छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : ”Give To Gain” की भावना के साथ महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बना जिला एमसीबी

 

  • लोकेश्वर सिंह

एमसीबी/07 मार्च 2026

”Give To Gain” की भावना के साथ महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बना जिला एमसीबी”Give To Gain” की भावना के साथ महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बना जिला एमसीबी”Give To Gain” की भावना के साथ महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बना जिला एमसीबी

”Give To Gain” की भावना के साथ महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बना जिला एमसीबीअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनकी उपलब्धियों को पहचान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की मुख्य वैश्विक अभियान थीम ”Give To Gain” (पाने के लिए देना) रखी गई है। इस थीम का मूल संदेश यह है कि जब समाज महिलाओं को शिक्षा, अवसर, संसाधन और सहयोग प्रदान करता है, तो इसका लाभ पूरे समाज और राष्ट्र को मिलता है। महिलाओं को सशक्त बनाना वास्तव में एक समृद्ध और संतुलित समाज की आधारशिला है।

छत्तीसगढ़ में भी महिला सशक्तिकरण को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक पहल है।
राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाएं आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को भी मजबूत किया है। इसके अतिरिक्त महिलाओं की सुरक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला महिला नेतृत्व और उनकी उपलब्धियों के कारण प्रदेश में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभर रहा है। जिले के जनकपुर क्षेत्र की दर्शना सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 2025 में सफलता प्राप्त कर आईपीएस पद के लिए चयनित होकर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि छोटे शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियां भी अपने परिश्रम और संकल्प के बल पर देश की सर्वाेच्च सेवाओं में स्थान प्राप्त कर सकती हैं।

एमसीबी जिले में प्रशासनिक स्तर पर भी महिलाओं की मजबूत भागीदारी देखने को मिलती है। वर्तमान में 20 से अधिक महिलाएं विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। जिले की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम सहित कई महिला अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जनपद पंचायत खड़गवां की अध्यक्ष श्याम बाई मरकाम, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ की जानकीबाई खुसरो, नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव तथा नगर पंचायत झगराखांड़ की अध्यक्ष ललिता यादव जैसी महिला जनप्रतिनिधि अपने नेतृत्व और समर्पण से जिले के विकास को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे समाज और प्रशासन दोनों स्तरों पर प्रभावी नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं। एमसीबी जिले की महिलाएं केवल प्रशासन और राजनीति तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और आर्थिक गतिविधियों जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी आजीविका सशक्त कर रही हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की “Give To Gain” थीम हमें यह याद दिलाती है कि महिलाओं को अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करना वास्तव में समाज के समग्र विकास में निवेश करने के समान है। एमसीबी जिले की महिलाएं आज इस सोच को साकार करते हुए यह सिद्ध कर रही हैं कि सशक्त महिला ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।

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