छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

नगर निकायों और ग्राम पंचायत के समन्वय से संचालित होगी, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई

 एमसीबी। कलेक्टर डी.राहुल वेंकट के ने निर्देशानुसार जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्वच्छाग्रहियों के द्वारा संग्रहित किए जा रहे प्लास्टिक अपशिष्ट एवं निकायों में एकत्रित किए जा रहे प्लास्टिक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन हेतु ग्राम पंचायत चनवारीडांड के एसआरएलएम सेंटर में शीघ्र स्थापित होगा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट। जिससे बिलिंग मशीन से एकत्रित प्लास्टिक को बंडल बना कर एवं सीडर मशीन से दाना बनकर प्लास्टिक का उपयोग संसाधन के रूप में किया जाएगा। जिससे दोनों सेंटर की महिलाओं को जहां एक और आजीविका मिलेगी, वहीं दूसरी और एकत्रित प्लास्टिक से सड़क निर्माण एवं सीमेंट फैक्ट्री से अनुबंध स्थापित किया जाएगा। 

जनपद पंचायत भरतपुर के भरतपुर ग्राम पंचायत में भी इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। शीघ्र ही भरतपुर एवं खड़गवां में इन प्रबंधन इकाइयों के माध्यम से प्लास्टिक एकत्रीकरण और प्रबंधन को मूर्त रूप देने हेतु कवायद की जा रही है। प्लास्टिक प्रबंधन हेतु विगत दिनों लगभग 50 ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है।

 

 

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