छत्तीसगढ़ / मुंगेली

सेमरसल स्कूल में आठवीं के छात्रों को दी गई विदाई साझा किए अनुभव

 लोरमी -शासकीय स्कूल सेमरसल पूर्व माध्यमिक शाला में कक्षा छठवीं और सातवीं के छात्र छात्राओं द्वारा कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों के लिए एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पूजा अर्चना के साथ की गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और भावुकता का मिला-जुला माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पुष्प वर्षा कर आठवीं के छात्रों का स्वागत किया और तिलक लगाकर विदाई दी। साथ ही शाला परिवार की ओर से पेन भेंट किए गए। प्रधानपाठक आत्माराम कश्यप ने उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि कहा कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने माता-पिता शिक्षकों तथा शाला का नाम रोशन करें। साथ ही परीक्षा को उत्सव की तरह खुशी के साथ देने व अनुशासित रहकर कर्तव्यों का पालन करने की सीख देते हुए हमेशा गुरुओं व माता-पिता की सम्मान करने की बात कही। शिक्षक उमाशंकर राजपूत ने कहा कि इस विद्यालय से तो विदा ले रहे हैं पर हमारे दिलों से कभी विदा नहीं होंगे। उच्च अध्ययन के लिए विद्यालय छोड़कर जा रहे हैं तो हमेशा उच्च विचार रखना, अच्छे कर्म करना और ध्यान रखना कि इस जीवन में मां-बाप और गुरु ये तीनों हमेशा आपको आगे बढ़ता देखकर खुश होंगे। समारोह के अंत में आठवीं के छात्रों ने विद्यालय में बिताए अपने अनुभवों को साझा व नम आंखों से दुख व्यर्थ करते हुए कहा कि यहां बहुत कुछ सीखने को मिला और अच्छी शिक्षा प्राप्त हुई। उन्होंने अपने शिक्षकों और विद्यालय को हमेशा याद रखने तथा मिली शिक्षा का उपयोग जीवन में आगे बढ़ने के लिए करने का संकल्प लिया। विदाई समारोह में सभी बच्चों को एक साथ बैठकर अल्पाहार कराया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षामंत्री नंदिनी निषाद ने किया। इस अवसर पर शिक्षक राकेश पांडेय, पुष्पा चतुर्वेदी सहित परमेश्वरी, सारिका, मुस्कान, नेहा, राजनन्दनी, दिव्या, वैशाली, सुमन, कात्यायनी, राधिका, आरती, सुशांत, चंचल, लक्ष्मीन, सोमेश्वर, मेघा, दामनी, पूनम, पिया, किरण, देवेंद्र, शैलेंद्र,  प्रेमकुमार, दीपेश्वरी, माही, आशुतोष, हीना, ज्योति आदि छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

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