छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

मानव जीवन के लिए भक्ति मार्ग सरल और सुलभ है: ब्रह्म शंकर

 सूरजपुर। रामनवमी के पावन अवसर पर महामना मालवीय मिशन द्वारा विरेन्द्र धुर्वे (समाज सेवी) के निवास स्थान पर गीता पाठ का आयोजन किया गया।

जिसमें गीता के अध्याय 12 का पाठ और भक्ति योग पर नगर के प्रबुद्धजनों ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर ब्रह्म शंकर सिंह ने कहा कि मानव जीवन के लिए भक्ति का मार्ग सरल और सुलभ है।

 
 

भगवान श्री कहते हैं कि हे अर्जुन तुम कर्म करो और उस कर्म को मुझे समर्पण करते जांघों ।

 
 

यहां मार्मिक तथ्य यह है कि व्यक्ति जब ईश्वर के प्रति समर्पित होकर कर्म करेगा तो कोई गलत कार्य नहीं करेगा। चोरी, डकैती, भ्रष्टाचार, व्यभिचार आदि का भाव व्यक्ति में आयेगा ही नहीं जिससे समाज की बुराई मिट जायेगी।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रकाश कश्यप ने कहा कि परिवारिक सौहार्द आज बिगड़ते जा रहा है। मोबाइल और टेलीविजन के प्रभाव से परिवार के सदस्य आपस में बातें नहीं करते।

 
 

इस विषय पर चिंतन करने की जरूरत है। कार्यक्रम में ललित मोहन तिवारी, पं. दुर्गा प्रसाद तिवारी, राम नारायण शर्मा राज कुमार गुप्ता आर एन अवस्थी जय प्रकाश चौबे ने भी विचार रखा। विरेन्द्र धुर्वे ने कहा कि सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन के लिए ऐसी गोष्ठीयां लाभदायक है। गीता पाठ का आयोजन इतनी सरलता से होना अवश्य भगवान श्री कृष्ण का कृपा है ।

 
 

विद्वत समाज जहां अपना चरण रखता है वहां की भूमि पवित्र हो जाती है आज यह सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ। मै और मेरा परिवार महामना मालवीय मिशन संस्था का आभारी हैं।

कार्यक्रम में सचिदानंद पान्डेय, पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह, राज नारायण द्विवेदी, अशोक सोनकर चन्दा कश्यप जागृति कश्यप प्रगति कश्यप आदि उपस्थित रहे।

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