हिंद महासागर में भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं ने किया अभ्यास
नई दिल्ली। ब्रिटेन की कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने भारतीय नौसेना के साथ पश्चिमी हिंद महासागर में चार दिन का समुद्री अभ्यास 'कोंकण' शुरू किया है, जिसका मकसद दोनों देशों की नौसेना क्षमताओं को बढ़ाना है। यह पहली बार है जब ब्रिटेन और भारत के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने साथ में अभ्यास किया है और इस दौरान पनडुब्बी और विमान भी शामिल होंगे।
ब्रिटेन की कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (सीएसजी) ने पश्चिमी हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के साथ 'कोंकण' अभ्यास शुरू किया है। ब्रिटिश सीएसजी का नेतृत्व एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कर रहा है। यह जानकारी ब्रिटिश उच्चायोग ने रविवार को साझा की।एक आधिकारिक बयान में कहा गया, भारत और ब्रिटेन के बीच 'कोंकण' अभ्यास का मकसद दोनों नौसेनाओं की संयुक्त समुद्री और वायु क्षमताओं को बढ़ाना है। 2004 से प्रत्येक दो साल में यह अभ्यास होता आ रहा है। लेकिन यह पहली बार ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अभी 'ऑपरेशन हाईमास्ट' नाम के आठ महीने के मिशन पर है।
भारतीय नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का नेतृत्व आईएनएस विक्रांत कर रहा है। यह चार दिवसीय जटिल समुद्री अभ्यास है, जिसमें दोनों सेनाओं की पनडुब्बी और विभिन्न विमान शामिल होंगे। ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का नेतृत्व एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कर रहा है, जो क्वीन एलिजाबेथ श्रेणी का 65 हजार टन का सबसे बड़ा सतह पोत है, जिसे ब्रिटेन ने बनाया है। इसके साथ ही इस अभ्यास में टाइप 45 डेस्ट्रॉयर एचएमएस डॉनटलेस, टाइप 23 फ्रिगेट एचएमएस रिचमंड, रॉयल फ्लीट असिस्टेंट जहाज और सहयोगी देशों के जहाज शामिल हैं। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में एफ-35बी लाइटनिंग विमान और मर्लिन व वाइल्टकैट हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं।
ऑपरेशन हाईमास्ट एक बहुराष्ट्रीय मिशन है, जिसका नेतृत्व ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप करता है। इस मिशन से ब्रिटेन के सशस्त्र बलों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी तैनाती का अवसर मिलता है। साथ ही वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जटिल ऑपरेशन करने का अभ्यास करते हैं। इस मिशन में 12 अन्य देशों के जहाज और सैनिक शामिल होते हैं। अभ्यास पूरा होने के बाद कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के जहाज मुंबई और गोवा के बंदरगाहों पर पहुंचेंगे, जहां भारत साथ बढ़ते सैन्य सहयोग का जश्न मनाया जाएगा और ब्रिटेन के व्यापार और उद्योग को भी वहां दिखाया जाएगा। यह भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत और जीवंत संबंदों का भी प्रतीक होगा। ब्रिटेन की भारत में उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि भारत और ब्रिटेन एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसा करते हैं और आधुनिक रक्षा और सुरक्षा साझेदारी की महत्वाकांक्षा रखते हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर द्वारा इस वर्ष सहमति से स्थापित ब्रिटेन-भारत विजन 2035 का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।