छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेन्द्रा में टीबी मुक्त पंचायत के लिए रणनीति बनाई गई

 सूरजपुर । विकासखण्ड ओड़गी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेन्द्रा में मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का बैठक सम्पन्न हुआ जिसमें निक्षय निरामय कार्यक्रम को गति देने के लिए कार्ययोजना बनी।

इस अवसर पर मेडिकल आफिसर डॉ डी के पैकरा ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार हमें एक एक घरों का सर्वेक्षण कर टीबी के सम्भावित लक्षण वाले व्यक्तियों का पहचान करना है। एक भी व्यक्ति हमारे गलती से छूट जायेगा तो हम सभी का परिश्रम बेकार हो जायेगा।

इसी लिए बड़े तन्मयता और निष्ठा के साथ इस कार्य को पूरा करना है। लैंब टेक्नीशियन सरोज राजवाड़े ने क्वालिटी स्पूटम पर विशेष जोड़ दिया। जब भी किसी व्यक्ति का सेम्पल कलेक्शन करे तो उसे बलगम निकालने का सही तरीका को बारम्बार बतायें।

ऐसा नहीं करने पर जांच का सही रिपोर्ट नहीं आयेगा। पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने बलगम निकालने का डेमो कर दिखाया।

और उन्होंने बताया कि टीबी की जड़ से सफाया करने के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। वार्ड पंचों का सहयोग लेकर कार्य करना लाभकारी होगा।

स्वयं सहायता समूह की बैठकों में भी बताने से लाभ मिलेगा। मितानिन प्रशिक्षिका श्रीमती बसंती सिंह ने रिपोर्टिंग फार्मेट और पंजी संधारण के विषय में बताते हुए कहा कि किसी भी कार्य का महत्वपूर्ण विषय रिपोर्टिंग है यदि किसी को समस्या है तो तत्काल मुझे बताये मैं सहयोग करूंगी।

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