छत्तीसगढ़ / महासमुंद
खड़ी ट्रक से टकराई बस: 1 बच्ची की मौत, 43 यात्री घायल
महासमुंद । महासमुंद में भीषण सड़का हादसा हो गया। यात्रियों से भरी बस सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में 43 यात्री घायल हो गये। वहीं, एक बच्ची की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, घटना महासमुंद जिले की है। शुक्रवार तड़के दुर्ग से बस नंबर सीजी 23 एन 2400 यात्रियों को भरकर पुरी के लिए निकली थी। सुबह चार बजे के आसपास बस महासमुंद घंटेश्वरी मंदिर से करीब 200 मीटर दूर पहुंची ही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक से बस की भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस के सामने वाले हिस्से के परखच्चे उड़ गये। घटना के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि सुबह चार बजे अंधेरा था। सड़क पर खड़ी ट्रक बस चालक को नजर नहीं आई और ये हादसा हो गया।
पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। बस सवार 43 यात्री घायल हो गये, जिनमें से 19 यात्रियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को सरायपाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। बताया जा रहा है कि सड़क पर खड़ा ट्र्क राजस्थान पासिंग का है।
घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुःख जताया है। सीएम ने लिखा, 'महासमुंद जिले के सरायपाली में यात्री बस और ट्रक के बीच हुई सड़क दुर्घटना में एक बच्ची के निधन और 43 लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत दुःखद है। घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन को बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से दिवंगत बच्ची की आत्मा की शांति एवं उनके शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने व घायलों के जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।'
एसडीएम ने किया धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण, अवैध धान पर कार्रवाई
महासमुंद । एसडीएम सरायपाली नम्रता चौबे ने शुक्रवार को धान खरीदी केंद्र केना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धान खरीदी केंद्र में किसानों के टोकन और उनके द्वारा लाए गए धान का सत्यापन किया गया। जांच में किसानों द्वारा कुल कटाए गए टोकनों से 384 क्विंटल कम धान पाया गया, जिसे मौके पर समर्पण कराया गया। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण में 28 बोरी पुराना धान भी पाया गया, जिसे तुरंत जप्त कर लिया गया। एसडीएम ने अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इसी क्रम में, धान खरीदी केंद्र तोषगांव में 480 क्विंटल धान का समर्पण कराया गया। अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम केना में एक ट्रैक्टर सहित 40 कट्टा धान जप्त कर मंडी को सुपुर्द किया गया। निरीक्षण के दौरान राजस्व एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर लगाम लगाने का प्रयास किया गया है। केंद्र प्रभारी ने जानकारी दी कि जिले में सरकार की धान खरीदी नीति का सख्ती से पालन हो रहा है। किसानों को नियमों का पालन करने और पुराना धान न लाने की हिदायत दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे से हर किसान के धान की गहन जांच की जाएगी ताकि अनियमितताओं को रोका जा सके।
कलेक्टर लंगेह ने अधिकारी-कर्मचारियों को दिलाई मतदाता शपथ
महासमुंद । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस आज पूरे उत्साह और गरिमा के साथ महासमुंद जिले में मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। कलेक्टर लंगेह ने कहा कि इस शपथ का उद्देश्य लोकतंत्र की मजबूती और स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी को संकल्प दिलाया कि वे निर्भीक होकर, किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव से प्रभावित हुए बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता दिवस की शपथ दिलाते हुए कहा कि “हम, भारत के नागरिक, लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।“ इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, और विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर में जिले के सभी शासकीय कार्यालयों और शाखाओं में भी कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। इन सभी ने भी लोकतंत्र को मजबूत करने और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए शपथ ली।
गणतंत्र दिवस से पहले महासमुंद के मिनी स्टेडियम में फुल ड्रेस रिहर्सल
छत्तीसगढ़ी संस्कृति के साथ पंजाबी, गुजराती, ओड़िया संस्कृति की दिखेगी झलक
महासमुंद। गणतंत्र दिवस के लिए शुक्रवार को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक और उप पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय की मौजूदगी में गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। पूर्वाभ्यास में रक्षित निरीक्षक दीप्ति कश्यप के नेतृत्व में पुलिस, नगर सैनिक, एनसीसी एनएसएस की कुल 11 टुकड़ियों ने परेड की सलामी दी। रिहर्सल स्थानीय मिनी स्टेडियम में आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे।
मिनी स्टेडियम में रिहर्सल सुबह 9 बजे शुरू हुई। आज फुल ड्रेस रिहर्सल में 6 स्कूलों द्वारा राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत गीत संगीत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दिया गया। आज उनकी भी अंतिम रिहर्सल की गई। समारोह का मुख्य आकर्षण 14 स्कूलों के लगभग 900 बच्चों द्वारा एरोबिक्स जुंबा पीटी प्रदर्शन होगा। इसके अलावा 13 विभागों की झांकी निकाली जाएगी। शहीद के परिजनों का सम्मान व उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर ने तैयारी का जायजा भी लिया और आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार के.के. साहू एवं संबंधित अधिकारी - कर्मचारी मौजूद थे।
ज़िला मुख्यालय के मुख्य समारोह में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ध्वजारोहण करेंगे
जिले में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर ज़िला मुख्यालय महासमुंद के मुख्य समारोह में प्रदेश के खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। जिला स्तरीय मुख्य समारोह जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में प्रातः 9 बजे शुरू होगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने यहां सभी तैयारियों का जायजा लिया और निर्देश दिए।
अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई, 280 कट्टा धान जब्त
महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के आदेशानुसार अवैध धन परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बुधवार रात अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बागबाहरा उमेश कुमार साहू के मार्गदर्शन में सीमा जांच चौकी नर्रा पर रात्रि गश्त के दौरान कार्रवाई की गई। रात 12 बजे जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी04/ZC/0440 में लगभग 280 कट्टा धान का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वाहन चालक भेखराम साहू, ग्राम गोतमा, थाना खरियार रोड, जिला नुआपाड़ा (ओडिशा) से संबंधित था।
जांच के दौरान धान से संबंधित किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
मौके पर मौजूद मंडी अधिकारी कुशलराम ध्रुव, यशवंत कुमार रात्रे, और सिपाही बालकृष्ण प्रधान ने धान से लदे वाहन को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की। जब्त किए गए वाहन और धान को कृषि उपज मंडी समिति, बागबाहरा की अभिरक्षा में रखा गया है।
समस्त शासकीय विभागों में दिलाई जाएगी मतदाता शपथ
महासमुंद । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2025, 25 जनवरी को अवकाश होने के कारण 24 जनवरी को वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम के थीम पर मनाया जाएगा। 24 जनवरी को समस्त शासकीय विभागों में प्रातः 11.00 बजे या यथोचित समय में अधिकारियों और कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई जाएगी।
गणतंत्र दिवस पर खाद्य मंत्री बघेल महासमुंद में करेंगे ध्वजारोहण
महासमुंद । जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित होने वाले 76 वें गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में जिले के प्रभारी एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन द्वारा इस आशय के सूची जारी की गई है।
गढ़फुलझर-सराईपाली के बीच 975 कट्टा अवैध धान जब्त
महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में अवैध धान खरीदी, परिवहन व भंडारण पर खाद्य विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई सतत जारी है। इसी क्रम में गढ़फुलझर और सराईपाली के बीच संयुक्त टीम द्वारा रात्रि में धान की अवैध परिवहन करते एक ट्रेक्टर और ट्रक को पकड़ा गया। जिसमें क्रमशः 100 कट्टा धान और 875 बोरे धान ले जाते हुए पकड़े गए।
मिली जानकारी के अनुसार चिमरकेल इलाके में जांच के दौरान टीम द्वारा दोनों वाहनों को रोककर दस्तावेज मांगे गए। जांच में पाया गया कि ट्रेक्टर में लदा 100 कट्टा धान पूरी तरह से बिना दस्तावेज के था। वहीं ट्रक में लदे 875 बोरे धान गढ़फुलझर समिति से बरौली के रियांस राइस मील के लिए जारी डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) के नाम पर धान का उठाव किया गया था। लेकिन, इसे बरौली के बजाय सराईपाली की ओर ले जाया जा रहा था। जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। दोनों वाहनों को तुरंत जप्त कर लिया गया है और अवैध धान के मालिकों से दस्तावेजों की पुष्टि और जांच शुरू कर दी है।
महासमुंद जिले के 6 नगरीय निकायों के 1 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान
महासमुंद नगरपालिका में सर्वाधिक 47 हजार 178 मतदाता, नगर पंचायत तुमगांव में 6126
महासमुंद । राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया आज से प्रारंभ हो गई। चुनाव की सूचना का प्रकाशन सुबह 10:30 बजे किया गया, जिसमें सीटों के आरक्षण और मतदान केंद्रों की सूची शामिल है। चुनाव में नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आज से आरंभ हो चुकी है। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी है। इसके बाद नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 29 जनवरी को होगी, और प्रत्याशी अपना नाम 31 जनवरी तक वापस ले सकते हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदान 11 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। मतगणना और चुनाव परिणाम की घोषणा 15 फरवरी को की जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार साहू ने बताया कि महासमुंद जिले के अंतर्गत आने वाले 06 नगरीय निकायों में कुल 105 वार्ड शामिल है। नगरीय निकाय अंतर्गत 03 नगर पालिका परिषद् महासमुंद, बागबाहरा व सरायपाली तथा 03 नगर पंचायत तुमगांव, बसना एवं पिथौरा शामिल है। वर्तमान में नगरीय निकाय अंतर्गत मतदाताओं की कुल संख्या एक लाख 03 हजार 692 है, जिसमें पुरुष मतदाता 49 हजार 408 तथा महिला मतदाता 54 हजार 271 और तृतीय लिंग अंतर्गत 13 मतदाता शामिल है।
जिसमें नगर पालिका महासमुंद अंतर्गत 30 वार्डों में 47 हजार 178 मतदाता है, इनमें पुरुष मतदाता 22 हजार 254, महिला मतदाता 24 हजार 915 व तृतीय लिंग मतदाता 09 है। इसी तरह बागबाहरा अंतर्गत 15 वार्डां में 15 हजार 887 मतदाता है, जिसमें पुरुष मतदाता 07 हजार 617, महिला मतदाता 08 हजार 266 व तृतीय लिंग मतदाता 04 है। नगरपालिका सरायपाली अंतर्गत 15 वार्डां में 17 हजार 175 मतदाता है, जिसमें 08 हजार 348 पुरुष मतदाता व 08 हजार 827 महिला मतदाता है। इसी तरह नगर पंचायत तुमगांव अंतर्गत 15 वार्डों में 06 हजार 126 मतदाता शामिल है, जिसमें पुरुष मतदाता 02 हजार 997 व महिला मतदाता 03 हजार 129, बसना अंतर्गत 15 वार्डां में 09 हजार 927 मतदाता है, जिसमें पुरुष मतदाता 04 हजार 596 व महिला मतदाता 05 हजार 331 एवं नगर पंचायत पिथौरा अंतर्गत 15 वार्डों में 07 हजार 399 मतदाता है, जिसमें 03 हजार 596 पुरुष मतदाता एवं 03 हजार 803 महिला मतदाता शामिल है।
जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन व अनुवीक्षण समिति का गठन
महासमुंद । नगरीय निकाय निर्वाचन 2024-25 हेतु राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन संबंधी प्रचार-प्रसार सामग्रियों के प्रसारण पूर्व प्रमाणन हेतु जिला स्तर पर जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति का गठन किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) विनय कुमार लंगेह एमसीएमसी के अध्यक्ष होंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सहायक संचालक जनसम्पर्क पोषण कुमार साहू को सदस्य सचिव एवं हरिभूमि दैनिक समाचार पत्र रत्नेश सोनी को एमसीएमसी सदस्य नियुक्त किया गया है। एमसीएमसी द्वारा नगरपालिका व नगर पंचायत निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज के अंतर्गत समाचार पत्र, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क, इंटरनेट, सोशल मीडिया इत्यादि में प्रकाशित होने वाले समाचार, तथ्यों की बारीकी से जांच तथा निर्वाचन संबंधी प्रचार-प्रसार सामग्रियों के प्रसार पूर्व प्रमाणन किया जाएगा।
निकाय-पंचायत चुनाव: ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध
महासमुन्द । नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 के तहत आदर्श आचरण संहिता के पालन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। छत्तीसगढ़ कोलाहल अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर), माइक, वाहनों के उपयोग, चुनावी कार्यालय खोलने, सभा एवं रैली आयोजित करने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और निर्वाचन संचालन के लिए नियमानुसार अनुमति प्रदान करने हेतु अधिकारियों को सक्षमता प्रदान करते हुए अनुमति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए निर्वाचन संचालन हेतु वाहन, माईक, लाउडस्पीकर, पार्टी अथवा अभ्यर्थी द्वारा कार्यालय खोलने, सभा, रैली आदि की अनुमति संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया जाएगा। आवेदन प्रस्तुत करने के लिए नगर पालिका परिषद् महासमुंद हेतु कार्यालय कक्ष क्रमांक 14, नगर पंचायत तुमगांव हेतु कार्यालय नगर पंचायत तुमगांव तथा नगर पालिका परिषद् बागबाहरा व सरायपाली एवं नगर पंचायत पिथौरा और बसना के लिए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर/अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय का स्थान निर्धारित किया गया है। इसी तरह त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य पद के लिए रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय व जिला पंचायत सभाकक्ष तथा पंच, सरपंच, जनपद सदस्य पद के लिए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।
नगरीय निकाय/त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन अंतर्गत उपरोक्त अनुमति हेतु संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में आवेदन करना होगा। संबंधित सक्षम प्राधिकारी निम्न शर्तों के अध्यधीन प्रदान कर सकेंगे। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर एवं चुनावी सभाओ/प्रचार/जुलुस में प्रातः 06.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक ही किया जा सकेगा, किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होगें एवं मध्यम आवाज मे ही प्रयोग किए जाएंगे। लोक परिशांति को दृष्टिगत रखते हुए लम्बे चोंगे वाले लाउड स्पीकरों का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक लाऊड स्पीकर समूहों में लगाया जाना भी प्रतिबंधित किया जाता है। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा, परन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालय, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास नगर पालिका, नगर पंचायत एवं किसी अन्य स्थानीय निकाय कार्यालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र आदि से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्य स्थिति में भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जा सकेगा।
संबंधित अभ्यर्थी, राजनीतिक दल द्वारा आदर्श आचरण संहिता का पालन किया जावेगा। उल्लंघन की स्थिति में अनुमति निरस्त करते हुए आयोग के सुसंगत प्रावधानों के अधीन दांडिक कार्यवाही की जावेगी। वाहन, रैली, सभा इत्यादी में होने वाले व्यय की जानकारी संबंधित निर्वाचन व्यय संपरीक्षक को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के व्यय की जानकारी छुपाया जाना निर्वाचन नियमों का उल्लंघन माना जावेगा। यह प्रतिबंध निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति तिथि तक महासमुंद जिले के नगर पालिका एवं समस्त नगर पंचायतों, समस्त जनपद पंचायतों में प्रभावशील रहेगा।
आदर्श आचरण संहिता लागू, प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2024-25
महासमुंद । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिका आम निर्वाचन 2025 एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 के लिए 20 जनवरी 2025 को कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावी हो गई है।
शांति और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के आदेशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए महासमुंद जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, तलवार, भाला, लाठी, विस्फोटक सामग्री जैसे घातक हथियार लेकर सार्वजनिक स्थलों, सभाओं, या रास्तों पर नहीं चलेगा। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा सशस्त्र जुलूस निकालने या आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कार्य संपादन के लिए लाठी या शास्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें चुनाव व मतदान के दौरान, कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था तथा लंगड़ापन होने के कारण सहारे के रूप में लाठी रखना आवश्यक होता है।
बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई भी व्यक्ति या समूह सभा, रैली, जुलूस या धरना नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या समूह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। यह आदेश जिले की नगर पालिका, नगर पंचायत और जनपद पंचायत क्षेत्रों में लागू रहेगा और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।
आदर्श आचरण संहिता लागू, प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2024-25
महासमुंद । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिका आम निर्वाचन 2025 एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 के लिए 20 जनवरी 2025 को कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावी हो गई है।
शांति और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के आदेशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए महासमुंद जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, तलवार, भाला, लाठी, विस्फोटक सामग्री जैसे घातक हथियार लेकर सार्वजनिक स्थलों, सभाओं, या रास्तों पर नहीं चलेगा। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा सशस्त्र जुलूस निकालने या आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करने पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कार्य संपादन के लिए लाठी या शास्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें चुनाव व मतदान के दौरान, कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था तथा लंगड़ापन होने के कारण सहारे के रूप में लाठी रखना आवश्यक होता है।
बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कोई भी व्यक्ति या समूह सभा, रैली, जुलूस या धरना नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या समूह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। यह आदेश जिले की नगर पालिका, नगर पंचायत और जनपद पंचायत क्षेत्रों में लागू रहेगा और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।
आग्नेय अस्त्र-शस्त्र संबंधित पुलिस थानों में जमा कराने का आदेश जारी
नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन
महासमुन्द । जिले में नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के ने आदेश जारी किया है। जिले की सीमा में निवासरत सभी शस्त्र लाइसेंसधारियों को अपने आग्नेय अस्त्र-शस्त्र संबंधित पुलिस थानों में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश आयुध अधिनियम 1959 की धारा 17(3)(बी) व धारा 21 के तहत जारी किया गया है। आगामी चुनावों में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने और अस्त्र-शस्त्रों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। उच्च न्यायालय मुंबई के आदेश और निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया और प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की गई है।
जारी आदेशानुसार जिला सीमा क्षेत्र के भीतर रहने वाले लाइसेंसधारियों को अपने अस्त्र-शस्त्र की सूचना थाने में अनिवार्य रूप से देनी होगी तथा अपने-अपने आग्नेय अस़्त्र-शस्त्र नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करायेंगे। यह आदेश जिले में निवासरत बाहर के जिले से आए लायसेंसी पर भी लागू होगा। मान्यता प्राप्त बैंकों के सुरक्षा गार्ड, राष्ट्रीय रायफल संघ, जिला रायफल संघ, औद्योगिक, शैक्षणिक और महत्वपूर्ण शासकीय संस्थानों के सुरक्षा गार्डों को इस आदेश से छूट दी गई है। जिन्हें इस आदेश से मुक्त रखा गया है, को भी अपने अस्त्र-शस्त्र की सूचना थाने में अनिवार्य रूप से देनी होगी और बिना अनुमति परिसर की सीमा से बाहर नहीं ले जा सकेंगे।
जिन लाइसेंसधारियों को सुरक्षा की दृष्टि से शस्त्र की आवश्यकता प्रतीत होता है, वे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की जांच थाना प्रभारी द्वारा कर, पुलिस अधीक्षक के माध्यम से अनुवीक्षण समिति को भेजा जाएगा। समिति अंतिम निर्णय लेगी। थाना प्रभारी जमा शस्त्रों का पंजीकरण करेंगे और पावती देंगे। 28 फरवरी 2025 के बाद एक सप्ताह के भीतर शस्त्र लाइसेंसधारकों को उनके शस्त्र वापस किए जाएंगे। जिले के सभी शस्त्र लाइसेंसधारियों इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीएम साय ने महासमुंद जिले के 10 हजार लाभार्थियों को सौंपे स्वामित्व कार्ड
महासमुन्द। स्वामित्व योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को दिल्ली से वर्चुअली देशभर के 50 हजार गांवों में 65 लाख प्रॉपर्टी कार्ड का वितरण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया एवं लाभार्थी कार्ड धारकों के साथ संवाद भी किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय मचेवा में आयोजित जिला स्तरीय स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकारिक स्वामित्व कार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती संयुक्ता सिंह, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, पूर्व संसदीय सचिव पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक परेश बागबाहरा, येतराम साहू, कमिश्नर महोदव कांवरे, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी स्वामित्व कार्ड के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज जिले के 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गांव के गरीब और किसान के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा और दूरदर्शी सोच के अनुरूप सरकार ने स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूती से कदम उठाए हैं। यह योजना न केवल एक ऐतिहासिक पहल है, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संपत्ति के अधिकार केवल भूमि और अन्य संसाधनों के कानूनी स्वामित्व तक सीमित नहीं हैं, ये व्यक्तियों और समुदायों को आत्मनिर्भरता, स्थिरता और सम्मानित जीवन का आधार प्रदान करते हैं। विशेष रूप से, हमारे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए यह अधिकार उनकी आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। भूमि प्रशासन को पारदर्शी और प्रभावी बनाना हमारी प्राथमिकता है। भूमि की सीमाओं का स्पष्ट सीमांकन न केवल विवादों को रोकने में सहायक है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करता है।
इस अवसर पर राजस्व एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से शुरू की गई स्वामित्व योजना के अंतर्गत आज जिले के नागरिकों को स्वामित्व कार्ड प्रदान कर रहे हैं यह जिले के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ आगे बढ़ रही है। सबका साथ और सबका विकास एक नारा ही नहीं एक भाव है, सरकार इसी उद्देश्य के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जमीन रजिस्ट्री के साथ नामांतरण भी होगा। इससे नागरिकों को बेवजह असुविधा से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि इस योजना का लाभ हर गाँव, हर घर और हर नागरिक तक पहुँचे। यह न केवल एक दस्तावेज़ है, बल्कि आपके अधिकार, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये योजनाएँ छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से लागू हो रही हैं, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। स्वामित्व योजना लोगों को मालिकाना हक दिलाने में सहायक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता की भलाई के लिए ईमानदारी से काम कर रही है और इन योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय की सराहना की और कहा कि ये सरकारें नई योजनाओं के माध्यम से जनता की समस्याओं का निरंतर समाधान कर रही हैं।
महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना ने आज हमारे जिले में एक नई पहचान बनाई है। इस योजना के तहत 10,850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया है। यह आपकी संपत्ति पर आपके अधिकार का प्रमाण है और आपके सशक्तिकरण का प्रतीक है। हमारी डबल इंजन की सरकार समान रूप से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गाँवों के लोग भी आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक उन्नति की ओर अग्रसर हों। हमारी सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ के विकास और सुशासन की ओर निरंतर अग्रसर है। विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य, सड़कें, या रोजगार, सरकार हर क्षेत्र में आपकी जरूरतों को प्राथमिकता देती है।
बसना विधायक सम्पत अग्रवाल ने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री हमारी हर मांग को पूरा करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, और किसानों की बेहतरी के लिए जो प्रयास किए गए हैं, उसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और राज्य के विकास में सहभागी बनें।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से 1073 गांव में सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। जिसके माध्यम से 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों का स्वामित्व कार्ड तैयार कर लिया गया है। इस अवसर पर चन्द्रहास चंद्राकर, संदीप दीवान, महेन्द्र सिक्का, प्रशांत श्रीवास्तव, प्रकाश शर्मा, श्रीमती सुधा साहू, पार्षदगण एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम में महिला, किसान, आम नागरिक तथा अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
बतादें कि स्वामित्व योजना के तहत महासमुंद जिले के 128 गांवों के 10850 लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान किया गया है। जिसमें महासमुंद तहसील अंतर्गत 47 गांवों के 4609, बागबाहरा के 9 गांव के 475, कोमाखान के 12 गांव के 1226, पिथौरा के 31 गांवों के 2819, बसना के 5 गांव के 302 एवं सरायपाली तहसील अंतर्गत 24 गांवों के 1419 लाभार्थी शामिल है। भारत सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत संपत्ति मालिक को अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया है। स्वामित्व योजना अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से तैयार किए गए मालिकाना दस्तावेज ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति पर स्वामित्व का स्पष्ट प्रमाण प्रदान करते हैं। स्वामित्व दस्तावेज़ मिलने के बाद ग्रामीण नागरिक अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग कर सकते हैं। इससे उन्हें ऋण प्राप्त करने और आर्थिक स्थिरता हासिल करने में मदद मिलेगी।
स्वामित्व कार्ड पाकर भूमि मालिकों के चेहरे खिले
महासमुन्द। स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में स्वामित्व कार्ड पाकर बरसों से बिना अधिकार पत्र के रह रहे मकान मालिकों और भू-स्वामियों के चेहरे खिल गए। स्वामित्व कार्ड पाकर उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार को धन्यवाद दिया है। महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम परसट्ठी के इंदरमन, बुधारू साहू, सखाराम ध्रुव के चेहरे पर अद्भूत खुशी झलक रही थी। मुख्यमंत्री साय के हाथों ऐसे 25 भू मालिकों को स्वामित्व कार्ड प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को बधाई देते हुए हार पहनाई और स्वामित्व कार्ड प्रदान किया।
ऐसे ही हितग्राही इंदरमन ध्रुव और बुधारू साहू ने बताया कि वे लगभग 23-30 साल से ग्राम परसट्ठी में निवास कर रहे थे। लेकिन आज तक मालिकाना हक नहीं मिलने के कारण कई पीढ़ियों से कई येजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते थे। आज हमें वास्तविक मालिकाना हक प्राप्त हुआ है सच मायने में आज हम मकान के मालिक बन गए हैं। अपने परिवार सहित जीवन यापन कर रहे हैं। हमारे परिवारों के लिए भी बड़ी सौगात है। इंदरमन को 98.35 वर्ग मीटर मकान का भू-स्वामित्व अधिकार मिला। इसी तरह बुधारू साहू को 58.22 वर्ग मीटर का भू-स्वामित्व का अधिकार मिला है। वहीं करीब 30 साल से 511.46 वर्ग मीटर खेत में किसानी कर रहे सखाराम ध्रुव के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि आज मुझे जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। इससे उन्हें अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने और ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस अभिनव योजना के लिए सभी लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
बता दें कि स्वामित्व योजना अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से तैयार किए गए मालिकाना दस्तावेज ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति पर स्वामित्व का स्पष्ट प्रमाण प्रदान करते हैं। स्वामित्व दस्तावेज़ मिलने के बाद ग्रामीण अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग कर सकते हैं। इससे उन्हें ऋण प्राप्त करने और आर्थिक स्थिरता हासिल करने में मदद मिलेगी।
महासमुंद जिले में अब तक 10 हजार क्विंटल से ज्यादा अवैध धान जब्त
महासमुंद । कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। साथ ही अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। विभिन अंतरजिला चेक पोस्ट और अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट में लगातार करवाई की जा रही है। इसके अलावा कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी स्वयं धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर धान खरीदी की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदारों, खाद्य विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत कारवाई किया जा रहा है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जनवरी तक 157 प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसमें 10552 क्विंटल धान जप्त की गई है जबकि 18 वाहन को राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है। जप्त की गई धान की लागत लगभग 2 करोड़ 42 लाख रुपए है। इनमें 03 अंतर्राज्यीय एवं 154 राज्यीय प्रकरण है।
अभी बीते दिनों की गई कार्रवाई अंतर्गत बसना के ग्राम बसुला में 11 जनवरी को 152 बोरा धान जप्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। चेक पोस्ट पलसापाली में 13 जनवरी को 612 बोरी धान अवैध धान परिवहन करते हुए पाए जाने पर कारवाई की गई। इसी दिन सराय पाली अंतर्गत धान खरीदी उपरांत शासकीय धान को रिसाइक्लिंग किए जाने की खबर मिलने पर जांच की गई।
ग्राम टेमरी में रामबाई के कोठार में काले रंग में स्टेंसिल लगे हुए तथा धान खरीदी पूर्ण होने पर लगायी जाने वाली लाल स्याही की मुहर सहित वर्ष 2024-25 में धान खरीदी में उपयोग हुए कुल 350 ख़ाली बोरे पाए गए जिनसे धान निकाल कर पलटी कर दिया गया है एवं इसी तरह के समिति में उपयोग किए गए कुल 32 बोरे धान से भरे हुए मौके पर पाए गए। इसके अलावा मौके पर कुल 525 संदिग्ध अवैध धान के बोरे भरे हुए पाए गए तथा सभी 557 बोरे धान को मौके पर जब्त कर कोटवार के सुपुर्द किया गया। उक्त धान को राजसात करने की कार्यवाही की गई। 14 जनवरी को सरायपाली अंतर्गत ग्राम अर्जुंदा में 350 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया।
इसी क्रम में आज सुबह रात्रि 3 बजे 500 पैकेट धान लोड कर सरसींवा से सरायपाली अवैध परिवहन किया जा रहा था जिसे अनुविभागीय अधिकारी (रा) बसना द्वारा ग्राम कोटेनदहरा में पकड़ा गया तथा मंडी अधिनियम के तहत जब्त करने की कार्रवाई कर उप मंडी भंवरपुर के सुपुर्द दिया गया। इसी तरह अंतर्राज्यीय सीमा जाँच चौकी रेहटीखोल/बंजारीनाका में अवैध परिवहन करते हुए धान ट्रक पकड़ा गया। जाँच नाका प्रभारी चंद्रहास प्रधान व अन्य सहायोगियों द्वारा 560 पैकेट धान जप्त किया गया है। वाहन में झारखंड से धान लोड कर खपाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ लाये जाने की आशंका के आधार पर रोका गया है।