छत्तीसगढ़ / महासमुंद
खरोरा मे नवनिर्मित मितानिन भवन का लोकार्पण
महिलाओं के आत्मनिर्भरता से समाज मे समृद्धि आएगी
महासमुंद। ग्राम पंचायत खरोरा में शनिवार को मुख्य अतिथि डॉ. एकता लंगेह द्वारा नवनिर्मित मितानिन भवन और रोजगार प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मितानिनों द्वारा विभिन्न तरह के खेल जैसे मटका फोड़, नुककड़ नाटक, प्रेरणादायक गीत और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. एकता लंगेह ने कहा की मितानिन भवन के निर्माण से यहां महिलाएं आपस में बैठकर अपने स्वास्थ्य से लेकर आर्थिक समृद्धि और अन्य भविष्य की योजनाओं पर कार्य कर सकते हैं। यहां भवन बनने से उन्हें इधर-उधर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज महिला हर क्षेत्र में आगे है, यहां महासमुंद में महिलाएं प्रत्येक गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। महिला एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी की धुरी है। उनके पास धैर्य भी है और काबिलियत भी है आज वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर होना आवश्यक है ताकि वे अपने जरूरतो को भी पूरा कर सके, परिवार और समाज की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वावलंबी से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगी। डॉ. लंगेह ने कहा कि महिला स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है यदि महिला स्वस्थ है तो परिवार भी स्वस्थ रहेगी उन्होंने मितानिनों से कहा कि वह अपने काम बखूबी निभा रही है और भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग से करते रहे। कार्यक्रम में सरपंच सुनीता चंद्राकर सहित मितानिन समन्वयक राजमणि पवार स्थानीय पंच, सहित सखी सेंटर के सदस्य और मितानिन मौजूद थे।
प्रो. डॉ. अनुसुइया अग्रवाल प्राचार्य पद पर पदोन्नत
महासमुंद। शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद की प्रभारी प्राचार्य एवं आहरण-संवितरण अधिकारी प्रो. डॉ. अनुसुइया अग्रवाल डी. लिट. को उच्च शिक्षा विभाग, रायपुर द्वारा प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। उन्हें स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद में प्राचार्य के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने 16 नवंबर 2024 को इस पद का कार्यभार ग्रहण किया।
डॉ. अनुसुइया के सम्मान में 19 नवंबर 2024 को महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अजय राजा, डॉ. रीता पांडेय, श्रीमती करुणा दुबे, मनोज शर्मा, और शोधार्थी चंद्रशुभम ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए भावपूर्ण उद्गार व्यक्त किए। डॉ. अनुसुइया ने अपनी प्राचार्य जिम्मेदारी सहायक प्राध्यापक रसायनशास्त्र श्रीमती करुणा दुबे को सौंपी, जिन्होंने डॉ. अनुसुइया को उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। विदित हो कि स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद गत वर्ष से इस जिले में संचालित है। यह इस महाविद्यालय का दूसरा वर्ष है। जो शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद के मिनी स्टेडियम के निकट स्थित पुराने भवन में संचालित हो रहा है।
यह महाविद्यालय पूर्णतः अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय है। तथा यहां पर स्नातक स्तर पर विज्ञान, वाणिज्य, एवं कला की कक्षाएं संचालित हो रही है। पूर्णतः कुशल एवं पारंगत 11 अतिथि व्याख्याता, क्रीड़ा अधिकारी ग्रंथपाल सहित तीन सहायक प्राध्यापक कार्य सहयोग हेतु पदस्थ है। गत वर्ष महाविद्यालय का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत था,जो इसकी उत्कृष्टता को दर्शाता है। डॉ. अनुसुइया के पदभार ग्रहण करने पर विधायक योगेश्वर राजू सिंहा, महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, और विद्यार्थीगण ने उन्हें बधाई दी। जनभागीदारी समिति के सदस्यों ने कहा कि पूर्णकालिक प्राचार्य के नेतृत्व में यह महाविद्यालय और अधिक प्रगति करेगा। डॉ. अनुसुइया की नियुक्ति से महाविद्यालय को नए आयाम प्राप्त होंगे, जिससे इसकी पहचान जिले में और सशक्त होगी।
सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का लोगो और वेबसाइट का लोकार्पण
महासमुंद। महासमुंद जिले में स्थित पुरातात्विक और ऐतिहासिक नगरीय सिरपुर के पुरावैभव को आम लोगों तक पहुंचाने वेबसाइट का निर्माण किया गया है। महासमुंद सांसद श्रीमती रुपकुमारी चौधरी ने गुरुवार को दिशा समिति की बैठक के पश्चात सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लोगो और वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सिरपुर ने डिजिटल युग में कदम रखते हुए वैश्विक जुड़ाव का एक नया अध्याय शुरू किया।
इस पहल के तहत सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को सोशल मीडिया और वेबसाइट के माध्यम से विश्व पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से इतिहासकार, वैज्ञानिक, वास्तुविद, पुरातत्वशास्त्री और अन्य शोधकर्ता सिरपुर की विलक्षणताओं और विशेषताओं से परिचित हो सकेंगे। इसमें आम नागरिक घर बैठे सिरपुर के वैभव और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जान सकेंगे। वेबसाइट https://sirpursada.com/home पर अवलोकन किया जा सकता है। इसमें सिरपुर के विशेष दार्शनिक और प्राचीन स्थल जैसे सुरंग टीला, लक्ष्मण मंदिर, बौद्ध स्तूप, गंधेश्वर महादेव मंदिर, बौद्ध स्वास्तिक विहार को देखा जा सकता है। इसमें सिरपुर में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी भी संलग्न की जाएगी। जिससे दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को सहुलियत होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
लोकार्पण कार्यक्रम में सिरपुर की धरोहर को संरक्षित करने और उसे वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। यह प्रयास सिरपुर को पर्यटन और अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सिरपुर की समृद्ध संस्कृति, मंदिर वास्तुकला और ऐतिहासिक धरोहरों को एक नई पहचान मिलेगी। लोकार्पण के इस आयोजन ने सिरपुर को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक नई राह प्रशस्त की है।
उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक धरोहरों से ओत-प्रोत छत्तीसगढ़ के जिले महासमुन्द को एक प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है सिरपुर। महानदी के तट पर स्थित यह ग्राम पांचवी शताब्दी में शरभपुरिया राजा प्रवरदेव के व्दारा बसाया गया था। यह नगर पाँचवी से बारहवीं शताब्दी तक दक्षिण कोसल राज्य की राजधानी रहा और इसका नाम उस समय श्रीपुर था, जिसका अर्थ घन ऐश्वर्य और वैभवों का नगर होता है। श्रीपुर में अब तक हुए उत्खननों में 12 बौद्ध विहार, 14 शिव मंदिर, 05 विष्णु मंदिर, 03 जैन विहार एक बड़ा बाजार और अन्यान्य आवासीय रचनाएँ यहाँ मिली है। साथ ही अनके स्वर्ण, अष्टधातु, कांसा और पाषाण प्रतिमाएँ, बर्तन, औजार ताम्र लिपियों और शिलालेख मिले हैं जो उस काल की जीवन शैली, समृद्धि और धार्मिक सहिष्णुता को परिलक्षित करते हैं।
वर्तमान राजधानी से 78 कि.मी. की दूरी पर विमानाश्रय से 74 कि मी और महासमुंद रेलवे स्टेशन से 38 किमी की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 53 से 19 किमी की दूरी पर रायपुर-कसडोल मार्ग पर सिरपुर स्थित है। सघन आरक्षित वनों से आच्छादित महानदी के तट पर स्थित इस क्षेत्र के 34 ग्रामों को शामिल कर इस क्षेत्र को विश्व विरासत स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से 2015 में छ.ग. शासन ने सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया है।
महासमुंद में कार से 60 किलो गांजा जब्त
महासमुंद। महासमुंद जिले के बागबाहरा पुलिस ने कार से 9 लाख कीमत का 60.190 किलो ग्राम गांजा पकड़ा है। ओडिशा का तस्कर गांजा छत्तीसगढ़ में खपाने ला रहा था। पुलिस ने तस्कर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। जानकारी अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कार क्रं. CG – 04 NS 9971 पर ओडिशा से गांजा लेकर महासमुंद की ओर जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस की टीम द्वारा ग्राम कोमा जाने का तिराहा प्रियंका ऑटो के फार्म हाउस के पास नाकाबंदी कर वाहन को रोका। कार में ओडिशा नुआपड़ा निवासी खिरोद सुनानी (38) सवार था। पुलिस ने ओडिशा से आने का कारण पूछा तो गोलमोल जवाब देते हुए गुमराह करने की कोशिश करता रहा। शंका हुई तो पुलिस ने कार की तलाशी ली ।
तलाशी के दौरान पुलिस को कार की डिक्की से 3 प्लास्टिक बोरियों से 60. 190 किलो ग्राम गांजा मिला। पुलिस ने कार और गांजा को जब्त कर लिया। जब्त गांजे की कीमत 9 लाख 2 हजार 850 रुपए बताई जा रही है। वहीं दूसरे मामले में आबकारी वित्त सरायपाली की टीम ने दो लोगों से साढ़े 6 किलोग्राम गांजा जब्त कर नारकोटिक एक्ट 20 (बी) के तहत कार्रवाई की है। साथ ही परिवहन में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया गया है। जब्त गांजे व वाहन की कुल कीमत 1. 48 लाख बताया गया है। पकड़े गए आरोपी 2 बार पहले भी ओडिशा से गांजे का परिवहन कर चुके हैं।
किसानों की सहुलियत के लिए समितियों में माइक्रो एटीएम की व्यवस्था
जिले के 130 केंद्रों में 10 हजार तक की राशि निकासी की सुविधा महासमुंद । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की संवेदनशील पहल पर किसानों के लिए समितियों में ही राशि निकासी के लिए माइक्रो एटीएम की सुविधा दी गई है। जहां किसान खाते में पैसा आते ही 10 रुपए तक निकासी कर सकते है। इससे बेवजह भागदौड़ से छुटकार मिलेगी और किसानों को समिति में ही राशि मिलेगा। जिले में धान खरीदी समितियों में किसानों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के द्वारा सभी 130 समितियों में नई व्यवस्था की गई है। इसमें धान बेचने के तुरंत बाद लगभग दस हजार रुपए तक की राशि का भुगतान हो सकेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के द्वारा इस बार 14 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत कर दी गई है। नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि महासमुंद जिले के 130 धान खरीदी केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की जा रही है। वहीं इस बार किसानों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है, जिसमें माइक्रो एटीएम सभी धान खरीदी केन्द्रों में लगाया गया है। इसके माध्यम से किसानों को सुविधा मिलेगी। धान बेचने के बाद 10 हजार रुपए तक की नगद राशि किसान माइक्रो एटीएम के माध्यम से निकाल सकते हैं। इसके साथ ही 10 हजार रुपए तक जमा करने की भी सुविधा माइक्रो एटीएम के माध्यम से दी गई है
जिले के महासमुंद विकासखंड अंतर्गत कृषि एवं साख सहकारी समिति झालखम्हरिया में माइक्रो एटीएम की सहायता से किसान नगद राशि का आहरण कर रहे हैं। समिति में आए किसान संतूराम साहू, ग्राम मोंगरा ने बताया कि इससे पहले अगर तत्काल पैसे की जरूरत होती थी तो सहकारी बैंक की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता था, अब माइक्रो एटीएम की सुविधा हो जाने से मंडी से ही तत्काल पैसे निकालने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने माइक्रो एटीएम की सहायता से 5 हजार रुपयों का आहरण भी किया एवं इस तत्काल मिल रही सुविधा के लिए शासन का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि कुल 2 एकड़ में उन्होंने फसल ली है, अब विष्णु देव साय सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की राशि मिलने से उन्हें आत्मविश्वास मिला है, धान खरीदी से मिलने वाली राशि का खेती किसानी के कार्यों में उपयोग करेंगे, साथ ही मकान निर्माण कार्य में राशि का उपयोग करेंगे।
इसी क्रम में ग्राम मोंगरा के किसान दीनदयाल साहू ने बताया कि उन्होंने 1 एकड़ में फसल ली है, एवं धान खरीदी से मिलने वाली राशि का उपयोग बिटिया की शादी में करने वाले हैं, इसके साथ ही कुछ पैसे आवास निर्माण के काम में लगायेंगे, उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें 40 हजार रुपये की पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है, उक्त राशि से अब उन्हें आवास के कार्यों को पूरा करने में सहुलियत होगी। उक्त योजना से मिल रहे लाभ एवं उपार्जन केंद्रों में स्थापित माइक्रो एटीएम की सुविधा को लेकर उन्होंने विष्णु देव साय सरकार के कार्यों की सराहना की एवं धन्यवाद ज्ञापित किया
ग्राम सिंघनपुर में 24 क्विंटल अवैध धान जब्त
महासमुंद। तहसील महासमुंद अंतर्गत ग्राम सिंघनपुर में राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 24 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। यह कार्यवाही लघु फुटकर व्यापारी रेखराम साहू के खिलाफ की गई, जो बिना वैध दस्तावेज के धान का भंडारण कर रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभागीय टीम ने सूचना के आधार पर मौके पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि धान का संग्रहण नियमानुसार नहीं था, जिसके चलते धान जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
इस कदम का उद्देश्य अवैध धान व्यापार पर लगाम लगाना और मंडी नियमों को सख्ती से लागू करना है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान केवल अधिकृत केंद्रों पर ही बेचें और किसी भी अवैध गतिविधि से दूर रहें।
कोमाखान के बोइरगांव में 300 कट्टा धान जब्त
महासमुंद। बागबाहरा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उमेश कुमार साहू के नेतृत्व में अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ग्राम बोइरगांव, तहसील कोमाखान निवासी टियन साहू के घर से बिना दस्तावेजों के लगभग 300 कट्टा धान जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टियन साहू द्वारा बड़ी मात्रा में धान का अवैध भंडारण किया गया था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने जांच की, जिसमें धान भंडारण के वैध दस्तावेज न मिलने पर इसे जब्त कर लिया गया।
इसके अतिरिक्त, कोमाखान शराब दुकान के पास स्थित एक गोदाम की भी जांच की गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में धान पाया गया, लेकिन मालिक की अनुपस्थिति के कारण गोदाम को सील कर दिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी ने बताया कि अवैध धान भंडारण और अन्य अनियमित गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ग्राम अंकोरी में 879 कट्टा धान जब्त
महासमुंद। बसना अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे के निर्देशन में देर रात बसना के ग्राम अंकोरी मे विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार घर मे क्रमशः 479 और 400 कट्टा धान के अवैध भंडारण पर सख्ती बरतते हुए कुल 879 कट्टा धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई किया गया।
अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अंकोरी विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार के घर में बिना पर्याप्त दस्तावेज के धान का भंडारण किया गया है। तत्पश्चात राजस्व की टीम ने छापामार कार्रवाई की और दस्तावेज मांगे, परंतु पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे।
इस मामले में प्रशासन द्वारा धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत करवाई कर जब्त किया गया। ज्ञात है कि कलेक्टर लंगेह ने निर्देश दिए हैं कि अवैध परिवहन और भण्डारण पर सख्ती जारी रहेगी,
और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई मे अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे, तहसीलदार ममता ठाकुर, फ़ूड इंस्पेक्टर, मंडी उपनिरीक्षक, पटवारी मौजूद थे।
उल्लेखित है कि प्रशासन द्वारा पहले दिन ही सरायपाली, पिथौरा मे बड़ी कारवाई की गई है। जिसमे ट्रक मे अवैध परिवहन करते और 1000 कट्टा धान का भण्डारण किया गया था। जिसे जप्त किया गया।
अपर कलेक्टर ने राजनीतिक दल की बैठक लेकर दी जानकारी
महासमुंद। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिकाओं के आगामी आम निर्वाचन के लिए फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। यह कार्यक्रम 1 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार साहू ने आज राजनीतिक दलों की बैठक लेकर संशोधित निर्वाचक नामावली कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार निर्वाचक नामावली में दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2024 को अपराह्न 3ः00 बजे तक है तथा दावा-आपत्तियों का निपटारा 24 नवंबर 2024 तक किया जाएगा।
प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 27 नवंबर 2024 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है तथा इन दावों का निराकरण 30 नवंबर 2024 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 11 दिसंबर 2024 को किया जाएगा। ज्ञात है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 1 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि के अनुसार फोटो युक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने का आदेश जारी किया गया है।
अब जो मतदाता 1 अक्टूबर 2024 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे, वे आगामी स्थानीय नगरीय निकाय निर्वाचन में मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। पूर्व में निर्वाचक नामावली हेतु 01 जनवरी 2024 की अर्हता तिथि निर्धारित की गई थी किन्तु राज्य शासन द्वारा नगरीय प्रशासन अधिनियम में संशोधन उपरांत 01 अक्टूबर 2024 की तिथि निर्धारित की गई है, जिसका प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया जा चुका है। यह प्रक्रिया चुनाव में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, ताकि सभी योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में जारी आदेश में संशोधन किया गया है जिसके तहत् अर्हता तिथि अनुसार मतदाता सूची में नाम शामिल करने, हटाने तथा अद्यतन करने का कार्य किया जा सकेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी मतदाता के नाम, फोटो या अन्य विवरण में कोई त्रुटि हो तो उसे समय रहते सुधरवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब नवीन अर्हता तिथि अनुसार हर योग्य व्यक्ति को मतदान का अधिकार मिल सकेगा तथा चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगा।
गैस सिलेंडर से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटा
महासमुंद। जिले में नेशनल हाईवे 53 पर दर्री पड़ाव के पास हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) गैस सिलेंडरों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। गनीमत रही कि इस दौरान न तो कोई विस्फोट हुआ और न ही कोई ट्रक की चपेट में आया।
हालांकि, ट्रक ड्राइवर को मामूली चोट आई है। बता दें कि हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पटेवा पुलिस ने एहतियातन फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी और मौके पर रेस्क्यू में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रक राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद से ओडिशा के संबलपुर जाने के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ।
देवउठनी एकादशी पर 12 नवम्बर को अवकाश घोषित
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा जिला महासमुंद के सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं के लिए देवउठनी एकादशी (तुलसी पूजा) के अवसर पर मंगलवार 12 नवम्बर 2024 को स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। उपरोक्त स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय और उपकोषालय पर लागू नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाः हर घर को मिलेगी सस्ती और हरित ऊर्जा
महासमुंद। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 से लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली प्रदान करना है। इस योजना के तहत, उपभोक्ता अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं, जो उनकी बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ ग्रिड में अतिरिक्त ऊर्जा भी सप्लाई करेगा। इसके अतिरिक्त ऊर्जा के बदले में उपभोक्ताओं को आय प्राप्त होगी, जिससे बिजली बिल शून्य होने का लाभ मिल सकता है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज समय-सीमा की बैठक में विद्युत विभाग और क्रेडा विभाग को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत लक्ष्य के अनुरूप पूर्ति सुनिश्चित करें।
कार्यपालन अभियंता विद्युत भुनेश्वर दीवान ने बताया कि इस योजना के तहत 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक की क्षमता के सोलर संयंत्रों के लिए सब्सिडी का प्रावधान है। जैसे कि 1 किलोवाट संयंत्र के लिए 30,000 रुपये, 2 किलोवाट संयंत्र के लिए 60,000 रुपये, और 3 किलोवाट संयंत्र के लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। हितग्राही को संयंत्र की कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत देना होगा, जबकि शेष राशि पर 7 प्रतिशत ब्याज दर से बैंक ऋण की सुविधा भी है। फरवरी 2024 में लागू हुई इस योजना के तहत महासमुंद जिले में 8000 संयंत्रों का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें कुल 18700 उपभोक्ताओं द्वारा पंजीयन कराया गया है एवं 04 उपभोक्ताओं द्वारा अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कर योजना का लाभ प्राप्त किया जा रहा है।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता को pmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद, वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चयन कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। योजना के अंतर्गत स्थापित संयंत्रों के सत्यापन के बाद, सब्सिडी की राशि उपभोक्ता के खाते में सीधे ऑनलाइन भेजी जाएगी।
दयाल दास बघेल ने जिला स्तरीय राज्योत्सव का दीप प्रज्वलन कर किया शुभारंभ
शासन की जनहित योजनाओं को जन जन तक पहुंचा कर विकास करेंगे : बघेल
महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य के 24 वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित एक दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व खाद्य मंत्री एवं प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल के कर कमलों से हुआ। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस अवसर पर विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना संपत अग्रवाल, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद राशि महिलांग, जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू, सरायपाली जनपद पंचायत अध्यक्ष कुमारी भास्कर, बागबाहरा स्मृति हितेश चंद्राकर, गणमान्य अतिथि, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दयालदास बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया विष्णु देव साय के सुशासन में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जनहित योजनाओं के कारण सभी वर्गों में उत्साह दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार ‘‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’’ की परिकल्पना को साकार करने में लगी है। विगत दस माह में शुरू की गई महत्वपूर्ण योजनाओं से समाज के हर वर्ग को सभी क्षेत्रों में और वर्गों में शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सफल हुए है और आगे भी सफल होंगे। उन्होंने शासन की जनहित योजनाओं को जन जन तक पहुंचा कर जिले व राज्य को उन्नति की राह पर ले जाने की बात कही। जिले वासियों को राज्योत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने महासमुंद की पावन धरती को प्रणाम करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई को जाता है। उन्हें शत शत नमन। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि मोदी जी गारंटी को हमारी सरकार पूरा कर रही है। आने वाले समय मे अन्य और योजनाओं को पूरा करेंगे। इसी माह के 14 तारीख को धान खरीदी की शुरुआत की जाएगी। हमने सड़क, आवास, स्कुल, पंचायत और अन्य
अधोसरंचना का विकास कर रही है। उन्होंने राज्योत्सव के शानदार और भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिला बहुत समृद्ध जिला है, यहाँ टीना, कोयला, पत्थर, जैसे खनीज का भरमार है। हम विकास की कमी नहीं होने देंगे। उन्होंने सभी से शासन की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने संबोधित करते हुए सरकार द्वारा प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और सभी को इस प्रगति में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं, और छोटे उद्योगों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की समृद्धि तभी संभव है जब सभी वर्ग मिलकर इसमें योगदान दें। उन्होंने सभी को राज्योत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ राज्य भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई की देन है। इन्होने राज्य के करोड़ों जनता को ये अनुपम उपहार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य मे पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह के नेतृत्व मे शानदार विकास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन मे राज्य नित नए विकास कर रहा है। समर्थन मूल्य मे 21 क्विंटल धान खरीदी हो या महतारी वंदन की राशि 1 हजार रूपये प्रति माह महिलाओ के खाते मे आ रहा हैं। ये बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में निरंतर विकास की पथ पर अग्रसर हो रहा है। डबल इंजन की सरकार सारे वादों को पूर्ण कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग के लिए कार्य कर रही है। प्राथमिकता से किसान, महिलाएं हर जरूरतमंद परिवार को लाभान्वित किया जा रहा है। युवाओं को शिक्षा के साथ रोज़गार के अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सभी लोगों को राज्योत्सव की बधाई दी।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राज्योत्सव के अवसर पर कहा कि महासमुंद जिले ने विभिन्न निर्माण कार्यों एवं विकास के कई आयाम तय किए है और विकास की उंचाईयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि जिले में 1.23 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। वन विभाग द्वारा 9745 लोगों को गजयात्रा के माध्यम से जागरूक किया गया। वहीं 3.26 लाख हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह लाभान्वित किया जा रहा है। 98,406 हितग्राही पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। महात्मा गांधी नरेगा के तहत 38.61 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। पीएम-जनमन के तहत 3271 परिवारों को लाभ मिला है तथा कक्षा 10वीं और 12वीं में महासमुंद जिले का परीक्षा परिणाम राज्य में शीर्ष स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि हमारी अपेक्षा है कि हम ज़िले में शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को निश्चित समय पर पहुँचाए और सतत् विकास के काम करते रहें और ज़िले को और समृद्ध बनाएं।
जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में राज्योत्सव के इस अवसर पर जिले और राज्य की तरक्की की सराहना की और सभी लोगों को राज्योत्सव की बधाई दी। राज्योत्सव में 21 विभागों द्वारा जनहितकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए, जहां नागरिकों को शासकीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इनमें कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, जनसंपर्क, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी, वन, मत्स्य पालन, पशु चिकित्सा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, श्रम, खाद्य और समाज कल्याण, परिवहन, आयुष, आदिम जाति कल्याण, विधिक सेवा, पुलिस, यातायात विभाग एवं महिला स्व सहायता समूह के स्टॉल शामिल थे। इन स्टॉलों में नागरिकों को विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने आकर्षक रंगोली बनाकर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महतारी लोक कला मंच खरोरा के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुति दी। इसके अलावा, स्थानीय स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी राज्योत्सव के अवसर पर अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास छात्रावास के छात्रों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि फॉर्चून नेत्रहीन फाउंडेशन के बच्चों ने अपनी गायन प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इसी क्रम में, कु. आस्था पटनायक ने अपने कत्थक नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया। राज्योत्सव मे अन्य जनप्रतिनिधि, नागरिक गण, आम जनता बड़ी संख्या मे मौजूद थे।। साथ ही सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का दौरा कार्यक्रम 5 को
महासमुन्द। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री व प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल 5 नवम्बर को जिले के दौरे पर रहेंगे। खाद्य मंत्री बघेल दोपहर 02ः00 बजे रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 03ः00 बजे महासमुंद विश्राम गृह पहुंचेंगे। तत्पश्चात खाद्य मंत्री बघेल शाम 04ः30 बजे राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे तथा वे रात्रि 9ः00 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
महिला सशक्तिकरण की मिसालः शेर ग्राम की सुआ महिला समूह ने तारजाली निर्माण को आजीविका का साधन बनाया
महासमुंद : महासमुंद विकासखंड के ग्रामीण अंचल की महिलाएं स्वसहायता समूह से जुड़कर सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान की मिसाल कायम कर रही है। बिहान योजना से जुड़ी महिलायें विभिन्न आजीविका को अपने रोजगार का साधन बना रही है। ग्राम पंचायत शेर की सुआ महिला स्वसहायता समूह की महिलायें तार जाली का निर्माण कर खेत-खलिहानों व बागड़ काम में आने वाली विभिन्न प्रकार की लोहे के तार की जाली का निर्माण कर रही। बिहान योजना से जुड़ी महिलायें विभिन्न आजीविका को अपने रोजगार का साधन बना रही है।
स्व सहायता समूह की महिलाओं के जज्बे के आगे अब लोहा भी नतमस्तक होता प्रतीत होता है। जब महिलाएं अपने कोमल हाथों से अपनी और परिवार की अच्छी परवरिश आजीविका के रूप में फेंसिंग तार जाली का निर्माण कर रही है। इस समूह के द्वारा अब तक 3000 बंडल तार जाली का निर्माण कर लिया गया है, जिसको सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में विक्रय कर लगभग 6 लाख का आय प्राप्त कर चुकी है।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या नायक बताती है कि समूह में जुड़ने से पहले किसी दूसरे के यहां तार जाली बनाने का कार्य करने जाती थी। तक़रीबन तीन साल पहले बिहान अंतर्गत समूह से जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया और समूह से जुड़ कर महिलाएं कैसे आत्मनिर्भर बन सकती है कैसे खुद का स्वयं व्यवसाय कर सकती है सबकी जानकारी मिली। हम सब 11 महिलाएं मिलकर, सुआ महिला स्व सहायता समूह का गठन किया। गठन उपरांत समूह को आरएफ की राशि 15000 रुपये अनुदान के रूप में प्रदाय किया गया साथ ही 2 लाख का ऋण भी समूह को प्रदाय किया गया। अन्य के यहां से तारजाली कार्य सीखने के बाद स्वयं का तार जाली बनाने का काम शुरू किया। प्राप्त ऋण से मशीन और संबंधित सामग्री खरीदी और उत्पादन करना शुरू किया। बिहान योजना से मिले सहयोग की वजह से आज हम सब बहने आत्मनिर्भर बने है।
मालूम हो कि स्व सहायता समूह की महिलाएं अक्सर सामुदायिक आर्थिक विकास के लिए साथ मिलकर काम करती हैं। समूह के माध्यम से महिलाएं संयुक्त रूप से धन जुटा सकती हैं, लोन ले सकती हैं, और व्यापारिक क्रियाओं में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा, इन समूहों में महिलाएं आपस में ज्ञान और अनुभव साझा कर सकती हैं, जिससे उनका विकास होता है और उन्हें सामाजिक समरसता की दिशा में भी मदद मिलती है।
ये महिलाएं विभिन्न काम करके अपने परिवारों को पालने और अपने जीवनस्तर में सुधार करने का संघर्ष कर अपनी क़िस्मत बदल रही है और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस तरह के महिला समूहों की साहस, संघर्ष, और सफलता को प्रकट करती हैं, और अन्य महिलाओं को समृद्धि की ओर बढ़ने में मदद करती हैं। इन समूहों में महिलाएं साथियों के साथ आर्थिक संगठन और विकास के लिए आगे आ रही है।
अवैध उत्खनन करते दो चैन माउंटेन मशीन जप्त
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा आज सिरपुर क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन परिवहन की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए ग्राम खड़सा में रेत के अवैध उत्खनन में लिप्त चैन माउंटेन मशीन टाटा हिताची को नदी क्षेत्र से जप्त किया गया। वहीं सिरपुर क्षेत्र में खनिज विभाग की टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए ग्राम केडियाडीही के नदी क्षेत्र से एक चैन माउंटेन लोडर मशीन को जप्त किया गया। अवैध उत्खनन कर्ताओं द्वारा मशीन को नदी क्षेत्र में उत्खनन के पश्चात उत्खनन क्षेत्र से दूर छुपाया गया था जिसमें जांच दल द्वारा चैन मुंडे के निशान को देख कर मशीनों का पता लगाया गया। सभी मशीनों को जप्त कर थाना तुमगांव की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया।
ज्ञात हो कि रेत के अवैध उत्खनन तथा परिवहन की शिकायत पर खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग के दल ने 23 से 25 अक्टूबर तक रात्रि गश्त करते हुए सिरपुर क्षेत्र से 09 हाईवा वाहनों के विरुद्ध अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया था।
'हर घर जल' का सफल मॉडल बना हरदा ग्राम
महासमुंद : महासमुंद जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित हरदा गांव में पीने के पानी की समस्या लंबे समय से ग्रामीणों के लिए चुनौती बनी हुई थी। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत किए गए विशेष प्रयासों से आज हरदा गांव को “हर घर जल“ गांव के रूप में घोषित कर दिया गया है। यह सफलता न केवल गांव के विकास की निशानी है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में एक नया अध्याय भी है।
पहले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ता था। महिलाओं को रोज़ाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनका समय और ऊर्जा नष्ट होती थी। जल स्रोत सीमित होने और सुविधाएं न होने के कारण कई बार ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कार्यपालन अभियंता श्री देव प्रकाश वर्मा के मार्गदर्शन में हरदा में घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए नल कनेक्शन बिछाने का कार्य तेजी से पूरा किया गया। वनांचल क्षेत्र होने के कारण पाइप लाइन बिछाने में चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन अधिकारियों और पंचायत के समर्पण ने इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
गांव में सभी घरों तक नल कनेक्शन पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत हरदा में “हर घर जल उत्सव“ मनाया गया। इस कार्यक्रम में सरपंच मोंगरा बाई जगत और सचिव अमर सिंह सिदार ने इस उपलब्धि की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा की। अब गांव के हर घर में पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इस योजना से पानी की कमी की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
योजना के संचालन के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है, जिसे अब पानी की आपूर्ति की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ठेकेदार से संचालन की जिम्मेदारी पंचायत को सौंपते हुए गांव के पंप ऑपरेटर का चयन भी किया गया है। पंप ऑपरेटर के मानदेय और रखरखाव के लिए प्रति घर 40 रुपये का मासिक शुल्क तय किया गया है।
इस अवसर पर सरपंच, सचिव, मितानिन दीदियों, जिला समन्वयक, और ग्रामीणों ने उत्सव के रूप में जल की इस उपलब्धि का जश्न मनाया। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि गांव में पानी की आपूर्ति निरंतर बनी रहे और भविष्य में किसी को जल संकट का सामना न करना पड़े। हरदा गांव अब “हर घर जल“ का सफल मॉडल बन गया है, जहां हर घर में पीने का साफ पानी उपलब्ध है। इस परियोजना ने गांव के जीवन को खुशहाल बना दिया है। महिलाओं को अब पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, और उनके समय की बचत से वे अन्य गतिविधियों में अधिक योगदान दे रही हैं।