छत्तीसगढ़ / कांकेर
नगर पंचायत पखांजूर के रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए गए श्री मनीष देव साहू
उत्तर बस्तर कांकेर : नगर पंचायत पखांजूर के रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए गए श्री मनीष देव साहू
‘रेत तस्करों के हौसले बुलंद, एनीकट का पानी बहाकर नदी में बनाया अवैध रास्ता’ एवं करोड़ो की लागत से बना एनीकट सूखा’ खबर तथ्यात्मक रूप से भ्रामक
उत्तर बस्तर कांकेर : ‘रेत तस्करों के हौसले बुलंद, एनीकट का पानी बहाकर नदी में बनाया अवैध रास्ता’ एवं करोड़ो की लागत से बना एनीकट सूखा’ खबर तथ्यात्मक रूप से भ्रामक
बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार : सीईओ ने सुदूरवर्ती ग्राम कंदाड़ी में लगाई चौपाल
आम पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
उत्तर बस्तर कांकेर । सुशासन तिहार और बस्तर मुन्ने अभियान के प्रथम दिवस जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने आज कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुदूरवर्ती सरहदी ग्राम पंचायत कंदाड़ी में कोटरी नदी को पार करके पहुंचे, जहां पर आयोजित शिविर में उन्होंने आम पेड़ के नीचे ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं। कभी अतिसंवेदनशील इलाके के तौर पर जाने जाने वाले इस ग्राम के ग्रामीणों ने पहली बार आला अधिकारी को अपने बीच पाकर काफी प्रसन्नता जाहिर की।
इस दौरान जिला सीईओ श्री मंडावी ने बताया कि बस्तर मुन्ने, सुशासन तिहार और नियद नेल्लानार योजना 2.0 में पूरे कोयलीबेड़ा ब्लॉक को शामिल किया गया है और प्रदेश सरकार की मंशानुसार कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन द्वारा अधिसूचित 31 योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाया जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि जब तक प्रत्येक पात्र हितग्राही को इसका लाभ नहीं मिल जाता, तब तक शिविर लगाकर इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से सिलसिलेवार उनकी समस्याएं और मांगों की जानकारी ली।
ग्राम पंचायत कंदाड़ी की सरपंच श्रीमती मैनी कचलामी ने बताया कि ज्यादातर ग्रामीण आधार, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड में नामों में विसंगतियां होने के कारण अनेक योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रमुख रूप से पेयजल की समस्या बताते हुए उसके निदान के लिए आग्रह किया, जिस पर सीईओ ने बोर खनन कराने की सहमति प्रदान की। इसके साथ ही सीसी रोड निर्माण और स्कूल में बाउड्रीवल निर्माण कराने तथा आश्रित ग्राम आलदंड की प्राथमिक शाला भवन के जर्जर होने पर किचन शेड और अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत करने की सहमति दी। इस दौरान जिला सीईओ ने ग्राम आलदंड में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निरीक्षण किया, जिसे 11.69 लाख रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है।
होनहार छात्रा कु अमिला से की भेंट
इस दौरान सीईओ मण्डावी ग्रामीण आयतु नरेटी के घर पहुंचे, जहां उनकी पुत्री कु. अमिला नरेटी से भेंट की। पूछने पर पता चला कि वह बीएससी 71 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण है और आगे एमएससी की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं। इस पर सीईओ ने आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद करने की बात कही।
ओरछागांव शिविर में पहुंचे ग्रामीणों के बीच
जिला सीईओ मंडावी ने इसके पश्चात् महाराष्ट्र के सीमावर्ती ग्राम ओरछा गांव (गोपालपुर) में आयोजित शिविर में हिस्सा लिया। पंचायत सचिव के द्वारा ग्रामीणों को बस्तर मुन्ने कार्यक्रम में सम्मिलित 31 योजनाओं की जानकारी नहीं दे पाने पर नाराजगी जताते हुए पूरी जानकारी के साथ गाँव में फिर से शिविर लगाने के निर्देश जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ उदय नाग को दिए। साथ ही ग्रामीणों से समस्याओं के बारे में पूछा, जिस पर ग्राम पंचायत ओरछा गांव की सरपंच श्रीमती सविता गोटा ने बिजली के लो-वोल्टेज और पेयजल की समस्या दूर करने और स्कूल मार्ग पर सीसी रोड निर्माण करने की मांग की, जिस पर उन्होंने समुचित कार्रवाई करने की बात कही। मंडावी ने महाराष्ट्र की सीमा से लगी नदी का अवलोकन भी किया।
कांकेर में आईईडी ब्लास्ट: डीआरजी के तीन जवान घायल
कांकेर । कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शनिवार को आईईडी निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में डीआरजी के तीन जवान घायल हो गए। सभी घायलों को जंगल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डीआरजी की टीम कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए डंप की तलाश में निकली थी। इसी दौरान आईईडी को हटाने की कोशिश में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे तीन जवान घायल हो गए। कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने घटना की पुष्टि की है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है। फिलहाल किसी जवान के शहीद होने की खबर नहीं है, जिससे राहत की बात सामने आई है।
सुशासन तिहार, बस्तर मुन्ने व नियद नेल्लानार योजना के संबंध में अधिकारी तैयारी पूर्ण कर लें
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
उत्तर बस्तर कांकेर : सुशासन तिहार, बस्तर मुन्ने व नियद नेल्लानार योजना के संबंध में अधिकारी तैयारी पूर्ण कर लें
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर 27 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर विभागों में लंबित प्रकरणों की साप्ताहिक प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आगामी मई माह में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार, बस्तर मुन्ने तथा नियद नेल्लानार 2.0 के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लेें। विशेष तौर पर ग्राम पंचायत एवं क्लस्टर स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों के आयोजन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
आज सुबह 11 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत मई माह के प्रथम अथवा द्वितीय सप्ताह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रवास संभावित है। अतः तदनुरूप विभाग के अधिकारी अपनी तैयारियां पूर्ण रखें तथा शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को सेच्युरेशन मोड में योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि कोई भी पात्र हितग्राही इससे वंचित होने न पाए। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अधोसंरचना एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने राजस्व विभाग में लंबित प्रकरणों को 30 अप्रैल तक निराकृत करने के लिए निर्देशित किया।
इसके अलावा 01 मई से प्रारंभ होने वाली जनगणना 2027 के लिए अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के सीईओे श्री हरेश मंडावी ने बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार 2.0 के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक जानकारी अधिकारियों को दी। इसके अलावा कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, डीफ एवं निष्क्रिय बैंक खातों की जानकारी, विशेष केन्द्रीय सहायता मद, आयुष्मान भारत एवं वय वंदना योजना सहित विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अधीन गठित जिला योजना एवं निगरानी समिति के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इस अवसर पर सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत घोटिया एवं कच्चे में उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
उत्तर बस्तर कांकेर 27 अप्रैल 2026
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर द्वारा ग्राम पंचायत घोटिया एवं नवीन दुकान कच्चे में शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालन के लिए इच्छुक पात्र एजेंसियों से 04 मई तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए ग्राम पंचायत, महिला स्व-सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां एवं अन्य सहकारी समितियां शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित करने के इच्छुक हों वे निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर ने बताया कि ग्राम पंचायत के द्वारा दुकान संचालन की स्थिति में ग्राम पंचायत को दुकान संचालन स्वतः करना होगा अर्थात किसी निजी व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया जा सकेगा। ग्राम पंचायत द्वारा दुकान संचालन करने पर सरपंच एवं पंच, पंचायत सचिव एवं एक गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले राशन कार्डधारी तथा अन्त्योदय राशन कार्डधारक व्यक्ति जिसमें दो महिला सदस्य होना आवश्यक है, के समिति द्वारा संचालन किया जाना होगा। स्थानीय शिक्षित बेरोजगार व्यक्ति को सेल्समेन के पद पर ग्राम पंचायत अनुमोदन पश्चात् रखा जाना अनिवार्य होगा।
महिला स्व-सहायता समूह का पंजीयन होना अनिवार्य। समूह का पंजीयन 03 माह पूर्व होना चाहिए तथा उसके खाते में पर्याप्त धन राशि जमा होना अनिवार्य है, जो कि एक माह के खाद्यान्न एवं केरोसीन के डी.डी. हेतु पर्याप्त राशि होना चाहिए। समूह द्वारा विक्रेता के पद पर शिक्षित बेरोजगार महिला को रखना अनिवार्य होगा।
बाल विवाह पर समय रहते प्रशासन ने की कार्यवाही, टीम ने रुकवाया विवाह
उत्तर बस्तर कांकेर । जिला बाल संरक्षण इकाई को प्राप्त सूचना के आधार पर ब्लॉक भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत तुएगहन, थाना कोरर क्षेत्र में प्रस्तावित बाल विवाह पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवा दिया। मिली जानकारी के अनुसार उक्त विवाह आगामी 30 अप्रैल से प्रारंभ होना था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं पुलिस थाना कोरर के स्टाफ शामिल रहे। टीम मौके पर पहुंचकर बाल विवाह की रोकथाम की कार्यवाही में जुट गई। कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत पंडरीपानी के सरपंच, उपसरपंच, पटेल एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मौके पर उपस्थित रहे। टीम द्वारा लड़के एवं लड़की की उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, जो कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित आयु से कम है। इसके बाद टीम ने माता-पिता एवं परिजनों को समझाइश दी तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। परिवार द्वारा सहमति पत्र/पंचनामा पर हस्ताक्षर कर बाल विवाह नहीं करने की सहमति दी गई। इस प्रकार प्रशासन की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया।
बस्तर मुन्ने के तहत ग्राम स्तर पर आयोजित की जाएंगी विभिन्न गतिविधियां
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को नियद नेल्लानार 2.0 के तहत किया जाएगा लाभान्वित
उत्तर बस्तर कांकेर 24 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान का चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगामी 01 मई से जिले की सभी ग्राम में विशेष ’संतृप्तता शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उक्त अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं समाज के वंचित वर्गों तक उनका समयबद्ध लाभ के लिए बस्तर संभाग के सभी 07 जिलों में ‘बस्तर मुन्ने’ (गोंडी में ‘अग्रणी बस्तर‘) अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में नियद नेल्लानार अंतर्गत 31 जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्तमान अप्रैल माह में ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तरीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके पहले चरण में हाट बाजारों एवं ग्राम पंचायतों में मुनादी, दीवार लेखन एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को योजनाओं की सूची, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी साझा की जाएगी। प्रत्येक विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि मैदानी अमलांे तक हितग्राहियों की सूची एवं योजना की जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान के दूसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत एनसीएईआर सर्वेक्षण, जिला सर्वेक्षण के आधार पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदाय किया जाएगा। साथ ही सर्वे में छूटे परिवारों का पंजीयन किया जाएगा। यह भी बताया गया कि पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन एवं तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का संकलन एवं ग्राम सभा में अनुमोदन किया जाएगा। इसके तीसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविरों का आयोजन कर समीक्षा एवं निराकरण किया जाएगा, जबकि चौथे चरण में क्लस्टर स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विकासखण्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन कर निराकरण किया जाएगा। इसी तरह अभियान के पांचवें चरण में अंतिम समीक्षा, प्रभाव आंकलन, डेटाबेस, वेब पोर्टल एवं शिविर प्रबंधन संबंधी कार्य किया जाकर शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य जिला स्तर पर निर्धारण किया जायेगा।
कलेक्टर ने बताया कि व्यक्तिमूलक योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाएगा, जिसमें बी-1 खसरा, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड, वय वंदना कार्ड आदि का मौके पर ही तैयार कर वितरण किया जाएगा। प्रत्येक शिविर के प्रतिभागी का पंजीयन करने हेतु प्रतिभागी पंजी संधारित की जायेगी, जिसमंे आवश्यक जानकारी एंट्री कर रखा जाएगा।
जिले में ‘बस्तर मुन्ने’ के तहत प्रत्येक गांव में 01 मई से लगेंगे विशेष संतृप्तता शिविर
उत्तर बस्तर कांकेर :
वंचित परिवारों को योजनाओं से जोड़ने का संकल्प
उत्तर बस्तर कांकेर 23 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए “बस्तर मुन्ने“ (अग्रणी बस्तर) अभियान का आगाज़ किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगामी 01 मई से जिले की सभी ग्राम में विशेष ’संतृप्तता शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि अभियान का प्राथमिक लक्ष्य एनसीएईआर सर्वेक्षण के दौरान ’नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत चिन्हित उन परिवारों को लाभान्वित करना है, जो वर्तमान में किन्हीं कारणों से शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं। प्रशासन का संकल्प इन परिवारों को मुख्यधारा से जोड़कर लाभ का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है। यह अभियान विभिन्न चरणों में व्यवस्थित रूप से संचालित होगा।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल से एक सप्ताह तक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रमुख सामुदायिक कार्यों जैसे आंगनबाड़ी, उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, राशन दुकान, प्राथमिक शाला, खेल मैदान, पहुंच मार्ग (बारहमासी सड़क), विद्युतीकरण, इंटरनेट, पोस्ट ऑफिस, वन धन विकास केंद्र, सी.एस.सी., पंचायत भवन, बैंक, कॉलेज की उपलब्धता एवं सुविधाओं से संबंधित कार्यों का संकलन के साथ ग्राम सभा में अनुमोदन प्राप्त किया जाना है। साथ ही ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों पर नियमानुसार जिला स्तर से ही स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे। ऐसे प्रस्ताव जिनमें शासन स्तर की अनुमति आवश्यक होगी, उन्हें त्वरित कार्यवाही हेतु राज्य शासन को प्रेषित किया जाएगा।
डिप्टी कलेक्टर श्री साहू पखांजूर के अनुविभागीय अधिकारी नियुक्त
त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन हेतु रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त
मंडी बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 26 अप्रैल को
जिले में 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए, 11811 अभ्यर्थी होंगे शामिल
उत्तर बस्तर कांकेर 21 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। यह परीक्षा राज्य के 16 जिलों में आयोजित होगी, जिसमें लगभग 02 लाख 47 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। कांकेर जिले मंे 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें 11811 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशानुसार उक्त परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन करने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिसिं्कग एवं फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार 9.30 बजे बंद कर दिया जाएगा, इसके बाद अभ्यर्थियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित होगा।
आधी बांह की शर्ट ही पहन सकेंगे परीक्षार्थी
व्यापमं द्वारा जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थियों से कहा गया है कि वे हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें और कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित किया गया है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में केवल काले बॉल पॉईंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाएंगे। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जा सकता है।
सामान्य प्रशासन समिति की बैठक 24 अप्रैल को
उत्तर बस्तर कांकेर 21 अप्रैल 2026
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी की अध्यक्षता में जिला पंचायत कांकेर के सामान्य प्रशासन समिति की बैठक 24 अप्रैल शुक्रवार को शाम 05 बजे से जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
दिव्यांगजनों के लिए प्रमाणीकरण एवं नवीनीकरण शिविर 22 अप्रैल से
उत्तर बस्तर कांकेर 21 अप्रैल 2026
जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के हित में विशेष पहल करते हुए निःशुल्क सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, नवीनीकरण एवं प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन 22 अप्रैल से किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में यह शिविर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के सामाजिक दायित्व के अंतर्गत तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
उपसंचालक समाज कल्याण श्रीमती क्षमा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहला शिविर 22 अप्रैल को लाइवलीहुड कॉलेज गोविंदपुर कांकेर में, दूसरा 23 अप्रैल को भानुप्रतापपुर तथा तीसरा शिविर 24 अप्रैल को कोयलीबेड़ा में आयोजित होगा। सभी शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
शिविर में दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, चिन्हांकन, प्रमाणीकरण, पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही जिन दिव्यांगजनों के मेडिकल प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बने हैं, उनका मौके पर ही पंजीयन एवं समाधान किया जाएगा।
निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पात्र दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता अन्य सहायक उपकरण हेतु तथा 100 प्रतिशत दिव्यांग नेत्र सुगम्य केन, स्मार्टफोन हेतु आय प्रमाण-पत्र, जिनकी सभी स्रोतों से मासिक आय 22,500 रुपये से कम है, उन्हें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण एवं आधार की छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा। शिविर में ऐसे दिव्यांग जिनका मेडिकल प्रमाण-पत्र नहीं बना है, उनका मेडिकल यूडीआईडी, अन्य पेंशन विषयक समस्या का समाधान समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा। शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण, नवीनीकरण, यूडीआईडी कार्ड बनने से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता एवं त्वरित लाभ मिलेगा। शिविर में आने से पूर्व अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक या अपडेट करा लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार 2.0 के क्रियान्वयन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित
उत्तर बस्तर कांकेर । बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम एवं ’नियद नेल्लानार 2.0’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) द्वारा जिले में किए गए व्यापक सर्वेक्षण के आधार पर चिन्हांकित वंचित हितग्राहियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने कहा कि एनसीएईआर के सर्वेक्षण से प्राप्त परिणामों ने उन क्षेत्रों और परिवारों को स्पष्ट किया है, जो अब तक किन्हीं कारणों से योजनाओं के लाभ से दूर थे। ’बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के तहत अब इन पात्र व्यक्तियों तक प्रशासन स्वयं पहुँचेगा और योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा। बैठक के दौरान जिले में संचालित 31 प्रमुख हितग्राही मूलक योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की गई।
सीईओ मंडावी ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशासन ने क्लस्टर लेवल पर विशेष नोडल टीमें तैयार की हैं। क्लस्टर स्तर पर गठित नोडल टीमें सर्वेक्षण डेटा का उपयोग कर सीधे उन घरों तक पहुंचेगी जो योजना की पात्रता रखते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों के माध्यम से मौके पर ही आवेदनों का निराकरण कर तत्काल लाभ प्रदान किया जाए। अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने और ’डेटा-आधारित लक्ष्य’ पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है ताकि शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँच सके।
बैठक में अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, एसडीएम कांकेर अरुण वर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री स्टेला खलखो, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विभिन्न योजनाओं से संबंधित जिला प्रमुख व क्लस्टर लेवल नोडल अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सामान्य सभा की बैठक 24 को
उत्तर बस्तर कांकेर । जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी की अध्यक्षता में जिला पंचायत कांकेर के सामान्य सभा की बैठक 24 अप्रैल शुक्रवार को पूर्वान्ह 11 बजे से जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना 2027 में शामिल होने कलेक्टर ने जिलेवासियों से की अपील
उत्तर बस्तर कांकेर 17 अप्रैल 2026
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिलेवासियों से जनगणना 2027 में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी जनगणना का कार्य किया जाना है। जनगणना केवल गिनती नहीं, बल्कि देश के भविष्य की नींव है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही शासन की योजनाएं, स्कूल, अस्पताल, सड़क, राशन तथा पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाएं तय होती है।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने जिले के आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि जब जनगणना कर्मी आपके घर पहुंचे तो परिवार के प्रत्येक सदस्य की उम्र, शिक्षा, व्यवसाय आदि की सही और पूरी जानकारी निर्भीक होकर दें। जनगणना का किसी भी नागरिकता, कर या कानूनी कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है, इससे जुड़ी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। साथ ही लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह भी दी गई। जनगणना के दौरान घर के सभी सदस्य विशेषकर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे गणना से छूटने न पाए, इस कार्य में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि जनगणना प्रक्रिया में इस बार डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, स्वयं मोबाइल ऐप से जानकारी भरें और उसका लाभ उठाएं। 16 अप्रैल से 30 अपै्रल तक जनगणना निदेशालय के वेब पोर्टल https://se.census.gov.in/में अपनी जानकारी स्वयं दे सकते हैं। जानकारी अपलोड करने के बाद 12 अंकों वाला एसई आईडी को सुरक्षित रखें, ताकि गणनाकर्मी के आने पर उसे साझा करें। आपके द्वारा दी गई सटीक जानकारी से गांव और जिले के विकास तय होगा।