छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

बांधा तालाब बचाव महाअभियान को लेकर नगर में भारी आक्रोश, प्रशासन पर मनमानी का आरोप

 *पुलिस बल सहित JCB लेकर पहुंचे पालिका अधिकारी ।


पंडरिया। बांधा तालाब बचाव महाअभियान के तहत नगरवासियों में नगर प्रशासन एवं क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। सैकड़ों वर्षों पुराने जीवनदायी बांधा तालाब के संरक्षण की मांग को लेकर स्थानीय लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं, बावजूद इसके प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं और आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
नगरवासियों का आरोप है कि प्रशासन जिद्द पर अड़ा हुआ है और तालाब के भीतर से ही नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, जो न केवल तालाब के अस्तित्व के लिए खतरा है बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए भी गंभीर नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आज नगर पालिका के अधिकारी एवं इंजीनियर अन्य कर्मचारियों को लेकर JCB मशीन के साथ साथ पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे और कार्य प्रारंभ कराने का प्रयास किया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में स्थानीय जन JCB के सामने धरने पर बैठ गए और कार्य को रोकने की मांग कर खूब नारे बाजी करने लगे ।

इस दौरान आक्रोशित नागरिकों द्वारा विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर प्रशासन पुलिस बल के दबाव में जबरन निर्माण कार्य करवाने का प्रयास कर रहा है, जो जनभावनाओं के विपरीत है और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है जबकि स्थानीय लोगों द्वारा इस समस्या को लेकर पूर्व में कई बार लिखित शिकायत संबंधित नगर पालिका परिषद , अनुविभागीय अधिकारी, यहां तक के क्षेत्रीय विधायक तक पहुंचा चुके है जिसमें टेंडर भ्रष्टाचार, गलत निर्माण, तालाब के अंदर से नाली निकलने सहित अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं!उसके बावजूद किसी ने कोई सुध नहीं ली जिसके चलते लोगों में आक्रोश बढ़ता दिख रहा है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि तालाब के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की गई और जनभावनाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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