बालोद। जिले में वन विभाग ने अवैध काष्ठ कारोबार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गुंडरदेही सर्किल के अर्जुंदा क्षेत्र में छापेमारी की। डीएफओ अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम ने 6 आरा मिलों का निरीक्षण किया, जिसमें 2 मिलों पर गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल मशीनें सील कर दी गईं। प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी का अनधिकृत उपयोग और बिना परमिट के भंडारण सामने आने से वन संरक्षण अभियान को नई गति मिली है। क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही अवैध कटाई की शिकायतों पर अब संयुक्त जांच तेज हो गई है।
सोमवार को वन विभाग की संयुक्त टीम ने अर्जुंदा के सत्य सांई मिल और ग्राम मटेवा के हरिओम सॉ मिल में दबिश दी। जांच में दोनों इकाइयों में प्रतिबंधित अर्जुन प्रजाति की लकड़ी का अवैध उपयोग पाया गया। मिल परिसरों और आसपास के खेतों में बिना वैध अनुज्ञप्ति के भारी मात्रा में लकड़ी बरामद हुई। अधिकारियों ने गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आरा मशीनों को फौरन सील कर दिया। गुंडरदेही सर्किल के कुल 6 आरा मिलों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें ये दो सबसे ज्यादा संदिग्ध पाई गईं।
क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, राजस्व भूमि पर कहुवा पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की खबरें लंबे समय से आ रही थीं। वन विभाग ने राजस्व विभाग के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है। अब तक कई ट्रकों को अवैध परिवहन के आरोप में जब्त कर लिया गया है। गुंडरदेही-अर्जुंदा को संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आरा मिलों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि काष्ठ का अनधिकृत उपयोग रोका जा सके। वन अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यवाही अवैध नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि, "वन संपदा की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कटाई, परिवहन और काष्ठ उपयोग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।" उन्होंने संवेदनशील इलाकों में सघन निगरानी की बात कही। आगे भी ऐसी निरंतर कार्रवाइयां जारी रहेंगी। वन कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान से स्थानीय निवासियों में जागरूकता बढ़ी है, जो वन संरक्षण में सहयोग का संदेश दे रहा है।