मंत्री गजेन्द्र यादव ने सुशासन तिहार की तैयारियों की विभागवार समीक्षा बैठक ली
आम जनता की सुविधाओं पर फोकस; बिजली, पानी और आवास को प्राथमिकता
रायपुर । स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, खाद-बीज भंडारण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, विद्युत एवं पेयजल जैसी जनजीवन से जुड़ी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने श्सुशासन तिहारश् में प्राप्त सभी आवेदनों का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनता को शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के मिल सके।
मंत्री श्री यादव ने दुर्ग जिले के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सर्किट हाउस के सभाकक्ष में सुशासन तिहार की तैयारियों एवं विभागवार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना और जनहितकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री यादव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधि समय-समय पर शिविरों का औचक निरीक्षण कर जनता से सीधे फीडबैक लेंगे।
प्रमुख विभागीय निर्देश-
राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरणरू लंबित राजस्व प्रकरणों, विशेषकर समय-सीमा पार कर चुके मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिक्षा एवं मॉडल स्कूल दुर्ग जिले में एक स्कूल को “मॉडल स्कूल” के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही, आदर्श कन्या विद्यालय में छात्राओं को श्रम्म् और छम्म्ज् जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाए।
छात्रावासों का सुधार- जिले के 34 छात्रावासों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने आदिवासी विकास आयुक्त को व्यापक निरीक्षण के निर्देश दिए। भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा में कोई कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार करने को कहा।
खाद्य एवं राशन वितरण- लंबे समय से एक ही व्यक्ति द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकानों की समीक्षा कर नए पात्र लोगों को अवसर दिया जाए। दुकानों में आगामी 3 महीने का राशन स्टॉक अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो।
स्वास्थ्य सेवाएँ- प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य हो। गाँवों में बीपी और शुगर की जाँच हेतु विशेष अभियान चलाया जाए।
मनरेगा एवं पौधारोपण- जून माह से पूर्व व्यापक पौधारोपण हेतु वनमण्डाधिकारी को भूमि चिन्हांकित करने के निर्देश दिए गए।
कृषि एवं सिंचाई- सोसायटियों में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो। किसानों को कम पानी वाली फसलों (सोयाबीन, अरहर, चना) के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जिले की 19 नई सोसायटियों में बीज की कमी न होने पाए।
विद्युत व्यवस्था- मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत सर्वे कर आवश्यक बिजली पोल और अधोसंरचना का विस्तार किया जाए ताकि निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। मंत्री श्री यादव ने अंत में सख्त लहजे में कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों या आँकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग जनपद अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त (भिलाई, दुर्ग, चरोदा, रिसाली) एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।