मध्य प्रदेश

71 लाख रुपये की धोखाधड़ी

इंदौर। इंदौर के राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र के विज्ञानी अनिल कुमार से साथ हुई 71 लाख रुपये की धोखाधड़ी में 14 खाते ट्रेस हुए हैं, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी। पुलिस अब बंगाल, मणिपुर, गुजरात में दबिश दे रही है। साथ ही उन नंबरों की जांच भी कर रही है, जिनसे आरोपितों ने विज्ञानी से चर्चा की थी। हाईप्रोफाइल ठगी की जांच के लिए पुलिस आयुक्त राकेश गुप्ता ने विशेष जांच दल का गठन किया है। 

सूर्यदेवनगर निवासी 54 वर्षीय अनिल कुमार (सहायक विज्ञानी) को साइबर अपराधियों ने डिजिटली हाउस अरेस्ट कर 71 लाख रुपये वसूले थे। शुक्रवार को अपराध शाखा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की तो पता चला कि आरोपितों ने अनिल कुमार से 51 लाख रुपये उप्र स्थित एसबीआई बैंक में जमा करवाए।

इन बैकों में ट्रांसफर हुए रुपये

 

उक्त राशि खाते में आते ही एचडीएफसी, एक्सिस, आईडीएफसी और उजीवन बैंक के नौ खातों में ट्रांसफर कर ली गई। 12 लाख रुपये मणिपुर और बंगाल के आईसीआईसीआई बैंक के खाते में जमा हुई। इस राशि को तीन अन्य बैंकों में ट्रांसफर कर लिया गया। इसी तरह गुजरात स्थित वेरचा बैंक में जमा हुए पांच लाख रुपये भी आरोपितों ने दो अन्य बैंकों में ट्रांसफर कर लिए ताकि जांच होने के पहले रुपये निकाल लिए जाएं।

 

एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक अपराधी इस प्रकार की धोखाधड़ी के लिए फर्जी खातों का इस्तेमाल करते हैं, जो दुकानदार, मजदूर, गरीब महिलाओं के नाम से खुलवाए जाते हैं। मामले की जांच विशेष दस्ता से करवाई जाएगी, जिसमें एक्सपर्ट शामिल हैं। पुलिस उन नंबरों की जांच कर रही है, जिनसे आरोपितों ने विज्ञानी को काल लगाए थे। आरोपितों ने ट्रू कालर पर दिल्ली साइबर सेल और सीबीआइ के नाम से नंबर सेव कर रखे थे।

Leave Your Comment

Click to reload image