छत्तीसगढ़ / रायपुर
बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान
मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई
शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर , 1 मई 2026


छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया।
ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
कृषि मंत्री ने राज्य के 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8.2 करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण
बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु एकजुट होकर काम करने की जरूरत: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम
रायपुर, 01 मई 2026

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 3556 बीज उत्पादक किसानों को वित्तीय वर्ष 2024-25 का 8 करोड़ 01 लाख 97 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित किया। यह राशि मंडी निधि के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किया गया। इस मौके पर प्रदेश के सैकड़ों किसान प्रक्रिया केंद्रों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मंत्री श्री नेताम ने बीज उत्पादक किसानों से चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए उनका हौसला बढ़ाया साथ ही निगम के एक वर्ष के उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।
कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने अथक मेहनत एवं परिश्रम से बीज उत्पादन किया है। उनके इस मेहनत का फल उन्हें मिले इस उद्देश्य से प्रोत्साहन की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित किया गया। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन-तिलहन एवं मिलेट्स और सब्जी-भाजी व अन्य आय मूलक फसलें लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरमी के दिनों में धान की खेती से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें पानी अधिक लगता है। हमें पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धान की जगह किसानों को दलहन-तिलहन की खेती करनी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। वहीं पानी की खपत भी कम होती है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि बीज की गुणवत्ता पर सरकार की साख जुड़ी होती है। उन्होंने बीज उत्पादक किसानों को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बीज उत्पादन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश किसानों के लगन और मेहनत से बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार की प्रतिबद्धता किसानों के लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ को कृषि उत्पादक राज्यों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री श्री नेताम के मार्गदर्शन में निगम द्वारा समय पर बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा रहा है। आगे भी प्रयास रहेगा कि समय पर किसानों के मेहनत का सम्मान हो। उन्होंनें कहा कि हमारी सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीद कर देश में किसानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर किसानों की ओर से कुछ मांगे भी रखी, जिसका मंत्री श्री नेताम ने गंभीरता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी।
मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर जिले के किसानों से चर्चा कर हालचाल जाना। किसानों ने वर्ष 2024-25 प्रोत्साहन राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री रामविचार नेताम और निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिजली बिलों में भारी गड़बड़ी को लेकर NSUI का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग
रायपुर । राजधानी के पुरेना जोन क्षेत्र में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी किए जा रहे बिजली बिलों में लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इस संबंध में NSUI के प्रदेश सचिव कुणाल राजू दुबे ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए इसे आम जनता के साथ सीधा अन्याय बताया है।
कुणाल दुबे ने बताया कि क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से कई गुना अधिक बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। जब जागरूक नागरिकों द्वारा स्वयं मीटर रीडिंग का मिलान किया गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एक मामले में जहां उपभोक्ता को ₹22,000 का बिल दिया गया था, वहीं सही जांच के बाद वही बिल घटकर लगभग ₹10,000 रह गया।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल अधिक जारी हो गए हैं और विभाग द्वारा उनमें सुधार करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद बड़े स्तर पर ऐसी त्रुटियों का सामने आना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उपभोक्ताओं से बिना वास्तविकता के बिल मिलाए अधिक राशि वसूली जा रही है, तो यह अतिरिक्त पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है? यह स्थिति सीधे तौर पर संकेत करती है कि विद्युत विभाग द्वारा बिजली बिल के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही और संदिग्ध वसूली न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रही है।
NSUI ने विद्युत विभाग से मांग की है कि पूरे क्षेत्र के बिजली बिलों की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए, मीटर रीडिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए तथा जिन उपभोक्ताओं को गलत बिल दिए गए हैं, उन्हें तुरंत संशोधित कर राहत प्रदान की जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
कुणाल दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो NSUI आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
छुट्टियों में धर्मस्थल जाना, दादी-नानी से बात करना यह हो बच्चों का होमवर्क: विजय चोपड़ा
बच्चों के बढ़ते एग्रेशन, डिप्रेशन को दूर करने हुई टीचर्स वर्कशॉप
रायपुर । गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को स्कूलों से 55 दिनों का होमवर्क दिया जाता है। बच्चों के इस होमवर्क में नवीनता लाने जैन संवेदना ट्रस्ट ने स्कूली टीचर्स के लिए आदिश्वर जैन उ मा शाला व वर्द्धमान स्कूल की टीचर्स के लिए संयुक्त वर्कशॉप आयोजित की। जिसका विषय रहा- ‘सहेजें अपने विरासत के संस्कारों को।’
प्रसिद्ध शिक्षाविद व मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने इस वर्कशॉप में शिक्षकों को मंत्र देते हुए कहा, छुट्टियों में बच्चे समय का सदुपयोग करें व अपनी विरासत के संस्कारों को सहेजें ताकि बच्चों में सहनशीलता, धैर्य, अनुशासन, संस्कार व करुणा जैसे गुणों का विकास हो सके। उन्होंने कहा, बच्चों के गर्मियों की छुट्टियों के होमवर्क में विशेष रूप से धर्मस्थलों में जाने और अपने दादा-दादी, नाना-नानी से बातचीत कर उनके अनुभव से सीखने का प्रोजेक्ट प्रमुख रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
चोपड़ा ने शिक्षकों से 6 प्रमुख बिंदुओं वाला प्रोजेक्ट देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को 55 दिनों के वेकेशन में प्रेक्टिकल कर प्रोजेक्ट लिखकर तैयार करने कहें। जिसमें सबसे पहले अपने दादा-दादी, नाना-नानी अथवा ऐसे वरिष्ठ परिजनों के साथ समय व्यतीत करने और उनके अनुभव व संस्कारों को समझकर उसी अनुसार प्रोजेक्ट बनाने की अनिवार्यता को शामिल किया जाए , इस कॉन्सेप्ट और अधिक स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया, प्रत्येक बच्चे को अपने माता-पिता, बड़े भाई-बहन व परिजनों के साथ अपने धार्मिक स्थल जाना, वहां के आत्मिक अनुभव को साझा करना यह उनके प्रोजेक्ट में शामिल हो। इसके अलावा मोहल्ले के वरिष्ठजनों से परिचय बढ़ाना और उनके अनुभव व्यवहार से सीखना, यह भी उस प्रोजेक्ट का प्रमुख हिस्सा होना चाहिए ।
चोपड़ा ने बच्चों को दिए जाने वाले होमवर्क प्रोजेक्ट में उक्त दो बिंदुओं के अलावा अन्य चार बिंदुओं के बारे में भी शिक्षकों को बताया। जिनमें पहला बिंदु- अपने आसपास के पर्यावरण से जुड़कर जीवन जीना सीखने और फिर उन अनुभवों को प्रोजेक्ट के माध्यम से साझा करने। दूसरा बिंदु- व्यवहार में दया-करुणा का विकास करने इन गुणों को अपने दैनिक आचरण में लाने। तीसरा बिंदु- प्राणियों के प्रति सहयोग की भावना से कार्य करते हुए उसे प्रोजेक्ट में साझा कर औरों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत करने। उन्होंने कहा प्रोजेक्ट में चौथा बिंदु- परिजनों के साथ प्रेमभाव बढ़ाने दिन में एक समय का भोजन सभी के साथ बैठकर करने व आपस में सार्थक चर्चा करते रहने का भी समावेश हो।
अन्य स्कूलों में होगी टीचर्स वर्कशॉप
वर्कशॉप की शुरुआत में जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर ने बताया, बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करना इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है। मोटिवेशनल स्पीकर विजय चोपड़ा ने इस अवसर पर कहा कि संस्कार विरासत में मिलते हैं, बाजार से खरीदे नहीं जा सकते। इसी मूल वाक्य को संजोते हुए अनेक स्कूलों में कार्यशाला आयोजित कर बच्चों को प्रोजेक्ट बनाने होमवर्क दिया जाएगा। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व वीरेन्द्र डागा ने बताया कि छुट्टियों के बाद पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों में से प्रथम, द्वितीय व तृतीय प्रोजेक्ट्स को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
न्याय को सरल बनाने सर्वाेच्च न्यायालय की पहल पर चलाया जा रहा समाधान समारोह 2026
रायपुर : न्याय को सरल बनाने सर्वाेच्च न्यायालय की पहल पर चलाया जा रहा समाधान समारोह 2026
श्रम मंत्री देवांगन ने दी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं
रायपुर । अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) पर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मंत्री देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।
‘बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार
रायपुर : विशेष लेख : ‘बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार
प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा 10 मई को
रायपुर।मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रयास बालक/ कन्या आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा की तिथि, परीक्षा समय एवं प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के अधिसूचित क्षेत्रों, आदिवासी उपयोजना क्षेत्रों एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं-जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट एवं एनडीए-की तैयारी कराई जाती है। इसी उद्देश्य से राज्य में प्रयास आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 01 मई 2026 से 10 मई 2026 तक डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्राक्चयन परीक्षा 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें ओएमआर शीट भरने का समय प्रातः 09ः30 बजे से 10ः00 बजे तक निर्धारित है तथा परीक्षा प्रातः 10ः00 बजे से दोपहर 01ः00 बजे तक आयोजित होगी।
विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में किसी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
अम्बिकापुर जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 5 मई को
रायपुर।अम्बिकापुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि 05 मई 2026 को जिला पंचायत सरगुजा की सामान्य सभा की बैठक दोपहर 11ः00 बजे जिला पंचायत सरगुजा के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। उन्होंने बैठक में सर्व सम्बन्धितों को निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होने का आग्रह किया है।
छत्तीसगढ़ में पंचायत विकास सूचकांक में धमतरी की मंदरौद ग्राम पंचायत प्रदेश में प्रथम
रायपुर।छत्तीसगढ़ में पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के अंतर्गत धमतरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। विशेष रूप से कुरूद विकासखंड की मंदरौद ग्राम पंचायत ने गरीबी मुक्त एवं आजीविका संवर्धन (Theme-1) में 94.4 अंक अर्जित कर प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि ग्राम स्तर पर प्रभावी योजना क्रियान्वयन, जनभागीदारी और सतत विकास प्रयासों का परिणाम है।
जिले की अन्य ग्राम पंचायतों ने भी विभिन्न थीम जैसे स्वस्थ पंचायत, जल संपन्न पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए A+ एवं A ग्रेड प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि धमतरी जिले में ग्रामीण विकास की दिशा में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है तथा शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री श्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मंदरौद ग्राम पंचायत की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है और अन्य पंचायतों को भी नवाचार कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने ग्राम पंचायत मंदरौद सहित जिले की सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि धमतरी जिला लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जो पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन ही इस सफलता का आधार है। आगे भी जिले में सतत विकास, आजीविका संवर्धन और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रयास जारी रहेंगे।धमतरी जिले की यह उपलब्धि ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ‘सदर साहू पेट्रोलियम’ का किया शुभारंभ
रायपुर, 1 मई 2026


लखनपुर में बिलासपुर नेशनल हाईवे- 130, राजपुरीकला स्थित ‘सदर साहू पेट्रोलियम’ का शुक्रवार को छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात मंत्री श्री अग्रवाल ने सबसे पहले अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाकर पेट्रोल पंप की सेवाओं का शुभारंभ किया।
मंत्री श्री अग्रवाल ने पेट्रोल पंप के संचालक श्री सुरेश साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे 130 पर इस तरह की सुविधाओं के शुरू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने क्षेत्र के विकास में निजी निवेश की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे प्रयासों को सराहनीय बताया। मंत्री श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पेट्रोल पंप जैसे प्रतिष्ठान न केवल सुविधा प्रदान करते हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री कमल भान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस नई सुविधा के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्य में लापरवाही बरतने पर पद से हटाया गया आवास मित्र
रायपुर।गौरेला पेंड्रा मरवाहीप्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर आवास मित्र को पद से पृथक कर दिया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गौरेला द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत लालपुर में कार्यरत आवास मित्र श्री हेतराम राठौर को आवास निर्माण कार्य में प्रगति नहीं लाने के कारण कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। साथ ही समीक्षा बैठक में भी बार बार निर्देश देने के बावजूद कार्य में अपेक्षित प्रगति परिलक्षित नहीं होने के कारण उन्हें आवास मित्र के पद से पृथक किया गया है
CGPSC मेंस का नया टाइम-टेबल: अब जून में होगी परीक्षा
रायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा (मेंस) परीक्षा की नई समय-सारिणी जारी कर दी है। पहले यह परीक्षा 16 से 19 मई तक होनी थी, लेकिन अभ्यार्थियों द्वारा तैयारी के लिए अधिक समय की मांग के बाद आयोग ने परीक्षा जून माह तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
मेंस परीक्षा अब 6 से 9 जून को
आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार राज्य सेवा (मेंस) परीक्षा की नई तिथियां 6, 7, 8 और 9 जून 2026 निर्धारित की गई हैं। यह परीक्षा पूर्व निर्धारित तिथियों 16-19 मई के स्थान पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रदेश के पांच जिलों- सरगुजा (अम्बिकापुर), बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर (जगदलपुर) और रायपुर के निर्धारित केंद्रों में होगी।
यह है नई समय-सारिणी-
6 जून 2026, शनिवार
9 AM – 12 PM : पेपर-I (Language)
2 PM – 5 PM : पेपर-II (Essay)
7 जून 2026, रविवार
9 AM – 12 PM : पेपर-III (General Studies-I)
2 PM – 5 PM : पेपर-IV (General Studies-II)
8 जून 2026, सोमवार
9 AM – 12 PM : पेपर-V (General Studies-III)
2 PM – 5 PM : पेपर-VI (General Studies-IV)
9 जून 2026, मंगलवार
9 AM – 12 PM : पेपर-VII (General Studies-V)
अभ्यार्थियों की मांग पर लिया गया फैसला
अभ्यार्थियों का कहना था कि उन्हें मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। उनकी इस मांग को ध्यान में रखते हुए CGPSC ने परीक्षा शेड्यूल में संशोधन किया।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि
रायपुर : मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि
गूगल बॉय’ रुद्र को, लोक भवन में मिला सम्मान
रायपुर।राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में जिला दुर्ग के 6 वर्षीय 'गूगल बॉय ' रुद्र शर्मा ने अपने पालकों के साथ मुलाकात की।अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से उसने हैरान कर दिया। राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात के दौरान रुद्र ने सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
कक्षा पहली के छात्र रुद्र को यूपीएससी और पीएससी स्तर के प्रश्नों के उत्तर भी याद हैं। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उससे छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य की विशेषताओं और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका रुद्र ने बिना झिझक तुरंत सही जवाब दिया।
रुद्र की तेज स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उसकी सराहना की। उन्होंने लोक भवन की ओर से रुद्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर रुद्र के माता श्रीमती पायल शर्मा के साथ उसके नाना श्री विनोद शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने उसकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।
फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना
रायपुर।जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74% लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया।
सम्मेलन में ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और Day-7 व Day-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया।इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (Asymptomatic) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं-राज्य का API वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया।
अंबिकापुर में मिली 1965 की हस्तलिखित पत्रिका उदगार की दुर्लभ पाण्डुलिपि
रायपुर।अंबिकापुर के गोधनपुर क्षेत्र में हस्तलिखित मासिक पत्रिका उदगार की दुर्लभ पाण्डुलिपि के चार अंक प्राप्त हुए हैं, जो पूर्व प्राचार्य श्री दिवाकर शर्मा के पास सुरक्षित पाए गए हैं। यह पत्रिका वर्ष 1965 में नगर के ख्यातिलब्ध साहित्यकार स्वर्गीय लक्षणधारी मिश्र द्वारा प्रारंभ की गई थी, जिसका पहला अंक मई 1965 में प्रकाशित हुआ था। राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत इन पाण्डुलिपियों का लोकेशन जियो-टैग करने का कार्य सर्वेयर अनूप बड़ा द्वारा किया गया। यह पाण्डुलिपियां अपने आप में विशिष्ट हैं, जिनमें प्रत्येक लेख को आकर्षक चित्रों के साथ सुसज्जित किया गया है। लगभग 50 पृष्ठों की इस पत्रिका के मई, जुलाई, अगस्त एवं अक्टूबर माह के अंक वर्तमान में सुरक्षित हैं। समय के प्रभाव से पाण्डुलिपियों की स्याही कई स्थानों पर धुंधली हो गई है तथा कागज भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। ऐसे में श्री दिवाकर शर्मा द्वारा इनके संरक्षण हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वे इनकी सामग्री को पुनः हस्तलिखित रूप में सुरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं, जो पूर्वजों की अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में सराहनीय पहल है।
पत्रिका का संपादन स्वर्गीय लक्षणधारी मिश्र एवं मो. यासीन द्वारा किया गया था, जबकि प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय अनिरुद्ध नीरव ने इसे सुंदर सुलेख में लिपिबद्ध किया था। उदगार में उस समय के समसामयिक विषयों पर आधारित लेख, गीत, कहानियां, कविताएं एवं कुंडलियां जैसी उच्चस्तरीय साहित्यिक सामग्री का समावेश किया गया है।इस पत्रिका में तत्कालीन प्रतिष्ठित साहित्यकारोंकृकेशव प्रसाद शर्मा, श्याम सुंदर बेचैन, शिवपूजन प्रसाद, मो. यासीन, देवनारायण सिंह, जनार्दन प्रसाद पाण्डेय एवं प्रो. ईश्वर दत्त द्विवेदीकृका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस पत्रिका की केवल एक ही प्रति हस्तलिखित रूप में तैयार की जाती थी, जिसे पाठकों द्वारा बारी-बारी से पढ़ा जाता था। इतना ही नहीं, पाठक एवं आलोचक पत्रिका के खाली स्थानों पर ही अपने विचार भी अंकित करते थे, जो इसे एक अनूठा और जीवंत साहित्यिक प्रयोग बनाता है। निश्चित रूप से भारत सरकार द्वारा संचालित पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित एवं प्रसारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, और उदगार जैसी पाण्डुलिपियों का संरक्षण इस दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।