छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
आम के फलोद्यान से ग्रामीण महिलाओं को मिला अतिरिक्त आय का साधन
एमसीबी । किसानों की उन्नति की राह में आवश्यक है कि उन्हें अतिरिक्त आय के साधनों से जोड़ा जाए। इसके लिए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर, मनेंद्रगढ़ एवं खड़गवां विकासखंडों में तैयार किए गए फलोद्यान अब स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका की अतिरिक्त आय सुनिश्चित कर रहे हैं।
विदित हो कि राज्य कार्यालय द्वारा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका विकास के लिए सृजन नामक सहयोगी संस्थान की मदद ली गई है। इस संस्था ने चयनित पंजीकृत श्रमिक परिवारों की बाड़ी में मनरेगा के तहत फलदार पौधों का रोपण कराया था। अब वे सभी परिवार आम के उत्पादन से अतिरिक्त आय का जरिया पा चुके हैं। निर्मित फलोद्यान अब रोजगार के साथ-साथ स्थायी आजीविका एवं अतिरिक्त आय के सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं।
136 उद्यान हुए तैयार :
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर, मनेंद्रगढ़ एवं खड़गवां विकासखंडों में मनरेगा के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2017-18 में 136 पंजीकृत परिवारों की बाड़ी में आम के फलोद्यान लगाए गए हैं। जिला पंचायत से स्वीकृति उपरांत किसानों के लिए तैयार किए गए इन फलोद्यानों की बुवाई और तैयार होने के लिए आवश्यक प्रबंधन में सृजन नामक सहयोगी संस्था द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। इन फलोद्यानों में महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
4 लाख रूपए की आय दर्ज :
जिला पंचायत एमसीबी द्वारा सृजन के सहयोग से तैयार सभी फलोद्यानों का सर्वे कराकर उनकी आय की गणना कराई गई है। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 70 महिला किसानों ने मिलकर करीब 4 लाख रूपए की आमदनी अर्जित की है, जो ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
70 महिला किसानों को सीधा लाभ :
फलोद्यान विकास कार्यक्रम का सबसे सकारात्मक पहलू ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी है। इस अभियान के तहत रोपे गए उद्यानों में से 70 महिला किसानों द्वारा करीब 4 लाख की आय अर्जित की गई है। फलोद्यान आधारित गतिविधियों से महिलाओं को परिवार की आय बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। भरतपुर क्षेत्र की सुनीता द्वारा 21 हजार 500, शांति ने 19 हजार तथा सुकवारिया ने 17 हजार की अतिरिक्त आय प्राप्त की है। कौशिल्या बाई की सफलता जिले के अन्य ग्रामीण परिवारों और महिला किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। आने वाले वर्षों में फलोद्यानों के पूर्ण फलन में आने के साथ उत्पादन और आय में और वृद्धि की संभावना है।
कौशिल्या बाई को सर्वाधिक आमदनी :
प्राप्त जानकारी अनुसार भरतपुर विकासखंड के खाड़ाखोह की निवासी कौशिल्या बाई पति चंद्रभान ने अपने आम के फलोद्यान से उल्लेखनीय आय अर्जित कर जिले में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस वर्ष कौशिल्या बाई के फलोद्यान में लगाए गए कुल 48 आम के पौधों में से कुल 40 पौधों में अच्छे फल आए। इन फलदार पौधों से उन्हें कुल 560 किलोग्राम आम का उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित आम में से 480 किलोग्राम आम को स्थानीय बाजार में 50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया और उन्हें कुल 24 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।
परिसंपत्ति निर्माण से आय सृजन तक :
जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से फलोद्यान स्थापित करने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जो आने वाले वर्षों में निरंतर लाभ एवं आय का माध्यम बनें। जिले में स्थापित फलोद्यान इसी सोच का सफल परिणाम हैं। पौधों के बढ़ने एवं फलन में आने के साथ किसानों को अपने खेत से ही अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर मिल रहे हैं तथा कृषि आधारित आजीविका को मजबूती मिल रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में यह महत्वपूर्ण कदम :
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने महिलाओं की आजीविका में सुधार पर बात करते हुए कहा कि मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में मनरेगा के माध्यम से स्थापित 136 फलोद्यान ग्रामीण विकास की उसी मूल अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके तहत रोजगार, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं स्थायी आजीविका को एक साथ जोड़ा गया है। महिला किसानों की भागीदारी और उनके द्वारा अर्जित आय इस पहल की सफलता को दर्शाती है। जिला प्रशासन द्वारा ऐसी आजीविका आधारित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर स्थायी एवं सम्मानजनक आय के अवसर उपलब्ध हो सकें।
समय-सीमा बैठक में योजनाओं और विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा
कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश
एमसीबी/01 सितम्बर 2026
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों, जनशिकायतों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
पीएम सूर्य घर योजना के 7,700 लक्ष्य पर जोर
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की समीक्षा में जिले के 7,700 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर पालिका, नगर पंचायतों और जनपद पंचायतों के माध्यम से हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने कहा गया। सीईओ एवं सीएमओ को व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए फ्लेक्स लगाने तथा योजना के लाभों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों, प्राचार्यों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को भी योजना से जोड़ने तथा स्मार्ट मीटर के साथ योजना को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा में आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान कैंप, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग, टीबी मुक्त पंचायत और मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। भरतपुर, मनेन्द्रगढ़ और खड़गवां में आयुष्मान कैंप आयोजित करने तथा भरतपुर जनपद में 15 सितंबर से कैंप शुरू करने के निर्देश दिए गए। संस्थागत प्रसव के बाद नवजात बच्चों का आधार कार्ड बनवाने और एनआरसी में रिक्त बेड भरने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में पुस्तकों के वितरण, छात्रवृत्ति, अपार आईडी, स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं, शिक्षकों की उपस्थिति तथा जर्जर एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण की प्रगति देखी गई। खड़गवां में अपार आईडी की संख्या बढ़ाने और भरतपुर के नेटवर्क विहीन ग्रामों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। कौशल विकास योजनाओं से पात्र युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा
महतारी वंदन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना, पोषण ट्रैकर, अपार आईडी, और एनआरसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
धान उपार्जन की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टैक, खाद-बीज भंडारण एवं वितरण और कृषि उन्नत योजना की स्थिति देखी गई। आगामी धान उपार्जन को देखते हुए लाई, बरबसपुर, घुटरा, कछौड़ एवं कोड़ा उपार्जन केंद्रों में आवश्यक सुधार समय रहते पूरा करने तथा धान-चावल का भंडारण सुनिश्चित करने कहा गया।
सड़क, सिंचाई और आवासीय निर्माण कार्यों पर नजर
जल संसाधन विभाग से जलाशयों, बांधों और नहरों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने तथा सिंचाई व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
भरतपुर एवं जनकपुर कस्तूरबा हॉस्टल सहित केल्हारी, कोटाडोल और बरौता के आवासीय निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने तथा गृह निर्माण मंडल के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने कहा गया।
शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता जरूरी
सीएम हेल्पलाइन 1076, सीएम एवं कलेक्टर जनदर्शन, जन शिकायत, लोक सेवा गारंटी और सेवा सेतु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण होना चाहिए। समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए।
आवारा पशुओं की टैगिंग से लेकर ई-ऑफिस तक समीक्षा
पशुधन विकास विभाग को आवारा पशुओं की टैगिंग एवं पहचान के लिए कार्ययोजना तैयार करने कहा गया। पीएम स्वनिधि के तहत नगरीय निकायों में प्राप्त आवेदनों और वितरित ऋण की समीक्षा की गई। वन विभाग से पौधरोपण की तैयारी तथा तेंदूपत्ता संग्रहण एवं भुगतान की जानकारी ली गई।
बैठक में सुघ्घर छत्तीसगढ़, ई-ऑफिस, किसान क्रेडिट कार्ड, मत्स्य एवं पशुपालन, समाज कल्याण, उद्योग, उद्यानिकी, पीएचई, क्रेडा और पर्यटन विभाग के कार्यों की भी समीक्षा हुई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित के कार्यों में तेजी, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
एमसीबी जिले में खेल प्रतिभाओं का उत्साह चरम पर, सरगुजा ओलंपिक में अब तक 16 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
एमसीबी/01 सितम्बर 2026
जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सरगुजा ओलंपिक 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए खिलाड़ियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरगुजा संभाग के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस खेल आयोजन के लिए मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सभी विकासखंडों में खिलाड़ियों का पंजीयन कराया गया है।
16,129 खिलाड़ियों ने दर्ज कराई अपनी भागीदारी
जिले में पंजीयन अभियान को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एमसीबी जिले के तीनों विकास खंडों में कुल 16,129 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें 7,741 पुरुष और 8,388 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। खास बात यह है कि पंजीयन में महिला खिलाड़ियों ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। महिला प्रतिभागियों की संख्या पुरुषों से 647 अधिक रही है।
खड़गवां विकासखंड में हुआ सबसे अधिक पंजीयन
विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार खड़गवां में सर्वाधिक 8,007 पंजीयन हुए हैं, जिनमें 3,950 पुरुष और 4,057 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं भरतपुर में 2,954 पंजीयन हुए हैं, जिनमें 2,200 पुरुष और 754 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा मनेन्द्रगढ़ में कुल 5,168 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 1,591 पुरुष और 3,577 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। इस तरह तीनों विकास खंडों से कुल 16,129 खिलाड़ियों ने सरगुजा ओलंपिक के लिए अपनी भागीदारी दर्ज कराई है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा प्रतिस्पर्धात्मक मंच
सरगुजा ओलंपिक का उद्देश्य ग्रामीण एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना और प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराना है। विकासखंड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं सितंबर माह में तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं अक्टूबर माह में प्रस्तावित हैं। विभाग द्वारा इच्छुक खिलाड़ियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की गई है।
कई खेलों में प्रतिभा दिखाएंगे खिलाड़ी
सरगुजा ओलंपिक में एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं के साथ तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और रस्साकशी जैसे खेल शामिल किए गए हैं। एथलेटिक्स में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जेवलिन थ्रो तथा 4×100 मीटर रिले रेस में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रस्साकशी प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए आयोजित की जाएगी, जबकि हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिताएं जिला स्तर पर आयोजित होंगी।
प्रतियोगिताओं में जूनियर वर्ग के अंतर्गत 14 से 17 वर्ष आयु के बालक-बालिकाएं तथा सीनियर वर्ग में बिना आयु सीमा के महिला एवं पुरुष खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा विभाग के आधिकारिक पोर्टल sportsyw.cg.gov.in/sargujaOlympic पर उपलब्ध है। इसके साथ ही ऑफलाइन पंजीयन के लिए खिलाड़ी अपने संबंधित विकासखंड के जनपद पंचायत कार्यालय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम कार्यालय अथवा जिला खेल अधिकारी कार्यालय से पंजीयन फॉर्म प्राप्त कर जमा कर सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी का पंजीयन अनिवार्य होगा और एक खिलाड़ी केवल एक पंजीयन फॉर्म जमा कर सकेगा। दलगत खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के सभी फॉर्म एक साथ जमा करना आवश्यक होगा। एक खिलाड़ी अधिकतम एक दलगत और एक व्यक्तिगत खेल में भाग ले सकेगा। पंजीयन फॉर्म में दर्ज जानकारी के आधार पर ही विकासखंड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी मान्य होगी। सभी स्तरों पर खिलाड़ियों को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड अथवा बैंक पासबुक की छायाप्रति स्वीकार की जा सकती है।
जिले में अब तक 1026.0 मिमी औसत वर्षा की गयी दर्ज
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले एमसीबी/ 01 सितम्बर 2026
में 01 जून से 01 सितम्बर तक 1026.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 1428.9 मिमी कोटाडोल तहसील में तथा न्यूनतम 725.9 मिमी खड़गवां तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील मनेन्द्रगढ़ में 1021.4 मिमी, तहसील चिरमिरी में 951.5 मिमी, तहसील केल्हारी में 815.6 मिमी, तहसील भरतपुर में 1212.5 मिमी तथा तहसील कोटाडोल में 1428.9 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
गणेश चतुर्थी के बजाय अब नवाखाई पर रहेगा स्थानीय अवकाश
कलेक्टर ने जारी किया संशोधित आदेश, 18 सितंबर को जिले में रहेगा अवकाश
एमसीबी/01 सितम्बर 2026
जिले में स्थानीय अवकाश की पूर्व घोषित सूची में आंशिक संशोधन किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने संशोधित आदेश जारी करते हुए 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के लिए घोषित स्थानीय अवकाश निरस्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को नवाखाई पर्व के अवसर पर जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को हरितालिका (तीज पर्व) के अवसर पर पहले ही पूरे छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है। ऐसे में उसी दिन घोषित गणेश चतुर्थी के स्थानीय अवकाश को संशोधित करते हुए 18 सितंबर को नवाखाई पर्व के लिए स्थानीय अवकाश निर्धारित किया गया है।
सरकारी कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में रहेगा अवकाश
संशोधित आदेश के अनुसार 18 सितंबर का स्थानीय अवकाश मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। हालांकि, शासन के नियमानुसार यह अवकाश कोषालय, उप कोषालय एवं बैंकों के लिए प्रभावी नहीं होगा। इन संस्थानों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामान्य कामकाज जारी रहेगा। इस संशोधन के साथ जिले में स्थानीय अवकाश को लेकर पूर्व आदेश में निर्धारित तिथियों में बदलाव किया गया है।
जन्माष्टमी-गणेश उत्सव को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
स्कूलों के आसपास दुकानों पर कार्रवाई से लेकर ड्रोन, ट्रैफिक और पंडालों की निगरानी तक रहेगी कड़ी नजर
एमसीबी/01 सितम्बर 2026
आगामी कृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा, पंडाल, विसर्जन, विद्युत, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
स्कूलों के आसपास दुकानों पर होगी विशेष कार्रवाई
बैठक में सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप स्कूलों के आसपास संचालित दुकानों पर विशेष कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी करने तथा नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए। चिरमिरी, हल्दीबाड़ी सहित मनेंद्रगढ़ एवं खड़गवां क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर डिप्टी कलेक्टर एवं पुलिस विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने कहा गया।
रैली और पंडाल के लिए अनुमति जरूरी
कृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी के दौरान रैली निकालने के लिए संबंधित एसडीएम एवं पुलिस विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। अनुमति देते समय प्रमुख मार्गों एवं यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने तथा प्राप्त आवेदनों की जानकारी प्रशासन एवं पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। गणेश पंडाल लगाने वाली समितियों एवं आयोजकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने कहा गया।
सड़क पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित नहीं करने तथा पंडालों में पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। समितियों द्वारा पुलिस को स्वयंसेवकों की सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। विद्युत तारों से दुर्घटना रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने कहा गया।
पंडालों में CCTV कैमरा अनिवार्य
सभी पूजा पंडालों एवं आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। गणेश उत्सव में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए गए। विसर्जन के लिए रूट चार्ट एवं पार्किंग स्थल निर्धारित करने तथा समितियों को विसर्जन स्थल और रूट की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को देने कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
पुलिस विभाग को मंदिरों, मस्जिदों, गणेश पंडालों, संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए। पंडालों में महिलाओं के आभूषण एवं सामान की चोरी की आशंका को देखते हुए समितियों एवं स्वयंसेवकों से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को अपने सामान की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने कहा गया।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर कार्रवाई
ड्रोन संचालन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। ड्रोन उड़ाने के लिए अनुमति लेना आवश्यक होगा तथा लाइसेंसधारी एवं अधिकृत व्यक्ति को ही ड्रोन संचालन की अनुमति दी जाएगी। बिना अनुमति या अनाड़ी तरीके से ड्रोन उड़ाते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने कहा गया।
हाईवे और यातायात पर विशेष निगरानी
मनेंद्रगढ़ से नागपुर तक हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा ढाबा संचालकों द्वारा पार्किंग व्यवस्था नहीं किए जाने पर नोटिस एवं चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। यातायात कार्रवाई की हर घंटे की औसत रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया, जिससे दुर्घटनाओं एवं यातायात घटनाओं की स्थिति का आकलन हो सके। शराब पीकर वाहन चलाने, बिना नंबर प्लेट एवं ओवरस्पीडिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन जब्ती के निर्देश दिए गए।
बिजली, सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्देश
नगर पालिका, नगर निगम को प्रमुख मार्गों एवं पर्व स्थलों पर साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिला अस्पताल को आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पर्व के दौरान सजग रहने के निर्देश दिए। समिति के सदस्यों ने दोनों पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने का भरोसा दिलाया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, समस्त डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, चौकी प्रभारी, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में अब तक 1011.2 मिमी औसत वर्षा की गई दर्ज
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 01 जून से 31 अगस्त तक 1011.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 1411.4 मिमी कोटाडोल तहसील में तथा न्यूनतम 720.4 मिमी खड़गवां तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील मनेन्द्रगढ़ में 1013.9 मिमी, तहसील चिरमिरी में 947.9 मिमी, तहसील केल्हारी में 807.6 मिमी, तहसील भरतपुर में 1166.0 मिमी तथा तहसील कोटाडोल में 1411.4 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
तालाब बना आत्मनिर्भरता का आधार, वैज्ञानिक मत्स्य पालन से कामिनी की आय 2 लाख रुपये सालाना
एमसीबी । मेहनत, सही तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन का साथ मिले तो सीमित संसाधनों से भी बेहतर आमदनी का रास्ता तैयार किया जा सकता है। इसकी प्रेरक मिसाल हैं खोंगापानी, विकासखंड मनेन्द्रगढ़ की मत्स्य कृषक कामिनी रोहतिया, जिन्होंने वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग के सहयोग से अपने लगभग 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल के तालाब में वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन शुरू किया। आज यही तालाब उनके लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बन गया है और वे प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख रुपये का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
मत्स्य पालन ने बदली आय की तस्वीर :
मत्स्य पालन शुरू करने से पहले कामिनी मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थीं। कृषि कार्य में मेहनत अधिक होने के बावजूद अपेक्षाकृत कम आय प्राप्त होती थी। वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग की नवीन तालाब निर्माण योजना के अंतर्गत उन्हें लगभग 1 हेक्टेयर तालाब निर्माण का लाभ मिला। इसके बाद उन्होंने तालाब का बेहतर उपयोग करते हुए मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाया।
विभाग द्वारा उन्हें मत्स्य पालन की वैज्ञानिक तकनीक, तालाब प्रबंधन और मछलियों की देखभाल के संबंध में आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। विभागीय मार्गदर्शन के अनुसार उन्होंने तालाब में भारतीय प्रमुख कार्प (IMC) प्रजाति की मछलियों का पालन शुरू किया। तालाब में लगभग 5 हजार फिंगरलिंग्स का स्टॉकिंग किया गया।
वैज्ञानिक प्रबंधन से बढ़ा उत्पादन :
कामिनी तालाब में मछलियों के उचित प्रबंधन, पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और समय-समय पर आवश्यक देखभाल पर विशेष ध्यान देती हैं। मत्स्य विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण और तकनीकी सलाह के अनुसार वे तालाब प्रबंधन करती हैं। मछलियों में होने वाली संभावित बीमारियों की पहचान एवं रोकथाम के संबंध में भी उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
नियमित देखभाल और वैज्ञानिक पद्धति अपनाने का परिणाम उनकी आय में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वर्तमान में लगभग 1 हेक्टेयर तालाब से मत्स्य पालन के माध्यम से उन्हें करीब 2 लाख रुपये का वार्षिक लाभ प्राप्त हो रहा है। मत्स्य पालन ने न केवल उनकी आय को बढ़ाया, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया है।
विभागीय मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी :
कामिनी का कहना है कि मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें तालाब प्रबंधन, मत्स्य बीज संचयन, मछलियों की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने में काफी सहायता मिली। उनका अनुभव है कि यदि तालाब का सही प्रबंधन करते हुए वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन किया जाए तो सीमित संसाधनों में भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।
वर्ष 2022 से मत्स्य पालन करते हुए उन्होंने तालाब प्रबंधन और मछलियों की देखभाल का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया है। अब उनका लक्ष्य मत्स्य उत्पादन और आय को और बढ़ाना है। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, बेहतर तालाब प्रबंधन और विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से वे भविष्य में अपने व्यवसाय को और विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं।
अन्य किसानों के लिए प्रेरक संदेश :
कामिनी अन्य किसानों को संदेश देते हुए कहती हैं कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन को आय का लाभदायक साधन बनाया जा सकता है। उनका सफल अनुभव बताता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर, विशेषज्ञों की सलाह अपनाकर और नियमित मेहनत के साथ मत्स्य पालन ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
कामिनी की सफलता आज यह संदेश देती है कि सही योजना, वैज्ञानिक तकनीक और निरंतर मेहनत से एक साधारण तालाब भी आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है।
तरईया नदी पर पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन पर प्रशासन ने लगाई रोक
एमसीबी । कोटाडोल से कमर्जी मुख्य मार्ग पर कोटाडोल से करीब 300 मीटर की दूरी पर तथा खिरकी बैरियर से लगभग 2 किलोमीटर दूर तरईया नदी पर स्थित पुल वर्षा काल के दौरान 30 अगस्त 2026 को क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से इस पुल से पैदल आवागमन एवं सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनकपुर की ओर से आने वाले पैदल यात्री एवं दोपहिया वाहन ग्राम बरौता से ग्राम नेरूवा होते हुए ग्राम रजरावल और फिर खिरकी वन विभाग बैरियर तक बने वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। यह मार्ग आंशिक रूप से कच्चा है।
इसी प्रकार कमर्जी की ओर से आने वाले पैदल यात्री एवं दोपहिया वाहन खिरकी वन विभाग बैरियर से विपरीत दिशा में बरौता मुख्य मार्ग तक पहुंच सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिवर्तित मार्ग का उपयोग केवल पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहनों एवं एम्बुलेंस के आवागमन के लिए किया जा सकेगा। वैकल्पिक मार्ग के कारण कोटाडोल से कमर्जी की दूरी दोपहिया वाहनों के लिए सामान्य 17 किलोमीटर के बजाय करीब 24 किलोमीटर हो जाएगी। आदेश में पुल की स्थिति को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई तथा मोटर यान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह आदेश 30 अगस्त 2026 से 7 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा, अथवा स्थिति में पहले परिवर्तन होने तक लागू रहेगा।
प्रशासन द्वारा यह अवगत कराया गया है कि PMGSY द्वारा मरम्मत उपरांत पैदल, दोपहिया एवं हल्के चार पहिया वाहनों के आवागमन हेतु दिनांक 05 सितम्बर 2026 शनिवार तक उक्त पुल को खोल दिया जायेगा। वर्तमान में नदी में जलस्तर अधिक होने के कारण भारी चारपहिया वाहन ( बस, ट्रक इत्यादि ) हेतु मरम्मत कार्य पूर्ण कर 1 अक्टूबर 2026 से पूर्व पुल को पूर्णतः खोला जाना अपेक्षित है।
तरईया नदी पर पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन पर प्रशासन ने लगाई रोक
सुरक्षा के मद्देनजर पैदल यात्रियों और सभी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित, दोपहिया वाहन व एम्बुलेंस के लिए वैकल्पिक मार्ग तय
एमसीबी/31 अगस्त 2026
कोटाडोल से कमर्जी मुख्य मार्ग पर कोटाडोल से करीब 300 मीटर की दूरी पर तथा खिरकी बैरियर से लगभग 2 किलोमीटर दूर तरईया नदी पर स्थित पुल वर्षा काल के दौरान 30 अगस्त 2026 को क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से इस पुल से पैदल आवागमन एवं सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनकपुर की ओर से आने वाले पैदल यात्री एवं दोपहिया वाहन ग्राम बरौता से ग्राम नेरूवा होते हुए ग्राम रजरावल और फिर खिरकी वन विभाग बैरियर तक बने वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। यह मार्ग आंशिक रूप से कच्चा है।
इसी प्रकार कमर्जी की ओर से आने वाले पैदल यात्री एवं दोपहिया वाहन खिरकी वन विभाग बैरियर से विपरीत दिशा में बरौता मुख्य मार्ग तक पहुंच सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिवर्तित मार्ग का उपयोग केवल पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहनों एवं एम्बुलेंस के आवागमन के लिए किया जा सकेगा। वैकल्पिक मार्ग के कारण कोटाडोल से कमर्जी की दूरी दोपहिया वाहनों के लिए सामान्य 17 किलोमीटर के बजाय करीब 24 किलोमीटर हो जाएगी। आदेश में पुल की स्थिति को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई तथा मोटर यान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह आदेश 30 अगस्त 2026 से 7 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा, अथवा स्थिति में पहले परिवर्तन होने तक लागू रहेगा।
प्रशासन द्वारा यह अवगत कराया गया है कि PMGSY द्वारा मरम्मत उपरांत पैदल, दोपहिया एवं हल्के चार पहिया वाहनों के आवागमन हेतु दिनांक 05 सितम्बर 2026 शनिवार तक उक्त पुल को खोल दिया जायेगा। वर्तमान मंे नदी में जलस्तर अधिक होने के कारण भारी चारपहिया वाहन ( बस, ट्रक इत्यादि ) हेतु मरम्मत कार्य पूर्ण कर 1 अक्टूबर 2026 से पूर्व पुल को पूर्णतः खोला जाना अपेक्षित है।
तालाब बना आत्मनिर्भरता का आधार, वैज्ञानिक मत्स्य पालन से कामिनी की आय में हुआ इजाफा
तालाब बना आत्मनिर्भरता का आधार, वैज्ञानिक मत्स्य पालन से कामिनी की आय 2 लाख रुपये सालाना
एमसीबी/31 अगस्त 2026

मेहनत, सही तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन का साथ मिले तो सीमित संसाधनों से भी बेहतर आमदनी का रास्ता तैयार किया जा सकता है। इसकी प्रेरक मिसाल हैं खोंगापानी, विकासखंड मनेन्द्रगढ़ की मत्स्य कृषक कामिनी रोहतिया, जिन्होंने वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग के सहयोग से अपने लगभग 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल के तालाब में वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन शुरू किया। आज यही तालाब उनके लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बन गया है और वे प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख रुपये का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
मत्स्य पालन ने बदली आय की तस्वीर
मत्स्य पालन शुरू करने से पहले कामिनी मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थीं। कृषि कार्य में मेहनत अधिक होने के बावजूद अपेक्षाकृत कम आय प्राप्त होती थी। वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग की नवीन तालाब निर्माण योजना के अंतर्गत उन्हें लगभग 1 हेक्टेयर तालाब निर्माण का लाभ मिला। इसके बाद उन्होंने तालाब का बेहतर उपयोग करते हुए मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाया।
विभाग द्वारा उन्हें मत्स्य पालन की वैज्ञानिक तकनीक, तालाब प्रबंधन और मछलियों की देखभाल के संबंध में आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। विभागीय मार्गदर्शन के अनुसार उन्होंने तालाब में भारतीय प्रमुख कार्प (प्डब्) प्रजाति की मछलियों का पालन शुरू किया। तालाब में लगभग 5 हजार फिंगरलिंग्स का स्टॉकिंग किया गया।
वैज्ञानिक प्रबंधन से बढ़ा उत्पादन
कामिनी तालाब में मछलियों के उचित प्रबंधन, पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और समय-समय पर आवश्यक देखभाल पर विशेष ध्यान देती हैं। मत्स्य विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण और तकनीकी सलाह के अनुसार वे तालाब प्रबंधन करती हैं। मछलियों में होने वाली संभावित बीमारियों की पहचान एवं रोकथाम के संबंध में भी उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
नियमित देखभाल और वैज्ञानिक पद्धति अपनाने का परिणाम उनकी आय में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वर्तमान में लगभग 1 हेक्टेयर तालाब से मत्स्य पालन के माध्यम से उन्हें करीब 2 लाख रुपये का वार्षिक लाभ प्राप्त हो रहा है। मत्स्य पालन ने न केवल उनकी आय को बढ़ाया, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया है।
विभागीय मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी
कामिनी का कहना है कि मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें तालाब प्रबंधन, मत्स्य बीज संचयन, मछलियों की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने में काफी सहायता मिली। उनका अनुभव है कि यदि तालाब का सही प्रबंधन करते हुए वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन किया जाए तो सीमित संसाधनों में भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।
वर्ष 2022 से मत्स्य पालन करते हुए उन्होंने तालाब प्रबंधन और मछलियों की देखभाल का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया है। अब उनका लक्ष्य मत्स्य उत्पादन और आय को और बढ़ाना है। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, बेहतर तालाब प्रबंधन और विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से वे भविष्य में अपने व्यवसाय को और विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं।
अन्य किसानों के लिए प्रेरक संदेश
कामिनी अन्य किसानों को संदेश देते हुए कहती हैं कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन को आय का लाभदायक साधन बनाया जा सकता है। उनका सफल अनुभव बताता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर, विशेषज्ञों की सलाह अपनाकर और नियमित मेहनत के साथ मत्स्य पालन ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
कामिनी की सफलता आज यह संदेश देती है कि सही योजना, वैज्ञानिक तकनीक और निरंतर मेहनत से एक साधारण तालाब भी आत्मनिर्भरता और समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है।
एमसीबी : जिले में अब तक 927.7 मिमी औसत वर्षा की गयी दर्ज
एमसीबी/ 29 अगस्त 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 01 जून से 29 अगस्त तक 927.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 1190.3 मिमी कोटाडोल तहसील में तथा न्यूनतम 689.2 मिमी खड़गवां तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील मनेन्द्रगढ़ में 991.3 मिमी, तहसील चिरमिरी में 913.8 मिमी, तहसील केल्हारी में 739.1 मिमी, तहसील भरतपुर में 1042.5 मिमी तथा तहसील कोटाडोल में 1190.3 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
सशक्त बहन, खुशहाल परिवार - विष्णु भैया का यही विचार
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से यशोदा ठाकुर के घर आई रक्षाबंधन की खुशियां
एमसीबी/27 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस सौगात से प्रदेशभर की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पिपरिया निवासी यशोदा ठाकुर के लिए भी यह राशि रक्षाबंधन की खुशियों को दोगुना करने वाली साबित हुई है।
यशोदा ठाकुर ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में उन्हें काफी सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आत्मीयता का पर्व है। त्यौहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से वे राखी, मिठाई और फल सहित आवश्यक सामान आसानी से खरीद सकेंगी। इससे उन्हें परिवार के साथ त्यौहार खुशी और उत्साह से मनाने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जो उनके लिए आर्थिक संबल का काम कर रही है। अब वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। समय पर मिलने वाली यह राशि महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने में भी मदद कर रही है।
यशोदा ठाकुर ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार से पहले राशि मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है। उनके लिए यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और खुशियों की सौगात भी है।
यशोदा ठाकुर ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से प्रदेश की बहनों को आर्थिक संबल मिल रहा है और उनके परिवारों में खुशियां बढ़ रही हैं।
राखी का रिश्ता अनमोल-विष्णु भैया के मीठे बोल
रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त ने बढ़ाई खुशियां, आशा ठाकुर ने जताया विष्णु भैया का आभार
एमसीबी/ 27 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पिपरिया निवासी आशा ठाकुर भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।
आशा ठाकुर ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मनाएंगी।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।
“विष्णु भैया के प्रति हृदय से आभार”
आशा ठाकुर ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास है। रक्षाबंधन से पहले सहायता राशि मिलने से इस बार उनके परिवार की खुशियां बढ़ गई हैं।
बहनों को खुशहाली का उपहार-विष्णु भैया की सरकार
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से देव कुमारी की रक्षाबंधन की खुशियां हुईं दोगुनी
एमसीबी/ 27 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पाराडोल की निवासी देव कुमारी भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।
देव कुमारी ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मनाएंगी।
उन्होंने कहा कि समय से पहले इस राशि का मिलना हम महिलाओं के लिए बेहद खुशी की बात है। त्योहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।
देव कुमारी ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से बहनों के त्योहार की खुशियां और बढ़ी हैं।
बीएलओ भारत के लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
एमसीबी । भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ बातचीत की। राज्य के विभिन्न भागों से आए 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने इस संवाद में भाग लिया।
अपने उद्घाटन भाषण में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताया। उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूचियों की तैयारी और भारत में चुनावों का संचालन पूरी तरह से भारत के संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किया जाता है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ चुनावी प्रक्रियाओं के विश्वास और पारदर्शिता के स्तंभ (संरक्षक) हैं और वे नागरिकों के साथ भारत निर्वाचन आयोग का पहला संपर्क सूत्र हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तर प्रदेश के बीएलओ ने मतदाता सूची तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे भी निभा रहे हैं।
इस वर्ष अप्रैल में राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समापन के बाद, उत्तर प्रदेश में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया। यह कार्य 1.77 लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा किया गया, जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) द्वारा समवर्ती ऑडिट भी शामिल था।बैठक के हिस्से के रूप में बीएलओ का मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ एक प्रश्नोत्तर सत्र (Question&and&Answer session) भी हुआ। बीएलओ को इस संवाद के माध्यम से अपनी शंकाओं को सीधे दूर करने का अवसर मिला।
बीएलओ (BLOs) भारत के लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
एमसीबी/ 26 अगस्त 2026
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ बातचीत की। राज्य के विभिन्न भागों से आए 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने इस संवाद में भाग लिया।
अपने उद्घाटन भाषण में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताया। उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूचियों की तैयारी और भारत में चुनावों का संचालन पूरी तरह से भारत के संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किया जाता है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बीएलओ चुनावी प्रक्रियाओं के विश्वास और पारदर्शिता के स्तंभ (संरक्षक) हैं और वे नागरिकों के साथ भारत निर्वाचन आयोग का पहला संपर्क सूत्र हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तर प्रदेश के बीएलओ ने मतदाता सूची तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे भी निभा रहे हैं।
इस वर्ष अप्रैल में राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समापन के बाद, उत्तर प्रदेश में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया। यह कार्य 1.77 लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा किया गया, जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) द्वारा समवर्ती ऑडिट भी शामिल था।
बैठक के हिस्से के रूप में बीएलओ का मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ एक प्रश्नोत्तर सत्र (Question&and&Answer session) भी हुआ। बीएलओ को इस संवाद के माध्यम से अपनी शंकाओं को सीधे दूर करने का अवसर मिला।