छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

गरियाबंद के गांधी मैदान में देवांगन परिवार द्वारा आयोजित शिव महापुराण

राधेश्याम सोनवानी
गरियाबंद:--  गरियाबंद के गांधी मैदान में देवांगन परिवार द्वारा आयोजित शिव महापुराण के दूसरे दिन हजारों की संख्या में बैठे श्रोताओं को संत श्री इंद्रदेव जी महराज ने शिव महापुराण का परिचय , शिवलिंग स्थापना , भस्म रुद्राक्ष विधि की कथा बताया ।
कथा में आज छत्तीसगढ़ प्रथम पंचायत मंत्री रहे पंडित अमितेश शुक्ल जी और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा जी पूज्य महराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किए।
 
पानी की बूंदे प्रथमता पर्वतों पर ही गिरता और वो पर्वतों पर नहीं टिकता बल्कि धारा बनकर  प्रवाह हो जाता है  जिस प्रकार पानी ऊंचे पर नहीं टिकता उसी प्रकार अहंकार अभिमान जिस व्यक्ति के अंदर है वहां भगवान की  ज्ञान कथा भी नहीं टिकता  और जिन प्राणियों को झुकना आता है उनको इतना मिलता है क्योंकि जिसने झुकना सिख लिया समझ लो उसने सब कुछ जीत लिया क्योंकि अकड़ मुर्दे की पहचान है , जिसका अभिमान जीवित है और स्वाभिमान मर गया है उसे कुछ नहीं मिलेगा और जिसका अभिमान शून्य हो गया उसे सब कुछ मिलेगा ।
 
राजा दशरथ का ससुराल छत्तीसगढ़ में ना होता श्री राम का ननिहाल भी छत्तीगढ में ना होता , कौशल प्रांत  है ये , 18 गढ़ दक्षिण में और 18 गढ़ पूरब में मिला के छत्तीसगढ़ बना है ,  यहां कुशल , शांत , सरल , सुमित लोग रहते हैं  , खाने पीने की बुराई तो संस्कार के कारण आ जाती है पर फिर भी प्रयास छत्तीसगढ़ का यही रखना चाहिए कि जिसके लिए हमें जाना जाता है वो संस्कृति कभी नष्ट न हो पाए , उसके लिए ये पंडाल पड़ा है
 
संस्कृति और परम्परा को बचाने के लिए ,  ये पंडाल लगाया गया है , कैसे भी हो हमारे शहर की बुराइयां समाप्त हो , इंसान में नयापन आए , पवित्रता आएं दिव्यता आए , इंसान के अंदर सौंदर्य का जन्म हो। इस उद्देश्य को लेकर देवांगन परिवार द्वारा यह शिव पुराण कथा आयोजित है
 
गजब कर डाला मेरे भोले ने , सारी दुनिया में चंदा का उजाला भजन में पूरे श्रोताओं को नाचने पर मजबूर कर दिया , इस जबरदस्त भजन में पूज्य महराज श्री ने कथा पंडाल का माहौल ही बदल दिया ।

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