छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
मेरीगोल्ड की खेती से बदली आर्थिक तस्वीर
छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी योजनाएं और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से अब किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका उदाहरण सारंगढ़ जिले के ग्राम बरगांव के कृषक श्री देवानंद निषाद हैं, जिन्होंने रबी मौसम में धान के स्थान पर मेरीगोल्ड (गेंदा) की खेती अपनाकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
कृषक देवानंद निषाद ने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार के अंतर्गत गेंदा की खेती की। वे विगत दो वर्षों से उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में रबी मौसम में गेंदा की फसल ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले वे रबी फसल में धान की खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन होता था। लागत की तुलना में लाभ नाम मात्र था।
गेंदा की खेती से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में वे एक एकड़ क्षेत्र में गेंदा की खेती कर रहे हैं। इस पर लगभग 50 हजार रुपये प्रति एकड़ लागत आई, जबकि 3750 किलोग्राम गेंदा फूल का उत्पादन प्राप्त हुआ। औसतन 80 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक्री कर उन्होंने लगभग 3 लाख रुपये की कुल आमदनी अर्जित की, जिससे उन्हें लगभग 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
कृषक देवानंद निषाद प्रतिदिन 60 से 70 किलोग्राम गेंदा फूल रायगढ़ फूल बाजार में विक्रय के लिए ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत उन्हें गेंदा के पौधे उपलब्ध कराए गए तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि हुई। गेंदा की खेती से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के बाद ग्राम बरगांव के अन्य किसान भी प्रेरित हुए हैं और अब रबी मौसम में धान के स्थान पर गेंदा जैसी लाभकारी पुष्प फसलों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
कलेक्टर ने भटगांव और बेलटिकरी के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने बच्चों को कहा, रिजल्ट में सुधार लाने और कैरियर बनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें
सारंगढ़-बिलाईगढ़ - कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे गुरूवार को बिलाईगढ़ क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने भटगांव, बेलटिकरी के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों को इस वर्ष में अच्छे से पढ़ाई कर सभी को प्रथम श्रेणी परीक्षा परिणाम लाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्कूली बच्चों को कहा कि वे अपने समय का उपयोग कर इस सुनहरे समय को कैरियर बनाने में समर्पित करें। वहीं भौतिकी, रसायन, गणित, अंग्रेजी सहित सभी शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे निरंतर सरल ढंग से बच्चों को पढ़ाएं और कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए उनके लिए अतिरिक्त कक्षा लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूली बच्चों को किसी टॉपिक समझ नहीं आने पर अपने ऐसे दोस्त जो अच्छा जानता हो उससे भी उस टॉपिक को समझने के लिए कहा। कलेक्टर ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर पाठ्यक्रम के प्रश्न भी हल करने के लिए दिए। वहीं बच्चों से डॉक्टर बनने के लिए नीट की परीक्षा देने जैसे पूछकर और जानकारी देकर कैरियर के बारे में भी संबंधित पढ़ाई करने के लिए भी मार्गदर्शन दिए। कलेक्टर ने सभी बच्चों को कहा कि वे पिछले 5 वर्षों के परीक्षा में आए प्रश्नपत्रों का हल नियमित कर पढ़ाई करें। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, नोडल अधिकारी सेजेस नरेश चौहान, बीईओ सत्यनारायण साहू आदि उपस्थित थे।
6-8 जनवरी को रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल
क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं ऑनलाइन पंजीयन, ट्रायलस्थल पर ऑफलाइन पंजीयन भी होगा
सारंगढ़ बिलाईगढ़ - छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं। नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। इच्छुक खिलाड़ी मोबाइल नम्बर 8871419609 पर फोन कर या वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in के माध्यम चयन ट्रायल संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायलस्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की ओरिजिनल साथ लाने को कहा है।रायपुर में होंगे वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायलरायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे नौ बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।
तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल बिलासपुर मेंबिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव स्टेडियम में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तीरंदाजी और एथलेटिक्स के ट्रायल होंगे। बिलासपुर के सरकंडा स्थित जिला खेल परिसर में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तैराकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।
भारी वाहनों के नो एंट्री टाइम में किसानों के धान परिवहन के लिए निकाला गया समय
धान भरे वाहन को भी सुबह 10 से 10.30 बजे तक एवं शाम 4 से 5.30 बजे तक प्रतिबंधित
सारंगढ़ बिलाईगढ़ - कार्यालय कलेक्टर एंव जिला दण्डाधिकारी सारंगढ़ के द्वारा सुरक्षा एवं दुर्घटना में नियंत्रण करने के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ मोटरयान नियम 1994 के नियम 215 के तहत प्रद्वप्ता शक्तियो का प्रयोग करते हुए जिला में भारी वाहनो के प्रवेश पर प्रतिबंध समय निर्धारित किया गया था, को धान खरीदी केन्द्रों पर कृषको को धान बेचने में असुविधा को देखते हुए अपने निवास से 20-35 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड धान लोड से सबंधित वाहनो को विधिक दस्तावेजो के साथ परिवहन करने हेतु समय प्रातः 10 से 10.30 बजे तक एवं शाम 4 से 5.30 बजे तक की अवधि को छोडकर शेष अवधि विक्रय केन्द्र तक परिवहन करने हेतु छूट दी जाती है।
भारी वाहनो पर पहले का प्रतिबंध यथावत भारी वाहनो पर प्रतिबंध पूर्ववत प्रात 7 बजे से 11 बजे तक तथा शाम 4 बजे से 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश यात्री बसो पर लागू नही होगा।
चुनाव आयोग के एसआईआर की फिर बढ़ी तारीख
एमपी, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 18 दिसंबर तक फॉर्म भर जायेंगे
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । भारत चुनाव आयोग ने 5 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण वोटर वेरिफिकेशन के (एसआईआर) की समयसीमा बढ़ा दी है। अब गुजरात और तमिलनाडु में 14 दिसंबर 2025 तक फॉर्म भरे जा सकेंगे। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में 18 दिसंबर 2025 तक फॉर्म भर सकेंगे। उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर 2025 फॉर्म भर सकेंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने फॉर्म भरने की आखिरी तारीख विगत 4 और 11 दिसंबर को तय की थी।
इस फॉर्म को भरने के लिए सबसे पहले अपने क्षेत्र के बीएलओ से सम्पर्क करना चाहिए, फिर 2003 की सर्वें सूची के रिकार्ड अनुसार फॉर्म को भरना चाहिए। कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की वेबसाइट सीईओ छत्तीसगढ़ में सभी 12 राज्यों की 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध है। इसके लिए सबसे पहले गूगल में सीईओ छत्तीसगढ़ को ढूंढना होगा। वहां मतदाता सूची 2003 लाल कलर की बैकग्राउंड लाइट के साथ होमपेज में उपलब्ध है, उसे क्लिक करने पर हरा कलर की बैकग्राउंड लाइट को क्लिक करने पर दो भाग में जानकारी खुलेगा, जिसमें लेफ्ट साइड मतदाता की जानकारी दी गई है और राइट साइड लास्ट एसआईआर की सूची उपलब्ध है, जिसमें हमें राइट साइड को क्लिक करना है और राज्य, जिला, विधानसभा, मतदान केन्द्र का नाम क्लिक कर हम अपने मतदाता सूची 2003 के रिकार्ड डाउनलोड कर एसआईआर के काम को पूरा कर सकते हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 4007 क्विंटल अवैध धान जप्त, 46 प्रकरण दर्ज
जिले में हुआ 96785.12 टन धान खरीदी, 17554 टन डीओ जारी, 6072 टन का हुआ धान उठाव
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । राज्य शासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ संजय कन्नौजे के निर्देशन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी विगत 15 नवम्बर से जारी है।
12 दिसम्बर 2025 तक राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी, सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुल 46 प्रकरण दर्ज कर कुल 4007 क्विंटल धान जप्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया है जिसका अनुमानित लागत 01.24 करोड़ रूपये है तथा यह कार्यवाही निरंतर जारी है, जिससे धान के अवैध परिवहन, भण्डारण करने वाले कोचियों, व्यापारियों में दहशत का माहौल है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के कुल 65 समितियों के 86 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किया जा रहा है। कुल पंजीकृत 89171 किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 90600.419 हेक्टेयर है।
12 दिसंबर 2025 की स्थिति में कुल 96785.12 मे.टन धान खरीदी किया गया है तथा पंजीकृत राईस मिलरों के माध्यम से कुल 17554.00 मे.टन डी.ओ. जारी कर कुल धान 6072.00 मे.टन में धान उठाव किया गया है। जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देशानुसार जिला प्रशासन जिले में धान की अवैध खरीदी - बिक्री की रोकथाम के लिए निरंतर कार्यवाही किया जा रहा है एवं जिला स्तर से जिले के समस्त उपार्जन केन्द्रों में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, अनुविभाग अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जोनल अधिकारी व नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिसके द्वारा लगातार धान खरीदी केन्द्रों में जाकर निरीक्षण तथा पर्यवेक्षण किया जा रहा है ताकि छ.ग. राज्य शासन की मंशानुरूप केवल वास्तविक एवं पात्र कृषकों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान खरीदी हो सके साथ ही कोचियों, व्यापारी, अवैध धान विक्रेताओं की धान की खरीदी बिक्री पर रोकथाम की जा सके।
राज्य शासन द्वारा किसानों की सहूलियत के लिए टोकन काटने के लिये ऑनलाईन एप्प ‘‘टोकन तुहर हाथ एप्प’’ के माध्यम से किसानों द्वारा टोकन काटा जा रहा है तथा उपार्जन केन्द्रों में भी किसान द्वारा टोकन कटवाया जा सकता है जिससे किसानों में अत्यंत खुशी का माहौल छाया हुआ है तथा किसानों के द्वारा मुख्यमंत्री छ.ग. शासन के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है।
रजिस्ट्री के नई गाइडलाइन दर 08 दिसंबर से लागू
इंक्रीमेंटल प्रणाली समाप्त, मूल्यांकन प्रक्रिया हुई सरल
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 10 दिसंबर 2025
राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक 07 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
बैठक में नगरीय क्षेत्रों में भूमि मूल्यांकन के लिए लागू इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया गया। अब पुनः पूर्व प्रचलित स्लैब आधारित प्रणाली ही लागू रहेगी, जिसके अनुसार नगर निगम में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में मूल्यांकन की जटिलता कम होगी और नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी।
बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान अथवा कार्यालय के अंतरण के समय अब मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा। यह प्रावधान लंबे समय से मांग में था, जिससे वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। साथ ही बहुमंजिला एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की छूट के साथ मूल्यांकन करने का निर्णय लिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयाँ उपलब्ध होंगी।
कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए भूखंड की गाइडलाइन दर में 25 प्रतिशत की कमी करने का भी निर्णय लिया गया है। यह दूरी कॉम्प्लेक्स के मुख्य सड़क की ओर स्थित निर्मित हिस्से से मापी जाएगी, जिससे वास्तविक बाज़ार स्थिति के अनुरूप मूल्यांकन संभव होगा।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने यह भी निर्देश दिए कि हाल ही में बढ़ाई गई दरों पर प्राप्त सभी ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर जिला मूल्यांकन समितियाँ 31 दिसंबर 2025 तक अपने संशोधित प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों के आधार पर राज्य में आगे की गाइडलाइन दरों की संरचना तैयार की जाएगी।
इस बैठक के साथ ही राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइन दरों में किए गए कई जनहितैषी सुधार भी लागू हो चुके हैं। नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर पहले वर्गमीटर दर लागू होती थी, जिसे अब कृषि भूमि की तरह हेक्टेयर दर पर लागू किया जाएगा। इससे भूमि मूल्य में भारी कमी आई है और नागरिकों को वास्तविक राहत मिली है। उदाहरणस्वरूप रायपुर के वार्ड 28 में एक एकड़ भूमि का मूल्य पहले 78 करोड़ रुपये आंका जाता था, जो अब नए प्रावधानों के अनुसार केवल 2.4 करोड़ रुपये होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि के ढाई गुना मूल्य जोड़ने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। दो फसली भूमि पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत मूल्य जोड़ने, ट्यूबवेल, कुएं, वाणिज्यिक फसलों तथा वृक्षों के मूल्य को भूमि मूल्य में जोड़ने की व्यवस्था भी हटा दी गई है। कांकेर में दर्ज एक उदाहरण में 600 वृक्षों के 78 लाख रुपये मूल्य को अब रजिस्ट्री में शामिल नहीं किया गया, जिससे खरीदार को लगभग 8.58 लाख रुपये की सीधी राहत मिली और पेड़ों की कटाई रोकने में भी यह कदम सहायक सिद्ध होगा।
शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में अब 25 से 37.5 डिसमिल तक की कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर के बजाय हेक्टेयर दर से किया जाएगा। बरौदा (रायपुर) में 37.5 डिसमिल भूमि का मूल्य पहले 26.75 लाख रुपये था, जो अब नए प्रावधानों के अनुसार मात्र 6.30 लाख रुपये होगा। तालाब अथवा मछली टैंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर लगाने का प्रावधान तथा बाउंड्री वॉल और प्लिंथ लेवल के मूल्य जोड़ने की व्यवस्था भी हटा दी गई है।
नगरीय निकाय क्षेत्रों में पहले निर्मित संपत्तियों के लिए 21 प्रकार की दरें लागू थीं, जिन्हें घटाकर अब केवल दो प्रकार की दरें कर दिया गया है, जिससे मकानों का मूल्यांकन करना अब आम नागरिकों के लिए अत्यंत आसान हो गया है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के इन निर्णयों एवं व्यापक सुधारों से राज्य में पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिकों के हितों के अनुरूप बन गई है।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा स्वरोजगार के लिए आवेदन आमंत्रित
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 10 दिसंबर 2025
खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड सारंगढ़ बिलाईगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से आवेदन आमंत्रित कर बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना विभागीय आवेदन के माध्यम से ऑफलाईन आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। इसमें सेवा क्षेत्र के लिए 1 लाख व निर्माण क्षेत्र के लिए 3 लाख तक प्रोजेक्ट स्वीकार किये जाते हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का ऑनलाईन आवेदनhttps:kviconline.gov.in/pmeg(केवीको ऑनलाइन डॉट जीओवी डॉट इन/पीएमईजी) के माध्यम से किया जाता है। सेवा क्षेत्र के लिए 1 लाख से लेकर 20 लाख तक व निर्माण क्षेत्र के लिए 1 लाख से 50 लाख तक प्रोजेक्ट स्वीकार किये जाते हैं, जिसमें विभाग और बैंक के माध्यम से सामन्जस्य स्थापित कर 35 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाता है। सेवा क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक्स सर्विस, मोटर सायकल रिपेयरिंग, कम्प्यूटर व फोटोकापी सेंटर, रेस्टोरेंट आदि और निर्माण क्षेत्र में फर्नीचर निर्माण, नूडल्स निर्माण, राईस मिल, फ्लाई एस ब्रिक्स आदि शामिल है। आवेदन पत्र के साथ संलग्न आवश्यक दस्तावेजों में पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पेन कार्ड, जाति, निवास, नार्कसीट, राशन कार्ड, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक पासबुक शामिल है। जिला पंचायत कार्यालय सारंगढ में नोडल अधिकारी गोरेलाल रात्रे +91-9399757319, कार्यालय सहायक विजय कुमार साहू +91-7879081792 से संपर्क किया जा सकता है।
अवैध धान 36 क्विंटल अवैध धान जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देशानुसार जिला प्रशासन जिले में धान की अवैध खरीदी, बिक्री की रोकथाम के लिए निरंतर कार्यवाही कर रहा है जिससे राज्य शासन की मंशानुरूप केवल वास्तविक एवं पात्र कृषकों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान खरीदी हो सके। साथ ही कोचियों, व्यापारी, अवैध धान विक्रेताओं की धान की खरीदी बिक्री पर रोकथाम की जा सके।
राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी, सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा 8 दिसंबर को कुल 36 क्विंटल अवैध धान जप्त किया गया है। जिला में कुल पंजीकृत 89147 किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 90140.013 हेक्टेयर है जिसके विरूद्ध 09 दिसंबर की स्थिति में कुल 68632.20 मे.टन धान खरीदी किया गया है, जिसका उठाव पंजीकृत राईस मिलरों के माध्यम से कुल 14196 मे.टन डीओ जारी कर कुल धान 2944.00 मे. टन में धान उठाव किया गया है।
गिरसा-किसड़ा सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार: ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
बिलाईगढ़ । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में निर्माणाधीन करोड़ों की सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सरकार हर गांव और कस्बे को बेहतर सड़क से जोड़ने का दावा कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर ठेकेदारों की लापरवाही इन दावों को कमजोर कर रही है।
क्या है मामला?
यह मामला ग्राम गिरसा से किसड़ा तक बनाई जा रही 13 किलोमीटर लंबी सड़क का है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क की चौड़ाई 12 फीट 4 इंच तय की गई है, लेकिन मौके पर केवल 12 फीट की ही सड़क डाली जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि मटेरियल की मोटाई 2 इंच होनी चाहिए, जबकि वास्तविकता में यह मानक पूरा नहीं किया जा रहा।
बनने से पहले ही उखाड़ रही सड़क
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क अभी बन ही रही है, लेकिन कई जगहों पर उखड़ने लगी है। डस्ट की सफाई ठीक से नहीं हुई और चिपचिपे पदार्थ का छिड़काव भी अधूरा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण सही स्टीमेट के आधार पर किया जाए ताकि गांव को टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिल सके।
कन्नी काट रहे मुंशी और ठेकेदार
मौके पर मौजूद मुंशी से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं संबंधित ठेकेदार से संपर्क किया गया तो उन्होंने केवल इतना कहा कि वह एक घंटे बाद अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचेंगे।
अब नजर इस बात पर है कि शासन और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
सलौनीकला स्कूल मामले में कार्रवाई पर उठे सवाल, लोगों में नाराजगी...
सारंगढ़ । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलौनीकला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का बहुचर्चित मामला फिर चर्चा में है। छात्रों द्वारा ट्रैक्टर में साइकिल लादकर खुद ट्रैक्टर चलाते हुए स्कूल पहुंचने का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था। इस गम्भीर घटना में विभाग ने सिर्फ प्रभारी प्राचार्य और एक शिक्षक की वेतनवृद्धि एक साल तक रोकने जैसी कार्रवाई की है, जिसे लोग खानापूर्ति मान रहे हैं।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय और आसपास के लोग इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि विभाग ने सिर्फ प्राचार्य को बचाने क
धान पंजीयन रद्द करने की मांग लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे टेढ़ीभदरा के ग्रामीण
तहसीलदार और एसडीएम को दोबारा सौंपा ज्ञापन
बिलाईगढ़। बिलाईगढ़ के भटगांव तहसील कार्यालय में गुरुवार शाम को टेढ़ीभदरा गांव के सैंकड़ों ग्रामीण पहुंचे और धान पंजीयन रद्द कराने की मांग को लेकर तहसीलदार और एसडीएम को दोबारा ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण पिछले डेढ़ महीनों से कलेक्टर कार्यालय और एसडीएम बिलाईगढ़ के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं मिला है।
70 वर्षों से बसे ग्रामीण, जमीन पर विवाद गहराया
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर वे और उनके पूर्वज 70 वर्षों से रह रहे हैं, उसी भूमि को जगदीश बिंझिया नाम के व्यक्ति ने अपना बताकर कृषि पंजीयन करा लिया। ग्रामीणों के अनुसार यह जमीन मध्यप्रदेश शासन काल के दौरान सिलिंग एक्ट में थी, फिर भी वर्तमान में उसका पर्चा पट्टा जारी कर दिया गया। इसी जमीन पर ग्रामीणों के मकान, बाड़ी और कृषि कार्य होते हैं, जिससे वे अपना गुजर-बसर करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जगदीश द्वारा न तो कभी खेती की गई और न ही धान लगाया गया, इसके बावजूद पटवारी और अधिकारियों की मिलीभगत से उसका धान पंजीयन कर दिया गया। ग्रामीणों ने तुरंत पंजीयन रद्द करने की मांग की है।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
तहसीलदार का बयान
तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर भौतिक सत्यापन कराया गया है। यदि मौके पर यह साबित होता है कि जगदीश द्वारा धान नहीं लगाया गया है, तो उसका पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा।
अब फैसला प्रशासन के हाथ में
गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या जल्द सुनी जाएगी। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या ग्रामीणों को अब न्याय मिलेगा या उन्हें आगे भी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
धान खरीदी केन्द्रों में आने वाले कोचियों के अवैध धान पर कड़ी निगरानी रखें : कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा, धान खरीदी केन्द्र में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर डाॅ. संजय कन्नौजे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक में जिले के प्रगतिरत कार्यों का समीक्षा किया। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और अन्य माध्यमों से प्राप्त मांग, शिकायत से जुड़े प्राप्त आवेदनों का क्रमवार संबंधित विभाग के अधिकारी से निराकरण की स्थिति का जानकारी लेकर उनके कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री जनदर्शन से प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ समय सीमा में आवेदनों का निराकरण करें। साथ ही आवेदनकर्ता को संबंधित मांग के अनुरूप यदि विभाग के पास बजट नहीं हो तो, बजट के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजें और इसकी जानकारी आवेदक को दें। कलेक्टर डाॅ. कन्नौजे ने वनाधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान, आयुष्मान वय वंदना, आधार अपडेट, अपार आईडी, पीएम आवास ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास, सरस्वती सायकल वितरण, बायोमैट्रिक उपस्थिति, सरिया में अमृत मिशन 2.0, जल आवर्धन, समूह जल प्रदाय योजना, पीएमश्री स्कूलों का निर्माण, छात्रावास निर्माण आदि बिन्दुओं पर विभागीय अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी लेकर कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी अधिकारीगण उपस्थित थे।
नेशनल हाईवे की टीम ने हरदी सारंगढ़ दानसरा बायपास सड़क चैड़ीकरण निर्माण को अपने तय सीमा दिसंबर से एक माह पूर्व लगभग कर लिया है, लेकिन जहां पुल पुलिया चैड़ीकरण, सारंगढ़ में पाइप लाइन, दानसरा में अवैध कब्जा को हटाने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। सभी को मिलाकर लगभग 2 किलोमीटर का कार्य शेष है। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, एसडीओ एम के गुप्ता और सीएमओ को एक सप्ताह में सभी छूटे कार्यों को पूरा करते हुए सारंगढ़ के थाना से भारतमाता चौक तक सड़क निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इच्छुक लोगों को दिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ
बैठक में उपस्थित जिले के अधिकारियों को कलेक्टर ने कहा कि, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अपने विभागों के इच्छुक अधिकारी-कर्मचारी को दिलाएं। उन्होंने जनप्रतिनिधि, राईस मिलर, क्रेशर, व्यापारी सहित अन्य उद्यमियों को अपने संस्थान और घर में इस योजना का लाभ देने के लिए वेंडरों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी अधिकारियों को कहा कि वर्तमान में धान खरीदी कार्य जोरो पर हैं और आगामी दिनों में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन अवधि के मद्देनजर बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़े।
कलेक्टर ने कहा, अपने फील्ड में जाएं और अवैध कार्यों पर कार्यवाही करें
विभिन्न अवैध कार्यों पर कार्यवाही करने के लिए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि फील्ड में प्रशासन का धमक दिखनी चाहिए। नागरिको में प्रशासन पर विश्वास को बरकरार रखने के लिए अपने दायित्वों का समर्पण भाव से नियम कानून अनुसार कार्यवाही करें। सभी मौके पर जाकर कार्यों का अवलोकन करें। अवैध कब्जा, अतिक्रमण को हटाएं, निर्माण कार्यों में उपयोग किए जाने वाले छड़, सीमेंट, रेत, गिट्टी की जांच करें, निजी हाॅस्पीटलों की जांच, निजी स्कूलोें में शिक्षा का अधिकार की जांच करें। पूर्व में किसी सरपंच के द्वारा राशि का आहरण कर लिया गया है और कार्य नहीं किया है तो ऐसे सरपंचों से सभी जनपद और एसडीएम राशि वसूली कराएं।
जांच दल को अवैध धान पर लगातार कार्यवाही करने कलेक्टर के निर्देश
कलेक्टर ने अपर कलेक्टर, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार आदि को पिछले सप्ताह में उनके द्वारा धान खरीदी केन्द्रों में किए गए दौरे की जानकारी लेकर कहा कि केन्द्रों में शासन के नियम अनुसार धान खरीदी की जाए। धान खरीदी केन्द्रों में आने वाले कोचियों के अवैध धान पर कड़ी निगरानी रखें। धान खरीदी केन्द्र में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नमी मान्य हो, तो खरीदें। नमीं अमान्य है तो उसकी जानकारी अच्छा व्यवहार के साथ देकर किसानों को वापस करें। समिति प्रबंधक और नोडल अधिकारी को खरीदी केन्द्रों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। जारी टोकन की संख्या के आधार उठाव के लिए हमालों की संख्या बढ़ाएं। स्टेकिंग समय पर करें। सतर्क ऐप्प में प्राप्त प्रकरणों पर कार्यवाही करें। मंडी के पंजीकृत व्यापारियों और कोचियों द्वारा किए गए अवैध धान भंडारण पर, साथ ही दूसरे राज्य व जिलों से अवैध धान परिवहन पर मंडी व राजस्व की टीम लगातार कड़ी कार्यवाही करें।
दुमुहानी और पवनी में अवैध धान जब्त
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ संजय कन्नोजे के निर्देश पर बिलाईगढ़ मंडी क्षेत्र के ग्राम दुमुहानी में मेलाराम बंजारे के गोदाम में धान मात्रा 80 बोरी (32 क्विंटल), ग्राम पवनी के रामकृष्ण साहू के दुकान परिसर में 56 बोरी (22.4 क्विंटल) और गणेश साहू के दुकान परिसर में 51 बोरी (20.4 क्विंटल) अवैध धान भंडारित होने के कारण जांच दल द्वारा जप्ती प्रकरण बनाया गया।
49 हजार राशनकार्ड का ईकेवायसी शेष
5 दिसंबर तक ईकेवायसी नहीं कराने वालों का राशनकार्ड रद्द की संभावना
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले में प्रचलित कुल 222996 राशनकार्डों में कुल 674767 हितग्राही है। जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें से कुल 49 हजार हितग्राहियों का ईकेवायसी किया जाना शेष है। इस संबंध में समस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से ईकेवायसी किया जाना है।
अतः जिले के समस्त राशनकार्ड हितग्राहियों से अनुरोध है कि अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य दुकान से सम्पर्क कर अपना ईकेवायसी अनिवार्य रूप से करावें। 05 दिसम्बर 2025 तक जिन राशनकार्ड हितग्राहियों का ईकेवायसी नहीं होने से राशनकार्ड निरस्त होने की संभावना बनी हुई है।
2 दिसम्बर की सुनवाई
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । न्यायालय कलेक्टर सारंगढ़ बिलाईगढ़ द्वारा आबकारी प्रकरण में सुनवाई हेतु 2 दिसम्बर को उपस्थित होने के लिए सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम हिर्री निवासी मनोज कुमार जोल्हे, पुरन्दर लाल जोल्हे, सूर्यकुमार जोल्हे को सूचना पत्र जारी किया गया है।
पीडीएस चावल वितरण को लेकर दो दलों में विवाद, ग्रामीण नाराज
बिलाईगढ़ । पीडीएस चावल वितरण को लेकर ग्राम पंचायत चिचोली और उसके आश्रित ग्राम सलौनी खुर्द में विवाद गहरा गया है। मामला तब बढ़ा जब दो अलग अलग दलों ने चावल वितरण को लेकर अपने अपने पक्ष बना लिए और किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा दूसरे पंचायत में जबरन वितरण किए जाने की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी से की गई। अधिकारी ने दोनों पक्षों को बुलाकर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन दूसरा दल बैठक में पहुंचा ही नहीं। इस कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद सलौनी खुर्द में दो माह से रुके पीडीएस चावल के कारण शुरू हुआ। सलौनी खुर्द के ग्रामीणों का कहना है कि चिचोली के लोग उनके गांव आकर चावल लेने से इनकार कर रहे हैं। पहले सलौनी खुर्द के ग्रामीण चिचोली जाकर चावल लेते थे, इसलिए अब चिचोली के ग्रामीणों को भी सलौनी खुर्द आना चाहिए। लेकिन आरोप है कि चिचोली के लोग बेवजह विवाद कर रहे हैं और चावल लेने नहीं आ रहे।
इसी बीच पप्पू उर्फ तेज साहू नामक व्यक्ति ने बिना अनुमति चिचोली के ग्रामीणों को दूसरे पंचायत क्षेत्र सलिहाघाट में जाकर चावल बांट दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य नियमों के खिलाफ है। शिकायत पर अनुविभागीय अधिकारी ने पप्पू साहू को फटकार लगाई।
उधर चिचोली के ग्रामीणों ने चिचोली में भी चावल भंडारण की मांग का आवेदन दिया है, जिस पर अभी कोई तय निर्णय नहीं हुआ है। इसके बावजूद पप्पू द्वारा चावल वितरण कर दिया गया।
वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी ने निर्देश दिया है कि फिलहाल पीडीएस चावल का वितरण सलौनी खुर्द से ही किया जाएगा।
इस पूरे विवाद को देखते हुए दोनों दलों के बीच बैठकर सामंजस्य बनाने की जरूरत है ताकि तनाव न बढ़े और क्षेत्र में शांति बनी रहे।