ग्राम कोयलारी–मोदिया पथरा सड़क तोड़फोड़ प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध
कबीरधाम |
2026-02-17 16:59:30
कवर्धा--शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले कांग्रेसी नेता तुकाराम चंद्रवंशी एवम उनके सहयोगी चार साथियों पर अपराध पंजीबद्ध।
थाना तरेगांव जंगल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोयलारी से मोदिया पथरा तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन पक्की सड़क को नुकसान पहुँचाने के मामले में थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 04/2025 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है।
ग्राम पाण्डातराई निवासी तुकाराम चंद्रवंशी एवं उसके चार-पांच अन्य साथियों द्वारा गैंती जैसे औजारों से डामरीकृत सड़क को दो स्थानों पर खोदकर शासकीय संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुँचाया गया, जिससे शासन को लगभग 9,94,741 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
इस संबंध में प्रार्थी गौरव त्यागी, सहायक अभियंता, परियोजना क्रियान्वयन इकाई कवर्धा द्वारा थाना तरेगांव जंगल में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 324(4), 326(ख), 3(5) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बोड़ला एसडीओपी बोड़ला के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी तरेगांव जंगल द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक कबीरधाम की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिले में लोक-सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के विरुद्ध लगातार ठोस एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में न ले। यदि किसी को सड़क निर्माण, गुणवत्ता या किसी अन्य विषय में कोई शिकायत अथवा आपत्ति हो तो संबंधित विभाग अथवा प्रशासन के समक्ष विधिवत नियमों के अनुसार शिकायत दर्ज कराएं। स्वयं सड़क खोदना, तोड़फोड़ करना या शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचाना पूर्णतः गैरकानूनी कृत्य है और इसके लिए कठोर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।
कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों से लोक-सम्पत्ति की सुरक्षा में सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील करती है। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।