छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
ड्यूटी से लगातार गायब छात्रावास अधीक्षक निलंबित
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर पाण्डेय के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि पाण्डेय अधिकांश समय संस्था के निरीक्षण के दौरान गायब रहे। छात्रावास के बच्चों के अनुसार उन्हें नाश्ता नहीं मिलता और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जाती।
काम भी रूचि नहीं दिखाने पर चार्ज देने के आदेश जारी किये गए। लेकिन उन्होंने चार्ज भी नहीं दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के कई आदेशों की अवज्ञा की गई। कर्तव्यहीनता के लिए जारी नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया।
देवेन्द्र पाण्डेय को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरित काम करने पर निलंबित कर दिया गया है। उनका इस दौरान मुख्यालय एसीटीडब्ल्यू कार्यालय बिलासपुर होगा। नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
वायरल फीवर का प्रकोप, अस्पतालों में सदी-बुखार के मरीजों की उमड़ी भीड़
बिलासपुर । मौसम में हो रहे बदलाव के कारण अब सेहत पर भी इसका असर पड रहा है। बड़ी तादात में वायरल फीवर का संक्रमण भी फैल गया है।
इसके मरीजों की संख्या पिछले दो हफ्ते से लगातार बढ़ रही है। सिम्स और शहर के सभी प्राइवेट हास्पिटल, क्लीनिक में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में दर्द के मरीजों की कतार है। डाक्टर कहते हैं कि मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ जाता है, क्योंकि इस समय मौसम में अचानक तेज धूप के साथ गर्मी पड़ रही है तो फिर बारिश हो जा रही है, उसके बाद उमस स्वास्थ्य गत परेशानी पैदा कर दे रहा है।लिहाजा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में वायरस जल्दी अटैक कर लेता है।
शहर में पिछले 15 दिनों से कुछ ऐसा ही हाल
शहर में पिछले 15 दिनों से कुछ ऐसा ही हाल बना हुआ है। तापमान में कुछ ही घण्टे में पांच से सात डिग्री तक का बदलाव हो रहा है। ऐसे में भीगने, उमस व गर्मी के साथ ही ठंडी हवा की चपेट में आने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इस बार वायरल के असर में बदलाव देखा जा रहा है।अब तक यह संक्रमण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार होने के बाद तीन-चार दिन में ठीक हो जाता था। लेकिन इस बार इसे ठीक होने में कम से कम सात से 10 दिन का समय लग रहा है। सरकारी के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। 40 प्रतिशत मरीजों में वायरल फीवर है। सिम्स के चिकित्सको के मुताबिक वायरल के मरीजों की संख्या में पिछले दो-तीन हफ्तों में बहुत इजाफा हुआ है। पहले जहां दिनभर में 20-25 मरीज ही वायरल के आते थे। अभी 100 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं।
लीकेज पाइप लाइन के कारण बढ़ रहे डायरिया के मरीज
शहर अंतर्गत छोटे बड़े 27 स्लम एरिया को ही डायरिया के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है, लेकिन अब यह धारणा बदलते जा रही है क्योंकि अब बढे रिहायसी क्षेत्रो में भी इनके मरीज मिल रहे है। जांच में यह बात सामने आई है कि नगर निगम के पाइप लाइन में लीकेज यह बीमारीं घरों तक पहुचा रहा है।
शहर यह रहा है कि नगर निगम की ज्यादातर पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती हैं, जिसमे जगह जगह लीकेज है और ये लीकेज ही पानी सप्लाई के दौरान नाली का दूषित पानी को खींचकर घरों लोग पी रहे और डायरिया से बीमार हो रहे है।
देवभोग में 40 फ्लोराइड रिमूवल प्लांट्स में से 24 चालू, पीएचई विभाग ने हाईकोर्ट में दी जानकारी...
बिलासपुर। गरियाबंद जिले के कई गांवों में बच्चों में डेंटल फ्लोरोसिस की गंभीर समस्या पर आई मीडिया रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की और पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग के सचिव से जवाब तलब किया। इस मामले में पीएचई सचिव ने समस्या को अपेक्षाकृत कम गंभीर बताते हुए जवाब प्रस्तुत किया है।
गरियाबंद जिले के लगभग 40 से अधिक गांवों में बच्चे डेंटल फ्लोरोसिस के शिकार हो रहे हैं। डेंटल फ्लोरोसिस एक गंभीर स्थिति है जो पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा के कारण होती है, जिससे बच्चों के दांत पीले, दागदार, और विकृत हो सकते हैं। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग से तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
पीएचई सचिव ने क्या कहा?
पीएचई सचिव के अनुसार, जिले के 40 गांवों में फ्लोराइड की समस्या को दूर करने के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत से फ्लोराइड रिमूवल प्लांट्स लगाए गए थे। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में इलाज और सहायता की व्यवस्था लगातार जारी है। साथ ही, सचिव ने स्पष्ट किया कि पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिकतम तीन गुना पाई गई है, न कि आठ गुना, जैसा कि पहले बताया गया था।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगाए गए 40 फ्लोराइड रिमूवल प्लांट्स में से 24 प्लांट्स सही तरीके से काम कर रहे हैं, जबकि बाकी 16 प्लांट्स को सुधारने का कार्य जारी है। इसके विपरीत, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इनमें से कोई भी प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहा था।
स्थानीय प्रशासन की उदासीनता से बढ़ी समस्या
गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक के 40 गांवों में फ्लोराइड युक्त पेयजल की समस्या से हर साल लगभग 100 से अधिक स्कूली बच्चे प्रभावित हो रहे हैं, जिनकी उम्र 6 से 10 साल के बीच है। प्रभावित गांवों में नांगलदेही, पीठापारा, दरलीपारा, गोहरापदर, झाखरपारा, धुपकोट, निष्टिगुड़ा, और कई अन्य गांव शामिल हैं।
इन गांवों के प्रधान पाठकों ने बताया कि बंद फ्लोराइड रिमूवल प्लांट्स को फिर से शुरू करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन ठेकेदारों, कर्मचारियों, और अधिकारियों ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। स्थानीय प्रशासन की इस उदासीनता ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
हाईकोर्ट इस मामले में पीएचई विभाग द्वारा दिए गए जवाब की समीक्षा करेगा और आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है ताकि इन गांवों में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ढाबा में अवैध शराब बिक्री मामले में ढाबा संचालक गिरफ्तार
बिलासपुर। पुलिस लगातार नशे के खिलाफ़ कार्यवाही कर रही है इसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर बिलासपुर के शहरी तथा सभी ग्रामीण थानो में लगातार शराब/गांजा/नशीली पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है।
इसी परिप्रेक्ष्य में 14 अगस्त के शाम को थाना प्रभारी कोनी नवीन कुमार देवांगन को सूचना मिली कि अपना ढाबा संचालक मंगेश सिंह के द्वारा ढाबे में अवैध रूप से शराब बिक्री किया जा रहा है।सूचना पर कोनी थाना प्रभारी द्वारा पुलिस टीम भेजकर अपना ढाबा सेंदरी में घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किया गया। जहां अपना ढाबा संचालक से शराब बिक्री के संबंध में पूछताछ करने पर ढाबा संचालक मंगेश सिंह पिता अरविंद सिंह उम्र 34 साल साकिन सेंदरी के द्वारा 10 नग सिंबा कंपनी का बियर,9 पाव मेकडॉवल no.1 कंपनी का अंग्रेजी शराब, कुल 8.120 लीटर अंग्रेजी शराब कीमती 4090 रु. पेश करने पर कब्जा पुलिस लिया गया है। आरोपी के विरुद्ध वजह सबूत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस बेहतर और प्रभावी कार्यवाही के लिए ज़िले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप, सीएसपी सरकण्डा सिद्धार्थ बघेल और थाना प्रभारी नवीन कुमार देवांगन और स्टाफ़ की सराहना की है ।
डाक विभाग द्वारा डाक चौपाल के माध्यम से विभिन्न वार्डो में दी जा रही बचत योजनाओं की जानकारी
बिलासपुर,15 सितंबर, 2024/ भारत सरकार के सहयोग से डाक विभाग द्वारा देश के प्रत्येक व्यक्ति तक डाक विभाग की विभिन्न कल्याणकारी बचत योजनाओं का लाभ पंहुचाने के उद्देश्य से डाक चौपाल का आयोजन किया जा रहा। वार्डों में शिविर लगाकर बचत और बीमा योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पंहुचाई जा रही है। डाक विभाग की जन संपर्क निरीक्षक श्रीमती सुनीता द्वेदी ने बताया कि शिविर के जरिए केंद्र सरकार की विभिन्न बचत योजनाओं के विषय में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। शिविर में पीपीएफ,सुकन्या डाक जीवन बीमा, पीएमजेजेवाई, पीएमएसबीवाई जैसी समस्त योजनाओं के विषय में लोगों को जानकारी दी जा रही है और उन्हें योजना के तहत लाभन्वित किया जा रहा है,ताकि आम लोग आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि की ओर बढ़ सकें।श्रीमती द्वेदी ने बताया कि आज इसी क्रम ने प्रधान डाकघर बिलासपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 54 चिंगराज पारा में स्थानीय जन प्रतिनिधियों के सहयोग से शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पार्षद श्री राम प्रकाश,स्थानीय जन प्रतिनिधि ,श्रीमती सुनीता द्विवेदी जनसंपर्क निरीक्षक एवं पालेश्वर साहू मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संवर रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना बिहान गांवो की महिलाओं के लिए वरदान बन रही है,जहां महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
*ईद और गणपति विसर्जन को ध्यान में रखकर पैदल फ्लैग मार्च किया गया शहर में*
बिलासपुर ,दिनांक 16 सितम्बर 2024 को धार्मिक पर्व ईद मिलाद-उन-नवी का पर्व है। वर्तमान में गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के अवसर पर बिलासपुर नगर के साथ-साथ जिले में सभी स्थानों में गणेश जी प्रतिमा स्थापित कर जन सामान्य पूजा अर्चना में लीन हैं। ऐसे समय में असामाजिक तत्व, गुण्डे, बदमाशों की गतिविधियों पर निगाह रखकर आपसी सौहाद्र में किसी प्रकार का खलल न हो इसको ध्यान में रखकर क़रीब 250 की संख्या में पुलिस बल अतिरिक्त लगाये गये हैं । ईद और गणपति विसर्जन को ध्यान में रखकर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा स्वयं बल का नेतृत्व करते हुये शहर में सभी क्षेत्रों में पैदल फ्लैग मार्च किया गया । साम्प्रदायिक सौहाद्र, शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने हेतु इस अवसर पर नगर की चाक चौबंद पुलिस व्यवस्था रखी गई है। अधिक भीड़ व जमाव वाले स्थानों पर अधिक से अधिक बल फिक्स प्वाइंट के रूप में ड्यूटी पर लगाये गये हैं एवं थाने की पेट्रोलिंग के साथ ही अतिरिक्त विशेष पेट्रोलिंग की व्यवस्था रखी गई है, जो निरन्तर पेट्रोलिंग कर असामाजिक तत्वों की अवांछित गतिविधयों पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही करेंगे। फ्लैग मार्च में सभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारीगण एवं तक़रीबन 300 मुस्तैद जवान फ्लैग मार्च में शामिल थे।
*आवास मित्रों की भरती, आवेदन की तिथि बढ़ाई गई*
बिलासपुर,प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले के विकासखंड बिल्हा में 78, कोटामें 80, मस्तूरी में 86, तखतपुर में 57 कुल 301 पदों में “आवास मित्र / समर्पित मानव संसाधन" की भर्ती किया जाना है। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विज्ञापन जारी कर दिया गया है एवं जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सूचना पटल में चस्पा करा दिया गया है। इन पदों पर इच्छुक पात्र उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर, जिला बिलासपुर (छ.ग.) के नाम से दिनांक 18 सितंबर 2024 को सायं 05.30 बजे तक रजिस्टर्ड डाक/ स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज सकते हैं। इस हेतु विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन पत्र का प्रारूप कार्यालय के सूचना पटल एवं जिला बिलासपुर की वेब साईडपर देखा जा सकता है।
*गुण्डे बदमाशों पर बिलासपुर पुलिस का प्रहार*
बिलासपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवहियों में लगभग 175 गुण्डा बदमाशों की निगरानी चेक की गई तथा उनकी गतिविधियों को पुलिस निगरानी में रखा गया है। प्रतिबंधक धाराओंु के अंतर्गत 76 बदमाशों को धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत जेल भेजा गया है। इसके अतिरिक्त अशांति फैलाने की आंशका पर 89 लोगों के विरूद्ध धारा 126, 135 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रतिबंधित किया गया है। लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों के कब्जे से घातक हथियार बरामद कर आर्म्स एक्ट के तहत कासर्यवाही की गई। लम्बे समय से फरार 37 स्थाई, गिरफ्तारी वारंटी एवं फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जिले को सुरक्षित बिलासपुर के रूप में संवारने पुलिस द्वारा निरन्तर कार्यवाहियॉं की जा रही हैं।
1,000 करोड़ के घोटाले की हाईकोर्ट में फाइनल हियरिंग, कई वरिष्ठ अफसरों पर आरोप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य स्रोत नि:शक्तजन संस्थान (एसआरसी) के नाम पर हुए कथित 1,000 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में राज्य के लगभग एक दर्जन आईएएस और राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं। रायपुर निवासी कुंदन सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) में इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में इस मामले की अंतिम सुनवाई चल रही है, और कोर्ट ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और सीबीआई जांच पर रोक
जब हाई कोर्ट ने इस घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था, तो उस समय के ताकतवर नौकरशाहों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच पर रोक लगा दी, लेकिन हाई कोर्ट को पूरे मामले की सुनवाई का अधिकार दिया। तब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश के चलते रुका हुआ था, लेकिन अब एक बार फिर से हाई कोर्ट में इसकी फाइनल हियरिंग चल रही है।
1,000 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2004 से 2018 के बीच, राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और राज्य सेवा के अधिकारियों ने एसआरसी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 630 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया। इस मामले में आरोपियों में 6 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जिनमें आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती का नाम प्रमुख है। इसके साथ ही राज्य सेवा के अफसरों में राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडे और पंकज वर्मा के नाम भी शामिल हैं।
बैंक खातों के जरिए फर्जीवाड़ा
आरोप है कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित एसआरसी के नाम पर कई फर्जी बैंक खाते खोले गए। इन खातों में फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर विभिन्न कर्मचारियों के नाम से वेतन आहरण किया गया। हाई कोर्ट की जांच में यह भी सामने आया कि ऐसी कोई संस्था अस्तित्व में ही नहीं थी और सिर्फ कागजों में इसका संचालन दिखाया जा रहा था।
हाई कोर्ट के निर्देश
हाई कोर्ट ने पहले ही सीबीआई को इस मामले की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। डिवीजन बेंच ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह समाज कल्याण विभाग से सभी प्रमुख दस्तावेजों को जब्त करे और स्वतंत्र जांच के तहत पूरे मामले की निगरानी हाई कोर्ट करेगा।
तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी की रिपोर्ट
तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी अजय सिंह ने भी जांच के बाद 200 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया था। हाई कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए इसे "गड़बड़ी" नहीं, बल्कि "संगठित अपराध" करार दिया था।
अब इस घोटाले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को कोर्ट में जवाब पेश करने के लिए तलब किया गया है, और हाई कोर्ट की फाइनल हियरिंग के बाद इस मामले में बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।
खेल मैदान पर आपस में मिलकर कर लिया कब्ज़ा, खिलाड़ियों को नहीं मिल रही जगह
बिलासपुर। मस्तूरी ब्लाक के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम सुकुलकारी में खेल मैदान पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे आसपास के खिलाड़ियों के लिए अभ्यास की जगह खत्म हो गई है। खिलाडयों का कहना है कि तीन साल पहले इस मैदान को खेल गतिविधियों के लिए चिन्हित किया गया था, जहां क्रिकेट, फुटबाल खेलने के साथ ही पुलिस और आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे युवा अपनी शारीरिक तैयारी करते थे।
मैदान पर 50 से अधिक लोगों ने अपने-अपने हिस्से में बांटकर झोपड़ियां और मकान बना लिए हैं, जिससे खिलाड़ियों के पास खेल के लिए कोई स्थान नहीं बचा है। जलसो, केवतरा, सुकुलकारी, पचपेड़ी समेत दर्जन भर ग्राम के बच्चे यहां खेलने पहुंचा करते थे।
कब्जाधारियों ने मैदान को बांटकर बना लिए मकान
सुकुलकारी के इस मैदान पर 50 से भी अधिक लोगों ने अपने-अपने हिस्से बांटकर यहां झोपड़ी और मकान बना लिए हैं। वही खाली ज़मीन में काटा तार घेर दिया है तो कुछ ने मुर्गा पालन कर लिया है। अब खिलाड़ियों के पास न तो खेलने का मैदान बचा है, न ही वे सेना और पुलिस भर्ती के लिए अपनी शारीरिक तैयारी सही तरीके से कर पा रहे हैं।
खिलाड़ियों की शिकायतें हुईं अनसुनी
इस अवैध कब्जे को लेकर कई बार खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों ने एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन ऊंची पहुंच वाले कब्जाधारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के चलते खेल मैदान पर कब्जा बढ़ता जा रहा है और खिलाड़ी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का भविष्य खतरे में
खेल मैदान के अभाव में सुकुलकारी और आसपास के क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को निखारने में असमर्थ हैं। नियमित अभ्यास न होने के कारण उनकी शारीरिक क्षमता और खेल कौशल कमजोर हो रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि अगर जल्द ही खेल मैदान वापस नहीं मिला, तो उनके खेल के भविष्य पर संकट आ सकता है।
लायंस क्लासिक द्वारा निशुल्क भोजन वितरण
सोशल मीडिया संभागीय कार्यशाला में वैजयन्त पंडा ने दिए टिप्स
इक्कीसवीं सदी में सोशल मीडिया की भूमिका अत्यन्त ही महत्वपूर्ण - वैजयन्त पंडा
पटवारी के विरुद्ध शिकायतों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित
पूर्व जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश भी
बिलासपुर , राजस्व मंत्री के निर्देश पर पटवारी कौशल यादव के विरुद्ध शिकायतों की जांच के लिए कलेक्टर अवनीश शरण ने अपर कलेक्टर आरए कुरुवंशी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। समिति 10 बिंदुओं पर आधारित शिकायतों की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। सभी शिकायतें ग्राम बिजौर और मोपका में श्री यादव की पदस्थापना के दौरान की हैं। वहीं पूर्व में अलग से की गई शिकायतों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर जांजगीर चांपा को पत्र भेजा गया है। श्री यादव की पदस्थापना फिलहाल जांजगीर जिले में है।
गौरतलब है कि तत्कालीन हल्का पटवारी कौशल यादव द्वारा मौजा बिजौर के पदस्थापना के दौरान मौजा बिजौर स्थित खसरा नं. 396, 398 जो कि निस्तार पत्रक / वाजिब उल अर्ज में शासकीय / कोटवारी भूमि के रूप में दर्ज है,के क्रय विक्रय तथा नामांतरण प्रतिवेदन में गंभीर अनियमितताएँ की गई है। तथा तहसील बिलासपुर स्थित मौजा मोपका में पदस्थ रहने के दौरान मोपका स्थित खसरा नं. 992/9 जो की शासकीय पट्टे से प्राप्त भूमि है, के क्रय विक्रय तथा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 (7-ख) का उल्लंघन कर नामांतरण कराये जाने की प्रक्रिया में तत्कालीन हल्का पटवारी श्री कौशल यादव द्वारा गंभीर अनियमितताएँ की गई है। चूंकि हल्का पटवारी कौशल यादव जांजगीर जिले में पदस्थ है। अतः उनके द्वारा उक्तानुसार की गई अनियमितताओं के संबंध में जॉच प्रतिवदेन के तथ्यों के आधार पर उनके विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई किये जाने का कष्ट करें।
कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स अस्पताल का किया निरीक्षण
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सिम्स अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले लगभग दो-तीन माह में हुए निर्माण एवं सुधार कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बचे हुए कार्यों की गति में तेजी लाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सिम्स के बदले हालात के बारे में मरीजों एवं उनके परिजनों से भी अनुभव साझा किए। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, अधीक्षक डॉ. सुजीत नायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सबसे पहले नए बनाए जा रहे ट्राइएज एरिया आपातकालीन सेवा कक्ष का निरीक्षण किया और ट्राइएज सेवाओं को शुरू करने के लिए लंबित विभिन्न मुद्दों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित एजेंसियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया और मरीजों के लाभ के लिए एमजीपीएस के लिए वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने मेडिसिन वार्ड, मेडिकल रजिस्ट्रेशन विभाग में भीषण तापमान की स्थिति को लेकर व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन बनाने एवं विश्राम के लिए बनाये गये अटेंडेंट शेड का भी अवलोकन किया। उन्होंने कुछ परिजनों से परिजन शेड की उपयोगिता के संबंध में बातचीत की।
उन्होंने अस्पताल के रैंप के पास 2 नई लिफ्टों की स्थापना के संबंध में भी अपडेट जानकारी ली। उन्होंने उद्यान में चल रहे सौंदर्यीकरण को भी देखा और कुछ सुझाव दिए। उन्होंने एचओडी रेडियोडायग्नोसिस और चिकित्सा अधीक्षक सिम्स के साथ बैठक की।
दिन में गिरा पारा, तापमान 37.2 डिग्री दर्ज, धीरे-धीरे न्यायधानी में गर्मी का असर होगा कम
बिलासपुर। न्यायधानी में शुक्रवार को मौसम फिर से बदल गया। दिन का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 37.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
एक दिन में 4.4 डिग्री की गिरावट के बाद आमजन को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। तेज गर्म हवाओं का असर कम हुआ।
हालांकि रात में गर्मी अधिक महसूस हुई। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री से बढ़कर 29.4 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा की मानें तो दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा बीजापुर, सुकमा में है।
मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है, अगले चार-पांच दिनों में प्रदेश और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने की संभावना है।
एक पूर्व पश्चिम द्रोणीका मध्य उत्तर प्रदेश से पूर्वी मेघालय तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह : बिलासपुर में उपमुख्यमंत्री अरूण साव करेंगे ध्वजारोहण
जारी कार्यक्रम के अनुसार सुबह 8.59 बजे मुख्य अतिथि साव का आगमन होगा। सुबह 9 बजे साव द्वारा ध्वजारोहण, सुबह 9.02 राष्ट्रगान, 9.05 बजे मुख्य अतिथि द्वारा परेड का निरीक्षण, सुबह 9.15 बजे मुख्य अतिथि साव द्वारा मुख्यमंत्री के सदेश का वाचन एवं उदबोधन किया जाएगा। सुबह 9.35 बजे हर्ष फायर, सुबह 9.40 बजे मार्च पास्ट, 9.55 बजे स्कूली बच्चों के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। सवेरे 10.30 बजे पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र का वितरण होगा।