बिलासपुर में चलने वाली बसों से किराया सूची गायब, ड्राइवर-कंडक्टर नहीं पहनते यूनिफार्म
बिलासपुर। बसों में किराया सूची नजर नहीं आती। बिना सूची बसें बेधड़क सड़क पर दौड़ रही हैं। इतना ही नहीं, चालक-परिचालक भी तय यूनिफार्म पहनने से भी परहेज कर रहे हैं। यह उल्लंघन केवल इसलिए हो रहा है, क्योंकि परिवहन विभाग जांच नहीं करता।
किराया सूची चस्पा नहीं होने के कारण यात्रियों को सही जानकारी भी नहीं होती। ऐसे में कंडक्टर की जितनी मर्जी वह किराया वसूल लेता है। इस तरह की शिकायतें आती हैं और विवाद भी होता है। बसों का परिचालन नियमों के विपरीत हो रहा है।
यह कहना है यात्रियों का
किराया ज्यादा, सुविधा अधूरी- कुदुदंड के रहने वाले वैभव ठाकरे का कहना है कि यात्री हमेशा बस में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा करना चाहते हैं। सफर के दौरान किराया पूरा लिया जाता है, तो सुविधा भी पूरी मिलनी चाहिए। बसों की सुविधा किराए के अनुरूप नहीं है। महिलाओं के आरक्षित सीटों में पुरुष आराम से बैठे नजर आते हैं और महिलाएं खड़ी रहती हैं। इस अव्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है। इसके अलावा जब प्रविधान में किराया सूची चस्पा करना है, तो इसका भी पालन होना चाहिए।
परिवहन विभाग नहीं करता नियमित जांच- तोरवा के रहने वाले धनेश रजक का कहना है कि बसों में किराया सूची लगाना अनिवार्य है। शासन ने यह नियम इसलिए बनाया है, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो और जितना किराया है, उनसे उतना ही लिया जाए। किराया सूची नहीं है तो इसके लिए परिवहन विभाग जिम्मेदार है। फिटनेस जांच के लिए जब बसें पहुंचती है, तो जांच दल को यह देखना चाहिए। यदि सूची नहीं है, तो फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं देना चाहिए। ऐसी बसों के संचालक पर कार्रवाई भी करनी चाहिए।
नियमों का पालन न करना लापरवाही- कुदुदंड के रहने वाले तमेश कुमार का कहना है कि बसों में किराया सूची नजर नहीं आ रही है। जबकि मुख्यालय से इसे लेकर सख्त आदेश है, ताकि यात्रियों से अधिक किराए न लिया जा सके। इसके अभाव में विवाद भी होता है। विभाग को चाहिए है कि यह व्यवस्था बनाए। इससे विवाद नहीं होगा और यात्री तय किराया देने के लिए राजी हो जाएंगे। नियमों का पालन न करना लापरवाही की श्रेणी में आता है।
हाईटेक बसस्टैंड से छूटती हैं 350 से अधिक बसें
तिफरा स्थित हाईटेक बसस्टैंड से प्रतिदिन 350 से 400 बसें अलग-अलग रूट पर चलती हैं। इनमें मुख्य रूप से मुंगेली, पंडरिया, कवर्धा, कोरबा, कोटा, लोरमी, सारंगढ़, शिवरीनारायण आदि मार्ग शामिल हैं। सीपत, मोपका व बलौदा जाने वाली बसें तो इसी उल्लंघन के साथ लगरा स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के सामने से गुजरती है। इनमें से किसी मार्ग में बसों की जांच नहीं होती।