प्रत्येक माह 7 तारीख को होगा रोजगार, चावल महोत्सव व आवास दिवस का संयुक्त आयोजन
क्यूआर कोड स्कैन कर ग्रामीणों को मिलेगी योजनाओं व नए प्रावधानों की जानकारी
एमसीबी । जिले में ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 199 ग्राम पंचायतें हैं, जहां मनरेगा के अंतर्गत औसतन 15 हजार श्रमिक कार्यरत हैं और विभिन्न विकास कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। जिले में अब प्रत्येक माह की 07 तारीख को रोजगार दिवस, चावल महोत्सव और आवास दिवस का संयुक्त आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चावल वितरण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा और हितग्राहियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
विकसित भारत ग्राम योजना (VBG) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए विभिन्न गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के अंतर्गत 400 से अधिक आजीविका डबरी निर्माण पर विशेष फोकस किया गया है, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीणों को अतिरिक्त आजीविका के अवसर उपलब्ध हो सकें। इन कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिले में क्यूआर कोड (QR Code ) के माध्यम से मनरेगा कार्यों तथा विकसित भारत ग्राम योजना से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। अब ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर योजनाओं और उनके नए प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।इसके साथ ही एनएमएमएस ( NMMs) ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई है। इससे श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ रही है।
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के लगभग 3000 हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही पीएम जनमन आवास योजना के 1300 आवासों की पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इन प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।