काम बंद होने से आवेदक परेशान
इंदौर। नायता मुंडला स्थित परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड प्रिंटिंग का काम करने वाली स्मार्ट चिप कंपनी ने काम बंद कर दिया है। यहां कंपनी द्वारा प्रतिदिन करीब एक हजार कार्ड प्रिंट किए जाते थे। यह काम पूरी तरह से बंद होने से आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें प्रिंट किए हुए ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं मिल पाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि नई एजेंसी तय होने में करीब दो माह का समय लग सकता है। इंदौर परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन 450 ड्राइविंग लाइसेंस, 350 रजिस्ट्रेशन और करीब 200 के फाइनेंस कटौती और डुप्लीकेट के लिए आवेदन प्राप्त होते हैं। नवरात्र में शहर में हजारों वाहन की बिक्री होगी।
इन सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन में तो कोई परेशानी नहीं आएगी, लेकिन वाहन स्वामियों को कार्ड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। कार्ड बनाने वाली स्मार्ट चिप कंपनी ने प्रदेश और इंदौर के परिवहन कार्यालय से कामकाज समेट लिया है। इस वजह से एक अक्टूबर से प्रिंटिंग का काम पूरी तरह से बंद हो गया।
ऑनलाइन दस्तावेज होंगे मान्य आरटीओ प्रदीप शर्मा का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और वाहनों के रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्व की तरह जारी रहेगा। इसमें किसी तरह की परेशानी आवेदकों को नहीं आएगी। कुछ समय के लिए कार्ड प्रिंट होकर नहीं मिल पाएंगे। इसके लिए आवेदक प्रिंट निकाल कर रख सकते हैं।
एक्सटेंशन 30 सितंबर को खत्म
परिवहन विभाग में कार्ड प्रिंटिंग का काम 22 साल से स्मार्ट चिप कंपनी कर रही थी। कंपनी का कार्यकाल 2022 में खत्म हो गया था। इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा कंपनी को बार-बार एक्सटेंशन दिया जा रहा था। एक्सटेंशन का कार्यकाल भी 30 सितंबर को खत्म हो गया। परिवहन विभाग ने कंपनी को दिसंबर तक काम संभालने का अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने इस कार्य से इन्कार कर दिया।