छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
पदम पुरस्कारों के लिए नामांकन 30 जून तक
बिलासपुर, 17 अप्रैल 2025/भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कार श्रृंखला के तहत वर्ष 2026 में पदम् विभूषण, पद्म भूषण तथा पद्म श्री पुरस्कार प्रदान करने के लिए निर्धारित पात्रता एवं मापदंड के अनुरूप स्पष्ट अनुशंसा सहित योग्य एवं पात्र व्यक्तियों के नामांकन प्रस्ताव आमंत्रित किये जा रहे हैं। नामांकन प्रस्ताव उपलब्ध कराने की अंतिम तिथि 30 जून 2025 है।
पद्म पुरस्कार देश का सर्वाेच्च नागरिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा कला, साहित्य और शिक्षा, खेल चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों एवं सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। कोई भी व्यक्ति, किसी जाति, व्यवसाय, हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित विधान और नियमावली वेबसाईट पर उपलब्ध है।
पद्म पुरस्कारों हेतु निर्धारित पात्रता एवं मापदंड के अनुरूप स्पष्ट योग्य एवं पात्र व्यक्ति कार्यालय सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण, सीपत रोड, सरकंडा, बिलासपुर एवं स्व. बी आर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में नामांकन प्रस्ताव जमा कर सकते हैं।
कलेक्टर ने अस्पतालों और राजस्व शिविरों का लिया जायजा
बिलासपुर, 17 अप्रैल 2025/कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज ग्रामीण अस्पतालों और राजस्व शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने स्टाफ की कमी से जूझ रहे दगौरी अस्पताल की अव्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। यहां के स्वास्थ्य कर्मी शहरी अस्पतालों में संलग्न है। उन्होंने तुरंत संलग्नता समाप्त करते हुए उन्हें कार्यभार ग्रहण करने के सख्त निर्देश दिए है। अन्यथा वेतन रोक कर निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने बिल्हा तहसील के अमेरी अकबरी और बोदरी तहसील के सिलपहरी में आयोजित राजस्व शिविरों का भी जायजा लिया। इसके अलावा सिलपहरी के उप स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने दगौरी पीएचसी और सिलपहरी के उप स्वास्थ्य केन्द्र का बारीकी से निरीक्षण किया। दगौरी में शौचालय की साफ-सफाई न होने पर कलेक्टर बिफरे। बताया गया कि यहां हर माह 10-15 प्रसव होता है। प्रतिदिन 80-90 ओपीडी होती है। मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि यहां फार्मासिस्ट सहित अन्य स्टाफ की कमी है। यहां के फार्मासिस्ट लीलावती मांझी, नेत्र सहायक संगीता गेडाम, पर्यवेक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार सिंह शहरी क्षेत्र में संलग्न है। कलेक्टर ने सीएचएचओ को इनकी संलग्नता समाप्त कर दगौरी में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा वेतन रोक कर इन पर निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने सिलपहरी में आयोजित राजस्व शिविर का भी जायजा लिया। यहां किसानों को किसान किताब बांटा। ग्रामीणों से चर्चा कर खेती-किसानी सहित अन्य जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि राशन ठीक से मिल रहा है कि नहीं ग्रामीणों ने बताया कि राशन हर महिने मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की समस्या है। कलेक्टर ने सभी से अपील की कि गर्मी के मौसम में धान की फसल न लें। अन्य फसलें जैसे सब्जी, गेहूं की फसलें गर्मी के मौसम में ले जिसमें पानी की आवश्यकता कम होती है। उन्होंने अमेरी अकबरी में आयोजित राजस्व शिविर का भी जायजा लिया। यहां कुल 22 आवेदन मिले। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का निराकरण जल्द करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाई के लिए दिया मोबाईल
कलेक्टर ने दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाई के लिए दिया मोबाईल
बिलासपुर,17 अप्रैल 2025/ कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक अवनीश कुमार शरण ने जिले की तीन दृष्टिबाधित स्कूली बच्चों को मोबाइल फोन, की बोर्ड और ओटीजी केबल प्रदान किए। समग्र शिक्षा की समावेशी शिक्षा योजना के तहत उन्हें ये सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए। लाभान्वित दृष्टिबाधित बच्चों में शुभम सूर्यवंशी, पूर्व माध्यमिक शाला मंगला, शहरी स्त्रोत केन्द्र बिलासपुर, कु. अनुष्का पूर्व माध्यमिक शाला हरदीकला विकासखण्ड बिल्हा, कु. निशा मरावी, प्राथमिक शाला खरगहनी विकासखण्ड कोटा शामिल हैं।
हितग्राही बच्चों एवं उनके रिसोर्स पर्सन को दिनांक 24 अप्रैल से 26 अप्रैल 2025 तक रायपुर में शैक्षिक आवश्यकता पूर्ति हेतु मोबाईल के अनुप्रयोग का प्रशिक्षण दिया जावेगा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग) हेतु समावेशी शिक्षा योजना संचालित है। जिसके अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का चिन्हांकन, शिक्षक एवं पालकों का उन्नमुखीकरण कार्यक्रम तथा बच्चों की आवश्यकता अनुसार उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने लाभान्वित बच्चों से उनके शैक्षिक गतिविधियों के संबंध में चर्चा की तथा संबंधित शिक्षकों, बीआरपी एवं स्पेशल एजुकेटर को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर श्री ओम पाण्डेय, जिला मिशन समन्वयक, डॉ. अखिलेश तिवारी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, श्रीमती पूर्णिमा खोब्रागढे, बीआरपी, सुश्री सुष्मिता दिवाकर, श्री उत्तम भारद्वाज, श्री भूपेन्द्र चंद्राकर स्पेशल एजुकेटर, शिक्षक श्री पुष्पेन्द्र गुप्ता एवं पालक उपस्थित थे।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार - प्रसार के लिए संभागीय कार्यशाला का आयोजन
बिलासपुर संभाग के जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी हुए शामिल
बिलासपुर, 17 अप्रैल 2025/ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के व्यापक प्रचार- प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तर पर प्रार्थना सभा भवन में संभागायुक्त कार्यालय बिलासपुर द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बिलासपुर संभाग एवं नवगठित जिला शक्ति और सारंगढ़ भिलाईगढ़ के जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कमिश्नर श्री महादेव कावरे ने कहा कि आपके मन में जो भी प्रश्न है उन सब का इस जवाब कार्यशाला में मिलेगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में आपको आने वाली दिक्कतों को दूर करना है। हालांकि इस अधिनियम को लागू हुए काफी समय हो चुका है लेकिन फिर भी कुछ नए नियम जुड़ते हैं, जिसकी जानकारी आपको होनी चाहिए। कमिश्नर श्री कावरे ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटलाइजेशन का है ऐसे में डिजिटल जानकारी को सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराना है या नहीं, यदि कराना है तो उसके क्या प्रावधान है ऐसी कई बातें हैं जिनको लेकर आपके मन में प्रश्न होंगे जिनका उत्तर कार्यशाला में मिलेगा, उन्होंने ससभी से कार्यशाला में सक्रिय रूप से सहभागिता की अपील की।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्रीमती गीता दीवान एवं श्री अतुल वर्मा ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देते हुए ऑन लाइन आवेदन से संबंधित प्रक्रिया और उसके निराकरण के विषय में जानकारी दी।अतुल वर्मा ने कहा कि अधिनियम की धारा 2 से लेकर 11 तक की धारा जन सूचना अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण है जिसका गहनता से अध्ययन सभी कर लें, इससे काम करने में आसानी होगी। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।
कार्यशाला में हाउसिंग बोर्ड के एडिशनल कमिश्नर श्री अजीत पटेल, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री अरुण कुमार साय, राज्य सूचना आयोग से श्री प्रदीप गौर उपस्थित थे, कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में बिलासपुर संभाग के विभिन्न कार्यालयों के जन सूचना अधिकारी/ प्रथम अपीलीय अधिकारी सहित नवगठित जिला शक्ति और सारंगढ़ बिलाईगढ़ के जन सूचना अधिकारी/ प्रथम अपीलीय अधिकारी संभागीय कार्यालय बिलासपुर से उपायुक्त(रा.)श्रीमती डॉ.स्मृति तिवारी, उपायुक्त (वि.) श्री संतोष सिंह ठाकुर,लेखाधिकारी श्री मूलधर प्रसाद जायसवाल उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन उपायुक्त (रा.)श्रीमती डॉ.स्मृति तिवारी ने किया।
छत्तीसगढ एडिटर एन्ड पब्लिशर एशोशियन ने SECL. के स्वतन्त्र निदेशक एवं आडिट कमेटी चेयरमैन से सौजन्य मुलाकात की
आज डॉ श्याम अग्रवाल जी स्वतन्त्र निदेशक SECL. एवं आडिट कमेटी चेयरमैन से बिलासपुर भवन SECL के गेस्ट हाऊस में सौजन्य मुलाकात कर छत्तीसगढ एडिटर एन्ड पब्लिशर एशोशियन की ओर फूलो के साथ शाल श्रीफल से भेट किया..
राजस्व पखवाड़ा: आज 20 गांवों में लगेंगे शिविर
बिलासपुर । राजस्व पखवाड़ा के तहत 17 अप्रैल को 20 गांवों में शिविर आयोजित किये जाएंगे। इनमें बिलासपुर तहसील में कुदुदण्ड स्थित सेफर स्कूल एवं जरहाभाठा स्थित जमुना प्रसाद वर्मा कॉलेज, बेलतरा तहसील में ग्राम पंचायत लिम्हा एवं ग्राम पंचायत खैरा-ड, बिल्हा तहसील मेें अमेरी अकबरी, बोदरी तहसील में ग्राम पंचायत भवन मगरउछला एवं ग्राम पंचायत भवन सिलपहरी, मस्तूरी तहसील में कोनी, सीपत तहसील में सीपत, पचपेड़ी तहसील में सुकुलकारी एवं लोहर्सी, तखतपुर तहसील में सांस्कृतिक भवन तखतपुर एवं ग्राम पंचायत भवन पोडी, सकरी तहसील में अमसेना, भकुर्रा नवापारा, जोकी एवं उसलापुर, कोटा तहसील में अमाली, रतनपुर तहसील में ग्राम पंचायत भवन कंचनपुर, बेलगहना तहसील में लमरीडबरी एवं बेलगहना में आयोजित होंगे शिविर।
निजी संस्थाओं के अनुभव की नहीं होगी मान्यता
बिलासपुर । साइकेट्रिक सोशल वर्कर की भर्ती प्रक्रिया अंतर्गत निजी संस्थाओं के कार्य अनुभव को मान्य नहीं किया जाएगा। पूर्व में जारी विज्ञापन में लिपिकीय त्रुटि का सुधार करते हुए स्पष्ट कर दिया गया है। जिला कार्यालय की वेबसाइट में भी शुद्धि पत्र को अपलोड कर दिया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल 2025 है।
कलेक्टर ने लिया राजस्व शिविरों का जायजा
किसानों को बांटे किसान किताब, शिविर को लेकर ग्रामीणों में उत्साह
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में किसानों को किसान किताब बांटा। राजस्व पखवाड़ा के तहत अब तक 2934 आवेदन मिले हैं जिनमें से 1673 आवेदन का निराकरण कर लिया गया है। ज्यादातर आवेदन आय, जाति, निवास, डिजीटल हस्ताक्षर, अभिलेख त्रुटि सुधार के मिले है। इन शिविरों को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। कलेक्टर ने इसके अलावा अस्पतालों का भी औचक निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।
कलेक्टर सबसे पहले बहतराई में आयोजित राजस्व शिविर पहुंचे। उन्होंने शिविर में आए आवेदनों की प्रकृति जानी। ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी। यहां 10 आवेदन मिले थे, जिनमें से 03 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लिया गया। कलेक्टर ने वेदराम, मुकेश साहू, गायत्री बाई यादव को ऋण पुस्तिका का वितरण किया। इसके बाद कलेक्टर सकरी तहसील के ग्राम पाड़ में आयोजित शिविर में पहुंचे। यहां कुल 14 आवेदन मिले जिनमें से 12 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कलेक्टर ने शिविर स्थल पर बैठक लेकर ग्रामीणों की अन्य जरूरतें एवं समस्याएं भी सुनी और इनके निराकरण के निर्देश मौजूद अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने मेण्ड्रा में किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानी। भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल तक 2934 आवेदन मिले हैं। इनमें बिलासपुर तहसील के 551, बेलतरा के 199, बिल्हा के 193, बोदरी के 417, मस्तूरी के 259, सीपत के 130, पचपेड़ी के 102, तखतपुर के 272, सकरी के 378, कोटा के 59, रतनपुर के 144 और बेलगहना के 230 आवेदन शामिल है।
अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने मोपका उप स्वास्थ्य केन्द्र, लिंगियाडीह शहरी प्राथमिक केन्द्र और सकरी उप स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पतालों की व्यवस्था पर संतुष्टि जाहिर की। प्रसव कक्ष, महिला-पुरूष वार्ड सहित पूरे अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। लिंगियाडीह अस्पताल में निर्माण कार्य का भी जायजा लिया । सकरी उप स्वास्थ्य केन्द्र में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू, तखतपुर एसडीएम शिव कंवर भी मौजूद थे ।
अग्नि सुरक्षा जागरूकता के लिए एसपी कार्यालय में फायर मॉक ड्रिल
बिलासपुर । अग्नि सुरक्षा सेवा सप्ताह के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । इस दौरान अग्निशमन विभाग के जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को अग्नि एवं अग्नि दुर्घटना के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी । इस दौरान फायर ट्राएंगल, एक्टिंग्विशिंग मीडिया के बारे में बताया गया। कौन से टाइप के फायर को किस प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बुझाया जा सकता है, इस बारे में बताया गया। अग्निशमन के कर्मचारी तथा एसडीआरएफ के जवानों ने मॉक ड्रिल करके दिखाया । साथ ही आगजनी की घटना होने पर क्या करें और क्या नहीं करें, इस संबंध में जानकारी दी गई । इस कार्यक्रम के दौरान डीएसपी मुख्यालय रश्मित कौर चावला, सिविल लाइन थाना प्रभारी श्री साहू तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दीपांकुर नाथ जिला अग्निशमन अधिकारी ने बताया किसी भी घटना, दुर्घटना होने पर पुलिस फर्स्ट रिस्पॉन्डेट होती है जो घटना स्थल पर पहुंचती है। अतः पुलिस को फायर एक्सटिंग्विशर की जानकारी होना आवश्यक है। इस उद्देश्य से आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । श्री नाथ ने शहर वासियों से आग के प्रति सजग, जागरूक एवं एकजुट होने का अनुरोध किया है
सुनियोजित तरीके से करें सुशासन तिहार में मिले आवेदनों का निराकरण: कलेक्टर
मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतां के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।
कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।
सुशासन शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के रिकार्ड 53 हजार आवेदन
सबसे ज्यादा 54 हजार आवेदन मस्तुरी से
बिलासपुर । सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में 1 लाख 94 हजार 620 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1 लाख 81 हजार 529 ग्रामीण क्षेत्र से और 13 हजार 91 आवेदन शहरी इलाकों से शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत सबसे ज्यादा आवेदन 54 हजार 985 मस्तुरी विकासखण्ड से हैं। बिल्हा विकासखण्ड से 49 हजार 685, तखतपुर से 48 हजार 878 और कोटा विकासखण्ड में सबसे कम 27 हजार 981 आवेदन मिले हैं। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में 9 हजार 623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजनावार मिले आवेदनों के संबंध में बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए रिकार्ड 53 हजार 383 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उज्ज्वला योजना के 4886, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2631, राशन कार्ड 2306, स्वच्छता 2295, राहत 1910, अतिक्रमण 1619, वृद्धावस्था सहायता 1536, सीमांकन बटवारा 1464, भूमि सुधार 1018, ट्रांसफार्मर एवं खम्भों की मांग, 935, आंगनबाड़ी भवन एवं केन्द्र 918, भूमि की मांग 776, हैण्डपम्प की मांग 690, ऋण पुस्तिका की मांग 578, वन अधिकार पट्टे की शिकायत 424 सहित अन्य कई विभागीय मांग शामिल हैं।
नगर सैनिकों की लिखित परीक्षा में शामिल होने, ऑनलाईन आवेदन 16 से
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ होमगार्ड विभाग से 1715 महिला नगर सैनिकों एवं 500 नगर सैनिकों के रिक्त पदों पर शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची विभागीय वेबसाईट https://firenoc.cg.gov.in पर उपलब्ध है। चयनित अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा व्यापम के द्वारा आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा में शामिल होने अभ्यर्थी अपना ऑनलाईन आवेदन विभागीय वेबसाईट https://vyapamcg.cgstate.gov.in पर 16 अप्रैल से 30 मई 2025 के शाम 5 बजे तक कर सकते हैं।
विभाग द्वारा आबंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्मतिथि डालकर अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाईट पर लिखित परीक्षा हेतु आवेदन करेंगे। व्यापम द्वारा पंजीयन नंबर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा। जिन पात्र अभ्यर्थी द्वारा व्यापम के वेबसाईट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं किया जायेगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। अभ्यर्थी द्वारा होमगार्ड विभाग के वेबसाईट पर पूर्व में जमा किये गये ऑनलाईन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
एसडीएम ने पुनर्विलोकन के बाद रद्द किया सरकारी जमीन का डायवर्सन
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर एसडीएम कोटा ने पुनर्विलोकन सुनवाई के बाद 60 डिसमिल सरकारी जमीन का डायवर्सन रद्द कर दिया है। उन्होंने इस भूमि पर जारी निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी है। कलेक्टर ने 60 डिसमिल सरकारी जमीन के डायवर्सन किए जाने संबंधी खबर को गंभीरता से लिया था और इसे टीएल पंजी में दर्ज कर इसकी जांच और कार्रवाई की नियमित समीक्षा कर रहे थे। गौरतलब है कि तहसील रतनपुर के ग्राम घांसीपुर स्थित भूमि खातेदार श्री किशनलाल पिता हीरालाल ख.नं 61/10 रकबा 2.023 में से 0.60 एकड़ भूमि को तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कोटा द्वारा व्यपवर्तन का आदेश दिनांक 22 नवंबर 2024 किया गया था।
शिकायत प्राप्त होने पर प्रश्नाधीन खसरे के विरूद्ध किये गये डायवर्सन आदेश निरस्तीकरण की कार्यवाही करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कोटा के द्वारा इस आधार पर कि, प्रश्नाधीन भूमि ख.नं 61/10 कुल रकबा 2.023 हे निस्तार पत्रक से पृथक नहीं हुआ है तथा दर्ज रकबा मिसल के रकबे से मिलान करने पर अधिक पाये जाने पर अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर से पुनर्विलोकन की अनुमति मांगी गयी। पुनर्विलोकन की अनुमति पश्चात् पक्षकार को नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया। जिसमें उनके द्वारा सेना में सेवा के रूप में भूतपूर्व सैनिक को प्राप्त भूमि है, जो नायब तहसीलदार कोटा के रा.प्र.क्रमांक 578/3-19/1981-82 में पारित आदेश दिनांक 05.04.1983 के अनुसार पट्टे पर शासकीय भूमिको भूमिस्वामी हक में प्राप्त हुआ है। प्रश्नाधीन भूमि राजस्व अभिलेख निस्तार पत्रक में बड़े झाड़ का जंगल मद में दर्ज होना तथा निस्तार पत्रक से पृथक नहीं होने एवं रकबा मिसल से अतिरिक्त होने के फलस्वरूप व्यपवर्तन आदेश दिनांक 22 नवंबर 2024 के डायवर्सन को निरस्त करते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दिया गया है।
मदिरा दुकान के अहातों का उच्चतम बोली के आधार पर आवंटन
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में मदिरा दुकानों के अहाता आवंटन की कार्यवाही संपन्न हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिये बिलासपुर जिले की 66 देशी,विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा दुकानों में से 36 मदिरा दुकानों के संलग्न अहाता/अहातों के समूह हेतु लाईसेंस धारियों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। अहातों की अनुज्ञप्ति हेतु 36 मदिरा दुकानों में से 27 मंदिरा दुकानों हेतु कुल 82 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों में से उच्चतम बोली लगाने वाले आवेदक का चयन किया गया।
चयनित आवेदकों को 02 दिवस के भीतर निर्धारित राशि जमा करनी होगी। शेष 9 मदिरा दुकानों के अहातों हेतु आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुए । उनके व्यवस्थापन हेतु आगामी तिथि आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा नियत की जावेगी। चयन प्रक्रिया की कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी समीर मिश्रा, कल्पना राठौर, छबि लाल पटेल एवं आबकारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शुक्ला, रमेश दुबे, ऐश्वर्या मिंज, नेतराम बंजारे, भूपेन्द्र जामडे एवं अन्य स्टॉफ भी उपस्थित थे।
कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन के परिणाम जारी
बिलासपुर । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2023-24 में जारी विज्ञापन अनुसार रिक्त संविदा पदों का कौशल परीक्षा एवं मेरिट आधार पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन का अनंतिम व अंतिम चयनित एवं प्रतीक्षा सूची एवं कौशल/लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक जारी किया गया है। जारी की गई सूची मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य कार्यालय के सूचना पटल एवं विभागीय वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर देखी जा सकती है।
सुनियोजित तरीके से करें सुशासन तिहार में मिले आवेदनों का निराकरण: कलेक्टर
मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग
बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतां के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।
कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।
हेड ऑफिस से हुई थी फर्जी डॉक्टर की नियुक्ति, अपोलो को दस्तावेज देने के लिए एक सप्ताह का समय
बिलासपुर । दमोह के मिशन अस्पताल में हार्ट सर्जरी के दौरान 7 मरीजों की मौत के आरोपी डॉ. नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव बिलासपुर अपोलो में 2006 में कार्यरत थे। मामले में सीएमएचओ ने अपोलो प्रबंधन को नोटिस देकर डॉक्टर की डिग्री सहित अन्य दस्तावेज मांगे थे। सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि प्रबंधन ने डॉ. यादव की योग्यता, कार्यकाल और नियुक्ति पत्र की प्रति भेजी है।
प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टर नरेन्द्र की नियुक्ति हेड ऑफिस चेन्नई से हुई थी। ऑपरेशन को लेकर दस्तावेज के लिए प्रबंधन ने एक सप्ताह का समय मांगा है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डॉ. यादव 1 जून 2006 से 21 मार्च 2007 तक अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में कार्यरत रहे। उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया गया था।
इधर, दमोह पुलिस का दावा है कि डॉ. एन जॉन केम के जिस बायोडेटा से उसने नौकरी की, वह लंदन के एक प्रसिद्ध कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. जॉन केम से मिलता जुलता है। आरोपी ने उसमें अपना नाम और फोटो लगाया था। इसी बायोडेटा के फेर में भोपाल की एजेंसी झांसे में आई और उसे मिशन अस्पताल के लिए उसे हायर कर लिया। पुलिस एमबीबीएस डिग्री के बाद उसने नकली पहचान क्यों बनाई? इस सवाल का पता लगाने नार्को टेस्ट का सहारा लेने की तैयारी में है। दमोह पुलिस ने पीएचक्यू भोपाल से इसके लिए अनुमति भी मांगी है।
मामले में दमोह पुलिस ने प्रयागराज स्थित घर से पुलिस ने बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, आधार कार्ड, सीडी-सील जब्त किया। उसके नौकर ने कुछ साक्ष्य खुर्दबुर्द किए हैं। फर्जी पासपोर्ट भी प्राप्त हुए हैं, जो अलग-अलग नाम से हैं। आरोपी का एक पैतृक घर ऋषिकेश में भी है। पुलिस कानपुर और आंध्रप्रदेश से भी जानकारी जुटा रही है।