पालिका के सामने अधूरी चौपाटी, कलेक्टर की चेतावनी बेअसर — सड़क पर सज रही अवैध दुकानें, प्रशासन मौन
कबीरधाम |
2026-05-11 18:51:38
कवर्धा।
शहर के नगर पालिका परिषद कार्यालय के ठीक सामने बन रही चौपाटी अब सवालों के घेरे में है। नगरवासियों को जिस चौपाटी का लंबे समय से इंतजार है, वह आज भी अधूरी पड़ी है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से कई बार कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद न तो पालिका प्रशासन पर कोई असर दिख रहा है और न ही ठेकेदार की कार्यशैली में सुधार नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, चौपाटी निर्माण कार्य में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कलेक्टर द्वारा निरीक्षण के दौरान पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को स्पष्ट हिदायत दी गई थी कि कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि काम कछुआ गति से चल रहा है। निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त मजदूर दिखाई देते हैं और न ही संसाधनों की उपलब्धता संतोषजनक है।
सबसे गंभीर बात यह है कि चौपाटी के नाम पर शहर की मुख्य सड़क पर ही चाट, गुपचुप और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानें सज रही हैं। सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से लग रही इन दुकानों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। शाम होते ही वहां भीड़ बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। सवाल यह उठता है कि जब चौपाटी निर्माण का उद्देश्य ही व्यवस्थित फूड जोन उपलब्ध कराना था, तो फिर सड़क पर अस्थायी अतिक्रमण क्यों पनप रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा होता, तो लोगों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्थान मिलता। लेकिन पालिका प्रशासन की ढिलाई ने न केवल सरकारी धन के उपयोग पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी अव्यवस्थित कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण को लेकर भी पारदर्शिता नहीं है। ठेकेदार पर कार्रवाई की बजाय उसे लगातार मौखिक चेतावनी देकर छोड़ दिया जा रहा है। इससे यह संदेह और गहरा हो रहा है कि कहीं न कहीं मिलीभगत या उदासीनता का खेल चल रहा है।
जिला प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़ा करती है। जब कलेक्टर के निर्देशों का ही पालन नहीं हो रहा, तो आम नागरिकों की शिकायतों पर कितनी गंभीरता बरती जाएगी, यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाता है या फिर नगरवासियों का इंतजार यूं ही लंबा खिंचता रहेगा। फिलहाल चौपाटी अधूरी है, सड़क पर दुकानें जारी हैं और जिम्मेदार तंत्र खामोश नजर आ रहा है