छत्तीसगढ़ / बस्तर
भर्ती पूर्व कौशल शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण हेतु 17 अक्टूबर तक होगा पंजीयन
जगदलपुर, 09 अक्टूबर 2025
भारतीय सैन्य अग्निवीर (थलसेना) 2025-26 भर्ती अधिसूचना जारी की गई थी। जिसका कम्प्यूटर परीक्षा का आयोजन सेना भर्ती कार्यालय द्वारा की गई है। कम्प्यूटर परीक्षा में बस्तर जिले के उत्तीर्ण अभ्यर्थी जो शारीरिक प्रशिक्षण के इच्छुक हो, वे अपनी उत्तीर्ण संबंधी दस्तावेज के साथ स्वयं कार्यालयीन समय में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र आड़ावाल जगदलपुर में 17 अक्टूबर 2025 तक उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। इन पंजीकृत अभ्यर्थियों को भर्ती पूर्व कौशल शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
बस्तर बदल रहा है — अब यहां विकास और विश्वास की बयार बह रही है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
नारायणपुर में 16 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में की वापसी
आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान से बस्तर में लौटी शांति की उम्मीद
8 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर बदल रहा है — अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में आशा का दीप जलाया है, जो कभी भटककर लाल आतंक के रास्ते पर चले गए थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज नारायणपुर जिले में 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था। उन्होंने अब शांति, शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की नई राह चुनी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों पर जन-जन का विश्वास बढ़ा है और सुरक्षा बलों की दृढ़ता ने विकास और विश्वास का माहौल स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 20 महीनों में कुल 1,837 माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह परिवर्तन इस बात का साक्षी है कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियां न केवल शांति ला रही हैं, बल्कि बस्तर को एक नए युग की ओर अग्रसर कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव तक विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की रोशनी पहुँचाना है।
लालबाग मैदान में गूंजी पवनदीप और चेतना की आवाज, जनजातीय संस्कृति ने मन मोहा
जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लोकोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार 7 अक्टूबर की शाम लालबाग मैदान एक यादगार मंच में तब्दील हो गया। इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड संगीत और बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम का सबसे बड़ा आकर्षण बॉलीवुड के जाने-माने गायक पवनदीप और चेतना रहे। इन दोनों कलाकारों ने अपनी सुरीली और शानदार गायकी से मंच पर समां बांध दिया। संगीत प्रेमियों की भारी भीड़ ने दोनों गायकों की प्रस्तुतियों का जमकर लुत्फ उठाया और उत्साह के साथ उनका साथ दिया। अपनी सुरीली आवाज के लिए जाने जाने वाले पवनदीप राजन ने मंच पर केवल गायन ही नहीं किया, बल्कि एक साथ कई वाद्य यंत्रों के कुशल संचालन का भी अद्भुत प्रदर्शन किया। उनके हाथ कभी गिटार और फिर ड्रम्स पर सफाई से थिरकते दिखे, जिससे संगीत का एक मनमोहक समां बंध गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के मनमोहक प्रदर्शनों से हुई, जिन्होंने कला की विविध छटाएँ बिखेरीं। स्वामी विवेकानंद स्कूल के छात्रों ने सरस्वती मंगलाचारण से माहौल को भक्तिमय बनाया, जबकि बिहू (आसामी), समूह नृत्य (ओड़िआ) और वायनाड केरल ट्रायबल डांस जैसी रंगारंग प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
इसके बाद, बस्तर की सदियों पुरानी जनजातीय परंपरा मंच पर जीवंत हो उठी। लोकोत्सव के मंच पर लामकेर, बस्तर के कल्लूराम और साथियों ने मिलकर मनोरम गेड़ी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा लालबाग मैदान उस समय तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा, जब कलाकारों ने गेड़ी (बाँस के डंडों) पर संतुलन बनाते हुए, तेज ताल और लय के साथ समूह में नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनके पारंपरिक परिधान, ऊर्जा से भरे कदम और शानदार समन्वय ने दर्शकों को बस्तर की माटी और संस्कृति से गहराई से जोड़ दिया। इस नृत्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बस्तर दशहरा न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह जनजातीय कला और लोक संस्कृति को जीवंत रखने का एक भव्य मंच भी है। कल्लूराम और उनकी टीम ने अपनी कला से लोकोत्सव की शोभा बढ़ाई और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को एक यादगार पहचान दी।
दरभा विकासखंड के छिंदावाड़ा से आए महादेव और उनके साथियों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए धुरवा नाच प्रस्तुत किया। महादेव और उनके समूह ने पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे, ढोल-मांदर की थाप पर जिस लय और ताल के साथ यह नृत्य प्रस्तुत किया, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धुरवा नाच की भंगिमाओं और समूह के शानदार समन्वय ने साबित कर दिया कि यह समूह अपनी पैतृक कला में महारत रखता है। उनकी प्रस्तुति ने बस्तर की माटी और यहाँ की जनजातीय कला की जीवंतता को मंच पर उतार दिया।
कलचा के हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से समां बांध दिया। इन युवा कलाकारों ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति के गौरव को दर्शाते हुए गौर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह के बीच, विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर ऊर्जा से भरपूर ताल और लय में यह अनूठा नृत्य प्रस्तुत किया। बस्तर के माड़िया जनजाति का यह पारंपरिक नृत्य, जिसमें नर्तक गौर सींग वाली टोपी पहनते हैं, शौर्य और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। विद्यार्थियों के समूह ने अपनी प्रस्तुति के दौरान गौरवशाली परंपरा को जीवंत कर दिया।
संगीत और प्रेरणा से भरी शानदार शाम में सक्षम कलेक्टिव बैंड ने अपने जीवंत प्रदर्शन से हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिव्यांग बच्चों से मिलकर बने इस असाधारण बैंड ने अपनी प्रस्तुति से यह दृढ़ता से साबित कर दिया कि प्रतिभा और हौसला किसी भी शारीरिक सीमा के मोहताज नहीं होते हैं।
सक्षम कलेक्टिव कोई सामान्य बैंड नहीं है। यह सक्षम स्कूल के होनहार दिव्यांग बच्चों का समूह है, जिसे दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और गिटारवाला संस्था द्वारा आयोजित विशेष म्यूजिक वर्कशॉप्स के माध्यम से तराशा गया है। इन बच्चों ने पहले अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए सक्षम कलेक्टिव नाम से एक म्यूजिक एल्बम तैयार किया, जो अब यूट्यूब पर उपलब्ध है और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
यूट्यूब पर सफलता के बाद, बच्चों ने अपने आत्मविश्वास को एक नए स्तर पर ले जाते हुए हजारों लोगों की भीड़ के सामने मंच पर कदम रखा। उनका यह जीवंत प्रदर्शन उनके अदम्य आत्म-विश्वास और कड़ी मेहनत का स्पष्ट प्रमाण था। बैंड के सदस्यों ने जिस तालमेल और ऊर्जा के साथ गिटार, कीबोर्ड और गायन प्रस्तुत किया, उसने दर्शकों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
यह प्रदर्शन न केवल संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव था, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक सशक्त संदेश भी था जो जीवन में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सक्षम कलेक्टिव ने दिखा दिया कि जब सहयोग, अवसर और इच्छाशक्ति मिलती है, तो असंभव कुछ भी नहीं है।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव के मंच पर मंगलवार का दिन ओड़िसी नृत्य की अद्भुत छटा से सज गया। लालबाग मैदान में चल रहे इस भव्य लोकोत्सव में नृत्यांगना विधि सेनगुप्ता ने अपने प्रभावी ओड़िसी नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। लोकनृत्य और संस्कृति के इस महासंगम में, विधि सेनगुप्ता की प्रस्तुति ने कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सधे हुए पद संचालन, भावपूर्ण मुद्राओं और ओड़िसी की पारंपरिक गरिमा ने लालबाग के माहौल को और भी सांस्कृतिक और भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में कला प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री हरिस एस ने समय-सीमा की बैठक में की विकास कार्यों की गहन समीक्षा
एग्री स्टैक में पंजीयन में आवश्यक प्रगति लाने के दिए निर्देश
जगदलपुर, 8 अक्टूबर 2025
कलेक्टर श्री हरिस एस ने मंगलवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारी को एग्री स्टैक में पंजीयन में आवश्यक प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा आगामी दिनों में होने वाले कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की तैयारियों पर चर्चा किया गया। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड को ग्रामीण क्षेत्रों में बनाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता अभियान के तहत बन रहे व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण को जल्द से जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) का निर्माण कर खरीफ-रबी फसल के लिए आवश्यकता वाले किसानों को प्राथमिकता से लाभान्वित किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बस्तर, बास्तानार और तोकापाल में लक्षित हितग्राहियों के काम को जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिए गए। हर घर नल जल योजना के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने की माहवार कार्ययोजना का विवरण देने को कहा। उन्होंने ई-आफिस संचालन स्थिति की भी समीक्षा की।
कलेक्टर ने मनरेगा के तहत निर्माणधीन आंगनबाड़ी और पीडीएस दुकानों के निर्माण की प्रगति और उनके हैंडओवर की स्थिति का संज्ञान लिया। उन्होंने जिले में बनाए गए राशन कार्डों की समीक्षा करते हुए प्रचलित, निरस्त राशन कार्डों और उनमें जोड़े गए सदस्यों की जानकारी ली। साथ ही स्कूली बच्चों का नाम राशन कार्ड में जोड़ने की कार्यवाही पर विशेष रूप से चर्चा की। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत अद्यतन वारिसान के नवीन पंजीयन की विकासखण्डवार प्रगति पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड पंजीयन स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सघन मोतियाबिंद जांच एवं उपचार की स्थिति पर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कुष्ठ रोग निवारण, पोषण ट्रैकर ऐप में एंट्री और नक्सल प्रभावित जिलों में चयनित योजनाओं का सेचुरेशन स्थिति की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने समाज कल्याण के पेंशन भुगतान स्थिति की समीक्षा करते हुए डीपीडी (डायरेक्ट पेंशन डिस्पर्सल) के माध्यम से राशि हस्तांतरण की जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके अलावा खाद्य विभाग से जिले में उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न भण्डारण की जानकारी भी ली। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, श्री ऋषिकेश तिवारी, आयुक्त नगर निगम श्री प्रवीण वर्मा, सहायक कलेक्टर श्री विपिन दुबे सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कमिश्नर और आईजी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ली बस्तर ओलम्पिक आयोजन तैयारी की समीक्षा बैठक
अधिकाधिक प्रतिभागियों की सहभागिता हेतु ज्यादा से ज्यादा पंजीयन करने के निर्देश
बस्तर ओलम्पिक का सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण करें आयोजन-कमिश्नर श्री डोमन सिंह
नुआ बाट प्रतिभागियों की सहभागिता पर करें फोकस- आईजी श्री सुंदरराज पी.
जगदलपुर, 08 अक्टूबर 2025
कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने कहा कि शासन की मंशानुरूप बस्तर ओलम्पिक 2025 का आयोजन व्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित करें। बस्तर ओलम्पिक के आयोजन के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था समयपूर्व सुनिश्चित करें और इसमें अधिकाधिक प्रतिभागियों की सहभागिता हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन करें। कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर ओलम्पिक 2025 के आयोजन तैयारी की समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंसिंग में आईजी श्री सुंदरराज पी सहित सातों जिले के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक और सीईओ जिला पंचायत तथा संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय बस्तर ओलम्पिक आयोजन समिति के सदस्य अधिकारी शामिल हुए।
कमिश्नर ने कहा कि गत वर्ष के बस्तर ओलम्पिक आयोजन से समूचे देश में बस्तर ओलम्पिक को प्रसिद्धि मिली है, इसे मद्देनजर रखते हुए इस वर्ष बस्तर ओलम्पिक में अधिक से अधिक प्रतिभागियों की उत्साहपूर्वक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु समन्वित प्रयास करें। इस दिशा में बीते साल की अपेक्षा तीन गुना ज्यादा पंजीयन करें। लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन करने हेतु ग्रामीण इलाकों में कोटवारों से मुनादी, पंचायत की बैठक इत्यादि में जानकारी दी जाए, साथ ही नगरीय क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से प्रचार-प्रसार कर अवगत कराया जाए। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों, स्पोर्ट्स आइकॉन, प्रमुख सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी के साथ रैलियों का आयोजन कर प्रतिभागियों को बस्तर ओलम्पिक में सहभागिता निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। कमिश्नर ने गत वर्ष के अनुभव के अनुसार बस्तर ओलम्पिक आयोजन हेतु हर स्तर पर खेल मैदान की तैयारी, खेल उपकरण, खेल प्रशिक्षकों की उपलब्धता, प्रतिभगियों के लिए परिवहन, ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा इत्यादि प्रत्येक व्यवस्था को बेहतर एवं सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर ओलम्पिक में युवाओं एवं महिलाओं की व्यापक सहभागिता पर जोर देते हुए दोनों वर्ग की पंजीयन पर ध्यान केंद्रीत करने कहा।
आईजी श्री सुंदरराज पी ने बस्तर ओलम्पिक की ख्याति को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि 2036 में आयोजित होने वाले ओलम्पिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए बस्तर के खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल हासिल करें। बस्तर ओलम्पिक आयोजन के दौरान ऐसे प्रतिभावान प्रतिभागियों की सहभागिता सहित उनके प्रदर्शन को निखारने पर ज्यादा ध्यान रखा जाए। आईजी ने बस्तर ओलम्पिक में नुआ बाट प्रतिभागियों की संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक में अधिकाधिक सहभागिता करने के लिए पूर्व तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
20 अक्टूबर तक होगा पंजीयन
बैठक के दौरान अवगत कराया गया कि बस्तर ओलम्पिक 2025 हेतु अब तक 56 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसे ध्यान रखकर सम्बंधित विभागों द्वारा समन्वित रुप से पंजीयन कार्य को नियमित तौर पर किया जा रहा है। 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों के पंजीयन हेतु स्कूल शिक्षा विभाग, सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों के पंजीयन हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा महिलाओं के पंजीयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को अन्य विभागों से समन्वय किए जाने कहा गया है। बस्तर ओलम्पिक 2025 के तहत कुल 11 खेल विधाओं में प्रतिभागी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वेटलिफ्टिंग एवं हॉकी खेल इवेंट्स केवल जिला एवं संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक में होगी। रस्साकसी विधा में केवल सीनियर महिला वर्ग के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस हेतु आगामी 20 अक्टूबर तक पंजीयन किया जाएगा और 25 अक्टूबर से बस्तर ओलम्पिक का आयोजन प्रारंभ होगा।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव : लालबाग मैदान में गूंजी पवनदीप और चेतना की आवाज, जनजातीय संस्कृति ने मन मोहा
जगदलपुर, 08 अक्टूबर 2025
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लोकोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार 7 अक्टूबर की शाम लालबाग मैदान एक यादगार मंच में तब्दील हो गया। इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड संगीत और बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम का सबसे बड़ा आकर्षण बॉलीवुड के जाने-माने गायक पवनदीप और चेतना रहे। इन दोनों कलाकारों ने अपनी सुरीली और शानदार गायकी से मंच पर समां बांध दिया। संगीत प्रेमियों की भारी भीड़ ने दोनों गायकों की प्रस्तुतियों का जमकर लुत्फ उठाया और उत्साह के साथ उनका साथ दिया। अपनी सुरीली आवाज के लिए जाने जाने वाले पवनदीप राजन ने मंच पर केवल गायन ही नहीं किया, बल्कि एक साथ कई वाद्य यंत्रों के कुशल संचालन का भी अद्भुत प्रदर्शन किया। उनके हाथ कभी गिटार और फिर ड्रम्स पर सफाई से थिरकते दिखे, जिससे संगीत का एक मनमोहक समां बंध गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के मनमोहक प्रदर्शनों से हुई, जिन्होंने कला की विविध छटाएँ बिखेरीं। स्वामी विवेकानंद स्कूल के छात्रों ने सरस्वती मंगलाचारण से माहौल को भक्तिमय बनाया, जबकि बिहू (आसामी), समूह नृत्य (ओड़िआ) और वायनाड केरल ट्रायबल डांस जैसी रंगारंग प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
इसके बाद, बस्तर की सदियों पुरानी जनजातीय परंपरा मंच पर जीवंत हो उठी। लोकोत्सव के मंच पर लामकेर, बस्तर के कल्लूराम और साथियों ने मिलकर मनोरम गेड़ी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा लालबाग मैदान उस समय तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा, जब कलाकारों ने गेड़ी (बाँस के डंडों) पर संतुलन बनाते हुए, तेज ताल और लय के साथ समूह में नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनके पारंपरिक परिधान, ऊर्जा से भरे कदम और शानदार समन्वय ने दर्शकों को बस्तर की माटी और संस्कृति से गहराई से जोड़ दिया। इस नृत्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बस्तर दशहरा न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह जनजातीय कला और लोक संस्कृति को जीवंत रखने का एक भव्य मंच भी है। कल्लूराम और उनकी टीम ने अपनी कला से लोकोत्सव की शोभा बढ़ाई और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को एक यादगार पहचान दी।
दरभा विकासखंड के छिंदावाड़ा से आए महादेव और उनके साथियों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए धुरवा नाच प्रस्तुत किया। महादेव और उनके समूह ने पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे, ढोल-मांदर की थाप पर जिस लय और ताल के साथ यह नृत्य प्रस्तुत किया, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धुरवा नाच की भंगिमाओं और समूह के शानदार समन्वय ने साबित कर दिया कि यह समूह अपनी पैतृक कला में महारत रखता है। उनकी प्रस्तुति ने बस्तर की माटी और यहाँ की जनजातीय कला की जीवंतता को मंच पर उतार दिया।
कलचा के हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से समां बांध दिया। इन युवा कलाकारों ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति के गौरव को दर्शाते हुए गौर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह के बीच, विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर ऊर्जा से भरपूर ताल और लय में यह अनूठा नृत्य प्रस्तुत किया। बस्तर के माड़िया जनजाति का यह पारंपरिक नृत्य, जिसमें नर्तक गौर सींग वाली टोपी पहनते हैं, शौर्य और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। विद्यार्थियों के समूह ने अपनी प्रस्तुति के दौरान गौरवशाली परंपरा को जीवंत कर दिया।
संगीत और प्रेरणा से भरी शानदार शाम में सक्षम कलेक्टिव बैंड ने अपने जीवंत प्रदर्शन से हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिव्यांग बच्चों से मिलकर बने इस असाधारण बैंड ने अपनी प्रस्तुति से यह दृढ़ता से साबित कर दिया कि प्रतिभा और हौसला किसी भी शारीरिक सीमा के मोहताज नहीं होते हैं।
सक्षम कलेक्टिव कोई सामान्य बैंड नहीं है। यह सक्षम स्कूल के होनहार दिव्यांग बच्चों का समूह है, जिसे दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और गिटारवाला संस्था द्वारा आयोजित विशेष म्यूजिक वर्कशॉप्स के माध्यम से तराशा गया है। इन बच्चों ने पहले अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए सक्षम कलेक्टिव नाम से एक म्यूजिक एल्बम तैयार किया, जो अब यूट्यूब पर उपलब्ध है और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
यूट्यूब पर सफलता के बाद, बच्चों ने अपने आत्मविश्वास को एक नए स्तर पर ले जाते हुए हजारों लोगों की भीड़ के सामने मंच पर कदम रखा। उनका यह जीवंत प्रदर्शन उनके अदम्य आत्म-विश्वास और कड़ी मेहनत का स्पष्ट प्रमाण था। बैंड के सदस्यों ने जिस तालमेल और ऊर्जा के साथ गिटार, कीबोर्ड और गायन प्रस्तुत किया, उसने दर्शकों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
यह प्रदर्शन न केवल संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव था, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक सशक्त संदेश भी था जो जीवन में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सक्षम कलेक्टिव ने दिखा दिया कि जब सहयोग, अवसर और इच्छाशक्ति मिलती है, तो असंभव कुछ भी नहीं है।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव के मंच पर मंगलवार का दिन ओड़िसी नृत्य की अद्भुत छटा से सज गया। लालबाग मैदान में चल रहे इस भव्य लोकोत्सव में नृत्यांगना विधि सेनगुप्ता ने अपने प्रभावी ओड़िसी नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। लोकनृत्य और संस्कृति के इस महासंगम में, विधि सेनगुप्ता की प्रस्तुति ने कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सधे हुए पद संचालन, भावपूर्ण मुद्राओं और ओड़िसी की पारंपरिक गरिमा ने लालबाग के माहौल को और भी सांस्कृतिक और भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस, सहायक कलेक्टर श्री विपिन दुबे सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में कला प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
जगदलपुर के 30 परीक्षा केंद्रों में 12 अक्टूबर को होगी वार्ड ब्वॉय एवं वार्ड आया की लिखित भर्ती परीक्षा
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा रविवार 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली वार्ड ब्वॉय एवं वार्ड आया की लिखित भर्ती परीक्षा के लिए जगदलपुर में 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें धरमपुरा नं 02 स्थित शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज, धरमपुरा क्रमांक-03 स्थित झाड़ा सिराहा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, शांति नगर स्थित शासकीय दंतेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय, शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल क्र.1, शासकीय बहुउद्देशीय हायर सेकेंडरी स्कूल, राजेंद्र नगर वार्ड गीदम रोड स्थित सेजेस शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल क्र.2, स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स कैंपस धरमपुरा स्थित स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, अग्रसेन चौक संजय मार्केट रोड स्थित स्वामी विवेकानंद शासकीय एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम स्कूल, रेलवे कालोनी स्थित स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंस हिन्दी मीडियम शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, धरमपुरा-2 स्थित धरमू माहरा शासकीय महिला पॉलिटेक्निक, पथरागुड़ा लालबाग के पास स्थित भगत सिंह शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, चांदनी चौक सेंट जेवियर हाई स्कूल, लालबाग निर्मल हायर सेकण्डरी स्कूल, वेदमाता गायत्री शिक्षा महाविद्यालय कंगोली, गीदम रोड विद्या ज्योति हायर सेकण्डरी स्कूल, गीदम रोड परपा सूर्या कॉलेज, कुम्हरावण्ड शहीद गुण्डाधूर कॉलेज कृषि एवं अनुसंधान केंद्र, तहसील जगदलपुर के तितिरगांव शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल, आसना स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गीदम रोड रोजेन्द्र नगरी वार्ड क्राईस्ट कॉलेज, विद्यापती एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल, सक्सेस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जगदलपुर दीनदयाल उपाध्याय वार्ड, आड़ावाल शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल, जगदलपुर मैत्रीसंघ विद्या निकेतन, पनारापारा शासकीय हाई स्कूल, आड़ावाल शासकीय आईटीआई, आड़ावाल हल्बा कचोरा आदेश्वर आकादमी, पोटानार शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल, जगदलपुर अंजुमन उर्दु-हिन्दी हायर सेकण्डरी स्कूल तथा बिलोरी शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल शामिल है। परीक्षा रविवार 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए गेट पर मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थियों की जांच की जाएगी।
परीक्षार्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र और एक वैध पहचान पत्र लाना अनिवार्य है इंटरनेट से डाउनलोड किए गए प्रवेश पत्र के साथ एक सादे कागज पर दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ लाना होगा। परीक्षार्थियों को हल्के रंग की टी-शर्ट या हाफ शर्ट और हल्के जूते या चप्पल पहनकर आना होगा।
कान में किसी भी प्रकार का आभूषण, जैसे बाली, झुमका आदि पहनना मना है। परीक्षा हॉल में घड़ी, पर्स, मोबाइल, बेल्ट, गॉगल्स (चश्मा), म्यूजिक या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और किसी भी संचार साधन को ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उक्त परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर नंदनी साहू मोबाइल नंबर +91-78986-32929 को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य अनिल श्रीवास्तव मोबाइल नंबर +91-9827491253 को समन्वयक तथा शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिल श्रीवास्तव मोबाइल नंबर +91-98274-91253 को सहायक समन्वयक नियुक्त किया गया है।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव में सजी संस्कृति और कला का अप्रतिम छटा
जगदलपुर, 07 अक्टूबर 2025
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव की सांस्कृतिक संध्या ने सोमवार 6 अक्टूबर को दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह शाम बॉलीवुड के तड़के और बस्तर की समृद्ध लोक कला का अद्भुत संगम रही, जिसमें भारी संख्या में कला प्रेमी उमड़े।
बॉलीवुड के जादूगर अभिजीत सावंत ने बांधा समां
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक अभिजीत सावंत रहे। इंडियन आइडल फेम इस गायक की शानदार प्रस्तुति सुनने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुटी। अभिजीत सावंत ने अपनी सुरीली आवाज से एक से बढ़कर एक गीतों को पेश किया, जिसने लोकोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए। उनकी संगीतमय प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
स्थानीय कला और पारंपरिक नृत्यों का भव्य प्रदर्शन
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से हुई, जिन्होंने बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाया। विद्या ज्योति स्कूल, जगदलपुर के रोसो जामू और अर्चिता टोप्पो ने ओड़िया नृत्य का बेहतरीन प्रदर्शन किया। हायर सेकेंडरी स्कूल, छिंदावाड़ा के विद्यार्थियों ने अपनी पारंपरिक धुरवा समूह नृत्य कला का प्रदर्शन किया। रुक्मिणी आश्रम, डिमरापाल की छात्राओं ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत किया। उन्होंने करमा छत्तीसगढ़ी समूह नृत्य का प्रदर्शन किया। स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने पारंपरिक साय रेला विवाह समूह नृत्य प्रस्तुत किया। माध्यमिक विद्यालय बोरपदर के विद्यार्थियों ने भी ओड़िया समूह नृत्य के माध्यम से पड़ोसी राज्य के संस्कृति की झलक दिखाई।
शास्त्रीय और लोक कलाकारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
स्कूली प्रस्तुतियों के बाद मंच पर विभिन्न कला शैलियों का प्रदर्शन हुआ। उदय मलिक ने अपनी आवाज से दर्शकों का मन मोहा। वृद्धि पिल्ले के कथक नृत्य और जयपुर, ओडिशा की प्रेरणा डांस एकेडमी के ओड़िया नृत्य ने दर्शकों को प्रभावित किया। कोंडागाँव के लछिन एवं टेमन ने छत्तीसगढ़ी डांस प्रस्तुत किया, वहीं जॉयिता विश्वास ने बांग्ला नृत्य का प्रदर्शन किया। स्थानीय प्रतिभा कुमकुम वासनिक और निधि रावल की शानदार प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम को खास बनाया। बस्तर दशहरा लोकोत्सव समिति ने इस यादगार सांस्कृतिक संध्या के सफल आयोजन के लिए सभी कलाकारों और उपस्थित दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिसमें स्थानीय कला और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का एक अविस्मरणीय संगम देखने को मिला।
जगदलपुर के 30 परीक्षा केंद्रों में 12 अक्टूबर को होगी वार्ड ब्वाॅय एवं वार्ड आया की लिखित भर्ती परीक्षा
जगदलपुर, 07 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा रविवार 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली वार्ड ब्वाॅय एवं वार्ड आया की लिखित भर्ती परीक्षा के लिए जगदलपुर में 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें धरमपुरा नं 02 स्थित शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज, धरमपुरा क्रमांक-03 स्थित झाड़ा सिराहा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, शांति नगर स्थित शासकीय दंतेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय, शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल क्र.1, शासकीय बहुउद्देशीय हायर सेकेंडरी स्कूल, राजेंद्र नगर वार्ड गीदम रोड स्थित सेजेस शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल क्र.2, स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स कैंपस धरमपुरा स्थित स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, अग्रसेन चौक संजय मार्केट रोड स्थित स्वामी विवेकानंद शासकीय एक्सीलेंस इंग्लिश मीडियम स्कूल, रेलवे कालोनी स्थित स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंस हिन्दी मीडियम शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, धरमपुरा-2 स्थित धरमू माहरा शासकीय महिला पॉलिटेक्निक, पथरागुड़ा लालबाग के पास स्थित भगत सिंह शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, चांदनी चौक सेंट जेवियर हाई स्कूल, लालबाग निर्मल हायर सेकण्डरी स्कूल, श्री वेदमाता गायत्री शिक्षा महाविद्यालय कंगोली, गीदम रोड विद्या ज्योति हायर सेकण्डरी स्कूल, गीदम रोड परपा सूर्या काॅलेज, कुम्हरावण्ड शहीद गुण्डाधूर काॅलेज कृषि एवं अनुसंधान केंद्र, तहसील जगदलपुर के तितिरगांव शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल, आसना स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गीदम रोड रोजेन्द्र नगरी वार्ड क्राईस्ट काॅलेज, श्री विद्यापती एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल, सक्सेस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल जगदलपुर दीनदयाल उपाध्याय वार्ड, आड़ावाल शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल, जगदलपुर मैत्रीसंघ विद्या निकेतन, पनारापारा शासकीय हाई स्कूल, आड़ावाल शासकीय आईटीआई, आड़ावाल हल्बा कचोरा आदेश्वर आकादमी, पोटानार शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल, जगदलपुर अंजुमन उर्दु-हिन्दी हायर सेकण्डरी स्कूल तथा बिलोरी शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल शामिल है। परीक्षा रविवार 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए गेट पर मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थियों की जांच की जाएगी। परीक्षार्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र और एक वैध पहचान पत्र लाना अनिवार्य है इंटरनेट से डाउनलोड किए गए प्रवेश पत्र के साथ एक सादे कागज पर दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ लाना होगा। परीक्षार्थियों को हल्के रंग की टी-शर्ट या हाफ शर्ट और हल्के जूते या चप्पल पहनकर आना होगा। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण, जैसे बाली, झुमका आदि पहनना मना है। परीक्षा हॉल में घड़ी, पर्स, मोबाइल, बेल्ट, गॉगल्स (चश्मा), म्यूजिक या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और किसी भी संचार साधन को ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
उक्त परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदनी साहू मोबाइल नंबर +91-78986-32929 को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल श्रीवास्तव मोबाइल नंबर +91-9827491253 को समन्वयक तथा शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिल श्रीवास्तव मोबाइल नंबर +91-98274-91253 को सहायक समन्वयक नियुक्त किया गया है।
'बस्तर राइजिंग' अभियान 8 अक्टूबर से होगा प्रारंभ: बस्तर की प्रतिभा, संस्कृति और संभावनाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
बस्तर 7 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग और बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से “बस्तर राइजिंग” नामक विशेष अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। दो सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य बस्तर की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और उद्यमशील क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। अभियान के दौरान विशेषज्ञों, युवाओं, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए जाएंगे।
“बस्तर राइजिंग” का कारवां केशकाल, नारायणपुर, कोण्डागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, चित्रकोट, बारसूर और जगदलपुर का भ्रमण करेगा। इस दौरान बस्तर की कला, हस्तशिल्प, कृषि, पर्यटन, खेल और शिक्षा से जुड़ी संभावनाओं पर विशेष फोकस किया जाएगा।
अभियान का समापन रायपुर में “हार्मोनी फेस्ट 2025” के रूप में होगा, जिसमें बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की जाएंगी। यह आयोजन “दिल मेला - दिल में ला” थीम पर आधारित होगा।
बस्तर राइजिंग अभियान 08 अक्टूबर से होगा प्रारंभ
जगदलपुर । छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से बस्तर राइजिंग नामक विशेष अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। दो सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य बस्तर की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और उद्यमशील क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। अभियान के दौरान विशेषज्ञों, युवाओं, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए जाएंगे। बस्तर राइजिंग का कारवां केशकाल, नारायणपुर, कोण्डागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, चित्रकोट, बारसूर और जगदलपुर का भ्रमण करेगा। इस दौरान बस्तर की कला, हस्तशिल्प, कृषि, पर्यटन, खेल और शिक्षा से जुड़ी संभावनाओं पर विशेष फोकस किया जाएगा।
अभियान का समापन रायपुर में हार्मोनी फेस्ट 2025 के रूप में होगा, जिसमें बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की जाएंगी। यह आयोजन दिल मेला-दिल में ला थीम पर आधारित होगा। बस्तर राइजिंग का उद्देश्य है-बस्तर को संघर्ष की नहीं, संभावनाओं की भूमि के रूप में प्रस्तुत करना और वहां के नागरिकों के लिए वास्तविक अवसरों का सृजन करना।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव लालबाग मैदान में जमेगी सितारों की महफिल
सोमवार को अभिजीत सावंत और स्थानीय कलाकार होंगे मुख्य आकर्षण
जगदलपुर, 06 अक्टूबर 2025
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव के अंतर्गत लालबाग मैदान में सोमवार को होने वाली सांस्कृतिक संध्या दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। सोमवार 06 अक्टूबर शाम को शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
बॉलीवुड तड़का के साथ स्थानीय कलाकारों की होगी संगीतमय प्रस्तुति
इस शाम के सबसे बड़े आकर्षणों में शामिल होंगे, बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक अभिजीत सावंत, जिनकी शानदार प्रस्तुति सुनने के लिए भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। वहीं बस्तर के कलाकार भी मंच पर उपस्थित होकर श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूली छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियाँ होंगी, जो बस्तर की समृद्ध कला को दर्शाएँगी। इनमें एकल नृत्य विद्या ज्योति स्कूल जगदलपुर के रोसो जामू अर्चिता टोप्पो ओड़िया नृत्य प्रदर्शन शामिल होगा।
इसके अलावा हायर सेकेंडरी स्कूल छिंदवाड़ा के विद्यार्थियों द्वारा धुरवा समूह नृत्य, रुक्मिणी आश्रम डिमरापाल की छात्राओं द्वारा करमा छत्तीसगढ़ी समूह नृत्य, स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा साय रेला विवाह नृत्य समूह और माध्यमिक विद्यालय बोरपदर के विद्यार्थियों द्वारा ओड़िया समूह नृत्य जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों को स्थानीय संस्कृति से रूबरू कराएंगी।
इसके पश्चात, विभिन्न कला शैलियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिनमें उदय मलिक (सिंगर) अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों का मन मोह लेंगे। इसके साथ ही वृद्धि पिल्ले का शास्त्रीय कथक नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। स्थानीय कलाकारों में कुमकुम वासनिक और निधि रावल की शानदार प्रस्तुतियाँ होंगी। कोंडागाँव के लछिन एवं टेमन द्वारा छत्तीसगढ़ी डांस और जॉयिता विश्वास बांग्ला नृत्य प्रस्तुत करेंगी । जयपुर ओड़ीसा की प्रेरणा डांस एकेडमी अपने ओड़िया नृत्य का प्रभावशाली प्रदर्शन करेगी।
यह सांस्कृतिक संध्या बस्तर दशहरा लोकोत्सव की भव्यता में चार चाँद लगा देगी, जिसमें स्थानीय कला और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का संगम देखने को मिलेगा। लोकोत्सव समिति ने सभी कला प्रेमियों से इस यादगार शाम का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव के दूसरे दिन संगीत और संस्कृति का शानदार संगम
जगदलपुर, 06 अक्टूबर 2025
शहर के लालबाग में आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव के दूसरे दिन का आयोजन संगीत और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। सारेगामा फेम गायिका रूपाली जग्गा ने अपनी मनमोहक आवाज में एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके गीतों पर दर्शक झूम उठे और पूरा आयोजन स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा एवं दर्शकों ने मोबाइल के टार्च से गायिका का उत्साहवर्धन किया ।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भी पारंपरिक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य और गीतों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इसके अलावा स्कूली छात्र-छात्राओं, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित दृष्टि एवं श्रवण बाधित स्कूल के बच्चों ने भी शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
बस्तर अंचल के गांव-गांव के विकास कार्यों से आ रहा सकारात्मक बदलाव: वनमंत्री श्री केदार कश्यप
सालेमेटा में 38.64 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण
05 अक्टूबर 2025

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि हमारी सरकार बस्तर अंचल के गांव-गांव के विकास के जरिए लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य कर रही है। वे आज आज बस्तर जिले के सालेमेटा में 38.64 लाख रुपये की लागत वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। बस्तर तेजी से विकास की राह पर है और यह गति आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखें और सुनिश्चित करें कि सभी काम ईमानदारी से पूरे हों।
वनमंत्री श्री कश्यप ने खण्डसरा और खड़का में 11.74 लाख की लागत से सोलर हाई मास्ट लाइट का लोकार्पण किया। उन्होंने सालेमेटा-1 ग्राम पंचायत में 14 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, हायर सेकेंडरी स्कूल में 200 मीटर आहाता निर्माण तथा कोटगढ़ में 12 लाख 90 हजार रुपये की लागत से पुलिया और आंगनबाड़ी केंद्र तक 300 मीटर सीसी रोड़ निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव के पहले दिन अयोध्या की राम लीला ने बांधा समां
5 अक्टूबर 2025

बस्तर दशहरा लोकोत्सव 2025 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रथम दिन का आगाज हुआ। इस अवसर पर अयोध्या से आई रामलीला मंडली ने भगवान श्रीराम की जीवन लीला पर आधारित मनमोहक मंचन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने भी पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। बस्तर की सांस्कृतिक झलकियों से सजी इस संध्या ने दशहरा लोकोत्सव के पहले दिन को यादगार बना दिया।
समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक, पर्यटक और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों के कार्यक्रम के अलावा अयोध्या वाली रामलीला और रूपाली जग्गा का कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी।
बस्तर दशहरा : ‘कुटुंब जात्रा’ रस्म के साथ हुई देवी-देवताओं का ससम्मान विदाई
रायपुर, 5 अक्टूबर 2025


अपनी अनूठी परंपराओं और रस्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म, ‘कुटुंब जात्रा’, रविवार को स्थानीय महात्मा गांधी स्कूल परिसर के गुड़ी में संपन्न हुई। इस रस्म के तहत पूरे बस्तर संभाग एवं पड़ोसी राज्य ओडिशा व महाराष्ट्र के समीपवर्ती गांव से पर्व में शामिल हुए हजारों देवी-देवताओं के छत्र और डोली को बस्तर राजपरिवार के सदस्य श्री कमलचंद भंजदेव ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ससम्मान विदा किया। यह रस्म 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की समाप्ति की ओर इशारा करती है।
600 साल से अधिक पुरानी परंपरा
बस्तर दशहरा की सबसे खास बात यह है कि केवल इसी पर्व में इतनी बड़ी संख्या में एक-एक गांव के देवी-देवताओं के छत्र और डोली शामिल होते हैं। रियासत काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी कायम है, जिसमें राजा-महाराजाओं की तरह राजपरिवार के सदस्य और दशहरा समिति गांव-गांव से आए देवी-देवताओं और उनके पुजारियों को ससम्मान विदा करते हैं।
‘रूसूम’ देकर दी गई विदाई
परंपरानुसार, दशहरा पर्व में शामिल होने आए संभाग के सभी ग्राम के देवी-देवताओं को श्रूसूमश् (दक्षिणा/भेंट) भी दी गई। राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव और दशहरा समिति ने देवी-देवताओं के छत्र और डोली लेकर पहुंचे पुजारियों को कपड़े, पैसे और मिठाइयां देकर उनकी ससम्मान विदाई की।
शहर के गंगामुण्डा वार्ड में स्थित देवगुड़ी में श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना अनुसार देवी देवताओं को भेंट भी अर्पित किया। बस्तर राजपरिवार और दशहरा समिति की अगुवाई में संपन्न हुई इस कुंटुब जात्रा रस्म के साथ ही, 600 साल से अधिक पुरानी बस्तर दशहरा पर्व की परंपराएं विधि विधान से पूरी की गईं। इस दौरान पूरे परिसर में उपस्थित देवी-देवता का आपस में मेल मिलाप देखते ही बन रहा था। देवी देवताओं के लाठ, डोली के साथ झुमते सिरहा और विभिन्न क्षेत्रों के आंगादेव का खेल माहौल को आकर्षक एवं अचम्म्भित किया। इस अवसर पर स्थानीय एवं आस-पास के गांव से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी देवी-देवताओं का अपने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया
75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा मेला आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़ या भारत के लिए ही नहीं बल्कि दुनियाभर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव है
कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन पूरा बस्तर विकास से वंचित रहा, इसका मूल कारण नक्सलवाद है
मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकार को नहीं रोक पाएँगे
बस्तर की जनता नक्सलवाद से गुमराह बच्चों को हथियार डालकर मुख्य धारा में शामिल होने और बस्तर के विकास में सहभागी बनने के लिए समझाएँ
केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और समस्त नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं
अगर किसी ने हथियार लेकर बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया तो हमारे सशस्त्र बल और पुलिस मिलकर इसका माकूल जवाब देंगे
बस्तर का दशहरा, बस्तर ओलंपिक, यहाँ का खानपान, वेशभूषा, कला और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर बल्कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बने हैं
1874 से आज तक मुरिया दरबार की सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को बचाने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा एक वैश्विक धरोहर है
बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं
14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की
अगर 140 करोड़ लोग स्वदेशी के संकल्प को आत्मसात करें तो हमारे भारत को दुनिया की सर्वोच्च आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता
रायपुर, 4 अक्टूबर 2025



केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले श्री अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सवअवसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है। श्री शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे। श्री शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं। श्री शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें। श्री शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। श्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है।
श्री अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें। श्री शाह ने साथ ही चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है।
श्री अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी जी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी। श्री शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की माताओं-बहनों को 395 वस्तुओं पर जीएसटी में भारी छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। खाने-पीने की लगभग सभी चीजों को कर-मुक्त कर दिया गया है, और रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुओं पर केवल पाँच प्रतिशत कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश में इतनी बड़ी कर कटौती पहले कभी नहीं हुई, जितनी मोदी जी ने की है। इसके साथ ही, यदि हम स्वदेशी के संस्कारों को अपनाते हैं, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव में 300 से अधिक स्वदेशी कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वॉकथॉन स्वदेशी भावना को नई पहचान देने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। आज देशभर में आयोजित हो रहे स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्वदेशी अभियान को और गति मिल रही है।
श्री अमित शाह ने कहा कि श्रावण अमावस्या से अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तक चलने वाला बस्तर का 75 दिनों का दशहरा हम सभी के लिए गौरव, पहचान और अभिमान का विषय है। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई रथ यात्रा ने इस पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की। श्री शाह ने कहा कि माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा में 66 आदिवासी और कई गैर-आदिवासी समूह भाग लेते हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आदिवासियों के सम्मान में अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समुदाय की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर गौरवपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी विश्व के राष्ट्राध्यक्षों से मिलती हैं, तो न केवल आदिवासी समाज, बल्कि हम सभी का हृदय गर्व से भर जाता है। लोकतंत्र के सर्वोच्च पद पर ओडिशा के एक गरीब परिवार की बेटी का महामहिम के रूप में आसीन होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनकी जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया गया। बस्तर संभाग के सातों जिलों में नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर करने वाले व्यक्तियों और नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 15,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि नारायणपुर जिले के पंडी राम मंडावी और हेमचंद मांझी, तथा कांकेर के अजय कुमार मंडावी को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव के अवसर पर आज ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 70 लाख छत्तीसगढ़ी माताओं को 607 करोड़ रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना बस्तर और सरगुजा संभागों में लागू की गई है और इसके तहत 250 गाँव समाहित किए गए हैं।