छत्तीसगढ़ / सुकमा
159 गाँवों में निरूशुल्क गैस कनेक्शन हेतु शिविर जारी
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। नियद नेल्लानार योजना के तहत चयनित 159 दूरस्थ गाँवों में खाद्य विभाग द्वारा विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहाँ पात्र ग्रामीण महिलाओं को निरूशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन व केवाईसी प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी की जा रही है।
जिले में स्थित सभी प्रमुख गैस एजेंसियाँ दोरनापाल, वंदना गैस एजेंसी सुकमा, पोलमपल्ली गैस एजेंसी और कोंटा गैस एजेंसी के द्वारा अंदरूनी इलाकों तक खाद्य विभाग के साथ पहुँचकर शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लिया जा रहा है। अब तक 1610 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं, और आवेदन प्रक्रिया लगातार जारी है।
शिविर की विशेषताएँ
गैस एजेंसियों की उपस्थिति, बीपीएल श्रेणी के राशनकार्डधारियों से आवेदन, मौके पर ही केवाईसी की त्वरित प्रक्रिया और पात्र महिला मुखियाओं को प्राथमिकता दिया जा रहा है।
आवश्यक दस्तावेज
शिविर में आने वाली महिला मुखियाओं को राशनकार्ड की फोटोकॉपी, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, सभी वयस्क सदस्यों के आधार कार्ड और 02 पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा।
स्वच्छ ऊर्जा की ओर बड़ा कदम
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाने और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रशासन ने सभी पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने दस्तावेज़ों सहित शिविरों में पहुँचकर योजना का लाभ अवश्य उठाएँ।
सुकमा जिले में उज्ज्वला योजना का यह महाअभियान महिलाओं के जीवन में नया बदलाव लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
सुकमा में बोर्ड एवं छमाही परीक्षाओं की तैयारी तेज
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन और जिला शिक्षाधिकारी जी.आर. मंडावी की अध्यक्षता में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी बोर्ड परीक्षा केंद्र व्यवस्था, कक्षा 1 से 12वीं तक की छमाही परीक्षा की तैयारी तथा विद्यार्थियों के आपार आईडी निर्माण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई।
जिला शिक्षाधिकारी मंडावी ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि छमाही और बोर्ड परीक्षा से पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम हर हाल में पूर्ण किया जाए। साथ ही जिन छात्रों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनका तत्काल आधार पंजीयन तथा जिनमें त्रुटि है उनका समयसीमा में सुधार कर आपार आईडी जनरेट करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष परीक्षाओं की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के सभी परीक्षा प्रभारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
बिजली बिल शून्य, अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी आमदनी
सुकमा । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम जनता के लिए बड़े बदलाव का माध्यम बन रही है।
इस योजना से न केवल घरेलू बिजली की जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली बेचकर उर्जादाता भी बन रहे हैं। सुकमा जिले में इसके सकारात्मक परिणाम तेजी से सामने आ रहे हैं।
नगर पंचायत कोंटा निवासी श्री मोसेस राव ने अपने घर की छत पर पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 केवी का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। यह इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ इनोवेशन के द्वारा किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना से जुड़ने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है।
साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार से उन्हें 1,08,000रू की सौर सब्सिडी प्राप्त हुई है, जिससे सोलर रूफ टॉप की लागत में काफी राहत मिली। उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम से उत्पन्न बिजली से घर की आवश्यकता पूर्ण हो जाती है, और बची हुई बिजली सीधे विद्युत विभाग को बेचकर आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त बिजली का भुगतान किया जाएगा।
श्री राव ने कहा कि योजना से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान हो रहा है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर बिजली बिल की परेशानी से मुक्ति पाएं और स्वच्छ ऊर्जा अपनाएं। श्री मोसेस राव ने केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए दी जा रही सब्सिडी हमारे जैसे आम परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा हॉस्पिटल पहुंचकर महिला कांन्सटेबल के स्वास्थ्य की जानकारी ली
गुरूवार को सुकमा जिले में आईईडी ब्लास्ट में घायल हुई थी महिला कांस्टेबल सुश्री मुचाकी दुर्गा
चिकित्सकों को इलाज का बेहतर प्रबंध करने के निर्देश
रायपुर, 29 नवम्बर 2025



सुकमा जिले में गुरुवार को आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल जिला पुलिस बल की महिला कांस्टेबल सुश्री मुचाकी दुर्गा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा आज यहां रायपुर स्थित रामकृष्ण हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायल महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा से मिले और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से चर्चा की और कांस्टेबल सुश्री दुर्गा का हरसंभव बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने बताया कि सुश्री मुचाकी दुर्गा की स्थिति खतरे से बाहर हैं। गंभीर चोटों के कारण उन्हें स्वस्थ होने में समय लगेगा।
गौरतलब है कि सुकमा जिले में डीआरजी और डिस्ट्रिक्ट फोर्स की संयुक्त टीम के साथ महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन के लिए गोगुण्डा की पहाड़ी पर गयीं थी और जंगलों की ओर बढ़ रही थी। वहां नक्सलियों द्वारा लगाया गया एक प्रेशर इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सक्रिय अवस्था में था। अनजाने में उन्होंने आईईडी पर पैर रख दिया, जिससे हुए विस्फोट के चलते वह घायल हो गई। उनके पैर, हाथ, आंख और चेहरे पर चोट आयी, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए रायपुर लाया गया था।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिला कांस्टेबल सुश्री दुर्गा से मुलाकात के दौरान उन्हें हौसला देते हुए उनके परिजनों से बात की। उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर सुश्री दुर्गा की बड़ी बहन मुचाकी करुणा से बात करते हुए शासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
माओवाद प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं श्रीमती सरोज पोडियाम
पीएम स्वनिधि योजना बनी आर्थिक सशक्तिकरण का आधार
सुकमा, 27 नवम्बर 2025
सुकमा जिले की निवासी श्रीमती सरोज पोडियाम माओवाद हिंसा से प्रभावित परिवार से हैं। वर्ष 2009 में माओवादियों द्वारा उनके ससुर की हत्या किए जाने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था। इस कठिन परिस्थिति में शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नवा बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें आवास प्रदान किया तथा उनके पति श्री राकेश पोडियाम को नगर सैनिक (सिपाही) के पद पर नियुक्त कर परिवार को सुरक्षा एवं आजीविका का सहारा दिया।
श्रीमती सरोज पोडियाम पहले से ही घर पर सिलाई कार्य करती थीं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। जब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्व-रोजगार के अवसर को अपनाने हेतु आवेदन किया।
दिनांक 24 नवम्बर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सुकमा द्वारा उन्हें 15,000 रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। चेक का वितरण मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री पी.आर. कोर्राम और नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष श्री हूँगा राम मरकाम के द्वारा किया गया।
ऋण स्वीकृत होने के बाद श्रीमती सरोज पोडियाम ने अपने सिलाई व्यवसाय को नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया। आज वे अपने परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सहयोग से परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
श्रीमती सरोज का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई सहायता और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, शासन की योजनाओं का लाभ और व्यक्तिगत संकल्प किसी भी कठिन परिस्थिति से उबरकर सफलता की ओर ले जा सकते हैं।
जिला अस्पताल सुकमा में मोतियाबिंद के सफल ऑपरेशनों से दिख रही रोशनी की नई किरण
सुकमा, 26 नवंबर 2025
जिला अस्पताल सुकमा में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार विशेष पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में सुकमा जिले के अंदरूनी, पहाड़ी और पहुंचविहीन क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को जिला अस्पताल में लाकर निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गीतु हरित और अंधत्व नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण टेली के सहयोग से मरीजों को घर से अस्पताल लाने और ऑपरेशन के बाद उन्हें दोबारा सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। अस्पताल में मरीजों सहित उनके अटेंडर और मितानिनों के लिए ठहरने और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच उपलब्धि
अप्रैल 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच जिला अस्पताल सुकमा में दोनों आँखों के 93 मरीजों तथा एक आँख के 129 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया है। इससे सैकड़ों लोगों को दृष्टि सुधार का लाभ मिला है।
शासन के निर्देशानुसार स्कूलों में भी नेत्र परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कुल 439 छात्र-छात्राओं में दृष्टि दोष पाया गया है, जिन्हें शीघ्र ही निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा 40 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में दृष्टि दोष की पहचान कर 197 लोगों को निःशुल्क प्रेसबायोपिक चश्मे प्रदान किए गए हैं।
नियद नेल्ला नार क्षेत्र में बड़ा नेत्र सुरक्षा अभियान
विकासखंड कोंटा के अत्यंत संवेदनशील और आंतरिक क्षेत्र में 24 सितंबर 2025 से 01 अक्टूबर 2025 तक व्यापक नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला सुकमा की नेत्र टीम, एमपीडब्ल्यू, सुपरवाइजर एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने नियद नेल्ला नार के क्षेत्र सहित कोण्डासांवली, सिलगेर, जगरगुण्डा, तिम्मापुरम, सुरपनगुड़ा, कुण्डेल, बिकरमपल्ली, तारलागुड़ा, कामाराम, सिंगावरम, तुमलपाड़, पुलनपाड़, नरसापुरम, उरसंलग, गोंदपल्ली, बुर्कापाल, तोंगपल्ली, नागाराम, केरलापेंदा, कोलाईगुड़ा, पिड़मेल,टेकलगुड़ा, जुनागुड़ा, दुलेड़, एलमागुण्डा, तोकनपल्ली, गच्छनपल्ली, बुर्कालंका, मुरलीगुड़ा, किस्टाराम, पोटकपल्ली, तिगनपल्ली, सिंदुरगुड़ा, गोगुण्डा, परिया सहित कई गांवों का सर्वेक्षण किया।
सर्वेक्षण में दोनों आंखों से मोतियाबिंद से ग्रसित 492 मरीज तथा एक आंख से ग्रसित 132 मरीज पाए गए हैं। इन सभी मरीजों को शीघ्र ही जिला अस्पताल लाकर उनका ऑपरेशन कराया जाएगा।
शासन-प्रशासन का उद्देश्य है कि सुकमा के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचें और कोई भी मरीज उपचार से वंचित न रहे। दूरस्थ वनांचलों में लगातार सर्वेक्षण, मरीजों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था, अस्पताल में रहने-खाने की सुविधा और निःशुल्क ऑपरेशन से यह अभियान जिले में नेत्र स्वास्थ्य सुरक्षा की मिसाल बन रहा है।
नियद नेल्लानार योजना से बदल रही सुदूर वनांचलों की तस्वीर
पूवर्ती सहित कई गांवों में इंटरनेट व बैंकिंग सेवाएँ अब ग्रामीणों की पहुँच में
सुकमा, 21 नवम्बर 2025

नियद नेल्लानार योजना से सुकमा जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी गांवों में बुनियादी सुविधा और शासकीय योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ आम जनता को सुलभ होने से गांवों और ग्रामीणों की तस्वीर संवरने लगी है। सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों में कलेक्टर के मार्गदर्शन में लगातार सुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन की यह पहल से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो वर्षों से मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे थे।
सुरक्षाबलों द्वारा दो दिन पहले न्यूट्रलाइज किए गए नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों सुविधा शिविर लगाकर ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसी दौरान पुवर्ती की निवासी श्रीमती मड़कम हान्दा ने शिविर में उपस्थित बीसी सखी की सहायता से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से महतारी वंदन योजना की 1000 रुपए पाकर प्रसन्नता जताई और इसके लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
पूवर्ती सुविधा शिविर में कुल 21 ग्रामीणों को आधार कार्ड के माध्यम से 43 हजार रुपए की राशि निकालकर दी गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ, दुर्गम और संचारविहीन क्षेत्रों में लोगों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इस दिशा में पूवर्ती कैंप में जियो नेटवर्क का स्थापित होना एक बड़ी उपलब्धि है। नेटवर्क विस्तार से अब पूवर्ती ही नहीं, बल्कि चिमलीपेंटा, तुमलपाड़, जोनागुड़ा, सिंगाराम तथा टेकलगुड़े जैसे आसपास के अंदरूनी गांव भी संचार सुविधा से जुड़ गए हैं। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट मिलने से ग्रामीण पहली बार अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, आधार आधारित लेनदेन और ऑनलाइन सेवाएँ भी अब उनकी पहुँच में हैं।
शासन और जिला प्रशासन की सामूहिक पहल से दूर-दराज के वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क, इंटरनेट और बैंकिंग जैसी मूलभूत सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। इन सुविधाओं के कारण ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगा है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं
चिंतलनार-बुरकापाल के ग्रामीणों को मिली निःशुल्क इलाज व आयुष्मान कार्ड की सुविधा
सुकमा, 14 नवम्बर 2025

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की परिकल्पना के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के सबसे दुर्गम कोनों तक पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता को “नियद नेल्लानार योजना“ के तहत पूरा किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर घने जंगलों के बीच बसे सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक के चिंतलनार और बुरकापाल जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशाल स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। घने जंगलों के बीच पेड़ की छांव में सजे इस शिविर में वह स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं, जिनसे यह अंचल अब तक वंचित था। यह शिविर ग्रामीणों के लिए दोहरी सौगात लेकर आया, जहाँ उन्हें तत्काल इलाज की सुविधा मिली।
दूरस्थ अंचलों में पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव की अगुवाई में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी कोंटा डॉ. दीपेश चंद्राकर ने तीन दिन तक शिविर लगाकर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ मोर्चा संभाला। घने जंगलों के बीच, पेड़ की छांव में ही ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई, उनका उपचार किया गया और आवश्यकता अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वास्थ्य के साथ मिला “आयुष्मान“ का भरोसा
इस शिविर का एक बड़ा लाभ यह रहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ प्रशासन की टीम ने मौके पर ही 162 ग्रामीणों के नवीन आयुष्मान कार्ड भी बनाए। कुछ ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड का वितरण भी किया गया। ये कार्ड इन ग्रामीणों को भविष्य में गंभीर बीमारियों के लिए भी निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त करने में मदद करेंगे।
इस पहल से उन ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर थे। ग्रामीणों ने इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें अपने स्वास्थ्य की जांच कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का एक सुनहरा अवसर मिला है।
मरईगुड़ा वन में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने टाल दी बड़ी घटना
फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा, कुशल प्रशासनिक समन्वय की ग्रामीणों ने की सराहना
सुकमा, 13 नवम्बर 2025
कोंटा विकासखंड के मरईगुड़ा वन गांव में गुरुवार को शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग ने तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों के बीच सिलेंडर फटने की आशंका से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, सुकमा जिला प्रशासन की तत्परता, संवेदनशीलता और कुशल समन्वय ने न केवल स्थिति को नियंत्रित किया, बल्कि एक बड़ी जान-माल की हानि को भी टाल दिया।
कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल हुई कार्रवाई
जैसे ही जिला प्रशासन को इस गंभीर घटना की सूचना मिली, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने तत्काल अधिकारियों को सक्रिय होने का निर्देश दिया। एसडीएम श्री सुभाष शुक्ला के मार्गदर्शन में, आपदा प्रबंधन तंत्र ने तुरंत पड़ोसी राज्य तेलंगाना के भद्राचलम से फायर ब्रिगेड को मदद के लिए बुलाने का निर्णय लिया। यह त्वरित और सीमा-पार समन्वय ही आपदा को नियंत्रित करने में निर्णायक साबित हुआ।
तहसीलदार ने संभाला मोर्चा
मौके पर तहसीलदार कोंटा श्री गिरीश निंबालकर स्वयं पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य का नेतृत्व किया। फायर ब्रिगेड के समय पर पहुंचने और ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से आग की लपटों पर जल्द ही पूरी तरह काबू पा लिया गया।
राहत कार्य: मानवीयता का परिचय
भीषण आग और सिलेंडर विस्फोट की आशंका के बावजूद, कोई जनहानि नहीं हुई, जिसे प्रशासन ने सबसे बड़ी राहत बताया है। जिला प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित तीनों परिवारों को तत्काल सहायता पहुँचाई।
तत्काल आर्थिक सहायता
प्रत्येक प्रभावित परिवार को जिला प्रशासन के द्वारा 10,000 की सहायता राशि प्रदान की गई। मौके पर ही खाद्यान्न और अन्य आवश्यक राहत सामग्री तुरंत वितरित की गई। प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित अस्थायी आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
आगे की कार्यवाही
प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मौके पर ही पंचनामा तैयार कर लिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द पूर्ण और स्थायी राहत मिल सके।
सुकमा के दूरस्थ नियद नेल्ला नार योजना गांवों तक पहुंचे, कोई पात्र हितग्राही न छूटे : वन मंत्री श्री कश्यप
मंत्री श्री कश्यप ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
रायपुर, 11 नवम्बर 2025

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज सुकमा जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, जिससे प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का पूर्ण लाभ समय पर मिल सके।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीण अंचलों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने सुकमा के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के सेचुरेशन (पूर्ण कवरेज) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और योजनाओं की स्थिति का फीडबैक सीधे ग्रामीणों से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि दूर गांव से अपनी समस्या लेकर आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं का उचित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल जीवन मिशन तथा माओवादी पीड़ित और आत्मसमर्पित माओवादी परिवारों के पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री श्री कश्यप ने इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने मंत्री श्री कश्यप को मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक में महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, एसपी श्री किरण चव्हाण, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, श्री हुंगाराम मरकाम सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
नक्सल लीडरों के परिजनों से मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री ने की पुनर्वास की अपील
नक्सली लीडरों की माताओं ने अपने बच्चों से की अपील अब हथियार छोड़ लौटें समाज में और समाज के बीच रहकर करें विकास
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अचानक पहुंचे सुकमा के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती
हिड़मा और बारसे देवा के परिजनों से मिलकर पुनर्वास का किया जा रहा प्रयास
रायपुर, 10 नवम्बर 2025






उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज अचानक सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती पहुंचे। जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में समस्त ग्रामवासी और पूर्वर्ती से संबंध रखने वाले नक्सल लीडर माड़वी हिड़मा एवं बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए। जिसमें माड़वी हिड़मा की माता श्रीमती माड़वी पुंजी तथा बारसे देवा की माता श्रीमती बारसे सिंगे भी शामिल थीं। उनके साथ बारसे देवा के परिवार से चाचा बारसे ढुंगा, भाई बारसे भीमा, बारसे सन्ना, बारसे आमता, बारसे सीमडा, भतीजा बारसे मड़का, बारसे हिड़मा, बहु बारसे जोगी एवं माड़वी हिड़मा के परिजनों में चाचा माड़वी देवा, माड़वी सोमा, चाची माड़वी सुक्की, भाई माड़वी हड़मा, माड़वी मासे, बहु माड़वी मंगली भी उपस्थित रहे।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात की और गांव में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। जहां ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां ना तो सड़क थी ना ही कोई आधारभूत व्यवस्था और बारिश के दिनों में तो गांव एक टापू बन जाता था ना तो कोई आ सकता था ना जा सकता था। नियद नेल्ला नार योजना से अब गांव में रोड आ गयी है राशन, दवाइयां, खाद अब ग्राम में ही मिल जाता है। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ मुलाकात कर उनके साथ उनके साथ खाना खाया और उन्हें उपहार भी दिए और उनके द्वारा की गई मांगों को पूरा करने हेतु अधिकारियों को निर्देश भी दिए।
नक्सल लीडरों के परिजनों से भी उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आत्मीय मुलाकात कर उनके माता पिता से आशीर्वाद लिया। जहां उनकी माताओं श्रीमती माड़वी पुंजी तथा श्रीमती बारसे सिंगे ने बताया कि वे बड़े गैर जिम्मेदाराना तरीके से सब कुछ छोड़ कर जंगल में हथियार लेकर भटक रहे हैं। उन्होंने अपने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि परिवार, गाँव, समाज को छोड़कर जंगल में हथियार लेकर भटकने से किसी का भला नहीं हो रहा है। अपने हथियार छोड़कर पुनर्वास का रास्ता चुनो और समाज, परिवार, परिजनों के बीच रहकर विकास एवं सबके हित के लिए कार्य करें। उनकी माताओं ने भी वीडियो जारी कर अपने बेटों को पुनर्वास करने की अपील की है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने परिजनों से कहा कि उनका प्रयास है कि सभी भटके युवा हथियार छोड़ पुनर्वास कर लेते हैं तो शासन उनका ख्याल रखेगी और समाज के बीच रहकर अहिंसक तरीके से मुख्यधारा में शामिल होकर वे क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर सकते हैं। क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए सभी के साथ की आवश्यकता है। ये युवा शक्ति क्षेत्र के विकास की नींव बन सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा एवं पूरे शासन-प्रशासन द्वारा क्षेत्र की शांति के लिए हिड़मा और बारसे देवा के साथ दक्षिण बस्तर के भटके युवाओं के पुनर्वास के लिए भी सतत प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पूर्वर्ती में स्थापित 150 वीं बटालियन के कैंप में जाकर नक्सल मोर्चे पर कार्य करने वाले केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों एवं पुलिस के जवानों से मुलाकात की और उनका प्रोत्साहन किया एवं नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल के प्रत्येक जवान का पराक्रम, त्याग और समर्पण राज्य तथा देश की अमूल्य धरोहर है। उनकी वीरता ने इस क्षेत्र की शांति और विकास की नई दिशा दी है। उन्होंने कैंप परिसर का निरीक्षण कर जवानों से सुरक्षा व्यवस्था, क्षेत्र की परिस्थिति एवं चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जवानों को सुरक्षा के साथ लोगों के कल्याण और सुरक्षा के लिए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर सुकमा श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चौहान तथा पूर्वर्ती के ग्रामीण उपस्थित थे।
सुकमा जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर स्वास्थ्य सर्वे
624 मोतियाबिंद मरीज चिन्हांकित
रायपुर, 7 नवम्बर 2025


सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियद नेल्लानार योजना के तहत माओवाद प्रभावित कोंटा विकासखंड के 125 गांवों में घर-घर स्वास्थ्य सर्वे अभियान चलाया गया। दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में संचालित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके द्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सीएमएचओ डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि सर्वे के दौरान संपूर्ण नेत्र सुरक्षा कार्यक्रम पर विशेष ध्यान दिया गया। बीएमओ कोंटा ने जानकारी दी कि सर्वे में 624 मोतियाबिंद मरीजों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें 132 एक आंख में और 492 दोनों आंखों में मोतियाबिंद से पीड़ित हैं। इन सभी मरीजों के लिए जिला अस्पताल में शीघ्र ही विशेष निःशुल्क मोतियाबिंद शिविर आयोजित किए जाएंगे। मरीजों के लाने-ले जाने, भोजन एवं आवास की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से किसान अब स्वयं ले सकेंगे टोकन
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में जिले में किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से 15 नवंबर से “तुंहर टोकन” मोबाइल एप के माध्यम से टोकन जारी करने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। यह पहल न केवल तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे किसानों को पारदर्शी, सुरक्षित और सुगम प्रणाली का लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत, प्रतिदिन सुबह 8ः00 बजे से किसान “तुंहर टोकन” मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं टोकन प्राप्त कर सकेंगे। सोसायटी संचालक भी पिछले वर्ष की तरह सुबह 9ः30 बजे से टोकन जारी करना आरंभ करेंगे।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अगले 7 खरीदी दिनों के लिए अग्रिम टोकन जारी किए जा सकेंगे। कलेक्टर ध्रुव ने बताया कि टोकन में दर्ज धान की मात्रा डीसीएस, गिरदावरी, पीवी के अनुसार पंजीकृत रकबे से अधिक नहीं होगी, जिससे खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
इसके साथ ही, लघु और सीमांत किसानों को अधिकतम 2 टोकन तथा बड़े किसानों को अधिकतम 3 टोकन की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था छोटे किसानों को प्राथमिकता देने और खरीदी प्रक्रिया में संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से की गई है।
टोकन जारी करने के दौरान आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रत्येक किसान की पहचान सत्यापित होगी और किसी भी प्रकार के अनधिकृत टोकन जारी होने पर रोक लगेगी।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि इस डिजिटल प्रणाली से खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और किसान हितैषी बनेगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को बिना किसी परेशानी के उसका उचित अधिकार और सुविधा समय पर प्राप्त हो। यह पहल शासन की ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ और ‘पारदर्शी प्रशासन’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कलेक्टर ने ली प्रेसवार्ता
मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर दिया जोर
सुकमा, 30 अक्टूबर 2025
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में बुधवार को स्थानीय पत्रकारों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन जिला कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची का अद्यतन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता का आधार है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में जुड़ना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि, दोहराव या चूक न हो, इसके लिए निर्वाचन दलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचन आयोग की यह पहल पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आने वाले चुनावों में मतदान प्रक्रिया और अधिक विश्वसनीय, व्यवस्थित और सटीक होगी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री ध्रुव ने पत्रकारों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की सम्पूर्ण समय-सारिणी, आवेदन प्रक्रिया और आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी मीडिया प्रतिनिधि इस जन-जागरूकता अभियान में प्रशासन के सहयोगी बनें, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।
निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की प्रमुख समय-सारिणी
कलेक्टर ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के लिए आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है -
. 28 अक्टूबर से 03 नवंबर 2025 तैयारी, प्रशिक्षण एवं मुद्रण का कार्य
. 04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 गणना (एन्यूमरेशन) अवधि
. 04 दिसंबर 2025 मतदान केन्द्रों का युक्तियुक्तकरण एवं पुनः व्यवस्थापन
. 05 से 08 दिसंबर 2025 नियंत्रण तालिका का अद्यतन एवं प्रारूप निर्वाचक नामावली की तैयारी
. 09 दिसंबर 2025 प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन
. 09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि
. 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 सूचना चरण, सुनवाई, सत्यापन एवं दावों का निपटान
. 03 फरवरी 2026 परिशुद्धता जांच एवं आयोग से अंतिम अनुमति
. 07 फरवरी 2026 निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने भी अपने सुझाव एवं प्रश्न रखे, जिनका कलेक्टर श्री ध्रुव ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्रोग्रामर (निर्वाचन) श्री सौरभ उप्पल, तथा जिले के वरिष्ठ पत्रकारगण
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड कैम्प का किया निरीक्षण
गांव के चौपाल में ग्रामीणों ने बताया अब हो रहा ग्रामों में विकास
शासन क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025





उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज अपने एकदिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड पहुंचे। जहां उन्होंने सीआरपीएफ के कैम्प का निरीक्षण किया। उन्होंने कैम्प में जवानों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने जवानों को कठिन परिस्थितियों और मुश्किलों के बाद भी लाल आतंक को जड़ से उखाड़ने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आप लोगों के साहस और संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि आज राज्य के कई जिले अब नक्सल आतंक से मुक्त हो गए हैं।
ग्रामीणों को अब असल विकास का अहसास
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जनचौपाल लगाकर दुलेड के ग्रामीणों से सीधी चर्चा भी की। जहां उन्होंने कहा कि दुलेड में कैंप खुलने के बाद यहां आमूल चूल परिवर्तन आया है। कई सालों तक नक्सलियों ने गांव तक बिजली, पेयजल, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को आने से रोका, शिक्षा का प्रकाश फैलाने वाले शिक्षादूतों को मारा लेकिन अब हमारे ग्राम तैयार हैं, हम सभी को मिलकर गांव के विकास के लिए कार्य करना है। सरकार भी क्षेत्र के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर लगातार कार्य कर रही है ताकि यहां के लोगों को अपने वन उत्पादों का उचित मूल्य एवं शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। इस अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि अब गांव में उन्हें असल विकास का अहसास हो रहा है। हमें सभी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
शासन द्वारा वनांचल के विकास के लिए अनेक योजनाएं
ग्रामीण अब विकास की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में सभी जनप्रतिनिधि आदिम समाज से ही संबंधित हैं और संविधान के द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार यहां केवल आदिवासी वर्ग के लोग ही यहां जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और सौभाग्य से हमारे राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी आज आदिवासी वर्ग के ही हैं। ऐसे में यदि कोई भोले भाले ग्रामीणों को बहकाकर हिंसा के मार्ग पर ले जाता है, शिक्षा कार्य करने वाले शिक्षादूतों की हत्या करता है, तो वह आपको मार्ग से भटकाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा वनांचल वासियों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रहीं है।
इलवद ग्राम योजना के लिए विकास कार्यों को प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लोगों से आह्वाहन किया कि वे अपने गांवों के भटके युवाओं को मुख्यधारा में आने के लिए प्रोत्साहित करें। विगत दिनों दो दिन में 300 से अधिक लोग हथियार त्याग कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, जिनका उनके ग्राम के गायता, पुजारी, पटेल द्वारा पारम्परिक रूप से स्वागत किया गया। शासन ने भी समर्पण करने वालों के लिए खुशी से अपनी बाहों को खोल रखा है और उनके पुनर्वास के लिए संवेदनशील पुनर्वास नीति भी तैयार की है। उन्होंने सभी को बताया कि शासन की इलवद ग्राम योजना से अब नक्सल मुक्त ग्रामों के लिए एक करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की गई है, इससे गांव में बारहमासी सड़कें, पेयजल, परिवहन आदि की व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीण युवाओं को खेल उपकरणों का भी वितरण किया।
महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नियद नेल्लानार ग्रामों में बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में प्राथमिकता
सुकमा, 23 अक्टूबर 2025
महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के “नियद नेल्लानार योजना” में शामिल ग्रामों के बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता से लाभ प्रदान किया जाएगा।
खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के तहत पात्र 1.59 लाख माताओं-बहनों को उज्ज्वला कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने तथा गैस सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से महिलाओं को धूम्ररहित रसोई, समय की बचत, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में नई मजबूती प्राप्त होगी।
पुलिस स्मरण दिवस पर कोंटा में शहीदों को किया नमन
अदम्य साहस और बलिदान को दी गई श्रद्धांजलि
सुकमा, 21 अक्टूबर 2025
पुलिस उप महानिरीक्षक (परिचालन) कार्यालय कोन्टा एवं 217वीं वाहिनी, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, कोन्टा द्वारा आज वाहिनी मुख्यालय परिसर में “पुलिस स्मरण दिवस” बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर श्री विरेन्द्र कुमार (द्वितीय कमान अधिकारी) ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि “भारत की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखने में हमारे बल के जवानों ने सदैव अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। हमें उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए।”
श्री कुमार ने पिछले एक वर्ष के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर कार्मिकों के नामों का वाचन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उन्होंने 21 अक्टूबर 1959 की उस ऐतिहासिक घटना का स्मरण कराया जब लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में सीआरपीएफ की एक छोटी टुकड़ी ने चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए अद्वितीय वीरता और बलिदान का परिचय दिया था। इन्हीं शूरवीरों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष यह दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर श्री सौरभ कुमार सिंह (उप कमाण्डेन्ट), डॉ. मंदीप सिंह (एस.एम.ओ.), श्री आर.सी. चन्द्रन (सहायक कमाण्डेन्ट, मत्रां.) सहित अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित कर देश की एकता, अखण्डता और सुरक्षा के लिए अपने समर्पण का संकल्प दोहराया।