छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

देवी मंदिरों में प्रज्वलित हुए मनोकामना ज्योत।

राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव

चैत्र नवरात्र: शक्ति की आराधना और नववर्ष की शुरुआत

गरियाबंद। गरियाबंद में चैत्र नवरात्र पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर सहित अंचल के देवी मंदिरों में नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ घटस्थापना की गई। वहीं देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योत भी प्रज्वलित किए गए हैं। नवरात्रि में देवी मां के नौ रूपों की पूजा–अर्चना होगी।

नवरात्र पर्व शक्ति की भक्ति के लिए खास माना जाता है। जिसके चलते नवरात्र के नौ दिनों तक देवी भक्त मां दुर्गा की भक्ति में डूबे रहेंगे। चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गई है, इसके साथ ही अब नौ दिनों तक नवरात्र की धूम रहेगी। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के दर्शन और पूजा–अर्चना को लेकर श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर–देवालयों में पहुंच रहे थे, जिनके आने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।

हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र का आरंभ 30 मार्च से हो रहा है, जो 6 अप्रैल तक चलेगा। नवरात्रि का पर्व न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय समाज में सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर का हिस्सा भी है।

–नववर्ष का स्वागत–
चैत्र नवरात्र का समय भारतीय नववर्ष की शुरुआत के रूप में भी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन को हिंदू कैलेंडर के अनुसार नये साल के रूप में मनाया जाता है, जो संक्रांति के समय आता है। इस दिन को विभिन्न राज्यों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है।

चैत्र नवरात्र का पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह दिन हमें शुद्धता, तपस्या और देवी के आशीर्वाद से अपने जीवन को सफल और समृद्ध बनाने की प्रेरणा देता है। इस पर्व के माध्यम से हम अपने भीतर की नकारात्मकता को समाप्त करके सकारात्मकता और शक्ति का अनुभव कर सकते हैं।

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