संस्कृति

25 दिसंबर को *मेरी राधा डे का आयोजन*


विश्व के पंचम मूल जगतगुरु एवं जगद्गुरत्तम श्री कृपालु जी महाराज वेदों एवं समस्त शास्त्रों तथा अन्यान्य धर्म ग्रंथो के निष्णात ज्ञाता होने के साथ-साथ उन्होंने धर्म सम्प्रदायों से परे समस्त मानवता के आध्यात्मिक और भौतिक कल्याण के लिए कार्य किया। श्री कृपालु जी महाराज को पंचमूल जगतगुरु एवं जगद्गुरुत्तम की पदवी 14 जनवरी सन् 1957 को काशी की तत्कालीन सभा काशी विद्वत परिषद द्वारा प्रदान की गई थी। उन्होंने विश्व में श्री राधा कृष्ण की भक्ति के प्रचार के लिए प्रेम मंदिर वृंदावन, भक्ति मंदिर श्री कृपालु धाम मनगढ़, जिला प्रतापगढ़, कीर्ति मंदिर बरसाना धाम वृंदावन बनवाये जो आज विश्व प्रसिद्ध हैं और पीड़ित मानवता की सेवा के लिए इन तीनों मंदिरों के पास चिकित्सालय बनाकर संचालित किये।
 
इन चिकित्सालय में शत प्रतिशत निःशुल्क सेवा की जाती है। यह सेवाएं निरंतर चल रही है इसके अतिरिक्त हजारों हजारों विधवाओं, साधुओं एवं सरकारी विद्यालय के बच्चों को प्रति वर्ष  में कई बार उनके आवश्यकता, उपयोग की सामग्री प्रदाय की जाती है। यह श्री महाराज जी की पीड़ित मानवता के प्रति अत्यंत संवेदनशीलता, करुणा और दया का प्रमाण है। उन्होंनेअन्य संप्रदायों की मान्यताओं और संस्कृति का सम्मान किया।
 
उनके द्वारा 25 दिसंबर को भक्ति से जोड़ते हुए मेरी राधा डे के रूप में उत्सव मनाया जाता। इसी तारतम्य में भिलाई शहर में 25 दिसंबर को शिवाजी चौक, अश्वत ट्रेडर्स, 90s कैफे के सामने, चैप्टर 2 की पार्किंग के सामने दोपहर 3:00 से 5:00 तक श्री कृपालु जी महाराज जी की प्रमुख एवं वरिष्ठ प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी के सानिध्य में मेरी राधा डे का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें भगवद् विषय में रुचि रखने वाले साधक रसमय संकीर्तन का लाभ ले सकेंगे।

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