धरसींवा, 22 मई 2026: सूचना के अधिकार ने ग्राम पंचायत सांकरा में हलचल मचा दी है। वर्ष 2025-26 में हुए निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का ब्योरा मांगने पर पंचायत ने आवेदक दुर्गा प्रसाद बंजारे के आवेदन को 'अस्पष्ट' बताकर स्पष्टीकरण मांग लिया है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पत्राचार का दौर शुरू हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गा प्रसाद बंजारे ने जन सूचना अधिकारी, ग्राम पंचायत सांकरा को RTI आवेदन देकर 04 मार्च 2025 से 21 अप्रैल 2026 के बीच कराए गए सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं। मांगे गए दस्तावेजों में कार्यवाही रजिस्टर, आवक-जावक रजिस्टर, कैश मेमो, वाउचर और खरीदी-बिक्री का पूरा लेखा-जोखा शामिल है।
पंचायत का तर्क: 'कौन सा विभाग, कौन सा काम बताएं'
आवेदन मिलने के बाद जन सूचना अधिकारी ने बंजारे को पत्र भेजा। पत्र में तर्क दिया गया कि पंचायत में मनरेगा, 15वां वित्त, मूलभूत मद समेत कई विभागों और योजनाओं के तहत काम होते हैं। RTI अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत जानकारी विशिष्ट होनी चाहिए, इसलिए आवेदक स्पष्ट करें कि किस विभाग और किस निर्माण कार्य का रिकॉर्ड चाहिए।
आवेदक का पलटवार: 'जानकारी छिपाने का तरीका'
दुर्गा प्रसाद बंजारे ने पंचायत के जवाब पर सवाल उठाए। उनका कहना है, "आवेदन में साफ-साफ 'निर्माण एवं मरम्मत कार्य' लिखा है। फिर भी विभाग और कार्य का नाम पूछकर मामले को उलझाया जा रहा है। यह जानकारी देने से बचने का तरीका है।" बंजारे का आरोप है कि अधिकारी जानबूझकर प्रक्रिया लंबी कर रहे हैं।
क्या होगा अगला कदम?
इस पत्राचार के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है। नियम के मुताबिक पंचायत को 30 दिन में जानकारी देनी है। अब देखना यह है कि पंचायत प्रशासन स्पष्टिकरण के बाद दस्तावेज उपलब्ध कराता है या आवेदक को प्रथम अपील दायर करनी पड़ेगी। यदि अपील में भी राहत नहीं मिली तो मामला राज्य सूचना आयोग तक जा सकता है।