मनरेगा एवं धान खरीदी समयावधि बढ़ाने हेतु धरना-प्रदर्शन व सांकेतिक चक्का जाम कर कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया
कबीरधाम |
2026-02-01 16:18:57
* कवर्धा--
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कवर्धा शहर एवं ग्रामीण के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोराताल चौक पर मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान के तहत तथा समर्थन मूल्य में धान खरीदी का समयावधि बढ़ाए जाने के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया कार्यक्रम की शुरुवात में महात्मा गांधी जी के तैल चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम को गति प्रदान करते हुए नंदकुमार पाटिल,विक्की लहरें, भुवनेश्वर पटेल,प्रदीप चंद्राकर, हीरा रॉय,वाल्मीकि वर्मा,सत्येंद्र वर्मा,संतोष यादव, आकाश केसरवानी,नारायणी टोंडर,सीमा अनंत,गोपाल चंद्रवंशी,पूर्व जिलाध्यक्ष होरी राम साहू तथा कवर्धा शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी ने अपनी उद्बोधन में कहा कि
आज हम सभी यहां किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम जनता के हक और अधिकार की लड़ाई के लिए एकत्रित हुए हैं। आज का यह धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक चक्का जाम इस बात का प्रतीक है कि अब जनता चुप बैठने वाली नहीं है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी और सम्मानजनक जीवन का आधार है। लेकिन आज स्थिति यह है कि कई क्षेत्रों में मनरेगा के काम बंद हैं, मजदूरों को समय पर रोजगार नहीं मिल रहा, और भुगतान में भी भारी देरी हो रही है। और हम मांग करते हैं कि
मनरेगा को तत्काल प्रभाव से पूरी क्षमता के साथ चालू किया जाए
सभी जरूरतमंद परिवारों को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए
लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान किया जाए
मनरेगा केवल योजना नहीं, यह गरीब का अधिकार है और इस अधिकार से कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही धान खरीदी की समयावधि समाप्त होने के कारण आज हजारों किसान परेशान हैं।
कई किसानों का पंजीयन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण नहीं हो पाया है, कई किसान आज भी अपनी उपज लेकर भटक रहे हैं।यह सरासर अन्याय है!
हम सरकार से मांग करते हैं कि:
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समयावधि तुरंत बढ़ाई जाए
जिन किसानों का पंजीयन तकनीकी कारणों से नहीं हो पाया, उनका विशेष शिविर लगाकर पंजीयन किया जाए एक-एक दाना धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए
किसान की मेहनत का सही मूल्य देना सरकार की जिम्मेदारी है। किसान को सड़क पर लाकर खड़ा करना, उसकी फसल के साथ खिलवाड़ करना यह किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आज का यह सांकेतिक चक्का जाम सरकार को चेतावनी है कि:
अगर किसानों और मजदूरों की आवाज को अनसुना किया गया,
अगर मनरेगा और धान खरीदी की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया,
तो यह आंदोलन और भी व्यापक और निर्णायक रूप लेगा।
किसान के हक की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे मजदूर के रोजगार की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे
गरीब, किसान और आम जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।अंत में महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया कार्यक्रम का कुशल संचालन लेखा राजपूत द्वारा किया गया कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस शहर व ग्रामीण के सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।