छत्तीसगढ़ / खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
रायपुर : खैरागढ़–छुईखदान–गण्डई में डायलिसिस सेवा से मरीजों को मिली बड़ी राहत
1 जनवरी 2026
मनोहर गोशाला में पंच कल्याण पूजन और जीवदया गोष्ठी 14 को
खैरागढ़ । मनोहर गोशाला खैरागढ़ में पंच कल्याण पूजन और जीवदया गोष्ठी का आयोजन 14 दिसंबर को किया जायेगा। इस कार्यक्रम में पांच कल्याणक पूजन से लेकर कई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्रियाएं होंगी।
मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल होंगे। विशेष अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के रिसर्च ऑफ डायरेक्टर डॉ. विवेक त्रिपाठी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी ओमप्रकाश बरलोटा और मोहन चंद बैद मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में जीवदया रत्न अलंकरण अवॉर्ड से आईपीएस अधिकारी त्रिलोक बंसल को सम्मानित किया जाएगा। डॉ. जैन ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 9 बजे पंच कल्याणक पूजन से शुरू होगा। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे जीवदया गोष्ठी होगी।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत ग्राम पिपलाकछार में शिविर आयोजित
रायपुर, 11 दिसंबर 2025
खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के अंतर्गत पाण्डादाह वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम पिपलाकछार में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से ग्राम स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम सरपंच, पंचगण तथा स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों, आवेदन की प्रक्रिया, पात्रता तथा सोलर रूफटॉप प्रणाली की स्थापना से संबंधित तकनीकी जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। साथ ही सब्सिडी एवं वित्तीय सहायता संरचना के बारे में भी बताया गया, जिससे आमजन सही तरीके से योजना का लाभ उठा सकें।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और बिजली बचत एवं सौर ऊर्जा के उपयोग की दिशा में रुचि प्रकट की। कई ग्रामीणों ने मौके पर ही पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आयोजन के सफल संचालन के साथ कार्यक्रम सकारात्मक संदेश छोड़ते हुए संपन्न हुआ, जिससे गांव में नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
जालबांधा सहकारी समिति में नन्दलाल वर्मा ने 120 क्विंटल धान बेचा
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से प्रक्रिया हुई सुगम, मुख्यमंत्री का किसानों ने जताया आभार
खैरागढ़, 09 दिसम्बर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत खैरागढ़ जिले के जालबांधा सहकारी समिति में ग्राम बघमर्रा के किसान नन्दलाल वर्मा ने शुक्रवार को 120 क्विंटल धान का उपार्जन कराया। पूरी प्रक्रिया के दौरान पंजीयन, तौल तथा रिकॉर्ड प्रविष्टि व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
धान तौल के बाद नन्दलाल वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से प्रतीक्षा समय कम हुआ है, जिससे किसानों को बिना भीड़भाड़ के अपनी उपज जमा करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष तौल एवं भंडारण कार्य तेज गति से हो रहे हैं तथा किसान निर्धारित समय पर टोकन के अनुसार पहुंचकर अपना धान आसानी से विक्रय कर पा रहे हैं।
फसल कटाई के सीजन में समिति में लगातार धान की आवक बनी हुई है। पारदर्शी तोल-माप एवं भुगतान व्यवस्था को लेकर किसानों में संतोष और भरोसा देखा जा रहा है।
इसी क्रम में नन्दलाल वर्मा ने उपार्जन प्रणाली को अधिक सरल व पारदर्शी बनाने हेतु राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी व्यक्त किया।
रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर
छुईखदान में हर माह 07 तारीख को रोजगार दिवस, आजीविका डबरी से आय बढ़ाने की पहल
ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त कर रहा रोजगार दिवस — जियोफेंसिंग व e-KYC पर जोर
खैरागढ़ ,09 दिसम्बर 2025

खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड की सभी 107 ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 07 तारीख को मनरेगा आधारित रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। वनांचल से मैदानी पंचायतों तक आयोजित हो रहे इन शिविरों में मनरेगा से जुड़े दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं और अधिकारों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों तथा जॉब कार्डधारियों को दी जा रही है। रोजगार सहायक मौके पर ही मनरेगा में संधारित सात रजिस्टर व वर्क/केस फाइल प्रस्तुत करते हैं, साथ ही जॉब कार्ड प्रविष्टियों को अद्यतन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक श्रमिक तक तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जानकारी पहुंचे। ग्रामीणों को नए परिवारों का पंजीयन, जॉब कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने, अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मातृत्व भत्ता, क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न लाभों के बारे में भी स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है।
इस वर्ष रोजगार दिवस की विशेष पहल के रूप में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली को जोड़ा गया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर मनरेगा योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी—जैसे पिछले वर्षों के श्रमिक बजट, स्वीकृत कार्य, लागत, व्यय और प्रगति—एक ही स्थान पर देख सकता है। यह व्यवस्था न केवल जानकारी को सुलभ बना रही है, बल्कि योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी दृढ़ कर रही है।
रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को केवल जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें आजीविका उन्नयन की दिशा में भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत राज मिस्त्री सहित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण आत्मनिर्भर बनें और मनरेगा श्रमिक से कुशल श्रमिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसान मछली पालन और पूरक कृषि गतिविधियों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रमिक बजट का निर्माण युक्तधारा के माध्यम से किया जा चुका है। परिसंपत्तियों के जियो टैगिंग कार्य को अब जियोफेंसिंग तकनीक के जरिए लागू किया जाएगा, साथ ही e-KYC के महत्व की विस्तृत जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई है। नियमित रूप से आयोजित हो रहा यह रोजगार दिवस ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ने और सतत आर्थिक मजबूती की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।
राज्यपाल श्री रमेन डेका खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में हुए शामिल
खैरागढ़, 22 नवम्बर 2025

कला और संस्कृति की प्रतिष्ठित धरती खैरागढ़ शुक्रवार की रात को रंग–रस–संगीत की रंगीन छटा से निखर उठी। बहुप्रतीक्षित खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान है, बल्कि यह भारत की विविध कला-पद्धतियों का जीवंत केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि यहां की संस्कृति रामायण काल से भी प्राचीन है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में कला के प्रति प्रेम और संरक्षण की प्रेरणा जगाते हैं तथा कलाकारों को अपने हुनर के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
समारोह में विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खैरागढ़ भारत की कला-राजधानी के रूप में उभर रहा है और यह महोत्सव आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेगा।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि खैरागढ़ महोत्सव विद्यार्थियों की साधना, सृजनशीलता और कला-अनुसंधान का सशक्त मंच है तथा विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय कला केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
समारोह में नृत्य संकाय के विद्यार्थियों ने कथक, भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की सधी हुई प्रस्तुतिया दी। कोलकाता से आए मशहूर सरोदवादक उस्ताद सिराज अली खान और लंदन के तबला वादक पंडित संजू सहाय की जुगलबंदी ने संगीतमय वातावरण रचा। पंडित संजू सहाय के द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी गई। पुणे की प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी शमा भाटे एवं उनके समूह ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी ।
राजनांदगांव की लोकगायिका श्रीमती कविता वासनिक एवं उनके दल ने लोकसंगीत अनुराग धारा की प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पारदर्शी धान खरीदी का संकल्प, किसानों में उत्साह
खैरागढ़ 20 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को सशक्त बनाने और धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई नई व्यवस्था को किसानों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। खैरागढ़ जिले के ग्राम सलोनी निवासी कृषक श्री पुरुषोत्तम साहू इसका जीवंत उदाहरण बने। उन्होंने सलोनी धान उपार्जन केंद्र में शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य (MSP) पर 80 क्विंटल धान विक्रय किया।
उपार्जन केंद्र में खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और सुचारू थी। किसानों के लिए ऑनलाइन टोकन सुविधा, समय पर तुलाई, गुणवत्ता परीक्षण और पारदर्शी लेखा-जोखा व्यवस्था ने खरीदी को आसान और भरोसेमंद बनाया। श्री साहू ने बताया कि यह व्यवस्था किसानों को निश्चिंत होकर धान बेचने का अवसर देती है और अब किसान बेझिझक अपने उत्पाद का सही मूल्य प्राप्त कर रहे हैं।
श्री साहू ने आगे कहा, "इस तरह की व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन की इस पहल से हमें यह भरोसा मिला कि हमारी मेहनत का सही मूल्य हमें समय पर मिलेगा।" उन्होंने शासन-प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के साथ किसानों का मनोबल भी बढ़ा रही हैं।
धान खरीदी केंद्रों में कर्मचारियों द्वारा समय पर सेवा, गुणवत्ता मापन यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को लंबी प्रतीक्षा और किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा।
शासन का लक्ष्य है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से सभी किसानों तक समर्थन मूल्य की राशि सही समय पर पहुंचे और क्षेत्र में कृषि कार्य और अधिक सशक्त बने। ग्रामीण स्तर पर इस पहल ने किसानों में उत्साह और विश्वास बढ़ाया है, जिससे आगामी फसलों की योजना और बेहतर तरीके से संचालित हो सकेगी।
तूहर टोकन ऐप से मिली सुविधा, किसान मनोज ने 88 क्विंटल धान बेचा
समर्थन मूल्य पर धान बिक्री, ट्रैक्टर की किस्त और बच्चों की शिक्षा में करेंगे निवेश
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 20 नवम्बर 2025
कृषक मनोज जंघेल ने इस वर्ष अपने खेत से उगाए 88 क्विंटल धान को शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर बेचकर किसानों के लिए सफलता और आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम खपरी सिदार के किसान मनोज जंघेल ने बताया कि इस बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे कृषि कार्यों के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर की किस्त चुकाने में करेंगे। साथ ही बच्चों की बेहतर शिक्षा पर भी यह धनराशि खर्च की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया पहले की अपेक्षा और अधिक सहज और सरल रही। खासकर ‘तूहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त होने से उपार्जन केंद्र में अनावश्यक भीड़ और प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़ा। मनोज ने बताया, “एप में दिए गए समय पर ही हम सीधे केंद्र पहुँच गए और धान तौल की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो गई। यह व्यवस्था किसानों के लिए बहुत सहायक साबित हुई है।”
उन्होंने शासन और स्थानीय प्रशासन की पारदर्शी धान खरीदी प्रणाली की सराहना करते हुए कहा, “सभी प्रक्रियाएं सहज रूप से संचालित हुईं। भुगतान भी समय पर मिला। ऐसी व्यवस्था से किसानों को भरोसा और सुरक्षा दोनों मिलते हैं।” स्थानीय किसानों का मानना है कि समर्थन मूल्य पर धान बिक्री, डिजिटल टोकन व्यवस्था और सुगम उपार्जन प्रणाली ने कृषि कार्य में सकारात्मक ऊर्जा भरी है। यह व्यवस्था न केवल किसानों का समय बचाती है, बल्कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से खेत और परिवार के कार्यों का संचालन करने का अवसर भी देती है।
खैरागढ़ जिले में 4 समिति प्रबंधक निलंबित
50 प्रबंधकों पर एफआईआर की प्रक्रिया शुरू
धान खरीदी बाधित करने वालों पर प्रशासन सख्त
खैरागढ़, 16 नवम्बर 2025
राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य से इंकार करने पर रोक लगा दी है। छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ईएसएमए) की धारा 4(1) एवं 4(2) के तहत जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हैं।
जिला प्रशासन खैरागढ़ ने जानकारी दी कि जिले के धान उपार्जन केंद्रों में पदस्थ 50 समिति प्रबंधक 15 नवंबर को ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। इसे सरकारी आदेश का उल्लंघन एवं खरीदी प्रक्रिया में बाधा मानते हुए पुलिस अधीक्षक को उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र भेजा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी से कार्य से जुड़े 51 नए केंद्र प्रभारियों और 51 ऑपरेटरों को धान खरीदी की प्रक्रिया, पोर्टल संचालन, माप-तौल, पारदर्शिता और किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशिक्षण के बाद भी कोई केंद्र प्रभारी या ऑपरेटर कार्य पर उपस्थित नहीं होता, तो उसके विरुद्ध भी एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
4 समिति प्रबंधक निलंबित
धान खरीदी कार्य में लापरवाही एवं ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर इटार, डोकराभाठा, गढ़ाडीह और हनईबंद के 4 समिति प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि धान खरीदी कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की बाधा, लापरवाही या असहयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खैरागढ़ में इनामी महिला नक्सली कमला सोड़ी ने किया आत्मसमर्पण
खैरागढ़ । छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश सीमावर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय 17 लाख रुपये की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली कमला सोड़ी उर्फ उंगी उर्फ तरूणा (आयु 30 वर्ष) ने गुरुवार को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
जानकारी के अनुसार, कमला सोड़ी वर्ष 2011 से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) संगठन से जुड़ी हुई थी। वह माड़ डिवीजन और एमएमसी (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन में मिलिट्री हार्डकोर सदस्य के रूप में सक्रिय थी। इस दौरान उसने भर्ती, प्रचार और पुलिस बलों पर हमले की योजना जैसी हिंसक गतिविधियों में भाग लिया था।
माड़ डिवीजन में रही सक्रिय
कमला सोड़ी माओवादी नेता रामदर की टीम की प्रमुख सदस्य थी और एमएमसी जोन के अंतर्गत कार्यरत रही। उस पर तीनों राज्यों — छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश — की पुलिस ने संयुक्त रूप से ₹17 लाख का इनाम घोषित किया था। वह मूल रूप से ग्राम अरलमपल्ली, थाना दोरनापाल, जिला सुकमा की निवासी है।
शासन की नीति और सुरक्षा बलों के प्रयासों का परिणाम
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान, ग्रामीण इलाकों में चल रहे विकास कार्यों और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत संवाद कार्यक्रमों से प्रभावित होकर कमला सोड़ी ने हिंसा का मार्ग त्यागने का निर्णय लिया। उसने मुख्यधारा में लौटकर समाज के साथ जीवनयापन की इच्छा जताई है।
मिली प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास लाभ
राज्य सरकार की नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत कमला सोड़ी को ₹50,000 की तत्काल प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। साथ ही, शासन की पुनर्वास नीति-2025 के तहत अन्य सुविधाएं प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 : खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय के मुख्य आतिथ्य में तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन
लोकनृत्य, गीत और पारंपरिक वाद्य-यंत्रों की प्रस्तुति से उत्सव स्थल गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया‘ रंग में
रायपुर, 02 नवंबर 2025


छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला मुख्यालय खैरागढ़ के राजा फतेह सिंह खेल मैदान में तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज सर्वांगीण प्रगति की दिशा में तेजी से अग्रसर है। पिछले 25 वर्षों में आम जनजीवन में व्यापक परिवर्तन आया है, अब छत्तीसगढ़ की पहचान देश के विकसित राज्यों में की जाती है।
श्री पांडेय ने कहा कि यह वर्ष हम सबके लिए विशेष महत्व का है, क्योंकि हम छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती मना रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाकर प्रदेशवासियों का सपना साकार किया था। राज्य सरकार इस वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप हमें विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर मिलकर कार्य करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने ‘अंजोर विजन डॉक्युमेंट 2047‘ तैयार किया है, जो आने वाले वर्षों में विकास का मार्गदर्शक बनेगा।
मुख्य अतिथि ने राज्य के निर्माण में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीते वर्षों में आवास, कृषि, धान खरीदी, महतारी वंदन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सिंचाई तथा जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। श्री पांडेय ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर राजगीत के साथ कार्यक्रम का आरंभ किया।
कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की संस्कृति, विकास और गौरव का प्रतीक है। जिले के गठन के बाद से यहां के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि राज्योत्सव के अवसर पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी, फूड स्टॉल और सांस्कृतिक मंच की व्यवस्था की गई है, ताकि नागरिकों को शासन की योजनाओं की जानकारी के साथ मनोरंजन का भी अवसर मिल सके।
प्रथम दिवस में स्कूली छात्र-छात्राओं एवं लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुति दी। ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ और ‘हमर छत्तीसगढ़‘ जैसे लोकनृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र बने। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली।
जिला स्तरीय राज्योत्सव में प्रतिभाओं ने बिखेरा रंग’
नवीन शासकीय महाविद्यालय, जालबंधा द्वारा लोकनृत्य और हमर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की गई। वीरांगना अवंतीबाई शासकीय महाविद्यालय, छुईखदान द्वारा समूह नृत्य और कर्म नृत्य प्रस्तुत किए गए। रानी रश्मि सिंह शासकीय महाविद्यालय, खैरागढ़ द्वारा “बरसाती रिमिक्स” नृत्य और शासकीय पॉलिटेक्निक खैरागढ़ द्वारा पंथी, कर्मा, दरदरिया जैसे सामूहिक नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के विद्यार्थियों ने लोकनृत्य और भरतनाट्यम प्रस्तुति के माध्यम से राज्यगीत को साकार रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
विभागीय प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
राज्योत्सव समारोह स्थल पर शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, आदिवासी विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा, विद्युत वितरण, जल संसाधन, लोक निर्माण, जनसंपर्क तथा पुलिस विभाग सहित अनेक विभागों ने अपनी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई। इन स्टॉलों पर नागरिकों ने शासन की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।
आदि आरोग्य रथ' - जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की अभिनव स्वास्थ्य पहल
वनांचल तक पहुंचेगी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा - “आदि आरोग्य रथ” हुआ रवाना
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 29 अक्टूबर 2025
नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सशक्त बनाने एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “आदि आरोग्य रथ” वाहन सेवा का शुभारंभ विगत दिवस किया गया। इस अभिनव पहल का शुभारंभ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी (जिला शाखा) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका खम्मन ताम्रकार तथा उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह ने “आदि आरोग्य रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सभापति गण, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि पीएम जनमन क्षेत्र के वनवासी समुदायों एवं जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक विशेष पहल है। इस सेवा से जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि “आदि आरोग्य रथ” वाहन सेवा के तहत सप्ताह में तीन दिवस सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श एवं जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह सेवा शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, जिला अस्पताल राजनांदगांव तथा अन्य शासकीय अस्पतालों हेतु निर्धारित रूट पर नियमित रूप से संचालित होगी, जिससे रेफर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
यह पहल संपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की निरंतरता - की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के मरीजों को प्रारंभिक देखभाल से लेकर विशेषज्ञ परामर्श तक की सभी सुविधाएं एक श्रृंखला में सुनिश्चित होंगी।
“आदि आरोग्य रथ” सेवा जिले में “हर द्वार तक आरोग्य” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
भारती सिंह बनीं ‘ऊर्जा उत्पादक’: सोलर रूफटॉप से घर बना मिनी पावरहाउस
रायपुर, 11 अक्टूबर 2025

“सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना” के चालू होने के एक वर्ष के भीतर ही शानदार परिणाम सामने आए हैं। जहाँ परिवार की औसत मासिक खपत लगभग 1200 यूनिट है, वहीं सोलर पैनल 850 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन हर माह कर रहा है। यानी उनकी कुल खपत का करीब 70 प्रतिशत बिजली अब सूर्य से प्राप्त हो रही है। श्रीमती सिंह ने मुस्कराते हुए कहा कि “पहले हम सिर्फ बिजली जलाते थे, अब हम इसे बनाते भी हैं।”
प्रधानमंत्री “सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना” के तहत एक महिला उपभोक्ता ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। खैरागढ़ के गंजीपारा निवासी श्रीमती भारती सिंह ने अपने घर की छत पर 10 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर अपने घर को एक मिनी पावरहाउस में बदल दिया है। समाचार माध्यमों के जरिए योजना की जानकारी मिलते ही श्रीमती सिंह ने तुरंत पहल की। लगभग 6 लाख रूपए की लागत से स्थापित यह प्रणाली उनके घर को न सिर्फ बिजली उपभोक्ता बल्कि उत्पादक भी बना रही है।
सरकारी सब्सिडी से मिला लाभ खर्च कम हुआ
इस परियोजना की वास्तविक लागत को कम करने में केंद्र सरकार की 78 हजार रूपए और राज्य सरकार 30 हजार रूपए की सब्सिडी 3 किलोवॉट की सौर संयंत्र की स्थापना पर दे रही है, इससे निवेश का बोझ काफी हल्का हुआ।
8 साल में लागत वसूली, 17 साल तक मुफ्त बिजली
श्रीमती सिंह का अनुमान है कि 8 से 9 वर्षों में निवेश की पूरी लागत वसूल हो जाएगी, जिसके बाद अगले 17 वर्षों तक उन्हें मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे भी इस ऐतिहासिक योजना का लाभ उठाएँ और “ऊर्जा उत्पादक” बनने की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
गौण खनिज साधारण रेत खदानों का आवंटन ई-नीलामी प्रक्रिया से होगा
दुर्ग जिला पंचायत सभागार में 10 अक्टूबर को प्रशिक्षण आयोजित
खैरागढ़ 10 अक्टूबर 2025
दुर्ग संभाग में गौण खनिज साधारण रेत खदानों का आवंटन ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के तहत एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इस संबंध में समस्त कार्यवाही — जैसे कि निविदा में भाग लेने हेतु पंजीयन, बोली लगाने की प्रक्रिया, तकनीकी अहर्ता, बोलीकर्ताओं का चयन, लॉटरी प्रक्रिया एवं अधिमानी बोलीदार का चयन — सभी एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से संपादित की जाएगी।
इच्छुक बोलीकर्ताओं के लिए विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 अक्टूबर को शुक्रवार के दिन दुर्ग जिला पंचायत सभा कक्ष में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में सभी इच्छुक बोलीकर्ता शामिल होकर ई-नीलामी की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री-अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत दलहनी-तिलहनी फसलों का समर्थन मूल्य पर उपार्जन
कृषकों को पोर्टल पर पंजीयन एवं योजना से जुड़ने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
खैरागढ़, 10 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री-अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत गत वर्ष राज्य के 18 जिलों में 152 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए थे। इन केन्द्रों का उद्देश्य कृषकों को दलहनी एवं तिलहनी फसलों का विक्रय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित कराना है।
कृषि विभाग के उपसंचालक श्री राजकुमार सोलंकी ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य में उत्पादित अरहर, उड़द एवं मसूर फसलों का शत-प्रतिशत उपार्जन तथा मूंगफली, सोयाबीन, मूंग, चना और सरसों का 25 प्रतिशत उपार्जन किया जाता है। केन्द्र सरकार की प्रापण संस्थाएं — नाफेड एवं एन.सी.सी.एफ. इस कार्य को संचालित करती हैं।
गत वर्ष कुछ जिलों को छोड़कर अधिकांश जिलों में अधिसूचित फसलों की आवक नगण्य रही। इसका प्रमुख कारण योजना के प्रति कृषकों की अपर्याप्त जानकारी पाई गई है। कृषकों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि योजना अंतर्गत उपज विक्रय के इच्छुक कृषक को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक है, जिसमें समीपस्थ उपार्जन केन्द्र का चयन किया जा सकता है। यदि किसी जिले में उपार्जन केन्द्र सीमित हैं, तो कृषक अन्य जिले के उपार्जन केन्द्र में भी अपनी उपज का विक्रय कर सकते हैं।
प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत खरीफ में उत्पादित मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीदी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। इसके उपरांत खरीफ की अरहर एवं रबी की चना, मसूर एवं सरसों फसलों का उपार्जन किया जाएगा। प्रत्येक अधिसूचित फसल की उपार्जन अवधि 90 दिवस निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर जिले के कलेक्टर के प्रस्ताव पर इस अवधि में वृद्धि की जा सकती है।
यह योजना न केवल किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने में सहायक है, बल्कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर उपज के अधिक मूल्य प्राप्ति में भी सहायक है। इससे फसल विविधिकरण को बढ़ावा मिलेगा और राज्य एक फसलीय कृषि से बहुफसलीय कृषि की ओर अग्रसर होगा।
राज्य सरकार द्वारा सभी जिला उप संचालक कृषि से जिलेवार फसल रकबा, संभावित उत्पादन, उपार्जन एवं भंडारण केन्द्रों के निर्धारण संबंधी जानकारी शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के आधार पर उपार्जन केन्द्र निर्धारण का प्रस्ताव अनुमोदन उपरांत भारत सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही, कृषकों को योजना के लाभ से अवगत कराने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वच्छता ही सेवा-2025 : छिन्दारी बाँध में जिले का सबसे बड़ा स्वच्छता महाअभियान और दीपोत्सव
खैरागढ़, 27 सितम्बर 2025
“स्वच्छता ही सेवा-2025” अभियान के अंतर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में स्वच्छता, सामूहिकता और जनभागीदारी का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम छुईखदान विकासखंड स्थित छिन्दारी बाँध परिसर में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और स्वच्छता दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्री खम्मन ताम्रकार, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रेम कुमार पटेल, जिला पंचायत सभापति श्री ललित चोपड़ा, श्री बिशेसर साहू, श्री घम्मन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सुबह सफाई और पौधारोपण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे जिलेभर में एक साथ आयोजित सफाई अभियान से हुई, जो 9 बजे तक चला। नदियों, तालाबों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। नगरों में वार्डवार श्रमदान हुआ तो गाँवों में युवा, महिलाएँ और बच्चे तक सक्रिय रहे। कई स्थानों पर पौधारोपण भी किया गया, जिससे स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुँचा। छिन्दारी बाँध परिसर में उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर श्रमदान किया और स्वच्छता की शपथ लेकर इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
स्वच्छता रंगोली से सजी गलियाँ
शाम 4 से 6 बजे तक जिलेभर में स्वच्छता रंगोली प्रतियोगिता आयोजित हुई। लोगों ने अपने घरों, आँगनों और द्वारों को आकर्षक रंगोलियों से सजाया। हर रंगोली में स्वच्छता और सामाजिक संदेश उभरकर सामने आया। गाँव-गाँव और कस्बों की गलियाँ रंग और रोशनी से जगमगाती रहीं और पूरा माहौल उत्सव जैसा हो गया।
दीपोत्सव की जगमगाहट ने रचा नया इतिहास
शाम 6 बजे से स्वच्छता दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसने जिले में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 500, नगरीय निकायों में 5,000 और प्रत्येक घर में 20 दीपक प्रज्वलित किए गए। जिला स्तरीय आयोजन में छिन्दारी बाँध परिसर 5,000 दीपकों की अद्भुत जगमगाहट से आलोकित हो उठा। अनुमान के अनुसार जिले के लगभग 80,000 घरों में 4,00,000 दीपक, ग्राम पंचायतों में 1,10,500 दीपक, नगरीय निकायों में 10,000 दीपक और जिला स्तरीय आयोजन में 5,000 दीपकों सहित कुल 5,25,500 दीपक एक ही दिन में जलाए गए। स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टलों और दुकानों में भी दीपक जलाकर वातावरण को प्रकाशमय किया गया।
सामूहिक संकल्प और सामाजिक एकता का संदेश
आयोजन में उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता देंगे। दीपोत्सव और रंगोली ने जिले में एकता, सहयोग और सहभागिता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने साबित किया कि जब समाज एक साथ खड़ा हो, तो कोई भी बड़ा लक्ष्य सहज ही प्राप्त किया जा सकता है।
कलेक्टर ने किया मरकामटोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित स्वच्छाग्राही हेल्थ कैंप का निरीक्षण*
खैरागढ़, 27 सितम्बर 2025
जिला कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने विकासखंड खैरागढ़ के मरकामटोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, साफ–सफाई की व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।
कलेक्टर ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं ग्रामीणों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने दवाइयों की आपूर्ति, टीकाकरण अभियान तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की अद्यतन जानकारी भी ली। कलेक्टर ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की चार अनिवार्य जांच सुनिश्चित होनी चाहिए और सभी का संस्थागत प्रसव कराना प्राथमिकता में रखा जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मरीजों से सीधे संवाद कर केंद्र में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ–सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्र को आदर्श स्वरूप में विकसित किया जाए।
इस मौके पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरकामटोला में 85 स्वच्छता दीदी का हेल्थ कैंप के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत आज 40 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। वहीं तीन दिवसीय अभियान के दौरान अब तक 140 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया जा चुका है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का वय वंदना कार्ड और आयुष्मान कार्ड तैयार किया जाए। साथ ही, आयुष्मान योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को निःशुल्क उपचार का लाभ दिलाया जाए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार पटेल, जिला पंचायत सभापति भुनेश्वरी जीवन देवांगन सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सकीय स्टाफ उपस्थित रहे।