छत्तीसगढ़ / सुकमा
सुकमा में जनकल्याणकारी योजनाओं का जागरूकता रथ रवाना
सुकमा । जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए शनिवार को विशेष जागरूकता रथ रवाना किया गया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय सुकमा से रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभ से जोड़ना है।
जागरूकता रथ के माध्यम से मिशन वात्सल्य, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर और मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना सहित विभाग की प्रमुख योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। योजनाओं के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ग्रामीणों तक सरल भाषा में पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के लिए महिला बाल विकास अधिकारी रितीश टंडन, नगरपालिका अध्यक्ष हूँगाराम मरकाम, उपाध्यक्ष श्रीमती भुवनेश्वरी यादव, जनपद पंचायत सुकमा की उपाध्यक्ष श्रीमती रीना पेड्डी, पार्षद उर्मिला मंडावी और रमेश कर्मा सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अंतिम छोर तक पहुंचे योजनाओं का लाभकृयही इस अभियान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जागरूकता रथ सुदूर गांवों तक पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और परिवारों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करेगा, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही जानकारी के अभाव में कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
लंबित छात्रवृत्ति भुगतान के लिए विद्यार्थियों को अंतिम मौका
सुकमा । जिले में वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित भुगतान को लेकर विद्यार्थियों को बैंक खाते की त्रुटियां सुधारने और खाता आधार से सीडेड कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कुछ विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तकनीकी कारणों से उनके खातों में जमा नहीं हो सकी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में किया जा रहा है। ऐसे विद्यार्थी जिनका भुगतान असफल हुआ है, वे अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी की तत्काल जांच कर आवश्यक सुधार करें। इससे लंबित छात्रवृत्ति भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
विद्यार्थियों के लिए अंतिम अवसर के तहत संबंधित छात्र-छात्राओं को सूचना प्रकाशन की तिथि से 7 दिनों के भीतर अपनी छात्रवृत्ति आईडी के माध्यम से छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाकर बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अपडेट करनी होगी। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए आवश्यक सुधार शीघ्र पूरा करने की अपील की है।
सुकमा के बीहड़ों में पहली बार बजी मोबाइल की घंटी, गोंडिगुड़ा में लगा नया मोबाइल टॉवर
सुकमा । दशकों तक भौगोलिक दुर्गमता और संचार सुविधाओं के अभाव से जूझते सुकमा के सुदूर वनांचलों में अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व में बस्तर के अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। कभी मोबाइल नेटवर्क की एक अदद तरंग के लिए तरसने वाले गांव अब देश-दुनिया से जुड़ रहे हैं।
जिला प्रशासन की निरंतर निगरानी और तत्परता से गोंडिगुड़ा सहित सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांवों में मोबाइल नेटवर्क बहाल हुआ है। इससे करीब 4 हजार से अधिक ग्रामीणों की जिंदगी आसान हुई है। वर्षों से जरूरी फोन कॉल करने या अपनों की कुशलक्षेम जानने के लिए मीलों पैदल चलने वाले ग्रामीण अब गांव में ही मोबाइल से संपर्क कर पा रहे हैं। फोन की घंटी की आवाज उनके लिए सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और भरोसे का नया संदेश लेकर आई है।
डिजिटल कनेक्टिविटी ने ग्रामीण युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान दी है। अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी गांव में रहकर ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल अध्ययन सामग्री और इंटरनेट आधारित शिक्षा का लाभ उठा रहे हैं। वहीं स्थानीय लोककला, वनोपज और हस्तशिल्प से जुड़े ग्रामीणों के लिए डिजिटल माध्यमों से बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने और रोजगार के नए अवसर तलाशने की राह भी आसान हुई है।
नेटवर्क की सुविधा से सरकारी योजनाओं की जानकारी और जनकल्याणकारी सेवाओं की पहुंच भी तेज हुई है। डिजिटल बैंकिंग, डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी अब ग्रामीणों तक आसानी से पहुंच रही है। आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस और प्रशासन से तत्काल संपर्क की सुविधा ने दूरस्थ परिवारों के लिए सुरक्षा का मजबूत सहारा प्रदान किया है।
ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद ने बताया कि बीएसएनएल की ‘4जी सैचुरेशन परियोजना’ के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। तेज इंटरनेट और निर्बाध कॉलिंग की सुविधा से वनांचल के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इच्छाशक्ति, प्रशासनिक सक्रियता और जनहित के संकल्प के साथ घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच भी विकास की रोशनी पहुंचाई जा सकती है। सुकमा के इन गांवों में बजती मोबाइल की घंटियां अब सिर्फ संपर्क का माध्यम नहीं, बल्कि नए अवसर, नई उम्मीद और विकसित भविष्य की आवाज बन गई हैं।
गांव में ही मिलेगी बैंकिंग सुविधा
सुकमा, ।कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को मजबूत करने और किसानों सहित आम ग्रामीणों को सहज वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने जिले के 39 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के ग्राम स्तरीय उद्यमियों को माइक्रो एटीएम का वितरण किया। इस पहल से अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।
माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध होने से ग्राम पंचायत स्तर पर ही किसानों को धान बिक्री की राशि सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से प्राप्त होने वाली राशि की नगद निकासी की सुविधा मिल सकेगी। किसान और ग्रामीण अपने गांव के अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पर एटीएम कार्ड के माध्यम से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे। इससे समय और आवागमन के खर्च की बचत होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और अधिक सुदृढ़ होगी।
विशेष रूप से उन हितग्राहियों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी साबित होगी, जिनका आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम सक्रिय नहीं है। ऐसे हितग्राही भी माइक्रो एटीएम के माध्यम से आवश्यक राशि निकाल सकेंगे। जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला में डीडीपी पंचायत शंकर बघेल, सीएससी राज्य कार्यालय रायपुर के सीनियर मैनेजर नीरज हरदेव तथा सीएससी जिला प्रबंधक शेख शाहरुख विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में माइक्रो एटीएम के संचालन एवं ग्रामीणों को बेहतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। जिला प्रशासन की इस पहल से सुकमा के गांवों में डिजिटल बैंकिंग का विस्तार होने के साथ ग्रामीणों को ‘बैंक आपके गांव में’ की तर्ज पर सुविधाजनक और सुलभ वित्तीय सेवाएं उपलब्ध होंगी।
दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचेगा बहनों का स्नेह
सुकमा, । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, सुकमा द्वारा जिले के पुलिस जवानों के लिए विशेष ‘रक्षा सूत्र’ अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विभाग की ओर से पुलिस अधीक्षक, सुकमा को राखियां भेंट की गईं, जिन्हें जिले के सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा। परिवार से दूर रहकर कर्तव्य निभा रहे इन जवानों तक बहनों का स्नेह, शुभकामनाएं और आशीर्वाद पहुंचाने की यह पहल उनके त्याग और समर्पण के प्रति सम्मान की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है।
‘रक्षा सूत्र’ अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन ने सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ अपनत्व और सामाजिक जुड़ाव का संदेश दिया। विभाग की ओर से कहा गया कि हमारे भाई दिन-रात देश और समाज की रक्षा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, ऐसे में रक्षाबंधन पर उनके प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है। यह रक्षा सूत्र उनके लिए केवल राखी नहीं, बल्कि समाज के विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात जवानों को भी पर्व की खुशियों और अपनेपन का एहसास मिलेगा।
बाल विवाह रोकने प्रशासन की त्वरित पहल
सुकमा, । जिले के मासापारा कावराकोपा, तोंगपाल क्षेत्र में गुरुवार को बाल विवाह की सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल संयुक्त कार्रवाई की। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शिवदास नेताम एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी जितेंद्र सिंह बघेल के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन, सेक्टर सुपरवाइजर एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मासापारा कावराकोपा पहुंची और बाल विवाह रोकने के लिए आवश्यक समझाइश एवं कार्रवाई की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के एक युवक द्वारा महारापारा हमीरगढ़ निवासी 16 वर्षीय बालिका को विवाह के उद्देश्य से अपने साथ घर लाया गया था। स्थानीय परंपरा के अनुरूप विवाह की तैयारी की जा रही थी, जबकि बालिका के परिवार की सहमति नहीं थी। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। समझाइश के बाद युवक पक्ष ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई तथा बालिका ने भी इसे स्वीकार किया।
बालिका की सुरक्षा एवं सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए संयुक्त टीम उसे उसके गृहग्राम लेकर पहुंची, लेकिन वहां परिजन उपस्थित नहीं मिलने पर नियमानुसार बालिका को सुरक्षित रूप से सुकमा लाया गया। बाल कल्याण समिति के समक्ष आवश्यक कार्यवाही पूर्ण होने तक बालिका को सखी सेंटर में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया है। कार्रवाई के दौरान घोषणा-पत्र लिया गया, पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित पक्षों को बाल विवाह कानून के तहत संभावित वैधानिक कार्रवाई से अवगत कराया गया।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) सुश्री मनीषा शर्मा, सेक्टर सुपरवाइजर सुश्री गंगोत्री ठाकुर, चाइल्ड लाइन परियोजना समन्वयक अमित मरावी, चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर अमित नाग, केस वर्कर मुड़ा पोडियामी, श्रीमती गमेश्वरी करतम, आउटरीच वर्कर सुश्री अंजली वेट्टी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम सचिव एवं रोजगार सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से बाल विवाह को रोकने के साथ ही नाबालिग बालिका की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, जो जिले में बाल अधिकारों के संरक्षण और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सुकमा जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का मैदानी निरीक्षण
सुकमा, । जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य तेजी से जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर अमित कुमार ने शुक्रवार को सुकमा विकासखंड के ग्राम रामाराम, पातर सुकमा एवं केरलापाल पहुंचकर सर्वेयरों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर किसानों से चर्चा करते हुए सर्वे की प्रगति, प्रक्रिया एवं गुणवत्ता का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पटवारियों को निर्देशित किया कि सर्वेयरों द्वारा सर्वे कार्य पूर्ण किए जाने के पश्चात प्रतिदिन प्राप्त प्रविष्टियों का नियमित रूप से अनुमोदन किया जाए, ताकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण हो सके। उन्होंने सर्वे कार्य में सटीकता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान अपर कलेक्टर शबाब खान, तहसीलदार गिरीश निंबालकर एवं अधीक्षक भू-अभिलेख ऋषिकेश सलाम सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक एवं अद्यतन जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज की जा रही है। इस वर्ष मैन्युअल गिरदावरी की जगह डिजिटल क्रॉप सर्वे की नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत जिले के 262 ग्रामों में सर्वे कार्य किया जाना है। इससे फसल संबंधी आंकड़ों के संधारण में अधिक पारदर्शिता एवं सटीकता आएगी तथा कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। सर्वे कार्य में स्थानीय युवक-युवतियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है तथा सर्वेयरों को प्रति खसरा 10 रुपये की दर से मानदेय प्रदान किया जाएगा। प्रशासन की इस पहल से आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने और कृषि संबंधी अभिलेखों को अधिक विश्वसनीय एवं डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
लाइवलीहुड कॉलेज में हथकरघा और सिल्क से संबंधित कौशल प्रशिक्षण का किया शुभारंभ
सुकमा । छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव तथा जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने मंगलवार को सुकमा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान संवेदनशील प्रशासन और विकासोन्मुखी नेतृत्व की मिसाल पेश की। जिला कार्यालय में अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने विभिन्न विकास और पुनर्वास योजनाओं का जमीनी स्तर पर सघन मुआयना किया। इस दौरान कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर एवं जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर भी उनके साथ मौजूद रहे।
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर कदम: शासन की पुनर्वास एवं कौशल उन्नयन नीति को गति देते हुए प्रभारी सचिव लाइवलीहुड कॉलेज पहुंचे, जहां मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। इस 2 माह के व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा 20 युवाओं को कोसा से सिल्क निकालने, उन्नत हथकरघा पर साड़ी बुनाई तथा आधुनिक सिलाई का पूरा हुनर सिखाया जाएगा, जिससे वे सम्मानजनक आजीविका से जुड़कर स्वावलंबी बन सकें।
आत्मीयता और संवेदनशीलता का परिचय :
इसके पश्चात राणा पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने युवाओं से सीधा व आत्मीय संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। युवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए 20 लोगों को मोबाइल फोन वितरित किए गए। प्रशासन की संवेदनशीलता तब और निखरकर सामने आई, जब प्रभारी सचिव ने पुनर्वासित युवाओं द्वारा अपने हाथों से बनाए गए भोजन को उनके साथ जमीन पर बैठकर साझा किया। इस अपनत्व भरे व्यवहार ने युवाओं में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया।
पर्यटन विकास और बच्चों से संवाद :
अपने प्रवास के अंतिम चरण में प्रभारी सचिव प्रसिद्ध तुंगल डैम पहुंचे। डैम की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने कलेक्टर अमित कुमार को इसे एक प्रमुख और सुव्यवस्थित टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित करने के आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने वहां भ्रमण पर आए स्कूली बच्चों से स्नेहपूर्वक मुलाकात की और उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी लेते हुए उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया।
सुशासन से समृद्धि की ओर सुकमा, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशासन सख्त
सुकमा । सुकमा जिले को शांति, सुरक्षा और समृद्धि की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शासन की फ्लैगशिप योजनाओं और सुशासन तिहार के आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास की उपलब्धियां केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने टीम भावना के साथ दोगुनी गति से कार्य करने और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की बात कही। बैठक में कलेक्टर अमित कुमार भी उपस्थित रहे।
जिले की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, उद्यानिकी, आजीविका और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया है। कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार करने, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गर्भवती माताओं की होम डिलीवरी कम करने के लिए पूर्व नियोजित रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूर्ण करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के साथ सभी शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
रोजगार और आत्मनिर्भरता को विकास का आधार बनाते हुए युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ने तथा स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नए अवसर सृजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। रेशम पालन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन यूनिट की कार्ययोजना तैयार करने, वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण रोजगार एवं मानव दिवस सृजन बढ़ाने तथा पीएम सूर्यघर योजना में सक्रियता के साथ प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रमाण-पत्र निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी हितग्राहियों को उपलब्ध कराने और राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने को कहा गया। सभी शासकीय फाइलों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने तथा प्रत्येक विभाग को अपनी प्राथमिकताएं तय कर परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी सचिव राणा ने कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, लाइवलीहुड तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सुकमा का विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देगा। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और नक्सल पुनर्वास नीति को विकास कार्यों से जोड़कर जिले में स्थायी शांति, विश्वास और आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार करने की दिशा में प्रशासन निरंतर आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर अमित कुमार ने प्रभारी सचिव राणा को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करते हुए विभागीय समन्वय के साथ विकास कार्यों को गति दी जाएगी। प्रशासन के इस समन्वित और मिशन मोड प्रयास से सुकमा में विकास की नई संभावनाओं को धरातल पर उतारने और जिले की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को सकारात्मक रूप से बदलने की मजबूत पहल दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से पुनर्वास तक, सुकमा में दिखी विकास की नई रफ्तार
सुकमा । चेन्नई से आए मीडिया अध्ययन दल ने कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिले में शासन की विकासपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी अवलोकन किया। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), चेन्नई द्वारा आयोजित मीडिया परिचय यात्रा के तहत सोमवार को पीआईबी चेन्नई के डायरेक्टर अरुण कुमार पी. के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बस स्टैंड, तुंगल डैम, पुनर्वास केंद्र और मिनपा कैंप का भ्रमण कर सुकमा में बदलती तस्वीर को करीब से जाना।
मीडिया प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर से मुलाकात कर जिले में विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल प्रभाव से बाहर निकल रहे क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। एएसपी रोहित शाह ने बस्तर की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं से प्रतिनिधियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के साथ विकास को प्राथमिकता देते हुए शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने शासन की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणामों को भी करीब से देखा। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को आवास सहित 29 से अधिक शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है तथा उन्हें कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मीडिया प्रतिनिधियों ने पुनर्वास नीति के माध्यम से प्रभावित परिवारों के जीवन में आ रहे बदलावों और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
बस स्टैंड पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत संचालित बसों का अवलोकन करते हुए मीडिया दल ने ग्रामीण यात्रियों से संवाद किया और योजना से मिल रही परिवहन सुविधा की जानकारी ली। इसके बाद तुंगल कैफे में कार्यरत महिलाओं से बातचीत की, जहां पांच पुनर्वासित महिलाएं और पांच नक्सल पीड़ित परिवारों की सदस्य मिलकर कैफे का संचालन कर रही हैं। रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती इन महिलाओं की कहानी ने प्रतिनिधियों को प्रभावित किया और यह पहल शासन की पुनर्वास नीति के मानवीय एवं रोजगारपरक स्वरूप का उदाहरण बनी।
सुकमा के पुनर्वास केंद्र और मिनपा कैंप के भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों और पुनर्वासित परिवारों से संवाद कर जमीनी बदलावों को समझा। प्रतिनिधिमंडल ने सुकमा में सुरक्षा, विकास, पुनर्वास और जनकल्याण के समन्वित प्रयासों को सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला बताया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी शंकर बघेल, सहायक नोडल अधिकारी सुखसागर वारे, डीएसपी सुकमा सौरभ उइके सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
सेवा सेतु से मिली त्वरित आय प्रमाण पत्र की सुविधा, छात्रवृत्ति प्रक्रिया हुई आसान
आकाश ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
सुकमा, 19 अगस्त 2026
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को मिल रही त्वरित एवं सहज प्रशासनिक सेवाओं का लाभ अब विद्यार्थियों को भी समय पर मिल रहा है। ग्राम रामपुरम निवासी एवं पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल, सुकमा के कक्षा 10वीं के छात्र पोडियामी आकाश, पिता पोडियामी जोगा ने छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक आय प्रमाण पत्र हेतु 13 अगस्त को तहसील कार्यालय सुकमा में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। खास बात यह रही कि आवेदन के महज एक दिवस के भीतर उन्हें आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।
आय प्रमाण पत्र समय पर प्राप्त होने से आकाश ने बिना किसी विलंब के इसे अपने विद्यालय में जमा कर दिया और उनकी छात्रवृत्ति का ऑनलाइन आवेदन भी निर्धारित समय-सीमा में सफलतापूर्वक पूरा हो गया। त्वरित सेवा मिलने से विद्यार्थी को न केवल कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली, बल्कि उसकी छात्रवृत्ति प्रक्रिया भी समय पर पूरी हो सकी। आकाश ने सेवा सेतु पोर्टल को विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए उपयोगी एवं सुविधाजनक बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
पोडियामी आकाश ने नागरिकों को ऐसी सुविधाजनक और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन सुकमा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु जैसे डिजिटल माध्यमों से सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और शीघ्र उपलब्ध हो रही हैं, जिससे विशेष रूप से विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिल रही है। प्रशासन की इस पहल से नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ रहा है और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
सुकमा के 5 बच्चों का अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में चयन, कलेक्टर ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
सुकमा । जिले के पांच प्रतिभावान बच्चों का वर्ष 2025-26 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत मेरिट के आधार पर चयन हुआ है। चयनित छात्र शुक्रवार को कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात करने पहुंचे। कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को राज्य के उच्चस्तरीय निजी विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निजी शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जाती है। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिल रहा है।
सुकमा के इन पांच विद्यार्थियों ने हासिल की सफलता :
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों में ग्राम बुडदी, तहसील सुकमा की कु. करुणा बघेल, गांधी नगर सुकमा के सिद्धार्थ दास, ग्राम हमीरगढ़ के प्रमोद नाग, गांधी नगर सुकमा के अमन दास तथा ग्राम पाकेला की कु. सुष्मिता यादव शामिल हैं। चयनित विद्यार्थियों को संस्कार द गुरुकुल स्कूल बस्तर तथा हम अकादमी जगदलपुर में अध्ययन का अवसर मिलेगा। इन बच्चों की सफलता जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।
शिक्षा का संपूर्ण व्यय श्रम विभाग करेगा वहन :
चयनित विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित संपूर्ण व्यय छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, श्रम विभाग, सुकमा द्वारा वहन किया जाएगा। इस अवसर पर जिला श्रम अधिकारी सुनीता जोशी, सहायक श्रम पदाधिकारी सत्यानंद नाग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस कल्याणकारी पहल से श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर भविष्य की मजबूत नींव मिल रही है।
रक्षाबंधन पर्व को लेकर खाद्य प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान
मिलावट पर प्रशासन की पैनी नजर
सुकमा, 19 अगस्त 2026
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा ‘खाबो, बने रहीबो’ अभियान के तहत जिलेभर के मिष्ठान्न भंडारों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में शुरू हुए सात दिवसीय विशेष अभियान का उद्देश्य त्योहारी सीजन में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अभियान के तहत मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता एवं मिलावट की स्थिति की जांच की जा रही है।
अभिहित अधिकारी श्री अजय सिंह ने मिष्ठान्न विक्रेताओं को मिठाइयों के निर्माण की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि दूध से निर्मित मिठाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें निर्धारित अवधि में ही उपयोग करने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
रक्षाबंधन पर्व पर नागरिकों को सुरक्षित और शुद्ध मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग द्वारा मिलावट की रोकथाम के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति व्यापारियों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही मिठाइयां खरीदें और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं ताजगी पर विशेष ध्यान दें, ताकि पर्व का उत्सव सुरक्षित और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
पीएम आवास योजना और वीबी जी रामजी की समीक्षा बैठक
आवास निर्माण में लाएं तेजी, रोजगार सहायकों को प्रतिदिन मस्टररोल जनरेट करने के निर्देश
30 अगस्त तक लंबित आवास पूर्ण करने के निर्देश
सुकमा, 19 अगस्त 2026
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने वीबी-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले भर में संचालित कार्यों की वास्तविक स्थिति, लंबित आवासों और हितग्राहियों को मिलने वाली किस्तों के भुगतान की बिंदुवार समीक्षा की गई। सीईओ ने मैदानी अमले को दो-टूक निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निर्माण कार्यों में गति लाने और ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिए आवास मित्रों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को प्रतिदिन मस्टररोल जनरेट करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के तहत स्वीकृत सभी आवासों में लंबित प्रथम किस्त का शत-प्रतिशत भुगतान कर निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने और द्वितीय किस्त प्राप्त कर चुके निर्माणाधीन आवासों को तेजी से पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रथम किस्त के बाद वीबी-जी राम जी के तहत मस्टररोल जोड़कर पात्र हितग्राहियों को आवास के साथ-साथ सुनिश्चित रोजगार का दोहरा लाभ दिया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना और वर्ष 2016 से 2023 तक के पुराने लंबित आवासों को प्राथमिकता के आधार पर हर हाल में 30 अगस्त तक पूर्ण कराने की सख्त समय-सीमा तय की गई है। सीईओ ने सभी अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को नियमित फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को उसका पक्का आशियाना समय पर मिल सके और सभी लंबित मामलों का त्वरित निराकरण हो।
कभी हाथों में थी बंदूक, अब शान से लहराया तिरंगा
सुकमा । स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सुकमा के पुनर्वास केंद्र में देशभक्ति और नई उम्मीदों का भावपूर्ण नजारा देखने को मिला। केंद्र में 112 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने हाथों में तिरंगा थामकर भाईचारे, शांति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। कभी जिन हाथों में एके-47 जैसी बंदूकें थीं, वही हाथ आज तिरंगा लेकर समाज की मुख्यधारा में लौटने और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का संकल्प लेते नजर आए।
80वें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर का पुनर्वास केंद्र पहुंचना विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा। उन्होंने ध्वजारोहण के लिए पुनर्वासित महिला अमीला पदामी को आमंत्रित कर न केवल उन्हें सम्मान दिया, बल्कि पुनर्वासित युवाओं के भीतर आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना को भी मजबूत किया। एसपी गुर्जर के इस संवेदनशील और सकारात्मक कदम की उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
एसपी मयंक गुर्जर के आमंत्रण के बाद पुनर्वासित महिला अमीला पदामी के हाथों तिरंगा फहराए जाने का क्षण पुनर्वास केंद्र के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक बन गया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान की गूंज के बीच सभी पुनर्वासित युवाओं ने तिरंगे को सलाम किया। यह दृश्य इस बात का जीवंत संदेश बना कि सही अवसर, विश्वास और मार्गदर्शन मिलने पर हिंसा के रास्ते से लौटे युवा भी देश के विकास और समाज की मजबूती में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि बदलाव और पुनर्निर्माण की प्रेरक तस्वीर भी बना। शासन-प्रशासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे इन युवाओं के हुनर और उम्मीदों को नई दिशा मिल रही है। कार्यक्रम में हरिशंकर साहू, क्रांति बघेल, सुमन मौर्य, भगत यादव, राजेश तिग्गा, किच्चे मुका, सोढ़ी भीमा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। तिरंगे की छांव में मनाया गया यह पर्व सुकमा में शांति, विश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक बनकर सामने आया।
सरस्वती शिशु मंदिर में डिजिटल-एआई स्मार्ट कक्षाओं का शुभारंभ
सुकमा । आदिवासी बाहुल्य सुकमा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत हुई है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर सुकमा में डिजिटल एंड्रॉयड एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम आधारित स्मार्ट कक्षाओं का भव्य शुभारंभ राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस पहल से अब वनांचल के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, ऑडियो-वीडियो माध्यम और इंटरैक्टिव शिक्षण के जरिए महानगरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।
शुभारंभ समारोह में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए अधोसंरचना विकास के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को शिक्षा से जोड़ना आज की आवश्यकता है और ऐसे प्रयास दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी, नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे और पार्षद रंजीत बारठ, रमेश कर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भारतीय संस्कृति, संस्कार और आधुनिक तकनीक के समन्वय को विद्यालय की इस पहल का आधार बनाया गया है। शबरी शिक्षण समिति के पदाधिकारियों के अनुसार स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्य-श्रव्य एवं तकनीकी माध्यमों से सरलता से समझने का अवसर मिलेगा। AI आधारित शिक्षण व्यवस्था बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और डिजिटल कौशल विकसित करने के साथ उन्हें 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार करेगी।
इस अवसर पर शबरी शिक्षण समिति के अध्यक्ष मनोज देव, उपाध्यक्ष भुवनेश्वरी यादव, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र चांडक, व्यवस्थापक सह सचिव ललित गांधी, प्राचार्य किशोर कुमार यादव सहित प्रबंधकारिणी के सदस्य एवं विद्यालय परिवार मौजूद रहा। सुकमा जैसे वनांचल क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल न केवल शिक्षा के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर अवसरों तक पहुंच अब दूरस्थ अंचलों के बच्चों का भी अधिकार है।
जिला मुख्यालय सक्ती में गरिमामय ढंग से मनाया गया 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह
सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर - चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े ने किया जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण
सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर - चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज और परेड की ली सलामी
मुख्यमंत्री का जनता के नाम प्रेषित संदेश का किया गया वाचन
हर्षाेल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया सक्ती जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह
स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रीयता और देशभक्ति से ओत-प्रोत शानदार सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम की दी गई मनमोहक प्रस्तुति
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया सम्मानित
सक्ती, 15 अगस्त 2026
जिला मुख्यालय सक्ती में देश का अस्सीवां (80वां) स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति की भावना और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह कलेक्टर कार्यालय के निकट मैदान में गरिमामय और भव्य रूप से आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर - चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री का जनता के नाम प्रेषित स्वतंत्रता दिवस संदेश का वाचन किया। स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रीयता और देशभक्ति से ओत-प्रोत शानदार सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही इस अवसर पर शहीदों के परिजनों और मीशाबंदियों को साल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम का मंच संचालन व्याख्याता श्री देवाशीष बेनर्जी द्वारा किया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कमल किशोर पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री आयुष शर्मा, सांसद प्रतिनिधि श्री संजय रामचंद्र, श्री टिकेश्वर गबेल, श्री रामनरेश यादव, सुश्री अन्नपूर्णा राठौर सहित अन्य विभिन्न जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधिक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन, अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर श्री बालेश्वर राम, अपर कलेक्टर श्री के एस पैकरा, अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक श्री पंकज पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्री अरुण कुमार सोम, एसडीएम सक्ती सुश्री कावेरी मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रीतेश राजपूत, उच्च न्यायालय अधिवक्ता श्री चितरंजय पटेल, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के विभिन्न अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राए एवं जिलेवासी उपस्थित थे।
कलेक्टर कार्यालय के निकट मैदान में मुख्य अतिथि सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर - चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के बाद कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर के साथ परेड का निरीक्षण किया गया। मुख्य अतिथि सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर - चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े ने जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे भी छोड़े गए। समारोह में मुख्य अतिथि सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर - चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों से भेंट कर उन्हें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देने के साथ ही उन्हें शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में 8 प्लाटून की टीम ने हिस्सा लिया। जिसमें परेड कमांडर रक्षित निरीक्षक श्री उमेश राय रहे। कुल शामिल प्लाटून अंतर्गत प्रोफेशनल वर्ग में प्रथम पुरस्कार जिला पुलिस बल प्लाटून पुरुष वर्ग नेतृत्वकर्ता प्रशिक्षु उप निरीक्षक श्री राहुल वाजपेई, द्वितीय पुरस्कार जिला पुलिस बल प्लाटून महिला वर्ग नेतृत्वकर्ता प्रशिक्षु उप निरिक्षक सुश्री पूजा यादव और तृतीय पुरस्कार नगर सेना की प्लाटून नेतृत्वकर्ता श्री धलेंद्र कुमार मरावी को प्राप्त हुआ। इसी क्रम में परेड अनप्रोफेसनल वर्ग में प्रथम पुरुस्कार एनसीसी सीनियर प्लाटून बालक वर्ग श्री हिमेश राठौर, द्वितीय पुरुस्कार एनसीसी सीनियर प्लाटून बालिका वर्ग तथा तृतीय पुरुस्कार एनसीसी जूनियर विंग प्लाटून बालक वर्ग को प्राप्त हुआ।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर संस्कार पब्लिक स्कूल सक्ती, अनुनय कान्वेंट स्कूल सक्ती, गुंजन एजुकेशन स्कूल सक्ती, जेबीडीएवी स्कूल सक्ती सहित कुल 4 स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति की धुन पर आधारित शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति दी गई। जिसमें प्रथम पुरस्कार अनुनय कान्वेंट स्कूल सक्ती को, द्वितीय पुरस्कार जेबीडीएवी स्कूल सक्ती, तृतीय पुरस्कार गुंजन एजुकेशन स्कूल सक्ती को प्राप्त हुआ।