छत्तीसगढ़ / जशपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पावर हब
पीएम-जनमन से बदली पी.व्ही.टीजी. हो अंचलों की तस्वीर
बरसात में मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी स्थायी राहत
बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे ग्रामीणों का रास्ता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात
130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया
जशपुर में बनेगा अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात 20.53 करोड़ की मिली स्वीकृति
रायपुर, 13 दिसंबर 2025

अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का मतलब ऐसी अकादमी से है जहाँ खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बेहतरीन सुविधाएं (जैसे हॉस्टल, इनडोर/आउटडोर रेंज) मिलती हैं, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। जिले के बगीचा विकासखंड के पंडरा पाठ में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (आर्चरी सेंटर) के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण हेतु एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र बनेगा
नई तीरंदाजी अकादमी बनने से जिले के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल आने वाले समय में जशपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिभाओं का हब बनाने में निर्णायक साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें विश्व पटल तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का यह एक और बड़ा उदाहरण है। अकादमी के बनने से जशपुर न केवल खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि यह देश के युवा तीरंदाजों के लिए एक उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल खेलों के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा हैं।
वित्तीय सहयोग एनटीपीसी के सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग से
तीरंदाजी अकादमी के निर्माण में एनटीपीसी लिमिटेड अपनी कॉर्प्रोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यहां आउटडोर और वातानुकूलित इनडोर तीरंदाजी रेंज, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, छात्रावास जैसे निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।जशपुर के युवाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
कलेक्टर ने कुनकुरी नेत्रहीन आवासीय विद्यालय का किया निरीक्षण, बच्चों की मांगों पर दिए तत्काल निर्देश
कलेक्टर श्री विलास भोसकर आज बतौली ब्लॉक के कुनकुरी स्थित नेत्रहीन आवासीय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने विद्यालय में शिक्षा, आवास, भोजन एवं बच्चों की देखभाल से संबंधित व्यवस्थाओं का अवलोकन कर संचालित सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और दैनिक गतिविधियों के बारे में भी पूछा।
निरीक्षण के दौरान बच्चों ने कलेक्टर से फुटबॉल और क्रिकेट बैट की मांग रखी। कलेक्टर श्री भोसकर ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सामग्रियां तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों की जरूरतें प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं, ताकि उन्हें सीखने, खेलने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
इसी दौरान बच्चों ने शैक्षणिक भ्रमण की इच्छा भी व्यक्त की, जिस पर कलेक्टर ने बच्चों को उदयपुर के रामगढ़ भ्रमण के लिए ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण बच्चों के अनुभवों का विस्तार करते हैं और उनके सामाजिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस दौरान एसडीएम श्री रामसिंह ठाकुर, तहसीलदार एवं अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे
दो साल का सुशासन – जशपुर में विकास की नई पहचान
- श्रीमती नूतन सिदार,सहायक संचालक (जनसंपर्क)
- श्री सुनील त्रिपाठी,सहायक संचालक (जनसंपर्क)
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को मिली अभूतपूर्व सौगातें
रायपुर, 12 दिसंबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास के स्वर्णिम अध्याय साबित हुए हैं। 13 दिसंबर को उनके कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, और इस अवधि में जशपुर जिले ने वह प्रगति हासिल की है, जिसने न सिर्फ जिले की दिशा बदली, बल्कि विकास की नई परिभाषा भी गढ़ी। राज्य की जनता से किए वायदों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन श्री साय ने दृढ़ इच्छाशक्ति, पारदर्शी प्रशासन और संवेदनशील नेतृत्व के बल पर इन चुनौतियों को विकास के अवसर में बदल दिया।

गरीबों को मिली जीवनभर की सुरक्षा पक्का मकान बना खुशियों की बुनियाद
मुख्यमंत्री बनने के साथ ही श्री साय की पहली बड़ी प्राथमिकता थी—हर गरीब को पक्का घर। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को घर देने के वादे को स्वीकृति मिली।
जशपुर जिले में 52,760 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए, जिससे हजारों परिवारों का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। आज ये परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
महिलाओं को मिली आर्थिक मजबूती – आत्मनिर्भरता की नई राह
महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए प्रदान करने की घोषणा को श्री साय ने पूरे दृढ़ संकल्प के साथ लागू किया।
जशपुर जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं को 448 करोड़ 97 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में वास्तविक सशक्तिकरण का आधार बनी है–चाहे वह बचत हो, छोटे व्यवसाय हों या परिवार की ज़रूरतें।
किसानों के जीवन में खुशियों की बहार – बोनस, खरीदी और सम्मान निधि से बढ़ा विश्वास
पिछली सरकार के बकाया दो साल के धान बोनस का भुगतान कर मुख्यमंत्री ने किसानों का भरोसा और मजबूत किया। जिले के 50 हजार से अधिक किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई।
इसके साथ ही 1,23,168 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि में 308 करोड़ 30 लाख 76 हजार रुपए दिए गए। इन कदमों ने कृषि को स्थिरता, किसानों को सुरक्षा और खेती को निरंतरता प्रदान की।
स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक परिवर्तन — आधुनिक चिकित्सालय की स्वीकृति
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नए अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन को मंजूरी मिली है।
इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को नए उपकरण, डॉक्टर, नर्स और संसाधन उपलब्ध कराए गए। साथ ही जिले में अतिरिक्त 108 संजीवनी एक्सप्रेस व शव वाहन की व्यवस्था से आपातकालीन सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है।
सड़कें बनी प्रगति का मार्ग –कनेक्टिविटी में आया व्यापक सुधार
जिले में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए करोड़ों रुपए मंजूर हुए। पहले दुर्गम माने जाने वाले क्षेत्रों में भी पक्की सड़कें पहुंचीं, जिससे व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हुई। स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आज पहले से कहीं अधिक सुगम है।
ऊर्जा व्यवस्था में नई शक्ति — उपकेंद्रों से मजबूत हुई बिजली आपूर्ति
जिले में अनेक नए विद्युत उपकेंद्रों की स्वीकृति से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ है।
लो-वोल्टेज की समस्या में कमी आई है और गांवों में ट्रांसफार्मर व लाइन सुधार कार्य गति से जारी हैं।
बेहतर बिजली ने उद्योग, शिक्षा और घरेलू जिंदगी को नई ऊर्जा दी है।
शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार — युवाओं के लिए बढ़े अवसर
जशपुर को शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ी सौगातें मिली हैं। जिले में दो नए महाविद्यालयों की स्वीकृति से छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
स्कूलों में भवन निर्माण, स्मार्ट क्लास, छात्रावास और अधोसंरचना उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मार्ग और मजबूत हुआ है।
पर्यटन विकास को मिली गति — जशपुर की पहचान को मिला नया आयाम
जिले की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मद में विशेष बजट स्वीकृत हुआ है। पर्यटक स्थलों के सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार और सुविधाओं के विकास से जशपुर पर्यटन के नए मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।
सिंचाई परियोजनाओं से खेतों में लौटी हरियाली
जिले में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देकर किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की गई। नलकूप खनन, एनीकट, तालाब निर्माण और अन्य योजनाओं से किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले ने इन दो वर्षों में वह प्रगति हासिल की है, जिसकी कल्पना वर्षों से की जा रही थी। गरीबों के लिए घर, महिलाओं के लिए सम्मान, किसानों के लिए सुरक्षा, युवाओं के लिए अवसर और हर वर्ग के लिए विकास—इन्हीं उपलब्धियों ने जशपुर को नई पहचान दी है। आगे आने वाले वर्षों में यह गति और मजबूत होगी, यही विश्वास जशपुरवासियों के दिलों में है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना ने बदली किसानों की किस्मत
रायपुर ,12 दिसंबर 2025

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2025-26 से शुरू की गई, जिसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में 1.7 करोड़ किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसे सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके
किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी
खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा (उरांव) इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं।
उत्पादकता में हुआ सुधार
श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय-समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, डीएमएफ मद से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ।
किसान की आय में हुई बढ़ोत्तरी
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी कुल आय करीब 15,000 रुपये तक पहुँची।
कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को मिल रहा बढ़ावा
(PMDDKY)योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद
श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान-हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी, अनाज-दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5 प्रतिशत तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।
नवसंकल्प ने फिर लिखा इतिहास-जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन
चिरायु योजना बच्चों के लिए भी बनी वरदान
तीनों बच्चों के चेहरे की लौटी मुस्कान, माता-पिता के जीवन में जगी नई उम्मीद
परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार
रायपुर, 10 दिसंबर 2025

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता हैं, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे बच्चे जिनका इलाज निःशुल्क किया जाना है, स्वजन स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु योजना बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल कई मासूम बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर भी फिर से मुस्कान लौटा दी है। जिले में बीमारी की पुष्टि होने पर 3 बच्चों को रायपुर ले जाकर उनका सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और उनके मासूम चेहरों की मुस्कान माता-पिता के जीवन में नई उम्मीद और सुकून भर रही है।
चिरायु टीम द्वारा स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू से पीड़ित बच्चों की जॉच खोज
कलेक्टर जशपुर के निर्देश पर चिरायु टीम जिले के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सक्रिय रूप से जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। गंभीर बीमारी या जन्मजात विकृति पाए जाने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी चिरायु के मार्गदर्शन में विकासखंड पत्थलगांव की चिरायु टीम के द्वारा अलग-अलग स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू तथा अन्य शल्य-चिकित्सा योग्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान की गई।
तीनों बच्चों के चेहरे की लौटी मुस्कान, माता-पिता के जीवन में जगी नई उम्मीद
बीमारी की पुष्टि होने पर 3 बच्चों को रायपुर ले जाकर उनका सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र गौटियापारा, कोतबा में जांच के दौरान 4 वर्षीय समीर खड़िया जन्मजात हृदयरोग से पीड़ित पाए गए। चिरायु टीम ने उन्हें रायपुर भेजकर निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला धनुपारा, मुड़ाबहला में 8 वर्षीय स्तुति तिर्की में जन्मजात हृदयरोग पाया गया, जिनका सफल उपचार कराया गया और आंगनबाड़ी केंद्र कार्राडांड, चिकनीपानी के 01 वर्षीय जॉन्सन टोप्पो के होंठ एवं तालू में विकृति पाए जाने पर उनका भी रायपुर में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया। आज तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और उनके मासूम चेहरों की मुस्कान माता-पिता के जीवन में नई उम्मीद और सुकून भर रही है।
जांच के बाद 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर श्रेष्ठ अस्पतालों में कराया जाता है उपचार
परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने उनकी पीड़ा को समझकर बच्चों का उपचार निःशुल्क कराकर उन्हें नया जीवन दिया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाती है। जांच के बाद 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर आवश्यकता अनुसार बच्चों को देशभर के श्रेष्ठ अस्पतालों में भेजकर उनका उपचार कराया जाता है।
बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर के इलाज का पूरा खर्च शासन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम व चिरायु योजना में शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटेफटे होट, टेढेमेढे हाथ-पैर समेत 44 की गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाया जाता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग का चिरायु दल बच्चों की स्क्रीनिंग कर शासन को रिपोर्ट भेजता है, जिसके आधार पर बच्चों के इलाज के लिए फंड जारी होता है। ऐसे बच्चे जिनका इलाज निल्क किया जाना है, स्वजन स्वास्थ्य विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।
उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी
जशपुर जिले में अब तक 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी
रायपुर, 09 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 8 दिसंबर तक कुल 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। किसानों को धान का मूल्य चुकाने हेतु 60.86 करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि का बैंक खातों में हस्तांतरण लगातार जारी है।
जिले की 24 समितियों के 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित हो रहा है। पूरी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, नमी मापक उपकरण, तथा अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही किसानों के बैठने, पेयजल, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जिला प्रशासन द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन तुंहर टोकन ऐप को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा है कि इससे टोकन प्राप्त करने, निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचने और धान बेचने की प्रक्रिया सुचारू हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप प्रदेश में प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य और कृषि उन्नति योजना के तहत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है और कृषि कार्य अधिक लाभकारी हुआ है।
खड़े ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार कार, 5 युवकों की मौके पर मौत...
जशपुर । जशपुर जिले में कटनी-गुमला नेशनल हाईवे नंबर 43 पर देर रात हुए भीषण हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। दुलदुला थाना क्षेत्र के पतराटोली में एक तेज रफ्तार कार खड़े ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी पांच युवकों की मौके पर मौत हो गई।
घटना में शामिल कार तेज रफ्तार में थी और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से सीधे टकरा गई। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। दुलदुला थाना प्रभारी केके साहू ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक सभी खटंगा गांव (दुलदुला क्षेत्र) के निवासी थे। मृतकों की पहचान राधेश्याम यादव 26 वर्ष पिता रामप्रसाद यादव, उदय कुमार चौहान 18 वर्ष पिता कृष्ण चौहान, सागर तिर्की 22 वर्ष पिता रफेल तिर्की अंकित तिग्गा 17 वर्ष पिता दिलीप तिग्गा और दीपक प्रधान 19 वर्ष पिता अमर प्रधान के रूप में हुई है।
.परिजनों के अनुसार, सभी युवक आस्ता थाना क्षेत्र के एक मेले से वापस लौट रहे थे। रास्ते में अचानक यह दर्दनाक हादसा हो गया। मृतक राधेश्याम यादव के बड़े भाई महेश्वर यादव ने बताया कि सभी दोस्त देर रात तक साथ थे और घर की ओर लौटते समय यह दुर्घटना हुई। वहीं मृतक दीपक प्रधान अपने परिवार का इकलौता सहारा था, जिसकी मौत से घर पर मातम पसर गया है। पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। हादसे की वजह कार चालक की तेज रफ्तार मानी जा रही है, हालांकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
किसानों को मिल रहा है उनकी मेहनत का उचित मूल्य - कृषक अरविंद नायक
जशपुर, 6 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेशभर में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निरंतर की जा रही है। इसी क्रम में दुलदुला विकासखंड के ग्राम पंचायत कस्तूरा स्थित धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे ग्राम गिद्धादाड़ निवासी किसान श्री अरविंद नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने हम किसानों के लिए खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। मैं यहां 50 बोरी धान लेकर आया हूं। समर्थन मूल्य पर खरीदी से हमें वास्तविक लाभ मिल रहा है और हमारी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। शासन के प्रति धन्यवाद प्रकट करता हूं।
सभी केंद्र में पेयजल, तिरपाल, मापजांच, किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था सहित आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। धान खरीदी कार्य का नियमित निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक किसान को समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।
ट्रक से 271 बोरी अवैध कच्चा तंबाकू जब्त, चालक गिरफ्तार
जशपुर। जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर सक्रिय पुलिस टीम ने लोदाम क्षेत्र में रोकथाम कार्रवाई करते हुए एक अशोक लिलैंड ट्रक (UP 78 LN 0509) से भारी मात्रा में अवैध कच्चा तंबाकू बरामद किया है। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है। ट्रक में कुल 271 बोरी कच्चा तंबाकू मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 5,18,932 रुपये आंकी गई है।
बिल्टी और वाहन नंबर में अंतर ने बढ़ाई पुलिस की शंका
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लोदाम क्षेत्र से एक ट्रक अवैध तंबाकू लेकर गुजरने वाला है। इस पर पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर वाहन को रोका। जांच के दौरान चालक अवधेश सिंह, निवासी निवालुद्दीनपुर थाना सफीपुर, जिला उन्नाव (उ.प्र.) वाहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने जब ट्रक में मौजूद बिल्टी नंबर और वाहन नंबर की जांच की, तो दोनों में स्पष्ट अंतर पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहन का निरीक्षण किया और भीतर रखी 271 बोरियों में भरा कच्चा तंबाकू बरामद किया। वाहन से प्राप्त दस्तावेजों के अभाव और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने ट्रक और माल—दोनों को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जप्त कर लिया है।
गुजरात से सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा था तंबाकू
प्राथमिक पूछताछ में चालक अवधेश सिंह ने पुलिस को बताया कि तंबाकू गुजरात से लोड किया गया था और इसे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी ले जाया जा रहा था। हालांकि वह इस अवैध माल की ढुलाई से संबंधित किसी वैध अनुमति या बिल्टी को सत्यापित रूप में प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस अभी चालक से नेटवर्क और सप्लायर की जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे तस्करी गिरोह का खुलासा किया जा सके।
29 नवंबर को भी पकड़े गए थे दो ट्रक
जशपुर जिले में अवैध तंबाकू और नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 29 नवंबर को भी लोदाम क्षेत्र से दो ट्रकों में 200 बोरी कच्चा तंबाकू जब्त किया गया था, जिसकी कीमत 4,18,320 रुपये आंकी गई थी।
लगातार हो रही जब्तियों से यह स्पष्ट है कि जिले में नशे के अवैध व्यापार पर पुलिस ने शिकंजा और कस लिया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, प्रधान आरक्षक विनोद भगत, प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा और आरक्षक धनसाय राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने सटीक जानकारी, मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध तंबाकू की तस्करी को रोक दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दी कड़ी चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि जिले में नशे और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध नशा, तंबाकू या ड्रग्स तस्करी की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ऐसी सूचनाओं को गोपनीय रखते हुए तत्काल कार्रवाई करेगी।
धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए सुदृढ़ सुविधाएं उपलब्ध
किसान बुधनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
जशपुर, 02 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में धान खरीदी कार्य सुचारू, पारदर्शी और किसान हित में संचालित हो रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी लगातार जारी है।
दुलदुला विकासखंड के ग्राम पंचायत कस्तूरा स्थित धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे ग्राम केंदापानी के किसान श्री बुधनाथ सिंह ने खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से हमें सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है और हमारी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है। मैं मुख्यमंत्री जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों में शासन के निर्देशानुसार वजन और मापक व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता, हितग्राही सुविधा, त्वरित प्रक्रिया सहित सभी बुनियादी प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। जिले का प्रशासन पूरी खरीदी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और खरीदी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
कृषकों की संतुष्टि यह दर्शाती है कि शासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं और किसानों को उनका उचित हक उपलब्ध हो रहा है।
मैनी नदी पर बगिया दाबित सिंचाई योजना कार्य के लिए 124 करोड़ रूपए स्वीकृत
जशपुर , 02 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड-कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया दाबित सिंचाई प्रणाली (सौर/विद्युत ऊर्जा) योजना के कार्य के लिए 124 करोड़ 13 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से 4831 हेक्टेयर क्षेत्र खरीफ फसलों को सिंचाई मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
जनपद कार्यालय दुलदुला में स्वच्छता श्रमदान का हुआ आयोजन
जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने मिलकर दिया स्वच्छता का संदेश
जशपुरनगर । स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और कार्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से विगत दिवस जनपद कार्यालय दुलदुला में सामूहिक श्रमदान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ कार्यालय के समस्त कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया। सुबह से ही सरपंच, पंच एवं कर्मचारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और कचरा उठाने, झाड़ू लगाने, नाली साफ करने तथा पौधों के आसपास की सफाई जैसे कार्यों में श्रमदान किया। सभी ने टीम भावना के साथ परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।
जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों की रही भागीदारी -
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी है। जब जनप्रतिनिधि स्वयं श्रमदान करते हैं, तब ग्रामीणों में भी स्वच्छता के प्रति प्रेरणा उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने कहा कि आज का श्रमदान स्वच्छता जागरूकता को गांव-गांव तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यालय के कर्मचारियों ने भी परिसर के विभिन्न हिस्सों की सफाई करते हुए स्वच्छ कार्यस्थल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। एक कर्मचारी ने कहा कि स्वच्छ वातावरण से कार्यकुशलता बढ़ती है और हितग्राहियों को भी बेहतर सुविधा मिलती है।
स्वच्छता को जनभागीदारी से गति -
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के श्रमदान कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्वच्छता को स्थायी आदत में बदला जा सके। जनपद कार्यालय ने नागरिकों से भी स्वच्छता अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया।