छत्तीसगढ़ / महासमुंद
80 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से 65 का एक्स-रे किया गया
महासमुंद । समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की गंभीर बीमारियों की पहचान और उनका उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महासमुंद जिले में 'निक्षय निरामय छत्तीसगढ़' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह 100 दिवसीय अभियान 7 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 24 मार्च 2025 तक चार चरणों में संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग और वृद्धजनों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करना और उनका समुचित इलाज सुनिश्चित करना है। अभियान का संचालन कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को अभियान के तहत जिला जेल महासमुंद में विचाराधीन बंदियों का टीबी स्क्रीनिंग किया गया।
इस दौरान कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक मशीन का उपयोग किया गया। कुल 80 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 65 का एक्स-रे किया गया। इस अभियान के तहत महासमुंद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर और जरूरतमंद तबकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि समुदाय के हर वर्ग को इस अभियान से लाभान्वित किया जाए। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़' अभियान छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और समाज के हर व्यक्ति को स्वस्थ जीवन का अधिकार प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
मृतक के निकटतम वारिसान के लिए 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत
महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर मृतक के निकटतम वारिसान के लिए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इनमें विकासखण्ड महासमुंद अंतर्गत ग्राम कोकड़ी के मृतक पुनीतराम निषाद की मृत्यु पानी में डुबने से होने पर उनके निकटतम वारिसान के लिए चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
महासमुंद जिले में राजस्व सर्वेक्षण कार्य के लिए अधिसूचना जारी
महासमुंद । कलेक्टर एवं जिला सर्वेक्षण अधिकारी विनय कुमार लंगेह ने जिले में राजस्व सर्वेक्षण कार्य शुरू करने के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के तहत महासमुन्द, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली तहसीलों के अंतर्गत विभिन्न राजस्व ग्रामों में सर्वेक्षण कार्य संचालित किया जाएगा। प्रमुख ग्रामों में नादगांव, परसट्ठी, कोटनपाली, बिछलादादर, बरतुंगा, केरामुड़ा तुकड़ा और साल्हेपाली शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार, यह कार्य छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को प्रेषित जानकारी के आधार पर प्रारंभ किया गया है। इस सर्वेक्षण कार्य में वनमंडल अधिकारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, और संबंधित तहसीलों के सर्वेक्षण अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। राजस्व सर्वेक्षण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए रैमटेक सॉफ्टवेयर साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को सहयोगी संस्था के रूप में जोड़ा गया है। यह सर्वेक्षण क्षेत्रीय विकास और राजस्व रिकॉर्ड को अद्यतन करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सभी तहसीलों के अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को इस अधिसूचना का कड़ाई से पालन करने और समय पर सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वेक्षण कार्य से जुड़े सभी विभागों को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि यह कार्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
दुर्घटना में मृतक के विधिक प्रतिनिधि को दो लाख की राशि स्वीकृत
महासमुंद। कलेक्टर व दावा निपटान आयुक्त विनय कुमार लंगेह ने टक्कर मारकर भागने मोटर यान दुर्घटना से हुई मृत्यु पर मृतक के विधिक प्रतिनिधि के लिए प्रतिकर राशि स्वीकृत की है। इनमें जिला मुख्यालय महासमुंद कुर्मीपारा निवासी ओमशंकर वैष्णव की मृत्यु ग्राम खरोरा सड़क शहीद स्मारक के पास 19 जुलाई 2022 को मोटरयान दुर्घटना से होने पर मृतक के विधिक प्रतिनिधि के रूप में उनकी माताजी राधाबाई वैष्णव को दो लाख रूपए की राशि प्रतिकर के रूप में स्वीकृत की गई है।
महासमुंद में 30 लाख रुपये की लागत से बनेगा अटल परिसर
महासमुंद । भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर पर आज नगर पालिका महासमुंद अंतर्गत 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाली अटल परिसर का महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने भूमिपूजन किया। इस अवसर पर श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग अध्यक्ष नगर पालिका मौजूद थे।
सुशासन दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ का वास्तविक विकास पृथक् छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना होने के बाद हुआ और अटल जी के बताए मार्ग पर चलकर साय सरकार प्रदेशवासियों की प्रगति और समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी आज जिस तरह से विकास की ओर बढ़ रहे हैं, यह अटल जी की ही देन है।
जशपुर से वर्चुअल रूप से प्रसारित कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर विनय लंगेह, अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैंकरा, तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू, महेन्द्र सिक्का, सी एम ओ खीर सागर नायक मंच पर मौजूद थे।
नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने देश के विकास के लिए अनेक योजना लागू की, जो कि वास्तव में विकास की मिसाल हैं। उन्होंने शासन द्वारा जनहित के लिए सौंपे गए दायित्वों को अक्षरशः पालन करने बात कही। विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद संदीप दीवान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की देन छत्तीसगढ़ राज्य को और अधिक समृद्ध बनाने की अपील करते हुए उनके व्यक्तित्व पर सारगर्भित बातों को साझा किया। साथ ही अन्य मंचस्थ अतिथियों महेंद्र जैन, देवी चंद राठी, मीना वर्मा ने भारत रत्न वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर पार्षदगण महेन्द्र जैन, माधवी सिक्का, मीना वर्मा, देवीचंद राठी, मनीष शर्मा, मुन्ना देवार, हफीज कुरैशी, हेमलता यादव, महेन्द्र सिक्का, संदीप दीवान, सतपाल पाली, प्रलय थिटे, हरबंश सिंह नानू भाई, देवेन्द्र चन्द्राकर, प्रकाश शर्मा, ऐतराम साहू, अमन वर्मा, कौशिल्या बंसल, हनीश बग्गा, सुधा साहू, नीलम दीवान, मुन्ना साहू, राकेश सचदेवा एवं बड़ी संख्या मे आम नागरिक और हितग्राही उपस्थित रहे।
कलेक्टर लंगेह ने किया जिला स्तरीय युवा उत्सव सिरपुर का शुभारंभ
महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार के गठन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ’सुशासन सप्ताह’ के अंतर्गत आज जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन सिरपुर में किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, दाऊ लाल चंद्राकर, उप संचालक कृषि एफ आर कश्यप, जिला परिवहन अधिकारी आर के ध्रुव, सहायक संचालक शिक्षा सतीश नायर, पोषण साहू जनसंपर्क, मधु साहू, ए आर ध्रुव सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केन्द्र महासमुंद के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।
इस दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित युवा कृति एवं विज्ञान मेला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलता है और उन्हें अपनी कला एवं कौशल दिखाने का अवसर मिलता है।
इस उत्सव के माध्यम से जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को एक मंच प्रदान किया गया, जिससे युवाओं के कौशल को नई पहचान मिल सके। उन्होंने सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी युवाओं ने सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से विकासखण्ड स्तर पर विजेता बनकर जिला स्तरीय कार्यक्रम में अपने-अपने हुनर का प्रदर्शन किया है आप सभी बधाई के पात्र है। कार्यक्रम में जिले भर से आए प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन किया। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शुभारंभ अवसर पर सामूहिक जुडो का प्रदर्शन भी किया गया।
सांस्कृतिक आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। उत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें सामूहिक एवं व्यक्तिगत लोक नृत्य, लोक गीत प्रतियोगिताएं, कहानी लेखन, चित्रकला, तात्कालिक भाषण और कविता प्रतिस्पर्धा शामिल थीं। युवा कृति श्रेणी के तहत ’हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और कृषि उत्पादों’ का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अलावा विज्ञान मेला का सामूहिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही उत्सव का मुख्य आकर्षण ’रॉक बैंड’ की प्रस्तुति रही। प्रतिभागियों ने फोटोग्राफी विधा में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणाम कहानी लेखन में प्रथम स्थान हेमा साहू महासमुंद, द्वितीय स्थान गुलशन साव बसना, तृतीय स्थान समीर नायक सरायपाली ने प्राप्त किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रितिक पहरिया महासमुंद, द्वितीय स्थान सुष्मिता प्रधान बसना, तृतीय स्थान भावना साहू सरायपाली ने प्राप्त किया। तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भैरव प्रसाद पाल महासमुंद, द्वितीय स्थान गरिमा कन्नौजे पिथौरा, तृतीय स्थान वर्षा गजेन्द्र महासमुंद ने प्राप्त किया।
कविता लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सिंधू जगत सरायपाली, द्वितीय स्थान गुलशन साव बसना, तृतीय स्थान, दिनेश कुमार साहू महासमुंद ने प्राप्त किया। विज्ञान मेला दलीय प्रथम स्थान मल्टी पर्पस स्मार्ट कार के लिए प्रीति व रौशनी पिथौरा, द्वितीय स्थान ऑटो मेटिक स्ट्रीट लाईट चंद्रयान के लिए केशव चेलक महासमुंद, विज्ञान मेला एकल में प्रथम स्थान फूटस्टेप इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर मॉडल के लिए रुद्राक्ष शुक्ला पिथौरा, द्वितीय स्थान ऑटो मेटिक पंप मॉडल के लिए अंशिका पिथौरा, तृतीय स्थान एग्रीकल्चर सेफ्टी मॉडल के लिए गरिमा कन्नौज पिथौरा ने प्राप्त किया।
सामूहिक लोक गीत में प्रथम स्थान दिनेश साहू एवं साथी, महासमुंद, द्वितीय स्थान अदिति छत्रे एवं साथी बागबाहरा, तृतीय स्थान भावना चौहान व साथी सरायपाली ने प्राप्त किया।
एकल लोक गीत में प्रथम स्थान द्रौपदी साहु, महासमुंद, द्वितीय स्थान अदिति छत्रे, बागबाहरा, तृतीय स्थान अर्चना सामल, बसना ने प्राप्त किया। लोक नृत्य में प्रथम स्थान अजय मिर्च एवं साथी, महासमुंद, द्वितीय स्थान डंडा नाचा, बागबाहरा, तृतीय स्थान पंथी नृत्य पिथौरा को मिला। रॉक बैंड में प्रथम स्थान जावेद कुरैशी व साथी बागबाहरा ने प्राप्त किया। फोटोग्राफी में हेमंत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
पुरस्कार वितरण समारोह में अतिथि रमेश साहू विधायक प्रतिनिधि महासमुंद, पवन पटेल, मुन्ना साहू, दाऊ लाल चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, नीलमणि चंद्राकर, खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे उपस्थित रहे। विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों ने पुरस्कृत किया। आयोजन को सफल बनाने में निर्णायक मंडल डॉ . विकास अग्रवाल, सुरेंद्र मानिकपुरी, अंकित भोई, अवनीश वाणी, वी. के. असगर, पुष्पलता भार्गव व प्रेमचन्द डडसेना, हेमसागर कैवर्त, डॉ. शुभ्रा डडसेना, सुधीर प्रधान, भूपेंद्र प्रधान, गणेश कोसरे, कामता साहू, वेदराम, छन्नू साहू, नीलम सिंहा, एवन साहू, अशोक चक्रधारी नेहरू युवा केंद्र का सहयोग रहा। मंच संचालन विजय मिर्चें एवं डॉ. विकास अग्रवाल एवं आभार व्यक्त खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद मनोज धृतलहरे ने किया।
सिरपुर में जिला स्तरीय युवा उत्सव 24 को
महासमुंद । सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सुशासन सप्ताह के तहत जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केन्द्र महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय युवा उत्सव 2024-25 का आयोजन 24 दिसंबर को सुबह 11 बजे सिरपुर में किया जाएगा।
इस उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत सामूहिक एवं व्यक्तिगत लोक नृत्य और लोक गीत प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसके अलावा, लाइफ स्किल श्रेणी में कहानी लेखन, चित्रकला, तात्कालिक भाषण और कविता प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाएगी। युवा कृति श्रेणी के तहत हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और कृषि उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही, रॉक बैंड की शानदार प्रस्तुति भी उत्सव का मुख्य आकर्षण होगी। जिला स्तरीय युवा उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइफ स्किल, युवा कृति में विकासखंड के विजेता प्रतिभागी शामिल होंगे। इसके अलावा रॉक बैंड एवं फोटोग्राफी विधा में प्रतिभागी जिला स्तर पर शामिल हो सकते हैं। जिला प्रशासन ने इस आयोजन में अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की है।
स्वरोजगार घटक में महासमुंद को मिला राज्य में प्रथम स्थान
कलेक्टर लंगेह ने एनयूएलएम की टीम को दी बधाई
महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राज्य शहरी विकास अभिकरण की टीम को स्वरोजगार घटक में असाधारण प्रयास एवं समग्र प्रदर्शन हेतु राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सामुदायिक संगठक (सीओ) श्रीमती ममता बग्गा, श्रीमती प्रेमशीला बघेल और श्रीमती राखी ठाकुर ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। कलेक्टर लंगेह ने इस अवसर पर कहा कि नगरीय क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना बड़ी उपलब्धि है। एनयूएलएम द्वारा बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे भी इसी तरह कार्य करने कहा।
बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया था। जिसमें महासमुंद नगर पालिका को डे-एनयूएलएम अवार्ड्स 2023-24 अंतर्गत स्वरोजगार घटक में असाधारण प्रयास एवं समग्र प्रदर्शन हेतु राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। जिसके तहत महासमुंद नगर पालिका सीएमओ महासमुंद खिरसागर नायक के नेतृत्व में सामुदायिक संगठन सीओ श्रीमती ममता बग्गा, श्रीमती प्रेमशीला बघेल और श्रीमती राखी ठाकुर को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
7 दिवसीय कृषक प्रशिक्षण व भ्रमण कार्यक्रम सम्पन्न
महासमुंद । सरायपाली स्थित शासकीय संजय निकुंज रोपणी, किसड़ी में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत विगत 16 दिसंबर से सात दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक कृषकों ने भाग लेकर विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं पर ज्ञान अर्जित किया।
प्रशिक्षण सत्र में डॉ. ओकेश चंद्राकर, सहायक प्राध्यापक उद्यानिकी ने प्याज की खेती, फलदार पौधों के प्रवर्धन, और सब्जी नर्सरी प्रबंधन जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही, डॉ. मुकेश सेठ ,सहायक प्राध्यापक, कृषि अर्थशास्त्र ने फसल लागत प्रबंधन और लाभ-हानि के आकलन पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
कृषकों को कृषि विज्ञान केंद्र, भलेसर महासमुन्द का भ्रमण कराया गया। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सतीष कुमार वर्मा ने कटहल, नींबू और चीकू की खेती, अजोला उत्पादन, बटेर पालन, और मुर्गीपालन इकाइयों का अवलोकन करवाया। साथ ही बम्हनी स्थित संजय निकुंज रोपणी में पालक बीज उत्पादन तकनीक पर वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी एस.पी. ध्रुवंशी ने मार्गदर्शन दिया। अंतिम दिन तेलीबांधा की अम्मा ऑयल पॉम नर्सरी का भ्रमण कराया गया, जहां ऑयल पॉम की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में सहायक संचालक उद्यान, श्रीमती पायल साव ने कृषकों से फीडबैक प्राप्त किया और प्रमाण-पत्र वितरित किए। आयोजन का संचालन उद्यान अधीक्षक गुरुदत्त यदु और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी लाभेन्द्र सिंह ने किया।
शिविर में कुल 32 श्रमिकों का नया पंजीयन किया गया
महासमुंद । सरकार के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सुशासन सप्ताह अंतर्गत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियों का आयोजन कर जनसामान्य को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित एवं हितग्राहियों को सम्मानित किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिथौरा विकासखंड अंतर्गत आज ग्राम पंचायत जंघोरा में पंजीयन एवं नवीनीकरण शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। शिविर में कुल 32 श्रमिकों का नया पंजीयन किया गया। 6 श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। शिविर में उपस्थित श्रमिकों को राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, श्रमिक सुरक्षा एवं शिक्षा सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही श्रमिकों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर को सफल बनाने में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर सभी श्रमिकों ने सरकार की नीतियों की प्रशंसा की और अपने पंजीकरण से संबंधित समस्याओं का समाधान भी पाया।
दो दिवसीय युथ व इको क्लब में हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
यूथ एवं इको क्लब प्रथम दिवस प्रशिक्षण मे प्लास्टिक के प्रकारों, इसके दुष्प्रभावों को समझाया गया। जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा प्रशिक्षण का पहला दिन जमीन प्लास्टिक साक्षरता पर आधारित बातें बताई गई। जिसमें उन्हें प्लास्टिक के बढ़ते हुए खतरे का सामना भावी पीढ़ी के विद्यार्थियों को किस प्रकार करना है, प्लास्टिक के प्रकारों के साथ मुख्य 3 प्रकार से संबंधित एक्टीविटी, जमीन मेला, 12 सप्ताहों तक शालाओं आयोजित होने वाले अनिवार्य और संभावित गतिविधियाँ करवाई गई, प्लास्टिक के कम उपयोग को बढ़ावा देना आदि करवाया गया।
इसी तारतम्य में दूसरे दिवस में स्कूलों में किचन गार्डन कैसे बनाना है उसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन, मिट्टी को उपजाऊ बनाने हेतु जीवामृत, बीजामृत व निमार्ण कैसे बनाना है, सिखाया गया। स्कूल के कम जगह में किस पौधे को कितनी दूरी में लगाना है एवं यूथ व इको क्लब की राशि व्यय व प्रथम क्रिएटिविटी क्लब में पंजीयन कर 21वीं सदी के कौशल की जानकारी दी गई। कार्यशाला समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया की प्लास्टिक, हमारी दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। यह टिकाऊ और हल्का होने के कारण कई उत्पादों में इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्लास्टिक के कई प्रकार होते हैं और इनका पर्यावरण पर क्या प्रभाव प्लास्टिक को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है, जो उनके रासायनिक संरचना और गुणों के आधार पर होते हैं। डीएमसी कमल नारायण चंद्राकर ने कहा कि आप लोगों के द्वारा दो दिवस में प्रशिक्षण के दौरान जो बताया गया है उसे शालाओं में क्रियान्वित करने कहा गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी सम्पा बोस एपीसी पेडागाजी, मास्टर ट्रेनर्स के.आर.सोनवानी, लक्ष्मी मानिकपुरी, प्रत्येक विकासखंड से 08-08 प्रतिभागी तथा प्रथम फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे
जिले में अब तक 84475 किसानों से 451951.8 टन धान खरीदा गया
महासमुंद । खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान सुचारू रूप से जारी है। नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया कि 19 दिसम्बर तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 84475 किसानों से 451951.8 टन धान खरीदा गया, जिसकी राशि 1033 करोड़ 48 लाख रुपए किसानों को वितरित की गई।
उन्होंने बताया कि जिले के उपार्जन केन्द्रों में एक करोड़ 61 लाख 52 हजार 951 बारदाना प्राप्त हुआ है। जिसमें 83 लाख 92 हजार 758 नया बारदाना है। 58 लाख 63 हजार 42 बारदाना मिलर से प्राप्त, 15 लाख 52 हजार 19 पीडीएस से प्राप्त तथा किसानों से 3 लाख 45 हजार 132 बारदाना प्राप्त हुआ है। एक करोड़ 17 लाख 84 हजार 552 बारदाने का उपयोग उपार्जन केन्द्रों में किया जा रहा है। अभी 43 लाख 68 हजार 399 बारदाना शेष है। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर तक कुल 31468.238 टन धान का परिवहन किया गया है।
जनपद पंचायतों व नगरीय निकायों के लिए नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स को मिला प्रशिक्षण
महासमुंद । राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में नगरीय इकाई और पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के सभागार में जिले के सभी जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के लिए नियुक्त कुल 84 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार साहू ने मास्टर ट्रेनर्स से मतदान प्रक्रिया तथा मतगणना कार्य को भली-भांति समझने के निर्देश दिए।
जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रशिक्षण देते हुए बताया कि नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए मतपत्रों के माध्यम से मतदान होगा। जिसमें अध्यक्ष का मतपत्र सफेद तथा पार्षद का मतपत्र रंगीन होगा। मतदान के लिए मतदान दलों को एक बड़ी और एक छोटी साइज की मतपेटी दी जाएगी। मतदान के पश्चात पीठासीन अधिकारी द्वारा मतपत्र लेखा तैयार कर उसकी एक-एक प्रति उपस्थित अभिकर्ताओं को दिया जाएगा।
पंचायत निर्वाचन के संबंध में प्रशिक्षण देते हुए उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदाता द्वारा पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य के लिए अर्थात कुल चार पदों के लिए मतदान किया जाएगा। जिसके लिए मतदान कक्ष में दो मतदान प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। जिसमें से पहला पंच तथा सरपंच से संबंधित मतपत्रों तथा दूसरा जनपद और जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों के मतांकन के लिए होगा।
गोस्वामी ने पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी क्रमांक एक, दो, तीन और चार के द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत निर्वाचन में मतदान का समय प्रातः 7 बजे से 3 बजे तक रहेगा। मतदान समाप्ति के बाद वहीं मतगणना का कार्य भी संपन्न किया जाएगा। मतगणना करते समय पंच पद के मतपत्रों की गणना सबसे पहले की जाएगी जो सफेद रंग के होंगे। उसके बाद, सरपंच पद के मतपत्रों (नीला रंग), फिर जनपद पंचायत सदस्य के मतपत्रों (पीला रंग) और सबसे अंत में जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों (गुलाबी रंग) की गणना की जाएगी। प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी नंदकिशोर सिन्हा, पंकज शर्मा, निर्मल प्रधान, विजय शंकर विशाल, टेकराम सेन आदि उपस्थित थे।
सुशासन सप्ताह में जन चौपाल आयोजित करें : कलेक्टर
समय सीमा की बैठक में संग्रहित धान का उठाव तेज करने के निर्देश
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने शुक्रवार को समय सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने सुशासन सप्ताह 19 से 24 दिसम्बर तक ग्राम पंचायतों में जनसुविधाओं का विस्तार और जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने तथा पंचायत स्तर पर शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन करने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं की पहुंच जन-जन तक हो इसके लिए नियमित तौर पर जनता से जुड़कर कार्य करते रहें। उन्होंने प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत तहसील और विकासखण्ड मुख्यालयों में जन चौपाल लगाकर हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे तथा अन्य विकासखण्ड अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े थे।
कलेक्टर ने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि धान खरीदी किसी भी शर्त में बंद न हो। उठाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संग्रहित धान का उठाव तेज करने के निर्देश दिए हैं। मार्कफेड और नान के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि उठाव नियमित तौर से होता रहे। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को सप्ताह के अंतिम दो दिवस शनिवार और रविवार को धान खरीदी केन्द्रों का भौतिक सत्यापन कर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए ज़िले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी, धान खरीदी केंद्रों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को धान खरीदी केंद्र में जाकर बारिश से समुचित बचाव की व्यवस्था की रिपोर्ट प्राप्त करने और जहां आवश्यकता है, आवश्यक व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर लंगेह ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समय सीमा पर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे मुद्दों का प्राथमिकता के साथ निपटारा किया जाए जिससे आमजनों को कोई दिक्कत न हो। सुशासन सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन चौपाल का आयोजन करने कहा गया। चौपाल में ग्रामीणजनों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पीएम आवास, पीएम जनमन, जाति, आयुष्मान कार्ड आदि की समीक्षा की गई। उन्होंने आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए विशेष कैम्प लगाकर आधार और जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए। जिले के स्कूलों में परीक्षा पे चर्चा का नियमित आयोजन के लिए कार्यशाला आयोजन करने कहा। 15 साल से अधिक हो चुके वाहनों के नीलामी प्रक्रिया को अविलम्ब पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांग एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अवैध रेत उत्खनन व अवैध शराब विक्रय आदि की समीक्षा की और इसे रोकने कड़े कदम उठाने कहा गया है। साथ ही अवारा पशुओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप आवश्यक व्यवस्था, पक्का शेड बनाने कहा गया।
समय सीमा की बैठक के पश्चात कलेक्टर ने दिव्यांग रामलाल खड़िया को मोटराईज्ड ट्रायसायकल प्रदान किया। बतादें कि दिव्यांग रामलाल खड़िया ने अपने जरूरतों के अनुरूप मोटराईज्ड ट्रायसायकल के लिए जन चौपाल में आवेदन दिया था। जिस पर कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समाज कल्याण विभाग को मोटराईज्ड ट्रायसायकल प्रदान करने के निर्देश दिए थे।
महतारी वंदन की राशि को बड़े कार्य में निवेश कर रही महिलाएं
महासमुंद। महासमुंद के सुभाषनगर में रहने वाली निम्न और मध्यम वर्गीय महिलाओं ने छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि को एक नई दिशा देकर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की है। अहिरवार समाज की 14 महिलाओं ने सामूहिक रूप से इस योजना की राशि को बचत और बड़े कार्यों में निवेश का जरिया बनाया है, जिससे उनका जीवन न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, बल्कि सामूहिकता की भावना भी मजबूत हुई है।
हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपए की राशि को व्यक्तिगत खर्चों में उपयोग करने के बजाय इन महिलाओं ने इसे मिलकर 14,000 रुपए के सामूहिक फंड में तब्दील कर दिया। यह फंड हर महीने की 5 तारीख को आयोजित बैठक के माध्यम से जरूरतमंद महिला को दिया जाता है। इस राशि से महिलाएं अपने परिवार की बड़ी आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।
समूह की सदस्य उत्तरा कहती हैं, “पहले यह राशि छोटे-मोटे खर्चों में खत्म हो जाती थी। लेकिन जब हमने इसे मिलकर बचाने का निर्णय लिया, तो इसे बड़े कामों में लगाना संभव हो पाया।“ अब तक इस सामूहिक प्रयास के तहत सविता ने अपने पति की जूते की दुकान को बढ़ाने में मदद की, चंद्रिका ने अपने दामाद की बरसी पर होने वाले खर्च को पूरा किया, कोमिन ने अपने घर का पलस्तर कराया, नरगिस ने अपनी फैंसी स्टोर को विकसित किया, और गणेशी ने अपने जीवन का सपना पूरा करते हुए गंगा दर्शन किया। इसी प्रकार से शकीला ने अपनी नातिन को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाया, जबकि ईश्वरी हठीले ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर में सीढ़ी बनवाई। उत्तरा ने अपनी बेटी की हॉस्टल फीस भरी, और रेमा ने गोदरेज की आलमारी खरीदकर अपने परिवार के लिए सहूलियत बढ़ाई। महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का अनुभव कराया है। गणेशी कहती हैं, “कोई हमें एक रुपए देने तैयार नहीं था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने हमें हर महीने 1,000 रुपए देकर ऐसा सहारा दिया, जैसे मायके में पिता और बड़े भाई देते हैं।“महतारी वंदना योजना से सुभाषनगर की महिलाओं ने यह साबित किया है कि सही दिशा में किया गया छोटा प्रयास भी बड़ी उपलब्धियों की ओर ले जा सकता है।
महतारी वंदन की राशि को जमा कर अहिरवार समाज की महिलाओं ने बड़े कार्य के लिए निकाला अनूठा रास्ता
महासमुंद के सुभाषनगर में रहने वाली निम्न और मध्यम वर्गीय महिलाओं ने छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि को एक नई दिशा देकर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की है। अहिरवार समाज की 14 महिलाओं ने सामूहिक रूप से इस योजना की राशि को बचत और बड़े कार्यों में निवेश का जरिया बनाया है, जिससे उनका जीवन न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, बल्कि सामूहिकता की भावना भी मजबूत हुई है।
हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपए की राशि को व्यक्तिगत खर्चों में उपयोग करने के बजाय इन महिलाओं ने इसे मिलकर 14,000 रुपए के सामूहिक फंड में तब्दील कर दिया। यह फंड हर महीने की 5 तारीख को आयोजित बैठक के माध्यम से जरूरतमंद महिला को दिया जाता है। इस राशि से महिलाएं अपने परिवार की बड़ी आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।
समूह की सदस्य उत्तरा कहती हैं, “पहले यह राशि छोटे-मोटे खर्चों में खत्म हो जाती थी। लेकिन जब हमने इसे मिलकर बचाने का निर्णय लिया, तो इसे बड़े कामों में लगाना संभव हो पाया।“ अब तक इस सामूहिक प्रयास के तहत सविता ने अपने पति की जूते की दुकान को बढ़ाने में मदद की, चंद्रिका ने अपने दामाद की बरसी पर होने वाले खर्च को पूरा किया, कोमिन ने अपने घर का पलस्तर कराया, नरगिस ने अपनी फैंसी स्टोर को विकसित किया, और गणेशी ने अपने जीवन का सपना पूरा करते हुए गंगा दर्शन किया। इसी प्रकार से शकीला ने अपनी नातिन को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाया, जबकि ईश्वरी हठीले ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर में सीढ़ी बनवाई। उत्तरा ने अपनी बेटी की हॉस्टल फीस भरी, और रेमा ने गोदरेज की आलमारी खरीदकर अपने परिवार के लिए सहूलियत बढ़ाई। महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का अनुभव कराया है। गणेशी कहती हैं, “कोई हमें एक रुपए देने तैयार नहीं था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने हमें हर महीने 1,000 रुपए देकर ऐसा सहारा दिया, जैसे मायके में पिता और बड़े भाई देते हैं।“महतारी वंदना योजना से सुभाषनगर की महिलाओं ने यह साबित किया है कि सही दिशा में किया गया छोटा प्रयास भी बड़ी उपलब्धियों की ओर ले जा सकता है।
मोटराईज्ड ट्रायसायकल मिलने से आत्मनिर्भर बने टिकेश्वर पटेल
महासमुंद। पिथौरा के ग्राम अठठारहगुढ़ी निवासी टिकेश्वर पटेल, जो 80 प्रतिशत अस्थि बाधित हैं, उनका जीवन एक समय में दूसरों पर निर्भर था। अपने गांव से बाहर निकलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, जिससे वे सीमित अवसरों और निराशा से घिरे रहते थे।
उनके जीवन ने तब नया मोड़ लिया जब उन्हें समाज कल्याण विभाग की मोटराईज्ड ट्रायसायकल योजना की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत आवश्यक दस्तावेज़ तैयार कर आवेदन प्रस्तुत किया। उनकी समस्या को समझते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही की और 16 जुलाई 2024 को कलेक्टर लंगेह के हाथों उन्हें मोटराईज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई। ट्रायसायकल ने पटेल के जीवन को पूरी तरह बदल दिया। अब वे स्वतंत्र रूप से गांव और आसपास के इलाकों में मौसमी साग-सब्जी और मशरूम बेचने का काम कर रहे हैं। यह ट्रायसायकल उनके लिए सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। उनका व्यवसाय बढ़ने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ गया।
टिकेश्वर पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को दिया। उन्होंने कहा, “यह सहायता मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे न केवल मेरी आजीविका सुधरी है, बल्कि मुझे खुद पर विश्वास भी हुआ है कि मैं अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकता हूं।”