मध्य प्रदेश
विश्व के कई देश प्रधानमंत्री श्री मोदी से करते हैं मार्गदर्शन की अपेक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को विश्व के अनेक देशों में सम्मान मिला है। इससे भारतवासी गर्वित, आनंदित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी अभिनन्दन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री जी को पापुआ न्यू गिनी और फिजी ने अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है। इन देशों के राष्ट्र प्रमुख कहते हैं कि भारत हमारी आवाज बन कर उभर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जब पापुआ न्यू गिनी पहुँचे तो वहाँ के प्रधानमंत्री ने मोदी जी के चरण स्पर्श किए। यह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की सेवाओं का ही परिणाम है। उन्होंने दुनिया की भी चिंता की है। श्री मोदी को केवल इन दो देशों ने ही अपना सर्वोच्च सम्मान नहीं दिया बल्कि सबसे पहले अफगानिस्तान ने अपना सर्वोच्च सम्मान उन्हें दिया था। इसके अलावा फिलीस्तीन, यूएई और रूस ने भी मोदी जी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनेक राष्ट्र, भारत से मार्गदर्शन की अपेक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी कल 6 दिवसीय विदेश यात्रा से लौटे, उन्होंने लगभग 20 राष्ट्राध्यक्षों से भेंट की और 40 से अधिक बैठकों में शामिल हुए। वे निरंतर घंटों कार्य करते हैं।
सम्मानों की रही है लंबी श्रंखला
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का सम्मान अद्भुत है और गर्व का विषय है। उनको पूर्व में अनेक देशों ने सम्मान दिए हैं। जहाँ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि मोदी जी आप बहुत लोकप्रिय हैं, मुझे आपके आटोग्राफ चाहिए, वहीं आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री श्री एंथनी एल्बनीज ने मोदी जी के लिए कहा "मोदी इज द बॉस"। यहीं नहीं इसके पूर्व मालद्वीप और बहरीन द्वारा भी प्रधानमंत्री जी को सम्मानित किया गया है। अमेरिका ने अपना सर्वोच्च सैन्य सम्मान श्री मोदी को दिया। सऊदी अरब ने भी उनको सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही दक्षिण कोरिया ने भी सम्मानित किया। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने "चेंपियन्स ऑफ द अर्थ अवार्ड से मोदी जी को नवाजा। प्रधानमंत्री श्री मोदी को फिलिप कोर्टल प्रेसिडेंशियल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में ग्लोबल गोल्ड कीपर अवार्ड से नवाजा गया। विश्व ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र बेहतर काम करने के लिए मोदी जी को इसी साल केम्ब्रिज रिसर्च एसोसिएट्स का ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरमेंट लीडरशिप अवार्ड दिया गया। यह सभी सम्मान अकेले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सम्मान नही है बल्कि सभी 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मोदी जी को मिले सम्मान अद्भुत, अभूतपूर्व और दुर्लभ होने के साथ ही इस बात का प्रतीक है कि उनके नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया के देश अब भारत को अपना लीडर मानने लगे हैं।
भारत को विकसित देश बनाने के लिए गाँवों की सामाजिक, आर्थिक और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाना होगा: प्रधानमंत्री श्री मोदी
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि गाँव- गरीब का जीवन आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जो योजनाएँ बनाई हैं, उन्हें पंचायती राज संस्थाएँ प्रभावी तरीके से जमीन पर उतार रही हैं। आज मध्यप्रदेश के विकास से जुड़ी 17 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण हो रहा है। यह परियोजनाएँ प्रदेशवासियों का जीवन आसान बनाने में मददगार होंगी। साथ ही रोजगार सृजन के नए अवसर भी निर्मित होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कर बेहतरीन कार्य किया है। मध्यप्रदेश की 50 लाख से अधिक महिलाएँ स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश की नारी शक्ति को मैं बधाई देता हूँ। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के इस कार्यक्रम से देश के 30 लाख से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधि जुड़े हैं। यह भारत के लोकतंत्र की सशक्त तस्वीर है। हम सभी जनता के प्रतिनिधि हैं और देश तथा लोकतंत्र के लिए समर्पित हैं। "जन सेवा से राष्ट्र सेवा" ही हम सब का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर देशभर की पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ-साथ विशेष ग्राम सभाओं को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह की उपस्थिति में रीवा के विशेष सशस्त्र बल मैदान में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 4 लाख 11 हजार हितग्राहियों को वर्चुअल गृह प्रवेश कराया। साथ ही मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन की 7853 करोड़ रूपये की लागत की रीवा, सतना और सीधी जिलों के लिए स्वीकृत 5 बड़ी समूह जल-प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास भी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के रेल नेटवर्क के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित कर 2300 करोड़ रूपये से अधिक की रेल परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभांरभ किया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर प्रयासरत हैं। विकसित भारत के लिए गाँवों की सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था में सुधार और पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करना आवश्यक है। हमारी सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। देश में वर्ष 2014 के पहले पंचायतों के लिए मात्र 70 हजार करोड़ रूपये का वित्त आयोग का अनुदान था, जो हमारी सरकार के दौरान 2 लाख करोड़ से अधिक का हुआ है। पंचायतों को सुदृढ़ करने की दिशा में पिछले 8 साल में 30 हजार से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। पंचायतों तक ऑप्टिकल फायबर की कनेक्टिविटी का विस्तार करते हुए 2 लाख से अधिक गाँवों में ऑप्टिकल फायबर का जाल बिछाया गया है। स्वतंत्रता के पहले से देश में व्यवस्था का आधार रही पंचायती राज संस्थाओं पर पिछली सरकारों ने भरोसा नहीं किया। पंचायतों के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। हमारी सरकार ने वर्ष 2014 के बाद पंचायतों के सशक्तिकरण का बीड़ा उठाया और आज परिणाम सामने हैं। पंचायतें देश के विकास की प्राण-वायु बन कर उभरी हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पंचायतों की मदद से गाँव और शहरों के बीच की खाई को कम करने की प्रयास भी निरंतर जारी है। डिजिटल माध्यम से पंचायतों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। अमृत सरोवरों के निर्माण में ड्रोन से सर्वे कराने के साथ निर्माण प्रक्रिया में अद्यतन तकनीक का उपयोग किया गया है। आज लोकार्पित किया गया एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल पंचायतों को अधिक सशक्त और उनकी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनायेगा। आधुनिक तकनीक का लाभ प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में स्पष्टत: दिखाई दे रहा है। गाँवों के आबादी क्षेत्र के ड्रोन टेक्नोलॉजी से हुए सर्वे और मानचित्रीकरण से सम्पत्ति के संबंध में बनने वाली विवाद की स्थितियाँ निर्मूल हुई हैं। देश के 75 हजार गाँवों में इसका कार्य पूर्ण हो गया है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश की आधी से अधिक आबादी गाँवों में रहती है। उनकी बेहतर व्यवस्था के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। हमारी सरकार ने वर्ष 2014 के बाद गाँवों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उज्ज्वला योजना में रसोई गैस के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन और गाँवों में 3 करोड़ 75 लाख से अधिक आवासों का निर्माण इसका स्पष्ट प्रमाण हैं। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना से गाँवों के लाखों घरों में बिजली पहुँची है। जल जीवन मिशन से देश के 9 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को घर में नल से जल मिल रहा है। इनमें से 60 लाख घर मध्यप्रदेश के हैं। पिछली सरकारों ने गाँव के लोगों का देश के बैंकों पर अधिकार ही नहीं माना। गाँव के लोगों के न बैंक में खाते थे और न ही उन्हें बैंक से कोई सुविधा मिल पाती थी। हमारी सरकार ने जन-धन योजना में 40 करोड़ से अधिक लोगों के बैंक खाते खुलवाए, पोस्ट ऑफिस का उपयोग कर गाँवों तक बैंकों की पहुँच बढ़ाई और बैंक मित्र एवं बैंक सखी के माध्यम से लोगों को बैंकों से जोड़ा। इस अभियान का प्रभाव गाँवों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। खेती-किसानी से लेकर व्यापार तक में ग्रामीणों को बैंकों की मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में करीब ढाई लाख करोड़ रूपए सीधे किसानों के खातों में भेजे गए हैं। इस योजना से मध्यप्रदेश के लगभग 90 लाख किसानों को 18 हजार 500 करोड़ रूपए मिले हैं। रीवा के किसानों को इस निधि से लगभग 500 करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं। एमएसपी बढ़ाने से गाँवों में अतिरिक्त राशि पहुँच रही है। साथ ही गाँव में रहने वाले गरीब परिवारों को कोरोना काल से मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। गरीब कल्याण की इस योजना पर भी 3 लाख करोड़ रूपए से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। गाँवों में हो रहे इन कार्यों से रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। गाँव के युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से संचालित मुद्रा योजना में 24 लाख करोड़ रूपये की मदद दी गई है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती हमारी माँ है और माँ को मारने का हक किसी को नहीं है। खेती में बढ़ते रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के उपयोग ने धरती के लिए संकटपूर्ण स्थिति निर्मित कर दी है। सभी पंचायत प्रतिनिधियों को धरती की सेहत सुधारने के लिए कृत-संकल्पित होना होगा। हम प्राकृतिक खेती अपना कर और लोगों को यह पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित कर अपना योगदान दे सकते हैं। पंचायतें प्राकृतिक खेती पर केन्द्रित जन-जागरण अभियान चलाएँ।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से प्रदेशवासियों को हुए लाभ, पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं और रोजगार के नए अवसरों तथा किसानों, विद्यार्थियों, कारोबारियों को होने वाली सुविधा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात के 100 एपिसोड पूर्ण होने के संबंध में कहा कि मध्यप्रदेश के अनेक लोगों की उपलब्धियों का उल्लेख मन की बात में आया है। उन्होंने आगामी रविवार को मन की बात के 100वें एपिसोड से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने की अपील की।
प्रदेशवासी 30 अप्रैल को मन की बात के 100वें एपिसोड से अवश्य जुड़ें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देशवासियों के दिल में बसते हैं। उनकी मन की बात, देशवासी सुनते भी हैं और आत्मसात भी करते हैं। यह सौभाग्य का विषय है कि मन की बात के 100वें एपिसोड का प्रसारण 30 अप्रैल को होगा। प्रदेश के सभी पोलिंग बूथ, वार्डों और पंचायतों में मन की बात सुनने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेशवासी 30 अप्रैल को प्रात: 10.45 बजे से मन की बात कार्यक्रम से अवश्य जुड़ें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का रीवा में सुपारी से बनने वाले खिलौना भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश बदल रहा है। विंध्य क्षेत्र में भी रोड कनेक्टिविटी और सिंचाई क्षेत्र के साथ ही सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसान की आय दोगुनी करने का वचन दिया था। प्रदेश में गेहूँ, धान और सरसों का उपार्जन बढ़ा है। प्रधानमंत्री की मंशानुरूप किसानों की आय दोगुना करने का काम मध्यप्रदेश की धरती पर पूरा हुआ है। जल जीवन मिशन में ग्रामवासियों को घर में नल से जल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में व्यापक स्तर पर गतिविधियाँ जारी हैं। विंध्य क्षेत्र को रेल कनेक्टिविटी के साथ नये एयरपोर्ट की सौगात भी मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धरती को बचाने और पर्यावरण-संरक्षण के लिए अपनी भावनाएँ व्यक्त की हैं। प्रदेशवासी पर्यावरण-संरक्षण और धरती की सेहत में सुधार के लिए संकल्पित हों। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों को बिजली बचाने, पानी बचाने, पेड़ लगाने, प्राकृतिक खेती को अपनाने और स्वच्छता में योगदान देने का संकल्प दिलाया।
केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में पधार कर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्रामवासियों का उत्साह बढ़ाया है। यह इस बात का संकेत है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी गाँव, गरीब और किसान से निकट से जुड़े हैं। उन्होंने पंचायती राज और ग्रामीण विकास की बेहतरी के लिए निरंतर प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कार्बन न्यूट्रल पंचायत, पानीयुक्त गाँव, ग्रीन पंचायत के माध्यम से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह ने मध्यप्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों की सराहना की।
एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का शुभारंभ
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर देश भर की पंचायतों के लिए एकीकृत ई-ग्राम स्वराज और जीईएम पोर्टल का लघु फिल्म के माध्यम से राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस एकीकृत पोर्टल से पंचायतें सामान और सेवाओं की खरीद और उनका भुगतान डिजिटल तरीके से कर सकेंगी।
"एकम समावेशी विकास" वेबसाइट और मोबाइल ऐप लांच
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के लिए समावेशी विकास थीम का भी शुभारंभ किया। लघु फिल्म से "एकम समावेशी विकास" वेबसाइट और मोबाइल एप को राष्ट्रीय स्तर पर लांच किया गया। सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने "विकास की ओर साझे क़दम" अभियान का भी शुभांरभ किया। समावेशी विकास पर केन्द्रित इस अभियान में अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश का 1 करोड़ 25 लाखवां स्वामित्व संपत्ति कार्ड सिंगरौली जिले के ग्राम गड़हरा की श्रीमती सीता साकेत तथा श्री सूरजलाल साकेत को प्रदान किया। इसमें गाँव की आबादी भूमि और घरों के सर्वे तथा मानचित्रण के बाद भूमि स्वामियों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक और अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जाते हैं। योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में प्रारंभ से ही अग्रणी है। "स्वामित्व- मेरी संपत्ति मेरा हक" पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ।
2300 करोड़ रूपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लगभग 2300 करोड़ रूपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ भी किया। इनमें रीवा से इतवारी (नागपुर) व्हाया छिन्दवाड़ा, छिन्दवाड़ा से नैनपुर और नैनपुर से छिन्दवाड़ा चलने वाली ट्रेन का हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया। साथ ही ग्वालियर रेलवे स्टेशन के 535 करोड़ रूपए की लागत से पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया।
जल जीवन मिशन की 7,853 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन की लगभग 7,853 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें रीवा जिले की 2319 करोड़ 45 लाख रूपये लागत की 1411 गाँव में पानी पहुँचाने वाली रीवा बाणसागर परियोजना, रुपये 2153 करोड़ 12 लाख लागत की रीवा और सतना जिले के 295 गाँव को लाभान्वित करने वाली सतना बाणसागर-2 परियोजना जल-प्रदाय योजना, रूपये 1641 करोड़ 52 लाख रूपये लागत की 677 गाँव में पीने का पानी पहुँचाने वाली सीधी बाणसागर समूह नल-जल योजना, रूपये 951 करोड़ 18 लाख रूपये लागत की रीवा जिले के 630 गाँव को लाभान्वित करने वाली टमस समूह नल-जल योजना और रूपये 788 करोड़ 63 लाख रूपये लागत की 323 गाँव को लाभान्वित करने वाली गुलाब सागर समूह जल-प्रदाय योजना शामिल है। इन योजनाओं से 4 हजार 36 गाँव के लगभग 9 लाख 48 हजार परिवार लाभान्वित होंगे।
"धरती कहे पुकार के" शीर्षक की सांस्कृतिक प्रस्तुति
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और नवाचारों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन, आजीविका मिशन, अमृत सरोवर, ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना, रीवा अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा परियोजना, बाणसागर परियोजना, व्हाइट टाइगर प्रोजेक्ट और कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर केंद्रित स्टाल थे। कार्यक्रम के आरंभ में "धरती कहे पुकार के" शीर्षक से सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुए राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह का साक्षी बनने के लिए देश की सभी ग्राम सभाएँ कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ी।
केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटील, केन्द्रीय जल-शक्ति एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधानसभा अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री रामखेलावन पटेल, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, श्री जनार्दन मिश्र, श्री गणेश सिंह, श्रीमती रीति पाठक, पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला, विधायक, जन-प्रतिनिधि, केन्द्र, मध्यप्रदेश शासन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समारोह में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न योजनाओं के हितग्राही और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
सरकार के तीन साल, कृषि क्षेत्र में बेमिसाल
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का गौरव-गान वैश्विक स्तर पर हो रहा है। देश के सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश भी पूरी ताकत से सशक्त भारत के सपने को साकार करने के लगा है। विगत तीन वर्षों से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सतत प्रयास हुए। चना, मसूर एवं सरसों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन गेहूँ के साथ करने के निर्णय से ही किसानों को हजारों करोड़ रूपये का अतिरिक्त लाभ हुआ है। प्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर पुरस्कार प्राप्त करने का भी रिकॉर्ड भी कायम किया है। कृषकों के परिश्रम से सिंचित हमारा प्रदेश नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सरकार किसानों को फसल का अधिकतम समर्थन मूल्य (एमआरपी) दिलाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
वर्तमान सरकार ने अप्रैल 2020 से किसानों को लाभान्वित करने के लिये गेहूँ से पहले चना, मसूर एवं सरसों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने का अभूतपूर्व निर्णय लिया, पूर्व में इनका उपार्जन गेंहूँ के बाद होता था। सरकार के निर्णय से किसानों को उनकी उपज का सीधे-सीधे एक से 2 हजार रूपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ हुआ। अब किसान चना, मसूर एवं सरसों की फसल को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर नहीं हैं। व्यापारियों को अपने उद्योगों के लिए चना, मसूर, सरसों की उपज को समर्थन मूल्य से अधिक पर खरीदना पड़ा, इसका लाभ सीधा किसानों को मिला। प्रदेश के किसानों को चना, मसूर, सरसों और ग्रीष्मकालीन मूंग के विक्रय से पिछले तीन वर्षों से प्रति वर्ष 10 हजार करोड़ रूपये से अधिक की अतिरिक्त आय हो रही है। इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग समर्थन मूल्य पर 7755 रूपये प्रति क्विंटल खरीदा जायेगा। इससे किसानों को और अधिक अतिरिक्त आय होगी। पहले किसान कम कीमत में मूंग बेचने को मजबूर था, अब नहीं। किसान भारतीय अर्थ-व्यवस्था की मजबूत कड़ी है। हम किसानों को और अधिक ताकत प्रदान कर सशक्त बनाने की दिशा में हर संभव कार्य कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने किसानों के हित में दिल्ली तक प्रयास कर समर्थन मूल्य पर प्रतिदिन, प्रति किसान 25 क्विंटल गेहूँ उपार्जन की सीमा को खत्म कराया। साथ ही चना, मसूर और सरसों की प्रतिदिन उपार्जन की सीमा को 25 क्विंटल से बढ़ा कर 40 क्विंटल कराया। चने का उपार्जन 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और सरसों का 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़ा कर समान रूप से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने प्रदेश के किसानों के हित में निर्णय लेते हुए आवश्यक मंजूरियाँ प्रदान की। इससे किसानों को आर्थिक लाभ के साथ ही एक से अधिक बार उपज विक्रय के लिये ले जाने की परेशानी से मुक्ति मिली है।
प्रदेश के किसानों को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिये विगत 3 साल में समग्र प्रयास किये गये। राज्य सरकार, प्रदेश की समृद्धि के लिये किसानों को समृद्ध करने के निरन्तर प्रयास कर रही है, क्योंकि जब किसान समृद्ध होगा, तभी गाँव समृद्ध होगा और गाँव समृद्ध होगा, तो प्रदेश समृद्ध होगा। प्रदेश की समृद्धि में ही देश की समृद्धि निहित है। किसान पुत्रों को किसानी के साथ उद्योगपति बनाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को उपज की ग्रेडिंग, सार्टिंग और मॉर्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराने को सरकार प्रतिबद्ध है। किसान अपनी कृषि उपज से संबंधी उद्योग लगायें एवं अन्य उत्पाद तैयार कर और अधिक दाम प्राप्त करें।
मध्यप्रदेश, वर्ष 2023 मण्डी बोर्ड का गोल्डन जुबली वर्ष मना रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मण्डी बोर्ड ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए सर्वाधिक 1681 करोड़ रूपये की आय अर्जित की है। प्रदेश की 14 मण्डियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। प्रदेश की सभी 259 मंडियों में आवश्यकतानुसार अधो-संरचनात्मक विकास कार्य किये जा रहे है। देश में मध्यप्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जिसने एक एण्ड्रायड बेस्ड एप्लीकेशन "एमपी फार्म गेट एप'' से किसानों को अपने दाम पर, अपने घर, खलिहान एवं गोदाम से अपनी कृषि उपज को कहीं भी बेचने में सक्षम बनाया है। फार्म गेट एप का उपयोग कर 12 हजार 22 किसानों ने 50 लाख क्विंटल विभिन्न कृषि उपज बेची है। फार्म गेट एप की कार्य-प्रणाली को केन्द्र सरकार से भी बहुत सराहना मिली है।
किसानों को लाभान्वित करने के लिये सरकार ने इन 3 सालों में समग्र प्रयास किये हैं। सरकार ने मंडियों की कार्य-प्रणाली को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिये ई-अनुज्ञा प्रणाली को लागू किया है। अब कृषि उपज के परिवहन के लिये गेट पास स्वयं व्यापारी बना सकता है। प्रदेश में 58 हजार से अधिक व्यापारियों द्वारा 61 लाख 90 हजार 208 अनुज्ञा-पत्र जारी किये गये हैं। वर्तमान सरकार में कृषि मंत्री बनने के बाद कृषि विभाग में समस्त कार्यालयीन, पत्राचार एवं सूचना संबंधी कार्यों को हिन्दी भाषा में किये जाने के आदेश जारी हुए। किसान भाइयों की विभाग से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिये किसानों का सच्चा साथी "कमल सुविधा केन्द्र'' की स्थापना (दूरभाष क्रमांक : 0755-2558823) की गई। विशेष प्रयास कर मध्यप्रदेश में एपीडा का क्षेत्रीय कार्यालय खुलवाया, जिससे बालाघाट के चिन्नौर राइस (चावल) और सीहोर के शरबती गेहूँ को जीआई टैग दिलाने में मदद मिली।
प्रदेश में कृषि आधुनिकीकरण के नये आयाम स्थापित हुए है। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, फसल विविधिकरण के लिये किसानों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हजारों की संख्या में कृषि उत्पादक समूह (एफपीओ) गठित किये जा रहे है। प्राकृतिक खेती के विस्तार एवं संवर्धन के लिए कृत-संकल्पित सरकार ने “मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड’’ का गठन किया। राज्य के प्राकृतिक खेती के लिए 72 हजार 967 किसानों का पोर्टल पर पंजीयन किया गया है।
पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए सरकार ने क्रांतिकारी निर्णय लिये। अधिसूचित फसल क्षेत्र के 100 हेक्टेयर के मापदण्ड बदल कर 50 हेक्टेयर किया गया। वन ग्रामों, जिनके किसानों को बीमा योजना का लाभ नहीं मिलता था, उन्हें लाभान्वित करने के लिये पटवारी हल्कों में शामिल करवाया। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में स्केल ऑफ फायनेंस 75 प्रतिशत को बढ़ा कर 100 प्रतिशत किया। किसानों के हित में फसल बीमा की अंतिम तिथि में दो बार वृद्धि करवाई। इतना ही नहीं शासकीय अवकाश दिवसों में भी पहली बार बैंक खुलवा कर बीमा करवाया। भारत सरकार के बीमा पोर्टल को विशेष अनुमति लेकर खुलवाया और छूटे हुए किसानों की प्रविष्टि करवा कर 450 करोड़ रूपये का अतिरिक्त फसल बीमा क्लेम किसानों को दिलाया। सरकार ने बकाया प्रीमियम जमा किया एवं वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 खरीफ तक की कुल 17 हजार 140 करोड़ रूपये की फसल बीमा दावा राशि किसानों को दिलवायी।
किसानों के हित में विगत तीन वर्षों में प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन योजना, एक जिला-एक उत्पाद योजना, जीआई टैग के लिये राज्य योजना, फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना, कृषि अधो-संरचना निधि संचालन योजना, निर्यात प्रोत्साहन योजना, राज्य मिलेट मिशन, एफपीओ गठन एवं संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना और कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी नवीन योजनाओं को शुरू किया। कृषि विभाग में विभिन्न संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिये अभियान चला कर लगभग 4 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। प्रदेश की कृषि उपज मण्डियों में कार्यरत रहते हुए काल के गाल में समा जाने वाले 181 अधिकारी-कर्मचारियों के आश्रितों को विभिन्न पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का महती कार्य किया गया।
राज्य सरकार ने कृषि एवं सहायक गतिविधियों के लिए पृथक से कृषि बजट का प्रावधान किया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के कृषि बजट में 53 हजार 964 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इसमें किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के लिये 16 हजार 996 करोड़ रूपये का प्रावधान है। कृषक उन्मुखी योजना “आत्मा’’ का बजट दोगुना कर 2 हजार करोड़ 94 लाख रूपये किया गया है। सरकार ने मुख्यमंत्री किसान-कल्याण योजना में उल्लेखनीय 3 हजार 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।
प्रदेश को विगत 3 सालों में किये गये किसान हितैषी कार्य एवं प्रदेश में कृषि क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यों के लिये कई पुरस्कार मिले। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पोर्टल पर लैण्ड रिकार्ड का इंटीग्रेशन करने पर भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में एक्सीलेंस अवार्ड से प्रदेश को सम्मानित किया गया है। कृषि अधो-संरचना निधि (एआईएफ) के सर्वाधिक उपयोग हेतु “बेस्ट परफार्मिंग स्टेट’’ (उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ता राज्य) का राष्ट्रीय पुरस्कार और मिलेट मिशन योजना में “बेस्ट इमर्जिंग स्टेट’’ (उभरता हुआ सर्वोत्तम राज्य) का पुरस्कार भी मिला है। गेहूँ निर्यात के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अव्वल स्थान पर है। दलहनी फसलों के उत्पादन में प्रदेश, देश में प्रथम, खाद्यान्न उत्पादन में द्वितीय एवं तिलहनी फसलों में तृतीय स्थान पर है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में गुड-गवर्नेंस इण्डेक्स में हमारे राज्य का पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
पाल-गड़रिया-धनगर कल्याण बोर्ड का गठन होगा: मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पाल-गड़रिया-धनगर कल्याण बोर्ड का गठन किया जायेगा। राज्य सरकार इन समाज के कल्याण के लिए हमेशा कार्य करेगी। समाज की सभी समस्याओं का मिल कर समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान अखिल भारतीय पाल महासभा द्वारा दशहरा मैदान बिट्टन मार्केट में सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पुष्प-वर्षा कर 44 वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज अक्षय तृतीया का शुभ अवसर है। नव-दम्पत्तियों को दाम्पत्य जीवन के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ। आपके जीवन में सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धि आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाल समाज ने सामूहिक विवाह का अद्भुत आयोजन किया है। समाज के सम्मान के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। प्रदेश में लाड़ली बहना योजना बनाई गई है, जिससे बहनों के दुख-दर्द दूर कर उन्हें आत्म-निर्भरता की ओर बढ़ाया जायेगा।
अखिल भारतीय पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शैतान सिंह पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के विवाह सम्मेलन में शामिल होने से हम गौरवान्वित हैं। उन्होंने पाल समाज को सम्मान देकर सराहनीय कार्य किया है। पाल-गड़रिया-धनगर समाज मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।
मोदी@20 प्रदर्शनी अंत्योदय से आत्म-निर्भरता की विकास यात्रा- राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्य-कुशलता, संगठन क्षमता और संवेदनशीलता को नई उँचाइयाँ दी हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया है। उनके कार्यकाल में विदेशी मामलों, प्रतिरक्षा , आंतरिक सुरक्षा, अर्थ-व्यवस्था , सुधार आदि हर क्षेत्र में जो परिणाम आए हैं वह अभूतपूर्व हैं। उन्होंने संघीय ढाँचे को मज़बूत कर लोकतंत्र की आत्मा को शक्तिशाली बनाया है।
राज्यपाल श्री पटेल, सुवद्रा आर्ट गैलरी द्वारा आयोजित मोदी@20 विषय पर केंन्द्रित कलाकृतियों की प्रदर्शनी के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रदर्शनी में संपूर्ण देश से 50 से अधिक कलाकारों द्वारा निर्मित 200 से अधिक कलाकृतियाँ शामिल की गई हैं।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के जीवन एवं उनके विजन पर आधारित कलाकृतियों की प्रदर्शनी उनके समावेशी विकास के मज़बूत मॉडल का प्रभावी प्रस्तुतिकरण है। उन्होंने कहा कि मोदी @20 प्रदर्शनी अंत्योदय से आत्म-निर्भरता की विकास यात्रा है, जिसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सबके विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए हैं। उनके नेतृत्व में देश तेजी से आत्म-निर्भर, समर्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के पथ पर आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के मुख्य मंत्रित्व कार्यकाल में मंत्री के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि संवेदना और संकल्प की पूर्ति के लिए सर्वस्व समर्पण ही प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा है, जिसमें जन, जीव और जंतु सभी के दु:ख दर्द की चिंता और चेतना है। राष्ट्र के गौरव के लिए कुछ भी कर गुजरने का संकल्प और सामर्थ्य है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि वह राजनेता के शरीर में संत स्वरूप हैं।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकास और जन-सेवा के ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं कि आमजन कहने लगा है कि मोदी है तो मुमकिन है। उन्होंने भारतवर्ष की छवि को एक नया अभूतपूर्व आयाम दिया है। योग, जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर दुनिया का नेतृत्व किया है। भारत, देशों के जी-20 संगठन की अध्यक्ष के रूप में विश्व को अपना कुशल नेतृत्व प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री जी-20 राष्ट्रों के संगठन के प्रतिनिधियों को हमारी संस्कृति और विरासत की धरोहर से परिचित करा रहे हैं। जी-20 के इंगेजमेंट ग्रुप की 3, वर्किंग ग्रुप की 4, ऑल मिनिस्टर वर्किग सहित कुल 8 बैठकें प्रदेश में आयोजित की जा रही हैं। जनवरी में इंगेजमेंट ग्रुप की थिंक-20 इन्सेप्शन मीटिंग भोपाल में हुई। फरवरी माह में एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप की प्रथम मीटिंग इंदौर और कल्चरल वर्किंग ग्रुप की प्रथम बैठक खजुराहो में संपन्न हो चुकी हैं। प्रदेश में शेष 5 बैठकें जून-जुलाई और सितंबर माह में होंगी।
सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विशाल व्यक्तित्व और महान कृतित्व को प्रदर्शनी के रूप में संजो कर प्रस्तुत करना सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के राष्ट्र के प्रति प्रेम, समर्पण के भावों, विकास के विजन और कार्यों को कलाकृतियों से अभिव्यक्ति देने वाले कलाकार अभिनंदन के पात्र है। उन्होंने कला मर्मज्ञ और कला प्रेमियों के शहर भोपाल में प्रदर्शनी के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।
महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी हर दिल पर राज करने वाले राजनेता है। उन्होंने देश-दुनिया में राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि गोंड जनजाति के कलाकारों ने बाग चित्रकारी पर आधारित 75 फीट लम्बी कलाकृति नगर निगम को प्रदान की है। केनवास पर बनी इस पेंटिंग को भोपाल के एयर पोर्ट पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कलाकारों से अनुरोध करते हुए कहा कि भोपाल शहर की खूबसूरती को कलाकृतियों में प्रदर्शित करने के लिए आगे आए।
सुवद्रा आर्ट गैलरी भुवनेश्वर के चेयरमेन डॉ. सूर्या रथ ने बताया कि मोदी@20 प्रदर्शनी की कड़ी में भोपाल की प्रदर्शनी चौथी है। इससे पहले प्रदर्शनी भुवनेश्वर, नागपुर और गोहाटी में लग चुकी है। उन्होंने बताया कि गैलरी द्वारा महात्मा गांधी एवं अन्य महापुरूषों के जीवन दर्शन पर आधारित प्रदर्शनियों का आयोजन पूर्व में देश-विदेश में किया गया है। स्वागत उद्बोधन आयोजन समिति के अध्यक्ष एल.एन मालवीय ने एवं आभार वक्तव्य सुवद्रा आर्ट गैलरी के संचालक अशोक नायक ने दिया।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना सिर्फ योजना नहीं सामाजिक क्रांति है:मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में बहनों की जिंदगी बदलने का महा अभियान चल रहा है। सरकार ने अब लाड़ली बहना योजना बनाई है, जिसमें गरीब और निम्न मध्यम वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रूपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना सिर्फ योजना नहीं एक सामाजिक क्रांति है। मेरी बहनों को अब अपनी छोटी-मोटी जरूरतें पूरी करने के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना होगा। यह एक भाई का अपनी बहन के लिए उपहार है, जो उन्हें केवल रक्षाबंधन पर नहीं, पूरे वर्ष मिलता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज सिवनी जिले के केवलारी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना महासम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने 129 करोड़ रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के पट्टे हितग्राहियों को वितरित किए। हितग्राहियों को अन्य योजनाओं में हितलाभ भी वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए चल रहे अभियान में मेरी बहनों का अपार जन-समर्थन मिल रहा है। आज भी यहाँ टेंट छोटा पड़ गया है। मैं अपनी बहनों के प्यार, स्नेह और समर्थन के लिए दिल से आभारी हूँ। भाई-बहन का रिश्ता अद्भुत रिश्ता है। मैंने प्रण किया है कि मैं अपनी बहनों की आँखों में आँसू नहीं आने दूँगा। आज मैं मन की बात आपसे कहने आया हूँ, भाषण देने नहीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राचीन भारत में महिलाओं की बहुत इज्जत और सम्मान था। मध्य काल में इसमें कमी आई और बेटियों के साथ भेदभाव और अन्याय किया जाने लगा। मैं बचपन से बेटियों के प्रति भेदभाव देखता आया हूँ। तभी मैंने प्रण लिया था कि इस भेदभाव और अन्याय को समाप्त करूंगा। मैं इसे पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा हूँ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सबसे पहले लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई गई और बेटियों को उनके जन्म के समय 30 हजार रूपये का बचत-पत्र खरीद कर दिए जाने लगा। इसमें समय-समय पर उन्हें पढ़ाई के लिए राशि मिलती है और 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें एक लाख रूपये एकमुश्त मिलते हैं। आज मध्यप्रदेश में 44 लाख से अधिक लाड़ली लक्ष्मी हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहनों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश में पंचायत और स्थानीय निर्वाचन में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप आज ग्राम पंचायतों से लेकर जिला पंचायतों तक मेरी बहनें सरकार चला रही हैं। जमीन, जायदाद बहनों के नाम से करने पर रजिस्ट्री शुल्क 1 प्रतिशत ही लिया जाता है। पुलिस और शिक्षकों की भर्ती में भी बेटियों को आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में गरीब बहनों की शादी सरकार करवाती है। संबल योजना में भी बहनों को लाभ दिया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाड़ली बहना योजना का लाभ 23 से 60 वर्ष तक की उन बहनों को मिलेगा, जिनके परिवार की सालाना आय ढाई लाख रूपये से कम हो, घर में 5 एकड़ से अधिक भूमि न हो और कोई 4 पहिया वाहन न हो। योजना के फॉर्म 30 अप्रैल तक भरे जा रहे हैं, मई माह में इनका परीक्षण होगा और आगामी 10 जून से पात्र बहनों के खाते में 1000 रूपये प्रतिमाह आने लगेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिवनी क्षेत्र के लिए की गई लगभग सभी माँगों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के कुछ गाँव पीने के पानी पहुँचने से छूट गए हैं, उन सभी को जल जीवन मिशन में शामिल किया जाएगा। जिले के लाल माटी क्षेत्र में सिंचाई के पानी की व्यवस्था के लिए सर्वे कर समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन और जन-नायकों के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। केवलारी क्षेत्र की बहनों ने अपने भईया शिवराज को लिखी पाती और श्रीराम दरबार की प्रति-कृति भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में बड़ी संख्या में आयीं बहनों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।
केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना जैसी योजना संचालित की हैं। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना निश्चित रूप से प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
विधायक श्री राकेश पाल ने बहुउद्देश्यीय परियोजना भीमगढ़ नहर की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नहर का सीमेंटीकरण हो जाने से आखरी छोर तक के किसानों को समय पर सिंचाई के लिये पानी मिल सकेगा और पानी का अपव्यय भी कम होगा। कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में बहने और नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना - बहनों का उत्साह बरकरार
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिये 5 मार्च 2023 को लाँच की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के प्रति महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना की लाँचिंग दिनांक से 18 अप्रैल तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीयन कराया है। योजना में 23 से 60 वर्ष तक की ऐसे परिवार जो आयकर दाता नहीं है, की महिलाएँ, परिवार में 5 एकड़ से कम भूमि है और घर में फोर व्हीलर वाहन नहीं है, को योजना में पात्र माना गया है। इन सभी बहनों के पंजीयन की कार्यवाही 30 अप्रैल तक जारी रहेगी।
योजना में 25 मार्च से शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया में अब तक एक करोड़ 52 हजार 223 महिलाओं ने अपना पंजीयन कराया है। इसमें भोपाल संभाग में 10 लाख 75 हजार 918, चम्बल में 5 लाख 80 हजार 58, ग्वालियर में 9 लाख 9 हजार 22, नर्मदापुरम में 4 लाख 36 हजार, इंदौर में 16 लाख 60 हजार 587, जबलपुर में 17 लाख 79 हजार 820, रीवा में 9 लाख 472, सागर में 10 लाख 95 हजार 571, शहडोल में 3 लाख 43 हजार 349 और उज्जैन संभाग में 12 लाख 71 हजार 426 महिलाएँ पंजीयन करवा चुकी हैं। पंजीयन प्रक्रिया में प्रत्येक आवेदक का ई-केवायसी अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान योजना के क्रियान्वयन को लेकर काफी संवेदनशील और गंभीर है। उनके द्वारा जिलों में श्रंखलाबद्ध महिला सम्मेलन किये जा रहे हैं। इन सम्मेलनों में वे बहनों से रू-ब-रू होकर योजना के प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं, साथ ही बहनों के आवेदनों का पंजीयन भी करा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये हैं कि सभी पात्र बहनों के बैंक खाते खुलवाये जाकर उनका पंजीयन और ई-केवायसी नि:शुल्क करवाया जाये। राज्य शासन द्वारा इसके लिये नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। योजना में प्राप्त आवेदनों का मई माह में परीक्षण होगा और 10 जून से पात्र हितग्राही बहनों के खातों में एक-एक हजार रूपये आना शुरू हो जायेंगे।
बहनों की इज्जत और मान-सम्मान बढ़ाना मेरे जीवन का लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री चौहान लाड़ली बहना योजना प्रारंभ करने पर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आज जबलपुर नौदरा ब्रिज पर महिला मोर्चा की सदस्यों ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना शुरू करने पर पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। साथ ही महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की पहल के लिये आभार जताया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह योजना बहनों की जिंदगी बदलने का अभियान है। बहनों का मान-सम्मान और इज्जत बढ़ाना उनकी जिंदगी का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने कई बार गरीब और निम्न मध्यम वर्ग की बहनों को हजार-पाँच सौ रूपये के पीछे परेशान होते देखा है। लाड़ली बहना योजना ऐसी बहनों के हाथ में पैसा देगी और इससे उनका आत्म-विश्वास और परिवार में मान सम्मान बढ़ेगा। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रूपये की राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहनों के चेहरे पर मुस्कराहट आयेगी तो उनकी जिंदगी सफल हो जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जबलपुर में भी जल्द ही लाड़ली बहना सम्मेलन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बहनों ने उन पर जो विश्वास जताया है उसे वे कभी टूटने नहीं देंगे। राज्य सरकार बहनों की जिंदगी को बेहतर बनायेगी। मुख्यमंत्री ने महिला मोर्चा की सदस्यों से लाडली बहना योजना में बहनों के आवेदन भरवाने आगे बढ़ कर कार्य करने का आहवान भी किया। उन्होंने कहा कि आवेदन को ऑन लाइन भरने का पैसा भी सरकार दे रही है। बहनों को आवेदन भरने में कोई परेशानी नहीं होगी।
कुशवाह समाज के प्रबुद्धजन मिले
मुख्यमंत्री श्री चौहान से सर्किट हाउस में कुशवाह समाज के प्रबुद्धजन ने सौजन्य भेंट की। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को साफा बांध कर और माला पहनाकर स्वागत किया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी को भोपाल एयरपोर्ट पर दी भावभीनी विदाई
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भोपाल एयरपोर्ट पर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी श्री सुधीर सक्सेना, संभागायुक्त श्री माल सिंह और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने आत्मीय विदाई दी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी भोपाल प्रवास के दौरान संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2023 में शामिल होने और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से भोपाल-नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे-भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ करने आये थे।
युवा गरीबों को साथ लेकर आगे बढ़ें: राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं से आह्वान किया है कि वंचित और पिछड़े क्षेत्रों में जाकर जन-समुदाय में जन-जागरण के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गरीब को आगे बढ़ाने में हाथ पकड़ कर साथ लेकर चलने के भाव से उनका सहयोग करें। यही राष्ट्र और समाज की सच्ची सेवा होगी।
राज्यपाल श्री पटेल आज राधारमण शिक्षा समूह द्वारा आयोजित वार्षिक पुरस्कार एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने 3 प्राध्यापक, 1 पूर्व छात्र और 6 विद्यार्थी को भी सम्मानित किया।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि राष्ट्र और समाज के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी है। ज़रूरी है कि छात्र-छात्राएँ सामाजिक सरोकारों में प्रभावी योगदान दें। विद्यार्थी ग्रामीण अंचल में केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने में सहयोग करें। सिकल सेल और टी.बी. जैसे रोगों के उन्मूलन प्रयासों के प्रति जन-मानस को सजग और सचेत करें। उन्होंने शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति सजग होने की ज़रूरत बताई और विद्यार्थियों से कहा कि खान-पान के प्रति सावधानी रखें। स्वास्थ्य के लिए आवश्यक और मौसम अनुकूल आहार ही ग्रहण करें। कुछ भी खा लेने की प्रवृत्ति हानिकारक होती है। नियमित रूप से योग और व्यायाम करें।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज़ादी का अमृत महोत्सव राष्ट्र के अतीत के गौरव से वर्तमान पीढ़ी को परिचित और आज़ादी के सौ वर्षों की पूर्णता पर राष्ट्र के भविष्य निर्माण के लिए प्रतिबद्ध भावी पीढ़ी तैयार करने का प्रसंग है। जरूरी है कि युवा, विश्व के ज्ञान का केंद्र, समृद्धता और वीरता की मिसाल बनाने वाला भारत देश के परतंत्र होने के कारणों को समझें। राष्ट्र के लिए जीवन का बलिदान करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के भाव और भावनाओं को ग्रहण करें। मातृभूमि के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के विकास में सहयोग करें।
मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह ने कहा कि जीवन में निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि असफलता, नवाचार के प्रयासों का प्रतीक होती है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए युवाओं में सदाचरण, अध्ययन शीलता, आशावाद, दृढ़ निश्चय और स्वस्थ शरीर का होना जरूरी है। समाजसेवी डॉ. अभिजीत देशमुख ने युवाओं को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर कौशल उन्नयन, विकास और नवाचार का आधार होता है। युवाओं से कहा कि सबके साथ और सहयोग से आत्मनिर्भर भारत निर्माण में सहयोग करें।
भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर के निदेशक श्री हिमांशु राय ने कहा कि लक्ष्य के लिए पूर्ण क्षमता के साथ संकल्पित प्रयास ही व्यक्ति का स्वधर्म है। उन्होंने कहा कि नवाचार के लिए धन होने की अवधारणा निराधार है। वास्तविकता यह है कि नवाचार से धन मिलता है। धनार्जन के प्रयास आवश्यकता के लिए किए जाने चाहिए, इच्छाओं के लिए नहीं; क्योंकि इच्छाएँ अनियंत्रित होती हैं। नवाचार के लिए दृढ़ निश्चय के साथ कार्य करें। वही करें जो स्वयं को सही लगे। अन्य के विचारों से जीवन में उपलब्धि मिलती है, आत्म संतुष्टि नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि नवाचार के लिए असफलता के भय से मुक्त होना ज़रूरी है। परिश्रम के साथ ही पूर्ण क्षमता के साथ निरंतर प्रयास ही सफलता का आधार है।
प्रारम्भ में समूह के चेयरमेन श्री राधारमण सक्सेना ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि समूह शिक्षा के प्रकाश को फैलाकर राष्ट्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ रहा है। समूह का प्रयास है कि आधुनिकतम शिक्षा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के आधार पर विश्व-स्तरीय शिक्षा संस्थान की स्थापना की जाए।
डॉ. अनुराग जैन ने आभार माना। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारम्भ किया। अतिथियों को शाल, श्रीफल, पौधा और स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए।
दमोह के कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र और श्री जागेश्वर नाथ तीर्थ क्षेत्र पवित्र घोषित
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जिला दमोह के कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र और श्री जागेश्वर नाथ तीर्थ क्षेत्र को पवित्र घोषित करने का निर्णय लिया गया। कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत कुंडलपुर और श्री जागेश्वर नाथ तीर्थ क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत बांदकपुर के क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है।
अनुगूँज को प्रदेश, जिला स्तर एवं हाई / हायर सेकेण्डरी स्कूलों में आयोजित किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद ने कलाओं से समृद्ध शिक्षा "अनुगूँज" अंतर्गत विद्यार्थियों की सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 10 करोड़ रुपए व्यय करने एवं योजना की स्वीकृति दी। "अनुगूंज" के प्रभाव को देखते हुए इसे प्रदेश स्तर, जिला स्तर एवं हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रारूप जारी किया गया था। इसमें शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्य सहगामी गतिविधियों (Extra-Curricular Activities) पर बहुत अधिक बल दिया गया है। स्टीम (S.T.E.A.M.) शिक्षा पद्धति के (Way Forward) के रूप में तथा शिक्षा को कला के माध्यम से समृद्ध करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में भोपाल स्तर पर एक उच्च गुणवत्तायुक्त सांस्कृतिक एवं थियेटर कार्यक्रम "अनुगूंज आयोजित किया गया था।
ग्वालियर में हिंदी भवन के लिए 7 करोड़ रूपये सहायता राशि
मंत्रि-परिषद ने संस्कृति विभाग द्वारा कलेक्टर ग्वालियर के माध्यम से मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा को हिंदी भवन के निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ रुपए का अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया। वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम अनुपूरक अनुमान अंतर्गत नवीन योजना "9904- हिंदी भवन निर्माण हेतु सहायता" हेतु बजटीय प्रावधान 2 करोड़ रुपए मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा को दिए जायेंगे।
जिला निवाड़ी में नवीन अनुभाग पृथ्वीपुर
मंत्रि-परिषद ने जिला निवाड़ी में नवीन अनुविभाग पृथ्वीपुर बनाने की स्वीकृति दी। नवीन अनुभाग में तहसील पृथ्वीपुर का सम्पूर्ण क्षेत्र समाविष्ट होगा। साथ ही मूल अनुविभाग निवाड़ी में तहसील निवाड़ी एवं तहसील ओरछा का सम्पूर्ण क्षेत्र समाविष्ट होगा। अनुभाग पृथ्वीपुर के कुशल संचालन के लिए स्टेनो-टाइपिस्ट का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 3, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 पद, इस प्रकार कुल 11 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जिला भिण्ड में नवीन तहसील अमायन गठित
मंत्रि-परिषद ने जिला भिण्ड में नवीन तहसील अमायन के गठन का निर्णय लिया। वर्तमान तहसील मेहगांव के पटवारी हल्का नम्बर 39 से 66 तक कुल 28 पटवारी हल्कों के 64 ग्राम का अपवर्जन कर नवीन प्रस्तावित तहसील अमायन में समाविष्ट करते हुए नई तहसील बनेगी। नवीन तहसील अमायन के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड 2 के 2, सहायक ग्रेड 3 के 3, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 02, जमादार / दफ्तरी / बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 इस प्रकार कुल 14 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जिला सिंगरौली में नवीन तहसील दुधमनिया
मंत्रि-परिषद ने जिला सिंगरौली में नवीन तहसील दुधमनिया गठित करने का निर्णय लिया। नवीन तहसील में तहसील चितरंगी के पटवारी हल्का क्रमांक 79 से 112 इस प्रकार कुल 34 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। तहसील दुधमनिया के गठन उपरांत, शेष चितरंगी तहसील में राजस्व निरीक्षक मण्डल कोरावल के हल्का क्रमांक 01 से 21, राजस्व निरीक्षक मण्डल मौहरिया के हल्का क्रमांक 22 से 48 तथा राजस्व निरीक्षक मण्डल चितरंगी के हल्का क्रमांक 49 से 78, इस प्रकार कुल 78 पटवारी हल्के शेष रहेंगे।
नवीन तहसील दुधमनिया के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार का 1, नायब तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड 2 के 2, सहायक ग्रेड 3 के 3, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 3, जमादार / दफ्तरी /बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 5, इस प्रकार कुल 17 पद स्वीकृत किए गए हैं।
जिला सागर में नवीन तहसील बांदरी
मंत्रि-परिषद ने जिला सागर में नवीन तहसील बांदरी के गठन की स्वीकृति दी। नवीन तहसील मे तहसील मालथौन के पटवारी हल्का नंबर 21, पटवारी हल्का क्रमांक 32 से 34 व हल्का क्रमांक 39 से 62 तक, कुल 28 हल्के समाविष्ट होंगे। नवीन तहसील बांदरी के गठन पश्चात शेष मालथौन तहसील में वर्तमान तहसील मालथौन के हल्का क्रमांक 01 अटाकर्नेलगढ़ से 20 दुगाहाकला तक, हल्का क्रमांक 22 गीधा से हल्का क्रमांक 31 नौनिया तक, हल्का क्रमांक 35 रजवांस से हल्का क्रमांक 38 बनखिरिया तक, कुल 34 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। नवीन तहसील बांदरी के कुशल संचालन के लिए तहसीलदार का 1, सहायक ग्रेड 2 के 2, सहायक ग्रेड 3 के 3, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/दफ्तरी/बस्तावरदार का 1, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4, इस प्रकार कुल 14 पद स्वीकृत किए गए हैं।
184 स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण/उन्नयन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 184 स्वास्थ्य संस्थाओं (10 सिविल अस्पताल, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 157 उप स्वास्थ्य केन्द्र) की स्थापना/ उन्नयन का अनुमोदन प्रदान किया गया। जल जीवन मिशन में 9 नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 9 नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन की स्वीकृति दी गई है। साथ ही वर्तमान में कार्यरत 15 एवं गठित होने वाली 9 नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के लिए विभिन्न पदों की भी स्वीकृति दी गई। जिला मुख्यालय रीवा, सागर, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सीहोर, अलीराजपुर, छतरपुर, कटनी एवं मण्डला के लिए नवीन परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही जल निगम के कार्यों के विस्तार तथा क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं के वृहद स्वरूप को देखते हुए जल निगम के लिए 463 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई।
लोक परिसंपत्ति का निर्वर्तन
मंत्रि-परिषद् ने जिला सागर की राजस्व विभाग की वार्ड क्र. 47, खसरा क्रमांक 184/2, ग्राम तिलिमाफ़ी, पार्सल क्र. 2 स्थित भूमि परिसम्पत्ति कुल रकबा 10481 वर्गमीटर के निर्वर्तन के लिए H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 18 करोड़ 56 लाख 25 हजार रूपए की संस्तुति करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-I निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया।
मंत्रि-परिषद् ने जिला मुरैना में म. प्र. सड़क परिवहन विभाग की मुरैना शहरी क्षेत्र के मुख्य मार्ग वार्ड क्र. 13, डॉ. राम मनोहर लोहिया वार्ड, ग्राम जौरा खुर्द स्थित मुरैना बस डिपो एवं बस स्टेंड की ब्लॉक-ए भूमि परिसम्पत्ति के H-1 निविदाकार को न्यायालयीन प्रकरण के दृष्टिगत निविदा राशि की तृतीय एवं अंतिम किश्त के अंतिम देय दिनांक 8 जून 2022 से लेकर समस्त न्यायालयीन प्रकरण समाप्त होने की तिथि 5 दिसंबर 2022 तक अधिरोपित अर्थदण्ड ब्याज राशि माफ़ की जाकर परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिए अनुबंध / रजिस्ट्री के निष्पादन की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किए जाने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से राज्यपाल श्री पटेल ने की सौजन्य भेंट
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बुधवार को दिल्ली प्रवास के दौरान संसद भवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री से प्रदेश में सिकल सेल मिशन सहित प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
राज्यपाल श्री पटेल ने संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मनसुख मांडविया से भी सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यसभा सांसद और श्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
मध्यप्रदेश अन्य राज्यों का स्थापना दिवस भी मनाएगा - राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राष्ट्रीय एकता में शारीरिक समीपता महत्वपूर्ण नहीं है, मानसिक, वैचारिक और भावनात्मक साम्यता का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा पर विगत दिनों गुजरात और महाराष्ट्र राज्य का स्थापना दिवस "अखंडता का उत्सव'' के रूप में राजभवन में मनाया गया था। इसी क्रम में अन्य राज्यों के स्थापना दिवस पर "अखंडता का उत्सव'' मनाया जाएगा।
राज्यपाल श्री पटेल विक्रम विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में तेलंगाना के स्थापना दिवस समारोह "अखंडता का उत्सव'' को संबोधित कर रहे थे। उत्सव में मध्यप्रदेश और तेलंगाना के मूल निवासी मौजूद थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का आयोजन इतिहास, कला और संस्कृति को साझा करने की पहल है, जो दोनों राज्यों के मूल निवासियों की आपसी समझ एवं संवाद को और अधिक मजबूत बनाता है। एक राष्ट्र अनेक संस्कृतियों की हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है। उन्होंने भारतीय संघ में देशी रियासतों के विलीनीकरण के प्रसंग का उल्लेख भी किया और सरदार पटेल के योगदान का स्मरण किया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत में हर राज्य की संस्कृति, भाषा और वेशभूषा अलग होने पर भी भारतीयों ने विविधता में एकता द्वारा सांस्कृतिक एकता का रास्ता तय किया है। विभिन्न परंपराओं, आचार-व्यवहार, भाषा, संस्कृतियों के प्रति सम्मान का भाव ही भारतीयता की पहचान है। उन्होंने अपील की कि हमारी देश की समृद्ध विरासत, संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराओं में रची-बसी विविधता में एकता के बारे में लोगों को बताया जाए। समन्वयकारी भारतीय संस्कृति की महत्ता और अतीत के गौरव से जब जन-मानस परिचित होगा, तब उनमें राष्ट्र बोध की भावना जागृत और मजबूत होगी, समरस समाज का निर्माण होगा। राज्यपाल ने तेलंगाना राज्य के स्थापना दिवस पर अपनी-अपनी सांस्कृतिक विशिष्टताओं के संरक्षण और संवर्धन के साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत संकल्प की सिद्धि में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए कहा। अखंड और आत्म-निर्भर भारत को दुनिया का सबसे सबल, समर्थ देश बनाने और भारत की मूल पहचान और सम्मान को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने के लिए संकल्पित होने को कहा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कार्यक्रम हम सभी के लिये अनुपम और अनुकूल सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा कुछ समय पहले सम्राट विक्रमादित्य के नाट्य का मंचन हैदराबाद में किया गया था। सम्राट विक्रमादित्य तेलंगाना में भी बहुत प्रसिद्ध हैं। वहाँ उन्हें भट्टाराजा के नाम से सम्बोधित किया जाता है। इस तरह के कार्यक्रम से हमारे देश की आन्तरिक एकता मजबूत होती है। उन्होंने तेलंगाना राज्य की स्थापना के संघर्ष के बलिदानियों को नमन किया। डॉ. यादव ने तेलंगाना की प्रगति की और कार्यक्रम की सराहना करते हुए तेलंगानावासियों को राज्य के स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दी।
राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत सचिव एमएसएमई और आयुक्त उद्योग श्री पी.नरहरि ने पुष्प-गुच्छ और अंग-वस्त्र भेंट कर किया। उन्होंने स्वागत भाषण में तेलंगाना राज्य के गठन और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तेलंगाना राज्य का स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किये जाने की पहल से तेलंगानावासियों में हर्ष व्याप्त होने की जानकारी दी। श्री नरहरि ने बताया कि "अखंडता का उत्सव'' एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार करता है और बताता है कि विविधता के बावजूद हम सभी भारतवासी एकता के सूत्र में बँधे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कलाकार श्रीमती चन्दनाश्री सिद्धार्थ तेलंग ने तेलुगु में भगवान गणेश की वन्दना की और अन्नामाचार्य की रचना "गोविंदा गोविंद अनिकुरुवे" भजन गाया। चन्दनाश्री सिद्धार्थ तेलंग और कामाक्षी ने तेलंगाना का लोक-नृत्य ‘वतुकंमा’ प्रस्तुत किया। तेलंगाना की स्थापना पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान गंधवानी में रविवार को लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 21 मई को गंधवानी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे और मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में 4 हजार 12 पट्टा वितरण करेंगे। साथ ही 417 करोड़ 42 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे।
पी.एम. मित्र पार्क का शिलान्यास
केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में पी.एम. पार्क का शिलान्यास भी किया जायेगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा देश के 7 राज्यों में 4,445 करोड़ रूपये की लागत से 7 पी.एम. मित्र पार्क अनुमोदित किए गए है। इसमें मध्यप्रदेश में भी एक पी.एम. मित्र पार्क शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए 5 एफ विजन (फार्म टू, फाइवर टू, फैक्ट्री टू, फैशन टू, फॉरेन) को साकार करने इन मेगा पार्कों को विकसित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार को कुल 13 राज्यों से 18 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से सात राज्यों के प्रस्तावों का चयन किया गया है।
मध्यप्रदेश द्वारा केन्द्र सरकार को 4 विकल्प भैंसोला, पीपलरांवा. रतलाम एवं कटनी दिये गए थे, जिसमें से भैंसोला को चयनित किया गया। इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में लगभग 1563 एकड़ भूमि पर पी.एम. मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। यह सम्पूर्ण भूमि एम.पी.आई.डी.सी. के आधिपत्य में है। इस पार्क के विकास में केन्द्र सरकार द्वारा 2 चरणों में 500 करोड़ रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पार्क में मध्यप्रदेश की उद्योग संवर्धन नीति में मिलने वाले समस्त लाभ उपलब्ध होंगे। साथ ही भारत सरकार द्वारा 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को टर्न ओवर का 3 प्रतिशत (अधिकतम 15 करोड़ एवं 30 करोड़) तीन वर्षों तक प्रदान किया जायेगा। इस पार्क के लिये केन्द्र और मध्यप्रदेश शासन के मध्य एक एस.पी.वी. का गठन किया जायेगा, जिसमें राज्य शासन की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत एवं केन्द्र सरकार की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत होगी।
पार्क में निवेश हेतु 19 इकाइयों द्वारा रूचि व्यक्त की गई हैं, जिनके द्वारा 6 हजार करोड़ रूपए से अधिक का निवेश किया जाना प्रस्तावित है। इसमें लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष एवं एक लाख 50 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होंगे। टेक्सटाईल एवं गारमेन्टिंग सेक्टर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अशिक्षित / अकुशल व्यक्तियों के लिए भी रोजगार के भरपुर अवसर होते है, जिसमें अधिकतर (90 प्रतिशत से अधिक) महिलाएँ शामिल होती है।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसे उद्योग जिनमें रोजगार के अवसर अन्य उद्योगों की तुलना में अधिक होते है, की प्रदेश में स्थापना पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसके फलस्वरूप देश के टेक्सटाईल एवं गारमेन्टिंग उद्योगों में मध्यप्रदेश को लेकर एक विशेष एवं आशाजनक माहौल बना हुआ है।
मध्यप्रदेश की प्राथमिकताओं के दृष्टिगत तैयार होगा बजट - मुख्यमंत्री श्री चौहान केन्द्रीय बजट 2023-24 पर विशेषज्ञों द्वारा प्रदेश के बजट के लिए दिया प्रस्तुतिकरण
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश का बेहतर बजट बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राथमिकताओं को देखते हुए राज्य का बजट तैयार करेंगे। बजट में विकास और जन-कल्याण पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में केन्द्रीय बजट 2023-24 की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा और प्रदेश का बजट तैयार करने संबंधी प्रस्तुतिकरण पर संबोधित कर रहे थे। मंत्रि-परिषद के सदस्य श्री विश्वास सारंग, सुश्री उषा ठाकुर, श्री ओपीएस भदौरिया, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।दउ मंत्रि-परिषद के अन्य सदस्य वर्चुअली जुड़े।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने विशेषज्ञों को प्रदेश के बजट के लिए सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है। कृषि के साथ अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। केन्द्रीय बजट की देश में सराहना हुई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार से बजट में मिली राशि का प्रदेश में बेहतर उपयोग किया जाएगा। संबंधित विभागों द्वारा विशेषज्ञों के सुझाव का ध्यान रखा जाये। ग्रामीणों को गाँव में ही रोजगार दिलाने की हमारी प्राथमिकता है। इस साल 48 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि अधो-संरचना विकास पर खर्च की जाएगी। इसके लिए ग्रामीणों और युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। सहरिया, बैगा, भारिया जनजाति की बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए अंतरित करने से कुपोषण दूर करने के प्रयासों में सफलता मिली है। महिला पंचायत में मिले सुझावों को लागू किया गया है। भारत सरकार के बजट में प्रावधानों का अधिकतम लाभ उठाने की हमारी कोशिश रहेगी। सभी विभाग इस पर वर्कआउट शुरु करें। प्रदेश का बजट प्रधानमंत्री जी के संकल्पों को पूरा करने वाला होगा। आगामी बजट मूल आवश्यकताओं को पूरा करने वाला और प्रदेश को ऊँचाइयों पर ले जाने वाला होगा।
प्रो. सचिन चतुवेर्दी ने कहा कि प्रदेश के आगामी बजट को बनाने में केन्द्रीय बजट 2023-24 पर अर्थशास्त्रियों द्वारा विशेष समीक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश दूरदर्शिता के साथ बजट में प्रावधान करेगा। मध्यप्रदेश में लगातार प्रगति हो रही है। भारत सरकार ने मत्स्य-पालन को बजट में प्राथमिकता दी है। मध्यप्रदेश के बजट में भी इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। शहरों के विकास, कृषि एवं ग्रामीण आदि बिन्दुओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।
डॉ. एन.आर. भानुमूर्ति, कुलपति, डॉ. अम्बेडकर स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स बैंगलुरु, डॉ. अजीत रानाडे अध्यक्ष और मुख्य अर्थशास्त्री आदित्य बिड़ला समूह, प्रो. शामिका रवि पूर्व सदस्य प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद और प्रो. सचिन चतुवेर्दी उपाध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान ने प्रस्तुतिकरण दिया। विशेषज्ञों द्वारा लघु उद्योगों को बढ़ावा, मनरेगा के लिए प्रावधान, रोजगार बढ़ाने, प्रोत्साहन राशि, वित्तीय घाटा कम करने, प्राइवेट सेक्टर का इन्वेस्टमेंट बढ़ाने, स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार, महिलाओं और बच्चों का पोषण के लिए विशेष इंतजाम करने के सुझाव दिए गए।
प्रदेश में सहकारिता से हो रहा उन्नति का पथ प्रशस्त
प्रदेश में सहकारिता से उन्नति का पथ प्रशस्त हो रहा है। सहकारी संस्थाओं द्वारा किसानों को खरीफ और रबी फसल के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने, उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूँ, धान आदि फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। सहकारिता विभाग में विभिन्न क्षेत्रों में रजिस्टर्ड समितियाँ स्थानीय स्तर पर नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश के विकास में योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की किसानों के हित में शुरू की गई अनेक योजना में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने की योजना महत्वपूर्ण है। इस योजना से किसानों को सूदखोरों और ब्याज के कुचक्र से मुक्ति मिल रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में साल दर साल बढ़ोत्तरी हो रही है। ऋण उपलब्धता में वर्ष 2021-22 में वर्ष 2019-20 की तुलना में 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2019-20 में 11 हजार 471 करोड़ रूपये का ऋण किसानों को वितरित किया गया था, जबकि वर्ष 2021-22 में 16 हजार 807 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 हजार 700 करोड़ से अधिक के ऋण का वितरण किया जा चुका है।
किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सहकारी समितियों का उल्लेखनीय योगदान है। प्रदेश में 4 हजार 534 पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएँ) सामान्य सुविधा केन्द्रों से किसानों को केसीसी पर (किसान क्रेडिट-कार्ड) कृषि ऋण और खाद-बीज का वितरण सुनिश्चित कर रही हैं। पैक्स से वर्ष 2020-21 में 10 लाख 85 हजार क्विंटल और वर्ष 2021-22 में 10 लाख 3 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों को दिया गया। प्रदेश में संगठित क्षेत्र के कुल बीज उत्पादन का 80.15 प्रतिशत सहकारी बीज संस्थाओं द्वारा उत्पादित किया जा रहा है। इन संस्थाओं के उपार्जन केन्द्रों द्वारा समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूँ, धान आदि फसलों का उपार्जन किया जाता है।
सहकारी संस्थाओं से प्रदेश में फसलों का रिकॉर्ड उपार्जन किया गया है। वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के समय में भी किसानों से एक करोड़ 29 लाख 42 हजार मीट्रिक टन गेहूँ और 37 लाख 26 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था। वर्ष 2021-22 में एक करोड़ 28 लाख 16 हजार मीट्रिक टन गेहूँ और 45 लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। पैक्स द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों का भी संचालन किया जा रहा है।
सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पैक्स को सशक्त करने के लिये आई.टी. से जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश, पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश की सभी 4 हजार 534 पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 177 करोड़ रूपये की लागत से किये जा रहे पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन को अगले 3 वर्ष में पूरा किया जायेगा। पैक्स में माइक्रो एटीएम की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है। नाबार्ड की सहायता से 29 जिला सहकारी बैंक की शाखाओं और उनसे संबद्ध पैक्स में 4 हजार 628 माइक्रो एटीएम की स्थापना की जा रही है। माइक्रो एटीएम से पैक्स तक बैंकिंग सुविधा का विस्तार हो सकेगा।
सहकारिता विभाग द्वारा अनेक क्षेत्र में कार्य कर रही सहकारी संस्थाओं को फेसिलिटेट भी किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में 10 हजार से अधिक महिला बहु-प्रयोजन सहकारी समितियों का गठन सहकारिता विभाग द्वारा किया गया है। ग्रामीण उद्योग और परिवहन, उद्यानिकी, पर्यटन, खनिज, श्रम, सेवा-प्रदाता आदि नये क्षेत्रों में भी विभाग द्वारा 814 सहकारी संस्थाओं का गठन किया गया है। विभिन्न प्रयोजनों के लिये नागरिकों द्वारा सहकारी संस्थाओं का गठन किया जाता है। ऐसे नागरिकों के लिए सहकारी संस्थाओं के गठन को अधिक सुविधाजनक बनाने पंजीयन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। सहकारी संस्थाओं के ऑडिट आवंटन की प्रक्रिया को भी रेण्डम तरीके से ऑनलाइन किया गया है। ऐसा करने वाला प्रदेश, देश का पहला राज्य है।
सहकारिता में अधिकाधिक जन-समुदाय, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को जोड़ कर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विभाग कार्य कर रहा है। सहकारी संस्थाओं को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर और व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में हर स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया की एकलपीठ ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों के प्रत्येक कमरे में ऑडियो सुविधा के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। हाई कोर्ट ने साफ किया कि आदेश तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर पुलिस स्टेशनों के भीतर हर कमरे और हर स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वह राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों से अनुपालन की रिपोर्ट भी प्राप्त करें कि उनके जिले में स्थित पुलिस स्टेशनों के भीतर कोई कमरा या स्थान ब्लैक स्पाट यानि सीसीटीवी कैमरा के बिना नहीं है।
चूक हुई तो अवमानना की कार्रवाई होगी
हाई कोर्ट ने चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की चूक पर संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक और संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना के लिए कार्रवाई की जाएगी।
हाई कोर्ट ने इस निर्देश के साथ तल्ख टिप्पणी में नाराजगी जताते हुए कहा है कि पूर्व में ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक को दिए निर्देश का ठीक से पालन न होना चिंताजनक है। लिहाजा, प्रत्येक पुलिस अधीक्षक से अनुपालन की रिपोर्ट आज से एक महीने की अवधि के भीतर उन्हें प्राप्त हो जाए और उसके बाद, संबंधित पुलिस स्टेशन में स्थित हर कमरे सहित हर स्थान को उसके बाद से दो महीने की अवधि के भीतर सीसीटीवी कैमरे के कवरेज क्षेत्र में लाया जाए।
हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वह मध्य प्रदेश राज्य के सभी पुलिस थानों में प्रत्येक स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में अपनी रिपोर्ट 18 फरवरी, 2025 तक प्रस्तुत करें। यदि रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है तो इस न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही अदालत की अवमानना के लिए एक अलग मामला दर्ज किया जाएगा।
इसलिए हाई कोर्ट ने दिया आदेश
हाई कोर्ट ने जिस याचिका पर यह आदेश पारित किया है, वह अनूपपुर निवासी अखिलेश पांडे ने दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह एक कंपनी का मैनेजर है। अनूपपुर के भालूमाड़ा थाने की पुलिस उससे पांच हजार रिश्वत मांग रही थी। राशि न देने पर फर्जी अपराध दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया। थाने में मारपीट की गई। एक पुलिस कर्मी ने स्वयं अपनी वर्दी फाड़ी और दोष याचिकाकर्ता पर मढ़ दिया।
सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद सारा माजारा हाई कोर्ट के सामने स्पष्ट हो गया। इसे गंभीरता से लेकर आरोपित पुलिस कर्मियों पर एक लाख 20 हजार का जुर्माना लगा दिया गया। यह राशि याचिकाकर्ता को मिलेगी। यही नहीं, घटना के दिन तैनात टीआई सहित समूचे स्टाफ को 900 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने का भी सख्त आदेश दिया गया।