छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
खड़गवां विकासखण्ड में ग्रामीण सड़कों को नई दिशा - प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से विकास को मिली गति
ग्रामीण सड़क अवसंरचना को मजबूत और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से खड़गवां विकासखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) एवं राज्य शासन की विकास योजनाओं के तहत कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के निवासियों को सुगम परिवहन सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण जनजीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा।
सरकार द्वारा गांव-गांव तक “सड़क, सुविधा, समृद्धि” की नीति को मूर्त रूप देने की दिशा में ये परियोजनाएं एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, जिससे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार एवं अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
बोदेमुड़ा से गेलहाझरिया सड़क निर्माण - 2.0 किलोमीटर
बोदेमुड़ा से गेलहाझरिया तक 2.0 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। यह मार्ग ग्रामीण जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा। सड़क निर्माण के पूर्ण होने से वर्षभर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। साथ ही स्कूली बच्चों, मरीजों एवं वरिष्ठ नागरिकों को भी आवागमन में आसानी होगी। यह मार्ग स्थानीय व्यापार एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देते हुए क्षेत्र के आर्थिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
पीएमजीएसवाई मार्ग से बरपारा - कटकोना सड़क निर्माण - 3.0 किलोमीटर
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बरपारा से कटकोना तक 3.0 किलोमीटर लंबी संपर्क सड़क का निर्माण स्वीकृत किया गया है। इस मार्ग के निर्माण से कटकोना, बरपारा तथा आसपास के ग्रामों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी। किसानों एवं श्रमिकों को बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी तथा वर्षा ऋतु में भी परिवहन निर्बाध रहेगा। यह सड़क ग्रामीण पर्यटन, सामाजिक कार्यक्रमों एवं जनसुविधाओं को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से खड़गवां विकासखण्ड में सड़क अवसंरचना को नई दिशा मिलेगी। सरकार की यह पहल न केवल भौतिक संपर्कता को सुदृढ़ करेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक विकास और जनकल्याण की गति को भी तेज करेगी।
जिले में जल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम
लिंक परियोजना से मिलेगा 100 लाख घन मीटर पानी
जिले के मनेंद्रगढ़-खड़गवां क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करने एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए एक महत्त्वाकांक्षी लिंक परियोजना प्रारंभ की जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में जल संरक्षण, कृषि विकास और पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के अंतर्गत खुटबंर नदी, केवई नदी एवं कनई नाला पर तीन प्रमुख जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। इन जलाशयों को आपस में लिंक नहरों द्वारा जोड़ा जाएगा, जिससे पानी का प्रवाह एक स्रोत से दूसरे में सुचारू रूप से हो सकेगा।
परियोजना की संरचना और प्रवाह प्रणाली
परियोजना के अनुसार, खुटबंर जलाशय से पानी केवई जलाशय में प्रवाहित होगा, और वहां से कनई जलाशय तक पहुंचेगा। इसके पश्चात कनई जलाशय से पानी हसिया नदी में छोड़ा जाएगा, जहाँ एक पिकअप वियर का निर्माण किया जाएगा। इसी पिकअप वियर से मनेंद्रगढ़ शहर की जलापूर्ति के लिए मुख्य नहर निकाली जाएगी। साथ ही एक प्रमुख नहर हसदेव नदी को पार करते हुए खड़गवां क्षेत्र तक पहुंचेगी तथा एक अन्य ब्रांच नहर बुंदेली ग्राम तक विस्तारित होगी।
सिंचाई और जल उपलब्धता में व्यापक लाभ
इस महत्वपूर्ण लिंक परियोजना के माध्यम से गंगा बेसिन से महानदी बेसिन में लगभग 100 लाख घन मीटर पानी स्थानांतरित किया जाएगा। इससे मनेंद्रगढ़ एवं खड़गवां विकासखण्ड के लगभग 50 ग्रामों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही पेयजल आपूर्ति में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके अतिरिक्त केल्हारी क्षेत्र के ग्रामों को भी पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादकता में वृद्धि और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा।
जल संरक्षण और सतत विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल
यह लिंक परियोजना एमसीबी जिले के लिए जल क्रांति का प्रतीक सिद्ध होगी। इससे क्षेत्र में जल संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग, भूजल स्तर में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना पूर्ण होने पर जिले की सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, फसल उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी होगी तथा दीर्घकालीन पेयजल संकट का समाधान संभव होगा। एमसीबी जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग इस परियोजना को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे क्षेत्र के किसानों और नागरिकों को स्थायी राहत मिल सके। इस परियोजना से क्षेत्र में डेयरी और मछली पालन जैसे गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) : एमसीबी जिले में प्रगति तेज, बेघरों को मिल रहा पक्का घर का लाभ
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से जारी है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्य एवं स्वीकृत आवासों की संख्या के अनुसार जिले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
वर्ष 2024-25 का लक्ष्य एवं उपलब्धि
सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए जिले को 15,296 आवासों का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें से अब तक 13,153 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं 6,918 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और शेष आवासों पर कार्य तेजी से जारी है। ग्रामीण परिवारों को समय पर मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है।
वर्ष 2025-26 का लक्ष्य
आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के लिए 2,949 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 2,399 आवास स्वीकृत हो चुके हैं। शेष स्वीकृति प्रक्रिया प्रगति पर है तथा जल्द ही पात्र हितग्राहियों को सूची में शामिल किया जाएगा।
लाभार्थियों में उत्साह
पक्के मकान मिलने से लाभार्थी परिवारों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की इस योजना ने उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया है। जिले के दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों तक आवास योजना का लाभ पहुँचाने के लिए प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से एमसीबी जिला सरकार के “सबके लिए आवास” संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समयावधि में सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जा सके।
कई थानों के बदले प्रभारी, एसपी ने जारी किया आदेश..
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर । एमसीबी जिले की पुलिस में फेरबदल हुआ है। एसपी रत्ना सिंह ने कई थानों के प्रभारियों को बदल दिया है। जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक दीपेश सैनी को खडगंवा से मनेन्द्रगढ़ थाना का प्रभारी बनाया गया हैं। निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को रक्षित केंद्र मनेन्द्रगढ़ से पोंडी प्रभारी, निरीक्षक मनीष धुर्वे को थाना प्रभारी पोंड़ी से प्रभारी जिला विशेष शाखा अजाक प्रकोष्ठ, निरीक्षक विवेक पाटले को प्रभारी अजाक से प्रभारी सायबर सेल तथा उप निरीक्षक सुनील तिवारी को थाना प्रभारी मनेन्द्रगढ़ से थाना प्रभारी खडगंवा भेजा गया है।
सभी पुलिस अधिकारियों को नये थाने में तत्काल आमद देने के एसपी ने निर्देश दिये हैं।
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सेजस स्कूल मनेंद्रगढ़ में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बाल दिवस पर कहानी लेखन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
एमसीबी/06 नवम्बर 2025/
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के अंतर्गत आज सेजस स्कूल मनेंद्रगढ़ में बाल दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायी एवं सृजनात्मक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “हर बालिका राष्ट्र की पूंजी” तथा कहानी लेखन प्रतियोगिता का विषय “मेरे सपनों का भविष्य” रखा गया, जिसके माध्यम से बालिकाओं को अपने विचारों, आकांक्षाओं और सपनों को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला। यह कार्यक्रम जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. खाती के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला मिशन समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा द्वारा किया गया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के मन की बातों को जानना, उनके आत्मविश्वास को सशक्त बनाना तथा उन्हें अपने सपनों को साकार करने की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी कहानियों के माध्यम से विचार प्रस्तुत किए, जिनमें उनके उज्ज्वल भविष्य और सशक्त भारत की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
इस अवसर पर सेजस स्कूल की प्राचार्या श्री रामासरिया शर्मा, शिक्षक इरफान खान, तथा विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मिशन शक्ति महिला एवं बाल विकास विभाग से जेंडर विशेषज्ञ सुश्री शैलजा गुप्ता, वित्तीय साक्षरता समन्वय विशेषज्ञ श्रीमती अनीता कुमारी शाह, तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक श्रीमती प्रियंका राजवाड़े की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया। जिला मिशन समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा ने कहा कि “यह प्रतियोगिता केवल कहानी लेखन का माध्यम नहीं, बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति को नई उड़ान देने का प्रयास है।” उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम जिले के अन्य विद्यालयों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बालिकाओं को जागरूक किया जा सके और उन्हें अपने सपनों को साकार करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त हो। अंत में निर्णायकों द्वारा उत्कृष्ट कहानियों का चयन किया गया तथा सभी प्रतिभागी बालिकाओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम उत्साह, हर्षोल्लास और सृजनात्मक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ।
जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता 9 से 10 नवम्बर तक
सेंट पेट्रिक एकेडमी लालपुर में होगा आयोजन, दो आयु वर्ग की महिला खिलाड़ी लेंगी हिस्सा
एमसीबी, 05 नवम्बर 2025
महिला सशक्तिकरण और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 09 नवम्बर से 10 नवम्बर 2025 तक सेंट पेट्रिक एकेडमी, लालपुर में किया जाएगा। यह प्रतियोगिता जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। इस आयोजन में जिले के सभी विकासखण्डों से महिला खिलाड़ी भाग लेंगी। प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है।
प्रथम वर्ग - 09 से 18 वर्ष तक
द्वितीय वर्ग - 18 से 35 वर्ष तक
प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर चयन प्रतियोगिताओं के आयोजन के पश्चात जिला स्तरीय खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। जनकपुर विकासखण्ड में महिला खेल प्रतियोगिता 06 नवम्बर, खड़गवां विकासखण्ड में 07 नवम्बर, तथा मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड में 08 नवम्बर 2025 को संपन्न होगी। इन प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ी जिला स्तरीय मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए पंजीयन फार्म, आधार कार्ड की प्रति एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य किया गया है। आयोजन समिति ने बताया कि सभी प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क पंजीयन सुविधा उपलब्ध रहेगी तथा प्रतियोगिता के दौरान भोजन, आवास और आवश्यक खेल सामग्री की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं में खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करना है। खेल के माध्यम से महिलाएं न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनेंगी, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भी विकसित होगी। प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, बैडमिंटन जैसी विभिन्न खेल विधाओं को शामिल किया गया है। जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित होने का अवसर भी मिलेगा। खेल अधिकारियों से इन नम्बरों +91-8109590904 तथा +91-7000487964 पर सम्पर्क किया जा सकता है। महिला खिलाड़ियों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि यह प्रतियोगिता जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को नयी दिशा प्रदान करेगी।
जनशक्ति, संस्कृति और विकास का संगम बना जिले की रजत जयंती राज्योत्सव 2025 का भव्य समापन
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 तीन दिवसीय आयोजन में झलकी परंपरा, प्रगति और गौरव की झांकी
एमसीबी, 05 नवम्बर 2025
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 का तीसरा एवं अंतिम दिन अद्भुत उल्लास, गौरव और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन के समापन अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे जिले में हर्ष, उमंग और एकता का वातावरण छा गया। नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे अविस्मरणीय बना दिया।
नवा छत्तीसगढ़ की भावना से ओत-प्रोत रहा आयोजन
राज्य की रजत जयंती के अवसर पर एमसीबी जिला संस्कृति, विकास और जनसहभागिता का केंद्र बन गया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और तकनीकी प्रदर्शनों का संगम देखने को मिला, जिसने जन-जन को अपनी जड़ों और राज्य की गौरवगाथा से जोड़ा।
मुख्य अतिथि की उपस्थिति से बढ़ा गौरव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, जनपद अध्यक्ष, नगर निकाय प्रमुख एवं जिले के अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर राज्य गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
विभागीय प्रदर्शनी और योजनाओं का लाभ वितरण
राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए 20 से अधिक विभागीय स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने। शासन की योजनाओं, नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभ भी वितरण किए गए। श्रमिक पंजीयन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मोटराइज्ड साइकिल, व्हीलचेयर, वनाधिकार पट्टा, स्वच्छता किट, आइस बॉक्स और मछली पकड़ने के जाल जैसी सुविधाएँ लाभार्थियों को प्रदान की गईं।
विधायक रेणुका सिंह और मंत्री जायसवाल ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद भी किया।
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने रखी जिले की विकास गाथा
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने स्वागत भाषण में कहा कि एमसीबी जिला वर्ष 2022 में गठन के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, पर्यटन और आजीविका मिशन में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव आत्ममंथन का अवसर है कृ यह सोचने का समय है कि अगले 25 वर्षों में “नवा छत्तीसगढ़” को किस ऊँचाई तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव “जनसेवा, जनभागीदारी और जनविश्वास” का प्रतीक बन चुका है।
‘जनता के परिश्रम की गाथा है यह रजत जयंती’ - रेणुका सिंह
मुख्य अतिथि श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यात्रा विकास, स्वाभिमान और जनसहभागिता की मिसाल है। यह रजत जयंती जनता के परिश्रम, मातृशक्ति के समर्पण और युवाओं के सपनों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य आत्मनिर्भरता और जनकल्याण की दिशा में अग्रसर है।
एमसीबी जिला गठन के केवल तीन वर्षों में प्रदेश के उभरते जिलों में शामिल हो चुका है, जहाँ हर गांव में सड़क, हर घर में बिजली और हर दिल में “छत्तीसगढ़िया गर्व” का भाव है।
2047 तक पूर्ण विकसित राज्य का लक्ष्य - स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रजत जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि विकास की कहानी है। उन्होंने वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को पूर्ण विकसित राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से लाखों नागरिकों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
लोकसंस्कृति और जनशक्ति का जीवंत उत्सव
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में पंथी, राउत नाचा, करमा नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि ने जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और वनोपज आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी ने “आत्मनिर्भरता” का संदेश दिया।
‘हमर छत्तीसगढ़, हमर गौरव’ के उद्घोष के साथ हुआ समापन
समापन अवसर पर पूरे परिसर में “जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” के नारे गूंज उठे। उपस्थित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने राज्य गीत के साथ एक स्वर में एकता और प्रगति का संदेश दिया।
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उत्सव “नए संकल्प, नई ऊँचाइयों और नई उपलब्धियों” की ओर अग्रसर “नवा छत्तीसगढ़” की यात्रा का आरंभ है।
रजत जयंती राज्योत्सव के समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएँ
छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा पर गर्व, जनभागीदारी और संस्कृति का हुआ सम्मान
छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती राज्योत्सव के समापन अवसर पर जिले में उल्लास और गर्व का वातावरण रहा। इस अवसर पर महापौर श्री रामनरेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने अपने भावपूर्ण उद्बोधनों में प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए समस्त नागरिकों को शुभकामनाएँ दीं।
महापौर रामनरेश राय ने अपने संबोधन में कहा कि “रजत जयंती केवल 25 वर्षों का उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मेहनत, संघर्ष और समृद्धि की यात्रा का प्रतीक है। मैं इस अवसर पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को सादर नमन करता हूँ, जिनकी दूरदृष्टि और नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ। आज प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और आने वाले समय में स्वर्ण जयंती की ओर और भी अधिक प्रगति और समृद्धि के साथ अग्रसर होगा।”
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने कहा कि “यह राज्योत्सव जनभागीदारी और विकास का उत्सव रहा है। सभी विभागों ने अपने स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी देकर जनता को जोड़ा है। हमारे स्कूली बच्चों और सांस्कृतिक दलों ने छत्तीसगढ़ की परंपरा और गौरव को मंच पर जीवंत कर दिया है।”
जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने कहा कि “यह उत्सव हमारे विकास, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने जिस गति से प्रगति की है, वह हर नागरिक के परिश्रम और संकल्प का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुँचे और हर परिवार आत्मनिर्भर बने।”
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पूरे जिले में उत्सव का उल्लास और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली 25 वर्ष की यात्रा के प्रति गर्व का भाव परिलक्षित हुआ।
कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष लेख' : श्रद्धा और सौंदर्य का संगम - सिरौली मेला की गाथा
दक्षिणामुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी शताब्दी पुरानी कथा, कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ता जनसमूह
एमसीबी, 05 नवम्बर 2025

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का सिरौली ग्राम हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम बन जाता है। यहां स्थित दक्षिणामुखी संकट मोचन हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा स्थान भी है जहां इतिहास, किवदंती और लोकविश्वास एक सूत्र में गुंथे हैं। तीन दिवसीय सिरौली मेला का आरंभ होते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण व्याप्त हो जाता है।
जंगल की गोद से निकली आस्था की ज्योति
इतिहासकार एवं जिला पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय बताते हैं कि सिरौली मंदिर का उद्भव किसी स्थापत्य योजना से नहीं, बल्कि एक अनोखी दैवी प्रेरणा से हुआ। कहा जाता है कि लगभग सन 1924-25 से पूर्व यह इलाका घने जंगलों से घिरा था। स्थानीय गोवाहिकों को एक दिन जंगल के भीतर एक दिव्य प्रतिमा के दर्शन हुए। यह बात तत्कालीन कोरिया नरेश श्री रामानुज प्रताप सिंहदेव तक पहुंची। नरेश स्वयं अपने सेवकों के साथ इस रहस्यमयी स्थल पर आए। उन्होंने वृक्षों की सफाई कर प्रतिमा को खुदवाने का आदेश दिया, किंतु प्रतिमा का दाहिना पैर अनंत गहराई में धंसा हुआ था। रात में नरेश को स्वप्न में आदेश प्राप्त हुआ - “हनुमान जी की प्रतिमा को यहां पूजो, इसे कहीं और न ले जाओ।”
इस दैवी संकेत के बाद विक्रम संवत 2016 (1924-25 ई.) में दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की स्थापना की गई। मंदिर के प्रथम महंत स्वर्गीय नीलकंठ शुक्ल महाराज रहे। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर मेले की परंपरा प्रारंभ हुई, जो आज तक निरंतर जारी है।
मेले में उमड़ती श्रद्धा और उल्लास की लहर
हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिरौली का यह पावन स्थल श्रद्धालुओं से भर उठता है। दूर-दराज़ के गांवों से लोग पैदल, वाहन या बैलगाड़ी से यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में हनुमान जी के दर्शन, पूजा-अर्चना और मन्नतें मांगने वालों की भीड़ उमड़ती है। स्थानीय श्रद्धालु परंपरा के अनुसार भंडारे का आयोजन करते हैं। मेला प्रांगण में झूले, खिलौनों की दुकानें, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प, और खानपान के ठेले पूरे वातावरण को रंगीन बना देते हैं। बच्चों की हंसी और शंख-घंटियों की ध्वनि के बीच आस्था की यह महक सिरौली को एक जीवंत लोक उत्सव में बदल देती है।
प्रकृति की गोद में बसा यह तीर्थ
मंदिर से मात्र 50-60 मीटर दूरी पर हसदो नदी कलकल बहती है, जो स्थल को और अधिक पवित्र बनाती है। वहीं लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित उदलकछार जलप्रपात अपनी श्वेतधारा से पर्यटकों को मोह लेता है। श्रद्धा के साथ-साथ प्रकृति की यह सुषमा सिरौली को आध्यात्मिक और पर्यटन - दोनों दृष्टियों से विशिष्ट बनाती है।
लोक परंपरा की जीवंत धरोहर
सिरौली मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक है। एक सदी से अधिक समय से यह मेला निरंतर लोगों को जोड़ता आया है - पीढ़ी दर पीढ़ी भक्ति और परंपरा की यह ज्योति आज भी समान तेज से प्रज्वलित है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सिरौली की यह पवित्र भूमि आज भी यही संदेश देती है। “जहां आस्था है, वहीं संस्कृति जीवित है।”
मानसिक स्वास्थ्य के लिए "कभी-कभी ‘ना’ कहना ही सुकून पाने की शुरुआत होती है"
एमसीबी। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेन्द्रगढ़ (टी संवर्ग) जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा भावनात्मक प्रबंध पर पियर मेंटरशिप का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के अंतर्गत आज विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डी.राहुल वेंकट के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में डीईओ श्री आर पी मिरे के आदेश से समस्त विद्यालय के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, जिला नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम - NMHP) द्वारा किया गया, तथा इसमें श्री राजेश कुमार विश्वकर्मा, सहायक जिला नोडल अधिकारी (NMHP) का विशेष सहयोग रहा। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य एल्मा ज्योति बेक एवं शिक्षक पारस का भी सहयोग मिला। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना तथा किशोरावस्था में उत्पन्न मानसिक एवं भावनात्मक चुनौतियों को समझने हेतु प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण, तथा भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ नम्रता चक्रवर्ती ने बताया कि कभी कभी न बोलना और बीती बातों को जाने देना भी मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए ज़रूरी होता है। जिला स्वास्थ्य की टीम ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न विकासखंडों में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यालय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित
जिले के अंतर्गत संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था खड़गवां में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत “डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर” कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। संस्था द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थी 15 नवम्बर 2025 तक अपना आवेदन संस्था में स्वयं उपस्थित होकर जमा कर सकते हैं। यह योजना युवाओं को रोजगार पूरक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। कोर्स से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार संस्था में संपर्क कर सकते हैं।
जल जीवन मिशन: हर घर नल, हर घर जल योजना से लावाहोरी की लीलावती जीवन हुई आसान
28 अक्टूबर 2025
जल जीवन मिशन से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी और भरतपुर जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत घाघरा के ग्राम लावाहोरी निवासी श्रीमती लीलावती को अब शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। मिशन के तहत् हर घर नल हर घर जल योजना से घर पर ही शुद्ध जल मिलने से उनका जीवन आसान हो गया है।
गौरतलब है कि लावाहोरी में वर्षों से पानी की समस्या ने लोगों के जीवन को कठिन बना दिया था। यहाँ की महिला लीलावती बताती हैं कि पहले स्वच्छ पेयजल की तलाश में उन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर कुएँ या हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। बरसात के मौसम में कुएँ का पानी गंदा हो जाता था और गर्मियों में पानी सूख जाता था। ऐसे में घर के सारे काम, बच्चों की देखभाल और पीने के पानी का इंतजाम - सब कुछ एक संघर्ष बन गया था।
श्रीमती लीलावती बताती हैं कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन की सौगात इस गाँव तक पहुँची, तो लावाहोरी की तकदीर बदल गई। अब हर घर में नल से स्वच्छ जल उपलब्ध है और लोगों के चेहरे पर राहत और खुशी झलकने लगी है।
लीलावती बताती हैं कि अब हमें सुबह जल्दी उठकर पानी भरने के लिए दौड़ना नहीं पड़ता। नल खोलते ही साफ, ठंडा और सुरक्षित पानी घर में आता है। इससे न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर है। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। अब जो समय पहले पानी लाने में व्यर्थ जाता था, वही समय अब बच्चे की पढ़ाई और घर के अन्य कार्यों में लगाया जा रहा है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियाँ भी काफी हद तक कम हो गई हैं। यह योजना गाँव के हर घर तक पहुँचकर न केवल जल सुरक्षा का संकल्प पूरा कर रही है, बल्कि लोगों के जीवन में खुशहाली का संचार भी कर रही है। जल जीवन मिशन ने वास्तव में यह सिद्ध कर दिखाया है कि पानी सिर्फ आवश्यकता नहीं बल्कि जीवन का आधार है।
लीलावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जल जीवन मिशन हमारे जीवन की सबसे बड़ी सौगात है। अब हमें अपनी बेटियों के भविष्य की चिंता नहीं रहती, क्योंकि उन्हें पानी लाने के लिए पढ़ाई छोड़नी नहीं पड़ती। यह योजना हमारे गाँव के भविष्य को बदलने वाली है। आज लावाहोरी गाँव आत्मनिर्भर, स्वस्थ और खुशहाल गाँव के रूप में उभर रहा है। हर घर में नल से जल पहुँचाकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने विकास की उस धारा को गाँव तक पहुँचा दिया है, जो वास्तव में “जनसेवा से जनसुख तक” की भावना को साकार करती है। लीलावती की मुस्कुराहट आज पूरे गाँव की खुशी बन चुकी है। यह केवल पानी की नहीं बल्कि सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की कहानी है। जल जीवन मिशन ने साबित किया है कि जब सरकार की योजनाएं संवेदनशीलता और समर्पण के साथ धरातल पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि जीवन परिवर्तन का प्रतीक बन जाती हैं। लीलावती और उनके गाँव की यह सफलता कहानी आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल जिले के खड़गवां सीएचसी को मिला ISO प्रमाणपत्र
एमसीबी । छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए सरगुजा संभाग का पहला ISO प्रमाणित कोल्ड चेन प्वाइंट बनने का गौरव मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां ने हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के गृह ग्राम खड़गवां में उनके सतत प्रयासों और दिशा-निर्देशों के परिणाम स्वरूप संभव हुई है। वहीं इस सफलता के पीछे सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम की निरंतर मेहनत का अहम योगदान रहा।
कोल्ड चेन प्वाइंट खड़गवां को गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकताओं के पूर्ण अनुपालन में पाया गया है, जिसके चलते इसे ISO सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणपत्र स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रबंधन, पारदर्शिता और दक्षता का प्रतीक माना जा रहा है। इस प्रमाणन के साथ खड़गवां सीएचसी ने टीकों और रसद के सुरक्षित, वैज्ञानिक और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप भंडारण की नई मिसाल कायम की है। यहां सभी टीके CFC मुक्त और WHO प्रमाणित CCE तिथि वाले उपकरणों में अनुशंसित तापमान पर सुरक्षित रखे जाते हैं। आरआई टीकों और रसद की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी बनाने के लिए ईवीआईएन (eVIN) के माध्यम से ऑनलाइन वास्तविक समय में स्टॉक अपडेट किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है। दिन में दो बार तापमान दर्ज कर टीकों की प्रभावकारिता सुनिश्चित की जाती है, वहीं वेब-आधारित डेटा लॉगर प्रणाली से उच्चस्तरीय सतत निगरानी भी की जाती है।
टीकों की आपूर्ति में FIFO (First In First Out) ) और EEFO (Earliest Expiry First Out) दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है, जिससे शून्य अपव्यय (Zero Wastage) सुनिश्चित हो रहा है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार VVM (Vaccine Vial Monitor) आधारित आपूर्ति प्रणाली भी लागू की गई है। टीकों के भंडारण हेतु एक अलग ICE Pack Conditioning Area, निर्बाध बिजली आपूर्ति व्यवस्था, उचित रैंकिंग सिस्टम वाला सूखा भंडारण क्षेत्र, और प्रशिक्षित व दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता से यह केंद्र सरगुजा संभाग का मॉडल स्वास्थ्य संस्थान बन गया है। कोल्ड चेन प्वाइंट में NCCMIS सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपकरणों का सटीक प्रबंधन किया जा रहा है, साथ ही टीकाकरण अपशिष्ट निपटान प्रणाली को भी वैज्ञानिक और पर्यावरण हितैषी तरीके से अपनाया गया है।
मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल में लगातार बढ़ रही हैं स्वास्थ्य सुविधाएं
तीन माह में 1827 मरीजों को मिला उपचार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में मिली सफलता
एमसीबी, 24 अक्टूबर 2025

स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निरंतर प्रयासों से मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल ने जुलाई से सितंबर 2025 की अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अस्पताल की त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में कुल 1827 मरीजों को उपचार एवं देखभाल की सुविधा प्रदान की गई। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सतत सुदृढ़ीकरण और आमजन में बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। इस अवधि में 596 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC और 375 प्रसवोत्तर माताओं की देखभाल (PNC) की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता लगातार बढ़ रही है।
सामान्य बीमारियों के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में भी अस्पताल की चिकित्सा टीम ने त्वरित और प्रभावी सेवाएँ प्रदान कीं। एनीमिया के 150 , बुखार के 201, सड़क दुर्घटना (RTA) के 40, सर्पदंश के 53, भालू हमले के 5, विषाक्तता के 9 तथा जलने के 6 मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। इसके अलावा 80 सिजेरियन ऑपरेशन (LSCS) भी सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है, जो स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता का सकारात्मक संकेत है। यह सफलता अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भावना, समर्पण और जनसेवा के प्रति निष्ठा का परिणाम है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आने वाले महीनों में मरीजों की सुविधा के लिए नई चिकित्सा सेवाएँ और आधुनिक उपकरण जोड़े जाएंगे, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को और बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
ग्राम माड़ीसरई में रजत जयंती महोत्सव की गूंज, विभागीय योजनाओं से रोशन हुआ ग्रामीण विकास का मार्ग
कृषकों ने पाया आत्मनिर्भरता का मंत्र, रजत जयंती महोत्सव में उमड़ा जनसमूह और विकास का उत्साह
एमसीबी/23 अक्टूबर 2025
जिले के भरतपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत माड़ीसरई में रजत जयंती महोत्सव का आयोजन अत्यंत हर्षाेल्लास और ग्रामीण उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषकों को विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करना था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही ग्रामीणों, कृषकों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण विकास का आधार मजबूत किसान हैं, और आज राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं कृषकों के आर्थिक उत्थान की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को भी कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत कृषि स्थायी समिति सभापति श्रीमति सुखमंती सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए विभागों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष मायाप्रताप सिंह ने ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का किसान सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़कर आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभ बन सकता है।
कार्यक्रम में नरेश यादव, मंडल अध्यक्ष भरतपुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ कृषि क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। इसी क्रम में उद्यान विभाग, मत्स्य पालन विभाग, पशुधन विकास विभाग और कृषि विभाग द्वारा कृषकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मत्स्य पालन सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री गौठान न्याय योजना, उद्यानिकी मिशन, पशुधन संवर्धन योजना, जैविक खेती अभियान सहित कई योजनाओं के लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में श्रीमति अनिता चौधरी जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य भारती वेनवंश, जनपद सदस्य राजकली, कैलाश सिंह कृषि स्थायी समिति सभापति जनपद पंचायत भरतपुर, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, सरपंच ग्राम पंचायत माड़ीसरई, सरपंच ग्राम पंचायत हरचौका, सरपंच ग्राम पंचायत बड़वाही सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रमाशंकर मिश्रा ने की। इस दौरान समस्त कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे जिन्होंने कृषकों के सवालों का समाधान किया और योजनाओं के व्यवहारिक क्रियान्वयन पर चर्चा की।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में कृषकों को तकनीकी जानकारी, मिट्टी परीक्षण, बीज वितरण, पशु चिकित्सा सलाह एवं उद्यानिकी प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेष रूप से महिला कृषक समूहों ने जैविक खाद निर्माण, सब्जी उत्पादन, और पोल्ट्री फार्मिंग के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए। रजत जयंती महोत्सव के इस आयोजन ने ग्राम माड़ीसरई को विकास, एकता और जनसहभागिता का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों में गजब का उत्साह देखने को मिला, वहीं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर यह संदेश दिया कि जब शासन, प्रशासन और जनता एक साथ खड़े होते हैं तो विकास की कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती। कार्यक्रम का समापन सामूहिक धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां सभी ने मिलकर ग्राम के समग्र विकास के लिए संकल्प लिया।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों और अस्पताल स्टाफ के साथ मनाई दिवाली, फल और मिठाई किया वितरित
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 21 अक्टूबर 2025

दिवाली की संध्या के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंडगांव पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों तथा अस्पताल स्टाफ के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान श्री जायसवाल ने मरीजों और उनके परिजनों तथा अस्पताल स्टाफ को फल एवं मिठाई वितरित की। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित कर दिवाली का उत्सव मनाया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “बीमार व्यक्तियों की सेवा और उनका मनोबल बढ़ाना मेरे लिए दिवाली को सार्थक बनाता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को भी इस अवसर पर समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुई सम्पन्न, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु विभागों को दिए गए कड़े निर्देश
एमसीबी, 21 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन के सभा कक्ष में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक अनुज शर्मा, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. कमलप्रीत सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं परिषद के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में सचिव परिवहन विभाग एस. प्रकाश ने उपस्थित अधिकारियों का स्वागत करते हुए पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। इसके पश्चात् संजय शर्मा, अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने विभागवार समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के जनवरी से अगस्त तक प्रदेश में कुल 10,431 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.23% अधिक है। घायलों की संख्या 9,132 रही जो 8.64% की वृद्धि को दर्शाती है, वहीं 4,770 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई जो 2.51% अधिक है। वहीं मंत्री कश्यप ने इस चिंताजनक वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसंख्या के आधार पर दुर्घटनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण करें तथा रोकथाम हेतु ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों द्वारा दुर्घटनाओं में कमी लाने के सफल उपायों को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूली, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानों में छात्र केवल हेलमेट पहनकर ही प्रवेश करें। हाईवे और रिंग रोड पर बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि राज्य के 33 जिलों में जिला सड़क सुरक्षा समितियों की 264 निर्धारित बैठकों के मुकाबले केवल 108 बैठकें आयोजित हुईं, जिसे माननीय मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए और बैठक की जानकारी MORTH पोर्टल पर अपलोड कर समीक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में सड़क सुरक्षा प्रवर्तन कार्यों के अंतर्गत पुलिस विभाग ने जनवरी से अगस्त 2025 के दौरान 6,03,283 प्रकरणों में 26.95 करोड़ रुपए का शमन शुल्क वसूला, वहीं परिवहन विभाग ने 5,55,666 चालानी प्रकरणों से 115.54 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त की। पुलिस विभाग की यह कार्रवाई पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक रही। राज्य में वर्ष 2019 से अब तक चिन्हित 1000 ब्लैक स्पॉट में से 887 का सुधार कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 113 स्थानों पर कार्य शेष है। मंत्री ने शेष ब्लैक स्पॉटों के सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार 4273 चिन्हित जंक्शनों में से 3148 का सुधार कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 1125 स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि ट्रक ले-बाय के 55 में से 42 पूर्ण हो चुके हैं, बस ले-बाय के 558 में से 374 तैयार हैं तथा 11 में से 7 रेस्ट एरिया कार्य पूर्ण हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष कार्यों को तत्काल गति दी जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के त्वरित उपचार हेतु ट्रामा सेंटर्स और एम्बुलेंस सुविधाओं की जानकारी दी गई। रायपुर और सिमगा में ट्रामा स्टेब्लाइजेशन सेंटर प्रारंभ हो चुके हैं जबकि अन्य केंद्र निर्माणाधीन हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष केंद्रों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज योजना के तहत तत्काल लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा विभाग ने बताया कि सड़क सुरक्षा विषयक सामग्री को पहली से दसवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में संशोधित कर आगामी सत्र 2025-26 से लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। मंत्री ने स्कूलों में निबंध, वाद-विवाद, चित्रकला, क्विज, रैली और नुक्कड़ नाटक जैसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा माह के दौरान NSS] NCC और भारत स्काउट-गाइड के स्वयंसेवकों को जन-जागरूकता अभियानों में शामिल करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के माध्यम से अब तक 32,326 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और राज्य के आठ स्थानों पर ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर संचालित हैं, जहां अब तक 1,97,295 वाहनों का परीक्षण किया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि नए वाहन विक्रेता प्रशिक्षण के बाद ही वाहन विक्रय करें और यातायात नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस और डैशबोर्ड कैमरा की जांच नियमित रूप से की जाए। नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया गया और शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि iRAD और eDAR पोर्टल में एंट्री समय पर नहीं हो रही है, इसे सभी विभाग गंभीरता से लेकर समाधान करें। स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा की गई कि वह अपने पेशेंट एंट्री रजिस्टर को इस पोर्टल से जोड़े।
बैठक के अंत में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सड़क सुरक्षा परिषद का उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर दुर्घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के चार स्तंभ अभियांत्रिकी, प्रवर्तन, शिक्षा/जनजागरूकता और आकस्मिक उपचार के बीच तालमेल को और सशक्त बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर संविदा नियुक्तियां शीघ्र की जाएं, जिला सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें नियमित रूप से हों, प्रत्येक विभाग सड़क सुरक्षा पर ठोस कार्ययोजना बनाकर हर माह रिपोर्ट प्रस्तुत करे और मुख्यमंत्री द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की व्यक्त चिंता का पालन अनिवार्यतः किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां के कलेक्टर व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और कारणों का विश्लेषण कर रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करें। ब्लैक स्पॉटों के सुधार कार्यों से हुई प्रगति की जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
अंत में मंत्री ने जनता से अपील की कि सड़कें सबकी हैं, सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा यातायात नियमों का पालन करें, संयम से वाहन चलाएं, मोबाइल पर बात करते या नशे की हालत में वाहन न चलाएं। हेलमेट और सीट बेल्ट का सदैव उपयोग करें। किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करें, क्योंकि सड़क सुरक्षा मितान का सम्मान सरकार करेगी।
ग्राम बुंदेली में रजत जयंती महोत्सव मनाया गया
एमसीबी।छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजत जयंती महोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 17 अक्टूबर को विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम बुंदेली में विकासखण्ड स्तरीय रजत जयंती महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में हुई उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाना और भविष्य के छत्तीसगढ़ निर्माण में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करना रहा। आयोजन में ग्रामीणजन, किसान, महिलाएँ एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग द्वारा उप संचालक कृषि, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के मार्गदर्शन में किया गया। विभागीय अधिकारियों ने कृषकों को राज्य एवं केन्द्र पोषित कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी दी तथा कृषि से संबंधित समसामयिक विषयों पर चर्चा की। साथ ही आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी भी साझा की गई।
महोत्सव में समवर्गीय विभागों - जनपद पंचायत, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इससे ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया।इस अवसर पर जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के जनपद सदस्य श्री सुरेंद्र सिंह, श्रीमती सीता देवी आयाम, ग्राम पंचायत बुंदेली की सरपंच श्रीमती हेमा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।रजत जयंती महोत्सव के माध्यम से ग्रामीणों में उत्साह का संचार हुआ और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया गया।