छत्तीसगढ़ / जशपुर
मुख्यमंत्री साय ने बगिया में जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन आयोजित कर आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, किसान, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों और समस्याओं के साथ उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं जनता की सुविधा और विकास के लिए हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इनका लाभ समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दें ताकि आमजन को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास भी मौजूद रहे।
जनदर्शन के दौरान प्राप्त कई आवेदनों में तत्काल कार्रवाई करते हुए समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कुछ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संबंधित विभागों को जनहित के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि शासन जनता के साथ है और हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
राज्यस्तरीय पैरा दिव्यांग तैराकी प्रतियोगिता : जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जीते तीन गोल्ड और दो सिल्वर मैडल
जशपुरनगर । बिलासपुर में मंगलवार को आयोजित 12 वीं छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय पैरा दिव्यांग तैराकी प्रतियोगिता में जिले के तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल्ड एवं दो सिल्वर मैडल प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता में तैराक सतेंद्र राम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया और तीन गोल्ड मैडल हासिल किए।
वहीं गोस्वामी पैंकरा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दो सिल्वर मैडल प्राप्त किए। सतेंद्र राम हैदराबाद में 15 नवंबर से 18 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय दिव्यांग तैराकी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में प्रभावित परिजन हेतु 04 लाख की राशि स्वीकृत
जशपुरनगर। कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में प्रभावित परिजन को आर.बी.सी. 6-4 के तहत् 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृत दी है। सन्ना तहसील अंतर्गत ग्राम तोरा निवासी स्व. भुटकुल का कुआं के पानी में डूबने से 17 फरवरी 2024 को मृत्यु हो गई। मृतक के निकटतम वारिस उनके पत्नी रुकमणी बाई हेतु 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
हो जाएं रोमांचक अनुभव के लिए तैयार, देश-विदेश से आएंगे पर्यटक
काउंटडाउन शुरू............... राष्ट्रीय क्षितिज में चमकने को तैयार जशपुर
जशपुर जम्बूरी 6 से 9 नवंबर 2025 तक
स्वरोजगार और पर्यटन को मिलेंगे नए आयाम
जशपुर, 28 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 6 से 9 नवंबर 2025 तक भव्य जशपुर जम्बूरी का आयोजन होगा। यह महोत्सव जिले की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और एडवेंचर स्पोर्ट्स का शानदार संगम होगा, जो जशपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कहते हैं कि- ‘‘हमारा लक्ष्य है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025 न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को भी नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे आयोजन छत्तीसगढ़ को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। यह सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गर्व का भी उत्सव है‘‘।

जशपुर जम्बूरी केवल एक मनोरंजक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय स्व-सहायता समूहों, युवा कारीगरों, गाइड्स और होमस्टे संचालकों के लिए रोजगार और स्वरोजगार का प्रमुख माध्यम भी है। 2024 में पहली बार आयोजित यह कार्यक्रम पिछले वर्ष लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ और इस बार इसे और विस्तार देने की तैयारी की गई है।

रॉक क्लाइम्बिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग जैसे रोमांच सहित जनजातीय इलाकों का अनुभव
जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों को और भी समृद्ध करेगा। रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग, मयाली डैम पर वॉटर स्पोर्ट्स, पैरामोटर और हॉट एयर बलून से मधेश्वर पहाड़ों के दृश्य देखे जा सकेंगे। जनजातीय नृत्य (कर्मा, सरहुल), लोक संगीत, हस्तशिल्प कार्यशालाएँ (मिट्टी, बाँस, गोंदना कला, लकड़ी व लोहे की कारीगरी), लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन का भी अनुभव मिलेगा। पारंपरिक खेल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ और तारों भरे आसमान के नीचे अलाव की गर्माहट से लोगों के मन में आनंद की अनुभूति होगी। जशपुर जम्बूरी 2025 का उद्देश्य है प्रतिभागियों को प्रकृति, परंपरा और समुदाय की उस धारा से जोड़ना, जहाँ हर पल एक नई कहानी कहता है।

युवाओं के लिए विशेष : कौशल विकास से लेकर रोजगार तक की संभावनाएं
युवाओं के लिए यह जशपुर जम्बूरी शिक्षा और कौशल विकास का अवसर लेकर आ रहा है। पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में युवाओं को वैश्विक मानकों पर प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे बेहतर रोजगार के अवसर पा सकें। डिजिटल मार्केटिंग और जीआईएस मैपिंग के माध्यम से इलाके की पहुंच बढ़ाई जाएगी, जो आर्थिक विकास में सहायक होगी।
जशपुर में स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा
स्थानीय किसानों और स्व-सहायता समूहों को भी इस महोत्सव से लाभ मिलेगा, जिससे वे अपनी कृषि और पर्यटन संबंधी गतिविधियों को और सशक्त बना सकेंगे। यह उत्सव जिले की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि का भी माध्यम बनेगा। जशपुर जम्बूरी स्थानीय समुदाय, पर्यटकों और निवेशकों को जोड़ने का काम करेगा और युवाओं को स्वरोजगार व रोजगार के सुनहरे अवसर प्रदान करेगा। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित हैं। जशपुर जंबूरी का आयोजन जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के सहयोग से होता है। इसके लिए जशपुर जिला प्रशासन की इन्स्टाग्राम पेज जशपुर जम्बूरी ( jashpurjamboree ) पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
रानीदाह जलप्रपात : छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में छिपा प्रकृति का चमत्कार
जशपुर, 26 अक्टूबर 2025

रानीदाह जलप्रपात का सबसे आकर्षक रूप मानसून के दौरान देखने को मिलता है, जब पानी का बहाव चरम पर होता है और चारों ओर हरियाली व वादियां निखर उठती हैं। एडवेंचर, फोटोग्राफी, और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान अद्भुत अनुभव देता है। यहाँ की स्वच्छ बूंदें, हरियाली भरी घाटियाँ और झरने की गूंज हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है।
रानीदाह जलप्रपात छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह झरना घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के मध्य स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। बरसात के मौसम में यहाँ का नजारा अत्यंत मनोहारी होता है, झरने की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरती हैं और एक विशाल जलकुंड में मिल जाती हैं। आसपास जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, और ऊँची-नीची पहाड़ियाँ इस जगह को रोमांचक बनाते हैं। यहाँ के माहौल में शांति, ताजगी और हरियाली छायी रहती है, जिससे यह पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों का आदर्श स्थल है।
रानीदाह जलप्रपात से जुड़ी एक रोचक किंवदंती भी है। कहा जाता है कि उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ भागकर जशपुर आई थीं, जहाँ उन्होंने अपने भाईयों से छिपते हुए इसी झरने के समीप आत्मसमर्पण किया। इसी वजह से इस स्थल का नाम रानीदाह पड़ा। आज भी यहाँ रानी की समाधि और पंचमैया नामक स्थल देखने को मिलता है, जो रानी के पाँच भाईयों को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाता है। जलप्रपात के निकट एक शिव मंदिर भी है, जिससे इसका धार्मिक महत्त्व बढ़ जाता है।
यह जलप्रपात वर्ष पर्यन्त विशेष रूप से जून से फरवरी तक चालू रहता है। जशपुर से आरा मार्ग पर लगभग 18 किमी दूरी और मुख्य सड़क से 5 किमी अंदर की ओर स्थित इस स्थल तक सड़क मार्ग, ट्रेन (रांची व अंबिकापुर रेलवे स्टेशन), और हवाई यात्रा (रांची व रायपुर एयरपोर्ट) से पहुँचा जा सकता है। यहाँ जिला प्रशासन ने व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ, एवं पिकनिक के लिए सुरक्षित व्यवस्था की है ताकि पर्यटक पूर्ण रूप से प्रकृति का आनंद उठा सकें।
रानीदाह जलप्रपात न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण बिंदु है, बल्कि प्रकृति, इतिहास और रोमांच से भरपूर एक अविस्मरणीय स्थल भी है। यहाँ आकर मनुष्य को प्रकृति के शांत, पवित्र एवं रमणीय स्वरूप का गहरा अहसास होता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घर का सपना हुआ साकार-श्रीमती महंती बेक
महतारी वंदन और आवास योजना बनीं ग्रामीण महिला की ताकत
जशपुर, 25 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब एवं वंचित आवास विहीन परिवारों को आवास के साथ साथ आधारभूत संरचना की सुविधा उपलब्ध कराना, जिससे उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हो सके। सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों के साथ भागीदारी में किफायती आवास की सुविधा उपलब्ध कराना। ऋण से जुड़ी व्याज सब्सिडी के माध्यम से कमजोर वर्गों के लिए किफायती आवास की सुविधा उपलब्ध कराना। श्रीमती महंती बेक का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की राह पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से प्रगतिरत है।
मिट्टी और टिन की झोपड़ी से मिलेगी मुक्ति
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सन्ना गांव की रहने वाली श्रीमती महंती बेक को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है, जिसका निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से प्रगतिरत है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में जीवन बिताने वाली महंती बेक अब अपने नए पक्के घर की दीवारें खड़ी होते देख खुश हैं। श्रीमती महंती बेक के वर्षों पुरानी सपना अब साकार होने की राह पर है।
श्रीमती बेक के जीवन में स्थायित्व और सम्मान मिला
महंती बेक बताती हैं कि “हमारा जीवन कठिनाईयों से भरा रहा। मैं और मेरे पति रोज़ मजदूरी करके किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं। दो छोटे बच्चों की परवरिश के साथ पक्का घर बनाना हमारे लिए एक सपना ही था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह सपना पूरा कर दिया।” वे बताती हैं कि इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता मिली, जिससे घर का निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ा। सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान की भावना दी है।
महतारी वंदन योजना की सहायता राशि से जीवन बना आसान
महंती बेक आगे कहती हैं कि “महतारी वंदन योजना के माध्यम से मुझे एक हजार रूपए प्रतिमाह की सहायता राशि मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिलने के बाद अब खाना पकाने में आसानी होती है।” महंती बेक कहती हैं - “पहले बरसात में छत टपकती थी, सर्दी में हवा अंदर आती थी, गर्मी में मिट्टी की दीवारें झुलसाती थीं। अब जल्द ही हम अपने नए पक्के घर में रहेंगे। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने हम गरीबों के लिए घर का सपना साकार किया।”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से पर्यटन के अंतर्राष्ट्रीय पटल पर उभर रहा है जशपुर
जर्मन मेहमानों को जशपुर की जनजातीय संस्कृति ने किया मंत्रमुग्ध
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रेरणा और राज्य सरकार की पर्यटन संवर्धन नीतियों के अंतर्गत जशपुर अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। इसकी झलक हाल ही में तब देखने को मिली जब जर्मनी से आए पर्यटक श्री बर्नहार्ड और श्रीमती फ्रांजिस्का जशपुर की जनजातीय संस्कृति, कला और आत्मीयता से गहराई से प्रभावित हुए।


दोनों पर्यटकों ने क्षेत्रीय स्टार्टअप “ट्रिप्पी हिल्स” के अनुभवात्मक पर्यटन कार्यक्रम के तहत जनजातीय जीवन की बारीकियों को समझा। यात्रा की शुरुआत मलार समुदाय से हुई, जो अपने उत्कृष्ट हस्तनिर्मित आभूषणों और शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। इन कारीगरों की रचनात्मकता ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के गांव में उन्होंने पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ गहरे संबंध को महसूस किया। वहीं अगरिया समुदाय के दौरे में लौह गलाने की पारंपरिक तकनीक का जीवंत प्रदर्शन हुआ, जिसने दोनों अतिथियों को आश्चर्यचकित कर दिया। यात्रा का समापन स्थानीय हाट-बाजार में हुआ, जहाँ रंगीन वस्त्र, मिट्टी की खुशबू और पारंपरिक जनजातीय संगीत ने जशपुर की जीवंत सांस्कृतिक धड़कन को अभिव्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि जशपुर की जनजातीय संस्कृति केवल धरोहर नहीं, बल्कि पर्यटन विकास का सशक्त माध्यम भी है। उनके नेतृत्व में जशपुर में सड़क, संचार और सुविधाओं के प्रसार से नए पर्यटन मार्ग तैयार हो रहे हैं। “कल्चर देवी” और “अनएक्सप्लॉरड बस्तर” जैसे संगठनों के सहयोग से स्थानीय समुदायों को भी अपने हुनर को दुनिया के सामने लाने का अवसर मिला है। यह अनूठा सांस्कृतिक अनुभव इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रही है, जहाँ परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता का सुंदर संगम नजर आता है।
6 से 9 नवम्बर तक जशपुर में होगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025' का आयोजन
छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’
छत्तीसगढ़ के जशपुर में सजेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ — रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सव
जशपुर, 23 अक्टूबर 2025



छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव
जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमंग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।
हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच
इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।
कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद
फेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।
फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव
प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।
खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स
रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।
लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल
हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी।
फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे।
‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।
जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचान
इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।
"हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं।
‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की गोवर्धन पूजा, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
जशपुर 22 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता श्रीमती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बगिया में सुनी आम जनता की समस्याएं
आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश
जशपुर, 21 अक्टूबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने गृह ग्राम बगिया में लोगों से दीपावली पर्व के अवसर पर मुलाकात कर उन्हें दीप पर्व की शुभकामनाएं और बधाई दी। मुख्यमंत्री को दीप पर्व की बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके गृह ग्राम बगिया पहुंचे थे। इस आत्मीय मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से उनकी समस्याएं भी सुनी और उनके आवेदन भी लिये। उन्होंने इस मौके पर मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके विभागों से संबंधित आवेदनों का तत्परता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से एक-एक कर मुलाकात की और दीप पर्व की शुभेच्छाओं के अदान-प्रदान के दौरान लोगों की समस्याएं भी सुनी। मुख्यमंत्री ने लोगों से मिले आवेदनों के संबंध में अधिकारियों से कहा कि सभी आवेदनों का समयबद्ध समाधान किया जाए। मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, जनसुविधाओं और विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन लोगों ने मुख्यमंत्री को दिए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को दीपपर्व की शुभकामनाएं देने बगिया में लगा रहा तांता
मुख्यमंत्री ने सभी के सुख-समृद्धि की कामना की
जशपुर, 21 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जशपुर स्थित गृह निवास बगिया में दीपावली के पावन पर्व पर शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला दिन भर जारी रहा। देर रात्रि तक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी लोगों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि दीपावली का पर्व, परस्पर सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे कुम्हारों, कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल की भावना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।‘
मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान लोगों ने अपनी मांगें एवं समस्याएं भी उनके समक्ष रखी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी निवेदनों को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में चहुओर उत्साह का वातावरण रहा।
स्व सहायता समूह की महिलाओं आजीविका आधारित गतिविधियों की दी गई जानकारी
जशपुरनगर, 21 अक्टूबर 2025
रजत जयंती के अवसर पर विगत दिवस कलस्टर संगठन एवं ग्राम संगठन के संयुक्त तत्वावधान में पीड़ी गांव, घोलेंगे, लोदाम, बोकी एवं जशपुर कलस्टर की स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका आधारित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।
जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता एवं समूह-आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
महिलाओं को विभिन्न आजीविका विकल्पों जैसे कृषि आधारित उद्योग, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
CM विष्णुदेव साय अपने गांव में मनाएंगे दिवाली
जशपुर । सीएम विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम साय अपने क्षेत्र में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
सीएम साय सुबह 11:45 बजे जशपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद जशपुर पहुँचने के बाद सीएम साय 1:15 बजे सोहरई करमा महोत्सव में शामिल होंगे।
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीएम साय अपने गृह ग्राम बगिया के लिए रवाना होंगे। सीएम विष्णुदेव साय क्षेत्रवासियों के साथ दीपावली का त्योहार मनाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बन रहे अत्याधुनिक स्टेडियम और खेल अकादमियां
निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
जशपुरनगर 17 अक्टूबर 2025
जशपुर जिला खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में शुरूआत से ही जाना जाता रहा है। यहां के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि देश और विदेशों में भी जशपुर का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर की लोकसंस्कृति और यहां के खेलप्रेम से भलीभांति परिचित हैं। उनके नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में खेल अधोसंरचना के विकास के तहत आधुनिक स्टेडियमों और खेल मैदानों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यहां विभिन्न महत्वपूर्ण खेल आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
तेजी से हो रहा है स्टेडियम का निर्माण, उभरेंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए स्टेडियमों और खेल मैदानों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में प्राकृतिक निपुणता प्राप्त होती है। इस पारंपरिक कौशल को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से सन्ना में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जाएगा। इस अकादमी में लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, नर्सरी, हर्बल प्लांटेशन, अत्याधुनिक ग्राउंड, चेंजिंग रूम, कोच रूम, उपकरण केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण कक्ष, वार्डन एवं गार्ड रूम जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उपकरण, परिवहन के लिए बस, हाईमास्ट लाइट जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
इसी तरह कुनकुरी में 63 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी मिल चुकी है। यह कॉम्प्लेक्स आधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसमें एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो मैदान, स्विमिंग पूल, ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड, जंपिंग गेम और खेल उपकरण शामिल होंगे। इसी प्रकार से मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यकाल में 2.83 करोड़ लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही मयाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है। घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम के लिए भूमि का चिन्हांकन किया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान के पास 3.50 करोड़ लागत के बास्केट बाल कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाए जाने की घोषणा की गई है।
नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक स्टेडियमों और खेल मैदानों के जीर्णोद्धार व निर्माण की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माण देशी फाउंडेशन द्वारा जिले में 20 आधुनिक खेल ग्राउंड विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करना है। इसके लिए बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं, अनुभवी कोचिंग स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
खेल प्रेमियों और आम नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।
744 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण
4 लाख से अधिक खसरों में लगी फसल की जानकारी को किया गया ऑनलाइन अपलोड
रकबे में लगी फसल की जानकारी ऑनलाइन देखने की भी मिली सुविधा
डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली सटीक उत्पादन अनुमान लगाने में होगी कारगर
जशपुर, 15 अक्टूबर 2025




कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर जिले के सभी तहसीलों में एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके तहत जिले के कुल 744 गांवों के 4 लाख 3 हजार से अधिक खसरों में डीसीएस के माध्यम से तथा शेष खसरों में मैन्युअल गिरदावरी कर फसलों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है। इसका उद्देश्य भूमि पर लगी फसल एवं उसके क्षेत्रफल का सटीक आंकलन कर पारदर्शिता एवं उत्पादकता का अनुमान सुनिश्चित करना है। डीसीएस एवं मैन्युअल गिरदावरी से प्राप्त डाटा का उपयोग राज्य शासन द्वारा धान खरीदी सहित अन्य कृषि योजनाओं में किया जाएगा। विशेष अभियान के तहत चलाए गए सर्वे कार्य में सर्वेक्षण कर्ताओं द्वारा किसानों के खेतों में पहुंचकर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किस रकबे में कौन सी फसल लगाई गई है, इसकी जानकारी ऑनलाइन अपलोड की गई।
ऑनलाइन देख सकेंगे खेत और फसल का विवरण -
किसान अपने गांव का गिरदावरी डाटा राजस्व विभाग के वेबसाइट में तथा भुइयां पोर्टल के माध्यम से मैन्युअल गिरदावरी का डाटा देख सकते है। यदि किसी किसान को डीसीएस अथवा मैन्युअल गिरदावरी के डाटा में त्रुटि दिखाई देती है, तो वे संबंधित तहसीलदार के समक्ष लिखित आवेदन देकर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
फसल सर्वेक्षण में डिजिटल तकनीक का उपयोग-
इसके तहत मोबाइल इंटरफेस के माध्यम से सीधे खेत से डाटा एकत्र करने हेतु डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली स्थापित की गई। यह प्रणाली प्रत्येक कृषि भूखंड की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराती है, जिससे सटीक उत्पादन अनुमान लगाया जा सकेगा।
किसानों के डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित -
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अनुरूप एग्रीस्टैक विकसित किया गया है, जो किसानों के डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करता है। किसानों का अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण होता है, जिसे केवल उनकी सहमति से अधिकृत संस्थाओं के साथ साझा किया जाता है। एग्रीस्टैक के माध्यम से सुरक्षित एपीआई और टोकन आधारित प्रमाणीकरण से डेटा तक नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित की गई है।
किसानों तक पहुंची डिजिटल सुविधा -
जिन किसानों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं, उनके लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि सखियों एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पंजीयन और सेवा प्राप्ति की सुविधा दी गई। जिले में विशेष शिविरों का आयोजन भी किया गया, ताकि कोई भी किसान एग्रीस्टैक के लाभ से वंचित न रहे। डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में गिरदावरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है तथा किसानों को धान खरीदी, फसल बीमा और अन्य योजनाओं के लिए पात्रता की पुष्टि में सुविधा मिल रही है।
जशपुर जिले में खारूंग नदी पर भेलवा एनीकट योजना को मिली प्रशासकीय स्वीकृति
125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल सुविधा होगी उपलब्ध
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखंड फरसाबहार की खारूंग नदी पर भेलवा एनीकट योजना कार्य हेतु 5 करोड़ 40 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति राज्य शासन द्वारा जारी की गई है।
इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामवासियों को निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन तथा कृषकों द्वारा स्वयं के साधनों से लगभग 125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ाने, भू-जल पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने और स्थानीय कृषि उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से तैयार की गई है।
निर्माण कार्य की तकनीकी स्वीकृति सक्षम अधिकारी से प्राप्त करने के उपरांत ही निविदा आमंत्रित की जाएगी। योजना की ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन सक्षम अधिकारी से सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित निर्माण कार्य की निविदा तभी की जाएगी जब कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध हो। कार्य की निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रूप से संपन्न की जाएगी।
भू-अर्जन की आवश्यकता होने पर व्यय स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर किया जाएगा तथा किसी अन्य मद से राशि का स्थानांतरण बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं किया जाएगा। यदि भू-अर्जन की आवश्यकता नहीं है, तो निर्माण कार्य केवल शासकीय भूमि पर ही कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारण कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
कार्य को स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समयावधि में पूर्ण करना अनिवार्य होगा। समय-सीमा में अनावश्यक वृद्धि नहीं की जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा नियमानुसार समय में बढ़ोतरी प्रदान किया जा सकेगा। निर्माण कार्य की निविदा दर या प्रस्तावित मात्रा में यदि 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होती है, तो पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक होगा।
मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अंबिकापुर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कार्य के सभी तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं का पालन छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता भाग-एक के नियम-10 के अनुसार किया जाए तथा योजना की लोकहित, गुणवत्ता और मितव्ययिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। भलवा एनीकट योजना के माध्यम से फरसाबहार क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल, सिंचाई और जल संरक्षण की दीर्घकालिक सुविधा प्राप्त होगी। यह योजना राज्य शासन की ग्रामीण विकास, जल संवर्धन एवं कृषि सशक्तिकरण के प्रति स्थायी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में करे निराकरण : अपर कलेक्टर
नक्शा नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार एवं सीमांकन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता से करें निराकृत
जशपुरनगर । अपर कलेक्टर प्रदीप साहू ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए विशेष अभियान चलाकर प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर साहू ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी गंभीरतापूर्वक कार्य करते हुए नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन, स्वामित्व योजना, आर.बी.सी. 6-4 के प्रकरणों सहित सभी लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करें। उन्होंने स्वामित्व योजना, मसाहती गांव सर्वेक्षण, डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, भू-नक्शा अद्यतन, भू-बंटन रिकार्ड दुरुस्ती और त्रुटि सुधार की प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही समय सीमा में सभी प्रकरणों को निराकृत करने को कहा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के मैदानी अमलों आरआई एवं पटवारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण सुनिश्चित करने सक्रियता पूर्वक कार्य के लिए तत्पर किया जाए।
इस दौरान बैठक में जिले के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अपर कलेक्टर श्री साहू ने एग्रीस्टेक पंजीयन के अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाए, जिससे किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में सुविधा होगी। इस संबंध में उन्होंने अभी तक कुल पंजीयन, स्वीकृत एवं सत्यापन के लिए लंबित प्रकरणों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। अपर कलेक्टर ने इस दौरान हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण आदि कार्यवाही की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को भी अभियान चलाकर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान कहा कि जनहित के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए।