छत्तीसगढ़ / धमतरी

स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर

 विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को मिलेगा लाभ

 

धमतरी । कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने आज ग्राम पंचायत बगरूमनाला के आश्रित गांव बेन्द्रापानी में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत प्राप्त मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने गांव के बुजुर्गों एवं मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करवाई तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण कराया।

कलेक्टर  मिश्रा ने कहा कि दूरस्थ एवं घने वनांचल क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों के स्वास्थ्य के प्रति शासन की स्पष्ट मंशा है  कि सभी के स्वास्थ्य की जाँच हो और सब स्वस्थ रहे। उन्होंने यह भी बताया कि  स्वास्थ्य केंद्र गट्टासिल्ली में एक एम्बुलेंस भी उपलब्ध करायी गयी है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धमतरी जिले को तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं, जो नियमित रूप से दुर्गम क्षेत्रों में पहुँचकर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेंगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवा अब लोगों को अस्पताल तक बुलाने के बजाय सीधे उनके द्वार तक पहुँचेगी। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  गजेन्द्र सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को मिलेगा लाभ

इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) समुदायों तक नियमित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचेंगी। जिले के नगरी, मगरलोड और धमतरी विकासखंड के 33 से अधिक ग्रामों एवं बसाहटों के 45000 लोगों को इसका लाभ मिलेगा। जिले में लगभग 1823 परिवारों के 7000 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के तथा 500  धरती आबा के हैं, जिन्हें इस पहल से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।  मोबाइल मेडिकल यूनिट में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इकाइयाँ है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन एवं स्थानीय वालंटियर तैनात रहेंगे। इन इकाइयों में 25 प्रकार की जांच सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा 106 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। टीबी, मलेरिया, एनीमिया, कुपोषण जैसी प्रमुख बीमारियों की जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर रेफर भी किया जाएगा। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट तय रूट चार्ट अनुसार संबंधित गांवों में जाएगी।

स्वास्थ्य के साथ जागरूकता पर भी जोर

कलेक्टर ने बताया कि इन यूनिटों के माध्यम से केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, पोषण परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ तथा टीकाकरण संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जारहा है । हमारे जिले को राज्य स्तर से 3 विशेष वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जो धमतरी, मगरलोड एवं नगरी क्षेत्र के लिए संचालित किए जा रहे हैं। ये वाहन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जिले के सभी विकासखंडों — धमतरी, कुरूद, नगरी एवं मगरलोड — में सतत भ्रमण कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक सुधार आएगा और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य की भावना को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों ने भी शासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वनांचल क्षेत्रों के लिए वरदान बताया।

 

 

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