छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

अमली मालगी में 19.35 लाख के रिटर्निंग वॉल निर्माण पर फर्जीवाड़े के आरोप, ग्रामीण ने कलेक्टर से की जांच की मांग

 कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत पंडरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत अमली मालगी में निर्माणाधीन रिटर्निंग वॉल कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीण मोहन साहू ने इस मामले में जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 19 लाख 35 हजार रुपए की लागत से बनाए जा रहे रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य में सरपंच-सचिव द्वारा भारी अनियमितता की गई है। शिकायत में कहा गया है कि निर्माण कार्य में मजदूरों से कार्य कराने के बजाय जेसीबी मशीन से खुदाई कराई गई, जबकि भुगतान मजदूरी मद में दर्शाया जा रहा है। इससे शासन की मनरेगा जैसी योजनाओं के मूल उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रिटर्निंग वॉल की गुणवत्ता बेहद खराब है और निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि नई दीवार को पूर्व में बने रिटर्निंग वॉल के ऊपर ही खड़ा कर दिया गया है, जिससे निर्माण की मजबूती पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। वहीं निर्माणाधीन पचरी की हालत भी खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार पचेरी में लगाए गए सरिए अभी से बाहर दिखाई देने लगे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस निर्माण को अभी से जर्जर स्थिति में देखा जा रहा है, उसे पूर्ण कार्य बताकर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि भविष्य में यह निर्माण कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
शिकायत कर्ता मोहन साहु ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की मौखिक शिकायत लगभग एक माह पूर्व पंडरिया के कार्यक्रम अधिकारी से की गई थी। उस दौरान अधिकारियों ने कार्य में सुधार कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा अब कार्य को पूर्ण दिखाने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने कुछ जनप्रतिनिधियों और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों पर भी संरक्षण देने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि सरपंच पति द्वारा कथित रूप से राजनीतिक प्रभाव और सत्ता पक्ष का दबाव दिखाकर ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता की जांच हो, भुगतान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्राम पंचायत अमली मालगी का यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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