छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
निजी संस्थाओं के अनुभव की नहीं होगी मान्यता
बिलासपुर । साइकेट्रिक सोशल वर्कर की भर्ती प्रक्रिया अंतर्गत निजी संस्थाओं के कार्य अनुभव को मान्य नहीं किया जाएगा। पूर्व में जारी विज्ञापन में लिपिकीय त्रुटि का सुधार करते हुए स्पष्ट कर दिया गया है। जिला कार्यालय की वेबसाइट में भी शुद्धि पत्र को अपलोड कर दिया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2025 है।
कलेक्टर ने लिया राजस्व शिविरों का जायजा
किसानों को बांटे किसान किताब, शिविर को लेकर ग्रामीणों में उत्साह
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में किसानों को किसान किताब बांटा। राजस्व पखवाड़ा के तहत अब तक 2934 आवेदन मिले हैं जिनमें से 1673 आवेदन का निराकरण कर लिया गया है। ज्यादातर आवेदन आय, जाति, निवास, डिजीटल हस्ताक्षर, अभिलेख त्रुटि सुधार के मिले है। इन शिविरों को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कलेक्टर ने इसके अलावा अस्पतालों का भी औचक निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।
कलेक्टर सबसे पहले बहतराई में आयोजित राजस्व शिविर पहुंचे। उन्होंने शिविर में आए आवेदनों की प्रकृति जानी। ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी। यहां 10 आवेदन मिले थे, जिनमें से 03 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लिया गया। कलेक्टर ने वेदराम, मुकेश साहू, गायत्री बाई यादव को ऋण पुस्तिका का वितरण किया। इसके बाद कलेक्टर सकरी तहसील के ग्राम पाड़ में आयोजित शिविर में पहुंचे। यहां कुल 14 आवेदन मिले जिनमें से 12 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कलेक्टर ने शिविर स्थल पर बैठक लेकर ग्रामीणों की अन्य जरूरतें एवं समस्याएं भी सुनी और इनके निराकरण के निर्देश मौजूद अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने मेण्ड्रा में किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानी। भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल तक 2934 आवेदन मिले हैं। इनमें बिलासपुर तहसील के 551, बेलतरा के 199, बिल्हा के 193, बोदरी के 417, मस्तूरी के 259, सीपत के 130, पचपेड़ी के 102, तखतपुर के 272, सकरी के 378, कोटा के 59, रतनपुर के 144 और बेलगहना के 230 आवेदन शामिल है।
अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने मोपका उप स्वास्थ्य केन्द्र, लिंगियाडीह शहरी प्राथमिक केन्द्र और सकरी उप स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पतालों की व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की। प्रसव कक्ष, महिला-पुरूष वार्ड सहित पूरे अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। लिंगियाडीह अस्पताल में निर्माण कार्य का भी जायजा लिया । सकरी उप स्वास्थ्य केन्द्र में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू, तखतपुर एसडीएम शिव कंवर भी मौजूद थे ।
अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिए एसपी कार्यालय में फायर मॉक ड्रिल
बिलासपुर । अग्नि सुरक्षा सेवा सप्ताह के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इस दौरान अग्निशमन विभाग के जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को अग्नि एवं अग्नि दुर्घटना के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी । इस दौरान फायर ट्राएंगल, एक्टिंग्विशिंग मीडिया के बारे में बताया गया। कौन से टाइप के फायर को किस प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बुझाया जा सकता है, इस बारे में बताया गया। अग्निशमन के कर्मचारी तथा एसडीआरएफ के जवानों ने मॉक ड्रिल करके दिखाया । साथ ही आगजनी की घटना होने पर क्या करें और क्या नहीं करें, इस संबंध में जानकारी दी गई । इस कार्यक्रम के दौरान डीएसपी मुख्यालय रश्मित कौर चावला, सिविल लाइन थाना प्रभारी श्री साहू तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दीपांकुर नाथ जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया किसी भी घटना, दुर्घटना होने पर पुलिस फर्स्ट रिस्पॉन्डेट होती है जो घटना स्थल पर पहुंचती है। अतः पुलिस को फायर एक्सटिंग्विशर की जानकारी होना आवश्यक है। इस उद्देश्य से आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । श्री नाथ ने शहर वासियों से आग के प्रति सजग, जागरूक एवं एकजुट होने का अनुरोध किया है
सुनियोजित तरीके से करें सुशासन तिहार में मिले आवेदनों का निराकरण: कलेक्टर
मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतां के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।
कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।
सुशासन शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के रिकार्ड 53 हजार आवेदन
सबसे ज्यादा 54 हजार आवेदन मस्तुरी से
बिलासपुर । सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में 1 लाख 94 हजार 620 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1 लाख 81 हजार 529 ग्रामीण क्षेत्र से और 13 हजार 91 आवेदन शहरी इलाकों से शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत सबसे ज्यादा आवेदन 54 हजार 985 मस्तुरी विकासखण्ड से हैं। बिल्हा विकासखण्ड से 49 हजार 685, तखतपुर से 48 हजार 878 और कोटा विकासखण्ड में सबसे कम 27 हजार 981 आवेदन मिले हैं। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में 9 हजार 623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजनावार मिले आवेदनों के संबंध में बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए रिकार्ड 53 हजार 383 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उज्ज्वला योजना के 4886, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2631, राशन कार्ड 2306, स्वच्छता 2295, राहत 1910, अतिक्रमण 1619, वृद्धावस्था सहायता 1536, सीमांकन बटवारा 1464, भूमि सुधार 1018, ट्रांसफार्मर एवं खम्भों की मांग, 935, आंगनबाड़ी भवन एवं केन्द्र 918, भूमि की मांग 776, हैण्डपम्प की मांग 690, ऋण पुस्तिका की मांग 578, वन अधिकार पट्टे की शिकायत 424 सहित अन्य कई विभागीय मांग शामिल हैं।
नगर सैनिकों की लिखित परीक्षा में शामिल होने, ऑनलाईन आवेदन 16 से
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ होमगार्ड विभाग से 1715 महिला नगर सैनिकों एवं 500 नगर सैनिकों के रिक्त पदों पर शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची विभागीय वेबसाईट https://firenoc.cg.gov.in पर उपलब्ध है। चयनित अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा व्यापम के द्वारा आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा में शामिल होने अभ्यर्थी अपना ऑनलाईन आवेदन विभागीय वेबसाईट https://vyapamcg.cgstate.gov.in पर 16 अप्रैल से 30 मई 2025 के शाम 5 बजे तक कर सकते हैं।
विभाग द्वारा आबंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्मतिथि डालकर अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाईट पर लिखित परीक्षा हेतु आवेदन करेंगे। व्यापम द्वारा पंजीयन नंबर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा। जिन पात्र अभ्यर्थी द्वारा व्यापम के वेबसाईट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं किया जायेगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। अभ्यर्थी द्वारा होमगार्ड विभाग के वेबसाईट पर पूर्व में जमा किये गये ऑनलाईन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
एसडीएम ने पुनर्विलोकन के बाद रद्द किया सरकारी जमीन का डायवर्सन
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर एसडीएम कोटा ने पुनर्विलोकन सुनवाई के बाद 60 डिसमिल सरकारी जमीन का डायवर्सन रद्द कर दिया है। उन्होंने इस भूमि पर जारी निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी है। कलेक्टर ने 60 डिसमिल सरकारी जमीन के डायवर्सन किए जाने संबंधी खबर को गंभीरता से लिया था और इसे टीएल पंजी में दर्ज कर इसकी जांच और कार्रवाई की नियमित समीक्षा कर रहे थे। गौरतलब है कि तहसील रतनपुर के ग्राम घांसीपुर स्थित भूमि खातेदार श्री किशनलाल पिता हीरालाल ख.नं 61/10 रकबा 2.023 में से 0.60 एकड़ भूमि को तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कोटा द्वारा व्यपवर्तन का आदेश दिनांक 22 नवंबर 2024 किया गया था।
शिकायत प्राप्त होने पर प्रश्नाधीन खसरे के विरूद्ध किये गये डायवर्सन आदेश निरस्तीकरण की कार्यवाही करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कोटा के द्वारा इस आधार पर कि, प्रश्नाधीन भूमि ख.नं 61/10 कुल रकबा 2.023 हे निस्तार पत्रक से पृथक नहीं हुआ है तथा दर्ज रकबा मिसल के रकबे से मिलान करने पर अधिक पाये जाने पर अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर से पुनर्विलोकन की अनुमति मांगी गयी। पुनर्विलोकन की अनुमति पश्चात् पक्षकार को नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया। जिसमें उनके द्वारा सेना में सेवा के रूप में भूतपूर्व सैनिक को प्राप्त भूमि है, जो नायब तहसीलदार कोटा के रा.प्र.क्रमांक 578/3-19/1981-82 में पारित आदेश दिनांक 05.04.1983 के अनुसार पट्टे पर शासकीय भूमिको भूमिस्वामी हक में प्राप्त हुआ है। प्रश्नाधीन भूमि राजस्व अभिलेख निस्तार पत्रक में बड़े झाड़ का जंगल मद में दर्ज होना तथा निस्तार पत्रक से पृथक नहीं होने एवं रकबा मिसल से अतिरिक्त होने के फलस्वरूप व्यपवर्तन आदेश दिनांक 22 नवंबर 2024 के डायवर्सन को निरस्त करते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दिया गया है।
मदिरा दुकान के अहातों का उच्चतम बोली के आधार पर आवंटन
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में मदिरा दुकानों के अहाता आवंटन की कार्यवाही संपन्न हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिये बिलासपुर जिले की 66 देशी,विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा दुकानों में से 36 मदिरा दुकानों के संलग्न अहाता/अहातों के समूह हेतु लाईसेंस धारियों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। अहातों की अनुज्ञप्ति हेतु 36 मदिरा दुकानों में से 27 मंदिरा दुकानों हेतु कुल 82 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों में से उच्चतम बोली लगाने वाले आवेदक का चयन किया गया।
चयनित आवेदकों को 02 दिवस के भीतर निर्धारित राशि जमा करनी होगी। शेष 9 मदिरा दुकानों के अहातों हेतु आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुए । उनके व्यवस्थापन हेतु आगामी तिथि आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा नियत की जावेगी। चयन प्रक्रिया की कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी समीर मिश्रा, कल्पना राठौर, छबि लाल पटेल एवं आबकारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शुक्ला, रमेश दुबे, ऐश्वर्या मिंज, नेतराम बंजारे, भूपेन्द्र जामडे एवं अन्य स्टॉफ भी उपस्थित थे।
कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन के परिणाम जारी
बिलासपुर । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2023-24 में जारी विज्ञापन अनुसार रिक्त संविदा पदों का कौशल परीक्षा एवं मेरिट आधार पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन का अनंतिम व अंतिम चयनित एवं प्रतीक्षा सूची एवं कौशल/लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक जारी किया गया है। जारी की गई सूची मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य कार्यालय के सूचना पटल एवं विभागीय वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर देखी जा सकती है।
सुनियोजित तरीके से करें सुशासन तिहार में मिले आवेदनों का निराकरण: कलेक्टर
मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतां के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।
कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।
हेड ऑफिस से हुई थी फर्जी डॉक्टर की नियुक्ति, अपोलो को दस्तावेज देने के लिए एक सप्ताह का समय
बिलासपुर । दमोह के मिशन अस्पताल में हार्ट सर्जरी के दौरान 7 मरीजों की मौत के आरोपी डॉ. नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव बिलासपुर अपोलो में 2006 में कार्यरत थे। मामले में सीएमएचओ ने अपोलो प्रबंधन को नोटिस देकर डॉक्टर की डिग्री सहित अन्य दस्तावेज मांगे थे। सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि प्रबंधन ने डॉ. यादव की योग्यता, कार्यकाल और नियुक्ति पत्र की प्रति भेजी है।
प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टर नरेन्द्र की नियुक्ति हेड ऑफिस चेन्नई से हुई थी। ऑपरेशन को लेकर दस्तावेज के लिए प्रबंधन ने एक सप्ताह का समय मांगा है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डॉ. यादव 1 जून 2006 से 21 मार्च 2007 तक अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में कार्यरत रहे। उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया गया था।
इधर, दमोह पुलिस का दावा है कि डॉ. एन जॉन केम के जिस बायोडेटा से उसने नौकरी की, वह लंदन के एक प्रसिद्ध कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. जॉन केम से मिलता जुलता है। आरोपी ने उसमें अपना नाम और फोटो लगाया था। इसी बायोडेटा के फेर में भोपाल की एजेंसी झांसे में आई और उसे मिशन अस्पताल के लिए उसे हायर कर लिया। पुलिस एमबीबीएस डिग्री के बाद उसने नकली पहचान क्यों बनाई? इस सवाल का पता लगाने नार्को टेस्ट का सहारा लेने की तैयारी में है। दमोह पुलिस ने पीएचक्यू भोपाल से इसके लिए अनुमति भी मांगी है।
मामले में दमोह पुलिस ने प्रयागराज स्थित घर से पुलिस ने बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, आधार कार्ड, सीडी-सील जब्त किया। उसके नौकर ने कुछ साक्ष्य खुर्दबुर्द किए हैं। फर्जी पासपोर्ट भी प्राप्त हुए हैं, जो अलग-अलग नाम से हैं। आरोपी का एक पैतृक घर ऋषिकेश में भी है। पुलिस कानपुर और आंध्रप्रदेश से भी जानकारी जुटा रही है।
बिना अनुमति नलकूप खनन करते दो बोर गाड़ी जब्त
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर दो बोर गाड़ी जब्त कर लिए गए। सकरी तहसील के ग्राम खरकेना में प्रतिबंध के बावजूद बोर खनन कार्य किया जा रहा था। गौरतलब है कि कलेक्टर ने जिले को जलाभाव क्षेत्र घोषित किया है। बिना अनुमति के बोर खनन पर रोक लगा दी है।
एक सप्ताह पहले ही आदेश जारी किए गए हैं। केवल सरकारी एजेंसी पीएचई और नगरीय निकाय ही पेयजल के लिए बोर खनन का कार्य कर सकते हैं। आदेश का उल्लंघन करते हुए बोर खनन की शिकायत सवेरे कलेक्टर को मिली। उन्होंने सकरी तहसीलदार आकाश गुप्ता को तत्काल मौके पर रवाना किया।
तहसीलदार ने खरकेना पहुंचकर जांच शुरू की। खनन कराने की कोई अनुमति उनके पास उपलब्ध नहीं था। दो गाड़ी थे। दोनों को जब्त कर हिर्री थाने में खड़ी कर दी गई है। जिला दंडाधिकारी के आदेश पर छत्तीसगढ़ जल परिरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कार की टक्कर से महिला की मौत
बिलासपुर । रामा मैग्नेटो मॉल के पास सोमवार की सुबह एक तेज रफ्तार कार ने दो महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया जिससे एक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई वहीं दूसरी महिला गंभीर रुप से घायल हो गई। पुलिस कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर चालक की तलाश में जुट गई है।
मृतक महिला का नाम अंजू टंडन है जो मुंगेली की रहने वाली थी और बिलासपुर के रामा मैग्नेटो मॉल में काम करती थी। आज सुबह अपनी सहेली के साथ जैसे ही वह काम पर निकली थी व्यापार विहार की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे रौंद दिया।
महिलाओं को टक्कर मारने के बाद कार सड़क किनारे खड़ी कंटेनर से टकराई और कार के परखच्चे उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिलाओं को टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मृतिका के परिजनों को सूचित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अब इन वाहनों का लाइसेंस होगा निरस्त, यातायात पुलिस ने जारी की चेतावनी, जानें क्या है नियम
बिलासपुर । बिलासपुर जिला यातायात पुलिस ने वाहनों की नंबर प्लेट पर छेड़छाड़ करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने अभियान चलाने का निर्णय लिया है। दोषियों के खिलाफ चालान कटने के साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण भी होगा।
शहर में बहुत से वाहन चालक अपने वाहनों के नंबर प्लेट में आड़े-तिरछे नंबर लिखा रखे हैं, तो कुछ ने नंबर ही मिटा दिया है। यही नहीं नंबरों के ऊपर स्टीकर लगा दिया जा रहा या फिर मैग्नेट का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ यातायात पुलिस ने अब कड़ा एक्शन लेने का निर्णय लिया है। इसे लेकर निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी वाहन चालक यदि ऐसी अवस्था में वाहन चलाते पाया गया तो उसके खिलाफ चालान तो कटेगा ही, उसका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।
शहर में विशेष कर युवा वर्ग लापरवाहीपूर्वक तेज गति से वाहन चलाते हुए स्वयं खतरे में पड़ते हुए और को भी खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे वाहनों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। ई-चालान की कॉपियां सीधे माता-पिता और अभिभावकों के पते पर भेजी जा रही हैं। यदि चालान शुल्क समय पर जमा नहीं किया गया, तो मामले न्यायालय में भेजे जा रहे हैं।
संविदा महिला कर्मियों को भी है मातृत्व अवकाश का अधिकार: हाई कोर्ट
बिलासपुर । संविदा पर कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अहम और संवेदनशील फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल संविदा कर्मी होने के आधार पर मातृत्व अवकाश का वेतन देने से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह फैसला कबीरधाम जिला अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स राखी वर्मा की याचिका पर आया, जिन्होंने 16 जनवरी 2024 से 16 जुलाई 2024 तक मातृत्व अवकाश लिया था। उन्होंने 21 जनवरी को एक कन्या को जन्म दिया और 14 जुलाई को ड्यूटी पर लौट आईं। इसके बावजूद, उन्हें अवकाश अवधि का वेतन नहीं मिला, जिससे उन्हें और नवजात को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने 25 फरवरी 2025 को वेतन के लिए आवेदन दिया था।
हाई कोर्ट ने कहा कि मातृत्व और शिशु की गरिमा का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित है, और इसे अफसरों की इच्छानुसार नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा अवकाश नियम, 2010 के नियम 38 और अन्य दिशा-निर्देशों के अनुसार याचिकाकर्ता की मांग पर आदेश की प्रति प्राप्त होने के तीन माह के भीतर निर्णय लें।
कोर्ट ने यह भी दोहराया कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मातृत्व की गरिमा और शिशु के स्वस्थ विकास की रक्षा करना है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।
कमिश्नर ने किया जिला कलेक्टोरेट एवं जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण
बिलासपुर। संभागायुक्त महादेव कावरे ने आज जिला कलेक्टोरेट और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेख एवं पंजियों के रखरखाव में पाई गई छोटी-मोटी कमियों को एक सप्ताह में अपडेट करने के निर्देश दिए। जिला कार्यालय की खाद्य शाखा की सहायक वर्ग 2 भारती सिंह को कैश बुक एवं सेवा पुस्तिका अपूर्ण रखने पर शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम आरए कुरूवंशी, शिवकुमार बनर्जी, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता उपस्थित थे।
संभागायुक्त कावरे ने लगभग एक घण्टे तक जिला कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पूर्व में किये गये निरीक्षण टीप एवं इनके पालन प्रतिवेदन की जानकारी ली। जिला कार्यालय में प्रमुख रूप से उन्होंने कलेक्टर न्यायालय, नाजिर शाखा, वित्त शाखा, रिकार्ड रूम, खाद्य शाखा, खनिज शाखा एवं कोषालय शाखा, अपर कलेक्टर न्यायालय, निर्वाचन शाखा, नजूल शाखा का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग में संचालित श्रम विभाग सहित अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान प्रमुख रूप से सेवा पुस्तिका, कैश बुक, बिल बुक, पेंशन, अनुकम्पा नियुक्ति, भर्ती आदि कार्यों के फाईल का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने अर्थदण्ड की वसूली के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिला कार्यालय में विभिन्न पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। कावरे ने खाद्य शाखा में धान खरीदी के बाद इसके निपटारे की प्रगति की जानकारी ली। धान मिलान की प्रगति अत्यंत कम होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे जल्दी पूर्ण करने को कहा। उज्ज्वला गैस एवं राशन कार्ड की जानकारी भी ली। सेवा पुस्तिका एवं कैश बुक के अपूर्ण रखने पर सहायक वर्ग 2 भारती सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने तहसील कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
कावरे ने आज जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं और जरूरतों की सिविल सर्जन से जानकारी ली। विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों से बातचीत की और मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से आत्मीयता पूर्वक चर्चा करते हुए जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दी। निरीक्षण के दौरान सवेरे 10 बजे तक डेन्टल एवं आर्थाेपेडिक डॉक्टरों एवं उनके सहयोगी स्टॉफ के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जाहिर की एवं इनकी खबर लेने के निर्देश दिए। कावरे ने जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र भी देखे। फिलहाल 19 कुपोषित बच्चों की भर्ती कर देखरेख की जा रही है। उन्होंने बच्चों की माताओं से चर्चा कर यहां दिए गए सलाह के अनुरूप बच्चों का लालन-पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने मरीजों के लिए बन रहे भोजन का भी रसोई घर में जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि अस्पताल में रोज मरीजों के चादर बदले जा रहे हैं। हर दिन अलग-अलग रंग के चादर निर्धारित किये गये हैं। शुक्रवार को पर्पल कलर का चादर आज बिछाया गया था। उन्होंने अस्पताल में भर्ती स्थानीय तेलीपारा निवासी 70 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिला का तत्काल वय वंदन आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश भी दिए। जिला अस्पताल में संधारित विभिन्न मदों की पंजी, सेवा पुस्तिका, बिल पंजी आदि का अवलोकन किया और बचे हुए कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने की मोहलत दी। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अनिल गुप्ता, हास्पिटल कंसल्टेन्ट शेफाली कुमावत भी उपस्थित थीं।
अवैध खनन करते 4 हाईवा एवं ट्रेक्टर जब्त
बिलासपुर । कलेक्टर के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन एवं अवैध ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई की गई। एसडीएम मस्तुरी के मार्गदर्शन में शिवनाथ नदी पर अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन करते हुए 4 हाईवा एवं एक ट्रेक्टर जब्त किया गया। इनमें से दो हाईवा एवं ट्रेक्टर को पचपेड़ी थाना के सुपुर्द किया गया। दो हाईवा चालक वाहन छोड़कर भाग गएए जिसे कोटवार की अभिरक्षा में सौंपा गया है। जोन्ध्रा ग्राम से होकर अवैध परिवहन किया जाता है। नदी तक पहुंचने के रास्ते को अवरोध उत्पन्न कर बंद कराया गया। तखतपुर तहसील के ग्राम पकरिया में अवैध ईंट निर्माण एवं विक्रय के खिलाफ कार्रवाई की गई। मौके पर लगभग 30 हजार ईंट बरामद किया गया। इसे सरपंच एवं कोटवार के सुपुर्द किया गया। न्यायालय में भी मामला दर्ज किया गया। मस्तुरी में कार्रवाई नायब तहसीलदार अप्रतिम पाण्डेय एवं तखतपुर में कार्रवाई तहसीलदार पंकज सिंह के नेतृत्व में की गई।