस दौरान मौके पर मौजूद करीब 25 से 30 ग्रामीणों के सामने आरोपी पक्ष के पुत्र पवन कुर्रे से कथित तौर पर 10 लाख रुपये लिए जाने की बात कही गई। शिकायत में थाना प्रभारी द्वारा कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे?
शिकायतकर्ता का कहना है कि किसी गंभीर हत्याकांड की विवेचना कर रहे पुलिस अधिकारी पर ही यदि कथित लेन-देन के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो इससे परिवार के मन में जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

इसी आधार पर फुले टंडन ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी को विवेचना से अलग किया जाए और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

ग्रामीणों के बयान दर्ज करने की मांग
शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के समय मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ऐसे में शिकायतकर्ता ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करने, कथित लेन-देन के आरोपों की जांच करने और घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कराने की मांग की है।

अब निगाहें पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर हैं। सवाल यह भी है कि क्या शिकायत में बताए गए ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच पूरी होने तक थाना प्रभारी को हत्याकांड की विवेचना से अलग किया जाएगा।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी
मामले में सबसे अहम बात यह है कि थाना प्रभारी पर लगाए गए 10 लाख रुपये के कथित लेन-देन और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। थाना प्रभारी शिव कुमार धारी या पुलिस विभाग की ओर से भी इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्वतंत्र जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:55:48 5:56:36 pm</pubDate></item><item><title>₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता और वैश्विक साझेदारियां : छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्धियों से भरा रहा सिंगापुर दौरा</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42997</link><description>तीन दिनों की लगातार बैठकों और संवाद से निवेश, कौशल विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए द्वार खुले
रायपुर, 7 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज रायपुर लौटा। तीन दिवसीय इस दौरे में प्रदेश को ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं। किसी एक विदेश यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को मिले यह अब तक के सबसे बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रथम सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026 में भागीदारी के लिए देश से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने ₹41,750 करोड़ के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के निवेश प्रस्ताव के साथ कौशल विकास के क्षेत्र में ITE Education Services, Singapore के साथ महत्वपूर्ण एमओयू किया। वहीं Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
एआई डेटा सेंटर से सौर ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण तक बड़े निवेश
सिंगापुर की Energy Capital Global (ECG) ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए ₹41,750 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना प्रदेश को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल साबित हो सकती है।
इसी प्रकार Sunstream Green Energy Pvt. Ltd. को सोलर क्षेत्र के साथ साथ 300 मेगावाट की सम्बन्धित बैटरी स्टोरेज और कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव भी प्रस्ताव हुआ। वहीं 22 देशों में कार्यरत वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह Valency International Pte Ltd को ₹350 करोड़ के एकीकृत एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए निवेश आमंत्रण दिया गया। इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत होने के साथ किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के नए अवसर बनेंगे।
इन निवेश प्रस्तावों का लाभ प्रदेश के विभिन्न वर्गों तक पहुंचेगा। युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-टेक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उद्योगों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। स्थानीय स्टार्टअप और एमएसएमई को बड़ी वैश्विक कंपनियों के सप्लायर और बिजनेस पार्टनर के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश के किसानों और कृषि उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक बढ़ेगी।
युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
भविष्य के उद्योगों के लिए प्रदेश के युवाओं को तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एमओयू किया। इसके अंतर्गत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने और युवाओं के लिए कौशल से रोजगार तक बेहतर अवसर विकसित करने पर काम किया जाएगा।
SING Forum में दुनिया के सामने रखी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा
Singapore Business Federation (SBF) द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास के क्षेत्र में अपनी नई संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर की विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री Gan Siow Huang, SBF के चेयरमैन श्री Mark Lee, सीईओ श्री Kok Ping Soon सहित Mastercard, Nestl और IHCL (Taj Hotels) जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
फोरम के दौरान आयोजित फायरसाइड चैट में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का माध्यम बने।
सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुलाकात, राज्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. Vivian Balakrishnan से सौजन्य भेंट की। इस दौरान भारत-सिंगापुर के मजबूत संबंधों को राज्य स्तर पर और विस्तार देने तथा निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ और सिंगापुर के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ सीईओ राउंडटेबल
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में TCS, SMBC, Tolaram Group और Agrocorp सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश और भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद हुआ।
Global Finance  Technology Network (GFTN) के साथ हुई चर्चा में प्रदेश के युवाओं को एआई और डिजिटल फाइनेंस का प्रशिक्षण देने तथा छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और बाजारों तक पहुंच दिलाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। Aquatech Pacific Holdings Pte Ltd के साथ प्रदेश के उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई, जबकि Adroit Overseas Pte Ltd ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई।
हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में भी वैश्विक साझेदारी की पहल
सिंगापुर यात्रा के दौरान Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group के साथ हुई बैठकों ने छत्तीसगढ़ में हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन के लिए सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।
Gardens by the Bay के अनुभव और विश्वस्तरीय कार्यप्रणाली का उपयोग नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन विकसित करने तथा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बेहतर और अधिक हरित सार्वजनिक स्थल तैयार करने में किया जा सकेगा।
Mandai Wildlife Group के साथ नंदनवन जंगल सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दिशा में सहयोग से प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर यात्रा को छत्तीसगढ़ की वैश्विक निवेश यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा, इस यात्रा ने दुनिया के सामने यह स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। हम निवेश प्रस्तावों के साथ नई साझेदारियां और आगे बढ़ने का स्पष्ट रोडमैप लेकर लौटे हैं। अब हमारी सरकार प्रत्येक निवेशक के साथ निरंतर और गंभीरता से फॉलो-अप करेगी, ताकि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। हमारा लक्ष्य है कि इन निवेशों से प्रदेश के युवाओं के लिए नए करियर और रोजगार के अवसर बनें तथा हमारे उद्यमियों और स्थानीय उद्योगों के लिए विकास के नए द्वार खुलें।
तीन दिवसीय सिंगापुर प्रवास के दौरान हुए निवेश प्रतिबद्धताओं, कौशल विकास समझौते और विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के साथ बनी साझेदारी छत्तीसगढ़ को निवेश, तकनीक, कौशल, हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:55:14 5:55:56 pm</pubDate></item><item><title>लोभ से उत्पन्न होते हैं अनेक कषाय, इससे आत्मा को बचाने का करें पुरुषार्थ : मुनि संवेगरत्न सागर</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42995</link><description>रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में जारी सर्वमंगलमय वर्षावास की प्रवचनमाला में मंगलवार को मुनि संवेगरत्न सागर ने लोभ कषाय से सावधान रहने का संदेश दिया। आचार्य वीरभद्राचार्य रचित आतुर प्रत्याख्यान ग्रंथ के माध्यम से उन्होंने लोभ ध्यान के स्वरूप और उससे उत्पन्न होने वाले अन्य कषायों की व्याख्या की।
मुनिश्री ने कहा कि मानव भव प्राप्त करने के बाद भी जीव उस गर्त को भरने में लगा है, जो कभी भरता ही नहीं। अधिक पाने की लालसा ही लोभ कषाय है। लोभ ध्यान अन्य ध्यानों और कषायों की उत्पत्ति का कारण बनता है। जहां लोभ है, वहां अन्य कषायों की कतार है।

मुनिश्री ने कहा कि किसी पदार्थ की प्राप्ति की इच्छा लोभ ध्यान से उत्पन्न होती है। उसकी प्राप्ति के लिए जीव माया में प्रवृत्त होता है। अधिक प्राप्ति की अभिलाषा मोह को जन्म देती है और प्राप्त पदार्थ को बनाए रखने के लिए मान का ध्यान आता है। इच्छानुसार स्थिति न रहने पर क्रोध उत्पन्न होता है। इस प्रकार एक लोभ कषाय जीव को अनेक कषायों में उलझा देता है।

मुनिश्री ने कहा कि लोभ ध्यान के साथ द्वेष आदि भाव भी उत्पन्न होते हैं। संसार में जीव अनंत भवों से धर्मश्रवण करता आया है, फिर भी लोभ कषाय में उलझा रहता है। लोभ जीव को विषय-पदार्थों की ओर आकर्षित कर आत्मस्वरूप से दूर करता है।

मुनिश्री ने कहा कि लोभ ध्यान अत्यंत शीघ्र विकसित होने वाला है। इससे सावधान रहकर लोभ से आत्मा का संरक्षण करना चाहिए। बाह्य पदार्थों की प्राप्ति के बजाय आत्मकल्याण की दिशा में पुरुषार्थ करना है।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:53:10 5:53:54 pm</pubDate></item><item><title>चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित, 15 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42994</link><description>ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र
एथनिक, ईको, रिलिजियस, हेरिटेज, एडवेंचर तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में किए गए कार्यों का होगा मूल्यांकन
रायपुर, 07 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने और सतत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार-2026 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
राज्य में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं समर्पित योगदान को पहचान और सम्मान देने के उद्देश्य से यह पुरस्कार प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने के साथ होमस्टे, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और समुदाय आधारित पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह में मिलेगा सम्मान
चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार प्रतिवर्ष राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं समर्पित योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से दिया जाएगा। यह सम्मान किसी व्यक्ति अथवा संस्था को जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जाएगा।
छह प्रमुख थीम में किया जाएगा कार्यों का मूल्यांकन
पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों में ग्रामीण पर्यटन से जुड़े कार्यों का मूल्यांकन छह प्रमुख थीम के अंतर्गत किया जाएगा। इनमें एथनिक टूरिज्म, ईको टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म शामिल हैं।
मूल्यांकन के दौरान ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों के विकास, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर सृजित करने, पर्यटकों को उपलब्ध कराए जा रहे विशिष्ट अनुभवों, पर्यटन स्थलों एवं धरोहरों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी जैसे पहलुओं को विशेष महत्व दिया जाएगा। संबंधित क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में आए बदलाव के साथ आवेदक द्वारा अतीत और वर्तमान में किए गए कार्यों एवं उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।
व्यक्ति और संस्था दोनों कर सकते हैं आवेदन
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में कार्यरत पात्र व्यक्ति अथवा संस्था पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में दीर्घकालीन सेवा, उल्लेखनीय उपलब्धियों और समर्पित प्रयासों को महत्व दिया जाएगा।
आवेदन के साथ देना होगा कार्यों और उपलब्धियों का विवरण
आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में पूर्ण परिचय, पता एवं फोटोग्राफ के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवास का प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। इसके साथ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण, प्राप्त अन्य सम्मानों की जानकारी तथा उपलब्ध होने पर प्रकाशित सामग्री और समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों की सत्यापित प्रतियां भी संलग्न की जा सकती हैं। आवेदक को पुरस्कार स्वीकार करने की लिखित सहमति भी देनी होगी।
छह सदस्यीय जूरी करेगी प्रविष्टियों का परीक्षण
पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण निर्धारित जूरी द्वारा किया जाएगा। जूरी की कार्यवाही गोपनीय रहेगी और चयन के संबंध में अपील मान्य नहीं होगी। शासकीय सेवकों के आवेदन के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
15 अक्टूबर तक पंजीकृत डाक से भेजना होगा आवेदन
पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रारूप में पूर्ण आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, द्वितीय तल, उद्योग भवन, रिंग रोड नंबर-1, रायपुर (छत्तीसगढ़)-492001 के पते पर भेजना होगा। आवेदन 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुंचना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
पुरस्कार एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 73545-80006 अथवा ई-मेल scmpctb@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों एवं संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा में अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। चेन्दरू पुरस्कार के माध्यम से ऐसे प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान मिलेगी, जो गांवों की संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को सहेजते हुए पर्यटन को स्थानीय रोजगार, आजीविका और सतत विकास से जोड़ रहे हैं।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:51:22 5:52:44 pm</pubDate></item><item><title>प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना से मिली आर्थिक मदद, शुरू किया खुद का व्यवसाय</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42993</link><description>बिलासपुर । खुद का व्यवसाय हो और अपनी अलग पहचान बने, यह सपना बिलासपुर निवासी सपना सराफ लंबे समय से देख रही थीं। परिवार का साथ और आगे बढ़ने का हौसला तो था, लेकिन व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी पूंजी की कमी उनके सपने की राह में बाधा बनी हुई थी। प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना से मिली आर्थिक मदद ने उनकी इस मुश्किल को दूर किया और आज सपना अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
सपना सराफ बताती हैं कि वे हमेशा से स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं। नौकरी अथवा दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय उनकी इच्छा अपने पैरों पर खड़े होकर कुछ करने की थी। परिवार ने भी उनके इस निर्णय में पूरा साथ दिया। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत बैंक से ऋण मिलने के बाद उनके लिए व्यवसाय शुरू करने की राह आसान हो गई। ऋण से मिली राशि का उपयोग उन्होंने व्यवसाय के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में किया और अपने सपने को हकीकत में बदल दिया। सपना कहती हैं कि खुद का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि लंबे समय से संजोए सपने के पूरा होने जैसा है। व्यवसाय शुरू होने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे इसे आगे बढ़ाने तथा भविष्य में विस्तार देने की तैयारी कर रही हैं। परिवार का सहयोग और शासन की स्वरोजगार योजना से मिली सहायता उनके इस सफर में मजबूत सहारा बनी।












उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं युवाओं और आम नागरिकों को स्वयं का काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। आर्थिक सहायता मिलने से ऐसे लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, जो पूंजी के अभाव में अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते। सपना सराफ ने स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजना से मिली सहायता ने उनके सपने को साकार करने और अपने पैरों पर खड़े होने की राह आसान की है।











</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:49:29 5:50:21 pm</pubDate></item><item><title>महतारी वंदन योजना बनी आरती नेताम का आर्थिक संबल</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42992</link><description>हर माह मिल रही एक हजार रुपए की सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मिल रही मदद
रायपुर, 07 अक्टूबर 2026
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए मजबूत सहारा बन रही है। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मोहला अंतर्गत ग्राम नाड़ेकल निवासी श्रीमती आरती नेताम भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।
महतारी वंदन योजना के तहत श्रीमती आरती नेताम को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। आरती बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा करने का भरोसा भी है। इस राशि का उपयोग वे घर-परिवार की आवश्यकताओं में करती हैं, जिससे घरेलू खर्च में उन्हें सहारा मिल रहा है।
श्रीमती आरती नेताम का कहना है कि गांव की महिलाओं के लिए नियमित रूप से मिलने वाली यह आर्थिक सहायता काफी उपयोगी साबित हो रही है। इससे महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
सेवा संकल्प अभियान से योजनाओं की पहुंच हो रही आसान
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ सहजता से प्राप्त हो रहा है।
महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने पर श्रीमती आरती नेताम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देने के साथ ही महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन की भावना को भी मजबूत कर रही है।</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:49:39 5:50:14 pm</pubDate></item><item><title>वीबी-जी राम जी के तहत स्वीकृत बालिका शौचालयों का भूमिपूजन</title><link>https://dainandini.in//chhattisgarh.php?articleid=42991</link><description>बिलासपुर । जिले में वीबी-जी राम जी के तहत स्वीकृत बालिका शौचालयों के निर्माण कार्यों का 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर भूमिपूजन किया गया। इन शौचालयों का निर्माण स्कूलों में बालिकाओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। संबंधित स्थानों पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के महत्व के संबंध में भी जानकारी दी गई। जिला पंचायत ने स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित मापदण्डों एवं समय-सीमा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर जोर दिया है, ताकि बालिकाओं को शीघ्र इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

</description><guid>0</guid><pubDate>2026-10-07 17:45:54 5:46:44 pm</pubDate></item></channel></rss>