देश-विदेश
जेपी नड्डा ने भारतीय फार्माकोपिया के 10 वें संस्करण का किया विमोचन
नई दिल्ली - केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में भारतीय फार्माकोपिया 2026 (आईपी) 2026- भारत के औषधि मानकों की आधिकारिक पुस्तक के 10वें संस्करण का विमोचन किया। यह संस्करण दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता को मजबूत करने के भारत के निरंतर प्रयासों की एक कड़ी है।
श्री नड्डा ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय फार्माकोपिया देश में दवाओं के लिए आधिकारिक मानक पुस्तक और भारत के फार्मास्यूटिकल्स नियामक ढांचे का आधार है। उन्होंने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया का 10वां संस्करण वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक सर्वोत्तम विधियों और फार्मास्युटिकल और विनियमन में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया 2026 में 121 नए मोनोग्राफ शामिल किए गए हैं, जिससे मोनोग्राफ की कुल संख्या बढ़कर 3,340 हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि तपेदिक रोधी, मधुमेह रोधी और कैंसर रोधी दवाओं के साथ-साथ आयरन सप्लीमेंट सहित प्रमुख चिकित्सीय श्रेणियों में कवरेज को काफी मजबूत किया गया है, जिससे विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत उपयोग की जाने वाली दवाओं का व्यापक मानकीकरण सुनिश्चित होता है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने फार्माकोविजिलेंस का उल्लेख करते हुए कहा कि 'हाल के वर्षों में, भारतीय फार्माकोपिया के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकृति मिली है क्योंकि यह भारत सरकार की स्वास्थ्य कूटनीति के अंतर्गत एक प्रमुख एजेंडा बन गया है।' उन्होंने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया को अब वैश्विक दक्षिण के 19 देशों में मान्यता प्राप्त है।
भारतीय जनसंचार संस्थान ने शुरू किया पीएच.डी. पाठ्यक्रम
नई दिल्ली - भारतीय जनसंचार संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) ने 1 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से अपने पीएच.डी. पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया, जो संस्थान की 60 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पीएच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु शोधार्थियों का चयन किया जाएगा।
पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है और यह 30 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। यूजीसी-नेट योग्यता वाले उम्मीदवारों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, यूजीसी-नेट के बिना आवेदन करने वाले अंशकालिक उम्मीदवारों को 15 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा देनी होगी। चयनित उम्मीदवारों की सूची 23 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी और साक्षात्कार 9 मार्च 2026 से शुरू होंगे। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी और कोर्सवर्क की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी। पीएच.डी. प्रवेश पोर्टल के शुभारंभ पर बोलते हुए, आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने कहा कि इस पीएच.डी. पाठ्यक्रम का उद्देश्य उभरते हुए भारत के लिए अनुसंधान में वास्तविक योगदान देना है। डॉ. पालीवाल गौड़ ने ऐसी अनुसंधान परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो लीक से हटकर हों और व्यापक स्तर पर समाज तथा राष्ट्र के लिए सहायक सिद्ध हों।
ठंड की चपेट में पूरा उत्तर भारत, दिल्ली-NCR में छाएगा घना कोहरा
नई दिल्ली - उत्तर भारत ठंड की चपेट में है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई शहरों में आने वाले दिनों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके चलते मौसम विभाग ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस बीच, दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार को ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जहां 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 267 रहा।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में कड़ाके की ठंड हो रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का मजा ले रहे हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है।
अलाव का सहारा ले रहे लोग
राजस्थान, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर का प्रकोप है। राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड से लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बिहार में पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
4 जनवरी से 7 जनवरी के बीच शीत लहर का अलर्ट
मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। 4 जनवरी से 7 जनवरी के बीच शहर के कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति बन सकती है। सुबह के समय दृश्यता कम रही है आने वाले दिनों में घना कोहरा के चलते दृश्यता और भी कम हो सकती है।
8.1 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम के औसत से 1.2 डिग्री अधिक है।
सबसे ठंडा रहा दिल्ली का पालम एरिया
अधिकतम तापमान के स्टेशनवार आंकड़ों से पता चला कि पालम में 15.8 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 17.6 डिग्री सेल्सियस, रिज में 16.3 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 17.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इस बीच, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस, पालम में 7.9 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 8 डिग्री सेल्सियस, रिज में 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आयानगर में तापमान सबसे कम 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
‘खराब’ श्रेणी में दिल्ली की हवा
आईएमडी के अनुसार, घने कोहरे के चलते सफदरजंग में करीब नौ बजे दृश्यता घटकर 800 मीटर रह गई, जो बाद में बढ़कर 1,200 मीटर हो गई। इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 267 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के 14 निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई ‘खराब’, 17 पर ‘बहुत खराब’ और छह पर ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 340 के साथ सबसे खराब दर्ज किया गया।
10 किलो चरस के साथ नेपाली नागरिक गिरफ्तार
नई दिल्ली - दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान महेश (46) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से 10.97 किलोग्राम हाई-ग्रेड चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महेश लंबे समय से नेपाल से दिल्ली तक अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और वितरण में शामिल था। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और इसका नेटवर्क नेपाल से शुरू होकर भारत के कई राज्यों तक फैला हुआ था।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर महेश को दिल्ली में गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूरे नेटवर्क की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि बरामद की गई चरस किसी बड़ी खेप का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ़्तारी सही या गलत : एक वैश्विक विवाद - डॉ. अतुल मलिकराम
इंदौर, 04 जनवरी 2026: वैश्विक राजनीति में एक नया, बेहद विवादास्पद तथा इतिहास बनाने वाला अध्याय जुड़ गया है। 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और मात्र आधे घंटे के भीतर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ़्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया भर में तीखी, गहन तथा बहुआयामी बहस छेड़ दी है। एक तरफ इसे तानाशाही के खिलाफ न्याय की जीत, दमनकारी शासन के अंत तथा लोकतंत्र बहाली की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन, संप्रभुता पर हमला तथा साम्राज्यवादी हस्तक्षेप माना जा रहा है। प्रख्यात राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम का कहना है कि “वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक जटिल, बहुआयामी, ऐतिहासिक तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली घटना है। यह कार्रवाई न केवल वेनेज़ुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता, क्षेत्रीय स्थिरता, विकासशील देशों की संप्रभुता तथा बड़े देशों की एकतरफा कार्रवाइयों पर भी गहरा, दीर्घकालिक तथा अप्रत्याशित असर डालेगी। भारत जैसे देशों को इस घटना से सतर्कता बरतने, कूटनीतिक सबक लेने तथा अपनी रक्षा, सुरक्षा तथा विदेश नीति की रणनीति को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”
घटना का पूरा ब्यौरा बेहद चौंकाने वाला तथा फिल्मी पटकथा जैसा है। 3 जनवरी 2026 की रात कराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टरों ने कराकास के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन इतना तेज तथा सुनियोजित था कि वेनेज़ुएला की रक्षा प्रणाली जवाब नहीं दे सकी। अमेरिकी विशेष बलों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया। मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर नारको-टेररिज्म, मादक पदार्थ तस्करी तथा हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल कार्रवाई” बताया और दावा किया कि मादुरो ड्रग तस्करी तथा नारको-टेररिज्म में शामिल थे।
इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि कई वर्षों की है। मादुरो पर 2020 से ही अमेरिकी अदालत में आरोप थे और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इनाम घोषित था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। लेकिन इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नारको-टेररिज्म के खिलाफ थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो तथा उनकी सरकार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में स्थिरता के लिए भूमिका निभाएगा। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि मादुरो का शासन दमनकारी था। वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, भुखमरी तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें थीं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए। समर्थकों का कहना है कि मादुरो की गिरफ़्तारी लोकतंत्र बहाली का कदम हो सकती है।
विरोधी पक्ष इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, किसी संप्रभु देश पर हमला तभी वैध है जब वह आत्मरक्षा में हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी हो। विरोधी कहते हैं कि यह हमला तेल संसाधनों पर कब्जे की साजिश थी। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। इतिहास में अमेरिका के हस्तक्षेप अस्थिरता लाए हैं।
भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और संयम व संवाद की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करता है।
यह कार्रवाई नैतिक रूप से जटिल है। मादुरो का शासन दमनकारी था, लेकिन अमेरिका का तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन लगता है। कानूनी मानदंड से देखें तो यह गलत प्रतीत होता है। लेकिन सुरक्षा के नजरिए से कुछ के लिए जरूरी था।
वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक ऐतिहासिक घटना है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। डॉ. मलिकराम कहते हैं कि “यह घटना सतर्कता का संदेश है। भारत को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।”
नशे में मंदिर के शिखर पर चढ़कर शराब मांगने लगा शख्स, पुलिस को 3 घंटे तक करनी पड़ी मशक्कत
आंध्र प्रदेश । तिरुपति शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शहर में स्थित प्रसिद्ध श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में एक युवक गोपुरम के शिखर पर चढ़ गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मंदिर बंद होने के कुछ ही देर में युवक मंदिर के अंदर घुस गया और वो शराब के नशे में था। TTD के विजिलेंस विभाग के लोगों को इसकी भनक लगती तब तक यह व्यक्ति मुख्य गोपुरम के शिखर पर चढ़ गया। यहां चढ़कर वह शिखर पर लगे कलश को निकालने की कोशिश करने लगा।
दीवार फांदकर अंदर घुसा शख्स
विजिलेंस वालों को पता चलने से पहले ही वह मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुस गया, आरोपी की पहचान कुट्टाडी तिरुपति के तौर पर हुई, जो कुर्मा वाडा, पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी, निजामाबाद (तेलंगाना) का रहने वाला है। तिरुपति ईस्ट पुलिस और फायर डिपार्टमेंट के लोगों को युवक को मंदिर के गोपुरम से नीचे उतारने के लिए तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब पुलिसकर्मी लोहे की सीढ़ियों की मदद से शिखर तक पहुंचे तो समझाईश के दौरान युवक ने शर्त रख दी कि शराब की क्वाटर बोतल मिलेगी तभी वो नीचे उतरेगा। पुलिसकर्मी ने नीचे उतरने पर शराब पिलाने का झांसा देकर उसे नीचे उतारा और फिर गिरफ्तार कर लिया।
तिरुपति ईस्ट के डीएसपी एम. भक्तवत्सलम नायडू ने बताया कि तिरुपति के श्री गोविन्दराजस्वामी मंदिर में शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति ने हंगामा खड़ा कर दिया। वह व्यक्ति सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर मंदिर परिसर में घुस गया। जैसे ही उसने मंदिर की दीवार पर चढ़ने की कोशिश की, सतर्कता दल ने उसे तुरंत देख लिया। मंदिर के अंदर उसने गोपुरम (मंदिर का शिखर) पर चढ़कर कलशों तक पहुंचने की कोशिश भी की। उस व्यक्ति की पहचान कुट्टाडी तिरुपति (45) के रूप में हुई, जो तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कुर्मावाड़ा स्थित पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी का निवासी है। उस व्यक्ति ने एक क्वार्टर शराब की मांग की और कहा कि वह उसे मिलने के बाद ही नीचे उतरेगा। उसकी मांग मान लेने के बाद उसे नीचे उतारा गया और तिरुपति पूर्व पुलिस स्टेशन ले जाया गया। आगे की जांच जारी है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे वृंदावन, संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा
वृंदावन। आरएसएस के तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत वृंदावन पहुंच गए हैं। मोहन भागवत यहां सात दिनों तक वृंदावन में रहेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित लगभग 40 केंद्रीय पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां छोटी बैठकों का दौरा कल से शुरू होगा, जबकि मुख्य बैठक 6 जनवरी से 8 जनवरी तक चलेगी।
RSS की होनी है बैठक
दरअसल, RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक वृंदावन के केशव धाम में प्रारंभ हो रही है। यह बैठक 6 जनवरी से 8 जनवरी तक चलेगी। इस बैठक से पहले टोली बैठकों का दौर सोमवार से शुरू हो जाएगा। बता दें कि हर साल जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक होती है। इसमें जिन संगठनों पर विशेष चर्चा की जानी होती है उन संगठनों के प्रतिनिधियों को इस बैठक में बुलाया जाता है।
संघ के प्रमुख पदाधिकारी होंगे शामिल
इस बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित संघ के लगभग 40 प्रमुख पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। मोहन भागवत के अलावा, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होशबाले, 6 सह सरकार्यवाह सहित लगभग 40 केंद्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
संघ से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के ऊपर अत्याचार, सहकार क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र के संबंध में भी चर्चा की जाएगी। बंगाल के चुनाव के संबंध में भी चर्चा होने की संभावना बताई जा रही है।
सुदामा कुटी आश्रम जाएंगे मोहन भागवत
9 जनवरी को संघ प्रमुख मोहन भागवत चंद्रोदय मंदिर जाएंगे। वहां पर वह ठाकुर जी के दर्शन, गौशाला और रसोई देखने के बाद पदाधिकारी से चर्चा भी करेंगे। इसके बाद नाभापीठ सुदामा कुटी का शताब्दी समारोह भी 10 जनवरी से 21 जनवरी तक आयोजित किया गया है।
10 जनवरी को संघ प्रमुख मोहन भागवत सुदामा कुटी आश्रम में इसके उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इस उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की भी संभावना है।
अवैध खदान में विस्फोट: कई मजदूर फंसे, बचाव कार्य जारी..
ढेंकनाल। ओडिशा के ढेंकनाल में एक पत्थर खदान में धमाका हुआ है, जिसके चलते खदान में कई मजदूर फंस गए हैं। हादसे में कई मजदूरों के मारे जाने की आशंका है। मजदूरों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। सूत्रों के अनुसार, ढेंकनाल के गोपालपुर में अवैध पत्थर खदान में यह धमाका हुआ। हादसे में कई मजदूरों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अभी तक सरकारी अधिकारियों की तरफ से इसे लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
खदान में फंसे मजदूरों की कोशिश जारी
हादसा शनिवार देर रात का है। जैसे ही घटना के बारे में जानकारी हुई, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर वहां लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। अभी राहत और बचाव अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि खदान में कितने मजदूर फंसे हैं और उनकी क्या स्थिति है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि खदान में विस्फोट करने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी और अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। स्थानीय अग्निशमन दल, ओडिशा आपदा प्रबंधन दल की टीमों के साथ ही डॉग स्कवायड और विभिन्न उपकरणों के साथ बचाव दल खदान में फंसे मजदूरों को निकालने में जुटा है। ढेंकनाल के जिलाधिकारी और एसपी भी मौके पर मौजूद हैं।
नवीन पटनायक ने की जांच की मांग
विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'ढेंकनाल में एक पत्थर खदान में धमाके के चलते मजदूरों के फंसने से दुखी हूं। पता चला है कि हादसे में मजदूरों की मौत हुई है। इस दुख की घड़ी में मैं पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और हादसे में मारे गए लोगों के आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।' नवीन पटनायक ने हादसे की जांच कराने की मांग की। साथ ही सरकार से मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने भी मांग की।
रामरहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल
रोहतक। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद रामरहीम को 40 दिन की पैरोल मिली है। 15वीं बार रविवार शाम या सोमवार सुबह जेल से बाहर आएगा और कड़ी सुरक्षा में सिरसा डेरे के लिए रवाना होगा। पुलिस ने जेल परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।
साध्वी यौन उत्पीड़न केस में आरोप सिद्ध होने के बाद 2017 से राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। पिछली बार अगस्त 2025 में 40 दिन के पैरोल पर रामरहीम जेल से बाहर आया था। पैरोल की यह अवधि सिरसा डेरे पर व्यतीत की गई थी। अबकी बार भी 40 दिन की पैरोल सिरसा डेरे में कटेगी।
2025 में तीन बार जेल से बाहर आया राम रहीम
जेल से एक निश्चित समय बिताने और व्यवहार के बाद पेरोल और फरलो की प्रक्रिया अदालत में शुरू की जाती है। हालांकि पेराेल की अवधि सजा में नहीं जोड़ी जाती है जबकि फरलो की अवधि सजा में ही जोड़ी जाती है।
2025 में राम रहीम तीन बार फरवरी व अप्रैल में 21-21 दिन की फरलो व अगस्त में 40 दिन की पेरोल पर बाहर आया था। साथ ही 2017 से अब तक 14 बार पेरोल या फरलो मिल चुकी है। अब 15वीं बार जेल से बाहर आएगा।
800 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म बनी धुरंधर, तोड़ेगी पुष्प-2 का रिकॉर्ड ?..
मुंबई । हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। बहुचर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी कल्पना कम ही की जा रही थी। रिलीज के 30वें दिन यानी पांचवें शनिवार को फिल्म ने भारत में 800 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया और ऐसा करने वाली यह पहली हिंदी फिल्म बन गई।
800 करोड़ पार होने वाली पहली हिंदी फिल्म
अब तक बॉक्स ऑफिस पर हिंदी फिल्मों के लिए यह मुकाम दूर का सपना माना जाता था, लेकिन ‘धुरंधर’ ने तमाम अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए इंडस्ट्री में नई बेंचमार्क सेट कर दी है। ट्रेड पंडितों की मानें तो फिल्म अब सीधे तौर पर ‘पुष्पा 2’ के हिंदी लाइफटाइम रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है, जो फिलहाल 830 करोड़ रुपये पर टिका हुआ है।
पांचवें हफ्ते में भी बरकरार रफ्तार
आमतौर पर बड़ी फिल्में चौथे या पांचवें हफ्ते तक आते-आते रफ्तार खो देती हैं, लेकिन ‘धुरंधर’ इस मामले में अपवाद साबित हुई है। पांचवें हफ्ते के शुक्रवार को फिल्म ने करीब 9.70 करोड़ रुपये और शनिवार को 12.60 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 806.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
30वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म
फिल्म 'धुरंधर' 30वें दिन सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली फिल्म बन गई है। 30वें दिन की कमाई के मामले में अब तक विक्की कौशल की बीते वर्ष रिलीज हुई फिल्म 'छावा' नंवर वन पर थी, मगर 'धुरंधर' ने उसका रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
हफ्तों के हिसाब से कमाई
अगर फिल्म की साप्ताहिक कमाई पर नजर डालें तो इसकी मजबूती साफ नजर आती है। पहले हफ्ते में फिल्म ने 218 करोड़ रुपये जुटाए। दूसरे हफ्ते में रफ्तार और तेज हुई और कलेक्शन 261.50 करोड़ तक पहुंच गया। तीसरे हफ्ते में भी फिल्म ने 189.30 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की। चौथे हफ्ते में 115.70 करोड़ रुपये जुड़े, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह आंकड़े बताते हैं कि ‘धुरंधर’ सिर्फ ओपनिंग पर नहीं, बल्कि मजबूत कंटेंट और वर्ड ऑफ माउथ के दम पर आगे बढ़ी है।
पीएम मोदी ने वाराणसी में नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया
वाराणसी। वाराणसी के सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया।
दोपहर 12 बजे आयोजन में जब पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल रूप से जुड़े तो पूरा स्टेडियम हर-हर महादेव के नारे से गूंज उठा। वहीं, पीएम मोदी ने नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव के जयघोष के साथ स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों, उनके कोच और कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने वॉलीबॉल खिलाड़ियों से कहा कि एक कहावत है कि बनारस के जानल चाहत हउआ त बनारस आवे के पड़ी... अब आप सभी बनारस आ गए हैं तो यहां की संस्कृति को भी समझ जाएंगे।
आप सभी को यहां उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक मिलेंगे। वॉलीबॉल हमें टीम फर्स्ट का संदेश देती है, सभी प्लेयर्स अपनी टीम के लिए खेलते हैं। यह खेल हमें सिखाता है कि कोई भी जीत हमारे अकेले की नहीं होती है। टीम की जीत से सभी जीतते हैं। हमारे देश में भी (इंडिया फर्स्ट) की भावना है। सुबह 11:00 बजे तक सिगरा स्टेडियम में वॉलीबाल खिलाड़ियों के साथ भाजपा नेता और कार्यकर्ता जुट गए थे।
जुटे देशभर के खिलाड़ी
इससे पहले, सीएम योगी के आगमन और वर्चुअल रूप से पीएम मोदी को देखने के लिए आतुर भाजपा कार्यकर्ता मोदी-योगी जल्दी आवा व हर हर महादेव के नारे लगा रहे थे। 11:22 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब सिगरा स्टेडियम पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
काशी में पहली बार इस तरह के वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश भर से 58 टीमें भाग ले रही हैं। आयोजन के लिए स्टेडियम को रंग-बिरंगे फ्लैग, चैंपियनशिप के बैनर और होर्डिंग से सजाया गया है। 11:15 बजे तक स्टेडियम खिलाड़ियों से भर गया था।
अपनी भारी-भरकम कद-काठी के लिए मशहूर हुए भारतीय राजनेता - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
भागीरथपुरा में हैजा का कहर : 338 नए संक्रमित सामने आए
15 मौत का दावा, प्रशासनिक आंकड़ों पर सवाल इंदौर, 2 जनवरी 2026
स्वच्छता में सात बार देश में नंबर वन रह चुका इंदौर इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हैजा फैलने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में पानी के नमूनों में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी बैक्टीरिया पाया गया है। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में मौतों की संख्या को लेकर विरोधाभास बना हुआ है। इस असमंजस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हैजा फैलाने वाले बैक्टीरिया की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई लैब जांच में दूषित पानी में विब्रियो कोलेरी बैक्टीरिया की मौजूदगी सामने आई है। यह बैक्टीरिया शरीर में पहुंचते ही तेजी से संक्रमण फैलाता है और गंभीर डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालों में भर्ती मरीजों के कल्चर टेस्ट कराए जा रहे हैं। गंभीर मरीजों को हैजे के इलाज में प्रभावी मानी जाने वाली डॉक्सीसाइक्लिन दवा दी जा रही है। पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
संक्रमितों की संख्या में तेज बढ़ोतरी भागीरथपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। अब तक 8,571 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इनमें से 338 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। फिलहाल 200 से अधिक मरीज शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 32 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। क्षेत्र के आयुष्मान क्लीनिक को अस्थायी स्वास्थ्य शिविर में तब्दील कर दिया गया है ताकि नए मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास
इस बीमारी से हुई मौतों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में 68 वर्षीय गीता बाई ग्रोवर की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश और बढ़ गया।
वहीं सरकारी रिकॉर्ड में अब तक केवल 8 मौतों की ही पुष्टि की गई है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 4 मौतों की बात कही है, जबकि महापौर ने कुछ दिन पहले 7 मौतों की जानकारी दी थी। अलग-अलग बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया है।
राहत और बचाव कार्य जारी
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में लगातार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रही हैं और पानी की पाइपलाइनों में लीकेज की जांच की जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद कर दी गई है और टैंकरों के जरिए साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण पर पूरी तरह काबू पाने तक स्वास्थ्य शिविर और निगरानी अभियान जारी रहेंगे।
झारखंड में कोयला खदान का एक हिस्सा ढहने से दो मजदूर फंसे
हजारीबाग। एसडीपीओ ने बताया कि फंसे श्रमिकों को कोयला श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन, अंधेरा और कोहरे के कारण शनिवार रात नहीं निकाला जा सका। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद खदान में काम करने वाले मजदूरों ने कोयला खनन का काम रोक दिया।
झारखंड के हजारीबाग जिले में एक खदान का हिस्सा ट्रक पर गिरने से दो मजदूर फंस गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना शनिवार रात करीब 11 बजे उरीमारी थाना क्षेत्र के ‘सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड’ (सीसीएल) के कमांड क्षेत्र में उस समय हुई, जब खदान का एक हिस्सा कोयला ढोने वाले वाहन पर गिर गया।
बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) पवन कुमार ने बताया कि ट्रक में फंसे श्रमिकों की पहचान सुनील यादव (30) और राजू पासवान (50) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया, “दोनों श्रमिकों को बचाने के लिए बचाव अभियान जारी है। एक अन्य व्यक्ति को दुर्घटनास्थल से निकाल लिया गया और उसे यहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”एसडीपीओ ने बताया कि फंसे श्रमिकों को कोयला श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन, अंधेरा और कोहरे के कारण शनिवार रात नहीं निकाला जा सका। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद खदान में काम करने वाले मजदूरों ने कोयला खनन का काम रोक दिया।
51 वर्ष की हुयी जानीमानी अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे
मुंबई (वीएनएस) बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे आज 51 साल की हो गयीं। एक जनवरी 1975 को मुंबई में जन्मीं सोनाली बेंद्रे का फिल्म इंडस्ट्री से कोई नाता नहीं था।सोनाली ने फिल्मी दुनिया में आने का फैसला लिया तो उनके पास किसी तरह का सपोर्ट नहीं था। सोनाली बेंद्रे ने मुंबई के रामनारायण लोहिया कॉलेज से अपनी पढ़ाई की है। कॉलेज के दिनों में वे पढ़ाई में अच्छी थीं और हमेशा एक्टिविटी में हिस्सा लेती थीं। आत्मविश्वास ने ही उन्हें मॉडलिंग की ओर बढ़ाया। बिना किसी गॉडफादर के उन्होंने विज्ञापनों से शुरुआत की। उनका 'निरमा’ का विज्ञापन खूब लोकप्रिय हुआ। सोनाली ने बतौर अभिनेत्री अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1994 में रिलीज फिल्म आग से की। इस फिल्म में उनके अपोजिट गोविन्दा थे। फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह से नकार दी गयी। उनको इस फिल्म के लिये फिल्म फेयर द्वारा न्यू फेस अवार्ड दिया गया।
सोनाली बेंद्रे वर्ष 1995 में मणिरत्नम की फिल्म 'बॉम्बे के गाने 'हम्मा हम्मा’ में नजर आईं थीं। इस गाने को ए. आर रहमान ने गाया था। इस गाने में अपने डांस मूव्स के कारण सोनाली चर्चा में आ गईं, दर्शक उनके दीवाने हो गए। सोनाली के करियर के लिए यह गाना स्पेशल साबित हुआ।वर्ष 1996 में रिलीज फिल्म 'दिलजले' उनके करियर की पहली सुपरहिट साबित हुयी। सोनाली बेंद्रे बॉलीवुड की उन गिनी चुनीं अभिनेत्रियों में शमिल हैं जिन्होंने खान त्रिमूर्ति के साथ काम किया है। शाहरुख खान के साथ सोनाली ने 'इंग्लिश बाबू देशी मेम', सलमान खान के साथ 'हम साथ साथ हैं' और आमिर खान के साथ 'सरफरोश' में काम किया है।
सोनाली बेंद्रे ने 2002 में फिल्म निर्माता गोल्डी बहल से शादी करने के बाद फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2013 में प्रदर्शित फिल्म 'वंस अपोन ए टाइम इन मुंबई' से कम बैक किया। वर्ष 2018 में सोनाली को कैंसर होने का पता चला। इस बीमारी ने उनकी जिंदगी बदल दी, पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। लंबे इलाज और संघर्ष के बाद, 2021 में सोनाली कैंसर से पूरी तरह ठीक हो गईं। वर्ष 2022 में सोनाली, वेब सीरीज 'द ब्रोकन न्यूज' में वह नजर आईं, जिसके लिए फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड नॉमिनेशन भी मिला।सोनाली बेंद्रे ने हिंदी फिल्मों के अलावा तमिल, तेलगु, कन्नड़ और मराठी फिल्मों में भी काम किया है। सोनाली टीवी शो में बतौर जज शामिल हो चुकी हैं. वह 'इंडियन आइडल', 'इंडियाज गॉट टैलेंट' जैसे शो में जज के तौर पर काम कर चुकी हैं।