छत्तीसगढ़ / रायगढ़
आईटीआई में नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए 20 तक आवेदन
रायगढ़ । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, रायगढ़ में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिकल डोमेस्टिक कोर्स का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है। जिसके लिए 20 जनवरी सायं 5 बजे तक आवेदन मंगाए गए है। इलेक्ट्रिकल डोमेस्टिक कोर्स हेतु 8 वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आवेदन पत्र के साथ निवास एवं जाति प्रमाण-पत्र, बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड, रोजगार पंजी प्रमाण-पत्र एवं दो पासपोर्ट साईज फोटो अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण रायगढ़ जिले के अंतर्गत आवेदकों के लिए है।
रायगढ़ जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित
कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जारी किया आदेश
रायगढ़। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने कैलेण्डर वर्ष 2025 के लिए रायगढ़ जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इनमें 14 जनवरी 2025 मंगलवार संक्राति/पोंगल, 27 जून 2025 शुक्रवार रथयात्रा और 21 अक्टूबर 2025 मंगलवार दीपावली का दूसरा (गोवर्धन पूजा) शामिल है। उक्त अवकाश कोषालय, उप कोषालय, बैंकों के लिए लागू नहीं होगा।
शैलचित्रों की दुर्लभ श्रृंखला का गढ़ रायगढ़
रायगढ़ । हर सभ्यता वक्त की रेत पर अपने निशान छोड़ जाती है, ऐसे ही शैलचित्रों की अनोखी दुर्लभ श्रृंखला रायगढ़ की पहाडिय़ों में बिखरी हुई है, जो सदियां बीतने पर भी धूमिल नहीं हुई है और प्रागैतिहासिक काल से मानव विकास क्रम की कहानियां कह रही हैं। रायगढ़ जिले में हजारों वर्ष पुराने पाषाणकालीन समृद्ध शैलचित्रों का खजाना है, जो न केवल देश एवं प्रदेश में बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
ऐसी दुर्लभ पुरासंपदा हमारी प्राचीन सभ्यता के जीवंत अमूल्य अवशेष है। जिले में आदिम मानवों द्वारा सिंघनपुर, करमागढ़, कबरापहाड़, ओंगना, नवागढ़ पहाड़ी, बसनाझर, भैंसगढ़ी, खैरपुर, बेनिपाट, पंचभैया पहाड़, राबकोब गुफा, सारंगढ़ के सिरौलीडोंगरी जैसे अनेक स्थानों में शैलाश्रय में शैलचित्र उकेरे गए है, जिनमें पशु-पक्षी, आखेट के दृश्य, परम्परा, जीवनशैली, पर्व एवं त्यौहार का चित्रांकन दीवारों पर किया गया है।
ऐसे रॉक पेंटिंग विश्व के अन्य देशों फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया एवं मेक्सिको में भी पाये गए हैं। प्रागैतिहासिक काल में आदिम मानव इन सघन एवं दुर्गम पहाडिय़ों में गुफाओं एवं कंदराओं में निवास करते थे और यहां सभ्यता का विकास होता गया। आदिम कुशल चित्रकारों द्वारा बनाये इन शैलचित्रों में उनकी जीवनशैली एवं परिवेश की अनुगूंज सुनाई देती है, जिसकी भावनात्मक अभिव्यक्ति इन रेखाचित्रों के रूप में उभरकर सामने आती है। आदिमानव रंगों के प्रयोग से अनभिज्ञ नहीं थे। यह शैलचित्र हमारे पुरखों द्वारा दिया गया बहुमूल्य उपहार है।
हमीरपुर रोड से कुछ दूरी पर सघन वनों के बीच प्राकृतिक छटा से घिरी रमणीय करमागढ़ की पहाडिय़ों के बीच ‘उषा कोटि’ शैलाश्रय में पाषाणकालीन आदिम मानवों ने गहरे गैरिक रंग से ग्रामीण जन-जीवन को प्रदर्शित करते हुए विभिन्न पशुओं एवं सुंदर श्रृंखलाओं में ज्यामितीय आकृतियां चट्टानों मेंं अंकित किए हैं।
उषा कोटि में धान की बालियां, चांद, ढेकी, हिरन, खरगोश, बारहसिंघा, कछुआ, हाथी, छिपकली, मेंढक, बैल, पेड़-पौधे, मोती की सुंदर लडिय़ों जैसी आकृतियां स्पष्ट नजर आती है। विख्यात पुरातत्वविद स्व.पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय ने इसकी तुलना अमेरिका के गुफा चित्रों से की थी।
उडिय़ा संस्कृति से प्रभावित इन शैलचित्रों में घर, आंगन एवं दीवारों में पर्व के अवसर पर सजाने के लिए अल्पना सदृश्य खूबसूरत चित्र बनाये गये है।
वैसे ही कमल के फूल, गेहू एवं धान की बालियां एवं तरह-तरह के अनोखी कलात्मक आकृतियां बनी हुई है। शासन के पुरातत्व विभाग द्वारा इन शैलचित्रों को संरक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण यहां त्यौहार के अवसर पर ग्राम देवता के रूप में पूर्वजों की पूजा करने आते है।
रायगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलो मीटर दूर भूपदेवपुर के समीप ग्राम सिंघनपुर के समीप मैकल पर्वत श्रेणी में लगभग 2 हजार फीट की ऊंचाई पर मनोरम पहाडिय़ों के बीच जैव विविधता से परिपूर्ण सिंघनपुर की अद्वितीय गुफा है, जहां गैरिक रंग में मानव शरीर का आकार सीढ़ीनुमा सदृश, मानव आकृतियां एवं पशु-पक्षी की आकृतियां बनी हुई है। सिंघनपुर की पहाडिय़ों में तीन गुफाएं हैं, जिनमें से दो दक्षिणमुखी है एवं तीसरा पूर्वमुखी है। पूर्वमुखी गुफा जिसके बाह्य भाग में शैल चित्र है, जहां जाना भी कठिन ही है। प्रागैतिहासिक शैलाश्रय की पुष्टि 19 वीं शताब्दी के मध्य पुरातत्व अधिकारी श्री ए.सी.करलेले ने की थी।
आदिम युगीन के इन शैलचित्रों को स्व.एंडरसन ने 1912 ईसवीं में पहली बार देखा था। उन्होंने 1918 में इंडियन म्यूजियम ऑफ कलकत्ता के निदेशक श्री पर्सी ब्राउन को इसकी जानकारी दी थी, जिन्होंने अपनी पुस्तक इंडियन पेंटिंग में शैलचित्रों का जिक्र किया था
। स्व.श्री एंडरसन अपने साथी श्री राबर्टसन के साथ सिंघनपुर की गुफा गए थे और यहां का अन्वेषण किया। इसी दौरान गुफा में मधुमक्खियों के काटने से राबर्टसन की मृत्यु हो गयी। उनकी स्मृति में रेलवे स्टेशन का नाम रॉबर्टसन रखा गया है। पर्सी ब्राउन के बाद कई पुरातत्वविद सर हेनरी हडवे, श्री व्ही स्मिथ, अमरनाथ दत्ता और पंडित लोचन प्रसाद पांडेय ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। सिंघनपुर की गुफा, पुरातत्वविदों के लिए जिज्ञासा एवं कौतुहल से भरी हुई है।
रायगढ़ से 15 किलो मीटर दूर लोईंग से कुछ दूर पर कबरापहाड़ में पाषाण युग के विशिष्ट शैलचित्र है। जहां गैरिक रंग में छिपकली, हिरण, जंगली भैसा, बारहसिंघा, मेंढक, कछुआ, चक्र, जंगली भैसा मानव आकृतियां एवं विभिन्न प्रकार की ज्यामितियां आकृतियां है। यहां बने चक्र की खासियत यह है कि इसमें 36 लकीर बनी हुई है। पुरातत्वविदों के अनुसार कबरा पहाडिय़ों के शैलचित्र लगभग 5000 वर्ष पुराने हैं। ग्रामवासी इन शैलचित्रों की पूजा करते है।
रायगढ़ से लगभग 70 किलोमीटर दूर धरमजयगढ़ विकासखण्ड मुख्यालय से ग्राम ओंगना 4 किलोमीटर दूर है। वहां समीप के पहाडिय़ों में शैलाश्रय में मोहक शैलचित्र बने हुए है। ओंगना के शैलचित्र मानवीय सभ्यता के क्रम को प्रगट करते है। यहां तीन मानव की आकृतियां है। सामूहिक नृत्य का चित्रांकन, बैल की आकृति, साज-सज्जा वाली मानव आकृतियां है। ग्रामीण इसे देव स्थान के रूप में मानते है।
धरमजयगढ़ से 17 किलोमीटर दूर पंचभैया पहाड़ी पर प्राचीन महत्व के शैलचित्र हैं। ऐसी किवदंति है कि प्राचीन काल में पांचों पांडवों ने यहां रूककर विश्राम किया था। पहाड़ी के कटाव पर शैलचित्र हैं, जो गेरूए रंग से बने हुए हैं। इस पहाड़ पर हाथा नामक स्थान है, जहाँ चट्टानों पर 34 पंजों के निशान मिले हैं। वन्दनखोह गुफा के शैलचित्र, घोड़ी डोंगरी पहाड़ी के शैलचित्र, सिसरिंगा के चिनिडंड पहाड़ी के शैलचित्र एवं वोडरा कछार पहाड़ी के शैलचित्र अनूठे हैं। धरमजयगढ़ की राबकोब गुफा के शैलचित्र विशेष हैं। यह स्थल धरमजयगढ़ के ग्राम पोटिया के समीप पहाड़ी की तलहटी में अवस्थित है। कार्बन डेटिंग से गुफा में निर्मित शैलचित्र 20 से 30 हजार वर्ष पुराना निर्धारित किया गया है।
रायगढ़ से दक्षिण दिशा में 8 किलोमीटर दूर ब्रम्हनीन पहाड़ी पर बसनाझर पहाड़ी के गुफाओं एवं कंदराओं में अनगिनत शैलचित्र बिखरे हुए है। स्व.श्री एंडरसन द्वारा सिंघनपुर के शैलचित्रों के खोज के बाद बसनाझर के शैलचित्र पर भी अनुसंधान किया गया। पुरातत्वविदों के अनुसार ये शैलचित्रों 10 हजार ईसा पूर्व के है। ये शैलचित्र प्रस्तर युग तथा नवीन प्रस्तर युग के है। जिनमें आखेट युग को भी दर्शित किया गया है। आदिम शैलचित्रकारों ने आखेट दृश्य को प्रस्तुत किया है। यहां हिरण मानव आकृतियां एवं खेती तथा पशुपालन, सूर्यचक्र, देव आकृति प्रदर्शित किए गए है।
जिले में प्रागैतिहासिक कालीन शैलचित्रों में प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति उत्कृष्ट रूप में अभिव्यक्त हुई है और यह पुरातत्वविदों के लिए अनुकरणीय है। रहस्य एवं रोमांच से भरपूर इन शैलचित्रों में अभी भी बहुत कुछ खोजना शेष है। इन कहानियों को क्रमिकता में समझने की जरूरत है, कि उस काल में जीवन किस तरह का था और रचनात्मकता किस तरह की थी। इनका सही वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर मानव विकास के क्रम की कई तस्वीरें सामने आएगी।
रायगढ़ में अधिक ठंड, अलाव सहारा बना
रायगढ़ । रायगढ़ में दिसबंर महीने में ठंड का असर एक बार फिर से देखने को मिल रहा है। सुबह से लेकर रात तक ठंड का अहसास, फिर रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।
वहीं, नवंबर महीने में मौसम में बदलाव आने के बाद ठंड का असर कम था, लेकिन एक जनवरी से तापमान में गिरावट आई और शनिवार की रात में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री दर्ज किया गया।
महीने के आखरी दिनों में आसमान पर छाए बादल हटने के बाद से तेज ठंड से लोग कंपकपा रहे थे। लोग इससे बचने के लिए अलाव व गरम कपड़ों का सहारा ले रहे थे।
जबकि पिछले साल मौसम ने नवंबर माह से कड़ाके की ठंड का अहसास कर दिया था।
शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक ठंड है। लोग शाम होने के बाद घरों में ही रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि, शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय करीब 2 डिग्री की गिरावट है। इसके अलावा हल्की हवाएं भी दिन में परेशान कर रही है, लेकिन दोपहर की धूप से कुछ हद तक राहत है।
सूचना प्रकोष्ठ का गठन
रायगढ़ । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्तिकेया गोयल के निर्देशन में नगर पालिका निर्वाचन 2024-25 के दौरान निर्वाचन से संबंधित जानकारी के संकलन और सम्प्रेषण के लिए कलेक्टर कार्यालय, रायगढ़ में एक सूचना प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। जिसमें प्रभारी अधिकारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिक निगम रायगढ़, नगर पालिका परिषद खरसिया, नगर पंचायत घरघोड़ा, नगर पंचायत धरजमयगढ़, नगर पंचायत लैलूंगा, नगर पंचायत पुसौर एवं नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन)रायगढ़ समीर बडा को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के सहायक संचालक सिलवेस्टर कुजूर एवं सहायक संचालक जनसंपर्क राहुल सोन को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।
फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने नवीन कार्यक्रम अनुसूची जारी
रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर की ओर से नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2024-25 कराये जाने हेतु, फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने बाबत् पूर्व में जारी कार्यक्रमों में संशोधन करते हुए 27 दिसम्बर 2024 के माध्यम से नवीन कार्यक्रम (समय-अनुसूची) जारी किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 1 जनवरी 2025 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी किया गया है। उक्त प्रक्रिया में विधानसभा के निर्वाचक नामवली के अद्यतन सूची में 1 जनवरी 2025 की स्थिति में पात्र (18 वर्ष पूर्ण कर चुके) सभी मतदाताओं की जानकारी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से वार्डवार विभाजित कर समस्त प्राधिकृत कर्मचारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त 31 दिसम्बर 2024 को प्रारंभिक प्रकाशन कर दावा आपत्ति प्राप्त करना प्रारंभ करते हुए 6 जनवरी 2025 समय अपरान्ह 3.00 बजे तक दावा आपत्ति प्राप्त करना, 9 जनवरी 2025 को प्राप्त दावा आपत्तियों का अंतिम निराकरण, 10 जनवरी 2025 तक प्रारूप क्र-1 में रजिस्ट्रीकरण /सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा करने की अंतिम तिथि, 11 जनवरी 2025 को क्र-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि, निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तिथि 5 दिवस के भीतर, 14 जनवरी 2025 तक परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों का साफ्टवेयर में प्रविष्टि करने, चेक लिस्ट का रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से जांच करा कर पी.डी.एफ मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराना, अनुपूरक सूची का मुद्रण उपरांत मूल सूची के साथ संलग्न करना तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाश 15 जनवरी 2025 निर्धारित किया गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के निर्देशानुसार फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने के संबंध में प्राप्त संशोधित कार्यक्रम अनुसार कार्यवाही की जा रही है। उक्त संबंध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को संशोधित कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु एवं पात्र व्यक्तियों का निर्वाचक नामावली में नाम विलोपित करने बाबत् आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु, जिला स्तर में 30 दिसम्बर 2024 को आवश्यक बैठक आयोजित कर अवगत कराया गया है।
आंगनबाड़ी में रिक्त सहायिका पद के लिए 21 तक आवेदन
रायगढ़। एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (ग्रामीण) अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र बरपाली क्रमांक 01 ग्राम पंचायत बरपाली में रिक्त आंगनबाड़ी सहायिका के एक पद के लिए 6 से 21 जनवरी 2025 तक आवेदन मंगाए गए है। इच्छुक आवेदिका नियत तिथि तक अपना आवेदन परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (ग्रामीण) में जमा कर सकते है। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश व नियम शर्तों की जानकारी परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।
सरस मेले से महिला समूहों की प्रतिभा को मिल रहा मंच : सांसद
शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में सरस मेले का हुआ शुभारंभ
रायगढ़ । रायगढ़ में 3 जनवरी से सरस मेले की शुरुआत हो गई। सांसद लोकसभा राधेश्याम राठिया व सांसद राज्यसभा देवेन्द्र प्रताप सिंह ने शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में सरस मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम पूनम सोलंकी, रवि भगत, सुभाष पाण्डेय, अरूणधर दीवान, श्रीकांत सोमावार, सतीश बेहरा, पंकज कंकरवाल, कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, डीएफओ रायगढ़ स्टायलो मण्डावी सहित जनप्रतिनिधिगण, अन्य अधिकारी-कर्मचारी व महिला समूहों की सदस्य उपस्थित रहे।
इस मौके पर सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बहुत से योजनाएं संचालित हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा निरंतर कार्यरत है। जब एक महिला सक्षम होती है तो पूरा परिवार सक्षम होता है, आने वाली पीढिय़ों का भविष्य संवरता है। परिवार तरक्की की राह पर आगे बढ़ता है। सरस मेले में पूरे छत्तीसगढ़ के साथ अन्य प्रदेशों से पहुंची महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। यह महिला समूहों की प्रतिभा और परिश्रम को दिखाने का एक शानदार मंच है। यह रायगढ़ वासियों को इन हस्तनिर्मित उत्पादों को देखने और उपयोग के लिए खरीदने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही जो युवा वर्ग हैं, यहां की स्थानीय महिलाएं हैं जो अपना रोजगार शुरू करना चाहती हैं उन्हें भी प्रेरणा मिलेगी।
राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह आयोजन हमारी संस्कृति एवं हस्तशिल्प का उत्सव ही नहीं बल्कि इसे तैयार करने वाली हमारी माताओ-बहनों की रचनात्मकता को सराहने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही है। प्रदेश में भी इन योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है, जिसका लाभ महिलाएं उठा रही है। ये योजनाएं आज महिलाओं की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव व परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरी हैं।
सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को एक मंच प्रदान करने के लिए सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में यह आयोजन लगातार हो रहे है। पहले रायपुर व बस्तर के बाद रायगढ़ में सरस मेला 3 से 12 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के साथ अन्य राज्यों से पहुंची महिला समूहों के हस्त निर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे है। यहां समूहों द्वारा 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए है। शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे हुए अतिथियों ने महिला समूहों के द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉल से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद खरीदे व आयोजन को लेकर शुभकामनाएं भी दी।
प्रदेश के सभी जिलों के साथ अन्य राज्यों के हस्त निर्मित उत्पादों की लगी है प्रदर्शनी
इस मेले में पूरे से 08 राज्य (असम, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश) से महिला समूह के दीदियों के उत्पाद इस मेले में लोगों को आकर्षित कर रहे है, इसमें प्रमुख है पंजाब की फुलकारी सूट दुपट्टा आदि, आर्टिफिसियल ज्वैलरी, खादी के कुर्ती, जैकेट, सिल्क की साड़ी, हर्बल प्रोडक्ट और हैंड कढ़ाई की वस्तुएं शामिल है। साथ ही राज्य के सभी 33 जिलों से भी बिहान दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद विक्रय हेतु लगे हुए है। लाइव फूड स्टाल में बिहान की दीदियों द्वारा छत्तीसगढ़ के लोक व्यंजन जैसे फर्राह, चीला, बड़ा, ठेठरी, खुर्मी शामिल है। साथ ही बच्चों के खेलने हेतु ट्रमपोलिन और झूला भी समूह की दीदियों द्वारा लगाया गया है जो बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
महिला समूहों की क्रीड़ा स्पर्धा भी हो रही आयोजित, शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
खेल-कूद में महिलाओं का बिहान बाक्स क्रिकेट प्रतियोगिता एवं बिहान बाक्स बेडमिंटन प्रतियोगिता प्रति दिवस प्रत्येक प्रतिनिधित्व ब्लॉक के चारों कलस्टर के बिहान दीदियों के मध्य प्रतिस्पर्धा की जाएगी। प्रति दिवस दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बिहान की दीदियों का सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं शाम 5 से 8 बजे तक स्थानीय लोक कलाकार एवं स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। संपूर्ण आयोजन में सबसे अधिक विक्रय दर्ज कराने वाले स्टॉल और सबसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाने वाले स्टॉल को पुरस्कृत किया जाएगा। क्षेत्रीय सरस मेला में प्रत्येक दिवस को एक विकासखण्ड की दीदीयों द्वारा अगुवाई की जाएगी। इसमें मंच संचालन से लेकर समस्त सांस्कृतिक एवं खेल-कूद कार्यक्रम एवं आयोजन शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर रायगढ़ मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सुविधाओं में किया गया विस्तार
आयुष्मान योजना कक्ष का विस्तार, आईपीडी मरीजों के लिए अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं, फीडबैक के लिए लगाई गयी सुझाव पेटी
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर)में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है।
मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ.विनित कुमार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ.एम.के.मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी। इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी। पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ.एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी, आईपीडी मरीज के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। सभी जांच पूर्णत: नि:शुल्क है। ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
नये साल के पहले दिन अधिकारी पहुंचे स्कूल
न्योता भोज में बच्चों के साथ किया भोजन
रायगढ़। नये साल के पहले दिन आज खरसिया एसडीएम डॉ.प्रियंका वर्मा सहित खरसिया अनुविभाग के अन्य जिला स्तरीय अधिकारी विकासखण्ड खरसिया के विभिन्न स्कूलों में बच्चों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने स्कूलों में न्योता भोज में बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला पामगढ़ तहसील खरसिया में स्कूल का निरीक्षण किया जहां उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई का महत्व बताते खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर कार्तिकेया गोयल द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को फील्ड निरीक्षण के दौरान स्कूल, आंगनबाड़ी एवं छात्रावासों को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हुए है। उक्त निर्देश के परिपालन में खरसिया ब्लॉक में अधिकारियों ने स्कूलों में बच्चों से पढ़ाई-लिखाई का फीडबैक लिया। अधिकारियों ने विद्यालय का स्तर, शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति, अध्यापन की स्थिति, समय-सारिणी के आधार पर पीरियड का संचालन, विद्यालय में टीएलएम की उपलब्धता, विद्यालय में स्मार्ट क्लास के संचालन आदि स्थिति का अवलोकन किया।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से परीक्षाओं को लेकर पढ़ाई-लिखाई से जुड़े सवाल जवाब किया। विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी नियमित अभ्यास के साथ करने और बिना किसी तनाव के परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही छात्रों से उनके लक्ष्य के बारे में भी पूछा और उसे पाने के लिए खूब मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। सभी बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने की बात कही। विद्यार्थी भी अधिकारियों को अपने बीच पाकर काफी उत्साहित नजर आए।
इस अवसर पर तहसीलदार लोमस मिरी, सीईओ जनपद, नायब तहसीलदार बीईओ, बीआरसी, एसएडीओ, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, आरईएस, फूड इंस्पेक्टर, पशु चिकित्सा विभाग, सीडीपीओ, सहायक कोषालय अधिकारी सहित खरसिया अनुभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय सरस मेला का शुभारंभ 3 जनवरी से
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
रायगढ़। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में 3 जनवरी 2025 को क्षेत्रीय सरस मेला का उद्घाटन समारोह रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में होगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, खरसिया विधायक उमेश पटेल, धरमजयगढ़ विधायक लालजीत सिंह राठिया, लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल एवं महापौर नगर निगम जानकी काटजू उपस्थित रहेंगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा क्षेत्रीय सरस मेला 2025 का आयोजन 3 से 12 जनवरी 2025 तक रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में होगा। क्षेत्रीय सरस मेला में महिला स्व- सहायता समूहों के द्व्रारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। सरस मेला में राज्य के समस्त जिले के अलावा अन्य राज्य जैसे बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, गोवा, मध्य प्रदेश जैसे प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूह के सदस्य शामिल होंगे। सरस मेला में बिहान कार्यक्रम से जुड़े महिला स्व सहायता समूह के दीदियों के उत्पाद को बाजार प्रदान करना, स्वरोजगार के अवसर तैयार करना, साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने हेतु अवसर प्रदान करना है।
स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों की लगाई जाएगी प्रदर्शनी
क्षेत्रीय सरस मेला में स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित विशिष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विक्रय, व्यंजन, खेलकूद जैसे फुगड़ी, रस्सा कस्सी, कबड्डी, खोखो, जलेबी दौड़, कुर्सी दौड़, बैडमिंटन, बॉक्स क्रिकेट खेल खेले जाएंगे। विभिन्न विभागों के स्टाल के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रदर्शनी का आयोजन होगा। उक्त कार्यक्रम में 212 से अधिक स्टॉल लगाये जायेंगे। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिले एवं अन्य राज्यों के स्टाल लगेंगे। इन स्टॉलो में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हथकरघा, मसाला साबुन, अगरबत्ती, बड़ी-पापड़ जैसे उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा।
मिलेट्स उत्पाद एवं छत्तीसगढिय़ां व्यंजन के लगेंगे स्टॉल
इस अवसर पर महिला स्व-सहायता समूह द्वारा खेल कूद के साथ-साथ बिहान के अन्य कार्यक्रम जैसे लखपति दीदी, ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान, मॉडल सीएलएफ, विपणन, ब्रांडिंग जैसे अन्य गतिविधियां किये जायेंगे। साथ ही मिलेट्स के उत्पाद एवं उसके खाद्य पदार्थो, छत्तीसगढिय़ा व्यंजन एवं अन्य राज्यों से आये समूहों के द्वारा वहां के स्थानीय खाद्य पदार्थो के भी स्टाल लगाये जायेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी प्रस्तुति
क्षेत्रीय सरस मेला के दौरान शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में सायंकालीन समय में सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे स्थानीय नृत्य, गायन, नाटक, सफलता की कहानियों का प्रदर्शन स्व-सहायता समूह के महिलाओं के द्वारा किया जाएगा।
नाबालिग ने फांसी लगाकर दी जान
रायगढ़। जूटमिल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लडक़ी की लाश फंदे पर झूलती मिली है। मृतिका की लाश मंगलवार को एस्बेस्टस छत के लोहे के पाइप से दुपट्टे के सहारे फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गई। घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
घटना की सूचना पर जूटमिल पुलिस मर्ग कायम कर आगे की जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। मंगलवार को परिवार के सदस्य डॉक्टर के पास गए हुए थे। दोपहर करीब 2 बजे जब वे घर लौटे।
उन्होंने देखा कि लडक़ी ने घर के अंदर से दरवाजा बंद कर लिया है। कई बार आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद दरवाजे को तोड़ा गया।
अंदर का दृश्य देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। लडक़ी की लाश छत पर लगे लोहे के पाइप से झूल रही थी। मौके पर पहुंची जूटमिल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
हाथी शावक की मौत : जंगल में बने स्टॉप डैम में फंसा, जांच में जुटा वन विभाग
रायगढ़ । जिले में लगातार हाथियों का आना - जाना लगा रहता है। इस दौरान जंगल में बने स्टाप डैम के दलदल में फसने से एक हाथी के शावक की मौत हो गई। इसके बाद इसकी वन विभाग की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। मामला घरघोडा वन परिक्षेत्र के पानी खेत गांव की है।
मिली जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में लगभग 38 हाथियों के दल विचरण कर रहा है। विचरण करते -करते हाथी का शावक जंगल में बने स्टाप डैम के दलदल में फंस गया और उसकी मौत हो गई। आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल गई। तब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी वन विभाग की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। जांच में पता चल कि, शावक हाथी का शव 2 से 3 दिन पुराना है।
हाथी ने एक बच्ची की ले ली जान
वहीं कुछ पिछले दिनों में छत्तीसगढ़ के नगरी में एक हाथी के बच्चे ने एक 3 साल के बच्ची की जान ले ली। वनांचल क्षेत्र के अरसीकन्हार के बिलपानी में एक हाथी के बच्चे ने घर में घुसकर महिला और बच्ची को कुचलकर मार डाला। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे खदेड़ दिया। पीड़ित संजय कमार ने बताया कि, रात में वो अपनी पत्नी और 3 साल की बच्ची के साथ सो रहा था। तभी रात में एक हाथी का बच्चा आया और उसने उनकी झोपड़ी का छप्पर अपनी सूड़ से उठाकर फेंक दिया। हाथी ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसे पटक- पटककर मार डाला। इस हादसे के बाद वन विभाग की टीम ने एक हाथी के बच्चे को ढूंढ़ कर खदेड़ दिया। हाथी का बच्चा घायल बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद घर में मातम पसर गया है और गांव के लोग दहशत में है।
सर्पदंश के एक प्रकरण में सहायता राशि स्वीकृत
रायगढ़। ग्राम-मदनपुर तहसील खरसिया के बलराम विश्वकर्मा की 7 सितम्बर 2023 को सर्पदंश के कारण मृत्यु होने पर कलेक्टर के अनुमोदन एवं एसडीएम खरसिया के प्रकरण पश्चात राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के संशोधित प्रावधान के तहत मृतक के पिता माधो विश्वकर्मा को 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: ऑनलाईन पंजीयन की तिथि में वृद्धि
अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 तक सकते है विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन
रायगढ़।रायगढ़ जिले में संचालित शासकीय/अशासकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कालेज, नर्सिंग कालेज, पालीटेक्निक एवं आईटीआई आदि के प्राचार्य/ संस्था प्रमुख, छात्रवृत्ति प्रभारी एवं उनमें अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है, उनके लिए शिक्षा सत्र 2024-25 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12 वीं से उच्चतर)के पंजीयन/आवेदन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही वेबसाईट http://postmatric-scholarship.cg.nic.in पर ऑनलाईन की जा रही है। जिसके अंतर्गत संस्थाओं द्वारा ऑनलाईन आवेदन/ प्रस्ताव/ स्वीकृति वर्ष 2024-25 हेतु विभाग द्वारा तिथि में वृद्धि की जा रही है। जिसके तहत विद्यार्थी द्वारा ऑनलाईन आवेदन हेतु (नवीन एवं नवीनीकरण हेतु) 1 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक निर्धारित है। इसी तरह ड्रॉफ्ट प्रपोजल लॉक करने हेतु 01 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तथा स्वीकृति आदेश करने की तिथि 01 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक निर्धारित है।
निर्धारित तिथियों के पश्चात शिक्षा सत्र 2024-25 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु आवेदन स्वीकृत नहीं किए जायेंगे एवं ड्रॉफ्ट प्रपोजल एवं स्वीकृति लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जाएगा। उक्त तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते है तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे। पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। सभी विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखें कि उनका बचत खाता एक्टिव हो एवं आधार सीडेट बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि ही करना सुनिश्चित करें। वर्ष 2024-25 से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाईन आवेदन करते समय की जानी है। ओटीआर की प्रविष्टि के संबंध में संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को प्रक्रिया की जानकारी प्रदाय की जाएगी। वर्ष 2024-25 से संस्थाओं को प्रदाय प्रशिक्षण अनुसार जियो टेगिंग किया जाना अनिवार्य है। जिन संस्थाओं द्वारा जियो टेगिंग नहीं किया जाएगा। उक्त संस्थाओं के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदाय नहीं किया जाएगा।
आयुष्मान कार्ड : छूटे हितग्राहियों के लिए वार्डों में लगाए जा रहे शिविर
70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का मिशन मोड में प्राथमिकता से बनाए जायेंगे आयुष्मान कार्ड
रायगढ़। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ.चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में रायगढ़ शहरी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 01 से लेकर 48 तक के शहरी वार्डो में आयुष्मान कार्ड के छूटे हुये हितग्राहियों का वार्डो में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। जिसमें विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का मिशन मोड में प्राथमिकता से सभी का आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। वार्ड के हितग्राही इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अपने वार्ड के मितानिन अथवा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते है।
सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ शहरी क्षेत्र में क्रमश: दिनांक 01 एवं 2 जनवरी 2025 को गांजा चौक, गौशालापारा, दरोगापारा एवं बैकुण्ठपुर में शिविर लगाकर कार्ड बनाया जाएगा। इसी तरह 3 एवं 4 जनवरी को बीडपारा सदर हटरी, दरोगापारा गांधीगंज, भूपदेवगंज एवं जूनाबड़पारा में, 6 एवं 7 जनवरी को बेलादुला, चक्रधर नगर बंगलापारा, कसेरपारा चक्रधर नगर, बिनोबानगर, 8 एवं 9 जनवरी को कौहाकुण्डा, छोटे अतरमुडा, नया अतरमुडा, पंजरीप्लांट, 10 एवं 11 जनवरी को जेलपारा, बाजीरावपारा, मि_ूमुडा, फटहामुड़ा, 13 एवं 14 जनवरी को गांधीनगर, अम्बेडकर नगर, झोपड़ीपारा, राजीवगांधी नगर नावापारा, 15 एवं 16 जनवरी को भजनडीपा, देवारपारा, रेलवे बंगलापारा एवं बूढ़ीमाई मंदिर, 17 एवं 18 जनवरी को छातामुड़ा सहदेवपाली, अमलीभौना, सराईपाली बरमुड़ा एवं पतरापाली, 20 एवं 21 जनवरी को भगवानपुर, उर्दना-कृष्णापुर, विजयपुर-गोवर्धनपुर एवं बोईरदादर में आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा।
नवीन अनुज्ञप्ति स्वीकृति के लिए निर्देश जारी
रायगढ़। राज्य शासन द्वारा एफ.एल.2(क) (स्तरीय रेस्टोरेन्ट बार अनुज्ञप्ति) नवीन अनुज्ञप्ति की स्वीकृति हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। निर्देशानुसार ऐसे स्थान जिसकी जनसंख्या 1 लाख से अधिक न हो 18 लाख रुपये लायसेंस फीस एवं 1 लाख से 3 लाख जनसंख्या वाले स्थान हेतु 24 लाख रुपये एवं 3 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर/स्थान हेतु 31 लाख 20 हजार रुपये लायसेंस फीस निर्धारित की गई है। रेस्टोरेन्ट बार लायसेंस हेतु नगर निगम की सीमा से 10 कि.मी. एवं नगर पालिका की सीमा से 5 कि.मी. की परिधि में लायसेंस फीस वही होगी जो नगरीय क्षेत्रों के लिए स्थित बार के लिए लागू होगी।
एफ.एल.2(क) (स्तरीय रेस्टोरेन्ट बार अनुज्ञप्ति) लायसेंस हेतु निर्धारित मापदण्डों को पूरा करना होगा। राज्य शासन द्वारा 25 हजार की जनसंख्या में एक एफ..एल.2 तथा एफ..एल.3 लायसेंस दिए जाने की सीमा निर्धारित की गई है। यदि किसी प्रकरण में जनसंख्या एवं अन्य मापदण्ड हेतु निर्धारित सीमा को शिथिल करने की आवश्यकता होगी, तो इस संबंध में आबकारी आयुक्त के माध्यम से राज्य शासन की स्वीकृति प्राप्त करने के उपरांत ही ऐसे लायसेंस जारी किए जा सकते हैं। एफ..एल.2(क) बार लायसेंस के अन्य प्रावधानों हेतु https://excise.cg.nic.in एवं कार्यालय सहायक आयुक्त आबकारी, जिला रायगढ़, कलेक्टर परिसर में जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।