शक्ति की भक्ति में लीन हुआ इंदौर
इंदौर। नीले रंग को प्रेम और ओज का प्रतीक माना जाता है। यह आकाश का भी प्रतिनिधित्व करता है। यही नीली आभा रसरंग एवं श्री गुजराती समाज की प्रस्तुति नईदुनिया रास उल्लास गरबा महोत्सव में देखने को मिली।
नीले परिधान पहने प्रतिभागी जब गरबा खेलने पंडाल में उतरे तो, ऐसा आभास हुआ मानो आकाश ही धरती पर उतर आया हो और गरबा प्रेमियों के साथ माता की भक्ति कर रहा हो।
विजय नगर स्थित श्री गुजराती स्कूल परिसर में हो रहे रास उल्लास गरबा महोत्सव के तीसरे दिन के लिए तय थीम के अनुसार गरबा प्रेमियों ने नीले रंग के परिधान पहने और मां की तस्वीर की परिक्रमा करते हुए उत्साह के साथ गरबा खेला।
प्रतिदिन की तरह गरबा महोत्सव में बच्चों से लेकर उम्रदराज लोगों ने गरबा खेला। परिवार के साथ आए लोगों ने भी ओपन पंडाल में गरबा खेलकर माता की भक्ति की।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों ने दी विशेष प्रस्तुति
गरबा महोत्सव में शनिवार को विशेष प्रस्तुति भी दी गई। गरबा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से 40 प्रतिभागियों के ग्रुप ने विभिन्न गुजराती गीतों पर विशेष गरबा खेला। इन सभी प्रतिभागियों को पूर्व में अलग से प्रशिक्षण दिया गया था।
यातायात नियमों के पालन का संदेश
रास उल्लास गरबा महोत्सव में शुरू हुआ यातायात जागरूकता का संदेश देने का अभियान लगातार जारी है।