छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

थाने में गूंजा ‘हैप्पी बर्थडे’… दिव्यांग परमेश्वरी का जन्मदिन गरियाबंद पुलिस ने प्रेम और सम्मान के साथ मनाया

राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव

 थाने में गूंजा ‘हैप्पी बर्थडे’… दिव्यांग परमेश्वरी का जन्मदिन गरियाबंद पुलिस ने प्रेम और सम्मान के साथ मनाया


गरियाबंद, 15 जून 2025। गरियाबंद पुलिस ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। गुजरा निवासी दिव्यांग युवती परमेश्वरी कंवर की मासूम ख्वाहिश थी कि वह अपना जन्मदिन थाना परिसर में पुलिस परिवार के बीच मनाए। जब इस बात की जानकारी गरियाबंद थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव और उनकी टीम को हुई, तो वे खुद पहल करते हुए इस ख्वाहिश को हकीकत में बदलने में जुट गए।

थाना परिसर को खूबसूरती से सजाया गया, खासतौर पर परमेश्वरी के लिए केक मंगवाया गया। पूरा थाना स्टाफ इस खास दिन को यादगार बनाने में जुटा रहा। जैसे ही केक काटा गया और ‘हैप्पी बर्थडे’ की आवाज गूंजी, परमेश्वरी की आंखों में आंसू आ गए—लेकिन ये आंसू खुशी और सम्मान के थे।


 परमेश्वरी ने कहा —
“मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे जन्मदिन पर पुलिस परिवार इतना प्यार और सम्मान देगा। यह मेरे जीवन का सबसे खास दिन है। मैं सभी पुलिसकर्मियों की शुक्रगुजार हूं।”


 थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव ने कहा —
“परमेश्वरी की यह छोटी-सी ख्वाहिश हमारे लिए बहुत बड़ी बात थी। जब हमें इसकी जानकारी मिली, तो हमने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति ली। परमेश्वरी की मुस्कान ने हमें सिखाया कि हमारी छोटी-छोटी कोशिशें भी किसी के जीवन में बड़ी खुशियां ला सकती हैं। यह आयोजन पुलिस और समाज के बीच रिश्तों को और मजबूत करने का काम करता है।”

इस मौके पर पुलिस स्टाफ ने परमेश्वरी को केक खिलाया बारी बारी,बुजुर्ग सिपाही में आशीर्वाद दिया  हर कोई इस आयोजन से भावुक हो गया और थाना परिसर में मानो एक परिवार का अपनापन महसूस हुआ,

थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव की इस सराहनीय पहल की पूरे शहर में हो रही चर्चा

गरियाबंद शहर में लोग आमतौर पर थाना परिसर का नाम सुनते ही झिझकते या घबराते हैं, लेकिन थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव और उनकी टीम ने जो मिसाल पेश की, उसने लोगों की सोच को बदल दिया। दिव्यांग परमेश्वरी कंवर के जन्मदिन को जिस आत्मीयता और मान-सम्मान के साथ मनाया गया, वह हर किसी को भावुक कर गया।

लोगों का कहना है कि पुलिस की यह मानवीय पहल समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है कि वर्दी में छिपा दिल भी उतना ही संवेदनशील और दयालु होता है। जन्मदिन के इस आयोजन ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर को और मजबूत कर दिया है।

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