छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
मनेन्द्रगढ़ में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां पूरी, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे ध्वजारोहण
एमसीबी/13 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल इस वर्ष मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। ज़िला प्रशासन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे पुलिस ग्राउंड आमाखेरवा, मनेन्द्रगढ़ में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न होगा।
मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम विवरण
जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम की समय-सारणी इस प्रकार हैरू प्रातः 08:58 बजे- माननीय मुख्य अतिथि का आगमन, प्रातः 09:00 बजेरू राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण, सलामी एवं राष्ट्रगान, प्रातः 09:07 बजेरू मुख्य अतिथि द्वारा परेड का निरीक्षण, प्रातः 09:15 बजेरू मार्च पास्ट, प्रातः 09:25 बजेरू माननीय मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन, प्रातः 09:45 बजेरू स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रातः 11:00 बजे, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र वितरण, प्रातः 11:15 बजेरू भव्य कार्यक्रम का समापन
जिला प्रशासन की अपील
कलेक्टर और जिला प्रशासन, एमसीबी ने जिले के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों को इस राष्ट्रीय पर्व में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया है। प्रशासन द्वारा अनुरोध किया गया है कि सभी प्रातः 8:45 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर अपना स्थान ग्रहण कर लेवें ताकि समारोह सुचारू रूप से शुरू हो सके।
विभाजन की विभीषिका, हर घर तिरंगा और ‘वंदे मातरम‘ थीम पर तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर राज्य शासन के मंशानुरूप स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जनसम्पर्क विभाग मनेन्द्रगढ़ द्वारा तीन दिवसीय विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन और युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास तथा देश विभाजन के दर्द से अवगत कराना है।
प्रदर्शनी का गरिमामयी शुभारंभ और अवलोकन प्रदेश के यशस्वी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिले की कलेक्टर संतन देवी जांगड़े एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर मनेंद्रगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले, तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम एवं अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विभाजन के दर्द और देशभक्ति के रंग को बयां करती तस्वीरें :
जनसम्पर्क विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी को तीन प्रमुख विषयों (थीम) पर केंद्रित किया गया है - ‘भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस‘, ‘हर घर तिरंगा‘ और ‘वंदे मातरम‘। प्रदर्शनी में लगाई गई दुर्लभ और ऐतिहासिक तस्वीरें भारत विभाजन की उस दुःखद वास्तविकता, लाखों लोगों के अदम्य साहस, संघर्ष और उनके महान बलिदान को जीवंत करती हैं। इसके साथ ही ‘हर घर तिरंगा‘ और ‘वंदे मातरम‘ के माध्यम से देशभक्ति के जज्बे को बखूबी दर्शाया गया है।
अतिथियों ने सराहा, बच्चों में दिखा भारी उत्साह :
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार के निर्णयानुसार 14 अगस्त को ‘भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस‘ के रूप में मनाया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हमारी नई और युवा पीढ़ी को देश के विभाजन की दुःखद सच्चाइयों से परिचित कराना है, ताकि वे उन लाखों लोगों के बलिदान को याद रखकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े और पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी में पहुंचे स्कूली बच्चे ऐतिहासिक तस्वीरों को देखकर बेहद प्रभावित हुए। बच्चों ने कहा कि किताबों में पढ़ी गई इतिहास की बातों को आज तस्वीरों के माध्यम से देखकर उन्हें देश की आजादी और विभाजन के संघर्ष को करीब से समझने का मौका मिला है।
जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में गूंजा देशभक्ति का जयघोष, निकली भव्य ‘हर घर तिरंगा यात्रा’
एमसीबी । स्वतंत्रता दिवस के गौरवमयी अवसर को लेकर पूरे जिले में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण बना हुआ है। इसी कड़ी में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आज जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में भव्य एवं विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य आतिथ्य एवं नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, स्कूली विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। हजारों हाथों में लहराते तिरंगे और भारत माता के जयघोष से पूरा मनेंद्रगढ़ शहर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
खेड़िया टॉकीज से शुरू हुई तिरंगा यात्रा, भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर :
भव्य तिरंगा यात्रा का शुभारंभ शहर के ऐतिहासिक खेड़िया टॉकीज से हुआ। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज लहराकर यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा प्रारंभ होते ही ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। हाथों में तिरंगा थामे नागरिकों की लंबी कतार और उत्साहित स्कूली विद्यार्थियों ने यात्रा को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया। तिरंगा यात्रा खेड़िया टॉकीज से प्रारंभ होकर पीडब्ल्यूडी तिराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। यात्रा के मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने घरों एवं प्रतिष्ठानों से पुष्प वर्षा कर तिरंगा यात्रियों का स्वागत किया। नागरिकों ने भी यात्रा में शामिल होकर राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाओं और देशभक्ति का प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। तिरंगा यात्रा का समापन स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मनेंद्रगढ़ में हुआ, जहां उपस्थित लोगों को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश दिया गया।
तिरंगा देश की एकता, अखंडता, त्याग और बलिदान का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री
समापन अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, अखंडता, त्याग, बलिदान और गौरव का प्रतीक है। तिरंगा देश के प्रत्येक नागरिक को एक सूत्र में जोड़ता है और हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभियान प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रप्रेम, जिम्मेदारी और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने जिले वासियों से अपील की कि वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में सम्मान पूर्वक तिरंगा फहराएं और देश की प्रगति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कलेक्टर, एसपी सहित प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद :
भव्य तिरंगा यात्रा में मनेंद्रगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम एवं अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि विशेष रूप से शामिल हुए।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने आम नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर यात्रा में सहभागिता की। अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण स्वरूप प्रदान किया। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों में दिखा गजब का उत्साह, देशभक्ति गीतों से बना माहौल :
तिरंगा यात्रा का सबसे आकर्षक पक्ष जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। हाथों में तिरंगा लेकर अनुशासित ढंग से यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने पूरे आयोजन में नई ऊर्जा का संचार किया। देशभक्ति गीतों और नारों के साथ विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस के प्रति अपने उत्साह का प्रदर्शन किया।
कई विद्यार्थियों ने तिरंगे के साथ देशभक्ति से जुड़े संदेशों और नारों के माध्यम से लोगों को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का संदेश दिया। बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी भी देश की स्वतंत्रता के इतिहास, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और राष्ट्र निर्माण की भावना से जुड़ रही है।
तिरंगे के रंग में रंगा मनेंद्रगढ़, नागरिकों ने बढ़-चढ़कर की सहभागिता :
तिरंगा यात्रा के दौरान शहर का माहौल पूरी तरह देशभक्तिमय नजर आया। यात्रा के मार्ग में नागरिकों ने उत्साह के साथ तिरंगा यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोग अपने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर यात्रा में शामिल लोगों का उत्साहवर्धन करते दिखाई दिए। राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने यात्रा में सहभागिता कर यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
घर-घर तिरंगा फहराने और राष्ट्र निर्माण में योगदान का लिया संकल्प :
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्याम बिहारी जायसवाल ने उपस्थित नागरिकों, विद्यार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज को पूरे सम्मान के साथ फहराने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके प्रयासों से देश को स्वतंत्रता मिली। आज हमारा दायित्व है कि हम देश की एकता और अखंडता को मजबूत करें, संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें तथा अपने कार्यों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने दिया एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश :
मनेंद्रगढ़ में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा ने जिले में स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को और बढ़ा दिया। हजारों नागरिकों की सहभागिता ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-अभियान का स्वरूप प्रदान किया। तिरंगा यात्रा के माध्यम से जिलेवासियों ने एक स्वर में राष्ट्र की एकता, अखंडता, शांति, विकास और गौरव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। भव्य तिरंगा यात्रा के दौरान मनेंद्रगढ़ की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और हाथों में लहराते तिरंगे इस बात के साक्षी बने कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के भीतर देश के प्रति गर्व, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को जागृत करने वाला अवसर है।
हजारों लोगों ने शान से लहराया तिरंगा, स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में निकली तिरंगा यात्रा
एमसीबी । आजादी के पावन पर्व के अवसर पर जिले के विकासखंड खड़गवां में ‘‘आओ मिलकर देश का मान बढ़ाएं, हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा लहराएं’’ के संदेश के साथ भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया।
स्वामी आत्मानंद स्कूल से बिजली ऑफिस तिराहा तक निकाली गई इस विशाल तिरंगा यात्रा में हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे, ग्रामीणजन, माताएं-बहनें, जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अधिकारी-कर्मचारी एवं आम नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में आयोजित इस तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा खड़गवां देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान से सराबोर नजर आया।
‘‘एक तिरंगा-एक भारत-श्रेष्ठ भारत’’ की भावना के साथ आयोजित तिरंगा यात्रा में ‘‘वंदे मातरम’’ और भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा। हाथों में तिरंगा थामे स्कूली बच्चों और नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश को और मजबूत एवं एकजुट बनाने का संकल्प भी लिया।
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आजादी के पावन पर्व के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर सभी वर्गों के लोग मिलकर तिरंगा यात्राओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत कर रहे हैं। खड़गवां में आयोजित यह विशाल तिरंगा यात्रा भी इसी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, ग्रामीणजन, माताएं और बहनें पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा किसी व्यक्ति विशेष की यात्रा नहीं है, बल्कि यह उन अमर शहीदों और देशभक्तों को समर्पित है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्हीं वीरों के बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में अपने संविधान और कानून के अनुसार जीवन जी रहे हैं। तिरंगा उन लाखों ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के त्याग, साहस और राष्ट्र प्रेम का प्रतीक है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां अलग-अलग जाति, धर्म, पंथ, समाज, भाषा और संस्कृति के लोग निवास करते हैं। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में रहने और विभिन्न भाषाएं बोलने के बावजूद तिरंगा सभी भारतीयों को एक सूत्र में बांधता है। कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात के कच्छ से लेकर देश के सुदूर पूर्वी क्षेत्रों तक तिरंगा भारत की राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बनकर लहराता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग खान-पान, पहनावे, भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद भारत की आत्मा एक है और तिरंगा इसी एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है।
उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महान नेताओं एवं देशभक्तों को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के लिए अनेक महापुरुषों ने अपना जीवन समर्पित किया और उनके त्याग से हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों की विशेष भागीदारी रही। तेज धूप के बावजूद बच्चे पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ यात्रा में शामिल हुए। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों की सराहना भी की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर भी बच्चों एवं नागरिकों को जागरूक किया और कहा कि तिरंगा हमारे लिए अत्यंत सम्मान और गौरव का विषय है। राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले, जनपद अध्यक्ष श्याम बाई मरकाम, जनपद उपाध्यक्ष वीरेन्द्र करियाम सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पुलिस प्रशासन के जवान, मीडिया प्रतिनिधि और क्षेत्र के नागरिकों ने भी तिरंगा यात्रा में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान ‘‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’’ का संदेश देते हुए नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई। तिरंगा यात्रा के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
तिरंगा यात्रा के समापन के पश्चात विद्यार्थियों को साइकिल वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को साइकिल वितरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, देशप्रेम और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
खड़गवां में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा ने क्षेत्र में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत किया। हजारों लोगों की सहभागिता ने ‘‘एक तिरंगा, एक भारत, श्रेष्ठ भारत’’ के संदेश को सार्थक किया। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस विशाल तिरंगा यात्रा से पूरे क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति का उत्साह और उमंग देखने को मिला।
जनदर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़, कलेक्टर ने सुनी गंभीर शिकायतें
एमसीबी । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनदर्शन में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नामांतरण, रकबा दुरुस्ती, वन अधिकार पट्टा, रोजगार, आर्थिक सहायता, आधार कार्ड, कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं का लाभ, फसल नुकसान, पेंशन एवं सामाजिक सहायता से जुड़े विभिन्न आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को केवल औपचारिकता के रूप में न लें, बल्कि प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराएं।
खैरबना निवासी कुलदीप कुमार ने अपनी भूमि को रामसज्जन यादव द्वारा जबरन जोताई किए जाने, विरोध करने पर विवाद एवं गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने और भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की। इसी प्रकार मनेंद्रगढ़ निवासी रामप्यारे ने राम किशुन द्वारा उनकी भूमि पर जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत की। मेंड्राडोल निवासी भीम सिंह ने पैतृक कृषि भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी एवं झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी के संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की। बिछियाटोला निवासी अमरनाथ ने धमकी देने से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की।
भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में धनरजिया निवासी ने पट्टा में नाम दर्ज कराने, मनेंद्रगढ़ निवासी राम प्रसाद एवं आनंद शर्मा ने ग्राम चनवारीडांड की शासकीय भूमि खसरा नं. 73, रकबा 0.1600 हेक्टेयर के कथित अवैध विक्रय एवं कब्जे की जांच कर भूमि प्रशासन के कब्जे में लेने के संबंध में, चिरमिरी निवासी पूरन चंद जायसवाल ने रकबा दुरुस्त कर नामांतरण करने, मनेंद्रगढ़ निवासी अजीत सिंह ने प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने तथा मनेंद्रगढ़ निवासी संजय गुप्ता ने नामांतरण पंजी की प्रति उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन दिया। पटना क्षेत्र से संबंधित अन्य आवेदनों में भी राजस्व अभिलेखों एवं भूमि संबंधी समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।
वन अधिकार से जुड़े मामलों में पूटाडांड निवासी धन सिंह एवं मनि सिंह ने वन अधिकार पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की। वहीं समय लाल एवं बाबूलाल ने वन भूमि को ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन प्रकरणों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सामाजिक एवं आर्थिक सहायता से संबंधित मामलों में चिरमिरी निवासी विजय कुमार मिश्रा ने आर्थिक सहायता एवं मार्गदर्शन, खोंगापानी निवासी किरण प्रजापति ने रोजगार उपलब्ध कराने, मनेंद्रगढ़ निवासी सुप्रिया सोनी ने सिलाई मशीन प्रदान करने तथा संजय गुप्ता ने ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आधार कार्ड से संबंधित शिकायत में मनेंद्रगढ़ निवासी फरजाना बेगम ने आधार कार्ड अपडेट कराने के बाद आधार कार्ड निरस्त होने की जानकारी देते हुए उसे पुनः चालू कराने की मांग की। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कृषि एवं उद्यानिकी से जुड़े मामलों में मनवारी निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता ने उद्यानिकी विभाग से 50 डिसमिल भूमि में लगाने के लिए ग्राफ्टेड लीची के पौधे एवं टीशू कल्चर भूसावली केले के पौधे उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने विभागीय योजनाओं एवं अनुदान की जानकारी मोबाइल एसएमएस अथवा व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने तथा शेड निर्माण एवं कृषि उपकरणों में मिलने वाले अनुदान की जानकारी भी मोबाइल के माध्यम से देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने स्वामित्व की भूमि पर स्थित मोबाइल टावर में नौकरी के दौरान जमा पीएफ की राशि श्रम विभाग से दिलाए जाने के संबंध में भी आवेदन प्रस्तुत किया।
मनवारी क्षेत्र के मनीलाल ने बाउंड्रीवाल गिरने से किसानों की फसल को हुए नुकसान के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौके की स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में चिरमिरी निवासी गंगाराम ने ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं अवधेश कुमार ने झूठे मामले में फंसाए जाने की शिकायत करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। अन्य आवेदकों ने भी अपनी व्यक्तिगत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार एवं शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण किया जाए और जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उनका प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए यहां प्राप्त शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी आवेदकों को की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराएं, ताकि नागरिकों को अपनी शिकायत के निराकरण की वास्तविक स्थिति पता चल सके।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना और पात्र लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करते हुए इसकी जानकारी उच्च स्तर पर प्रस्तुत करें।
तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, 11 दुकानों से वसूला 2,200 रुपये जुर्माना
एमसीबी । कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को मनेन्द्रगढ़ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध जांच एवं चालानी कार्रवाई की।
संयुक्त टीम द्वारा मनेन्द्रगढ़ कलेक्ट्रेट के सामने एनएच-43, नदी पार मनेन्द्रगढ़ तथा पीडब्ल्यूडी तिराहा के आसपास संचालित ठेला, होटल, रेस्टोरेंट, किराना दुकान, चाय ठेला, पान दुकान एवं गुमटियों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तंबाकू युक्त पदार्थों की बिक्री करते पाए गए दुकानदारों के विरुद्ध सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 की धारा 4 एवं 6 के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान कुल 11 पान ठेला, रेस्टोरेंट, किराना स्टोर, गुमटियों, होटल एवं चाय दुकानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 2,200 रुपये का जुर्माना वसूला गया। कार्रवाई के साथ ही संबंधित दुकानदारों को तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए भविष्य में नियमों का उल्लंघन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।
संयुक्त टीम ने विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं एवं विद्यार्थियों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग करें तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री की जानकारी संबंधित विभाग को दें।
कार्रवाई के दौरान कोटपा नोडल अधिकारी डॉ. कीर्ति चौहान, डॉ. विक्की टोप्पो (स्वास्थ्य विभाग), खाद्य एवं औषधि प्रशासन से औषधि निरीक्षक विकास लकड़ा सहित पुलिस दल मौजूद रहा।
एमसीबी : जिले के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, 13 और 14 अगस्त को लगेगा प्लेसमेंट कैंप
जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी अच्छी खबर है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, जिला-मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13 अगस्त 2026 को शासकीय आईटीआई खड़गवां तथा 14 अगस्त 2026 को शासकीय आईटीआई जनकपुर में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। दोनों स्थानों पर प्लेसमेंट कैंप का समय प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा जारी सूचना के अनुसार प्लेसमेंट कैंप में निजी क्षेत्र की कंपनी SHRAMIN TELENT PVT- LTD द्वारा Meter Installation पद के लिए भर्ती की जाएगी। कंपनी में कुल 100 पद उपलब्ध हैं। इन पदों के लिए आईटीआई, 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाएगा तथा चयनित अभ्यर्थियों को 15,000 हजार से 18,000 हजार प्रतिमाह वेतनमान दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों का कार्यक्षेत्र एमसीबी जिला रहेगा।
प्लेसमेंट कैंप में शामिल होना पूरी तरह निःशुल्क
जिला रोजगार कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप में शामिल होने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इच्छुक आवेदकों को रोजगार पोर्टलhttps://erojgar.cg.gov.in/अथवा गूगल प्ले स्टोर से cgrojgar panjiyan app के माध्यम से पंजीकृत होना अनिवार्य है।
आवेदकों को अपने साथ सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा पासपोर्ट साइज फोटो लेकर निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होना होगा। रोजगार कार्यालय ने अधिक से अधिक शिक्षित बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
13 अगस्त खड़गवां और 14 अगस्त को जनकपुर में कैंप
जारी सूचना के अनुसार 13 अगस्त 2026 को शासकीय आईटीआई खड़गवां तथा 14 अगस्त 2026 को शासकीय आईटीआई जनकपुर में कैंप आयोजित होगा। दोनों स्थानों पर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अभ्यर्थियों की उपस्थिति एवं भर्ती प्रक्रिया की जाएगी।
जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से भी अपील की है कि वे अपने संस्थानों के छात्र-छात्राओं को इस प्लेसमेंट कैंप की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवा निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के इस अवसर का लाभ उठा सकें।
रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह प्लेसमेंट कैंप विशेष अवसर है, जहां बिना किसी शुल्क के सीधे निजी कंपनी में रोजगार पाने का मौका उपलब्ध कराया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित दस्तावेजों के साथ समय पर पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव’, PIB के वार्तालाप कार्यक्रम में मीडिया और प्रशासन ने दिखाई एकजुटता
एमसीबी । भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर (PIB) द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान” के अंतर्गत वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन होटल हसदेव इन, मनेन्द्रगढ़ में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखने, नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने तथा मीडिया के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में PIB रायपुर के उपनिदेशक (मीडिया एवं संचार) रमेश जयभाये ने मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े, भोपाल PIB निदेशक मनीष गौतम, छत्तीसगढ़ बंधु पत्रिका के संपादक मधुकर द्विवेदी, माय भारत जिला समन्वयक कोरिया सुश्री चहल कैलाशिया, एमसीबी प्रेस क्लब अध्यक्ष रंजीत सिंह तथा पत्रकार संघ मनेन्द्रगढ़ के अध्यक्ष प्रवीण ऋषि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में जिले के अन्य पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। नाचा दल ने “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार, इंद्रावती हर पखारे तोर पांव” जैसे लोकप्रिय पारंपरिक गीत की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात “मोर संग चलव गा” छत्तीसगढ़ी गीत के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। स्वागत गीत की प्रस्तुति के बाद नशा मुक्ति अभियान पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसमें प्रभावी ढंग से दिखाया गया कि नशे की लत किस प्रकार एक व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित कर सकती है तथा एक हंसते-खेलते परिवार को बिखरने की स्थिति तक पहुंच देती है।
मनीष गौतम ने बताया योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका
कार्यक्रम में भोपाल PIB के निदेशक मनीष गौतम ने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों तथा विभिन्न जनजागरूकता अभियानों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पत्र सूचना कार्यालय से संबंधित व्यवस्थाओं के एकीकरण का उद्देश्य सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और समन्वित बनाना है, ताकि सरकार की योजनाओं एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ में भी केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।
श्री गौतम ने ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की सही और समय पर जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही उपलब्ध सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ उठा सकता है।
नशामुक्ति अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। अंबिकापुर में भी इस दिशा में विशेष आयोजन किए जाएंगे। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मीडिया, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की भागीदारी से इस अभियान को जन आंदोलन बनाया जा सकता है।
माय भारत पोर्टल बनेगा युवाओं की भागीदारी का मजबूत माध्यम
कार्यक्रम में माय भारत जिला समन्वयक कोरिया चहल कैलाशिया ने युवाओं को ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल की उपयोगिता और इसकी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि MY Bharat भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का महत्वपूर्ण मंच है, जिसके माध्यम से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सहभागिता, स्वयंसेवा, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए MY Bharat एक प्रभावी मंच बन सकता है। जिले में युवाओं के साथ प्रत्येक माह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नशे के दुष्परिणाम, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर संवाद किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी के समन्वय से स्कूलों में भी नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि युवा “हम नशामुक्त हैं” जैसे संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें और अन्य युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने ‘माय भारत रन’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्ति का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही। जिला समन्वय समिति के माध्यम से कोरिया और मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के युवाओं को MY Bharat से जोड़कर उन्हें नशा मुक्ति का संकल्प लेने के साथ-साथ जागरूकता अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी पहल में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और मीडिया के माध्यम से अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल सकता है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है और समाज में जन जागरूकता पैदा करने की उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े अभियानों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सकारात्मक वातावरण तैयार करने में मीडिया प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने नशे की समस्या को केवल कानून या अभियान के नजरिए से देखने के बजाय उसके पीछे छिपे सामाजिक और व्यक्तिगत कारणों को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कई बार युवा तनाव, चिंता, अकेलेपन, पारिवारिक परिस्थितियों, पढ़ाई या रोजगार के दबाव अथवा भविष्य को लेकर असमंजस के कारण गलत संगति में पड़ जाते हैं और नशे को अपनी परेशानी से बाहर निकलने का माध्यम समझने लगते हैं। ऐसे में केवल उन्हें नशे से रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी समस्याओं को समझकर उनसे संवाद करना और सही मार्गदर्शन देना भी जरूरी है।
कलेक्टर ने कहा कि परिवार, स्कूल, समाज, प्रशासन और मीडिया को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां युवा अपनी परेशानियां खुलकर साझा कर सकें। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि नशामुक्ति अभियान के संदेश को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने के साथ उन लोगों की प्रेरक कहानियां भी सामने लाई जाएं, जिन्होंने नशे को छोड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी है।
PIB उपनिदेशक रमेश जयभाये ने किया अतिथियों का स्वागत, मीडिया से जन आंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम में भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर (PIB) के उपनिदेशक रमेश जयभाये ने सभी मुख्य अतिथियों एवं उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मीडिया सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक है और नशे के दुष्परिणामों के प्रति युवाओं तथा आम नागरिकों को जागरूक करने में मीडिया सकारात्मक एवं जिम्मेदार भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य संचार माध्यमों की पहुंच गांव-गांव तक है। इसलिए “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” जैसे अभियानों के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का अवसर भी व्यापक है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे केवल नशे के नुकसान की जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि नशा छोड़कर सफल और सम्मानजनक जीवन जी रहे लोगों की प्रेरक कहानियों को भी सामने लाएं, ताकि युवाओं के बीच सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का निर्माण हो।
श्री जयभाये ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ना जरूरी है। परिवार, विद्यालय, प्रशासन, सामाजिक संगठन और मीडिया यदि मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करें, तो नशे की प्रवृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि “नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।” इसलिए नशामुक्ति का संदेश किसी एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर निरंतर अभियान के रूप में गांवों, स्कूलों, महाविद्यालयों और नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” अभियान को व्यापक जन आंदोलन बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव’, PIB के वार्तालाप कार्यक्रम में मीडिया और प्रशासन ने दिखाई एकजुटता
PIB के वार्तालाप कार्यक्रम में कलेक्टर, मीडिया और युवाओं ने साझा किया नशामुक्त भारत का संकल्पय गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
एमसीबी 09 अगस्त 2026
भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर (PIB) द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारतदृसंकल्प अभियान” के अंतर्गत वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन होटल हसदेव इन, मनेन्द्रगढ़ में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखने, नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने तथा मीडिया के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में PIB रायपुर के उपनिदेशक (मीडिया एवं संचार) श्री रमेश जयभाये ने मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े, भोपाल PIB निदेशक मनीष गौतम, छत्तीसगढ़ बंधु पत्रिका के संपादक श्री मधुकर द्विवेदी, माय भारत जिला समन्वयक कोरिया सुश्री चहल कैलाशिया, एमसीबी प्रेस क्लब अध्यक्ष रंजीत सिंह तथा पत्रकार संघ मनेन्द्रगढ़ के अध्यक्ष प्रवीण ऋषि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में जिले के अन्य पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। नाचा दल ने “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार, इंद्रावती हर पखारे तोर पांव” जैसे लोकप्रिय पारंपरिक गीत की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात “मोर संग चलव गा” छत्तीसगढ़ी गीत के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। स्वागत गीत की प्रस्तुति के बाद नशामुक्ति अभियान पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसमें प्रभावी ढंग से दिखाया गया कि नशे की लत किस प्रकार एक व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित कर सकती है तथा एक हंसते-खेलते परिवार को बिखरने की स्थिति तक पहुंचा देती है।
मनीष गौतम ने बताया योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका कार्यक्रम में भोपाल PIB के निदेशक मनीष गौतम ने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों तथा विभिन्न जनजागरूकता अभियानों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पत्र सूचना कार्यालय से संबंधित व्यवस्थाओं के एकीकरण का उद्देश्य सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और समन्वित बनाना है, ताकि सरकार की योजनाओं एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ में भी केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।
श्री गौतम ने ‘विकसित भारतदृगारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की सही और समय पर जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही उपलब्ध सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ उठा सकता है।
नशामुक्ति अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। अंबिकापुर में भी इस दिशा में विशेष आयोजन किए जाएंगे। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मीडिया, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।
माय भारत पोर्टल बनेगा युवाओं की भागीदारी का मजबूत माध्यम
कार्यक्रम में माय भारत जिला समन्वयक कोरिया चहल कैलाशिया ने युवाओं को ‘मेरा युवा भारत’ (डल् ठींतंज) पोर्टल की उपयोगिता और इसकी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डल् ठींतंज भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का महत्वपूर्ण मंच है, जिसके माध्यम से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सहभागिता, स्वयंसेवा, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए डल् ठींतंज एक प्रभावी मंच बन सकता है। जिले में युवाओं के साथ प्रत्येक माह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नशे के दुष्परिणाम, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर संवाद किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी के समन्वय से स्कूलों में भी नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि युवा “हम नशामुक्त हैं” जैसे संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें और अन्य युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने ‘माय भारत रन’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्ति का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही। जिला समन्वय समिति के माध्यम से कोरिया और मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के युवाओं को डल् ठींतंज से जोड़कर उन्हें नशामुक्ति का संकल्प लेने के साथ-साथ जागरूकता अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी पहल में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और मीडिया के माध्यम से अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल सकता है।
कलेक्टर ने कहा- युवाओं को नशे से बचाने के लिए पहले समझना होगा उनकी परेशानी का कारण
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है और समाज में जनजागरूकता पैदा करने की उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े अभियानों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सकारात्मक वातावरण तैयार करने में मीडिया प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने नशे की समस्या को केवल कानून या अभियान के नजरिए से देखने के बजाय उसके पीछे छिपे सामाजिक और व्यक्तिगत कारणों को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कई बार युवा तनाव, चिंता, अकेलेपन, पारिवारिक परिस्थितियों, पढ़ाई या रोजगार के दबाव अथवा भविष्य को लेकर असमंजस के कारण गलत संगति में पड़ जाते हैं और नशे को अपनी परेशानी से बाहर निकलने का माध्यम समझने लगते हैं। ऐसे में केवल उन्हें नशे से रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी समस्याओं को समझकर उनसे संवाद करना और सही मार्गदर्शन देना भी जरूरी है।
कलेक्टर ने कहा कि परिवार, स्कूल, समाज, प्रशासन और मीडिया को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां युवा अपनी परेशानियां खुलकर साझा कर सकें। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि नशामुक्ति अभियान के संदेश को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने के साथ उन लोगों की प्रेरक कहानियां भी सामने लाई जाएं, जिन्होंने नशे को छोड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी है।
PIB उपनिदेशक रमेश जयभाये ने किया अतिथियों का स्वागत, मीडिया से जनआंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम में भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर (PIB ) के उपनिदेशक रमेश जयभाये ने सभी मुख्य अतिथियों एवं उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मीडिया सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक है और नशे के दुष्परिणामों के प्रति युवाओं तथा आम नागरिकों को जागरूक करने में मीडिया सकारात्मक एवं जिम्मेदार भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य संचार माध्यमों की पहुंच गांव-गांव तक है। इसलिए “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” जैसे अभियानों के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का अवसर भी व्यापक है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे केवल नशे के नुकसान की जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि नशा छोड़कर सफल और सम्मानजनक जीवन जी रहे लोगों की प्रेरक कहानियों को भी सामने लाएं, ताकि युवाओं के बीच सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का निर्माण हो।
श्री जयभाये ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ना जरूरी है। परिवार, विद्यालय, प्रशासन, सामाजिक संगठन और मीडिया यदि मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करें, तो नशे की प्रवृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि “नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।” इसलिए नशामुक्ति का संदेश किसी एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर निरंतर अभियान के रूप में गांवों, स्कूलों, महाविद्यालयों और नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
महतारी वंदन योजना ने अनीता को दिया आर्थिक संबल, छोटी दुकान बनी आत्मनिर्भरता की राह
एमसीबी । कभी घर की छोटी-छोटी जरूरतों और दुकान के लिए आवश्यक सामान जुटाने के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता था। लेकिन अब नियमित आर्थिक सहायता ने मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की निवासी अनीता गुप्ता के जीवन में यह तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।
महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1,000 की सहायता ने उनके लिए आर्थिक संबल का रूप ले लिया है। 7 अगस्त 2026 को योजना की 30वीं किस्त जारी होने के साथ ही अनीता को अब तक कुल 30,000 की राशि प्राप्त हो चुकी है। अनीता गुप्ता के लिए यह 1,000 की मासिक सहायता महज एक राशि नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को निरंतर आगे बढ़ाने का माध्यम बन गई है। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपनी दुकान में आवश्यक सामान भरने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इससे दुकान के लिए जरूरी सामान खरीदने में उन्हें मदद मिलती है और उनका छोटा व्यवसाय लगातार चलता रहता है।
छोटी जरूरतों के लिए अब नहीं बढ़ाना पड़ता हाथ :
अनीता बताती हैं कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच कई बार छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक व्यवस्था करनी पड़ती थी। महतारी वंदन योजना की नियमित सहायता से अब ऐसी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है। वे अपनी आवश्यकता के अनुसार इस राशि का उपयोग घरेलू खर्च में सहयोग देने के साथ दुकान के लिए जरूरी सामान खरीदने में कर पाती हैं। उनके लिए योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी नियमित आर्थिक सहायता है। हर माह मिलने वाली राशि उन्हें अपने खर्च की छोटी-छोटी जरूरतों को व्यवस्थित करने और दुकान में आवश्यक सामान उपलब्ध रखने में मदद करती है। इस तरह योजना उनके घरेलू जीवन के साथ-साथ उनके छोटे व्यवसाय को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास :
अनीता का कहना है कि महिलाओं को जब अपनी जरूरतों के लिए नियमित आर्थिक सहयोग मिलता है, तो उनके भीतर आत्मविश्वास भी बढ़ता है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें अपनी छोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। दुकान में सामान भरने के लिए राशि का उपयोग करने से उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को निरंतर संचालित करने में भी मदद मिल रही है। 30वीं किस्त जारी होने पर अनीता गुप्ता के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। अब तक प्राप्त 30,000 की राशि उनके लिए सरकार की योजना से मिले भरोसे और आर्थिक सहयोग का प्रतीक है। वे कहती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है और उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को संभालने में भी सहारा दे रही है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार :
अनीता गुप्ता ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में सहायता मिल रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि से वे अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ दुकान के लिए सामान भी खरीद पा रही हैं। महतारी वंदन योजना अनीता गुप्ता जैसी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता की राह मजबूत करने का माध्यम बन रही है। नियमित 1,000 की सहायता ने उनके घरेलू बजट को सहारा देने के साथ छोटे व्यवसाय को भी संबल दिया है। 30वीं किस्त के साथ अनीता की कहानी इस बात की मिसाल है कि नियमित और लक्षित आर्थिक सहायता महिलाओं के आत्मविश्वास एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे सकती है।
1,000 की मदद बनी प्रीति के सपनों की ताकत, महतारी वंदन से सिलाई सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम’
एमसीबी । आज जब महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, ऐसे समय में महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का प्रभावी माध्यम बन रही है।
योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1,000 की सहायता ने मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की निवासी प्रीति साह को भी अपने सपनों को आकार देने का अवसर दिया है। 07 अगस्त 2026 को महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी होने के साथ प्रीति साह को अब तक कुल 30,000 की सहायता प्राप्त हो चुकी है। 30वीं किस्त मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी है। प्रीति बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि परिवार की जरूरतों में सहयोग करने के साथ उन्हें अपने लिए कुछ नया सीखने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
आर्थिक सहायता से सीखा सिलाई का हुनर :
प्रीति साह ने बताया कि वे योजना से मिलने वाली 1,000 की राशि का उपयोग सिलाई सीखने के साथ-साथ बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों और उनकी पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। सिलाई सीखने के लिए आर्थिक सहायता मिलने से वे अपने हुनर को निखार रही हैं।उनका लक्ष्य है कि सिलाई का हुनर पूरी तरह सीखने के बाद इसे आगे चलकर आजीविका का साधन बनाया जाए। इस दिशा में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता उनके लिए शुरुआती पूंजी और प्रोत्साहन दोनों का काम कर रही है। प्रीति कहती हैं कि अपने लिए कोई नया कौशल सीखने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी बात है। आज वे सिलाई सीख रही हैं और आने वाले समय में इसी हुनर के माध्यम से अपनी आय का जरिया तैयार करने का सपना देख रही हैं।
बच्चों की पढ़ाई में भी बन रही भागीदार :
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच बच्चों की शिक्षा प्रीति की प्राथमिकता है। वे बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि से बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। कॉपी-किताब और अन्य आवश्यकताओं जैसे छोटे खर्चों में यह राशि परिवार के बजट को सहारा देती है। इस तरह महतारी वंदन योजना की सहायता प्रीति के लिए दोहरी भूमिका निभा रही है एक और वह अपने कौशल को मजबूत कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों की शिक्षा में भी आर्थिक सहयोग दे रही हैं।
‘सहायता से सिर्फ जरूरत नहीं, भविष्य भी संवार रही हूं’ :
प्रीति साह के लिए योजना की मासिक राशि अब केवल घरेलू खर्च में सहयोग तक सीमित नहीं है। वे इसका उपयोग अपने भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए भी कर रही हैं। सिलाई सीखने का निर्णय उनके आत्मनिर्भर बनने की इच्छा को दर्शाता है। वे बताती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें यह भरोसा मिला है कि वे अपनी जिम्मेदारियों के साथ अपने लिए भी कुछ कर सकती हैं। बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपने हुनर को विकसित करना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव है।
30वीं किस्त पर चेहरे पर खुशी, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार :
महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी होने पर प्रीति साह ने खुशी जाहिर की। अब तक प्राप्त 30,000 की राशि उनके लिए लगातार मिल रहे आर्थिक सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ कुछ नया सीखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। प्रीति साह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में सहायता मिल रही है। उन्होंने 30वीं किस्त जारी होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। प्रीति साह की कहानी बताती है कि आर्थिक सशक्तिकरण की शुरुआत हमेशा बड़ी पूंजी से नहीं होती। कभी-कभी नियमित मिलने वाली छोटी-सी सहायता भी किसी महिला के भीतर छिपे हुनर को अवसर देती है। आज प्रीति अपने बच्चों की जरूरतों में सहयोग करते हुए सिलाई सीख रही हैं और कल इसी हुनर को अपनी आजीविका बनाने की दिशा में बढ़ रही हैं-यही महतारी वंदन योजना की सार्थकता की एक जीवंत तस्वीर है।
पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश : क्रीड़ा परिसर लालपुर में लायंस क्लब और ग्रीन वैली क्लब ने किया वृहद वृक्षारोपण
एमसीबी । पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और प्रकृति के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनेन्द्रगढ़ के लालपुर स्थित क्रीड़ा परिसर में लायंस क्लब मनेन्द्रगढ़ एवं ग्रीन वैली क्लब के संयुक्त तत्वावधान में "एक पेड़ मां के नाम अभियान" के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायी आयोजन में क्रीड़ा परिसर के खिलाड़ियों, छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षकों तथा क्लब के पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान क्रीड़ा परिसर के खेल मैदान एवं आसपास के क्षेत्र में फलदार, छायादार तथा औषधीय पौधों का रोपण किया गया। छात्र-छात्राओं ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उन्हें प्रकृति से जोड़ने का भावनात्मक संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
इस अवसर पर लायंस क्लब एवं ग्रीन वैली क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम अभियान" केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृत्व के सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश देने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो धरती को पुनः हरा भरा बनाया जा सकता है।
ग्रीन वैली क्लब के कौशल अग्रवाल ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवन का आधार हैं। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
विनोद जायसवाल ने कहा कि पौधारोपण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना चाहिए, तभी इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
रामचरित द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष हमें जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और गर्मी के दिनों में शीतल छाया देकर जीवन को सहज बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रकृति हमारे बिना तो जीवित रह सकती है, लेकिन प्रकृति के बिना मानव जीवन एक दिन भी संभव नहीं है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों एवं क्लब सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई गई। क्रीड़ा परिसर के अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने लायंस क्लब और ग्रीन वैली क्लब के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
इस अवसर पर लायंस क्लब मनेन्द्रगढ़, ग्रीन वैली क्लब के पदाधिकारी, क्रीड़ा परिसर के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में खेल प्रतिभागी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
14 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा ‘भारत विभाजन विभिषिका स्मरण दिवस’
राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और विभाजन की पीड़ा से नई पीढ़ी को परिचित कराने होंगे विविध आयोजन
एमसीबी/07 अगस्त 2026
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार आगामी 14 अगस्त 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ में ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’ गरिमापूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने राज्य के सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस दिवस का उद्देश्य भारत विभाजन की दर्दनाक ऐतिहासिक घटनाओं से नई पीढ़ी को अवगत कराना, विभाजन की त्रासदी से प्रभावित लाखों लोगों के साहस, संघर्ष एवं बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को सशक्त बनाना है।
जिलों में होंगे विविध जनजागरूकता एवं स्मृति कार्यक्रम
निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में भारत विभाजन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसका अवलोकन विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया जाएगा। विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। इसके साथ ही मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
कार्यक्रमों के अंतर्गत विशिष्ट अतिथियों के संबोधन, विभाजन पीडि़तों की स्मृति में कैंडल मार्च तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चा, प्रदर्शनी और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर
संस्कृति विभाग ने 1 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक डलळवअ पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रतियोगिता ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ में अधिक से अधिक नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा तैयार विशेष प्रदर्शनी एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं संग्रहालयों में किया जाएगा। वहीं 14 अगस्त को माननीय राज्यपाल अथवा माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य स्तरीय स्मृति समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम“ अभियान की होगी प्रभावी मॉनिटरिंग
संस्कृति विभाग ने सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उनकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ‘हर घर तिरंगा एवं वंदे मातरम् कार्यक्रम-2026’ के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए दो निर्धारित प्रपत्र जारी किए गए हैं।
पहले प्रपत्र में स्व-सहायता समूहों, डाक विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, सीएसआर, जनसहयोग तथा अन्य माध्यमों से खरीदे गए राष्ट्रीय ध्वजों की संख्या एवं व्यय का विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं दूसरे प्रपत्र में तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, तिरंगा मेला, तिरंगा संगीत कार्यक्रम, तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगा सेल्फी अभियान, तिरंगा कैनवास हस्ताक्षर अभियान, तिरंगा दौड़, मैराथन तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन जैसे कार्यक्रमों की संख्या, प्रतिभागियों की संख्या एवं उपयोग किए गए तिरंगों का विवरण संकलित किया जाएगा।
ई-मेल एवं पोर्टल के माध्यम से होगी रिपोर्टिंग
आयोजन से संबंधित फोटो एवं वीडियो संस्कृति विभाग द्वारा निर्धारित ई-मेल के माध्यम से प्रेषित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदर्शनी, डॉक्यूमेंट्री फिल्म एवं अन्य आवश्यक सामग्री भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल से डाउनलोड कर उपयोग में लाई जाएगी।
संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने डॉ. अभिलाष बेहार को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी तथा श्री सतीश कश्यप को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संस्कृति विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से आयोजित किए जाएं, ताकि देश के विभाजन के इतिहास, उससे जुड़े संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
जिले में अब तक 505.6 मिमी औसत वर्षा की गई दर्ज
एमसीबी/ 07 अगस्त 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 01 जून से 07 अगस्त तक 505.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 672.2 मिमी चिरमिरी तहसील में तथा न्यूनतम 391.2 मिमी केल्हारी तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील मनेन्द्रगढ़ में 639.4 मिमी, तहसील चिरमिरी में 672.2 मिमी, तहसील खड़गवां में 462.0 मिमी, तहसील भरतपुर में 477.0 मिमी तथा तहसील कोटाडोल में 391.7 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने रचा इतिहास: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के नेतृत्व में एमसीबी ने 95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य में दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धि
एमसीबी/ 07 अगस्त 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रभावी नेतृत्व में जिले ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इस उपलब्धि के साथ एमसीबी छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है, जिसने इस चुनौतीपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।
इस उपलब्धि के पीछे सुनियोजित रणनीति, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, समयबद्ध उपचार और स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम का सतत प्रयास रहा। जिले में एचआईवी कार्यक्रम का प्रभावी संचालन जिला नोडल अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के कुशल निर्देशन में किया गया, जिनके नेतृत्व में मैदानी स्तर पर अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया।
95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन
एचआईवी संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वैश्विक एवं राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित 95-95-95 लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एमसीबी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
प्रथम 95 (पहचान एवं जांच) : संभावित एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की समय पर पहचान एवं जांच कर जिले ने पहला 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया।
द्वितीय 95 (उपचार) : संक्रमित पाए गए व्यक्तियों को तत्काल एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़कर दूसरा 95 प्रतिशत लक्ष्य भी सफलतापूर्वक हासिल किया।
तृतीय चरण (वायरल लोड सप्रेशन) : संक्रमित मरीजों के शरीर में वायरस की सक्रियता को न्यूनतम स्तर पर लाने के 99 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले जिले ने 98 प्रतिशत वायरल लोड सप्रेशन प्राप्त कर असाधारण प्रदर्शन किया, जो राष्ट्रीय मानकों के अत्यंत निकट है।
आईसीटीसी काउंसलरों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस सफलता में इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर के काउंसलरों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। श्रीमती निशा सिंह एवं श्री विजेंद्र खटकर ने मरीजों की प्रभावी काउंसलिंग, नियमित फॉलोअप तथा उपचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और संवेदनशील कार्यशैली ने मरीजों का विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
टीम वर्क बना सफलता की आधारशिला
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को जाता है। दिशा टीम, आईसीटीसी, एआरटी केंद्र, विशेषज्ञ चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों तथा अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सभी के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सेवा भावना ने एमसीबी जिले को यह विशिष्ट पहचान दिलाई।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का संकल्प
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, काउंसलरों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की है। जिला प्रशासन ने यह भी संकल्प दोहराया है कि भविष्य में भी जिले में एचआईवी की प्रभावी रोकथाम, शत-प्रतिशत समय पर जांच, समय पर उपचार एवं दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुनिश्चित की जाएंगी।
एमसीबी की यह सफलता केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समर्पित नेतृत्व, प्रभावी टीम वर्क और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण है। यह उपलब्धि आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
आर्थिक तंगी को पीछे छोड़ आत्मनिर्भर बनीं प्रमिला दीदी, किराना व्यवसाय से परिवार को मिली नई राह
एमसीबी । जिले की मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायत केवटी की रहने वाली प्रमिला दीदी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, संघर्ष और सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। कभी सीमित आय और आर्थिक तंगी के कारण परिवार का खर्च चलाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें कई बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय स्वयं को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और यही संकल्प उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत बना।
वर्ष 2017 में प्रमिला दीदी जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जिसका गठन 24 फरवरी 2017 को बिहान-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत किया गया था। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बैठकों में भाग लिया, बचत की आदत विकसित की तथा समूह के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन, आजीविका संवर्धन और स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किए। अपनी लगन और जिम्मेदारी के कारण वे शुरुआत से ही समूह में पुस्तक संचालक के रूप में सक्रिय रहीं तथा बाद में FLCRP कैडर के रूप में भी कार्य करने लगीं।
समूह से जुड़ने के बाद प्रमिला दीदी ने सबसे पहले समूह को प्राप्त रिवॉल्विंग फंड से 2,000 रुपये का ऋण लेकर कृषि कार्य प्रारंभ किया। इस छोटे से प्रयास ने उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा किया। कुछ समय बाद जब समूह को सीआईएफ की राशि प्राप्त हुई तो उन्होंने 10,000 रुपये का ऋण लेकर अपने गांव में एक छोटी किराना दुकान शुरू की। सीमित पूंजी से शुरू हुआ यह व्यवसाय धीरे-धीरे गांव के लोगों की जरूरतों का भरोसेमंद केंद्र बन गया। अपनी मेहनत, ईमानदारी और ग्राहकों के विश्वास के बल पर उन्होंने दुकान को लगातार आगे बढ़ाया।
आज प्रमिला दीदी की किराना दुकान से प्रतिदिन लगभग 200 रुपये का लाभ प्राप्त होता है और उन्हें लगभग 6,000 रुपये की मासिक आय होती है। इसके अतिरिक्त FLCRP कैडर के रूप में कार्य करने से उन्हें लगभग 5,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इस प्रकार उनकी कुल मासिक आय लगभग 11,000 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब उन्हें किसी साहूकार या अन्य व्यक्ति से उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
प्रमिला दीदी की सफलता केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग मिले तो वे अपने परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव की अनेक महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। आज प्रमिला दीदी गांव में एक आत्मविश्वासी, सशक्त और प्रेरणादायक महिला उद्यमी के रूप में पहचानी जाती हैं।
जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह को समय-समय पर रिवॉल्विंग फंड, सीआईएफ तथा बैंक लिंकेज जैसी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जिससे समूह की महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने का अवसर मिला। इन संसाधनों का सही उपयोग करते हुए प्रमिला दीदी ने अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया और आज वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन चुकी हैं।
प्रमिला दीदी की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, आत्मविश्वास और समूह की सामूहिक शक्ति के माध्यम से कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है। बिहान योजना के सहयोग से उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गईं। उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
खड़गवां में स्वच्छता का जमीनी जायजा, राज्य सलाहकार ने प्लास्टिक प्रबंधन और अपशिष्ट पृथक्करण पर कसा फोकस
ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर प्लास्टिक प्रबंधन इकाई जल्द शुरू करने के निर्देश, "जोश" अभियान की सराहना; एफएसटीपी स्थापना की प्रक्रिया तेज करने पर जोर
राज्य सलाहकार पुरुषोत्तम पांडा ने खड़गवां की ग्राम पंचायतों में परखी स्वच्छता व्यवस्था, प्लास्टिक प्रबंधन और अपशिष्ट पृथक्करण पर दिया विशेष जोर
एमसीबी/06 अगस्त 2026
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य सलाहकार पुरुषोत्तम पांडा ने गुरुवार को विकासखंड खड़गवां की ग्राम पंचायत पौड़ीडीह, खड़गवां एवं लालपुर का भ्रमण कर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) नियम-2026 के तहत संचालित गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।
भ्रमण के दौरान राज्य सलाहकार ने ग्राम पंचायत पौड़ीडीह में ग्रामीणों को सोर्स सेग्रीगेशन (स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण) का महत्व समझाया। डस्टबिन का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने बताया कि गीले, सूखे, घरेलू खतरनाक एवं अन्य प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि यदि घर से ही कचरे का सही तरीके से पृथक्करण किया जाए तो अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलना अधिक आसान हो जाता है।
उन्होंने ग्रामीणों से रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल (3R) की अवधारणा को अपनाने की अपील करते हुए प्लास्टिक के उपयोग में कमी, उसके पुनः उपयोग एवं वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रभावी प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का भी सशक्त माध्यम बन सकता है।
निरीक्षण के दौरान राज्य सलाहकार ने ग्राम पंचायत पौड़ीडीह में स्थापित प्लास्टिक प्रबंधन इकाई को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके संचालन से गांव में एकत्रित प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक अपशिष्ट आधारित व्यवसायिक मॉडल विकसित कर ग्रामीणों की आय बढ़ाई जा सकेगी।
राज्य सलाहकार ने जिले के नवाचार "जोश - जर्नी ऑफ सैनिटेशन एंड हाइजीन" अभियान की सराहना करते हुए स्वच्छता प्रहरी राजेश द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अभिनव पहल से विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में शौचालयों के उपयोग को बढ़ावा मिला है, विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार हुआ है, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ी है तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत प्रस्तावित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की स्थापना पर भी विस्तृत चर्चा हुई। राज्य सलाहकार ने स्थल चयन एवं आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस संयंत्र की स्थापना से मलीय कीचड़ का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित होगा और जिले में ओडीएफ प्लस मॉडल ग्रामों के निर्माण को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर जनपद पंचायत खड़गवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश बंजारे, खंड स्वच्छता अधिकारी नीतिज गुप्ता, सरपंच जय मरावी, उर्मिला सिंह, सचिव वंदना मिश्रा, गीता पांडे, भुनेश्वर सिंह, ब्लॉक समन्वयक नेहा ठाकुर, प्रभा पायसी, वार्ड पंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।