छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

खसरा नंबर 217 में अवैध प्लाटिंग और रकबा वृद्धि की शिकायत पर प्रशासन सख्त, 5 व 6 जनवरी को स्थलों की होगी जांच

 

तहसील मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम मनेन्द्रगढ़, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर स्थित भूमि खसरा नंबर 217 में लगातार रकबा वृद्धि एवं अवैध प्लाटिंग किए जाने की गंभीर शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया को और अधिक सशक्त कर दिया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह आशंका जताई गई है कि संबंधित भूमि में नियमों के विपरीत रकबे में बढ़ोतरी करते हुए अवैध रूप से प्लाटिंग की गई है, जिससे न केवल राजस्व नियमों का उल्लंघन हुआ है बल्कि भविष्य में आम नागरिकों को भी कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
 
इसी संदर्भ में कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1843, 13 दिसंबर 2024 तथा इसके पश्चात जारी संशोधित आदेश क्रमांक 558, 9 अक्टूबर 2025 के माध्यम से एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। इस जांच दल में संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं, जो पूरे मामले की गहनता से जांच कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि भूमि से जुड़े किसी भी प्रकार के अनियमित, गैरकानूनी या भ्रामक कार्यों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
 
जांच कार्यवाही के अनुक्रम में खसरा नंबर 217 का मौके पर जाकर प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण किया जाना तय किया गया है। यह स्थल की जांच 5 जनवरी 2026 दिन सोमवार से 6 जनवरी 2026 दिन मंगलवार तक की जाएगी। दोनों दिन जांच दल मौके पर उपस्थित रहकर भूमि की वास्तविक स्थिति, सीमांकन, रकबा, उपयोग तथा प्लाटिंग से जुड़े तथ्यों की विस्तार से जांच करेगा। जांच के दौरान पूर्व अभिलेखों, नक्शों और वर्तमान भौतिक स्थिति का मिलान भी किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता स्पष्ट रूप से सामने आ सके।
 
प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि उक्त भूमि से संबंधित सभी हितबद्ध पक्षकारों, भूमिस्वामियों, कब्जाधारियों अथवा किसी भी प्रकार से जुड़े व्यक्तियों को जांच में सहयोग करना अनिवार्य होगा। सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे  5 जनवरी 2026 से 6 जनवरी 2026 तक प्रातः 11 बजे से स्थल पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और भूमि से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे स्वामित्व प्रमाण, नक्शा, खसरा-खतौनी, विक्रय पत्र अथवा अन्य वैधानिक अभिलेख साथ लेकर आएं।
 
प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होगी। जांच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अवैध प्लाटिंग या रकबा वृद्धि पाए जाने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाने की संभावना भी जताई गई है। जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध भूमि खरीद-फरोख्त से बचें और भूमि संबंधी मामलों में केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर ही निर्णय लें।
 

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