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एनएसई एनुअल हाइलाइट्स 2025: मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपए के पार, पूँजी निर्माण में भी बड़ा उछाल

 एनएसई के सालाना प्रदर्शन पर एक नज़र: मार्केट कैप पहुँचा 469 लाख करोड़ रुपए; पूँजी निर्माण 19.17 लाख करोड़ रुपए के पार

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एनएसई एनुअल हाइलाइट्स 2025: मार्केट कैप 469 लाख करोड़ रुपए के पार, पूँजी निर्माण में भी बड़ा उछाल

मुंबई, दिसंबर 2025: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने वर्ष 2025 के अपने सालाना आँकड़ें जारी किए हैं। 19 दिसंबर, 2025 तक के आँकड़ों के मुताबिक, दुनिया में चल रही आर्थिक उठा-पटक के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में उत्कृष्ट मजबूती देखने को मिली। इक्विटी बाजार, पूँजी निर्माण और निवेशकों की भागीदारी, तीनों ही मोर्चों पर बढ़त देखने को मिली।

मार्केट की स्थिति और मार्केट कैपिटलाइजेशन
निफ्टी 50 इंडेक्स वर्ष 2025 में बढ़कर 23,645 से 25,966 पर पहुँच गया, यानि करीब 9.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
एनएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 439 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो करीब 6.8 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
मार्केट कैप और जीडीपी का अनुपात 136 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा।

पूँजी निर्माण और प्राइमरी मार्केट की स्थिति

इक्विटी, डेट और बिज़नेस ट्रस्ट के ज़रिए कुल 19.17 लाख करोड़ रुपए का फंड जुटाया गया, जो कि वर्ष 2024 के 17.89 लाख करोड़ रुपए से करीब 7 फीसदी ज्यादा रहा।
इक्विटी से कुल 4.12 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए, जबकि डेट के ज़रिए 14.72 लाख करोड़ रुपए आए। डेट निर्माण में करीब 10 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
वर्ष 2025 में 101 मेनबोर्ड आईपीओ के ज़रिए 1.71 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। वहीं, 112 एसएमई आईपीओ से 5,589 करोड़ रुपए का फंड आया।
मेनबोर्ड आईपीओ के मामले में महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और कर्नाटक सबसे आगे रहे।

सेकेंडरी मार्केट और वैश्विक पहचान

इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में एनएसई दुनिया में नंबर एक पर रहा। दुनिया भर में होने वाले कुल कॉन्ट्रैक्ट्स में इसकी हिस्सेदारी 53.2 फीसदी रही।
नई लिस्टिंग के मामले में एनएसई ने दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें 16.2 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी रही।
कॉर्पोरेट बॉन्ड ट्रेडिंग में भी तेजी देखने को मिली। ओटीसी और आरएफक्यू सेगमेंट में कारोबार बढ़ा, खासतौर पर आरएफक्यू टर्नओवर में सालाना 52.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

निवेशकों की भागीदारी और घरेलू संपत्ति में बढ़त
वर्ष 2025 तक देश में रजिस्टर्ड निवेशकों की कुल संख्या बढ़कर 12.4 करोड़ पहुँच गई। सिर्फ इसी वर्ष में 1.5 करोड़ नए निवेशक जुड़े हैं।
निवेशकों का आधार सालाना 13.9 फीसदी बढ़ा। इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सबसे ज्यादा भागीदारी देखने को मिली।
अप्रैल 2020 से अब तक भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संपत्ति में करीब 53 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लंबे समय में संपत्ति बनाने में पूँजी बाजार की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (एनएसई आईएक्स)

वर्ष 2025 में एनएसई आईएक्स ने पहली बार 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के नोटेशनल टर्नओवर का आँकड़ा पार किया और यह 1,106 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच गया।
गिफ्ट निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स में वर्ष भर में कुल 2.25 करोड़ से ज्यादा ट्रेड हुए, जिनका कुल टर्नओवर करीब 1.1 ट्रिलियन यूएस डॉलर रहा।
शुरुआत से अब तक गिफ्ट निफ्टी का कुल टर्नओवर 2.53 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुँच चुका है।

निष्कर्ष

वर्ष 2025 एनएसई के लिए एक और महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। निवेशकों की बढ़ती संख्या, मजबूत पूँजी निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता कारोबार यह स्पष्ट करता है कि भारत के पूँजी बाजार पहले से ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद हो रहे हैं। एनएसई आज देश की वित्तीय व्यवस्था की एक मजबूत रीढ़ बनकर उभरा है।

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