छत्तीसगढ़ / गरियाबंद
बहतराई में बालिका कबड्डी अकादमी के लिए चयन ट्रायल 15 मार्च को
बहतराई में बालिका कबड्डी अकादमी के लिए चयन ट्रायल 15 मार्च को
महुआ संकलन करने वालों को सावधानी बरतने की अपील
तेज गर्मी में बढ़ा लू का खतरा
कलेक्टर ने कृषि एवं समवर्गीय विभागों की ली संयुक्त समीक्षा बैठक
जिला जनसंपर्क कार्यालय, गरियाबंद
महतारी वंदन योजना ने श्यामा बाई की बदली किस्मत
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वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खासा उत्साह, ग्रामवासियों की उपस्थिति में भूमिपूजन कर विधायक रोहित साहू करेंगे कार्य अतिशीघ्र का शुभारंभ
विधायक रोहित साहू के प्रयासों से बेलटुकरी में 50 लाख के सीसी रोड व नाली निर्माण को मिली मंजूरी
युद्ध, जलवायु परिवर्तन और भारतीय कृषि: अनदेखा संकट
युद्ध, जलवायु परिवर्तन और भारतीय कृषि: अनदेखा संकट
उदंती अभ्यारण्य एवं गरियाबंद वन मंडल के जंगलों में लगी आग, मैदानी अधिकारी मुख्यालय में नहीं रहते हैं और फर्जी ड्यूटी डायरी व लॉक बुक लिख रहे हैं - मुरलीधर सिन्हा
राधेश्याम सोनवानी,
गरियाबंद :- जिला गरियाबंद जंगलों से भरा और घिरा क्षेत्र है जिसमें दो वन मंडल है, एक सामान्य वन मंडल गरियाबंद और दूसरा उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य गरियाबंद है जिसका मुख्यालय गरियाबंद है किन्तु इन दिनों मैदानी वन अधिकारियों के मुख्यालय में नहीं रहने से इन दिनों आग लगी है, पूरा जंगल फायर वाचर के भरोसे छोड़ दिए हैं यह आरोप भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सहसंयोजक मुरलीधर सिन्हा ने लगाया है और बताया कि अपने क्षेत्र के दौरे से लौटते समय देखा कि धूं-धूं करके जंगलों में दावानल से पूरा जंगल जलकर राख हो गया है, मैदानी अधिकारी कुंभकर्णी निंद्रा में है और पूरा जंगल फायर वाचर के भरोसे छोड़ दिए हैं । आज गरियाबंद जिला के दोनों मंडल उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य एवं गरियाबंद सामान्य वन मंडल के मैदानी अधिकारी मुख्यालय में नहीं होने के कारण अवैध कटाई एवं जंगल जमीन पर अवैध कब्जा बेधड़क हो रहे हैं। भरा- पूरा जंगल मैदान में तब्दील हो रहा है । वन अधिकारियों के घोर लापरवाही की वजह से जंगल की अवैध कटाई के साथ-साथ जंगली जानवरों का अवैध शिकार भी धड़ल्ले से हो रहा है , कुछ अवैध शिकारी के पकड़े जाने का अवैध शिकार का पुख्ता प्रमाण है । भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने वन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि गरियाबंद जिला के वन अधिकारी मुख्यालय में नहीं होने के बाद भी अपना दौरा बताकर फर्जी ड्यूटी डायरी व लॉक बुक भरकर विभाग को लाखों रूपये का चुना प्रति वर्ष लगा रहे हैं ? श्री सिन्हा के अनुसार उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व अभ्यारण्य वन मंडल का क्षेत्र गरियाबंद से 45 किमी बाद प्रारम्भ होता है किन्तु उसका मुख्यालय गरियाबंद में यह समझ से परे है। ये अभ्यारण्य अधिकारी अपने सहूलियत अनुसार बड़ी चालाकी से मुख्यालय गरियाबंद को बनाया है ? जो मुख्यालय 50 किमी दूर है तो क्या अभ्यारण्य की देखभाल करेंगे ? यह बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है । इसी तरह सामान्य वन मंडल गरियाबंद की भी यही हालात है, गरियाबंद से 80 किमी दूर देवभोग, इन्दागांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत 84 मुआवजा का देवस्थल कांदाडोंगर के आसपास जंगल पूरा जलकर जल कर राख हो गया है, देवस्थल कांदाडोंगर पहाड़ की खुबसूरती व हरियाली गायब हो गई है । विदित हो कि अमलीपदर से वापसी के समय कुछ लोगों से पूछा यह कांदाडोंगर जंगल में लगी आग को कोई वन अधिकारी देखने वाला नहीं तो लोगों का रटा रटाये जवाब था सिन्हा जी ये अधिकारी यहाँ रहेंगे तो जंगल और कांदाडोंगर देवस्थल जंगल की सुरक्षा होगी ? विगत दिनों धवलपुर, नवागढ़ और गरियाबंद परिक्षेत्र के जंगलों में सड़क को छोड़ दो अंदर के जंगल जलकर स्वाहा हो गया है, दो दिन पूर्व तो जोबा उरतुली के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगी थी । सामान्य वन मंडल गरियाबंद के परसूली, छुरा, फिंगेश्वर, राजिम, पाण्डुका परिक्षेत्र के जंगलों में आग से जंगल को काफी नुकसान हुआ है, वन अधिकारियों के मुख्यालय में नहीं होने एवं जंगल का जांच नहीं करने से अवैध कटाई एवं अवैध शिकार के अलावा जंगलों पर बेजा कब्जा धड़ल्ले से हो रहा है जो जॉच का विषय है, यदि ड्यूटी डायरी व लॉक बुक का जाँच किए गए तो ये वन अधिकारी बेनकाब हो जायेंगे ।
बिन्द्रानवागढ़ मंडल में जन चौपाल का आयोजन, योजनाओं की दी जानकारी,
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में कांग्रेस का पुतला दहन
इंडक्टिव लोड से ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव एंड प्वाइंट पर वोल्टेज में भारी गिरावट
कृषकों को निर्धारित क्षमता के केपेसिटर लगाने की विद्युत विभाग ने दी सलाह
गरियाबंद, 27 अप्रैल 2026
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि मैनपुर क्षेत्र में लो वोल्टेज के संबंध में बताया कि वर्तमान में रबी सीजन चल रहा है। किसानों द्वारा धान के फसल की सिंचाई के लिए एक साथ पंप का उपयोग कर रहे है। पंप कनेक्शनों के लगातार एवं एक साथ उपयोग से इंडक्टिव लोड के कारण पम्प स्टार्ट होते ही हाई करेंट लेता है और लाईन में वोल्टेज कम हो जाता है। पंप लोड के कारण इंडक्टिव लोड का विपरीत प्रभाव प्रारंभिक उप-केन्द्रों से निर्गत आपूर्ति में कमी के रुप में परिलक्षित होता है। जिससे विद्युत आपूर्ति प्रवाह में कमी या विद्युत आपूर्ति में गिरावट आती है। मोटर पंप स्टार्ट होने में हाई करेंट के कारण सप्लाई सिस्टम के वोल्टेज पर असर पड़ता है तथा ट्रांसफार्मर पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है। विद्युत लाईन में वोल्टेज कम होने से एंड प्वाईंट पर वोल्टेज बहुत कम मिल पाता है।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र राजिम, धमतरी, बालोद व गरियाबंद सिंचाई प्रधान हैं। जिनकी शीर्ष विद्युत सप्लाई प्रणाली मुख्यतः एक ही उपकेन्द्रों से की जाती है। इन क्षेत्रों में इंडक्टिव लोड का असर पूरे क्षेत्र के साथ-साथ शीर्ष स्तर के सप्लाई सिस्टम पर भी पड़ता है। शीर्ष विद्युत सप्लाई प्रणाली संरचना में गरियाबंद संभाग अंतर्गत मैनपुर व देवभोग अंतिम छोर में स्थित हैं। जिसके कारण वोल्टेज वर्तमान सीजन में बहुत कम हो जाता है तथा लो-वोल्टेज की समस्या निर्मित होती है। इन समस्या के निराकरण हेतु विद्युत विभाग द्वारा कृषकों को उचित क्षमता के केपेसिटर या 5 अश्वशक्ति के पंप हेतु 3 केवीएआर 3 अश्वशक्ति के पंप हेतु 2 केवीएआर के केपेसिटर लगाने के लिए सलाह दी गई है। वर्तमान में सिंचाई पंप कनेक्शन का उपयोग अपने उच्चतम स्तर पर है, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई है, जो कि अस्थायी है। पंप कनेक्शन के उपयोग कम होने पर स्वतः ही सप्लाई सामान्य रुप से बहाल हो जायेगी।
दादरगांव (पुराना) स्कूल में खराब ट्रांसफार्मर बदला गया
जांच में एक फेस खराब मिलने पर नया ट्रांसफार्मर स्थापित
गरियाबंद, 27 अप्रैल 2026
विद्युत विभाग ने दादरगांव (पुराना) स्कूल में स्थापित 16 केव्हीए ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत मिलने पर उक्त ट्रांसफार्मर की जांच करने पर पाया गया कि ट्रांसफार्मर के दो फेस ठीक था, केवल एक फेस खराब था। जिसे बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगाया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर गरजीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, बोलीं— महिला आरक्षण रोकना महिलाओं के सम्मान पर आघात
0 महिला आरक्षण रोकने वालों को जनता देगी जवाब, नारी शक्ति अब बदलाव की धुरी ।
‘मन की बात’ जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम– लक्ष्मी राजवाड़े
0 छुरा नगर के मां शीतला मंदिर प्रांगण में मंत्री, सांसद, विधायक व भाजपा कार्यकर्ताओं सहित आमजनों ने सामूहिक रूप से सुनी ‘मन की बात’ ।
कलेक्टर ने जल संरक्षण महाअभियान के तहत जिले के विभिन्न ग्रामों का किया दौरा
ग्रामीणों को दिलाई गई जल बचाने की शपथ
गरियाबंद । जिले में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जल संचयन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय महाभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर बी.एस. उइके ने आज जिले के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर सोख्ता गड्ढा (सोक पीट) निर्माण, जल स्रोतों के आसपास सफाई, डबरी निर्माण, तालाब मरम्मत, चेक डेम एवं कूप निर्माण सहित मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मैनपुर विकासखण्ड के छिंदौला, छुरा विकासखण्ड के ग्राम लोहरसी, कुण्डेल एवं सरकड़ा तथा गरियाबंद विकासखण्ड के ग्राम कोदोबतर में चल रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का अवलोकन किया। इस दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों ने पानी बचाने और उसके विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ ली।
कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि सोख्ता गड्ढा, डबरी, तालाब और चेक डेम जैसे संरचनाएं न केवल वर्षा जल के संचयन में सहायक हैं, बल्कि भू-जल स्तर को बनाए रखने और सूखे की स्थिति से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें। ताकि भविष्य के लिए जल संसाधनों का बेहतर संरक्षण किया जा सके।
इस दौरान कलेक्टर श्री उइके ने ग्रामीणों से बातचीत कर सोख्ता गड्ढों के महत्व, उपयोग और जल संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन संरचनाओं के निर्माण से अपशिष्ट जल निकासी में सुधार होगा, गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और भू-जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने ग्रामीणों एवं स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि वे अपने घरों की बाड़ियों में सब्जी उत्पादन करें, जिससे पोषण स्तर में सुधार के साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो सके। उन्होंने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पानी का सदुपयोग करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। कलेक्टर ने कहा कि घरेलू उपयोग के बाद बचा पानी का बाड़ियों में सब्जी उत्पादन के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री उइके ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गॉवों में बन रहे निर्माणाधीन मकानों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राहियों से कहा कि पीएम आवास निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें।
राजिम में सुबह से ही निर्माण कार्यो का मौका निरीक्षण के लिए बुलेट पर निकल गए विधायक रोहित
स्पॉट में निरीक्षण के दौरान अफसरो से साफ-साफ कहा कि बारिशकाल के पूर्व समय सीमा में काम पूरा हो
राजिम विधायक रोहित साहू ने ली विभागवार समीक्षा, सभी निर्माण कार्यों को समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के दिए निर्देश
राधेश्याम सोनवानी,
गरियाबंद/राजिम :- राजिम विधानसभा क्षेत्र में प्रगतिरत विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर क्षेत्रीय विधायक श्री रोहित साहू ने विश्राम गृह राजिम में प्रमुख विभागों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में विधायक ने स्पष्ट संकेत दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान विधायक ने राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और पीएम जनमन में संलग्न विभाग के अधिकारियों के साथ एक-एक कर चर्चा की। उन्होंने वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं के संबंधित विस्तृत जानकारी ली। विधायक रोहित साहू ने लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में हो रहे सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्यों में उच्च मानक की सामग्री का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है।जनता का पैसा विकास में लग रहा है, इसलिए कार्य में पूर्ण गुणवत्ता होना चाहिए। विधायक ने सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की भी बात कही। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए संचालित पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी नहीं होनी चाहिए।विद्युत विभाग को गर्मी के मौसम और खेती के मद्देनजर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा वन विभाग को विभागीय योजनाओं के तहत पौधारोपण और फेंसिंग जैसे कार्यों में तेजी लाने को कहा। राजस्व विभाग के अधिकारियों को सीमांकन, नामांतरण और बटांकन जैसे जनहित के मामलों को संवेदनशीलता के साथ निपटाने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें
कलेक्टर श्री उइके ने जल संरक्षण महाभियान के तहत जिले के विभिन्न ग्रामों का किया दौरा
ग्रामीणों को दिलाई गई जल बचाने की शपथ
सोख्ता गड्ढों से लेकर तालाब-डबरी तक कार्यों का लिया जायजा
पीएम आवास समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
गरियाबंद, 25 अप्रैल 2026
जिले में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जल संचयन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय महाभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज जिले के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर सोख्ता गड्ढा (सोक पीट) निर्माण, जल स्रोतों के आसपास सफाई, डबरी निर्माण, तालाब मरम्मत, चेक डेम एवं कूप निर्माण सहित मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मैनपुर विकासखण्ड के छिंदौला, छुरा विकासखण्ड के ग्राम लोहरसी, कुण्डेल एवं सरकड़ा तथा गरियाबंद विकासखण्ड के ग्राम कोदोबतर में चल रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का अवलोकन किया। इस दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों ने पानी बचाने और उसके विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ ली।
कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि सोख्ता गड्ढा, डबरी, तालाब और चेक डेम जैसे संरचनाएं न केवल वर्षा जल के संचयन में सहायक हैं, बल्कि भू-जल स्तर को बनाए रखने और सूखे की स्थिति से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें। ताकि भविष्य के लिए जल संसाधनों का बेहतर संरक्षण किया जा सके।
इस दौरान कलेक्टर श्री उइके ने ग्रामीणों से बातचीत कर सोख्ता गड्ढों के महत्व, उपयोग और जल संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन संरचनाओं के निर्माण से अपशिष्ट जल निकासी में सुधार होगा, गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और भू-जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने ग्रामीणों एवं स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि वे अपने घरों की बाडि़यों में सब्जी उत्पादन करें, जिससे पोषण स्तर में सुधार के साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो सके। उन्होंने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पानी का सदुपयोग करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। कलेक्टर ने कहा कि घरेलू उपयोग के बाद बचा पानी का बाडि़यों में सब्जी उत्पादन के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री उइके ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गॉवों में बन रहे निर्माणाधीन मकानों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राहियों से कहा कि पीएम आवास निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें।
कांग्रेस संगठन को मिली नई धार,जिला कार्यालय और सहायक जिला प्रभारी की नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में उत्साह
संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम, कार्यकर्ताओं ने कहा—अब और मजबूत होगी जमीनी पकड़