छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
म बा वि पौष्टिक आहार बना चारा गाह
मामला डोंगरगढ़ महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी का क्षेत्र का बताया जाता है कि शासना प्रशासनं के द्वारा महिला बाल विकास अधिकारी के देख रेख में महिला व आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से छोटे बच्चों व किशोरी के लिए उत्तम पौष्टिक आहार का वितरण सरकार के द्वारा कराई जा रही है परन्तु इन दिनों वही पौष्टिक आहार जो आँगन बाड़ी केद्र के बच्चे व किशोरियों के मध्य वितरण किया जाना था वह पौष्टिक आहार सरे आम विकास खंड के ग्राम पंचायत मुसरा माड़ीतराई बेलगांव, जेटकनहार, घुसेरा ,भैंसरा, हरंगसिंघी, नागतराई,अछोली,क्षेत्र के एक व्यापारी के यहां बड़े पैमाने पर खपाने जाने की शिकायत सामने आ रही है शिकायत मिलने के बाद इन क्षेत्रों में शनिवार के दिन दिनांक 24अक्टूबर को देखा गया कि बड़े मात्रा में पौष्टिक आहार एक व्यापारी के पास सरे आम बेच दिया गया जाँच पड़ताल करने पर बताया गया कि उपरुक्त पौष्टिक आहार खराब हो चुकी है जिस कारण व्यापारी को दे दिया गया है परन्तु जांच करने पर देखा गया कि पौष्टिक आहार से भरे बोरी पर महिला बाल विकास अधिकारी डोंगरगढ़ के मोनो लगा हुआ था और उस बोरी पर मैनू फैक्ट्रीन एक्सपायरी वर्ष 2027 अंकित था उसको ले कर इस क्षेत्र के महिला बाल विकास के सुपर वाइजर मैडम उर्वशी राणे,मोनिका सुखतेल, प्रभारी अनन्या ठाकुर व जिला महिला बाल विकास अधिकारी दीपा शाह से प्रतिक्रिया लेने पर पहले तो अवकाश होने का बहाना बताया गया साक्ष्य देने पर गोल मोल जवाब देते हुए जांच के पश्चात प्रतिक्रिया देने की बात कही गई इस खुलासे के बाद विभाग के अधिकारी कर्मचारी पे हड़कम मचा हुआ है परन्तु सोमवार के दिन महिला बाल विकास कार्यालय पहुंच कर प्रतिक्रिया लेने का अथक प्रयास किया गया इधर सूत्रों का दावा है कि इतने बड़े पैमाने पर पौष्टिक आहार की अफरा तफरी बिना अधिकारी सुपर वाइजर के मिली भगत से संभव नहीं है परन्तु इसका पूरा खुलासा अधिकारियों के जांच के बाद ही हो पाएगा जो जिले के बड़े अधिकारियों के लिए जांच का विषय बना हुआ है
3 नवंबर को आकाशवाणी में ओमप्रकाश अंकुर की वार्ता का प्रसारण होगा
राजनांदगांव। साकेत साहित्य परिषद सुरगी के अध्यक्ष, पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया एवं साहित्य प्रकोष्ठ,जिला साहू संघ राजनांदगांव के संयोजक,शिक्षक ओमप्रकाश साहू अंकुर की छत्तीसगढ़ी वार्ता" छत्तीसगढ़ी साहित्य के विकास यात्रा" का प्रसारण 3 नवंबर मंगलवार को सुबह 8.30 बजे आकाशवाणी रायपुर के छत्तीसगढ़ी साहित्यिक समन्वित कार्यक्रम" मोर भुइयां" के अंतर्गत किया जायेगा। इस वार्ता को छत्तीसगढ़ के सभी आकाशवाणी केंद्र अनुप्रसारित करेंगे। कार्यक्रम के संपादक महेंद्र साहू है।वीदित हो कि आकाशवाणी में इससे पहले भी ओमप्रकाश अंकुर की वार्ता "आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ का योगदान"
का प्रसारण हो चुका है जो काफी सराहा गया। अंकुर विगत तीन दशक से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय है। उनकी छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह" जिनगी ल संवार" एवं गद्य कृति "पुरखा के सुरता ' प्रकाशित होकर प्रशंसित हुई है। वे छंदविद अरूण कुमार निगम द्वारा संचालित छंद के छ परिवार में छंद साधक के रूप में जुड़े हुए हैं।शासकीय प्राथमिक शाला भोथीपारकला में सहायक शिक्षक ओमप्रकाश साहू की नवाचारी शिक्षक के रूप में एक अलग पहचान है। वे राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान एवं विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह के हाथों मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के तहत शिक्षा दूत सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं साथ ही जिला साहू संघ से जुड़ कर रचनात्मक कार्य में सक्रिय है।
वे शिक्षा , साहित्य के साथ ही रचनात्मक कार्य हेतु कई
बार सम्मानित हो चुके हैं। आकाशवाणी से उनकी वार्ता प्रसारण हेतु साहित्य,शिक्षा से जुड़े लोगों के साथ ही सामाजिक जनों, ईष्ट मित्रों एवं शुभ चिंतकों ने शुभाकामनाएं दी है।
कोसरिया यादव समाज का युवक- युवती परिचय सम्मेलन व संभागीय शपथ ग्रहण दिसंबर मे
राजनांदगांव । आज जिला कोसरिया यादव महासभा राजनांदगांव की सामाजिक बैठक बसंतपुर वार्ड नं 46 हनुमान मंदिर के समीप सामुदायिक भवन मे आवश्यक बैठक आहुत की गई थी।दोपहर 1.30 उपस्थिति जिला कोसरिया यादव समाज के पदाधिकारी व सर्किल पदाधिकारियो व प्रमुख जनो की उपस्थिति मे बैठक की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण जी पूजा अर्चना कर बैठक का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात बैठक के विषय पर विस्तृत रुप से समाज के संगठन प्रभारी भोला यादव ने जानकारी दी। यादव जी ने बताया कि दिनांक 13 दिसंबर 2026 दिन रविवार को कोसरिया यादव समाज के द्वारा शादी योग्य युवक- युवतियों का परिचय सम्मेलन व संभागीय शपथ ग्रहण समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम व आदर्श विवाह किया जाना है जिसके रुपरेखा पर ध्यानाकर्षण करवाया। साथ ही कार्यक्रम स्थल गोविंदराम निर्मलकर आडोटोरियम, गौरव पथ, राजनांदगांव मे कार्यक्रम के प्रभारी दलो की जिम्मेदारी निर्वहन किस तरह से क्रमश: समय के साथ किया जाना सुनिश्चित किया गया है यह आयोजन नगर जिला व संभाग के तत्वावधान मे होगा साथ ही आयोजन समिति का गठन पिछले सप्ताह संभाग मिटिंग के पश्चात बैठक के माध्यम से आने वाले दिनो मे किया जायेगा।जिला बैठक मे सभी उपस्थिति नगर, सर्किल पदाधिकारीयो को अवगत कराया गया कि ग्रामीण अंचलो मे प्रचार प्रसार,युवक युवतियों का परिचय पंजीयन, आदर्श विवाह के लिये पंजीयन हेतु गाइड लाइन तैयार किया गया है इसके साथ ही उपस्थित पदाधिकारीयो को प्रचार प्रसार हेतु पांपलेट का वितरण किया गया है कार्यक्रम को सफल बनाने सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रदान की। बैठक कार्यक्रम मे उपस्थिति प्रमुख पदाधिकारीगण जिसमें जिला कोसरिया यादव महासभा के जिलाध्यक्ष मन्ना लाल यादव, संरक्षकगण महेश यादव, संतोष यादव, श्रीमति मंजू यादव, जिला उपाध्यक्षगण धन्ना यादव, दुखुराम यादव, संजय यादव, जिला महामंत्री आनंद यादव, जिला उप महामंत्री देवेश यादव, जिला कोषाध्यक्ष विजय यादव, महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती शीला यादव, जिला युवा अध्यक्ष हरीश यादव, नगर अध्यक्ष सुरज यादव, मीडिया प्रभारी अभिषेक यादव, अवधेश यादव, उभय यादव, दिलीप यादव,ललित यादव, सुकालु यादव, हरि यादव, प्यारे यादव, उमेंदी यादव, शत्रुहन यादव, पुना राम यादव, बली यादव, रेखु यादव, नारायण यादव, अर्जुन यादव, श्रीमती सुनीता यादव, निर्मला यादव, सुशीला यादव, मीना यादव, राजकुमारी यादव, शोभा यादव, केशर यादव सहित नगर के पदाधिकारीगण, सर्किल के पदाधिकारीगण, जिला के पदाधिकारीगण, महिला मंडल, युवा मंडल, सहित समाज के प्रमुख पदाधिकारी भारी संख्या में उपस्थित थे।
शुभ मुहूर्त में शरद पूर्णिमा पर तीस हजार से अधिक पीड़ितो को बांटी गई जड़ी बुटीयुक्त खीर प्रसाद
मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ बर्फानी आश्रम में हुआ भव्य आयोजन
लोक कलामंच नाचा की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध
रातभर माता के दरबार में लगा रहा श्रद्धालुओं का मेला
राजनांदगांव। मानव सेवा व जनकल्याण के लिए अंचल सहित देशभर में पहचान बना चुकी बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा अपने आशीर्वादक राष्ट्रीय संत श्री श्री 1011 योगाधिराज ब्रम्हर्षि बर्फानी दादा जी के आशीर्वाद से संस्था द्वारा संचालित गर्भगृह में विराजमान मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दश महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ बर्फानी आश्रम परिसर में शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर रविवार की रात्रि में हजारों स्वांस, दमा व अस्थमा पीड़ितों को जड़ी बुटीयुक्त खीर प्रसाद का नि:शुल्क वितरण किया गया। जिसमें अंचल सहित देशभर से हजारों की संख्या में पीड़ित यहां पहुंचे थे। इसके अलावा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलामंच वनांचल क्षेत्र चौकी के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया।
पौराणिक मान्यताओं व शुभ संयोग में मनाई गई शरद पूर्णिमा
संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा,गन्नू ने बताया कि बर्फानी आश्रम स्थित मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दश महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ में संस्था द्वारा जनकल्याण के तहत स्वांस, दमा व अस्थमा पीड़ितों को पिछले 29 वर्षों से दुर्लभ जड़ी बुटियां एकत्रित कर पौराणिक मान्यताओं अनुसार जड़ी बुटी युक्त खीर प्रसादी तैयार कर स्वांस, दमा व अस्थमा पीड़ितों को ब्रम्हमुहूर्त में वितरीत की जाती है। इस वर्ष भी संस्था द्वारा कल 25 अक्टूबर रविवार -सोमवार को अश्विन शुक्ल शरद पूर्णिमा पर बनने वाले विशेष योग व शुभ मुहूर्त के चलते शरद पूर्णिमा पर्व मनाया गया। इस अवसर पर खीर प्रसाद तैयार करवाया गया था। जिसे शरद पूर्णिमा की रात्रि 16 कलाओं से युक्त चन्द्रमा की चन्द्रकला से प्राप्त होने वाली अमृतरूपी बुंदों से प्रसाद तैयार कर श्रद्धालुओं को प्रात: ब्रम्हमुहुर्त पर मां पाताल भैरवी सहित परमपूज्य गुरुदेव श्री बर्फानी दादा जी की पूजन आरती पश्चात संस्था के अध्यक्ष राजेश मारू की देखरेख में नि:शुल्क वितरीत कि गई । जो सूर्योदय पश्चात तक चलता रहा।
अंचल सहित पड़ोसी राज्यों से भी आए थे पीड़ित
इस बार भी छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों से भी पीड़ितजन जड़ीबुटीयुक्त प्रसाद ग्रहण करने संध्या से ही पहुंचने लग गए थे। इसके लिए संस्था ने व्यापक पैमाने पर तैयारी की थी। जिससे पीड़ितों को प्रसाद वितरण में कठिनाईयों का सामना करना नहीं पड़ा और आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। संध्या से ही हलवाईयों द्वारा खीर प्रसाद तैयार करना प्रारंभ कर दिया गया था। जिसे मध्य रात्रि के पूर्व खुले आसमान के नीचे रखा गया और ब्रम्हमुहूर्त पर माता की आरती उतारकर प्रसाद अर्पित कर पीड़ितों को वितरीत करने का क्रम प्रारंभ हुआ। जो सूर्योदय पश्चात तक चलता रहा। संस्था द्वारा 30 हजार से भी अधिक स्वांस, दमा व अस्थमा पीड़ितों को जडी बुटी युक्त खीर प्रसाद का वितरण किया गया।
लोक कलामंच नाचा ने बांधा समां
लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दृष्टिकोण से इस वर्ष भी मनोरंजन के भरपूर रहने वाली एवं कर्मा, ददरिया, सुआ, पंथी के साथ ही हास्य व्यंग्य के प्रहसन प्रस्तुत करने वाली छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोककला मंच वनांचल क्षेत्र चौकी की नाचा गम्मत मंडली ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर रात भर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते रहे।
प्रशासन, पुलिस व निगम का भी मिला सहयोग
संस्था द्वारा सन 1997 से प्रारंभ किए गए मानव सेवा एवं जनकल्याण के तहत शरद पूर्णिमा पर आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व नगर निगम से भी सहयोग प्राप्त हुआ। पुलिस विभाग के द्वारा रात्रि भर सुरक्षा की दृष्टिकोण से विशेष दल लगाकर आयोजन स्थल व मार्ग पर विशेष निगरानी भी रखी गई थी एवं खीर वितरण की स्थल पर महिला एवं पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाकर उपस्थित जनसमुदाय को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
आयोजन को सफल बनाने में लगे रहे लोग
इस बार आयोजित होने वाले शरद पूर्णिमा आयोजन को लेकर संस्था के अध्यक्ष राजेश मारु, कोषाध्यक्ष नीलम जैन, महंत गोविंद दास, महेन्द्र लुनिया, संतोष खंडेलवाल, आलोक जोशी, लीलाधर सिंह, बलविंदर सिंह भाटिया, कुलबीर छाबड़ा, संजय खंडेलवाल, योगेन्द्र पांडे, मनीष परमार, संतोष साहू, शुभम शर्मा, मौलेश तिवारी, दीपक यादव (महावीर हलवाई) का निरंतर सहयोग प्राप्त होते रहा। इसके अलावा आयोजन को श्रद्धालुओं व पीड़ितजनों ने भी स्वस्फूर्त सहयोग प्रदान करते हुए शांतिपूर्वक रहते हुए अनुशासित ढंग से सफल बनाया।
निगम आयुक्त श्री मरकाम ने कराई सफाई
नगर निगम राजनांदगांव के आयुक्त जी,आर, मरकाम अल सुबह ही अपनी टीम व नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल बर्फानी आश्रश्र पहुंच गए और पूरे मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ के परिसर को स्वयं की देखरेख में पूरी तरह से सफाई करवाने के साथ ही वहां कचरे को एकत्रित कर उठवाया।
भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान जनता का अपमान, चुनाव आयोग को संरक्षण देने का खेल: पिंटू
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू ने भाजपा द्वारा चलाए जा रहे ‘ *लोकतंत्र बचाओ, भीड़ तंत्र हटाओ* अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने भाजपा के इस रुख को देश के लोकतंत्र और करोड़ों मतदाताओं का सीधा अपमान करार दिया है।
प्रदेश प्रवक्ता पिंटू ने अपने जारी बयान में कहा कि भाजपा का यह अभियान लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी असफलताओं पर पर्दा डालने और चुनाव ढआयोग को अनुचित संरक्षण देने के लिए चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा आज जिन देशवासियों और जागरूक नागरिकों को 'भीड़' कहकर खारिज कर रही है, यह उनके चरम अहंकार को दर्शाता है। भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि इसी जनता ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर उन्हें सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाया था। जिस जनता के वोट से वे आज सत्ता में बैठे हैं, वही जनता आने वाले समय में उन्हें बेदखल करने का काम भी करेगी।"
13 करोड़ मतदाताओं को बाहर करने पर खड़े किए गंभीर सवाल
बयान में मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए पिंटू ने भाजपा से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि देश भर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर 13 करोड़ लोगों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। प्रदेश प्रवक्ता ने भाजपा के तर्कों की हवा निकालते हुए कहा कि यदि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम फर्जी या गलत थे, तो उन्हीं मतदाताओं के वोटों से चुनकर आई भाजपा की सरकार वैध कैसे हो सकती है?
उन्होंने मांग करते हुए कहा:
"अगर मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया इतनी ही विवादित थी कि 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने पड़े, तो इस लिहाज से पूरी चुनाव प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में आती है। नैतिकता का तकाजा यह कहता है कि इस चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और केंद्र सहित सभी संबंधित सरकारों को तुरंत भंग कर नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।"
कांग्रेस प्रवक्ता ने अंत में कहा कि भाजपा कितनी भी बयानबाजी कर ले, लेकिन देश की जनता अब इनके झांसे में आने वाली नहीं है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
रबी 2026 में फसल विविधीकरण एवं वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने कृषि विभाग की तकनीकी कार्यशाला आयोजित
राजनांदगांव । रबी वर्ष 2026 में जिले में द्वि-फसलीय क्षेत्र को बढ़ावा देने, किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा फसल विविधीकरण के माध्यम से कृषकों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कृषि विभाग के साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग, सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, कृषि क्षेत्र से जुड़े निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, मैदानी अधिकारियों एवं किसान मित्रों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में रबी मौसम में किसानों द्वारा ली जाने वाली विभिन्न फसलों के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, उपलब्ध सिंचाई जल का समुचित उपयोग करने, फसल चक्र में परिवर्तन लाने तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। अधिकारियों ने किसानों की भूमि, सिंचाई की उपलब्धता, स्थानीय परिस्थितियों एवं बाजार की संभावनाओं के अनुरूप फसल चयन और फसल विविधीकरण की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को पारंपरिक फसल पद्धतियों के साथ वैकल्पिक फसलों को अपनाने, कृषि क्षेत्र में नवाचार करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और किसानों के आर्थिक हितों को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने गत वर्ष जिले में फसल विविधीकरण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी देते हुए सभी मैदानी अधिकारियों एवं किसान मित्रों से किसानों के बीच पहुंचकर व्यापक चर्चा करने तथा क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फसल चयन करते समय जल की मांग, सिंचाई की उपलब्धता, भूमि की प्रकृति एवं बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखना आवश्यक है। किसानों को उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि फसल चक्र में परिवर्तन के साथ उनकी आय में वृद्धि की जा सके।
अनुबंध खेती के माध्यम से मक्का उत्पादन को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्यशाला में गॉरमेट पॉपकॉर्न कंपनी के प्रतिनिधि दयाजी द्वारा पॉपकॉर्न मक्का की अनुबंध खेती को बढ़ावा देने के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने किसानों के साथ अनुबंध करने, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपज की खरीदी तथा तय समय-सीमा में भुगतान की व्यवस्था की जानकारी दी। अनुबंध खेती के माध्यम से किसानों को वैकल्पिक फसल अपनाने और अपनी उपज के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इसी क्रम में एबीस ग्रुप की ओर से शिवेंद्र दुबे ने मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान पर मक्का बीज उपलब्ध कराने तथा उत्पादित मक्का की खरीदी की व्यवस्था के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कंपनी के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध कराने एवं उपज की खरीदी से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। इस पहल का उद्देश्य किसानों को धान के अतिरिक्त वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना तथा कृषि उत्पादन को बाजार से जोडऩा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं महिला समूहों की सहभागिता
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. नूतन रामटेके ने सहभागिता की। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन एवं तकनीकी जानकारी के माध्यम से किसानों को रबी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों, फसल चयन तथा कृषि पद्धतियों में नवाचार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। मां बम्लेश्वरी स्व-सहायता समूह की ओर से देवांगन उपस्थित रहे। उन्होंने महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक पहुंच बनाने तथा फसल विविधीकरण के प्रति उन्हें प्रेरित करने की बात कही। महिला समूहों की सहभागिता से कृषि संबंधी योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
किसान मित्रों से संवाद कर तैयार की जाएगी क्षेत्रवार कार्ययोजना
कार्यशाला के दौरान किसान मित्रों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने अपने क्षेत्रों में फसल परिवर्तन के दौरान आने वाली समस्याओं, किसानों की आवश्यकताओं एवं विभिन्न सुझावों को साझा किया। इन सुझावों के आधार पर जिले में फसल चक्र परिवर्तन, वैकल्पिक फसलों के विस्तार तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में अनुभागीय कृषि अधिकारी संतलाल देशलहरे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अविनाश दुबे, संदीप वैष्णव, जी.पी. सहारे एवं रानाडे सहित कृषि विभाग के सभी मैदानी अधिकारी एवं किसान मित्र उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन विभाग, सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि से जुड़े सभी विभागों, वैज्ञानिक संस्थानों, सहकारी संस्थाओं, निजी क्षेत्र एवं मैदानी अमले के समन्वय से जिले में रबी फसलों के क्षेत्रफल में वृद्धि करना, द्वि-फसलीय क्षेत्र का विस्तार करना तथा किसानों को लाभकारी एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर अग्रसर करना रहा। फसल विविधीकरण एवं वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और उनकी आय में वृद्धि के लिए समन्वित रूप से कार्य करने पर बल दिया गया।
कृषि महाविद्यालय सुरगी में रक्तदान शिविर संपन्न, 33 यूनिट रक्त संग्रहित
राजनांदगांव । पंडित शिवकुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सुरगी राजनांदगांव में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में बालाजी ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बालाजी ब्लड बैंक की टीम द्वारा रक्त संग्रहण का कार्य संपन्न किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों एवं अन्य रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। शिविर में कुल 33 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
अधिष्ठाता डॉ. विनम्रता जैन ने शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मानव सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं परोपकार की भावना को प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सच्ची सेवा है। रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लेकर रक्तदान महादान के संदेश को सार्थक किया। शिविर में बालाजी ब्लड बैंक की टीम, सभी रक्तदाताओं, महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्य उपस्थित थे।
आध्यात्मिक जागृति की दिव्य आभा में 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य आगाज परमात्मा के एहसास से जागृत हो मानव मन -निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज
राजनांदगांव - समालखा (हरियाणा) 23 अक्टूबर, 2026 वास्तविक जागृति तभीआती है, जब मनुष्य हर पल परमात्मा की उपस्थिति का एहसास करते हुए आध्यात्मिकता को अपने जीवन में धारण करता है। ये प्रेरणादायी उद्गार सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम के प्रथम दिवस 'मानवता के नाम संदेशÓ में व्यक्त किए। 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय संत समागम का शुभारंभ परम श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होकर सतगुरु के दिव्य दर्शन एवं पावन संदेशों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। संत समागम के प्रथम दिवस 'मानवता के नाम संदेशÓ में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने फरमाया कि देश-विदेश से संत-महापुरुषों के एकत्रित होने का मूल उद्देश्य मानव मन में आध्यात्मिक जागृति बनाए रखना है, ताकि जीवन के प्रत्येक पल को पूर्ण चेतना एवं परमात्मा के एहसास के साथ जिया जा सके।
सतगुरु माता जी ने समझाया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, परिवार, समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए एक जागरूक वैश्विक नागरिक बनना चाहिए। जाति-पाति, भाषा, क्षेत्र अथवा स्वभाव के अंतर से ऊपर उठकर प्रत्येक इंसान को प्रेम, सम्मान और अपनत्व के भाव से स्वीकार करना ही सच्ची मानवता है।
सतगुरु माता जी ने आगे फरमाया कि वास्तविक आध्यात्मिक जागृति केवल विचारों या दिखावे तक सीमित नहीं होती, बल्कि हमारे व्यवहार, आचरण और सामाजिक कर्तव्यों में भी प्रकट होनी चाहिए। यह जागृति किसी एक क्षण या अवसर की बात नहीं, बल्कि जीवनभर बनाए रखने वाला भाव है। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, परमात्मा की रज़ा को स्वीकार करते हुए प्रत्येक पल को उसके प्रसाद के रूप में प्रसन्नता, संतोष और कृतज्ञता के साथ जीना ही सच्ची आध्यात्मिकता है। समागम स्थल पर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का स्वागत संत निरंकारी मंडल के जनरल सेक्रेटरी श्री सुखदेव सिंह जी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा मंडल की प्रधान श्रीमती राजकुमारी जी ने पुष्पहार अर्पित कर किया। वहीं, निरंकारी राजपिता रमित जी का अभिनंदन श्री एस. एल. गर्ग ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा श्री एच. एस. चावला ने पुष्पहार पहनाकर किया।
तत्पश्चात् सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी को पुष्पों से सुसज्जित खुली पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा के रूप में समागम पंडाल के मध्य से मुख्य मंच तक ले जाया गया। इस अवसर पर निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट्स (हृढ्ढरू्र) के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम एवं मधुर स्वागत गीत की प्रस्तुति के माध्यम से दिव्य युगल का भावपूर्ण अभिनंदन किया।
सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी के पावन सान्निध्य को पाकर श्रद्धालु भक्त भावविभोर हो उठे। दिव्य युगल ने अपने स्नेहपूर्ण आशीर्वाद से सभी को निहाल किया। समस्त वातावरण प्रेमाभक्ति और आध्यात्मिक आनंद से सराबोर रहा। विभिन्न संस्कृतियों, जातियों, धर्मों और भाषाओं से जुड़े श्रद्धालु सभी भेदभावों से ऊपर उठकर प्रेम एवं मानव-एकता के सूत्र में बँधे दिखाई दिए। यह मनोहारी दृश्य सतगुरु के प्रेम, सद्भाव और विश्वबंधुत्व के संदेश को साकार कर रहा था। प्रेस कॉन्फ्रेंस:-
'मानवता के नाम संदेशÓ कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व समागम के प्रथम दिवस एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें देशभर से आए मीडिया कर्मियों एवं पत्रकारों ने सहभागिता करते हुए निरंकारी संत समागम के आयोजन, उसकी आध्यात्मिक विचारधारा, उद्देश्यों एवं जनकल्याणकारी संदेश के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निसंदेह, 79वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का यह प्रथम दिवस आध्यात्मिक जागृति, मानवता, सेवा और विश्वबंधुत्व की भावना को समर्पित रहा। मो. ९८२७११२३६२
छुरिया में राजमिस्त्री संघ की विशाल पदयात्रा से गूंजा श्रमिकों के हक का मुद्दा, सात सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित
जनपद पंचायत से बाजार चौक तक निकली पदयात्रा, श्रमिक कार्डों के सत्यापन से लेकर हर जिले में श्रमिक सदन बनाने तक की मांग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम सौंपा ज्ञापन, प्रदेशभर के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने खींचा लोगों का ध्यान
राजनांदगांव
छुरिया/राजनांदगांव, 23 अक्टूबर 2026। श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और कल्याण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश ठेकेदार राजमिस्त्री मजदूर कल्याण संघ एवं राजमिस्त्री संघ की ओर से शुक्रवार को राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड में विशाल शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली गई। जनपद पंचायत से बाजार चौक तक निकली इस पदयात्रा में प्रदेशभर के पदाधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों की भागीदारी ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। निर्माण श्रमिकों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर निकली इस पदयात्रा की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
पदयात्रा के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने भवन निर्माण क्षेत्र में कार्यरत ठेकेदारों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि प्रदेश के विकास में निर्माण श्रमिकों की अहम भूमिका है, लेकिन अनेक श्रमिक आज भी आर्थिक असुरक्षा, मजदूरी विवाद और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को श्रमिकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
सात सूत्रीय मांगों से सरकार का ध्यान खींचा
संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पूर्व में जारी श्रमिक कार्डों का पुनः सत्यापन, नए श्रमिक पंजीयन से पहले वास्तविक कार्यस्थल का निरीक्षण, ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच मजदूरी विवादों के निराकरण के लिए वैधानिक व्यवस्था तथा पंजीकृत श्रमिक संगठनों को 50 लाख रुपये तक के सरकारी निर्माण कार्य आवंटित करने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत संचालित दाल-भात केंद्रों का संचालन पंजीकृत श्रमिक संघों को सौंपने, श्रमायुक्त की अध्यक्षता में वर्ष में कम से कम एक बार श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित करने और प्रदेश के प्रत्येक जिले में श्रमिक सदन बनाने की मांग भी उठाई गई।
संघ का कहना है कि इन मांगों पर अमल होने से श्रमिकों की समस्याओं को सुनने, उनके विवादों का समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
प्रदेशभर के पदाधिकारी हुए शामिल
छुरिया में आयोजित इस पदयात्रा में संघ के प्रदेश संरक्षक सागर मोंगरे, प्रदेश अध्यक्ष अशोक पटेल, प्रदेश महामंत्री तिलक देवांगन, प्रदेश कोषाध्यक्ष मृत्युंजय भगत, प्रदेश उपाध्यक्ष द्वय जमुना प्रसाद राजवाड़े एवं ईश्वर साहू प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके अलावा प्रदेश मंत्री कपिल नाथ योगी, तिलक यादव, हरीराम सिन्हा, प्रदेश संगठन मंत्री बलेश्वर पटेल एवं नरेंद्र प्रजापति, छुरिया इकाई अध्यक्ष योगीराम पटेल तथा मीडिया प्रभारी रूपलाल वर्मा ने भी पदयात्रा में सहभागिता निभाई।
प्रदेशभर से पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने वाला कार्यक्रम बना दिया। जनपद पंचायत से बाजार चौक तक निकली पदयात्रा के माध्यम से संघ ने स्पष्ट किया कि निर्माण श्रमिकों की समस्याओं को लेकर संगठन एकजुट है और उनकी मांगों को शासन के सामने लगातार उठाता रहेगा।
श्रमिकों को सम्मान और न्याय दिलाना उद्देश्य
संघ ने ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री, श्रमायुक्त तथा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष को भी भेजने की बात कही है। संगठन की मांग है कि श्रमिक कल्याण योजनाओं की नियमित समीक्षा हो और पंजीयन से लेकर मजदूरी विवादों के निपटारे तक पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
पदयात्रा के जरिए संघ ने सरकार के सामने यह सवाल भी रखा कि प्रदेश के निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्रमिकों को उनका अधिकार, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कब ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अब सबकी निगाहें राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। छुरिया से उठी श्रमिकों के हक की यह आवाज सात सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद के साथ राजधानी तक पहुंचाने का प्रयास है। संगठन को भरोसा है कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक पहल करेगी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश ठेकेदार राजमिस्त्री मजदूर कल्याण संघ एवं राजमिस्त्री संघ, छुरिया इकाई, विकासखंड छुरिया, जिला राजनांदगांव, छत्तीसगढ़।
प्रदेश अध्यक्ष: अशोक पटेल
प्रदेश महामंत्री: तिलक देवांगन
कार्यालय: सराय स्कूल कॉम्प्लेक्स, गोल बाजार, धमतरी, छत्तीसगढ़।
फटाखा दुकानों में आग से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
राजनांदगांव । नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा जिले में सभी स्थायी व अस्थायी फटाखा दुकानों में आग से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2018 व छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि जारी नियमों के अनुसार फटाखा दुकान किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी, टैंट इत्यादि का नहीं होकर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए। फटाखा दुकान कम से कम एक दुसरे से 03 मीटर की दूरी (साईड) पर एवं एक दूसरे के सामने न बनायी जाए। फटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल लैंप, गैस लैंप एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबंधित होना चाहिए। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अन्दर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित होने चाहिए।
विद्युत तारों में ज्वांइट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूस या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिये। जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वत: बन्द हो जाये। दुकाने ट्रांसफार्मर के पास न हो और उसके उपर से हाईटेंशन पावर लाईन न गुजरती हो। प्रत्येक फटाखा दुकान में 06 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना चाहिये। इसकी मारक क्षमता 06 फीट की होती है। दुकानों के सामने कुछ अन्तराल में 500 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। फटाखा दुकानों के सामने बाईक व कार की पार्किंग प्रतिबंधित होनी चाहिए। अग्निशमन वाहन एवं एम्बुलेंस का फोन नम्बर दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए। अग्निशमन वाहन के मुव्हमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील
राजनांदगांव । नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर से जिले में आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानी के लिए आवश्यक सलाह जारी की गई है।
जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पटाखे हमेशा लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें की सलाह दी गई है। साथ ही दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए सुनिश्चित करें कि गुणवत्तापूर्ण एवं अनुमोदित पटाखे ही खरीद रहे हैं। ईमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क, बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में फटाखे जलाए। फटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाल्टी निकट रखें। आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े आसानी से आग पकड़ सकते है।
फटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके की वे सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे है। फटाखे फोडऩे के बाद इस्तेमाल किये गये फटाखों का पानी की बाल्टी में सुनिश्चित तरीके से निपटान करें ताकि किसी बची हुयी चिंगारी से अग्नि दुर्घटना ना हो। एक बार में एक ही फटाखे जलाए, आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई फटाखे जलाने से बचे। फटाखे में आग लगाने के बाद उससे सुनिश्चित दूरी रखें। फटाखे जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें, जिसे की उसकी चिंगारी घरों व व्यक्तियों की ओर नहीं उड़े।
घर के अन्दर खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी फटाखे नहीं जलाए। फटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें, क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते है। ज्वलनशील पदार्थ के पास पटाखों का उपयोग नहीं करें, पटाखों को सूखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर एवं वाहनों जैसी वस्तुओ से दूर रखें। यदि कोई फटाखे जलाने में विफल रहता है तो उसे पुन: जलाने का प्रयास न करें, अपितु कुछ देर प्रतिक्षा करने के उपरान्त उसका सुनिश्चित रूप से निपटान करें। यह सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसे स्थानों में नहीं जलाये जाये जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूद्ध कर सकते है। तेल के दिए या मोमबत्ती को जलाते हुए उपेक्षित न छोड़े, विशेष रूप से पर्दे या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह कि चोट लगने या जलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह ले तथा उचित मार्गदर्शन के बिना घरेलू उपचार न करें।
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया गया जागरूक, नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
राजनांदगांव । माय भारत राजनांदगांव द्वारा शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में नशा मुक्त युवा विषय पर पड़ोस युवा संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निर्मला उमरे, समाज कल्याण विभाग की उप संचालक वैशाली मराड़वार, विषय विशेषज्ञ एनटीपीसी की जिला सलाहकार डॉ. नीहारिका टोप्पो एवं समाज सेविका गीता साहू उपस्थित थी।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की लत से बचाव, व्यसन से मुक्ति तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक उपायों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। साथ ही युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार एवं समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। पड़ोस युवा संसद में युवाओं ने नशामुक्ति के संबंध में अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसआर कन्नौजे एवं माय भारत राजनांदगांव के जिला युवा अधिकारी शुभजीत दे विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में दिनेश्वर साहू, आकाश तिवारी, मोनिका देवांगन, मुस्कान निषाद, अमृता ठाकुर, संध्या यादव, मुरली साहू, सुनीधि देवांगन, चैतन्य साहू, गरिमा साहू एवं देवीलाल का विशेष योगदान रहा।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी उम्मीद की किरण, 13 सुरक्षा गार्डों को मिला 2.91 लाख रूपए का बकाया वेतन
राजनांदगांव । मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्रमिकों के लिए समय पर वेतन मिलना सबसे बड़ी जरूरत होती है। ऐसे में मेहनत की कमाई रूक जाए, तो घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है। राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 उम्मीद की किरण साबित हुई। श्रम विभाग की तत्परता से उन्हें कुल 2 लाख 91 हजार 754 रूपए का बकाया वेतन मिला। इससे श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली।
राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों को नियोजन पक्ष द्वारा वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक श्रम आयुक्त राजनांदगांव ने तत्काल प्रकरण की जानकारी प्राप्त की और संबंधित नियोजन पक्ष से संपर्क कर नियमानुसार कार्रवाई की। विभागीय पहल के परिणामस्वरूप सभी 13 सुरक्षा गार्डों को उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया गया। लंबे इंतजार के बाद मेहनत की कमाई मिलने से श्रमिकों की आर्थिक चिंता कम हुई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मिली इस राहत ने शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा मजबूत किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। श्रम विभाग राजनांदगांव द्वारा श्रमिकों से अपील की गई है कि वेतन भुगतान में विलंब, बकाया वेतन अथवा अन्य श्रम संबंधी समस्याओं की स्थिति में संबंधित विभाग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर उन्हें उनका अधिकार दिलाया जा सके।
२९० करोड़ की राजनांदगांव से मोहला मानपुर सडक़ के भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही का खुलासा
विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी के रहते होना संभव नही ? इस पूरे मामले की जांच ईओडब्ल्यू से कराने की मांग- ओस्तवाल
(भाजपा सांसद पाण्डेय द्वारा फर्जी दस्तावेज की शिकायत भाजपा नेता भरत वर्मा द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायत)
(क्या ये दोनों ही भाजपा के नेताओं की शिकायत शासन को फर्जी दिख रही है ? और
यदि इनकी शिकायत फर्जी है तो इसका खुलासा शासन के जवाबदार अधिकारी सार्वजनिक करें।)
१. राजनांदगांव शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं लोक निर्माण विभाग छ.ग. शासन के सचिव से यह मांग की है कि राजनांदगांव से मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी हेतु २९० करोड़ रूपयों की सडक़ डामरीकरण की निविदा टेंडर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अमर इन्फ्रास्ट्रक्चर दुर्ग के ठेेकेदार चतुर्भुज राठी के द्वारा टेंडर लिया गया और शासन को करोड़ो रूपयों की राशि का २० प्रतिशत बिलो में स्वीकृत किया गया जिसे बाद में बदलकर १७ प्रतिशत कर दिया गया इस तरह भ्रष्टाचार का खुला खेल खेला गया जिससे लगभग शासन को ९ करोड़ रूपयों का नुकसान हुआ जिसकी शिकायत राजनांदगांव जिले के भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय के द्वारा दिनांक २५ मई २०२६ को सचिव लोक निर्माण विभाग छ.ग. शासन से की गई शिकायत के बाद ठेकेदार के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई इसका खुलासा आज तक नही हुआ और ठेकेदार अमर इन्फ्रास्ट्रक्चर दुर्ग के ठेेकेदार चतुर्भुज राठी का टेंडर निरस्त किया गया ।
२. दुसरे ठेकेदार के.एल. अग्रवाल को २९० करोड़ की राजनांदगांव से मोहला मानपुर सडक़ डामरीकरण और पुल पुलिये के निर्माण हेतु जारी किया गया कार्यादेश और उक्त ठेकेदार के द्वारा शासन के नियम विरूद्ध सडक़ निर्माण की निविदा शर्तों का उल्लंघन और गुणवत्ताहीन सडक़ निर्माण आदि का कार्य किया गया जिसकी शिकायत भाजपा के वरिष्ठ नेता और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा के द्वारा गुणवत्ताहीन सडक़ निर्माण और भ्रष्टाचार से संबंधित उच्च स्तरीय जांच की मांग विभागीय मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से की गई और दोनों मामलो के भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायत करने वाले दोनों ही नेता भारतीय जनता पार्टी के है सबसे पहला प्रश्न अब यह है कि राजनांदगांव जिले के सांसद और प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संतोष पाण्डेय के द्वारा जो फर्जी दस्तावेज के आधार पर निविदा टेंडर लेने वाले दुर्ग के ठेकेदार अमर इन्फ्रास्ट्रक्चर चतुर्भुज राठी का भ्रष्टाचार का मामला विष्णुदेव साय की भाजपा सरकार में दफन कैसे हो गया क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तो यह कह रहे है कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का संकल्प भाजपा के नेताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के भ्रष्टाचार मुक्त सपनों को पूरा करने का लिया है लेकिन विष्णुदेव की भाजपा सरकार में उनके स्वयं के भाजपा संासद संतोष पाण्डेय के द्वारा जो शिकायत की गई थी उस पर भाजपा सांसद पाण्डेय सहित विभाग के अधिकारी और मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री का चुप रहना ? यह दर्शाता है कि भाजपा की इस सरकार में खाली वसूली का खेल चल रहा है ? और यदि वसूली का खेल नही है तो ? खुलासा क्यों नही कर पा रही है भाजपा सरकार श्री ओस्तवाल ने कहा की दुसरी शिकायत २९० करोड़ की राजनांदगांव से मोहला मानपुर सडक़ निर्माण आदि मे भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य की शिकायत विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी रहे और वर्तमान में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा जी के द्वारा शिकायत विभागीय मंत्री संबंधित अधिकारी और कलेक्टर राजनंादगांव आदि से की गई जिनकी शिकायत पर विभाग के द्वारा पीडब्ल्यूडी के चार सदस्यों की जांच समिति ०३ अक्टूबर २०२६ को गठित कर तीन दिन के अंदर प्रमुख अभियंता को रिपोर्ट देने का आदेश मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम अधीक्षण अभियंता राजीव नशीने तथा कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना और सी.एस. ओंगरे को निर्देशित किया गया लेकिन ०७ अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट की समय सीमा पर इसका खुलासा सार्वजनिक नही हुआ क्यो? भ्रष्टाचार के मामलों का मास्टर माइंड विभागीय लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता अधिकारी श्री वी.के. भतपहरी के रहते यह २९० करोड़ की राजनांदगांव मोहला मानपुर का खुलासा भी पुरी पारदर्शिता से होना मुश्किल नज़र आ रहा है ? क्योंकि वी.के. भतपहरी के खिलाफ पूर्व में अनेकों भ्रष्टाचार की शिकायत भाजपा के कद्दावार पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने भी की है ठीक उसी तरह छ.ग. शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल जी के द्वारा जिस तरह कल दिनांक २२/१०/२०२६ को २९० करोड़ रूपयों की लागत से राजनांदगांव जिले के मोहला मानपुर आदि सडक़ो के भ्रष्टाचार और गुणवत्ता जांचने मौके स्थलों का निरीक्षण किया गया और उनके साथ जिस तरह से मुख्य अभियंता वी.के. भतपहरी एवं मुख्य अभियंता एन.के. जयंत आदि अधिकारियों की टीम के साथ सडक़ की मोटाई चौड़ाई और लेवल आदि बिन्दूओं की जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव ने मांगी है तो क्या जो तीन सदस्यी विभागीय जांच शासन स्तर पर विभाग द्वारा गठित की गई थी और उन अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर ०७ अक्टूबर २०२६ तक रिपोर्ट को देना था लेकिन उनके द्वारा समय सीमा पर जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट नही देना और जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट का खुलासा नही होना ही ठेकेदार से मोटी राशि वसूल कर मामले को रफा-दफा करना स्वयंमेव ही दर्शा रहा है ? क्योंकि जब तीन दिनों के भीतर मौके स्थल की जांच रिपोर्ट देने का आदेश उन अधिकारियों को दिया गया था और कल सचिव महोदय के साथ मौके स्थल पर वे चारों अधिकारी का नही होना स्वयंमेव दर्शाता है कि वी.के. भतपहरी जब उन बड़े ठेकेदारों को बचाने का पूरा प्रयास कर रहे है तो ? मौके स्थल पर विभाग के सचिव मुकेश बंसल जी को संबंधित विभाग के प्रमुख अधिकारियों के द्वारा टेकनीकल किसी प्वाइंट का खुलासा नही किया गया और ना ही आज के समाचार पत्रों में जवाबदार अधिकारियों या विभाग के द्वारा सचिव महोदय के संज्ञान में किसी गुणवत्ताहीन निर्माण का उल्लेख करवाया। श्री ओस्तवाल ने बिन्दूवार कुछ टेकनिकल प्वाइंट की जांच छ.ग. शासन लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल से कराने की मांग की है -१. उक्त ठेकेदार का डब्ल्यूबीएम प्लांट की क्षमता कितनी है और उक्त ठेकेदार के द्वारा डब्ल्यूबीएम प्लांट किस-किस जगह पर लगाया गया उसके मौके स्थल के फोटोग्राफ्स और संबंधित विभाग के कार्यपालन अभियंता (ई) के द्वारा सत्यापित किये गये दस्तावेजों की जांच की जाये। २. उक्त प्लांट से कितना-कितना माल प्रतिदिन निकला है वह जांच किया जाये । ३. उक्त ठेकेदार के द्वारा प्लांट कौन-कौन सा किस स्थान पर दर्शाया गया है उसके संपूर्ण मालिकाना हक के दस्तावेज की भी जांच की जाये । ४. मौके स्थल पर सडक़ की थिकनेस और उसकी मोटाई-चौड़ाई कितनी चाहिये थी और कितनी ठेकेदार के द्वारा बनाई गई उसकी जांच। ५. उक्त जांचकर्ता अधिकारियों के द्वारा ठेकेदार के द्वारा बनाई गई सडक़ों की कोर कटिंग टेस्ट और सडक़ों से बेलनाकार नमूना निकालकर परतों की मोटाई की जांच की गई। ५. निर्माण में इस्तेमाल बिटुमिन कंटेंट टेस्ट डामर की मात्रा निर्धारित अनुपात से लिया गया है या उससे कम लिया गया है उसके समस्त डामर के खरीदी बिक्री के बिलों की जांच। ६. सडक़ की रोड़ रफनेस टेस्ट की जांच। ७. मौके स्थल पर हुए सडक़ डामरीकरण के फील्ड डेंसिटी और कम्पेक्शन की जांच आदि अन्य बिन्दुओं की जांच करवाने हेतु इस पूरे मामले को ईओडब्ल्यू को सौंपा जाये जिससे की भ्रष्ट ठेकेदार और विभागीय जिन अधिकारियों की मिलीभगत इस भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाले ठेकेदार के साथ जो लोग संलिप्त है उन पर कठोर कार्यवाही होना जनहित और शासनहित में होगा ।
जिला स्तरीय अस्मिता खेलों इंडिया सिटी टूर्नामेन्ट का आयोजन जय भवानी व्यायाम शाला में हुआ
राजनांदगांव. अस्मिता खेलों इंडिया बालिका / महिला भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) सिटी टुर्नामेंट राजनांदगांव. जिला भवानी व्यायाम शाला में 20 अक्टूबर एक दिवसीय आयोजित की गई। यह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित आजमानी अध्यक्ष जिला भारोत्तोलन संघ के अतिथि में हुआ। यह प्रतियोगिता छ.ग. भारोत्तोलन संघ के मार्गदर्शन में हुआ। अस्मिता खेलों इंडिया भारोत्तोलन सिटी टूर्नामेन्ट का शानदार आयोजन का उद्देश्य बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार की खेलों इंडिया अस्मिता पटल के अंतर्गत महिला खिलाडिय़ों को खेल का बेहतर मंच प्रदान करने कई प्रतिभाओं को पहचानने एवं उन्हें आगे बढ़ाने और महिलाओं की खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अस्मिता बालिका / महिला भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) सिटी टूर्नामेंट का आयोजन किया गया जिसमें राजनांदगांव जिला के लगभग 20 खिलाडिय़ों ने भाग लिए यह प्रतियोगिता 8 ग्रुप में आयोजित हुआ। 49 कि. वजन समूह में खुशी रंगारी (प्रथम) गोदावरी यादव (द्वितीय) 53 कि.ग्रा. वजन समूह में प्रिया यादव (प्रथम) मुस्कान पटेल (द्वितीय), निलिमा साहू (तृतीय), 57 कि.ग्रा. वजन समूह में जानवी साहू (प्रथम) 61 कि.ग्रा. समुह में सोनाली यदु (प्रथम) जारा खान (द्वितीय), 69 कि.ग्रा. में महजबीन खान (प्रथम) 77 कि.ग्रा. समूह में मुस्कान यादव (प्रथम), योगिता कुलदीप (द्वितीय) 86 कि.ग्रा. समूह में भूमि सिंह (प्रथम) +86 कि.ग्राम समूह रूसना फरहिन (प्रथम) अंशुल सोनवानी (द्वितीय) इस जिला स्तरीय सिटी टूर्नामेंट में निर्णायक के रूप में छ.ग. प्रदेश के भारोत्तोलन संघ से कोमल सोनी, छबी साहू एवं नारायण लोहार थे और लोडर कौश्ेान नवाज, वीर सिंह ठाकुर, जानेश विश्वकर्मा, पियुष यादव थे इस कार्यक्षेत्र को सफल बनाने में संघ के उपाध्यक्ष मनोज यादव, कोषाध्यक्ष दीपक ठाकुर, अजय कुलदीप, व्यायाम शाला के सहसचिव नीरज शुक्ला, रिमझिम मैगी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सचिव अशोक श्रीवास ने किया। यह जानकारी जिला भारोत्तोलन संघ के सचिव अशोक श्रीवास ने दी।
सुआ नृत्य-गीत की खनक से गमका समरथ साहित्य संस्थान का आयोजन जिले के कवि साहित्यकारों ने बढ़ाई सुआ महोत्सव की गरिमा
राजनांदगांव / छत्तीसगढ़ की लोक कला, साहित्य एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए तत्पर समरथ संस्थान साहित्य सृजन भारत छ०ग० इकाई के तत्वावधान में तीन दिवसीय सुआ नृत्य महोत्सव व साहित्य संगम का भव्य आयोजन किया गया। शंकर नगर बालोद में आयोजित उक्त कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के बड़ी संख्या में कवि साहित्यकारों ने भाग लिया और लोक कला व साहित्य से संबंधित कार्यक्रम को गरिमामय दी। इस दौरान महिलाओं द्वारा आकर्षक सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी गई। महिलाओं द्वारा ताली पीटते हुए गाए गए सुआ गीत व नृत्य ने जमकर समां बांधा और लोगों का दिल जीत लिया।
दूसरे दिन के आयोजन के मुख्य अतिथि पूज्य गुरुदेव विरेंद्र कुमार देशमुख जी चौंसठ योगिनी मंदिर (लिमोरा) थे। उन्होंने लोक कला और साहित्य को सबको जोड़े रखने में सहायक बताते हुए कहा कि कवि और साहित्यकार छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति को देश व विदेश तक पहुंचा रहे हैं।
तीसरे दिन के मुख्य अतिथि भारतीय रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन तोमन लाल साहू ने छत्तीसगढ़ लोक कला के अंग सुआ नृत्य को मंच प्रदान करने के लिए जिले की कवयित्री गायत्री साहू शिवांगी व उनके पति पूर्णानंद सहित समरथ साहित्य संस्थान की भरपूर सराहना की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रुप में कवि/साहित्यकार आत्माराम कोशा "अमात्य" (जिला समन्वयक - छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग छ०ग० शासन) उपस्थित रहे। अध्यक्षता - समरथ साहित्य संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष- अखिलेश मिश्रा "अकाट्य," ने की। विशेष अतिथि श्री कोशा ने सुआ नृत्य-गीत को छत्तीसगढ़ का धरोहर बताते हुए कहा कि सुआ को प्राण का प्रतीक माना गया है। पदमावत में मलिक मोहम्मद "जायसी" ने इसका आश्रय लेकर उक्त महाकाव्य की रचना की है। नारी व्यथा के मार्मिक उदाहरण इसके गीतों में मिलते है।
तीन पुस्तकों का हुआ विमोचन
सुआ नृत्य-गीत पर केंद्रित उक्त त्रिदिवसीय आयोजन में आगत अतिथि जगदीश देशमुख, सीताराम श्याम,डॉ अशोक आकाश व श्री कोशा हाथों डॉ इकबाल खान तनहा की ग़ज़ल संग्रह -तनहाई, गायत्री शिवांगी की रक्तदान महादान व कवि गजेंद्र हरिहारणो दीप की ग़ज़ल संग्रह खुश्बू -ए-ग़ज़ल का विमोचन किया गया। साथ ही उपस्थित साहित्यकारों द्वारा इसकी समीक्षा भी की गई।
काव्यायोजन में बिखरे इंद्रधनुषी रंग
उक्त कार्यक्रम के दौरान दुर्ग भिलाई रायपुर राजनांदगांव, मानपुर मोहला, धमतरी, बालोद आदि से पधारे कवियों द्वारा विभिन्न रसोद्रेक में पूरित काव्य पाठ किया गया जिसमें कवयित्री सुषमा शुक्ला अंशुमन ने पायलट मच्छार के संबंध में मार्मिक कविता पढ़ी।
इसी तरह-तरह माधवी गणवीर ने ग़ज़ल व आनंद राम सार्वा "अनंत" डामन डोंगरे,ने छत्तीसगढ़ी कविता व पवन यादव पहुंना सहित अन्य कवियों ने काव्य पाठ कर आयोजन को इंद्रधनुषी रंग दिया। आभार प्रदर्शन पूर्णानंद साहू ने किया। उक्त जानकारी संस्थान के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा अकाट्य द्वारा दी गई। मो०बा० 7987771595
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
राजनांदगांव । लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज न्यू सर्किट हाउस राजनांदगांव में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं लंबित सड़कों, पुल-पुलियों तथा भवन निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। सचिव बंसल ने पुराने एवं लंबित निर्माण कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बारिश के कारण रूके निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने गुणवत्ताहीन एवं समय-सीमा में कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ब्लैक-लिस्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्गा प्रसाद अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।
सचिव बंसल ने जिले में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कार्यों में आ रही तकनीकी एवं प्रशासकीय समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर निर्धारित तकनीकी मापदण्डों के अनुरूप कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में लापरवाही एवं अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए।
बंसल ने विभिन्न शासकीय भवनों के निर्माण, मरम्मत एवं संधारण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनके कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों में संलग्न श्रमिकों को दीपावली त्यौहार से पहले मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान समय पर होना चाहिए तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सचिव बंसल ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्य नागरिकों की सुविधाओं एवं क्षेत्र के विकास से सीधे जुड़े हुए हैं। इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।